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झारखंड-राजस्थान की कला में फ्यूजन का तड़का
Published / 2024-11-18 20:18:24
झारखंड-राजस्थान की कला में फ्यूजन का तड़का

एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे ट्रेड फेयर के झारखंड पवेलियन में लगी एक स्टॉल पर जमशेदपुर के एक युवा ने झारखंड और राजस्थान में फ्यूजन का तड़का लगा कर एक स्टार्टअप शुरू किया है। इस फ्यूजन में इस युवा ने झारखंड के पारंपरिक आभूषणों को नये अंदाज में ट्रेंडी बना दिया है नए जामने के ये आभूषण मेले में लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। सिल्क की साडी पर कलाकारी को देखने के बाद दोस्तों ने उन्हें ऐसे आभूषण बनाने के लिए प्रेरित कियो खास बात यह है की वह पोषक के रंग से मेल खाते हुए रंग व जूलरी आन आर्डर डिमांड भी बना रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड पवेलियन में जमशेदपुर के धीरज जैन राजस्थान की कला को झारखंड की ज्वेलरी पर उकेर रहे हैं। उन्होंने दोनों राज्यों की कला का फ्यूजन कर दिया है। वर्तमान में मानवाधिकार में स्नाकोत्तर की पढाई कर रहे धीरज जैन ने 2016 में यह स्टार्टअप शुरू किया था। छोटे स्तर पर शुरुआत करने के बाद अब उन्हें बड़े आर्डर अन्य शहरों से मिलने लगे हैं। धीरज बताते हैं कि डिजाइनिंग से ले कर ज्वेलरी को जोड़ने का काम वो खुद करते हैं। सीप पर पेंटिंग मोती स्टोन का प्रयोग करते हुए वह एक पीस चार घंटे में बनाते हैं। कुछ कामों में उनकी मां सहयोग करती हैं। इस छोटे स्टार्टअप की शुरूआत अब  बिजनेस का रूप लेने लगा है। वह बताते हैं कि डिजाइनिंग में रूचि थी। इसलिए एक बार सिल्क की साडी में कुछ स्टोन के साथ डिजाइनिंग की वह साडी काफी आकर्षक बनी उसके बाद दोस्तों के कहने पर ज्वेलरी की डिजाइनिंग शुरू की वह ज्वेलरी पर राजस्थान की कला की पेंटिंग करते हैं। अपनी कला के जरिये वह कण के बूंदें, गले का हार, अंगूठी, ब्रेसलेट तैयार करते हैं।

झारखंड पवेलियन में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग झारखंड का स्टाल दिखा रहा प्रदेश के समृद्धि की झलक
Published / 2024-11-17 20:09:18
झारखंड पवेलियन में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग झारखंड का स्टाल दिखा रहा प्रदेश के समृद्धि की झलक

झारखंड पवेलियन में लोगों को लुभा रहा है शुद्ध प्राकृतिक शहदजामुन का सिरका और महुआ का लड्डू और अचार     एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला के झारखण्ड पवेलियन में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की स्टॉल पर लोग जानकारी के साथ साथ प्राकृतिक शहद, जामुन का सिरका, जामुन की गुठलियों का पावडर, महुए का लड्डू खूब पसंद कर रहे हैं। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग झारखण्ड के नोडल अधिकारी गोरख नाथ यादव के अनुसार झारखंड की भूमि पर 31.8% वन पाये जाते हैं। हमारे वनों में सबसे ज्यादा अधिकता शाल वृक्ष की है। इसके अलावा गमहार, शीशम, सागवान आदि के पेड़ भी पाये जाते हैं। जिनकी लकड़ियों का उपयोग व्यावसायिक और घरेलू सामानों के लिए किया जाता है। सौंदर्यीकरण के लिए हमारे पास गुलमोहर, जकरंदा, प्लेटोफार्म, अमलतास जैसे पेड़ हैं। बांस की बहुतायत भी ग्रामीणों और व्यवसायियों के लिए आमदनी का श्रोत है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वनों के संरक्षण के लिए कई परियोजनाओं पर काम करती है, जिसमें मुख्यमंत्री जन वन योजना अहम है। संरक्षण के लिए विभाग ग्रामीणों को साथ ले कर समिति बना देती है, जिनकी सहायता से वनों की सुरक्षा निश्चित हो पाती है। जिसके फलस्वरूप हमारा पर्यावरण भी संतुलित रहता है। साथ ही इन्हीं समितियों द्वारा वनों में पाये जाने वाले उत्पादों का प्रसंस्करण कर उसकी बिक्री की जाती है। इस वर्ष पवेलियन की स्टाल पर हनी बी विलेज डेवलेपमेंट समिति, राज महल आदि के उत्पादों की बिक्री की जा रही है। हमारे प्रदेश की शहद प्राकृतिक होती है उसके अलावा विशेष शहद जैसे लीची, करंज, वन तुलसी, वाइल्ड हनी आदि प्रमुख है। साथ ही आचारों की बात करे तो मशरूम का अचार, महुए का अचार, कटहल का अचार, जामुन का सिरका, महुए का लड्डू, सीसत के रेशों के उत्पाद प्रमुख हैं।उनके अनुसार झारखंड के वनों से आॅर्गैनिक काजू, शहद, लाह जैसी बहुमूल्य चीजें प्राप्त होती है। वहीं जड़ी बूटी की बात करें तो शतावर, गोखरू, कालमेघ, नीम, अनंतमूल, अर्जुन, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, बाकस वासा, हड़जोड़, कचनार, भृंगराज आदि झारखंड और देश के दूसरे कोनों की मांग भी पूरी करते हैं। हमारा विभाग वन्य जीवों के संरक्षण के लिए भी काफी कार्य करता है।झारखंड राज्य  में 1 व्याघ्र आरक्ष्य, 1 गज आरक्ष्य, 1 राष्ट्रीय उद्यान, 11 वन्य प्राणी आश्रयणी, 1 जैविक उद्यान, 1 मृग विहार 1 मगर प्रजनन केंद्र,  व्याघ्र आरक्ष्य पलामू बेतला,  गज आरक्ष्य सिंहभूम दलमा, बेतला राष्ट्रीय उद्यान एवं 11 वन्य प्राणी आश्रयणी यथा हजारीबाग वन्यप्राणी आश्रयणी, कोडरमा वन्यप्राणी आश्रयणी, गौतम बुद्ध वन्यप्राणी आश्रयणी, पालकोट वन्यप्राणी आश्रयणी, महुआडांड़ भेड़िया आश्रयणी, पलामू वन्यप्राणी आश्रयणी, तोपचांची वन्यप्राणी आश्रयणी, लावालौंग वन्यप्राणी आश्रयणी, महुआडांड वन्यप्राणी आश्रयणी, उधवा पक्षी आश्रयणी एवं दलमा वन्य प्राणियों का इन-सीटू संरक्षण किया है। जबकि मूटा मगर प्रजनन केंद्र रांची, बिरसा मृग विहार कालामाटी रांची तथा भगवान बिरसा जैविक उद्यान ओरमांझी रांची में वन्य प्राणियों का एक्स-सीटू संरक्षण किया जाता है। झारखंड मंडप में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग इन सभी जानकारियों को साझा कर रही हैे। आज झारखंड पवेलियन में झारखंड के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आई टी डी ए लातेहार प्रवीण गगरे ने पवेलियन का अवलोकन किया।

रांची : सिविल कोर्ट के अधिवक्ता को पितृशोक
Published / 2024-11-17 20:04:02
रांची : सिविल कोर्ट के अधिवक्ता को पितृशोक

 टीम एबीएन, रांची। रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता, अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के प्रधान महासचिव एवं झारखंड अधिवक्ता कल्याण समिति के सचिव भरत चन्द्र महतो के पिता नंद लाल महतो (81) का आज अपने पैतृक आवास सिल्ली प्रखंड के लोदमू गांव में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। श्री महतो अपने पीछे धर्म पत्नी, दो पुत्र एवं एक पुत्री का भरा पूरा परिवार छोड़ गये। उनका अंतिम संस्कार कल पूर्वाह्न 9 बजे लोदमू स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट पर किया जायेगा। उनके निधन पर अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी, उपाध्यक्ष अजहर अहमद खान, रेखा वर्मा, निरंजन राम, मीडिया प्रभारी मृत्युंजय प्रसाद,अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष पीडी सिंह, राजेश मंडल, विजय कोइरी, मेघा नैया आदि ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है।

जब नमाज के लिए छुट्टी मिलती है, तो हनुमान चालीसा के लिए भी छुट्टी मिले : हिमंता बिश्वा शर्मा
Published / 2024-11-17 14:12:41
जब नमाज के लिए छुट्टी मिलती है, तो हनुमान चालीसा के लिए भी छुट्टी मिले : हिमंता बिश्वा शर्मा

नमाज पढ़ने के लिए छुट्टी मिल सकती है तो हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए क्यों नहीं, झारखंड में गरजे CM हिमंत सरमाटीम एबीएन, रांची। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने शुक्रवार को स्कूलों की छुट्टी और मंगलवार को छुट्टी के मुद्दे पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि अगर उनके लिए (मुस्लिम समुदाय) शुक्रवार को स्कूलों की छुट्टी दी जा सकती है तो हिन्दू समुदाय के लिए मंगलवार को छुट्टी क्यों नहीं हो सकती?स्कूलों में शुक्रवार की छुट्टी पर विवादअसम के मुख्यमंत्री ने कहा, स्कूल कब बंद होते हैं, रविवार को या शुक्रवार को? मैं हेमंत सोरेन से पूछना चाहता हूं कि अगर आप मुस्लिम समुदाय के लिए शुक्रवार को छुट्टी दे सकते हैं तो हमारे बच्चों के लिए भी मंगलवार को स्कूल बंद क्यों नहीं कर सकते? उन्होंने इस बयान को झारखंड में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिया।संविधान और सांप्रदायिकता पर CM सरमा का बयानहिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा, हम हिन्दू साम्प्रदायिक नहीं हैं। जब संविधान बन रहा था, तो संविधान सभा में सभी लोग हिन्दू थे। हम चाहते तो कह सकते थे कि देश में छुट्टी मंगलवार को होनी चाहिए, लेकिन हमनें वृहद दृष्टिकोण दिखाया और रविवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया। अब अगर झारखंड में शुक्रवार को छुट्टी हो सकती है, तो हम भी मंगलवार को छुट्टी की मांग कर सकते हैं।CM सरमा ने एक्स पर किया ट्वीटअपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि मैं झामुमो और कांग्रेस सरकार से पूछना चाहता हूं - अगर नमाज पढ़ने के लिए छुट्टियां मिल सकती हैं, तो हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए छुट्टी क्यों नहीं मिलती? इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक और सांप्रदायिक मुद्दे को उठाया और अपने बयान को मजबूती दी।झारखंड और बिहार में शुक्रवार की छुट्टी पर विवादयह विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी झारखंड और बिहार में शुक्रवार को स्कूलों की छुट्टी को लेकर विवाद उठ चुका है। पिछली बार झारखंड के जामताड़ा और दुमका जिलों के 33 स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी का मामला सामने आया था। इसके बाद, बिहार के किशनगंज में भी 37 स्कूलों में यही स्थिति देखी गयी थी।बिहार शिक्षा मंत्री ने की थी जांच की घोषणाजैसे ही ये मामले तूल पकड़ने लगे, बिहार शिक्षा विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी और इस मुद्दे की जांच शुरू की थी।क्या है असम CM का उद्देश्य?हिमंत बिस्वा सरमा का बयान न केवल शुक्रवार की छुट्टी के मुद्दे पर सवाल उठाता है, बल्कि यह सांप्रदायिक मुद्दों को भी छेड़ता है। उन्होंने हनुमान चालीसा और नमाज पढ़ने के संदर्भ में अपनी बात रखी और सरकारों से यह सवाल पूछा कि क्या एक समुदाय को विशेष अधिकार मिल सकते हैं, जबकि दूसरे समुदाय के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है।असम सीएम का बयान इस बात को और बढ़ा देता है कि देश में धर्म और छुट्टियों के मुद्दे पर बहस और विवाद बढ़ रहे हैं। राजनीतिक दृष्टिकोण, सांप्रदायिकता, और शैक्षिक अधिकारों को लेकर यह मुद्दा राजनीति में तूल पकड़ सकता है।

रामगढ़ : बस दुर्घटना में एक की मौत, 24 घायल
Published / 2024-11-17 14:05:12
रामगढ़ : बस दुर्घटना में एक की मौत, 24 घायल

रामगढ़ में यात्रियों से भरी बस पलटी, एक की मौत, 24 से अधिक यात्री घायलटीम एबीएन, रामगढ़। गोला मुरी मार्ग के बरलंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत हारुबेरा रम्हारु गांव के समीप यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर भीषण हादसे का शिकार हो गयी, जिसमें एक महिला की मौत हो गयी। वहीं, बस में सवार 24 से अधिक लोग घायल हो गये।इनमें से पांच की हालत गंभीर बतायी जा रही है। दुर्घटना की सूचना पर बरलंगा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला पहुंचाया।जानकारी के अनुसार लोगों से भरी एक बस आदिवासियों के धार्मिक स्थल रजरप्पा के लुगुबुरू से पूर्वी सिंहभूम लौट रही थी। इस दौरान बस गोला के बरलंगा थाना क्षेत्र के रम्हारु में पलट गयी। बताया जा रहा है कि बस में लगभग 40 यात्री सवार थे, जिसमें हादसे के दौरान एक महिला यात्री की मौके पर ही मौत हो गयी। महिला की पहचान लेवाडीह निवासी सोनाली टुडू के रूप में हुई। वहीं, करीब 24 से अधिक लोग घायल हो गये।बरलंगा थाना प्रभारी अनंत कुमार सिंह ने बताया कि बस दुर्घटना की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर पहुंचा तो देखा कि सड़क किनारे बस पलटी पड़ी है। यात्री बस में फंसे हुए हैं। किसी तरह सभी को बस से निकाला गया। इसके बाद एम्बुलेंस बुलाकर गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रामगढ़ भेज दिया गया।

अनगड़ा : कैंची छाप के लिए दमयंती मुंडा ने किया दौरा, मांगे वोट
Published / 2024-11-16 21:06:34
अनगड़ा : कैंची छाप के लिए दमयंती मुंडा ने किया दौरा, मांगे वोट

एबीएन न्यूज नेटवर्क, रांची। आज शनिवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष दमयंती मुंडा ने सिल्ली विधानसभा प्रत्याशी के लिए प्रत्याशी देवेंद्र नाथ महतो कि प्रचार प्रसार किया। श्रीमती मुंडा ने अंगगडा प्रखंड के जोन्हा पंचायत में भ्रमण किया। सिंगारी, बंधवाडीह, हरजालुम, पुटादाग, सुरसु, एवं कुतुरलोवा गांव का भ्रमण किया। लोगों से अपनी चुनावी मुद्दा के साथ चुनाव चिह्न कैसे छाप में मतदान करने की अपील की। साथ उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी मूलवासी के हक अधिकार के लिए हमारा संगठन कटिबंध है। अबुवा दिशुम अबुवा राज स्थापित करनी है। लोगों से अपनी चुनावी मुद्दा के साथ चुनाव चिन्ह कैसे छाप में मतदान करने का अपील किया। साथ उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी मूलवासी के हक अधिकार के लिए हमारा संगठन कटिबंध है। अबुवा दिशुम अबुवा राज स्थापित करनी है।

सिल्ली में कल देवेंद्रनाथ महतो की विधानसभा स्तरीय बाइक रैली
Published / 2024-11-16 20:15:29
सिल्ली में कल देवेंद्रनाथ महतो की विधानसभा स्तरीय बाइक रैली

एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिल्ली/ रांची। राज्य विधानसभा चुनाव का प्रचार-प्रसार सोमवार को थमने वाला है। सभी प्रत्याशी अपने प्रचार में जोर-सोर से लगे हुए हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सिल्ली रविवार को विधानसभा स्तरीय बाइक रैली का आयोजन किया है। इसकी संपूर्ण तैयारी कर ली गयी है। इसकी प्रशासनिक अनुमति भी प्राप्त कर लिया गया है। प्रत्याशी देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बंता चौक सिल्ली में भगवान बिरसा मुंडा जी माल्यार्पण के साथ बाइक दौरा को आरंभ किया जायेगा। हेसाडीह, एडरमहातु, सोनाहातु, सिल्ली होते हुए दौरा होगा एवं अंत में कुटकी मैदान में महासभा का संबोधन होगा। अपने संगठन के विचारधारा को लोगों में प्रसारित किया जायेगा। बताते चलने की आज टुटकी, कोंचो, मुरी, बिसरीया एवं लोकवाद पंचायत में कार्यकर्ता और समर्थकों के साथ दौरा किया। अपने चुनाव चिह्न कैंची छाप में मतदान करने की अपील की।

दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम बदलकर बिरसा मुंडा रखे जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताई आपत्ति
Published / 2024-11-16 11:25:25
दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम बदलकर बिरसा मुंडा रखे जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताई आपत्ति

टीम एबीएन, रांची। केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली के सराय काले खां ISBT बस स्टैंड के बाहर बड़े चौक का नाम बदलकर बिरसा मुंडा चौक करने पर सीएम हेमंत सोरेन ने आपत्ति जताई है।सीएम हेमंत सोरेन ने बस स्टॉप की तस्वीर साझा करते हुआ कहा कि इस चौक का नाम हमारे भगवान के नाम पर रखना अपमान है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या राजधानी दिल्ली में हम आदिवासियों के आराध्य के सम्मान के लिए, उनके प्रतिष्ठा एवं हमारी आस्था के अनुरूप क्या कोई और उपयुक्त स्थान नहीं था। उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा का नाम हमारे भगवान पर नहीं रखा जा सकता था? सीएम हेमंत ने कहा कि यह झारखंडियों समेत देश के सभी आदिवासियों, मूलवासियों का अपमान है। हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि इस कदम को तुरंत वापस ले और हमारे भगवान हमारे नायक को उनके प्रतिष्ठा, हमारे आस्था के अनुकूल स्थान दें।बता दें कि कल यानी शुक्रवार को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई गई। इस मौके ने केंद्र सरकार ने दिल्ली के सराय काले खां ISBT बस स्टैंड के बाहर बड़े चौक का नाम बदलकर बिरसा मुंडा चौक कर दिया। इसका ऐलान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया।

भाजपा संथाल परगना क्षेत्र को झारखंड से अलग करने की साजिश रच रही: हेमंत सोरेन
Published / 2024-11-16 11:09:03
भाजपा संथाल परगना क्षेत्र को झारखंड से अलग करने की साजिश रच रही: हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को भाजपा पर संथाल परगना क्षेत्र को राज्य से अलग करने की साजिश रचने का आरोप लगाया और लोगों से ऐसी ताकतों को बाहर निकालने का आग्रह किया।सोरेन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, संथाल परगना को झारखंड से अलग करने की साजिश रचने वाली सांप्रदायिक ताकतों (भाजपा) को यहां से खदेड़ना होगा। हम फिर से अपनी सरकार बनाएंगे और झारखंड को समृद्ध बनाएंगे। सोरेन ने दावा किया कि भाजपा 1932 की खतियान-आधारित अधिवास नीति का समर्थन करने वालों को बांग्लादेशी घुसपैठिए या आईएसआई का एजेंट बता रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को इस चुनाव में राज्य के लोगों से करारा जवाब मिलेगा। वर्ष 2022 में झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने फैसला किया है कि जिन लोगों के पूर्वज 1932 से पहले राज्य में रह रहे थे और जिनके नाम उस वर्ष के भूमि रिकॉर्ड में शामिल थे, उन्हें झारखंड का स्थानीय निवासी माना जाएगा और उन्हें सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। एक साथ डाली गयी कई पोस्ट में झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष ने भाजपा पर पूरे पांच साल के कार्यकाल के दौरान उनकी सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया।सोरेन ने कहा, भाजपा इन पांच सालों से हमारे खिलाफ साजिश रच रही है, जबकि आपका यह बेटा और भाई आपके कंधों से बोझ कम करने के लिए काम कर रहा है। वह अपनी सरकार की एक योजना के तहत बिजली बिल माफ किए जाने का जिक्र कर रहे थे। झारखंड सरकार ने अगस्त में 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से लाभान्वित होने वाले 39.44 लाख उपभोक्ताओं के बिजली बकाए के 3,584 करोड़ रुपये माफ करने का फैसला किया। साहिबगंज जिले के बोरियो में एक चुनावी सभा में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास कोई रचनात्मक मुद्दा नहीं है और वह धार्मिक आधार पर विभाजन की राजनीति कर रही है।बता दें कि संथाल परगना झारखंड के प्रमंडलों में से एक है और इसका मुख्यालय दुमका में है। इस प्रमंडल में राज्य के उत्तरपूर्वी हिस्से के छह जिले गोड्डा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं।

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