झारखंड में लोकतंत्र की परीक्षा में हम सफल हुएविधानसभा चुनाव के नतीजों पर बोले हेमंत सोरेनटीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के शानदार प्रदर्शन के लिए शनिवार को राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि पार्टी लोकतंत्र की परीक्षा में सफल रही है।झामुमो, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन के गठबंधन ने 81 में से 56 सीट जीती हैं। सोरेन ने बरहेट सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जी. हेम्ब्रोम को 39,791 मतों से हराया। सोरेन ने एक प्रेस वार्ता में कहा, झारखंड में लोकतंत्र की परीक्षा में हम पास हो गये हैं, चुनाव परिणाम के बाद हम अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। उन्होंने कहा, मैं इस शानदार प्रदर्शन के लिए राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। इस बीच, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव गुलाम अहमद मीर ने कहा, सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हैं और आगे भी बने रहेंगे। श्री सोरेन ने बाद में एक वीडियो संदेश में कहा, आइये झारखंड के पिछड़े होने के ठप्पे को हटाने का संकल्प लें और इसे विकसित बनाने का प्रयास करें। हम उद्योग, शिक्षा और कृषि में सुधार के लिए जनता से सुझाव मांगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन हमारे राज्य को अबुआ राज (स्वशासन) के साथ स्वर्णिम झारखंड में बदलेगा।
झामुमो की जबरदस्त जीत के बाद भी चार मंत्रियों को मिली करारी हारटीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने अभूतपूर्व दो तिहाई बहुमत प्राप्त किया है। 81 सीटों वाले इस चुनाव में गठबंधन ने 56 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। इस जीत के साथ ही राज्य में भाजपा के विजय रथ को रोक दिया गया। भाजपा को सिर्फ 24 सीटों से संतोष करना पड़ा। हालांकि, चुनाव में हेमंत कैबिनेट के चार मंत्रियों को करारी हार देखनी पड़ी।इन मंत्रियों को मिली करारी हारहारने वालों में जल संसाधन मंत्री मिथिलेश ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम और समाज कल्याण मंत्री बीबी देवी शामिल हैं। इधर, इस चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन को बधाई दी और कहा कि यह नतीजे भाजपा के लिए अप्रत्याशित हैं।इस योजना को झामुमो को मिला लाभबेबी देवी के विभाग ने लोकलुभावन मईयां सम्मान योजना शुरू की थी, जिसने राज्य में झामुमो नीत गठबंधन की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस योजना के तहत, 18-50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है और झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसे बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह करने का वादा किया है। वर्तमान में इस योजना का लाभ करीब 57 लाख महिलाएं उठा रही हैं। जमशेदपुर पश्चिम सीट से कांग्रेस के बन्ना गुप्ता जेडीयू के सरयू राय से 7,863 मतों से हार गये।गढ़वा में झामुमो के मिथिलेश कुमार ठाकुर को भाजपा के सत्येंद्र नाथ तिवारी ने 16,753 मतों के अंतर से हराया।लातेहार से चुनाव लड़ रहे झामुमो के बैद्यनाथ राम भाजपा के प्रकाश राम से 434 मतों के मामूली अंतर से हार गये।झामुमो की बीबी देवी डुमरी सीट से जेएलकेएम के जयराम कुमार महतो से 10,945 के अंतर से हार गयीं।मंत्री बेबी देवी को अप्रैल 2023 में कोविड-19 से संबंधित जटिलताओं के कारण उनके पति जगरनाथ महतो की मृत्यु के बाद मंत्री बनाया गया था। इन इलाकों में झामुमो की जबरदस्त जीतझारखंड के छह क्षेत्रों कोल्हान, संताल, कोयलांचल, उत्तरी छोटानागपुर, दक्षिणी छोटानागपुर और पलामू में से पांच में झामुमो और इंडिया गठबंधन को जबरदस्त जीत मिली। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार ने लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की है जो झारखंड के 24 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है। इससे पहले कोई भी सरकार लगातार दो बार सत्ता में नहीं आ सकी थी।भाजपा को पिछले चुनाव के मुकाबले चार सीटों पर नुकसानदूसरी ओर, भाजपा पिछले चुनाव के मुकाबले चार सीटों के नुकसान पर 21 सीट ही जीत सकी, जबकि 68 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। एनडीए की दूसरी बड़ी सहयोगी पार्टी आजसू दस सीटों पर चुनाव लड़ी, लेकिन एक सीट ही जीत सकी। आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो खुद चुनाव हार गये।
टीम एबीएन, रांची। तुलसी विवाह एवं राम जानकी विवाह के उपलक्ष्य मे जरूरतमंद कन्याओं का घर बसाने का संकल्प लेते हुए अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा की बहनों द्वारा जगन्नाथपुर के प्रभु जगन्नाथ मंदिर के परिसर मे सात जोड़ों का सामूहिक विवाह आचार्यों एवं पंडितों द्वारा पूरे विधि- विधान, मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। सामूहिक विवाह समारोह में रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला जिले के वर- वधुओं में संजय कुजूर संग नंदिनी तिर्की, राम उरांव संग पुष्पा टोप्पो, सज्जन मुंडा संग संगीता कुमारी, प्रासर सिंह संग अनिमा बांडो, मंजीत सिंह संग मारग्रेट सांगा, सुदर्शन सिंह बिक्षिया संग सुकरी स्वांसी, अजय लकड़ा संग करनी कच्छप परिणय सूत्र में बंधे।यह आयोजन पिछले कई वर्षों से अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरा बथवाल के आह्वान पर होता आ रहा है। मीरा बथवाल ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह में समाज मे समानता सादगी और एकता का प्रतीक बन गया है। अब तक 50 से भी अधिक जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। इस बार भी सात कन्याओं का विवाह किया गया। सामूहिक विवाह समारोह में दूल्हा दुल्हन के कपड़े, चुनरी, कुर्ती, नाइटी, बेड, कोट पैंट, तकिया, गद्दा, फोल्डिंग बेड, 1 महीने का राशन, घड़ी, कैस्ट्रॉल, स्वेटर, शॉल, मच्छरदानी, कंबल, बर्तन का सेट,जग, मग, बाल्टी, टब, बाथरूम का किट, पाटा, कुर्सी, टेबल, रामायण, आयरन, अटैची, बैग, मेकअप का सामान, अन्य कई सामग्रियां संस्था की तरफ से दी गयी तथा विवाह के बाद सभी को शादी का सर्टिफिकेट भी दिया गया।इस कार्यक्रम में मारवाड़ी महिला सम्मेलन झारखंड की अध्यक्ष मंजू बगड़िया, प्रीति अग्रवाल, जगन्नाथ मंदिर कमेटी के उपाध्यक्ष अशोक नारसरिया, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल, मंत्री अनिल अग्रवाल, रमाशंकर बगड़िया, समर्पण शाखा की बहने मुख्य रूप से उपस्थित थी। सभी ने नव विवाहित जोड़ियां को आशीर्वाद दिया। कन्याओं का कन्यादान, मीना अग्रवाल, सुनीता सरावगी, सुमन केजरीवाल, सरिता अग्रवाल, रीना सुरेखा, मधु रोहतगी, लक्ष्मी पाटोदिया ने की। विवाह के उपरांत सबों ने एक साथ जगन्नाथ मंदिर में प्रसाद ग्रहण किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरा बथवाल, निवर्तमान सचिव रूपा अग्रवाल, गीता डालमिया, अनसूया नेवटिया, अलका सरावगी, रांची शाखा अध्यक्ष मधु सर्राफ, सचिव उर्मिला पाड़िया, बीना मोदी, मंजू केडिया प्रीती पोद्दार, शोभा हेतमसरिया, छाया अग्रवाल, करुणा अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, रितु मोदी, उषा सोंथालिया, प्रीति फोगला, सीमा टाँटीया, प्रीती अग्रवाल, विद्या अग्रवाल, संगीता गोयल, मीरा टिंबरेवाल, करुणा अग्रवाल, मंजू लोहिया आदि बहनें उपस्थित थी।रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने रांची मारवाड़ी महिला सम्मेलन द्वारा किए जा रहे हैं सामाजिक कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा है कि यह पहल वास्तव में एक स्वस्थ और समृद्ध समाज की ओर एक प्रेरणादायक कदम है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा ने दी।
हेमंत सोरेन ने रचा इतिहास, एक बार फिर संभालेंगे सत्ता की कमानटीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की अगुवाई वाला गठबंधन ने एक बार फिर से सत्ता में वापसी की है। अब तक हुई वोटों की गिनती में साफ हो चुका है कि इंडिया गठबंधन शानदार बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है।प्रेस कांन्फ्रेस में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, उत्साह और उमंग बहुत है। सभी मतदाताओं का धन्यवाद, इंडिया गठबंधन का बेहतर प्रदर्शन दिख रहा। सभी जाति और धर्म के लोगों ने वोट किया।बरकट्ठा से भाजपा प्रत्याशी अमित यादव की हुई जीत 3750 मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी झामुमो प्रत्याशी जानकी यादव को हराया। गढ़वा में भाजपा प्रत्याशी सत्येन्द्र नाथ तिवारी ने 16772 वोट से चुनाव जीता। वही झामुमो प्रत्याशी मिथलेश कुमार ठाकुर को 16772 वोट से भाजपा प्रत्याशी सत्येन्द्र नाथ तिवारी ने हराया। गोमिया से योगेंद्र प्रसाद जीत गये चुनाव महेशपुर से स्टीफन मरांडी चुनाव जीत गये हैं गांडेय से जीत का परचम लहराकर रांची लौट रही हैं कल्पना मुर्मू सोरेन, हेमंत सोरेन रिसीव करने एयरपोर्ट रवाना हुए मांडू विधानसभा से विजई हुए आजसू प्रत्याशी निर्मल महतो ने 338 मतों से अपने निकटतम प्रत्याशी कांग्रेस के जय प्रकाश भाई पटेल को हराया हजारीबाग सदर से भाजपा के विजई प्रत्याशी प्रदीप प्रसाद बरही से भाजपा के विजयी प्रत्याशी मनोज यादव गढ़वा विधानसभा क्षेत्र 80, से बीसवां राउंड में भाजपा प्रत्याशी सत्येन्द्र नाथ तिवारी 17445 वोट से आगे भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी अनंत प्रताप देव उर्फ छोटे राजा ने भाजपा प्रत्याशी सह प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा को 21462 मतों के अंतर हराते हुए विजय हासिल किया। दुमका से झामुमो के बसंत सोरेन ने 94237 वोटों से जीत दर्ज की, भाजपा के सुनील सोरेन को हराया डुमरी विधानसभा में परिवर्तन... झामुमो से बेबी देवी को जयराम महतो ने हराया झारखंड में एक बार हेमंत सोरेन की सरकार बनती दिख रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठबंधन 56 सीटों पर आगे चल रहा है। पार्टी जल्द ही विधायक दल की बैठक करेगी। सभी विधायकों को रांची बुला लिया गया है। शानदार जीत के बाद बच्चों के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कहा - यही मेरी शक्ति है... विधानसभा चुनाव के रुझानों में बंपर बढ़त मिलने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा गदगद है। झामुमो ने जल्द ही विधायक दल की बैठक करने की योजना बनाई है। महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि विधायकों को रांची आने का निर्देश दे दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। लायंस क्लब आफ रांची ग्लोबल के द्वारा खिचड़ी वितरण का कार्य निरंतर जारी है। प्रत्येक शनिवार को खिचड़ी वितरण करने की योजना के तहत क्लब द्वारा आज भी सदर अस्पताल परिसर में जरूरतमंदों के बीच खिचड़ी का वितरण किया गया। इस दौरान लगभग 1000 लोगों ने खिचड़ी का आनंद लिया और इसके लिए क्लब के सदस्यों को धन्यवाद दिया। विदित हो कि फूड फॉर हंगर कार्यक्रम के तहत लायंस क्लब आफ रांची ग्लोबल के द्वारा यह कार्य पिछले 18 सप्ताह से किया जा रहा है। क्लब के प्रेसिडेंट अमित शर्मा ने कहा कि जनहित से जुडी हमारी इस मुहीम में भारी जनसमर्थन मिल रहा है। लोगों के प्रोत्साहन से ही हम इस मुहीम को लगातार सफल रूप से करते आ रहे हैं। यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने मे उपाध्यक्ष खुश्बू अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, मोनिका गोएनका, तलविंदर कौर व अन्य सदस्य शामिल हुए।
झामुमो का सर्वे रिपोर्ट, कहा- 11 जिलों में नहीं खुलेगा भाजपा का खाताटीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल के बाद अब झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विभिन्न स्रोतों से जुटायी गयी जानकारी और सर्वे के आधार पर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 24 में से 11 जिलों में विधानसभा चुनाव में भाजपा का खाता नहीं खुलने का दावा किया है। वहीं शेष 13 जिलों में बेहद नजदीकी संघर्ष की स्थिति बतायी गयी है। रांची में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में 81 में से 59 विधानसभा सीट पर जीत के साथ इंडिया गठबंधन की दोबारा सरकार बनने जा रही है। झामुमो का दावा है कि कई जिलों में भाजपा का खाता भी नहीं खुलेगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने जिन 59 विधानसभा सीट पर जीत का दावा किया है। जिसमें राजमहल, बोरियो, बरहेट, लिट्टीपाड़ा, पाकुड़, महेशपुर, शिकारीपाड़ा, नाला, जामताड़ा, दुमका, जामा, मधुपुर, सारठ, देवघर, पोड़ैयाहाट, बरकट्ठा, बरही, मांडू, सिमरिया, बगोदर, गांडेय, गिरिडीह, डुमरी, गोमिया, बेरमो, बोकारो, चंदनकियारी, निरसा, सिंदरी, टुंडी, घाटशिला, जमशेदपुर पश्चिमी, पोटका, जुगसलाई, सरायकेला, चाईबासा, मझगांव, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, तमाड़, तोरपा, खिजरी, रांची, हटिया, मांडर, सिसई, गुमला, बिशुनपुर, सिमडेगा, कोलेबिरा, मनिका, बरही, लातेहार, डालटनगंज, छतरपुर, गढ़वा, भवनाथपुर, हुसैनाबाद और गढ़वा जैसी सीटें शामिल हैं।
झारखंड चुनाव 2024कौन जीतेगा झारखंड का चुनाव? आज का दिन सबके लिए काफी भारीटीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में कल यानी शनिवार (23 नवंबर) को रिजल्ट जारी किया जायेगा। सुबह आठ बजे से मतों की गिनती शुरू हो जायेगी। वोटों की काउंटिंग के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले पोस्टल बैलेट से पड़े वोटों की गणना होगी। सुबह साढ़े आठ बजे से ईवीएम के मतों की गिनती शुरू की जायेगी। मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के सख्त इंतजाम किये गये हैं। बता दें कि प्रदेश में इस बार सिर्फ दो चरणों में चुनाव संपन्न कराया गया है। पहले चरण में 13 नवंबर और दूसरे चरण में 20 नवंबर को वोटिंग हुई थी। महज कुछ घंटे के बाद ही 23 नवंबर को सुबह 8 बजे से पलामू की 5 विधानसभा पांकी, डालटनगंज, छत्तरपुर, बिश्रामपुर और हुसैनाबाद सीट के लिए मतों की गिनती होनी है। वोटिंग के बाद इवीएम को सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा के घेरे में रखा गया है। दूसरी तरफ विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थक भी सिपाही की तरह स्ट्रॉन्ग रूम में सील इवीएम की सुरक्षा में डटे हुए हैं। सीसीटीवी की 24 घंटे नजर रख रहे हैं। नतीजों से पहले राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी जारी है। एनडीए और इंडिया दोनों गठबंधन अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। भाजपा का दावा है कि 59 सीटें जीतकर एनडीए दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। वहीं झामुमो के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक फिर से सत्ता में वापसी का दावा कर रहा है। झामुमो प्रवक्ता डॉ तनुज खतरी ने कह कि झारखंड की जनता ने अपना मत दे दिया है और फिर से एक बार हेमंत सोरेन की सरकार झारखंड बनेगी। भाजपा ने विभाजन करने का काम किया लोगों के साथ चुनाव लड़ने का काम किया। झारखंड की जनता ने राजनीतिक रूप से उन्हें थप्पड़ मारने का काम किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- इस बार राज्य में बदलाव जरूर आयेगा टीम एबीएन, रांची। झारखंड में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद एग्जिट पोल के आंकड़े भी सामने आ गए हैं। एग्जिट पोल में राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन को सत्ता में आने की संभावना जतायी गयी है। एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की सरकार झारखंड में बनती नजर आ रही है। वहीं, सरायकेला सीट से प्रत्याशी चंपई सोरेन ने दावा किया कि इस बार राज्य में बदलाव जरूर आयेगा। चंपई सोरेन ने कहा कि एग्जिट पोल अपना काम कर रहे हैं। हम हर विधानसभा क्षेत्र में गये हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। बेरोजगार लोग निराश हैं। छात्र निराश हैं। इसलिए बदलाव सुनिश्चित है। वहीं, बोकारो में झारखंड विधानसभा में विपक्ष नेता और चंदनकियारी सीट से भाजपा उम्मीदवार अमर कुमार बाउरी ने कहा, लोग पिछले दो सालों से बदलाव के मूड में थे। यहां इस बार भाजपा, एनडीए की सरकार बनेगी। इस भ्रष्ट सरकार का जाना तय है। हमने पहले भी कहा है कि अगर भाजपा की सरकार बनती है तो भाजपा विधायक दल और केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जिसे भी मौका मिलेगा, वह नेता झारखंड को आगे ले जायेगा।पांच एग्जिट पोल के नतीजेचाणक्य के एग्जिट पोल में राजग को 45-50 और आईएनडीआईए को 35-38 सीटें, मैट्रिज ने राजग को 42-47 और आईएनडीआईए को 25-30 सीटें, पीपुल्स पल्स ने राजग को 44-53 और आईएनडीआईए को 25-37 सीटें, जेवीसी ने राजग को 40-44 और आईएनडीआईए को 30-40 सीटें, एक्सिस माय, इंडिया ने आईएनडीआईए को 53 और राजग को 25 सीटें दी है। वहीं, इस बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, हम एग्जिट पोल से अलग हैं। हम 50-55 सीटें पार करने जा रहे हैं। यह झारखंड के इतिहास की सबसे मजबूत सरकार होगी। लोग इस सरकार से तंग आ चुके थे। जेएमएम की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। सीएम 5 महीने जेल गये। जनादेश हमारे पक्ष में हैं। यह 23 नवंबर को मतगणना शुरू होने पर सच साबित होगा। वहीं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी एग्जिट पोल पर अपनी राय रखी है।गौरतलब है कि साल 2019 के विधानसभा चुनावों में जेएमएम के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 47 सीटें और एनडीए को 25 सीटें मिली थी। वोट शेयरिंग की बात करें तो, मैटराइज के एग्जिट पोल के अनुसार भाजपा गठबंधन को 44.9 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है। जबकि, जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन का वोट शेयर 38.2 फीसदी रह सकता है। वहीं, सर्वे में अन्य को 16.9 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान लगाया गया है।
हमारे संवैधानिक आदर्शों लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व की याद दिलाता है : संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय सनातन एकता मंच व झारखंड अभिभावक मंच के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में 26 नवंबर एक विशेष स्थान रखता है। इसी दिन, वर्ष 1949 में भारत का संविधान संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया था। इसे संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है, 26 नवंबर 1949 का दिन आजाद भारत के इतिहास का बड़ा ऐतिहासिक दिन था। इसी दिन संविधान बनकर पूरा हुआ और उसे अपनाया गया। इसी दिन की याद में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन की नींव वर्ष 2015 में रखी गयी। यह वर्ष संविधान के निमार्ता और जनक डॉ बीआर आंबेडकर की 125वीं जयंती वर्ष था। 26 नवंबर 2015 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस दिवस को संविधान दिवस के रूप में मनाने के केंद्र सरकार के फैसले को अधिसूचित किया था। 26 नवंबर 1949 को हमारा संविधान बनकर तैयार हुआ और उसे संविधान सभा द्वारा अपनाया गया। लेकिन इस तारीख के दो माह बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान देश में लागू किया गया। 26 नवंबर का दिन संविधान दिवस व कानून दिवस होता है और 26 जनवरी का दिन गणतंत्र दिवस। जो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की याद दिलाता है। भारतीय संविधान न केवल विश्व का सबसे विस्तृत लिखित संविधान है, बल्कि यह विविधता से भरे देश को एक सूत्र में पिरोने का एक अनुपम दस्तावेज भी है। संविधान सभा में डॉ भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में बनी मसौदा समिति ने इसे तैयार करने में अभूतपूर्व प्रयास किये। यह न केवल अधिकारों और कर्तव्यों का दस्तावेज है, बल्कि यह भारत की आत्मा को दर्शाता है। संविधान में नागरिकों को मौलिक अधिकार दिये गये हैं, जो उनकी स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा करते हैं। साथ ही, इसमें मूलभूत कर्तव्यों का भी उल्लेख है, जो समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों की ओर इंगित करता है। संविधान दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को संविधान के महत्व से परिचित कराना और इसके प्रति सम्मान बढ़ाना है। यह दिन हमें हमारे संवैधानिक आदर्शों, जैसे न्याय, स्वतंत्रता, समानता, और बंधुत्व, को याद दिलाता है और उन्हें जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। यह दिवस खासतौर पर उन महान नेताओं और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर है, जिन्होंने भारत के भविष्य की रूपरेखा तैयार की आज संविधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं है।यह आत्मचिंतन का अवसर है। हमें यह सोचने की आवश्यकता है कि हम कितनी दूर तक अपने संवैधानिक लक्ष्यों को प्राप्त कर पाए हैं। क्या हम सभी नागरिकों को समान अवसर और अधिकार प्रदान कर पा रहे हैं? क्या हमारा समाज न्याय और समानता के मूलभूत आदर्शों को अपनाने में सक्षम हो पाया है? संविधान दिवस पर देशभर में शैक्षिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और अन्य मंचों पर संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया जाता है। यह हमें हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। इस संविधान दिवस पर हम अपने कर्तव्यों का पालन करने और एक सशक्त, समृद्ध और समानतावादी भारत के निर्माण का संकल्प लें। संविधान का सम्मान न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि यह भारत को उसकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचाने की कुंजी भी है।
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