एस.आर.डीएवी.पुंदाग में स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद जयंती समारोहटीम एबीएन, रांची। एस. आर. डी. ए. वी. पब्लिक स्कूल, पुंदाग में स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसादजी की 140वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई । डॉ राजेंद्र प्रसाद जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई तथा देश को आज़ाद करवाने में उनके योगदान पर चर्चा की गयी।प्राचार्य एस. के.मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजेंद्र बाबू त्याग एवं समर्पण की प्रतिमूर्ति थे ।वे केवल हाड़ - मांस के बने साधारण मानव नहीं,अपितु महामानव 8थे, जिन्होंने स्वाधीनता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया। वे सादा जीवन - उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थे।देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के बाद भी वे सादगीपूर्ण जीवन जीते रहे एवं आजीवन देश की सेवा करते रहे।उनके बताए मार्ग पर चलकर ही हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।शांतिपाठ के साथ सभा समाप्त हुई।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 3/12/24 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के एक प्रतिनिधि मंडल रांची विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय से मिलकर ज्ञापन सौंपा , जो इस प्रकार है: बीपीएड कोर्स सत्र 2025/ 26 से शुरू की जाय । S.S मेमोरियल कॉलेज एवं रामलखन सिंह यादव कॉलेज की बिल्डिंग अभिलंब बनाया जाय ।पिछले वर्ष का ऑडिट रिपोर्ट सार्वजानिक की जाए ।रांची विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले सभी छात्रों का सार्वजनिक बीमा कराया जाय।हर वर्ष छात्र संघ चुनाव करवाने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाय।मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाय ।रांची विश्विद्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार अभिलंब स्थाई रूप से खोला जाय ।विश्विद्यालय में झारखंड होम गार्ड की सेवा पुन रूप से बहाल की जाय। कुलपति महोदय ने सभी विषयों को गंभीरता पूर्वक लिया और जल्द ही सभी मांगों को पूरा करने की बात कही। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, चेतन प्रकाश ,अजित कुमार, सौरभ शर्मा, बबलू महतो ,पवन सिंह, आनंद यादव,राजेश सिंह,बबलू मंडल अभिषेक, ऋषभ, पुरुषोत्तम, अभिषेक, आर्यन, दीपक , निशांत , राहुल इत्यादि लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।
कानूनी विकल्प तो खुला है… JMM नेता ने केंद्र सरकार को क्यों दी सीधी-सीधी चुनौती?टीम एबीएन, रांची। झारखंड में चुनाव के बाद से ही जेएमएम राज्य के 1.36 लाख करोड़ रुपए की बकाया कोयला रायल्टी के मुद्दे पर केंद्र को घेर रही है। अब इस मामले में जेएमएम ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनका पैसा वापस नहीं दिया जाता है, तो वे केंद्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। झारखंड विधानसभा चुनाव और उसके बाद भी 1 लाख 36 हजार करोड़ का मामला चर्चा में है।सीएम हेमंत सोरेन ने शपथ ग्रहण के बाद ही केंद्र से मांग की थी कि राज्य का पैसा लौटा दिया जाए। उन्होंने उस दौरान ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। इस बीच जेएमएम नेता मनोज पांडे ने भी केंद्र से पैसे की मांग की है। उन्होंने कहा कि नहीं तो हमारे पास कानूनी विकल्प खुले हैं। हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।जेएमएम नेता मनोज पांडे ने कहा कि हम कोई बहाना नहीं बना रहे हैं. हमें काम करने का जनादेश मिला है और हम वो करेंगे। कल सीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी को काम बांट दिया है। लोगों को आने वाले समय में सुशासन दिखेगा। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग दिल्ली में बैठे हैं, हम उनसे कहना चाहते हैं कि हमें हमारा 1 लाख 36 हजार करोड़ दे दीजिए, नहीं तो हमारे पास कानूनी विकल्प खुले हैं। हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बीजेपी की तरफ से आरोप लगाया जाता है कि ये सारा पैसा कांग्रेस की सरकार के समय का है। उस समय राज्य सरकार ने ये पैसा क्यों नहीं केंद्र से लिया। इस पर मनोज पांडे ने कहा कि हमारा पैसा हमें लेना है, किसकी सरकार का है, कब का है इससे कोई मतलब नहीं है।हमारा पैसा है और इसके लिए कोर्ट भी आदेश कर चुका है। हम अपना पैसा लेकर रहेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि बकाए पैसे के लिए झारखंड सरकार आने वाले समय में मनी सूट दायर कर सकती है। हेमंत सोरेन ने पिछले दिनों बकाये की डिटेल देते हुए बताया कि कुल बकाया राशि लगभग 136042 करोड़ रुपए है।इसमें वॉश्ड कोयला रॉयल्टी के रूप में 2900 करोड़ रुपए, पर्यावरण मंजूरी सीमा उल्लंघन के लिए 3200 करोड़ रुपए, भूमि अधिग्रहण मुआवजे के रूप में 42142 करोड़ रुपए शामिल हैं। इस पर सूद की रकम 60 हजार करोड़ रुपए है। इस बकाया राशि के कारण राज्य में अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला और विकास, स्वच्छ पेयजल शामिल है।उन्होंने कहा, बच्चों, बुजुर्ग, किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक, विस्थापित और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक योजनाओं को लागू करने में कठिनाई हो रही है। झारखंड एक अल्प विकसित राज्य है, जो संसाधनों की कमी के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए इस राशि की जरूरत है।
12 लाख बैंक में जमा कराने जा रहा था पेट्रोल पंप मालिकबदमाशों ने गोली मारकर की हत्या; पैसे लूटेएबीएन न्यूज नेटवर्क, साहिबगंज। झारखंड के साहेबगंज जिले में सोमवार को अज्ञात अपराधियों ने एक पेट्रोल पंप मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी और उससे पैसे लूट लिए। पुलिस ने यह जानकारी दी। बैंक पैसे जमा कराने जा रहा था पेट्रोल पंप मालिकपुलिस के मुताबिक, यह घटना साहेबगंज जिले के ललवां क्षेत्र के तिनपहाड़ थाना क्षेत्र में हुई, जब शालीग्राम मंडल (78 वर्षीय) बैंक में पैसे जमा कराने जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, मंडल पर बाइक पर बैंक जा रहे थे, तभी दो बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी और उनके पास मौजूद नकद राशि लूट ली। बारहरवा के उप क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) नितिन खंडेलवाल ने बताया कि मंडल के परिजनों ने दावा किया है कि वह करीब 12 लाख रुपये लेकर जा रहे थे।उन्होंने बताया कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। घटना के बाद मंडल को राजमहल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि शालीग्राम मंडल पेट्रोल पंप के अळावा कुछ अन्य व्यवसाय भी चलाते थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में हेमंत सरकार द्वारा लागू की गई मंईयां सम्मान योजना ने राज्य भर में धूम मचाई हुई है। इस योजना से खुश होकर महिलाओं ने हेमंत सोरेन को पुरुषों की भांति अधिक वोट दिए हैं। यह योजना हेमंत सरकार के लिए सफल साबित हुई। बता दें कि पहले मंईयां सम्मान योजना की राशि 1000 थी, लेकिन चुनाव से पहले सीएम हेमंत ने योजना की राशि 1000 से बढ़ाकर 2500 रुपये करने का ऐलान किया था। सरकार अपने वादे पर पक्की रही। सरकार ने दिसंबर महीने से महिलाओं के खाते में 2500 रुपये भेजने की घोषणा कर दी है। हेमंत सरकार 57 लाख महिलाओं के खाते में 25-25 सौ रुपये भेजेगी। हर महीने 2500 रुपये यानी महिलाओं को हर साल 30 हजार रुपये मिलेंगे।ऐसे करें आवेदन महिला या तो फॉर्म ऑनलाइन डाउनलोड कर या तो फिर नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में जाकर फॉर्म ले सकते हैं। यह फॉर्म महिलाओं के लिए बिल्कुल फ्री है। इसके बाद आपको यह फॉर्म में अपनी पूरी जानकारी भरनी होगी। आपको राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक खाते की डिटेल आदि भरनी होगी। उस फॉर्म में आपको पासपोर्ट साइज फोटो अटैच कर जमा करना होगा। वहीं, मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों से होना आवश्यक है। महिला खुद या उनके पति कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। उन्हें राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा पेंशन न मिलता हो। उनके परिवार का कोई सदस्य पहले या वर्तमान में सांसद या विधायक नहीं होना चाहिए। महिला स्वयं ईपीएफओ खाता धारी नहीं होनी चाहिए।
टीम एबीएन, रांची/हजारीबाग। हजारीबाग शहर में सोमवार रात कांग्रेस नेता और पूर्व मुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं घटना के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया। परिवार में कोहराम मच गया।जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान उदय कुमार साव के रूप में हुई है जो कि कटकमदाग पंचायत के पूर्व मुखिया रह चुके हैं। उदय साव वर्तमान प्रखंड प्रमुख कुमारी विनीता के पति थे।घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, उदय साव अपनी बोलेरो गाड़ी पर हजारीबाग पुलिस लाइन के पीछे झील के रास्ते से गुजर रहे थे. तभी अपराधियों ने घेराबंदी कर उन पर गोलियां बरसाईं. एक गोली उनके सिर पर लगी। उन्हें जख्मी हालत में तुरंत हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उदय साव का आपराधिक रिकार्ड भी था। वह एनटीपीसी के एक अधिकारी की हत्या के आरोप में जेल भी जा चुके थे।इधर, घटनाकी सूचना मिलते ही हजारीबाग के एसपी अरविंद कुमार सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले की तफ्तीश की जा रही है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे मुन्ना सिंह सहित पार्टी के कई नेता-कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे हैं।
नहीं करेंगे सिंगल यूज वाली प्लास्टिक वस्तुओं का उपयोग, गैर बायोडिग्रेडेबल वस्तुएं या सामग्रियों का उपयोगटीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2024 के अवसर पर एकल उपयोग यानि सिंगल यूज वाली प्लास्टिक वस्तुओं का उपयोग, गैर बायोडिग्रेडेबल वस्तुएं या सामग्रियों का उपयोग न करने की शपथ ली गयी। 1984 की भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की याद में हर साल 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। इस साल राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2024 का थीम है Clean Air, Green Earth: A Step Towards Sustainable Living. यानि स्वच्छ वायु, हरित पृथ्वी: सतत जीवन की ओर एक कदम। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज रांची के चाणक्य बीएनआर होटल के सभागार में एक सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें जाने मने शिक्षाविद, पर्यावरण इंजीनियरिंग विशेषज्ञ, उद्योग जगत के दिग्गजों से रांची शहर के विभिन्न स्कूल जैस जौहर एकाडमी, जवाहर विद्या मंदिर श्यामली, राईन उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल, केंद्रीय विद्यालय के बच्चे रु-ब-रु हुए और पर्यावरण की रक्षा करने के लिए जरूरी जानकारी प्राप्त किये।कार्यक्रम में उपस्थित झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों ने कहा कि आम लोगों के लिए हर प्रकार के प्रदूषण के बार में जागरूक होना और यह हमारे शरीर के लिए कैसे हानिकारक हो सकता है, यह जानकारी होना बहुत जरूरी है। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, शिक्षित करना और उद्योगों में प्रदूषण से सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूकता फैलाना है।किसी भी प्रकार के प्रदूषण से निपटने के लिए लोगों को सुरक्षा उपायों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। राज्य में पर्यावरण नियंत्रण एक बड़ी चुनौती हैं। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद लगातार इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ कर प्रदूषण को कम करने की ओर कार्य कर रहा है। छात्रों ने पर्यावरण प्रदूषण के विभिन्न पहलुओं पर अपनी शंकाओं को दूर करने के लिए उपस्थित विशेषज्ञों जैसे राणा सुभाशीष चक्रवर्ती (रिटायर्ड सीजीएम मेकॉन), अरविंद कुमार (पूर्व डीन इक्फाई यूनिवर्सिटी), परेश गट्टानी (प्रेजिडेंट चेम्बर आफ कॉमर्स), डी के सक्सेना (एपीसीसीएफ फारेस्ट ), उज्ज्वल भास्कर (जी एम सेल) से सवाल-जवाब के माध्यम से स्पष्टता प्राप्त किया। सभी विशेषज्ञ छात्रों के उत्साह और उत्सुकता को देख कर प्रभावित हुए और उन्होंने प्रत्येक छात्र से अपील की है कि वे अपने साथ धरती मां को प्रदूषित होने से बचाने का संकल्प लेकर जाएं और वे खुद प्रकृति का संरक्षक बने। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों, दोस्तों और पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने के महत्व के बारे में शिक्षितकरें। प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के लिए अपनी छोटी से छोटी भूमिका का महत्व समझें। सभागार में उपस्थित सभी ने सिंगल यूज प्लास्टिक तथा गैर बायोडिग्रेडेबल वस्तुओं का उपयोग न करने की शपथ ली। कार्यक्रम में एकल उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं के उपयोग से होनेवाले खतरों के प्रति आम आदमी का ध्यान आकर्षण करने तथा उन्हें जागरूक करने के लिए एक थीम सॉन्ग को भी लांच किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का रूपरेखा से मंच संचालन तक झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सभी पदाधिकारी एवं उनके एजेंसी ए एंड एम कम्युनिकेशन ने कुशलता पूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभायी।
झारखंड ट्रेजरी से 2,812 करोड़ गायब, बाबूलाल मरांडी से सरकार से पूछे सवालटीम एबीएन, रांची। झारखंड की ट्रेजरी से निकाले गए 2,812 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ट्रेजरी से 2,812 करोड़ गायब होने को लेकर भाजपा नेता और प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 2800 करोड़ से ज्यादा रुपये कहां गायब हो गए, यह सरकार को बताना चाहिए ऐसी लापरवाही नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि शायद इन लोगों ने अपनी तिजोरी भर ली है, कहां क्या किया है यह जांच का विषय है। सरकार को जनता को बताना चाहिए पैसा कहां गया है। पैसा जनता का होता है, यह जनता का पैसा है। अगर पैसा इधर से उधर होता है, गायब होता है, उसका हिसाब नहीं मिलता है तो उसके लिए सरकार जिम्मेदार है। सरकार को बताना चाहिए कि पैसा कहां गया? बता दें कि इससे पहले बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि झारखंड सरकार के खजाने से 2,812 करोड़ रुपये के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। यह राशि पिछले कई सालों में एसी-डीसी बिल के तहत एडवांस के रूप में निकाली गयी, लेकिन अब तक इसका कोई हिसाब नहीं दिया गया। महालेखाकार (सीएडी) ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि 4,937 करोड़ रुपये के डीसी बिल लंबित हैं, जिनमें से सिर्फ 1,698 करोड़ रुपये का समायोजन हुआ है। उन्होंने आगे कहा, रिपोर्ट के अनुसार, विशेष रूप से ग्रामीण विकास विभाग से 411 करोड़ रुपये अन्य विभागों ने निकाले, जिसका कोई हिसाब नहीं। नियमों के अनुसार, एडवांस में निकाली गई राशि का उपयोग और हिसाब एक महीने के भीतर देना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार के कई विभाग इस प्रक्रिया को सालों से नजरअंदाज कर रहे हैं। मार्च 2023 में गठित उच्चस्तरीय समिति ने इस मुद्दे की समीक्षा की थी, लेकिन इसके बाद भी रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। गबन का यह मामला न केवल सरकारी तंत्र की उदासीनता को दर्शाता है, बल्कि वित्तीय पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठाता है।
तिलैया थाना में दिया दो अलग-अलग आवेदनटीम एबीएन, कोडरमा। सोमवार के दोपहर लगभग दो बजे शहर के एक डॉक्टर अनीश कुमार सिन्हा ने अपनी चार पहिया वाहन को चलाते समय एक रिक्शाचालक को चपेट में ले लिया जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया है। इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार डॉ अनीश अपनी कार (बीआर 01 एफएन 3009) से सुभाष चौक की ओर से जवाहर टॉकीज की ओर आ रहे थे। इसी क्रम में उन्होंने एक रिक्शा चालक को अपनी चपेट में ले लिया। इससे रिक्शा चालक नारायण महतो, उम्र 70 साल का पैर टूट गया है। उसे कमर और माथे में भी चोट लगी है। समाचार लिखे जाने तक घयल का उपचार पार्वती क्लिनीक में चल रहा था। इसके बाद कार और अधिक स्पीड में दौड़ने लगी। विवाह भवन के सामने खड़ी एक पानी ढोनेवाले वाहन से टकरा गयी। इससे वह वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। बाद में तिलैया थाना के पैंथर जवानों की मदद से कार को तिलैया थाना में लाया गया। बता दें कि डॉ अनीश कुमार सिन्हा चंदवरा स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी डॉक्टर हैं और तिलैया में आना निजी प्रैक्टिस करते हैं। इस मामले को रिक्शा चालक के पुत्र चंद्रदेव कुमार और पानी ढोनेवाली क्षतिग्रस्त वाहन के मालिक संजय कुमार पांडेय ने तिलैया थाना में दो-अलग-अलग आवेदन दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो डॉक्टर नशे की हालत में कार को चला रहे थे। समाचार लिखे जाने तक डॉक्टर को तिलैया थाना में बैठाकर रखा गया था।
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