Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

झारखंड

View All
मानव सेवा माधव सेवा, तुम सेवा से पाओगे पार...
Published / 2025-02-04 20:59:12
मानव सेवा माधव सेवा, तुम सेवा से पाओगे पार...

पीड़ित मानव सेवा के पावन तीर्थ रांची के सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में भोजन का वितरणटीम एबीएन, रांची। परमहंस डा० संत शिरोमणी श्री श्री 108 स्वामी सदानंद महाराज के सान्निध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में एक वर्ष से चल रहे पीड़ित मानव सेवा के पावन तीर्थ स्थल मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम पुंदाग के प्रांगण में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) रांची में आज मंगलवार 4 फरवरी को समाज के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं एवं एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के पदाधिकारीगण एवं ट्रस्ट के सदस्यों के सौजन्य से आश्रम में रह रहे 37 मंदबुद्धि दिव्यांग निराश्रित प्रभु जी एवं आश्रम में रहकर उनकी सेवा करने वाले सेवादार साथियों के बीच अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसादी का विधिवत आश्रम के किचन में भोजन बनवाकर भोजन खिलाया गया। अपना घर आश्रम के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि 26 जनवरी 2025 से 4 फरवरी तक 10 दिनों में लगभग 2240 निराश्रित प्रभुजी एवं उनकी देखभाल करने वाले सेवादार साथियों के बीच अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसाद का वितरण किया गया। इस पुनीत कार्य को विनीत रशमी अग्रवाल, अजय जैन, निर्मल छावनिका, निलेश ट्विंकल छावनिका, विधा देवी अग्रवाल, नीलम अग्रवाल, शशी केडिया, दीपक खेतान, नरेश डालमिया, मनोज कविता चौधरी एवं शिला मुरारका के सौजन्य से सभी निराश्रित प्रभुजी को भोजन प्रसादी खिलाकर सेवा की गई। सभी ने ट्रस्ट के सदस्यों को बहुत बहुत धन्यवाद एवं अपना अमूल्य आशीर्वाद दिया। अन्नपूर्णा सेवा के पुनीत कार्य में ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज कुमार चौधरी, संस्था के वरिष्ठ सदस्य पुर्णमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, सज्जन पाडिया, नंद किशोर चौधरी, संजय सर्राफ, विशाल जालान, पवन कुमार पोद्दार, ओमप्रकाश सरावगी सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

उच्च शिक्षा मंत्री सुदीव्य सोनू से मिले कई कांग्रेसी
Published / 2025-02-04 20:58:00
उच्च शिक्षा मंत्री सुदीव्य सोनू से मिले कई कांग्रेसी

बंधु तिर्की के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस का शिष्टमंडल उच्च शिक्षा मंत्री सुदीव्य सोनू सेटीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री व प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की के नेतृत्व में आज प्रदेश कांग्रेस का शिष्टमंडल उच्च शिक्षा मंत्री सुदीव्य सोनू से उनके आवासीय कार्यालय में जाकर विश्वविद्यालय में हो रहे नीट बेस असिस्टेंट प्रोफेसर की गलत तरीके से नियुक्ति के संबंध में अपनी बातों को रखा। श्री तिर्की ने कहा कि जो विश्वविद्यालयों में नियुक्ति हो रही है उसकी प्रक्रिया सही नहीं है जेपीएससी ने जो मापदंड तैयार किया था उस आधार पर नियुक्ति नहीं हो रही है, जिसकी वजह से झारखंड के बाहर के लोगों का विश्वविद्यालय के नीट बेस असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए बड़े पैमाने पर नियुक्ति होना तय है। विश्वविद्यालय ने जो शॉट लिस्ट किया है, उसमें राज्य के बाहर के लोगों का बड़े पैमाने पर नाम आया है। जिसको लेकर राज के लोगों में रोष है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री से मिलकर हर एक बिंदु पर बात किया। राज्य के लोगों की भावनाओं से अवगत कराया। मंत्री ने तत्काल प्रभाव से नियुक्ति को रोकने का आदेश उच्च शिक्षा सचिव को दिया।

बालवाडीह में बनेगा भव्य राम मंदिर
Published / 2025-02-04 20:54:44
बालवाडीह में बनेगा भव्य राम मंदिर

बालवाडीह में भव्य राम मंदिर निर्माण हेतू भूमिपूजन, कलश यात्रा में 1 हजार महिलाएं हुई शामिलटीम एबीएन, रांची। अयोध्या में विशाल राम मंदिर के निर्माण के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर सेवा विभाग विश्व हिंदू परिषद झारखंड ने अनेक कार्यक्रम निर्धारित किये हैं। इसी श्रृंखला में 11 स्थानों पर विशाल टुसू मेला का आयोजन किया गया। प्रत्येक मेले में 20 से 30 हजार ग्रामीणों का विशाल जनसमूह भागीदार बना। मेले में आये सैंकड़ों चौड़ल समूह को शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया और श्रीरामचरितमानस की एक-एक प्रति उपहार में प्रदान की गयी। इसी क्रम में पहले मंदिर निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत बसंत पंचमी के दिन ग्राम बालवाडीह पंचायत जाड़ेया प्रखंड सोनहातू में एक भव्य राम मंदिर के निर्माण का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर लगभग 1000 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और राडू नदी व स्वर्ण रेखा नदी के संगम स्थल से अभिषेक हेतु स्नान ध्यान के पश्चात पवित्र जल कलश में लेकर चार किलोमीटर पैदल चलकर सभी जलूस की शक्ल में बलवाडीह राम मंदिर निर्माण स्थल स्थान पर पहुंचे। कलश यात्रा के आगे आगे भक्तवेदांत विद्याभवन कुटाम के 50 से अघिक बाल ब्रह्मचारी अपने गुरु स्वामी सुबल दास जी संकीर्तन कर रहे थे, निर्माण स्थल पर हजारों ग्रामीणों के बीच वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्वामी सुबल दास ने पूजा की और गुरुकुल के बच्चों ने भव्य हरी कीर्तन किया। रांची से आये प्रकाश बजाज व कृष्ण कुमार गाड़ोदिया ने मधुर कंठ से ग्रामीणों के साथ भजन प्रस्तुत किये। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय सह संयोजक अशोक कुमार अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि सेवा विभाग से इस वर्ष सिल्ली, बुंडू, सोनहातू, राहे, तमाड़ और ईचागढ़ प्रखंडों में 5 से अधिक श्री राम मंदिर निर्माण और 5 से अधिक गुरुकुल आश्रम के लिए भूमि उपलब्ध कराने की योजना है। इस काम को गति देने और पूरे पंचपरगना क्षेत्र को रामभक्ति में सराबोर करने के लिए 201 से अधिक 15 से 21 रामभक्तों को लेकर रामायण मंडलियों के गठन का प्रयास किया जा रहा है। पहले चरण में उपरोक्त पांचो प्रखंडों के 104 से अधिक ग्रामों से चयनित और गठित रामायण मंडलियों के बीच एक-एक बड़े आकार की तुलसीदास श्रीरामचरितमानस की प्रति, उसको रखकर पढने के लिए बड़े आकार का रेहल व लाल ओर पीले रंग के पापलीन कपड़े का बंधना वितरित किया गया। ग्रामीणों के उत्साह को देखते हुए संख्या 501 मंडलियों के गठन तक बढ़ायी जा सकती है। स्वामी सुबल दास जी ने भक्तिवेदांत विद्याभवन के प्रमुख स्वामी गदाधर जी की ओर से बताया कि गुरुकुलों को व्यवहारिक शिक्षा के साथ-साथ वैदिक शिक्षा बच्चों को नि:शुल्क दी जाये यही उद्देश्य है। यदि क्षेत्र में पांच स्थान उपलब्ध होने पर गुरुकुल आश्रम की स्थापना भक्ति वेदांत विद्या भवन के माध्यम से की जायेगी।नैतिक और व्यवहारिक शिक्षा के साथ-साथ वैदिक शिक्षा पद्धति से बच्चों के जीवन में उच्च संस्कारों का समावेश हो और सभी बच्चे जीवन के हर क्षेत्र में बढ़ सके यही लक्ष्य है। अभी तक कुटाम (गोला-सिल्ली रोड़) स्थित आश्रम में 392 बच्चे निबंधित हो चुके हैं। देश में चल रहे भक्ति वेदांत विद्याभवन के 17 से अधिक आश्रमों में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, वैदिक शिक्षा के साथ-साथ उनका झारखंड बोर्ड के अनुरूप भी शिक्षा दी जा रही है। एडमिशन के लिए कक्षा 5 अथवा 11 वर्ष का होना अनिवार्य है। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय सह संयोजक अशोक कुमार अग्रवाल और प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।

तिरुपति अपार्टमेंट में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सरस्वती पूजा
Published / 2025-02-03 21:01:27
तिरुपति अपार्टमेंट में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सरस्वती पूजा

टीम एबीएन, रांची। कांके रोड स्थित तिरुपति अपार्टमेंट में मां सरस्वती पूजा का उत्सव बड़े ही उमंग एवं आस्था के साथ मनाया गया‌। सुबह तिरुपति अपार्टमेंट मे मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापना की गई।  अपार्टमेंट के महिलाओं-पुरुषों एवं बच्चों द्वारा शिक्षा, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा- अर्चना पूरे विधि- विधान से की गई। पूजा के दौरान विशेष रूप से विद्यार्जन, कला और संगीत से संबंधित वस्तुएं जैसे किताबें, वाद्य यंत्र पूजा स्थल में रखा गया। पूजा के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। उक्त जानकारी आयोजन समिति के संजय सर्राफ ने दी।

सरना धर्मावलम्बी ने की मनोकामना पूर्ति हेतु सिरसी _ता नाले सृष्टि स्थल का दर्शन
Published / 2025-02-03 20:57:33
सरना धर्मावलम्बी ने की मनोकामना पूर्ति हेतु सिरसी _ता नाले सृष्टि स्थल का दर्शन

टीम एबीएन, रांची। दिनांक 03.02.2025 दिन सोमवार राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत (अनिबंधित) के  सरना धर्मगुरु राजेश लिंडा की अगुवाई में लाखों की संख्या में जिला धर्मगुरुओं के साथ सरना धर्मावलम्बी  मनोकामना पूर्ति हेतु सिरसी _ता नाले सृष्टि स्थल का दर्शन किया गया। सरना धर्मियों के पवित्र धार्मिक स्थल सिरसि_ता_ नाले  स्थित ककड़ो लाता के पास मुख्य प्रार्थना बाद धर्म कंडो के लिए यात्रा शुरू हुआ।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा रहे और उनके साथ गुमला के उपायुक्त, राजेश कच्छप -विधायक , झीगा मुंडा, सिसई, सुखराम उरांव,चकलधापुर आदि रहे। झारखण्ड सरकार माननीय हेमन्त सोरेन द्वारा सिरसी-ता -नाले ककड़ो लाता तीर्थ यात्रा को  माघ पंचमी को ही राजकीय समारोह का दर्जा देकर हम आदिवासियों के एतिहासिक एवं गौरव का दिन है। इस घोषणा का राजी  पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत अनिबंधित  केंद्रीय कमेटी एवं आदिवासी समाज आभार ब्यक्त करते है।कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि भारत देश में कुम्भ की तरह आदिवासियों का महाजुटान बढ़ती चाँद के माघ पंचमी में  सृष्टि स्थल सिरसी -ता - नाले ककड़ो लाता को राजकीय समारोह सरना तीर्थयात्रा के रूप में जाना जायेगा और इसी दिन पूजा प्रार्थना करने का निर्णय लिया। यहाँ धर्म कंडो धर्मेस और चाला (सरना माँ )का पवित्र सिंहासन है। पुतरुंगी पहाड़ में डुबनी चुवां है जिसमें चाला धर्मेेस इस डुबनी चुवां का पवित्र पानी पीते थे।आदिवासी लोक कथा के आधार पर धरती में अग्नि प्रलय के दरम्यान जब मानव अस्तित्व मिटने के कगार पर थी, तो मां चाला एवं धर्मेस को दया आ गई कि मानव अस्तित्व का मिटना बड़ा दु:खदाई होगा। तब मां चाला और धर्मेस ने सिरसि_ता_ नाले गंगला खाईड़ के कंकड़ों लाता (केकड़ा बिल) में लौकिक दो भाई-बहन रूपी मानव को संरक्षित रखा और यही लोग संसार में फैल गया और हमारा मानव अस्तित्व कायम है।इसी सिरसि_ता_ नाले सृष्टि स्थल के काकड़ो लाता से भाई बहन अर्थात सरना माँ  धर्मेस बाबा का जन्म धरती माँ से सूर्य और प्राकृतिक के प्रतिक्रिया से सर्वप्रथम धरती में मनुष्य के रूप में आते हैं हम आदिवासी उसी के संतान हैं उसके सात बेटा और सात  बेटी हुए। उस समय इस धरती में और कोई मनुष्य नहीं थे। इन्हीं लोग जोड़ी जुटकर अलग जगहों पर चले गये अपना अपना भाषा बोलने लगे और अपना अलग अलग जाति का नाम से आज जाने जाते है। आदिवासी बन्धुओं को वर्ष में एक बार आदि सृष्टि स्थल के दर्शन करने से जीवन में सफलता एवं सुख शांति की प्राप्ति होती है।प्रदेश सरना धर्मगुरु  राजेश लिंडा ने कहा की सिरसि_ता_ नाले ककड़ो लाता का पानी पवित्र माना जाता हैं सरना धर्मियों की ऐसी मान्यता हैं की यहाँ पर प्रार्थना पूजा कर पानी ग्रहण करने मात्र से ही सभी प्रकार  की असाध्य बीमारी, समस्य और दुःख का समाधान हो जाता हैं।      राष्ट्रीय सरना धर्म अध्यक्ष नीरज मुंडा ने कहा हमलोग अधिक से अधिक संख्या में आएं और माघ महीना के बढ़ती चाँद के दिन ही मूलरूप से इसको शुरूवाती दिन माना जाये इसके बाद सालों भर हरेक वृस्पतिवार को जो आते हैं वो आते ही रहेंगे। हमलोग अपने सृष्टि स्थल आकर दर्शन कर अपने को धन्य समझ रहे हैं। राष्ट्रीय सरना महासचिव जलेश्वर उरांव ने कहा कि आदिवासियों का कहना हैं कि इस पवित्र स्थल पर वो सदियों से आ रहे हैं और जो भी इच्छा और मनोकामनाएं हैं।पूजा करके जो भी मांगते हैं, वो पूरा हुआ है. बहुत लोग लाभान्वित हुए हैं और इसलिए आदिवासी प्रत्येक साल माघ महीने के बढ़ती चांद वाले दिन में यहां आते है और बढ़ती चांद को आदिवासियों में शुभ दिन माना जाता है। आदिवासी परंपरा के अनुसार दौव नलख शादी, गृह प्रवेश, भूमि  पूजन, कुआं ,विवाह, पर्व  त्यौहार,सरहुल करम पूजा, फगुआ, यहां तक की खरीफ फसल का बीज भी खेत में डालते हैं तो बढ़ती चांद के आधार पर ही सरना आदिवासियों का सभी कर्मकांड प्राकृतिक नियम अनुसार ही संपन्न करने के परंपरा रही है।आदिवासी परंपरा के अनुसार हर धार्मिक हो सामाजिक हो या हमारा पर्व त्योहार हो या शादी विवाह हो, चांद ही आदिवासी का सबसे बड़ा कैलेंडर हैं। आदिवासी रीती -रिवाज के अनुसार हम अपने  सभी प्रकार के शुभ कार्य बढ़ती चाँद में करते हैं। हरेक जिला के धर्मगुरुओं ने कहा कि आगामी जनगणना में सभी आदिवासी सरना धर्म को  लिखेंगे। अगर सरना कोड नहीं मिला तो अन्य के कॉलम में सरना धर्म सिरसि_ता_ नाले हम आदिवासियों का पवित्र धार्मिक स्थल है।इसकेे अगल - बगल बहुत सारे उरांव रहते हैं इससे साफ़ जाहिर होता है की ककड़ो लाता ,धरम कंडो ,ढकनी चुआं आदि सारे चीजों को देखने से साफ़ स्पष्ट पता चलता है कि ये हमलोगों का सृष्टि स्थल है और यहाँ से सभी आदिवासी आगे हैं। केंद्रीय सरना समिति झारखण्ड वक़ील अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि आदिवासियों के हरेक घर -घर में सरना झंडा लगानी चाहिए. आदिवासी की पहचान सरना झंडा से है।झारखंड के गुमला में स्थित सिरासिता नाले आदिवासियों का धार्मिक सृष्टि स्थल में राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत के संरक्षक अजय तिर्की, अध्यक्ष नीरज मुंडा, उपाध्यक्ष सोमे उरांव, छोटेलाल करमाली, महासचिव जलेश्वर उरांव, सचिव करमा उरांव,कोषाध्यक्ष बिरसा उरांव, संघठन सचिव गैना कच्छप, मिडिया प्रभारी अमित गाड़ी, निर्मला भगत, प्रो. मंती उरांव, प्रदेश अध्यक्ष माघी उरांव, प्रदेश महासचिव संदीप उरांव, महिला प्रकोष्ठ रांची महानगर अध्यक्ष सुभानी तिग्गा, लोहरदगा मीडिया प्रभारी नूतन कच्छप, लोहरदगा  अध्यक्ष सोमदेव उरांव, सरना धर्मअगुवा सुधीर उरांव और झारखंड के अलावा उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, नेपाल, आदि राज्यों से आदिवासी सरना श्रद्धालुगण पहुंचे।

अनुराग गुप्ता बने राज्य के पुलिस प्रशासन के मुखिया
Published / 2025-02-03 20:45:07
अनुराग गुप्ता बने राज्य के पुलिस प्रशासन के मुखिया

अनुराग गुप्ता बने झारखंड के नियमित डीजीपीटीम एबीएन, रांची। झारखंड कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता को प्रभारी डीजीपी की जगह नियमित डीजीपी नियुक्त कर पदस्थापित किया गया है। इससे पहले वे अपराध एवं अनुसंधान विभाग के महानिदेशक के साथ-साथ प्रभारी डीजीपी के पद पर कार्यरत थे।गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने डीजीपी के पद पर उनकी सेवा नियमित करने से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। आपको बता दें कि अनुराग गुप्ता वर्ष 2022 में डीजी रैंक में प्रोन्नति के बाद डीजी ट्रेनिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। फिर 26 जुलाई 2024 को उन्हें प्रभारी डीजीपी बनाया गया। दरअसल झारखंड में डीजीपी पद को लेकर अक्सर खींचतान होती रही है।पिछले चुनाव के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर अनुराग गुप्ता को हटाकर 1989 बैच के आईपीएस अजय कुमार सिंह को 19 अक्टूबर को फिर से डीजीपी नियुक्त किया गया था। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद जैसे ही हेमंत सोरेन ने सीएम पद की शपथ ली, अनुराग गुप्ता को फिर से डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया और अजय कुमार सिंह को झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड का एमडी बना दिया गया।अनुराग गुप्ता को तेज तर्रार पुलिस अधिकारी माना जाता है. उन्हें स्पेशल ब्रांच के एडीजी के तौर पर लंबा अनुभव है। सीईडी में डीजी रहते हुए उन्होंने साइबर अपराध से जुड़े कई पेचीदा मामलों को सुलझाने में अहम भूमिका निभायी है। बकौल प्रभारी डीजीपी उन्होंने साइबर क्राइम, नारकोटिक्स, ऑर्गनाइज्ड क्राइम और महिला अपराध से निपटने को अपनी प्राथमिकता बताया था। अब राज्य सरकार ने अनुराग गुप्ता को पुलिस बल के प्रमुख की नियमित जिम्मेदारी दी है।

रिम्स में संदिग्ध मरीज, राजधानी में सनसनी
Published / 2025-02-03 20:42:08
रिम्स में संदिग्ध मरीज, राजधानी में सनसनी

अब ये कौन सी नयी बीमारी आ गयी, रांची के रिम्स में मिला एक और संदिग्धटीम एबीएन, रांची। झारखंड में गुलियन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के मामले तेजी बढ़ रहे हैं। जीबीएस एक और संदिग्ध मरीज को रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया है। जिसका इलाज पहले रांची के निजी अस्पताल में चल रहा था। बताया जा रहा है कि कोडरमा के इस मरीज के न ही आयुष्मान कार्ड है न राशन कार्ड और न ही इलाज के लिए पैसे बचे थे। जिसके बाद मरीज को रिम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि पैसे का अभाव होने के बाद मरीज के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव से इलाज के लिए संपर्क साधा था। तब स्वास्थ्य सचिव के निर्देश के बाद रिम्स डायरेक्टर ने मरीज को भर्ती कराया।वर्तमान में मरीज को हाई फ्लो नेज़ल ऑक्सीजन में रखा गया है। मरीज के लिए पीडियाट्रिक में वेंटिलेटर की व्यवस्था भी की गई है। मरीज को फिलहाल शिशु रोग विभाग में डॉ झा की देखरेख में रखा गया है। बताया जा रहा है कि मरीज़ का महाराष्ट्र ट्रैवल हिस्ट्री है। मरीज कुछ दिन पहले ही मुंबई गई थी। जहां बीमार होने के बाद उसका इलाज कराया गया था। इससे पहले एक और मरीज रांची के बालपन अस्पताल में भर्ती हो चुका है। उसका भी फिलहाल इलाज जारी है। गुलियन-बैरे सिंड्रोम के बारे में रिम्स के न्यूरो सर्जन डॉ विकास कुमार ने बताया कि यह एक दुर्लभ और गंभीर तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारी है। इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही तंत्रिका कोशिकाओं पर हमला करने लगती है, जिससे तंत्रिका को नुकसान पहुंचता है। इस बीमारे के चलते मांसपेशियों की कमजोरी और लकवा की बीमारी हो सकती है। यह बीमारी संक्रमण वायरल या बैक्टेरियल के बाद होती है।

नागरिक सुविधा से जुडी समस्याओं पर चैंबर भवन में हुई समीक्षात्मक बैठक
Published / 2025-02-03 20:28:07
नागरिक सुविधा से जुडी समस्याओं पर चैंबर भवन में हुई समीक्षात्मक बैठक

*प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक :03/02/2025)**नागरिक सुविधा से जुडी समस्याओं पर समीक्षात्मक बैठक*टीम एबीएन, रांची। नगर निगम/परिषद् और नगर पंचायत से संबंधित समस्याओं पर आज चैंबर भवन में एक बैठक हुई। नगर विकास विभाग द्वारा प्रस्तावित भवन नियमितीकरण योजना को प्रभावी करने में होनेवाले विलंब पर सदस्यों ने चिंता जताई और सरकार से इसपर त्वरित कार्रवाई की मांग की। बाजार टांड स्थित दुकानों के किराया विवाद के समाधान में विलंब पर भी चिंता जतायी गयी।कहा गया कि निरंतर प्रयासों के बावजूद विभागीय उदासीनता से दुकानदार मानसिक रूप से परेशान हैं। रांची नगर निगम किरायेदार संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बाजार टांड में आवंटित दुकानों में अतिरिक्त संरचना निर्माण के कारण किराया, ब्याज और उसपर फाइन की दर जुडते-जुडते काफी अधिक हो गयी है जिस कारण यह मामला जटिल हो चुका है। दुकानदारों की समस्या को वास्तविक बताते हुए चैंबर के आरएमसी उप समिति के चेयरमेन अमित शर्मा ने जल्द ही इस मामले में नगर प्रशासक से मिलकर कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। शहर के कई क्षेत्रों में ट्रॉफिक लाईट की कमी, डिवाईडर पर पेंट तथा रिफ्लैक्टर नहीं होने के कारण नियमित रूप से हो रही सडक दुर्घटना पर भी उन्होंने चिंता जतायी।रांची मास्टर प्लान 2037 में संशोधन हेतु भू-मालिकों द्वारा समर्पित किये गये आवेदन पर कार्रवाई में हो रहे विलंब पर भी सदस्यों ने चिंता जतायी। कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल ने कहा कि निगम के आमंत्रण पर काफी संख्या में शहरवासियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसकी जनसुनवाई कर निगम द्वारा नगर विकास विभाग को विचार के लिए भेंज दिया गया है। पिछले ढाई वर्षों से विभागीय निर्णय नहीं होने के कारण भू-मालिक अपनी भूमि का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। सदस्यों ने इस मामले में विभागीय उदासीनता पर चिंता जताई और अतिशीघ्र इसपर विचार का आग्रह किया। सदस्यों की चिंता को देखते हुए जल्द ही नगर विकास विभाग के सचिव से मिलकर वार्ता करने की सहमति बनायी गयी।शहर के मुख्य व्यवसायिक केंद्र अपर बाजार में शौचालय की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से होनेवाली कठिनाई पर चर्चा करते हुए कहा गया कि अन्य शहरों की भांति अपर बाजार में भी पे एंड यूज जैसी शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने की पहल निगम को करनी चाहिए। बरसात के समय शहर के विभिन्न क्षेत्रों में (विशेषकर बडा तालाब, सेवा सदन पथ के आसपास के क्षेत्रों में) होनेवाले जल-जमाव की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा गया कि नालियों की प्रॉपर सफाई नहीं किये जाने और जल निकासी की सुविधा नहीं होने के कारण इस समस्या से नागरिकों को हर साल समस्या होती है। जरूरी है कि निगम द्वारा समय से पूर्व कार्रवाई की जाय ताकि बरसात के समय नागरिकों को इस समस्या से न जूझना पडे। शहर में मल्टी लेवल पार्किंग की आवश्यकता बताते हुए सदस्यों ने बकरी बाजार, मेन रोड टैक्सी स्टैंड, रतन टॉकीज समेत अन्य स्थानों पर मल्टी लेवल पार्किंग की सुविधा विकसित करने के लिए नगर निगम से कार्रवाई की मांग की। सर्वसम्मति से पुनः 15 दिन में समीक्षात्मक बैठक का निर्णय भी लिया गया।बैठक में चैंबर के कार्यकारिणी सदस्य सह आरएमसी उप समिति चेयरमेन अमित शर्मा, मुकेश अग्रवाल, शैलेष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मनोज नरेडी, रांची नगर निगम किरायेदार संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश छापडिया, शंकर झा, सदस्य अजीत साहू, अजय साहू, विकास प्रकाश गुप्ता, आनंद जालान, राजीव रंजन मिश्रा उपस्थित थे। उक्त जानकारी प्रवक्ता सुनिल सरावगी ने दी। उक्त जानकारी संस्था के महासचिव आदित्य मल्होत्रा और प्रवक्ता सुनिल सरावगी ने दी।

यज्ञ प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति का आधार रहा है : आचार्य शरच्चंद्र
Published / 2025-02-03 20:22:08
यज्ञ प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति का आधार रहा है : आचार्य शरच्चंद्र

पर्यावरण संरक्षण सह- ज्ञान यज्ञ का आयोजनगांव के 65 घरों के सैकड़ो जनजातीय समाज के लोग यज्ञ में शामिल होकर नशापान न करने का लिया संकल्पएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। आर्य समाज स्थापना के 150 वें वर्षगांठ के अवसर पर वसंत पंचमी के दिन को लोहरदगा जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर पेशरार प्रखंड के वन क्षेत्र में स्थित ओनेगड़ा गांव के इचुवाटांड में रविवार को पर्यावरण संरक्षण सह- ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें गांव के 65 घरों के तमाम महिला- पुरुष,बच्चे समेत सैकड़ो ग्रामीण शामिल हुए।गुरुकुल शांति आश्रम लोहरदगा के आचार्य संचालक -सह- झारखंड प्रांत आर्य वीर दल प्रमुख आचार्य शरच्चंद्र आर्य, आशीष आर्य, ब्रह्मचारी कार्तिक आर्य, रंजन आर्य, राजकुमार आर्य के नेतृत्व में यज्ञ हुआ। इसमें ग्रामीणों ने यजमान के रूप में शामिल ग्रामीणों ने समिधा समर्पित कर नशापन न करने का संकल्प लिया यही नहीं आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने की भी बात कही। यज्ञाचार्य शरच्चंद्र आर्य ने कहा कि यज्ञ प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति का आधार रहा है। हमारे आर्ष ग्रन्थ बड़ी ही मजबूती के साथ यज्ञ के महत्व का एक स्वर में गान करते है। अपने उत्कृष्ट मनोवैज्ञानिक मूल्यों के लिए जाना जाता रहा है। यज्ञ से पर्यावरण की शुद्धि होती है।  संगतिकरण, सामजिक समरसता, आन्तरिक अभियांत्रिकी और व्यक्तित्व विकास जैसे अनेक व्यक्तिगत मनोवैज्ञानिक मूल्य व्यक्ति में विकसित होते है, जिनका सुस्पष्ट प्रभाव समाज पर दृष्टिगोचर होता है। यज्ञ मात्र कर्मकांड तक सीमित प्रक्रिया नहीं है, अपितु यह उससे कहीं अधिक, व्यक्ति और समाज का बहुमुखी विकास करने का अचूक साधन है।वेदों से लेकर आधुनिक वैज्ञानिकों तक सभी ने यज्ञ की उर्जा को विभिन्न पैमानों पर मापकर सही पाया है। वर्तमान समय में संसाधनों से अधिक मनोबल की आवश्यकता है और हमारी इस आवश्यकता को यज्ञ से बेहतर कोई पूर्ण नहीं कर सकता। यज्ञ में मौजूद अग्निशक्ति, मंत्र शक्ति एवं समूह शक्ति का समायोजन क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम है।आशीष आर्य ने इस मौके पर कहा कि यज्ञ से शरीर स्वस्थ रहता है। यज्ञ से मनचाहा फल मिलता है। यज्ञ से देवताओं को प्रसन्न किया जा सकता है। यज्ञ से जीवन शक्ति बढ़ती है।यज्ञ से आत्मिक शक्ति बढ़ती है। यज्ञ से वायुमंडल और पर्यावरण शुद्ध होता है।यज्ञ से संक्रामक बीमारियां खत्म होती हैंयज्ञ से सहयोग और सद्भावना बढ़ती है।यज्ञ से शांति स्थापित होती है।लोहरदगा शहर के सामाजिक कार्यकर्ता गुप्तेश्वर गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि यज्ञ से समष्टि का कल्याण होता है। यज्ञ से जीवन जीने का तरीका बेहतर होता है। यज्ञ को भारतीय संस्कृति का आधारभूत मनोवैज्ञानिक मूल्य माना जाता है।आयोजनकर्ता सुखनाथ नगेसिया ने इस मौके पर कहा कि यज्ञ को विज्ञान-सम्मत पद्धति माना जाता। इस अवसर पर तिवारी नगेशिया, जीतू नगेशिया, जोगेंद्र नगेशिया, सानिया नगेसिया, मुन्ना नगेसिया, मुकुंद नगेशिया बीतन नगेशिया लगन नगेशिया, नगेशिया, नूता नागेशिया आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 121,129