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सिस्टर क्रिस्टीना मेरी एसएमआई ने मनायी अपने धार्मिक जीवन की हीरक जयंती
Published / 2025-02-15 22:51:03
सिस्टर क्रिस्टीना मेरी एसएमआई ने मनायी अपने धार्मिक जीवन की हीरक जयंती

टीम एबीएन, रांची। टैगोर हिल स्थित लिटिल फ्लावर स्कूल में सिस्टर क्रिस्टीना मेरी एसएमआई ने अपने धार्मिक जीवन के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हीरक जयंती (डायमंड जुबली) समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस शुभ अवसर पर पवित्र मिस्सा बलिदान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।समारोह का शुभारंभ एवं धार्मिक अनुष्ठानकार्यक्रम की शुरुआत कॉन्वेंट के प्रवेश द्वार पर नवनिर्मित संस्था के संस्थापक फादर बिशप लोइस मोरो की प्रतिमा (बस्ट) के आशीष  समारोह से हुई। इस दौरान बड़ियातू पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेमलेट कुजूर ने प्रार्थना की अगुवाई की। समारोह का संचालन सिस्टर मिठू मोंडल ने किया। मिस्सा के पूर्व सिस्टर बेनेदिक्ता ने सिस्टर क्रिस्टीना मेरी के  जीवन परिचय पढ़ा।मिस्सा बलिदान के मुख्य अनुष्ठाता गोरखपुर से आये फादर बेनी थे, जबकि प्रवचन फादर जस्टिन ओसीडी ने दिया। अपने प्रवचन में फादर जस्टिन ने कहा कि जीवन और बुलाहट ईश्वर की एक अनोखी देन है, जो केवल व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि उनके परिवार और समाज के लिए भी एक अनमोल उपहार होती है। सिस्टर क्रिस्टीना मेरी ने एक नर्स के रूप में अपनी सेवा द्वारा अनगिनत लोगों का जीवन छुआ है। उनकी प्रेममयी सेवा को भुलाया नहीं जा सकता, और वे कई लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं। मिस्सा के दौरान मध्यस्थता की प्रार्थनाएँ सिस्टर विनोदी द्वारा प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर गायन दल का नेतृत्व जुनुल, स्कूल स्टाफ और पल्लीवासियों ने किया, जिसका प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा।सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोहमिस्सा बलिदान के पश्चात सिस्टर क्रिस्टीना के सम्मान में एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। समारोह के अंत में समुदाय की सुपीरियर सिस्टर एंगली ने धन्यवाद ज्ञापन किया।इस भव्य समारोह में धर्मसंघ की प्रोविंशियल सुपीरियर सिस्टर स्टैंसी एसएमआई, जेनरल काउंसलर सिस्टर झांसी फ्रैंसी एसएमआई, प्रोविंशियल काउंसलर सिस्टर लीना फर्नांडीस एसएमआई, सिस्टर्स ऑफ मेरी इमाक्युलेट धर्मसंघ की अन्य धर्मबहनें, पुरोहितगण, स्कूल स्टाफ, छात्र-छात्राएं एवं अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सिस्टर क्रिस्टीना मैरी का जीवन परिचयसिस्टर क्रिस्टीना मेरी का जन्म केरल में हुआ था। वे दस भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 1961 में सिस्टर्स ऑफ मेरी इमाक्युलेट धर्मसंघ में प्रवेश लिया। 1965 में उन्होंने अपनी प्रथम व्रत  प्रतिज्ञा ली और 1972 में अंतिम व्रत प्रतिज्ञा प्राप्त की। 2015 में उन्होंने अपने स्वर्ण जयंती समारोह को धूमधाम से मनाया था, और अब उन्होंने अपने धार्मिक जीवन के 60 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने की हीरक जयंती उत्साहपूर्वक मनाई। सिस्टर क्रिस्टीना एक कुशल नर्स हैं। उन्हें 1971 में सेंट मार्था नर्सिंग कॉलेज, बेंगलुरु से नर्सिंग में उत्कृष्ट छात्र का पुरस्कार मिला था। उनका जीवन मंत्र है— ईश्वर से प्रेम करो और उनके लोगों से प्रेम करो।

धनबाद : हर जगह शिकायत के बावजूद नहीं रुक रही कोयले की तस्करी
Published / 2025-02-15 22:48:29
धनबाद : हर जगह शिकायत के बावजूद नहीं रुक रही कोयले की तस्करी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर अंगारपथरा में बड़े पैमाने पर हो रही कोयला का अवैध कारोबार पर रोक लगाने तथा कोयला तस्कर पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने लिखा है कि अंगारपथरा गजलिटांड़ व काटापहाड़ी में धड़ल्ले से जारी है। कोयला का अवैध कारोबार सीआईएफ की मिलीभगत से खुलेआम हो रहा है। कोयला का अवैध तस्करी और मैंने पहले भी ट्वीट कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन फिर भी नहीं थम रही है कोयला की अवैध तस्करी।

मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना की तैयारी को लेकर हुई एकदिवसीय कार्यशाला
Published / 2025-02-15 21:42:46
मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना की तैयारी को लेकर हुई एकदिवसीय कार्यशाला

प्रशिक्षणार्थियों को क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र का कराया गया भ्रमण एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। जिला ग्रामीण विकास शाखा की ओर से आज समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिला ग्रामीण विकास शाखा के निदेशक रतन कुमार की अध्यक्षता में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना पर आयोजित कार्यशाला में मनरेगा के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड के सहायक अभियंता, मनरेगा एवं  जेएसएलपीएस के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक ने भाग लिया। क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार, कृषि विज्ञान केन्द्र के दिलीप कुमार पाण्डेय, जेएसएलपीएस की डीपीएम आदि ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बिरसा हरित ग्राम योजना के लिए लाभुक एवं योजना स्थल का चयन करने की जानकारी दी। बताया गया कि जिस टांड़ जमीन पर लाभुक कुलथी, उरद आदि लगाते हैं, वैसे स्थल को योजना के लिए चयन किया जा सकता है। इसके लिए 100 मीटर की दूरी पर कूप, तालाब आदि सिंचाई की सुविधा होना आवश्यक है। लाभुक वर्ग में SC, ST, PTG, FRA, Marginal Semi marginal, आवास के लाभुक आदि हो सकते हैं। कम से कम 25 डिसमिल तथा अधिकतम 1.0 एकड़ का क्षेत्रफल रखा जा सकता है। योजना के लिए लाभुक एवं स्थल के चयन उपरांत आम्रपाली एवं मल्लिका प्रजाति के आम, अमरूद में इलाहाबाद सफेदा एवं लखनऊ 49 साथ ही नई प्रभेद ताइवान पिंक प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। वहीं कागजी नींबू तथा संतरा एवं मौसमी के पौधे भी लगाए जाएंगे।प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षणार्थियों को क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, चियांकी का भ्रमण कराया गया। इस दौरान सभी प्रशिक्षणार्थियों को वैज्ञानिक द्वारा आम, अमरूद एवं नींबू तथा संतरा के पौधा में canopy management एवं गुटी बनाने की विधि बताई गई। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को अमरूद के ताइवान पिंक प्रभेद का रिसर्च प्लॉट भी दिखाया गया। प्रशिक्षणार्थी को ताइवान पिंक प्रभेद खिलाकर taste कराया गया। प्रशिक्षणार्थी द्वारा उत्सुकता से ताइवान पिंक प्रभेद लगने के लिए स्थल चिन्हित करने की इच्छा जाहिर की गई। प्रशिक्षणार्थी के रूप में Fellow, PRADAN के लंकेश कुमार,  विकास सहयोग केंद्र के जवाहर मेहता आदि थे। 

केसीसी पर सात प्रतिशत ब्याज निंदनीय : राधाकृष्ण किशोर
Published / 2025-02-15 20:34:53
केसीसी पर सात प्रतिशत ब्याज निंदनीय : राधाकृष्ण किशोर

किसान क्रेडिट कार्ड पर 7% ब्याज अनुचित : झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोरटीम एबीएन, रांची। झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य में बैंकिंग प्रणाली के प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए सुधार की आवश्यकता बतायी। उन्होंने रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में झारखंड मंत्रालय के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 90वीं बैठक में बैंकों को निर्देश दिये कि वे केंद्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं के तहत अपने प्रदर्शन में सुधार करें। मंत्री ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली को ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच बढ़ानी चाहिए और किसानों, स्वरोजगार करने वालों और छोटे उद्यमियों तक आसान ऋण सुविधा प्रदान करनी चाहिए। वित्त मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर 7 फीसदी ब्याज दर को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि जब मंत्रियों को वाहन ऋण 4 फीसदी की ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है, तो किसानों से 7 फीसदी ब्याज लेना अनुचित है। यह ब्याज दर किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है, विशेषकर झारखंड जैसे कृषि प्रधान राज्य में, जहां अधिकांश किसान ऋण पर निर्भर रहते हैं। मंत्री ने बैंकों से आग्रह किया कि वे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठायें। बैठक में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के जीएम मनोज कुमार ने बताया कि झारखंड का ऋण जमा अनुपात दिसंबर तिमाही तक 51.13 फीसदी तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.50 फीसदी अधिक है। यह वृद्धि बताती है कि राज्य में बैंकिंग गतिविधियों में सुधार हुआ है और लोग अधिक ऋण ले रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के तहत यदि किसान समय पर ऋण चुकाते हैं, तो उन्हें शून्य फीसदी ब्याज दर पर भी ऋण मिल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने बैंकों द्वारा कम समय में ऋण जमा अनुपात में सुधार करने की सराहना की। उन्होंने बैंकों से ऋण की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया और एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों) की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की। सिंह ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को लघु परिसंपत्ति प्रमाणपत्र (एलपीसी) की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग ऋण सुविधा का लाभ उठा सकें। उन्होंने तसर उत्पादों को बढ़ावा देने और बैंकों द्वारा स्वच्छ मुद्रा शिविरों के आयोजन की भी प्रशंसा की।

किसान मेले के माध्यम से किसानों को मिलेगी कृषि क्षेत्र में विकसित नवाचारों की जानकारी : उपायुक्त
Published / 2025-02-15 20:27:37
किसान मेले के माध्यम से किसानों को मिलेगी कृषि क्षेत्र में विकसित नवाचारों की जानकारी : उपायुक्त

प्रमंडल स्तरीय किसान मेला-सह-प्रदर्शनी 19 फरवरी को पलामू के शिवाजी मैदान में मेला-सह-प्रदर्शनी को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू के शिवाजी मैदान में 19 फरवरी 2025 को प्रमंडल स्तरीय किसान मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन होगा। मेला-सह-प्रदर्शनी के सफल आयोजन को लेकर पलामू उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में बैठक हुई। उपायुक्त ने मेला-सह-प्रदर्शनी के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को निदेशित किया। उपायुक्त ने कहा कि किसान मेला-सह-प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को कृषि के क्षेत्र में विकसित नवाचारों की जानकारी मिले। इस दिशा में सक्रियता से तैयारी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मेला में किसान एक-दूसरे किसानों द्वारा उत्पादित सब्जी एवं अन्य उत्पाद के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। वहीं पशुपालक किसान भी उन्नत नस्ल के पशुओं के बारे में जान-समझ सकेंगे। सखी मंडल की महिलाएं भी दूसरे महिलाओं द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्य के बारे में जागरूक व प्रज होंगी। मेला के माध्यम से किसान उन्नत खेती, कृषि के क्षेत्र में हो रहे नये प्रयोग एवं उपचारित बीज से उत्पादन को बढ़ावा दिए जाने आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वहीं कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में विकसित तकनीक अपनाकर किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकेंगे। बैठक के प्रारंभ मे जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार ने मेला के आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। उपायुक्त ने उन्हें मेला के बैहतर आयोजन का निर्देश दिया। वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी जितेंद्र कुमार एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी असीम कुमार को मेला के सफल आयोजन में सक्रियता से सहयोग करने का निर्देश दिया। किसान मेला-सह-प्रदर्शनी में विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिस्थितियों का वितरण भी किया जायेगा। वहीं 40 से अधिक स्टॉल लगाये जायेंगे। स्टॉल कृषि विभाग के साथ-साथ अन्य विभाग नाबार्ड, अग्रणी बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, ग्रामीण विकास, शहरी आजीविका मिशन, जेएसएलपीएस, पशुपालन इफ्को आदि विभागों के स्टॉल लगाये जाएंगे। स्टॉल के माध्यम से लोगों को संबंधित विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। वहीं मुख्य मंच से कृषि तथा पशुपालन के क्षेत्र में बेहतर करने वाले किसानों को सम्मानित किया जायेगा और लाभुकों को योजनाओं का लाभ मिलेगा।बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी असीम कुमार, पलामू के जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार,  गढ़वा के जिला कृषि पदाधिकारी शिव शंकर प्रसाद, लातेहार के जिला कृषि पदाधिकारी अमृतेश सिंह, कृषि वैज्ञानिक प्रमोद कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित अन्य विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। 

जोन्हा गौतमधारा जलप्रताप मनमोहक दृश्य : देवेंद्रनाथ महतो
Published / 2025-02-15 20:26:29
जोन्हा गौतमधारा जलप्रताप मनमोहक दृश्य : देवेंद्रनाथ महतो

टीम एबीएन, रांची। जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने 15 फरवरी को अनगड़ा प्रखंड के गौतमधारा जलप्रताप में आयोजित घूरती टुसू मेला एवं घूरती सतीघाट टुसू मेला में शामिल हुए। गौतमधारा जलप्रपात टुसू मेला में संबोधन करते हुए कहा कि झारखंड की खूबसूरत वादियों के बीच मौजूद है। जोन्हा को प्रकृति की असीम कृपा मिली है। यहां मौजूद हरियाली, घने जंगल, मनमोहक वादियां, खूबसूरत झरने संपूर्ण देश के लोगों का आकर्षण का केंद्र है। यहां आने वाले लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। घूरती सतीघाट टुसू मेला को संबोधित करते हुए कहा कि राढू नदी, कांची नदी और स्वर्णरेखा नदी त्रिसंगम सतीघाट प्रयागराज महाकुंभ जैसा तीर्थ स्थल है। सतीघाट पवित्र स्थल में प्रतिवर्ष हजारों लोग मकर स्नान के लिए आते हैं, यह स्थल झारखंड का धरोहर है। मौके पर जिला मीडिया प्रभारी रेहान अंसारी, जिला उपाध्यक्ष अनुज सिंह,  खगेन, सुकदेव, हरेश के अलावा अन्य लोग भी अपना विचार रखे।

झारखंड के डॉ पीके मुखर्जी को मिला डॉ एसके जैन अवार्ड
Published / 2025-02-15 09:35:56
झारखंड के डॉ पीके मुखर्जी को मिला डॉ एसके जैन अवार्ड

वनस्पति सर्वेक्षण,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन,भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किया गया सम्मानितडॉ मुख़र्जी लोहरदगा निवासी पर्यावरणविद् और केओ कॉलेज गुमला वनस्पति विभागाध्यक्ष हैंएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। बंगाल के कोलकाता अलीपुर में स्थित धन्यधान्य सभागार में शुक्रवार को वनस्पति सर्वेक्षण,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन,भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में झारखंड के पर्यावरणविद् डॉ प्रसन्नेजीत मुखर्जी को डॉ एसके जैन अवार्ड से सम्मानित किया गया। डॉ प्रसन्नेजीत मुखर्जी लोहरदगा निवासी और गुमला कार्तिक उरांव कॉलेज वनस्पति विभागाध्यक्ष हैं।डॉ मुखर्जी को लोक वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 14 फरवरी को डॉ एस के जैन मेडल से सम्मानित किया गया। सोसाइटी ऑफ इनोबाटानिस्ट की सचिव डॉ मंजूषा श्रीवास्ता और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के निदेशक डा ए मऊ ने संयुक्त रूप से डॉ मुखर्जी को अवार्ड और प्रशस्ति  पत्र प्रदान किया।उल्लेखनीय हैं कि डॉ मुखर्जी को यह सम्मान भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण की 136 स्थापना दिवस- सह- तृतीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी पादप वर्गीगी ,लोक वनस्पति विज्ञान , वनस्पति उद्यान और जैव विविधता संरक्षण विषय वस्तु भारतीय वनस्पतियों का बदलता परिमाण विजन 2047 विषयक व्याख्यान को खुब सराहना मिली।फोटो संकेत : कोलकता में शुक्रवार को वनस्पति सर्वेक्षण,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन,भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ पीके मुखर्जी को दो मंजूषा और डॉक्टर ए मऊ सम्मानित करते।

विमुक्त घुमंतु अर्धघुमंतु महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बने केसर सिंह बगोरिया, सुभाष चौधरी प्रदेश युवा अध्यक्ष
Published / 2025-02-14 19:29:33
विमुक्त घुमंतु अर्धघुमंतु महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बने केसर सिंह बगोरिया, सुभाष चौधरी प्रदेश युवा अध्यक्ष

टीम एबीएन, रांची। विमुक्त घुमंतु अर्ध घुमंतु महासंघ द्वारा प्रदेश स्तर पर कई पदों के लिए प्रत्यक्ष मतदान चुनाव प्रक्रिया के द्वारा प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनाव कराये, जिसमें मध्य प्रदेश के 52 जिलों के सभी जिला अध्यक्ष व जिला प्रभारी सहित विमुक्त घुमंतु अर्ध घुमंतु की 51 जातियों के लोगों ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में भाग लिया। जिसमें इस सामाजिक चुनाव प्रक्रिया में सीहोर जिले के केशर सिंह बगोरिया को सर्वाधिक समर्थन प्राप्त हुआ और वह प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुए।प्रदेश प्रवक्ता योगाचार्य महेश पाल ने बताया कि इस सामाजिक चुनाव प्रक्रिया के पश्चात भोपाल के बिलकिसगंज स्थित संस्कार इंटरनेशनल स्कूल में शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, संत श्री 1008 महामंडलेश्वर दादू महाराज महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान सिंह बघेल द्वारा लोकमाता देवी अहिल्या बाई जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर सपथ ग्रहण समारोह प्रारंभ किया। जिसमें निर्वाचित हुए केसर सिंह बगोरिया को विमुक्त घुमंतू अर्धघुमंतू जनजाति महासंघ के अध्यक्ष पद की शपथ एवं रामकृष्ण बघेल (भिंड), व मोनू धनगर को कार्यकारी अध्यक्ष पद की शपथ सुभाष चौधरी (उज्जैन) को प्रदेश युवा अध्यक्ष पद की शपथ संत श्री महामंडलेश्वर दादू महाराज व राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान सिंह बघेल ने दिलायी। अध्यक्ष पद की शपथ लेते हुए श्री बगोरिया ने कहा कि मैं समाज के प्रति निष्ठा एवं महासंघ के अंतर्गत 51 जातियों के अधिकारों व उनको सामाजिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक और राजनीतिक क्षेत्र में हिस्सेदारी दिलाने के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करूंगा। राष्ट्र निर्माण में भी महासंघ हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। इस शपथ समारोह में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रदेश उपाध्यक्ष जीएस धनगर, मधुसूदन धनगर, राजूसिंह बघेल, प्रदेश महिला अध्यक्ष बबली चौधरी, प्रदेश महिला प्रभारी सुनीता धनगर, प्रदेश उपाध्यक्ष उदय सिंह पाल, कोषाध्यक्ष यसबंत बघेल प्रदेश प्रबकता योगाचार्य महेश पाल, विद्यार्थी परिषद प्रदेश अध्यक्ष पंकज पाल, जिला जज नरसिंह बघेल सहित इस समारोह में मध्य प्रदेश के 52 जिले के जिला अध्यक्ष में जिला प्रभारी सहित काफी अधिक संख्या में लोग मौजूद रहे। गुना से महासंघ जिला अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण बघेल भी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार पाल ने किया। साथ ही सभी का आभार मधुसूदन धनगर ने जताया।

झारखंड : राजधानी के मैजिक किचन में कभी खत्म नहीं होता खाना, जानें कहां...
Published / 2025-02-14 19:24:22
झारखंड : राजधानी के मैजिक किचन में कभी खत्म नहीं होता खाना, जानें कहां...

रांची के जगन्नाथ मंदिर में जादुई किचन, यहां कभी खत्म नहीं होता खाना, हर दिन 1 हजार श्रद्धालु लेते प्रसादटीम एबीएन, रांची। रांची में एक ऐसा किचन है जिसे देखकर और इसके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। लोग इसे जादुई किचन कहते हैं, क्योंकि यहां जितना भी कम खाना बने, वह कभी खत्म नहीं होता।यहां के लोगों का मानना है कि यह जगन्नाथ भगवान का आशीर्वाद है। ऐसा ही एक किचन पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भी है, जहां पर श्रद्धालुओं का खाना कभी खत्म नहीं होता। उसी तरह रांची के जगन्नाथ मंदिर में भी एक किचन है। यहां के रसोइया शिवानंद बताते हैं कि जगन्नाथ मंदिर परिसर में भक्तों को प्रसाद देने के लिए एक बड़ा किचन बना हुआ है। यहां दिन में दो बार प्रसाद बनता है। चावल, दाल, सब्जी और खीर ये चार चीजें बनाई जाती हैं। यहां हर समय 100 से 150 श्रद्धालु खाते हुए नजर आ जायेंगे। दिन में 1000 से अधिक लोग यहां खाना खाते हैं। रसोइया शिवानंद बताते हैं कि खाना एक निश्चित मात्रा में ही बनता है, लेकिन इसके बावजूद आज तक ऐसा नहीं हुआ कि कोई श्रद्धालु बिना प्रसाद के वापस लौटा हो। एक बार भोग सुबह 9 बजे और एक बार 3 बजे बनता है। एक बार में 15 किलो चावल, 10 किलो दाल और 10 किलो खीर बनती है। बड़ी शुद्धता के साथ भगवान जगन्नाथ को प्रणाम कर खाना पकाया जाता है। उन्होंने बताया कि यहां का किचन भी काफी पवित्र है। ऐसा नहीं है कि कोई भी अंदर आ जाये। केवल दो से तीन रसोइया ही अंदर जाते हैं। हम सुबह स्नान करके भगवान की पूजा करते हैं और सफेद रंग की धुली हुई धोती पहनते हैं। फिर खाना बनाने से पहले एक बार फिर स्नान करते हैं। कोई भी बाहरी व्यक्ति या मंदिर का अन्य कर्मचारी किचन में प्रवेश नहीं कर सकता। रसोइया शिवानंद बताते हैं कि मैं पिछले 14 साल से इस किचन की जिम्मेदारी संभाल रहा हूं, लेकिन 14 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई भी श्रद्धालु यहां से खाली हाथ लौटा हो। आश्चर्य की बात यह है कि अंतिम श्रद्धालु के आते-आते खाना भी खत्म हो जाता है और सभी श्रद्धालु संतुष्ट होकर चले जाते हैं। आप भी यहां का भोग प्रसाद पाना चाहते हैं तो हर दिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक यहां आ सकते हैं।

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