टीम एबीएन, रांची। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, आज मैं मरूंगा या जिंदा रहूंगा, दर्द या पीड़ा, ये मायने नहीं रखता है। आज केवल यही मायने लगता है कि यहां युवाओं के भविष्य के साथ सौदा किया जा रहा है। युवा रो-रो कर परेशान हैं। जांच पर हम क्या भरोसा करेंगे? छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, ह्लमैंने पिछले 9 दिनों से कुछ नहीं खाया है। ये सब लोग अपने दर्द से आए हैं। यह राजनीतिक भीड़ नहीं थी। हमें रोकने का प्रयास किया गया, कांटेदार तारें लगायी गयी, वॉटर कैनन का प्रयोग किया गया, लाठीचार्ज किया गया, घायल किया गया लेकिन हमने फिर भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी नहीं की। यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ मेहतो की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ मेहतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मेहतो अस्पताल में आॅक्सीजन सपोर्ट पर हैं। छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास झारखंड के राजधानी रांची में अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत एनडीए के विधायकों को हिरासत में लिये जाने की कार्रवाई पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताया है।
लायंस क्लब आफ रांची एकलव्य ग्रेटर का चौथा क्लब इंस्टालेशन समारोह सम्पन्न टीम एबीएन, रांची। लायंस क्लब आॅफ रांची एकलव्य ग्रेटर का चौथा क्लब इंस्टालेशन समारोह होटल ग्रीन होराइजन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वर्ष 2026-27 के लिए पदाधिकारियों ने शपथ ली। जिसमें ला . सुनील कुमार वर्मा ने अध्यक्ष, ला. प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने सचिव और ला . बिरेंद्र कुमार चौधरी ने कोषाध्यक्ष का प्रभार लिया। इस दौरान क्लब में शामिल 30 नए सदस्यों का भी स्वागत किया गया। कार्यक्रम में ला . शुभ्रा मजूमदार, ला . कंचन साहू , ला . सुजीत कुमार, ला . संजय कुमार, ला . राहुल वर्मा, ला . गणेश प्रसाद सिंह, ला . सुबोध चौधरी समेत क्लब के कई गणमान्य सदस्य मौजूद थे। संयम बने यूथ क्लब के अध्यक्ष इस अवसर पर क्लब की ओर से प्रायोजित क्लब लायंस क्लब आॅफ रांची यूथ विंग के नवनियुक्त पदाधिकारियों को भी प्रभार दिया गया। जिसमें ला . संयम जैन को अध्यक्ष, ला .रोहन साहा को सचिव और ला . रोहन चौधरी को कोषाध्यक्ष बनाया गया।
सड़क पर शुरू किया धरना-प्रदर्शन टीम एबीएन, रांची। रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र विधानसभा के गेट नंबर एक पर पहुंच चुके हैं। यहां छात्रों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मौके पर पुलिस बल तैनात है। स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। सीएम छात्रों के आने से पहले विधानसभा से निकल चुके थे। सीएम के निकलने के बाद सुरक्षा बल भी जब सुस्त हुए तो छात्रों का सैलाब विधानसभा की ओर मार्च किया और एक निम्बर गेट कर आ धमाके। सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने भी छात्रों के जनसैलाब को रोकने की हिम्मत नहीं की क्योंकि सुरक्षा कर्मियों से अधिक छात्रों की संख्या थी। छात्र विधानसभा गेट नंबर एक पर बीच सड़क पर धरने पर बैठ गये हैं। यहां पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी और भारत माता की जय के नारे लगाये जा रहे हैं। बीच सड़क कर धरना पर बैठे छात्रों ने कहा कि अब यहीं पर हम लोग रहेंगे, जब तक मुख्यमंत्री छात्रों की मांगों को नहीं सुनते हैं तब तक यहीं पर धरना जारी रहेगा। छात्रों ने तीन पुलिसकर्मियों को कुचल दिया है : पारस राणा रांची सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि 90 फीसदी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं , लेकिन 10% किसी की बात नहीं मान रहे हैं। अगर भीड़ में 700-1000 छात्र किसी की बात नहीं सुन रहे हैं, यहां तक कि अपने प्रतिनिधियों की भी नहीं, और उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी है। बैरिकेडिंग को धकेलते हुए तीन पुलिसकर्मियों को कुचल दिया है। फिर भी पुलिसकर्मियों ने संयम बरता है। उन्होंने पुलिस बल पर पत्थर भी फेंके हैं। फिर भी, हमने बहुत कम समय के लिए ही सख्ती दिखाई क्योंकि वे सभी छात्र हैं। हम सभी से शांति बनाये रखने और हिंसा न करने की अपील कर रहे हैं।
छात्र आंदोलन के समर्थन में झारखंड भाजपा ने कल बुलाया रांची बंद टीम एबीएन, रांची। विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में झारखंड भाजपा ने कल (11 अगस्त) रांची बंद का आह्वान किया है। पार्टी ने छात्र आंदोलन के समर्थन में सरकार के खिलाफ विरोध तेज करने की बात कही है।
जेपीएससी विवाद पर सांसद सुखदेव भगत का भाजपा पर सीधा वार सांसद ने कहा, मनी ट्रांजैक्शन की ईडी करे जांच; सीआईडी की कार्यशैली को सराहा एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जेपीएससी परीक्षा विवाद को लेकर लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि विवाद से जुड़ी 98 प्रतिशत मांगें मान ली गयी हैं, जेपीएससी पीटी रद्द कर दी गई है और आयोग के अध्यक्ष समेत तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद अब गतिरोध की कोई स्थिति नहीं रह गयी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक रूप से जगह बनाने के लिए इस मुद्दे को हवा देने का प्रयास कर रही है। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि पिछले दिन हुई घटनाओं में अभ्यर्थियों की अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं और जेपीएससी पीटी रद्द कर दी गयी है। अध्यक्ष के साथ तीन सदस्य थे, उन सभी का त्यागपत्र हो गया है। उन्होंने इसे विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जेपीएससी प्रकरण में कथित मनी ट्रांजैक्शन को लेकर सांसद ने जांच की मांग को भी मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि आर्थिक लेन-देन के आरोप सामने आए हैं तो उसकी ईडी से जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों की जवाबदेही तय हो। भाजपा पर निशाना साधते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि अब गतिरोध कहीं नहीं है।लेकिन कुछ लोग, मैंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी स्पेस ढूंढ रही है। वह स्पेस नहीं मिल रहा है, इसलिए इस प्रकार की बातें कुछ न कुछ कही जा रही हैं। सांसद के इस बयान को जेपीएससी विवाद को लेकर भाजपा की भूमिका पर सीधा राजनीतिक प्रहार माना जा रहा है। सांसद ने जेपीएससी मामले की जांच कर रही सीआईडी की भूमिका की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सीआईडी ने कम समय में जिस प्रकार से मामले की जांच में तेजी दिखाई है, वह प्रशंसनीय है। सीआईडी बहुत अच्छा काम कर रही है और इतने कम समय में जिस प्रकार उन्होंने कार्य किया है, मैं समझता हूं कि वे प्रशंसा के पात्र हैं। सुखदेव भगत ने कहा कि अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आगे बढ़े, आर्थिक लेन-देन से जुड़े आरोपों की भी जांच हो और जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।
संसद परिसर में सांसद सुखदेव भगत का जोरदार प्रदर्शन आदिवासी हमारी संवैधानिक और ऐतिहासिक पहचान, कोई हमें जंगल तक सीमित नहीं कर सकता: सुखदेव भगत एबीएन न्यूज नेटवर्क, नयी दिल्ली/ लोहरदगा। आदिवासियों की पहचान को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कथित बयान के विरोध में लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने सोमवार को संसद भवन परिसर के बाहर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद ने आदिवासी समाज की संवैधानिक एवं ऐतिहासिक पहचान का सम्मान करने की मांग करते हुए कहा कि आदिवासी अपनी पहचान स्वयं तय करेंगे और उन्हें वनवासी कहकर उनकी अस्मिता को सीमित नहीं किया जा सकता। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि अमित शाह आदिवासियों को वनवासी कहना बंद करें। आदिवासी हमारी पहचान है, हमारा अधिकार है और हमारी ऐतिहासिक विरासत है। उन्होंने कहा कि आदिवासी शब्द केवल संबोधन नहीं, बल्कि भारत के संविधान, इतिहास और सामाजिक संरचना में स्थापित एक महत्वपूर्ण पहचान है। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इस दिवस का उद्देश्य दुनिया भर के आदिवासी समुदायों की पहचान, अधिकार, संघर्ष, संस्कृति और विरासत को सम्मान देना है। ऐसे समय में आदिवासी समाज को उसकी मूल पहचान से अलग संबोधित करना गंभीर चिंता का विषय है। सांसद ने कहा कि पहचान हम तय करेंगे। हमारी पहचान आदिवासी है। आदिवासी संवैधानिक और ऐतिहासिक पहचान हैं। कोई हमें वनवासी कहकर जंगल तक सीमित नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों को वनवासी कहने की प्रवृत्ति उनकी व्यापक सामाजिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक पहचान को सीमित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज केवल जंगलों से जुड़ा समुदाय नहीं है, बल्कि देश की सभ्यता, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण की परंपरा का महत्वपूर्ण वाहक है।सुखदेव भगत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आदिवासी अस्मिता, जल-जंगल-जमीन, भाषा, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी पहचान, अधिकार और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से लगातार आवाज उठाता रहेगा। संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से सांसद ने केंद्र सरकार से आदिवासी समाज की संवैधानिक पहचान और भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।
स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा/ रांची। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके 51वें जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल नेतृत्व की कामना करते हुए कहा कि झारखंड के विकास और जनकल्याण के लिए उनका नेतृत्व महत्वपूर्ण है। पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय और गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए लगातार कार्य किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड विकास की नयी ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और राज्य की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में सरकार निरंतर आगे बढ़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और आदिवासी परंपराओं से है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन मूल्यों के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना के विकास को प्राथमिकता देते हुए राज्य को आगे ले जाने का कार्य कर रहे हैं। धीरज प्रसाद साहू ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन प्रदान करें, ताकि वे पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ झारखंड की जनता की सेवा करते रहें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह जन्मदिन उनके जीवन में नयी ऊर्जा, नयी उपलब्धियों और जनसेवा के नये संकल्प लेकर आये। अंत में पूर्व सांसद ने एक बार फिर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य तथा झारखंड की निरंतर प्रगति की कामना की।
लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे युवा नेता सह समाजसेवी रोहित उरांव एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी समाज की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर अतिथि युवा नेता सह समाजसेवी रोहित उरांव शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया। इस अवसर पर रोहित उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध कला, संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली में निहित है। हमारी संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत है। इसे संरक्षित रखना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहने की जरूरत है। आधुनिकता के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते हुए अपनी भाषा, संस्कृति, पारंपरिक पर्व-त्योहार, लोकगीत, लोकनृत्य और सामाजिक मूल्यों को बचाए रखना बेहद जरूरी है। शिक्षा, एकता और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज को और मजबूत बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी कला एवं संस्कृति पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गयीं। पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम स्थल पर आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली। वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को लेकर संकल्प लेने का दिन भी है। समाज के लोगों से अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा को बढ़ावा देने तथा सामाजिक एकजुटता बनाए रखने की अपील की गयी। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आदिवासी एकता, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ।
लोहरदगा : जिला प्रशासन द्वारा आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शिरकत किए लोहरदगा विधायक डॉ रामेश्वर उरांवजल, जंगल और जमीन से जुड़ी है आदिवासी समाज की पहचान : डॉ. रामेश्वर उरांवविश्व आदिवासी दिवस पर लोहरदगा में आदि फेस्ट का आयोजन, जनजातीय संस्कृति और परंपरा की दिखी झलकएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन लोहरदगा की ओर से नया नगर भवन में आदि फेस्ट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने किया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, कला, जीवनशैली और विरासत की आकर्षक झलक देखने को मिली। स्कूली छात्र-छात्राओं ने जनजातीय संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी प्रकृति, परंपरा और संस्कृति से जुड़ी हुई है। जल, जंगल और जमीन आदिवासी जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने देश के विकास और स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आदिवासी महापुरुषों और समाज के नायकों के संघर्ष एवं योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों को अपने इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के बारे में जानकारी देने पर विशेष जोर दिया।डॉ. उरांव ने कहा कि आज भी आदिवासी समाज की बड़ी आबादी की आजीविका कृषि एवं प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है। ऐसे में किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने, कृषि को मजबूत करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समुदाय की संस्कृति, अधिकारों और परंपराओं के संरक्षण का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से जनजातीय समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं देश की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में आपसी एकजुटता बनाए रखने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां जनजातीय कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। लाभुकों के बीच विभिन्न योजनाओं के तहत परिसंपत्तियों एवं स्वीकृति पत्रों का वितरण भी किया गया।इस अवसर पर डीडीसी राज महेश्वरम, ITDA की नीलम सोरेन एवं विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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