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भर्ती सुधार यात्रा का तीसरा दिन गिरिडीह पहुंचा
Published / 2026-08-26 19:53:17
भर्ती सुधार यात्रा का तीसरा दिन गिरिडीह पहुंचा

सरकार ने झारखंड की युवा पीढ़ी के साथ धोखा किया : देवेंद्र नाथ महतो टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के नेतृत्व में भर्ती व्यवस्था में सुधार एवं छात्रों के हित में आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में चल रही भर्ती सुधार यात्रा के तीसरे दिन आज चतरा एवं कोडरमा होते हुए गिरिडीह जिला में प्रवेश किया। प्रात:काल चतरा जिले के इटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना के साथ आज की यात्रा की शुरुआत की गयी। इसके बाद दैहर, चौपारण, बटबीघा, उरवां एवं बरही में जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, कोडरमा जिला के सुभाष चौक, झंडा मोड़ एवं महाराणा प्रताप चौक पर पदयात्रा की गयी। इसके बाद गिरिडीह जिला के डोमचांच, घोड़थंभा एवं गोरीमहुआ में जनसभा एवं जनसंबोधन किया गया।यात्रा का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य सरकार ने झारखंड की युवा पीढ़ी के साथ धोखा करने का काम किया है। सरकार ने झारखंड के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और राज्य के मानव संसाधन का सम्मान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य की गारंटी एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। बताते चलें कि भर्ती सुधार यात्रा की शुरूआत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जन्मस्थली नेमरा, रामगढ़ से की गई है। यात्रा के माध्यम से संपूर्ण झारखंड का भ्रमण कर युवाओं एवं अभ्यर्थियों को भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए जागरूक किया जायेगा।यात्रा कल गुरुवार को देवघर जिला प्रवेश करेगा। आज की यात्रा के दौरान देवेंद्र नाथ महतो, मनोज यादव, आकांक्षा कुमारी, कृष्णा यादव, मेघनाथ महतो, चंदन कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

सिसई, गुरदरी माइंस क्षेत्र के ग्रामीणों ने सांसद सुखदेव भगत से की मुलाकात
Published / 2026-08-26 19:49:02
सिसई, गुरदरी माइंस क्षेत्र के ग्रामीणों ने सांसद सुखदेव भगत से की मुलाकात

5 किमी जर्जर सड़क और टाना भगत सभागार की समस्यायों की रखी मांग एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत के आवास पर सिसई प्रखंड के ग्रामीणों, गरदरी माइंस क्षेत्र के ग्रामीण, गुमला जिला से टाना भगतों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याओं से सांसद को अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि सिसई प्रखंड में रेड़बा से महुआडीपा तक करीब 5 किलोमीटर सड़क पिछले 10 वर्षों से काफी जर्जर अवस्था में है। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गये हैं, जिससे आवागमन में काफी परेशानी होती है, खासकर बरसात में स्थिति और भी खराब हो जाती है। उन्होंने इस सड़क के अविलंब निर्माण की मांग की। इसके साथ ही ग्रामीणों ने सिसई में तालाब निर्माण, पीसीसी पथ और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों की समस्याओं से भी अवगत कराया। गुमला के  टाना भगतों  ने  अपनी प्रमुख समस्या रखी। उन्होंने बताया कि गुमला जिले में बनाये गये टाना भगतों का सभागार तो बना हुआ है, लेकिन वहां शौचालय, पेयजल और बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे पूजा-पाठ और सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान टाना भगतों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सभागार में इन मूलभूत सुविधाओं का निर्माण कराने की मांग की।  साथ ही गुरदारी माइन्स क्षेत्र में पेयजल, सामुदायिक भवन और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी कई समस्याओं से भी सांसद को अवगत कराया गया। मौके पर सांसद सुखदेव भगत ने सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और जनहित में सभी समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया। सांसद ने कहा, टाना भगत समाज हमारे संस्कृति और संघर्ष का प्रतीक है। आपकी समस्याएं मेरी समस्याएं हैं। सिसई की जर्जर सड़क, सभागार में शौचालय-पानी-बिजली की व्यवस्था सहित सभी मांगों को मैं प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभाग से बात कर पूरा कराने का प्रयास करूंगा।

एमएमडीआर पर झामुमो-कांग्रेस फैला रहे भ्रम : रघुवर दास
Published / 2026-08-26 19:43:49
एमएमडीआर पर झामुमो-कांग्रेस फैला रहे भ्रम : रघुवर दास

राज्य और राष्ट्र हित में है एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, झामुमो और कांग्रेस गलत व्याख्या कर फैला रहे हैं भ्रम : रघुवर दास टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में लाये गये एमएमडीआर (खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन बिल, 2026) अधिनियम राज्य हित और राष्ट्र हित में है, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस इसकी गलत व्याख्या कर राज्य की भोली-भाली जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे डंके की चोट पर कह रहे हैं कि यह संशोधन झारखंड के हितों के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह हमारे झारखंड को उसकी खनिज संपदा का अधिकतम लाभ दिलाने और लीगल माइनिंग को पारदर्शी बनाने के पक्ष में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। श्री दास पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।  रघुवर दास ने कहा कि झारखंड का बच्चा-बच्चा जानता है कि झामुमो-कांग्रेस के संरक्षण में धनबाद, बोकारो, चतरा, हजारीबाग, साहेबगंज, दुमका, शिकारीपाड़ा में कोयला, बालू, पत्थर सिंडिकेट लूट मचा रहा है। जो लोग चुनाव में जल, जंगल, जमीन का नारा देकर सत्ता के सिंहासन पर बैठे हैं, उन्होंने सत्ता में आते ही हमारे जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों को सिंडिकेट के हवाले कर दिया और झारखंड को लूटखंड बना दिया है। आप मीडिया के बंधुओं ने भी समय-समय पर सरकार के संज्ञान में इसे लाया है। उन्होंने कहा कि झामुमो के महासचिव पत्थर के अवैध खनन मामले में डेढ़ साल होटवार जेल काटकर आये हैं। संथाल के एक मंत्री इसी पत्थर-बालू की दलाली और कमीशनखोरी के चक्कर में जेल जा चुके हैं। झारखंड को लुटखंड में तब्दील करने वाले झामुमो, कांग्रेस जैस दलों से इस अधिनियम पर कोई सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।  रघुवर दास ने कहा कि आज सवाल केवल 11,000 करोड़ रुपये के उपकर (सीईएसएस) का नहीं है। असल सवाल यह है कि क्या हम वित्तीय अनिश्चितता का माहौल बनाकर राज्य में आने वाले बड़े निवेश, अधिक उत्पादन, रोजगार और औद्योगिक क्रांति का रास्ता रोक दें?  माइनिंग सेक्टर के कुल टैक्स और वैधानिक भुगतान का लगभग 90% हिस्सा सीधे राज्यों को ही मिलता है और यह व्यवस्था आगे भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार 2015 में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ही रॉयल्टी के अलावा खनन प्रभावित जिलों के विकास के लिए डीएमएफटी के माध्यम से 30 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देने की व्यवस्था लागू की थी। साथ ही हम यह भी मानते रहे हैं कि जनजाति समाज, डीएमएफटी और राज्य की वैध आय की पर्याप्त सुरक्षा होनी चाहिए। खनिज संपदा का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए। रघुवर दास ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य के राजस्व के लिए कितनी चिंतित है यह इससे साबित होता है कि भारत सरकार द्वारा राज्य में 34 कोल ब्लॉक को चालू करने की मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक केवल चार कोल ब्लॉक चालू हो पाये हैं। 30 कोल ब्लॉक को राज्य सरकार ने चालू नहीं कराया है। इसी तरह लौह अयस्क की 15 में से छह माइंस, बॉक्साइड की 37 में से 17 माइंस ही चालू है। ये ब्लॉक और माइंस चालू होते तो राज्य को बहुत बड़ा राजस्व मिलता।  रघुवर दास ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस की सरकार 11,000 करोड़ रुपये के सेस का रोना रोती है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस सरकार की नीयत में कितना खोट है। अन्य राज्यों से तुलना एवं डीएमएफटी की स्थिति समान खनिज भंडार होने के बावजूद, ओडिशा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 60,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य हासिल कर रहा है, जबकि झारखंड का लक्ष्य केवल 18,844 करोड़ है। ओडिशा की त्वरित नीलामी और खदान संचालन प्रक्रिया के कारण उसकी राजस्व दक्षता झारखंड से 3 गुना अधिक है। इसके अलावा, डीएमएफटी के कुल संग्रह (18,250 करोड़) में से 7,915 करोड़ से अधिक की राशि बिना खर्च पड़ी है और 2,487 प्रोजेक्ट्स ठप्प हो चुके हैं।

धनबाद : काको मोड़ से लाल चौक जाने वाले रास्ते में अवैध कोयला लदा ट्रक पलटा
Published / 2026-08-26 19:39:55
धनबाद : काको मोड़ से लाल चौक जाने वाले रास्ते में अवैध कोयला लदा ट्रक पलटा

रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर जांच की मांग की एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिलाध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड सरकार, कोयला मंत्री, झारखंड पुलिस, धनबाद पुलिस, को ट्वीट करते हुए लिखा कि कतरास क्षेत्र के लाल चौक जाने वाले रास्ते में बुधवार को अवैध कोयला लदा एक ट्रक पलट गया। घटना के बाद कथित अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों द्वारा ट्रक को घेराबंदी करके रखा गया, ताकि घटनास्थल का वीडियो या फुटेज सामने न आ सके और चुपचाप कोयला हटाकर ट्रक को वहां से ले जाया जा सके, यह प्रशासनिक स्तर पर जांच का विषय है। वहीं, जिला प्रशासन द्वारा अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई और टास्क फोर्स के गठन के बावजूद इस तरह अवैध कोयले की ढुलाई किये जा रहे हैं। यदि ट्रक में अवैध कोयला लदा था, तो यह पता लगाना जरूरी है कि कोयला कहां से लाया जा रहा था और इसे कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही, ट्रक पलटने के बाद उसे घेराबंदी कर रखने और कोयला हटाने की कोशिश की गयी या नहीं। इसकी भी जांच आवश्यक है। ये भी पता चला है कि वहां में दो महीना अवैध डिपो चला जा रहा था आखिर ये अवैध डिपो किसके संरक्षण में चलाया जा रहा था इसकी भी जांच कराया जाये। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रक की जांच, कोयले के स्रोत और कथित कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी किया जाये ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।

रांची डीपीएस ने मनाया वार्षिकोत्सव
Published / 2026-08-25 21:43:56
रांची डीपीएस ने मनाया वार्षिकोत्सव

दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची में मनाया गया वार्षिकोत्सव - समन्वय  :  करुणा सद्भाव और एकता का उत्सव भेद नहीं भाव होना चाहिए... अलग - अलग सुरों से गढ़ा एक संगीत होना चाहिए। एकता का सद्भाव.... विविधता में समन्वय का संसार होना चाहिए टीम एबीएन, रांची। दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेल टाउनशिप, रांची के विवेकानंद सभागार में दिनांक 25 अगस्त 2026 को कक्षा प्रेप से कक्षा 2 के विद्यार्थियों द्वारा वार्षिक समारोह समन्वय का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस समारोह में लगभग 300 विद्यार्थियों द्वारा उनके कलात्मक उत्कर्ष को प्रदर्शित किया।  दर्शकवृंद में प्रेस और मीडिया के लोगों के साथ-साथ अभिभावकों का एक वृहद जनसमूह उपस्थित था । प्रस्तुति का मुख्य केंद्र बिंदु मानव जगत और प्रकृति के बीच का तालमेल और उसमें व्याप्त समन्वय था। प्रकृतिजन्य मनुष्य और प्रकृति से ही उसकी स्पर्धा को संगीत, नृत्य तथा नाट्य अभिव्यक्तियों द्वारा आकर्षक रूप से विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किया। गणपति आराधना के साथ प्रारम्भ इस कार्यक्रम में माता - पिता का हमारे जीवन में व्याप्त सर्वोपरि स्थान, पशु- पक्षियों तथा वनस्पत्तियों का जीव-जगत के संतुलन के लिए महत्व तथा अंत में स्वच्छता और सुचिता का मानवीयता के उत्थान में होने वाले योगदान को सारगर्भित रूप से प्रस्तुत किया गया।  इस समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों ने समन्वय शीर्षक के सार को न केवल मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत किया बल्कि दर्शकों और स्वयं प्रदर्शनकर्ताओं पर भी करुणा, एकता, सामंजस्य एवं मैत्री रूपी मानवीय भावनाओं की गहरी छाप छोड़ी।  विद्यालय की प्राचार्या डॉ. जया चौहान जी ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल और आपसी सामंजस्य की भूरी - भूरी प्रशंसा करते हुए इन नन्हे कलाकारों को आने वाले कल का सृजनकर्ता बताया और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उनके कार्यक्रम के मूल आधार  समन्वय की महत्ता को रेखांकित करते हुए सभी को इससे प्रेरित होने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने विद्यार्थियों के मंच संचालन एवं प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए ऐसी प्रतिभाओं और उनमें व्याप्त विचारों की नींव रखने पर शिक्षकों एवं अभिभावकों को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य, समाज और देश तभी उन्नति कर सकता है जब विचारों और भावनाओं में सामंजस्य स्थापित हो सके। अंतर्विरोधों से उबरकर ही संतुलन और सौहार्द्र का गठन संभव हो सकता है।  इन नन्हे प्रदर्शनकर्ताओं के कौशल को देख सभी दर्शक भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम के समापन में विद्यार्थियों ने  उपस्थित समस्त महनीय व्यक्तित्वों का हार्दिक अभिनंदन एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। मंचारूढ़ विद्यार्थियों की छटा से सम्पूर्ण भवन सतरंगी इंद्रधनुष सा वैभवपूर्ण हो उठा।

धनबाद : विधायक टाइगर जयराम समेत 10 पर केस
Published / 2026-08-25 20:55:58
धनबाद : विधायक टाइगर जयराम समेत 10 पर केस

जयराम महतो की बढ़ीं मुश्किलें, विधायक समेत 10 पर केस, 40 अज्ञात आरोपी; सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस टीम एबीएन, रांची। मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले जेएलकेएम विधायक जयराम महतो की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में हुए विवाद के मामले में पुलिस ने विधायक जयराम महतो समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसके अलावा 40 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने थाना परिसर में भीड़ जुटाने, हंगामा करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में यह कार्रवाई की है। सोशल मीडिया लाइव के बाद थाना परिसर में जुटी भीड़ पुलिस के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया लाइव के जरिए हिरासत में लिए गए गणेश दास की पिटाई की अफवाह फैलायी गयी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग बरवाअड्डा थाना परिसर में जुट गए। इस दौरान हंगामा हुआ और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचने की बात सामने आयी। इसी मामले में पुलिस ने जयराम महतो समेत 10 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है, जबकि 40 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। थाना परिसर में लगे उउळश् कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि घटना के दौरान मौजूद लोगों की पहचान की जा सके और पूरे विवाद में उनकी भूमिका का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आयेंगे, उनके आधार पर प्राथमिकी में अन्य लोगों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं। बरवाअड्डा थाना विवाद में जयराम महतो के खिलाफ यह पहली प्राथमिकी नहीं है। इससे पहले मुखिया यशोदा देवी के पुत्र की शिकायत पर भी जयराम महतो समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। वहीं, विधायक जयराम महतो की शिकायत पर भी एक अलग प्राथमिकी दर्ज हुई है। इस तरह बरवाअड्डा थाना विवाद में लगातार प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर तूल पकड़ता जा रहा है।

रामगढ़ : स्टील फैक्ट्री में अगलगी से तीन की मौत से कर्मियों में दहशत
Published / 2026-08-25 20:54:39
रामगढ़ : स्टील फैक्ट्री में अगलगी से तीन की मौत से कर्मियों में दहशत

स्टील फैक्ट्री में आधी रात को लगी भीषण आग, 3 कर्मचारियों की मौत एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। जिले में स्थित एक स्टील फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 3 कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि एक अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया है। इस घटना के कई दिनों बाद भी कर्मियों में दहशत का माहौल है। पुलिस ने इस हादसे की आधिकारिक पुष्टि की है। घायल कर्मचारी का पास के अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार आधी रात को हेहल स्थित स्टील फैक्टरी के कैप्टिव पावर प्लांट (स्वयं के उपयोग के लिए स्थापित बिजली संयंत्र) से आग फैल गयी। बरकाकाना थाना प्रभारी उमा शंकर वर्मा ने बताया कि हादसे में गंभीर रूप से झुलसे कम से कम चार कर्मचारियों में से तीन की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने कहा कि फिलहाल आग लगने के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच जारी है।

गिरिडीह : सदर अस्पताल में पार्किंग को लेकर भिड़े परिजन
Published / 2026-08-25 20:52:38
गिरिडीह : सदर अस्पताल में पार्किंग को लेकर भिड़े परिजन

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। सदर अस्पताल के मुख्य गेट पर गाड़ी पार्किंग और प्रवेश को लेकर सुरक्षा कर्मियों और मरीजों के परिजनों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामूली कहासुनी बढ़ गयी और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की तक होने लगी। अचानक हुई इस घटना से अस्पताल के मुख्य गेट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक  को हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार, इलाज कराने आए कुछ लोग अपने वाहन के साथ अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंचे थे। इसी दौरान गाड़ी पार्किंग और गेट से प्रवेश को लेकर सुरक्षा कर्मियों और परिजनों के बीच बहस शुरू हो गयी।  क्या है पूरा मामला बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मी गेट पर व्यवस्था बनाए रखने और वाहनों के प्रवेश को लेकर लोगों को समझा रहे थे, जबकि दूसरी ओर परिजन वाहन पार्किंग और आने-जाने को लेकर अपनी बात रख रहे थे। विवाद तब बढ़ा जब सुरक्षाकर्मी ने वाहन को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं।  धीरे-धीरे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी तेज हो गई और मामला बढ़ गया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और मरीज के परिजन के बीच धक्का-मुक्की होने लगी और बात मारपीट तक पहुंच गयी, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। लोगों ने कराया मामला शांत मुख्य गेट पर अचानक हंगामा होने से अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों के परिजन और अन्य लोग भी वहां जुट गए। लोग घटना को देखने के साथ-साथ दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश करते नजर आये, विवाद के कारण कुछ समय तक अस्पताल के मुख्य गेट पर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।मरीजों और उनके परिजनों को भी गेट के पास अफरा-तफरी के कारण असुविधा हुई। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को किसी तरह सामान्य किया।

एमएमडीआर संशोधन बिल राज्य के अधिकार के साथ धोखा : सुबोधकांत सहाय
Published / 2026-08-25 20:51:31
एमएमडीआर संशोधन बिल राज्य के अधिकार के साथ धोखा : सुबोधकांत सहाय

संघीय ढांचे और झारखंड के अधिकार पर प्रहार है केंद्र का एमएमडीआर संशोधन बिल : सुबोधकांत सहाय टीम एबीएन, रांची। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर कांग्रेस ने प्रेस वार्ता में बिल को राज्य के हितों के विरुद्ध बताते हुए केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाये। प्रेस वार्ता को पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुबोध कांत ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक का राज्य के विकास पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि खनिज हमारा, जमीन हमारी, फैसला दिल्ली का, यह बड़ा सवाल है। क्या बीजेपी का कोई दायित्व है इस पर कि नहीं? सुबोधकांत सहाय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों के संवैधानिक बेंच ने राज्यों को सेस लगाने का अधिकार दिया था। यह 8-1 का फैसला था। जिससे राज्य को अधिकार मिला था। सुप्रीम कोर्ट के जनहित के निर्णय को संख्या के बल पर केंद्र ने बदल दिया है। कैसे ये बिल पास हुआ, देश ने देखा। केंद्र बताये कि राज्यों को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई कैसे होगी। सुबोधकांत सहाय ने कहा कि विधेयक संघीय ढांचे और झारखंड के अधिकार पर प्रहार है। केंद्र ऐसे भी झारखंड की उपेक्षा लगातार कर रहा है।  हम इसकी लड़ाई लड़ेंगे। राज्य में बीजेपी के सांसदों की संख्या ज्यादा है,  क्या बीजेपी राज्य हित की लड़ाई लड़ेगी? अगर राजस्व घटेगा तो राज्य कैसे बढ़ेगा, ये बड़ा सवाल है। इस तरह का काम पहली बार हुआ है। स्टेट पुलिसिंग खत्म होगी। सेन्ट्रल फोर्सेस के सहारे काम होगा। भूमि अधिग्रहण से लेकर सारा काम केंद्र करेगा और राज्य देखता रहेगा। सुबोधकांत सहाय ने आगे कहा कि यह सवा तीन करोड़ राज्य वासियों के अधिकारों पर हमला है। हमने तीन चरणों में आंदोलन की घोषणा की है। केंद्र सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ हम इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे। हमारी सरकार अपने बूते राज्य को संवार रही है। हम उम्मीद करते है हमारी जीत होगी। मैं देश का गृहमंत्री रहा हूं। संघीय ढांचे को अच्छे से समझता हूं।

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