एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा है कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में जो पांच न्याय और 25 गारंटी देश के नागरिकों को देने की बात कही है उसमें सबके लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच मौजूद है। खड़गे ने एक बयान में आज कहा कि कांग्रेस के 5 न्याय और 25 गारंटी का एजेंडा भारत के प्रत्येक नागरिक को आर्थिक तथा सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कांग्रेस का प्रण है कि आने वाली सरकार 30 लाख सरकारी पद भरकर न सिर्फ युवाओं का भविष्य सुरक्षित करेगी बल्कि एक दशक से लंबित एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस के आरक्षण के पारित पदों को भी भरेगी और युवाओं की देशभक्ति पर सवाल उठाने वाली अग्निवीर योजना को भी बंद करेगी। खडगे ने कहा महालक्ष्मी गारंटी के तहत गरीब महिलाओं को प्रति माह 8500 उनके खाते में सीधा ट्रांसफर किया जाएगा जिससे वो बढ़ती महंगाई का मुकाबला कर सकें और कुछ पैसे जुटा कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। अब 25 लाख रुपए का मुफ़्त इलाज किसी भी महिला को अपने गहने गिरवी रखने पर मजबूर नहीं करेगा। अन्नदाता किसानों की आय को बढ़ाने के लिए एमएसपी की लीगल गारंटी, इनपुट पर जीएसटी हटाना व स्थिर आयात-निर्यात नीति एक दूरगामी कदम साबित होगा। श्रमिकों के लिए रोजाना 400 रुपये का न्यूनतम मानदेय, खाद्य सुरक्षा कानून में अनाज को 5 किलो से 10 किलो तक दोगुना करना, शहरी रोजगार गारंटी व सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा परिवर्तनकारी कदम होगा। जातिगत जनगणना को जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना से गिनती, जल जंगल जमीन की कानूनी सुरक्षा गारंटी, व लघु वन उपज पर एमएसपी गारंटी-हिस्सेदारी न्याय से समानता का एक नया अध्याय शुरू होगा। कांग्रेस को देश की जनता का मिला है भरपूर साथ, क्योंकि हाथ बदलेगा हालात।
500-500 की गड्डियों से भरा कमरा, कैश इतना कि गिनते-गिनते हो गयी सुबह आगरा के 3 जूता कारोबारियों के घर इनकम टैक्स की रेड एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के आगरा में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने तीन जूता व्यापारियों के यहां रेड मारी। इस दौरान उनके पास बेहिसाब संपत्ति मिली है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अभी तक 40 करोड़ की नकदी तीनों जूता व्यापारियों के पास मिली है। बाकी कैश को गिना जा रहा है। ढेर सारी 500-500 की गड्डियों की गिनती के लिए बैंक के अफसरों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।नोट इतने हैं कि पूरा कमरा 500-500 की गड्डियों से भर गया है। अभी तक 40 करोड़ रुपये की काउंटिंग की जा चुकी है, जिनका कोई हिसाब-किताब नहीं है। बाकी राशि को गिना जा रहा है। भारी मात्रा में मिले इतने नोटों को गिनते-गिनते अधिकारी और कर्मचारियों को पसीने छूट गए हैं। जानकारी के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग को टैक्स में हेराफेरी करने और आय से ज्यादा संपत्ति होने का संदेह था। खबर मिली थी कि जूता कारोबारी इनकम टैक्स की चोरी कर रहे हैं, जिसके बाद आयकर विभाग की टीम दोपहर को उन तीनों के ठिकाने पर पहुंची और छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। हालांकि, अभी विभागीय अधिकारी इस मामले में बोलने से बच रहे हैं। छापेमारी के दौरान आईटी ने कई अहम दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है। इनकम टैक्स की टीम फाइलों और इलेक्ट्रोनिक डिवाइस की जांच भी कर रही है।इससे पहले यूपी के कानपुर में आयकर विभाग ने ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। विभाग ने यहां बंशीधर तंबाकू कंपनी पर छापा मारा था। इस कंपनी ने कानपुर के अलावा मुंबई, दिल्ली, गुजरात में भी कारोबार फैला रखा था। इसी को लेकर सूचना के बाद करीब 20 जगहों पर रेड हुई थी। इस तंबाकू कंपनी ने कागजों में अपना टर्नओवर करीब 20 से 25 करोड़ दिखाया, लेकिन जब पड़ताल की गई तो पता चला कि कंपनी का करीब 100-150 करोड़ के आसपास टर्नओवर है।
डॉ मयंक चतुर्वेदी एबीएन एडिटोरियल डेस्क। केंद्र में देश की जनता किसे चुनने जा रही है यह कुछ दिनों में साफ हो जायेगा, किंतु जिस तरह से कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने भाजपा की केंद्र सरकार और पीएम मोदी को आर्थिक क्षेत्र को आधार बनाकर घेरना जारी रखा है उसने आज पिछली मनमोहन सरकार और मोदी सरकार के कार्यकाल के तुलनात्मक अध्ययन के लिए प्ररित जरूर किया है। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में बेरोजगारी की दर बढ़ी है और जनता परेशान है। किंतु हकीकत में यह लगता नहीं है, क्योंकि सरकारी स्तर पर या निजी संस्थाओं के इस संबंध में अब तक किए गए सभी सर्वे एवं अध्ययन मोदी सरकार के पक्ष में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वस्तुत: देश की जनता ने अटल सरकार के बाद दस साल कांग्रेस को भी दिए थे, लेकिन आंकड़े यही बता रहे हैं कि एनडीए की सत्ता में जिस गति से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार कार्य कर रही थी, वह गति कांग्रेस की मनमोहन सरकार आते ही धीमी पड़ गर्यी थी। इस स्थिति में भारत की आम जनता ने फिर से भाजपा की ओर आशा भरी नजरों से देखा। उसके बाद की स्थिति पूरी दुनिया के सामने मौजूद है। भारत कहां था और अब कहां से कहां पहुंच गया है। यह विश्व देख रहा है, कहना होगा कि दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश भारत विकास के सभी आंकड़े तोड़ रहा है। मोदी सरकार और पिछली मनमोहन सरकार के बीच भारत की जनसंख्या और उसके दबाव के बीच संतुलन को यदि देखें तो जब मनमोहन सरकार 2004 में सत्ता में आई तब देश की जनसंख्या 1.136 बिलियन थी जो दस वर्ष के कार्यकाल में बढ़कर 2014 की स्थिति में 1.307 बिलियन पर जा पहुंची थी। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने, तब यही जनसंख्या का ग्राफ बढ़कर 2015 में 1,322,866,505 हो गया और 2024 आते-आते यह जनसंख्या का आंकड़ा 1,441,719,852 को पार कर गया। पिछले दस सालों में 12 करोड़ अनुमानित जनसंख्या बढ़ी है। यह नवीनतम आंकड़ा भारत की जनसंख्या (लाइव) वल्डोर्मीटर के अनुसार है। यानी कि देश में एक ओर जनसंख्या का दबाव बढ़ रहा था तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनका मंत्रिमंडल अपने प्रयासों से आर्थिक क्षेत्र में नवाचार करते हुए रोजगार बढ़ाने के कार्य में जुटे हुए थे। देखा जाये तो मनमोहन सिंह के कांग्रेस कार्यकाल की 4.7 प्रतिशत, भारत की आर्थिक विकास दर निराश करती है। 2012-13 में औद्योगिक विकास दर घटकर 20 साल के निचले स्तर एक प्रतिशत पर आ गयी थी। बैंकों के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स 2013 में 50 प्रतिशत बढ़ गये थे, जिसकी रिपोर्ट भी मौजूद है। रुपया विश्व की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक हो गया था। लेकिन आज ऐसा बिल्कुल नहीं है। वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था 8.4 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ अपेक्षा से अच्छा प्रदर्शन कर रही है। सीएजीआर मुद्रास्फीति पर 2004-14 के बीच यह 8.7 प्रतिशत थी, जो अब 2014-24 के बीते दस सालों के बीच 4.8 प्रतिशत हो गयी है। इसी तरह से भारत का विनिर्माण पीएमआई 2008 के बाद से उच्चतम स्कोर पर मार्च में 59.1, वित्त वर्ष 24 के अंत तक बैंक एनपीए दशक के सबसे निचले स्तर 3.8 प्रतिशत पर पहुंच जाने की उम्मीद जतायी जा रही है। अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले रुपया सबसे बेहतर स्थिति में है। अभी भारत तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा, यही अनुमान दुनिया की हर एजेंसी का है। मोदी शासन के दौरान पैदा हुए 51.40 करोड़ रोजगार देश में मोदी सरकार के दस साल के कार्यकाल में 51.40 करोड़ रोजगार पैदा हुए हैं। घरेलू शोध संस्थान स्कॉच की एक रिपोर्ट जो हाल ही में मोदीनॉमिक्स का रोजगार सृजनात्मक प्रभाव : प्रतिमान में बदलाव शीर्षक से सामने आयी है। पूरी केस स्टडी पर आधारित है, जिसमें मुख्यतौर पर 80 अध्ययनों को शामिल किया गया है, जिसमें सरकारी योजनाओं के आंकड़े भी शामिल हैं। यहां ये सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर समावेशी विकास के उद्देश्य से काम कर रहा ये घरेलू शोध संस्थान स्कॉच ग्रुप 2014 से 2024 के बीच सालाना कम से कम 5.14 करोड़ पर्सन-ईयर्स रोजगार पैदा करने का डेटा प्रस्तुत करता है। वस्तुत: पर्सन-ईयर इस बात का पैमाना है कि किसी व्यक्ति ने पूरे साल कितने घंटे काम किया। रिपोर्ट बता रही है कि गत दस साल में 19.79 करोड़ रोजगार सरकारी योजनाओं के जरिए इनडायरेक्ट रोल की वजह से पैदा हुए हैं, जबकि 31.61 करोड़ रोजगार सरकार की लोन-आधारित योजनाओं के कारण संभव हो सके हैं। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में जो कहा है वह भी समझने योग्य है। पीएम मोदी ने बताया है कि पिछले 10 साल में जो माइक्रो फाइनेंस हुआ है, इस माइक्रो फाइनेंस के कारण देश में बहुत रोजगार उपलब्ध हुआ है। वे कह रहे हैं कि केंद्र की 10-12 योजनाएं ऐसी हैं, जिसके आधार पर उन्होंने एनालिसिस किया है कि एक घर बनता है तो कितने पर्सन आवर्स को रोजगार मिलता होगा। इस आधार पर भारत में पांच करोड़ पर्सन आवर्स वार्षिक नौकरी जेनरेट हुई हैं। देश में चार करोड़ गरीबों के घर बने हैं। 11 करोड़ टॉयलेट बने हैं। दुनिया में सबसे तेज गति से 5जी रोलआउट हुआ, इसके लिए इन्फास्ट्रक्चर लगता है। पीएलएफएस के मुताबिक 6-7 साल में 6 करोड़ नए जॉब आन रिकॉर्ड दर्ज हुए हैं। ईपीएफओ में 10 साल में कवर होने वाले लोगों में 167 परसेंट बढ़ोतरी हुई है। मुद्रा लोन के तहत करीब 43 करोड़ लोन्स दिए गए, इसमें 70 परसेंट ऐसे हैं, जो पहली बार रोजगार कर रहे हैं। वे भी दूसरों को रोजगार दे रहे हैं। इस आधार पर कहना होगा कि किसी भी सरकार की मंशा ठीक हो तो वह अपने कार्यकाल में क्या कुछ कर सकती है और विकास के स्तर पर कितना बड़ा परिवर्तन ला सकती है, इसका सबसे अच्छा दुनिया में कोई उदाहरण वर्तमान में है तो वह भारत की मोदी सरकार का आज आपको दिखाई देता है। यदि आगे भी विकास की गति इसी प्रकार की बनी रही तो निश्चित मानिए, भारत की वैभव, सम्पन्नता के साथ आत्मिक सुख में दुनिया का कोई देश बराबरी नहीं कर पायेगा।
बमौरी के बिशनवाड़ा में एलईडी टीवी पर सत्संग आयोजितकमल सिंह लोधा की रिपोर्टएबीएन न्यूज नेटवर्क, गुना (मध्यप्रदेश)। रविवार को जिले के बमोरी तहसील के बिशनवाड़ा के ग्रामीण खेल मैदान में संत रामपाल जी महाराज जी सत्संग एलईडी टीवी पर प्रसारित हुआ सत्संग का आयोजन दोपहर 12 से 4 के बीच किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। संत रामपाल जी महाराज जी ने बताया कि सभी धर्मों के लोग एक परम पिता की संतान हैं। वर्तमान में काल ब्रह्म ने हमे अनेक धर्मो में बाँटकर अपने परम पिता से दूर कर दिया है। हमे जिस एक परमात्मा की पूजा करनी चाहिए उसका नाम कबीर है जो कि हम सबका कुल मालिक है। वर्तमान में सन्तो की बाढ़ सी आई हुई है लेकिन हमें पवित्र गीताजी के अध्याय 4 के श्लोक 32 से 34 में वर्णित तत्वदर्शी सन्त की खोज करके उसकी शरण ग्रहण करके मनुष्य जन्म का कल्याण करवाना चाहिए। संत जी ने बताया कि आज के इस आधुनिक युग की चकाचौंध में मानव इतना व्यस्त हो चुका है कि वह अपने मूल उद्देश्य से भटककर माया संग्रहित करने में लगा हुआ है और न जाने कितने प्रकार के बुरे व्यसनों में संलिप्त होकर अपने मानव जीवन को बर्बाद कर रहा है, इसलिए सत्संग का महत्व मानव जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देता है और उसे सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। सत्संग के अभाव में मानव समाज कठिनाइयों का सामना करता है। सेवादारों ने बताया कि सत्संग करने के मुख्य उद्देश्य समाज से नशा, रिश्वतखोरी, बेईमानी बंद करवाना, दहेज प्रथा जैसी बुराई को समाप्त करके दहेज मुक्त शादियां करवाना, शास्त्र प्रमाणित भक्ति करवा कर सभी को मोक्ष दिलवाना है।
कमल सिंह लोधाएबीएन न्यूज नेटवर्क, गुना। विगत रात्रि में जिले के जामनेर थाना अंतर्गत शादी समारोह से अपने रिश्तेदार के साथ एक नाबालिग किशोरी के वापस घर लौटने के दौरान तीन युवकों ने उनका रास्ता रोक किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में जामनेर थाना पुलिस ने तत्परता दिखायी। कार्यवाही करते हुए महज 06 घंटों के भीतर ही प्रकरण के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार 17 मई को 17 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी ने जामनेर थाने पर रिपोर्ट कर बताया था कि 16 मई 2024 की रात्रि में वह एक शादी कार्यक्रम से अपने एक रिश्तेदार के साथ बाइक से वापस अपने घर लौट रही थी कि रास्ते में दौलतपुरा के पास उन्हें जामनेर निवासी गोलू अहिरवार, अरविंद अहिरवार और राहुल अहिरवार मिले। इन तीनों ने उनकी बाइक को रोक लिया और तीनों लड़कों ने उसके साथी रिश्तेदार के साथ मारपीट भी की। इस बीच गोलू उसे जबरन खींचकर पास ही झाड़ियों में ले गया और उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया। इसके बाद वह अपने दोनों साथियों को भी उसके साथ गलत करने के लिये बुलाने गया, लेकिन इस दौरान वहां से एक बाइक निकली, जिसे देख तीनों वहां से भाग गये। तीनों आरोपियों गोलू अहिरवार, अरविंद अहिरवार एवं राहुल अहिरवार के विरूद्ध जामनेर थाने में अप.क्र. 149/24 धारा 376-डी, 341, 323 भादवि एवं 5/6 पोस्को एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।पुलिस ने गत दिनांक 17 मई 2024 की रात को ही महज 06 घंटों में ही तीनों आरोपियों 1-गोलू पुत्र प्रेमनारायण उर्फ पप्पू अहिरवार उम्र 23 साल, 2-अरविंद पुत्र घासीराम अहिरवार उम्र 18 साल एवं 3-राहुल पुत्र सुखराम अहिरवार उम्र 18 साल निवासीगण इंद्रा कॉलोनी ग्राम जामनेर जिला गुना को मुखबिर सूचना पर ग्राम जामनेर के मोरवास रोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया।
कमल सिंह लोधा की रिपोर्टएबीएन न्यूज नेटवर्क, गुना। जिले की चाचौड़ा तहसील के बटावदा, काकरिया चक उमरिया, फतेहपुर, कड़ियां, केदारपुर, टुटया, गुर्जर खेड़ी आदि ग्रामों में आध्यात्मिक पुस्तकों का प्रचार-प्रसार किया गया।सेवादारो ने बताया मानव जीवन को चाहिए कि वह आध्यात्मिकता के कुछ नैतिक कार्यों के साथ-साथ भक्ति करना आरंभ करें, हमारे लिए अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा बताती है मानव जीवन किस प्रकार व्यतीत करना है। हमें मानव जीवन क्यों मिला मानव जीवन का मूल उद्देश्य क्या है? इस सृष्टि में हम कैसे आये यह सब जानने के लिए पढ़े पुस्तक ज्ञान गंगा जिसमें प्रमाण है सृष्टि रचना का प्रमाण पवित्र कुरान, पवित्र बाइबल, पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब, पवित्र चारों वेद, श्रीमद् भागवत गीता, 11 उपनिषद, 18 पुराण आदि से पुस्तक ज्ञान गंगा में जाने गूढ़ रहस्य जिससे हमें भक्ति करने में बहुत ही आसानी होती है और मोक्ष की विधि प्राप्त होती है। आज चाचौड़ा तहसील में संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक ज्ञान गंगा का प्रचार प्रसार किया गया पुस्तक सेवा में उपस्थित सेवादार लखन दास, जगदीश दास, गणपत दास, कमल दास,राजू दास, रामदास, बिरला दास, मुरारी दास, गोविंद दास आदि भक्तों ने पुस्तक सेवा की।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिपोर्ट कहती है कि घरेलू हवाई यात्री यातायात 2019 के स्तर से 21 प्रतिशत अधिक बढ़ गया जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई। पहले से कहीं अधिक भारतीय अब देश के भीतर या बाहर की हवाई यात्रा कर रहे हैं।इस साल के पहले तीन महीनों में ही 9.7 करोड़ यात्रियों ने भारतीय हवाईअड्डों से यात्रा की। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। मास्टरकार्ड इकोनॉमिक्स इंस्टीट्यूट (एमईआई) की तरफ से जारी यात्रा रुझान 2024:म : सीमाओं से परे रिपोर्ट में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 13 बाजारों समेत कुल 74 बाजारों में यात्रा उद्योग के विकसित परिदृश्य को लेकर व्यापक नजरिया दिया गया है।रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में बढ़ते मध्यम वर्ग और हवाई मार्गों की क्षमता बढ़ने से पहले से कहीं अधिक भारतीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा कर रहे हैं। साल के पहले तीन महीनों में ही 9.7 करोड़ यात्रियों ने भारतीय हवाईअड्डों से यात्रा की। महज 10 साल पहले इस आंकड़े तक पहुंचने में पूरा साल लग गया था। रिपोर्ट कहती है कि घरेलू हवाई यात्री यातायात 2019 के स्तर से 21 प्रतिशत अधिक बढ़ गया जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई।भारतीय यात्री तेजी से प्रमुख बाजारों का रुख कर रहे हैं। वर्ष 2019 की तुलना में जापान की यात्राओं में 53 प्रतिशत, वियतनाम की यात्राओं में 248 प्रतिशत और अमेरिका की यात्राओं में 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसा अमेरिकी डॉलर के मजबूत रहने के बावजूद देखा गया है। इसके अलावा एम्स्टर्डम, सिंगापुर, लंदन, फ्रैंकफर्ट और मेलबर्न शीर्ष पांच गंतव्य हैं जहां भारतीय यात्री इस साल की गर्मियों में जा रहे हैं। रिपोर्ट में उड़ानों की बुकिंग के आंकड़ों से यह आकलन पेश किया गया है।मास्टरकार्ड के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया प्रशांत) डेविड मान ने एक बयान में कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में उपभोक्ताओं में यात्रा करने की तीव्र चाहत और मंशा है और वे अपनी यात्राओं से बेहतरीन अनुभव हासिल करने के लिए अधिक समझदार हो रहे हैं। वर्ष 2020 में पेश किया गया मास्टरकार्ड इकोनॉमिक्स इंस्टीट्यूट उपभोक्ता के नजरिये से व्यापक आर्थिक रुझानों का विश्लेषण करता है।
400 से 600 रुपये में पानी के टैंकर डलवाने को मजबूर लोग कमल सिंह लोधा एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुना। जिले की कुंभराज तहसील में पानी की किल्लत सामने आ रही है। गर्मी के मौसम में नगर की जनता पानी के लिए तरस रही है। पानी की समस्या पिछले 2 महीने से बन रही है। कुंभराज नगर में बढ़ती पानी की समस्या अब विकराल रूप लेती नजर आ रही है। प्रशासन भी कोई भी खास इंतजाम नहीं कर पा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी फोन रिसीव नहीं करते हैं। कुंभराज नगर में पेयजल आपूर्ति पार्वती नदी से की जाती है। लेकिन इन दिनों पार्वती नदी में भी पानी नहीं है। नदी सूख गयी है। जिसके लिए लगातार घटते भू-जलस्तर को बड़ा कारण माना जा रहा है। नगर में पेयजल की समस्या पिछले 2 महीने से बनी हुई है। नगर के सभी 15 वार्डों में पानी की समस्या बनी हुई है। नल भी 4 से 6 दिनों में दिया जा रहा है। जिससे नगर की जनता परेशान है।कई वार्डो में वार्डवासी मजबूरन 400 से 600 रुपये में पानी के टैंकर मंगवाकर पानी का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन नगर परिषद द्वारा टैंकरों की व्यवस्था नहीं की जा रही है। एबीएन प्रतिनिधि ने 16 मई को कुंभराज के वार्ड 1, 2, 3, 4, 5, 8, 15 में जाकर पड़ताल की गयी। इन सभी वार्डों में पानी की समस्या बनी हुई है। इस संबंध में कुंभराज चार्ज सीएमओ बीएस भिलाला से संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया गया। वार्ड नंबर 1, 2, 3, 4, 5, 8 और 15 के वार्डवासियों ने बताया कि हमारे वार्डों में पानी की बड़ी समस्या है। 5 से 8 दिनों में नल आते हैं। नल भी 30 से 40 मिनट ही आते हैं, जिससे पीने का पानी भी नहीं भर पता है। नगर परिषद ने भी पानी के टैंकरों की व्यवस्था नहीं की है। नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि कमलेश साहू ने बताया कि नगर में पानी की समस्या है। 6 बोर लगवाये हैं, जिनमें से 3 बोर सक्सेस हो गये। 3 बोर चालू कर लिये। 5 ट्यूबवेल गांव वालों की हायर कर ली, उससे नगर में पानी आ रहा है। टैंकर के लिए टेंडर भी लगा दिये। टैंकर फिल्टर प्लांट में डलवायेंगे। 45 से 50 मिनट नल आ रहे हैं। चार दिन छोड़कर पांचवें दिन नल आ रहे हैं।
15 अगस्त तक 30 लाख पदों पर भर्ती कर देंगे शुरू : राहुलएबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अन्याय को मिटाने के लिए एक एक वोट को जरूरी बताते हुए कहा है कि केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनती है तो 15 अगस्त तक 30 लाख पदों पर भर्ती शुरू कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में न्याय नहीं हो रहा है। जल, जमीन और जंगल से आदिवासियों के हकों को छीना जा रहा है और सबके साथ अन्याय हो रहा है इसलिए न्याय के लिए हर एक वोट जरूरी है। श्री गांधी ने कहा कि अपने एक वोट की ताकत समझिये। देश भर में हो रहे भयंकर भेदभाव और अन्याय को मिटायेगा। आपका एक वोट, 15 अगस्त तक 30 लाख सरकारी पदों की भर्ती का काम शुरू करवायेगा। आपका एक वोट। एक जुलाई से गरीब महिलाओं के खाते में 8,500 रुपये हर माह खटाखट पहुंचायेगा- आपका एक वोट। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मिला आपका एक वोट युवाओं को 1 लाख रुपए वर्ष की पहली नौकरी दिलवायेगा, आपको अधिकार देने वाले संविधान की रक्षा करेगा, अपनी सरकार चुनने का अधिकार सुरक्षित कर लोकतंत्र बचाएगा और वंचितों के हक, भागीदारी तथा आरक्षण की रक्षा करने के साथ ही जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों का अधिकार कायम रखेगा। इंडिया गठबंधन को मिला आपका हर वोट, मजबूत लोकतंत्र और सशक्त नागरिक बनायेगा।
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