बेंगलुरु में 133 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड टूटा दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक में आ गया है और मौसम विभाग ने बेंगलुरु शहर के लिए 5 जून तक यलो अलर्ट जारी किया है एबीएन सेंट्रल डेस्क। बेंगलुरु में रविवार को रिकॉर्ड तोड़ने वाली बारिश हुई, जिससे लोगों को बड़े पैमाने पर परेशानी हुई। बेंगलुरु ने जून महीने में सबसे अधिक एक दिन में बारिश का 133 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। शहर में रविवार शाम को लगभग 111 मिमी बारिश हुई, जो जून में एक दिन में अब तक की सबसे अधिक बारिश है। पिछले दो दिनों में, बेंगलुरु में 140.7 मिमी बारिश हुई, जो द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जून में औसत 110.3 मिमी बारिश को पार कर गयी। दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक में आ गया है और मौसम विभाग ने बेंगलुरु शहर के लिए 5 जून तक यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी।विभाग ने यह भी बताया कि 8 और 9 जून को भी अतिरिक्त बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में बेंगलुरु के लिए आमतौर पर बादल छाये रहने और मध्यम से भारी वर्षा और गरज के साथ बौछारें पड़ने की भविष्यवाणी की है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 30 डिग्री सेल्सियस और 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में, मानसून कर्नाटक के मध्य भागों में आगे बढ़ेगा, जिससे अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कभी-कभी गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी। बेंगलुरु में जलजमाव रविवार को हुई तेज बारिश के कारण बेंगलुरु के कई इलाकों में जलजमाव हो गया, जिससे यातायात बाधित हो गया और मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई। हेब्बल अंडरपास, केएफसी रोड जो गुंजूर रोड की ओर जाती है, चिक्कजाला कोटे क्रॉस, बेन्नहल्ली रेलवे ब्रिज और हेब्बल सर्कल पर विशेष रूप से काफी भीषण जलजमाव हुआ। रविवार को हुई भारी बारिश के कारण 58 अलग-अलग जगहों पर जलजमाव हो गया, वहीं 41 जगहों पर 206 पेड़ उखड़ गये या उनकी टहनियां टूट गयीं। भारी ट्रैफिक जाम तेज बारिश के कारण शहर की मुख्य सड़कों पर, जिनमें केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़कें भी शामिल हैं, भारी ट्रैफिक जाम लग गया। बारिश के चलते गिरे हुए पेड़ों और जमा हुए पानी को हटाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) को कई फोन आये। इसके अलावा, बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे और पूरे शहर के महत्वपूर्ण चौराहों पर भी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखी गयी।
मतगणना कल, रायबरेली से तिरुवनंतपुरम तक इन हाई प्रोफाइल सीटों पर रहेगी नजरइनमें कुछ सुर्खियां बटोर रहे नवोदित नेता तो कुछ ऐसे प्रतिद्वंद्वी भी शामिल हैं जो लंबे समय तक अपराजेय रहे हैंएबीएन सेंट्रल डेस्क। सात चरणों में मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें मंगलवार को लोकसभा चुनाव के नतीजों पर तो रहेंगी ही लेकिन इसके साथ ही दिलचस्पी उन प्रमुख सीटों पर हुए मुकाबलों पर भी होगी जहां राजनीतिक क्षेत्र के कई दिग्गज मैदान में हैं। इनमें कुछ सुर्खियां बटोर रहे नवोदित नेता तो कुछ ऐसे प्रतिद्वंद्वी भी शामिल हैं जो लंबे समय तक अपराजेय रहे हैं। इस चुनाव में ऐसे ही कुछ प्रमुख उम्मीदवारों के बीच दिलचस्प मुकाबला भी देखने को मिला। पेश है उन उम्मीदवारों और सीटों की सूची :- वाराणसी में नरेन्द्र मोदी बनाम अजय राय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी से तीसरी बार लोकसभा चुनाव लड़ा है। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय से है। साल 2014 में मोदी ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को हराया था, जबकि 2019 में उन्होंने समाजवादी पार्टी की शालिनी यादव को पराजित किया। कांग्रेस ने 2014 और 2019 में इस सीट से अपने उम्मीदवार अजय राय को मैदान में उतारा था। मोदी से पहले वाराणसी सीट का प्रतिनिधित्व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी करते थे।रायबरेली में राहुल गांधी बनाम दिनेश प्रताप सिंहराहुल गांधी इस बार वायनाड के अलावा रायबरेली से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनका मुकाबला भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह से हैं। गांधी अमेठी से तीन बार सांसद रहे हैं लेकिन 2019 में उन्हें स्मृति ईरानी के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था। राहुल गांधी की मां और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी वर्तमान में रायबरेली से सांसद हैं। हालांकि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस बार चुनाव न लड़ने की घोषणा की थी। साल 1952 से लेकर अब हुए सभी चुनावों में सिर्फ तीन बार ही ऐसे मौके आये जब कांग्रेस को यहां से पराजय का सामना करना पड़ा। साल 1977 में यहां से जनता पार्टी ने जबकि 1996 और 1999 में भाजपा ने जीत दर्ज की।वायनाड में राहुल गांधी बनाम एनी राजाकांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का केरल के वायनाड से दूसरे कार्यकाल के लिए मुख्य मुकाबला भाकपा नेता और महिला अधिकार कार्यकर्ता एनी राजा से है। इस मुकाबले में लोगों की खासी दिलचस्पी देखी गयी क्योंकि कांग्रेस और भाकपा दोनों ही इंडिया गठबंधन के घटक हैं। साल 2019 में गांधी ने सीपीआई के पीपी सुनीर को 4.31 लाख वोटों से हराकर वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी।अमेठी में स्मृति ईरानी बनाम किशोरी लाल शर्माकभी गांधी परिवार का गढ़ रहे अमेठी में पिछले दो लोकसभा चुनावों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। साल 2019 में राहुल गांधी से सीट छीनने वाली भाजपा की स्मृति ईरानी इस निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुनाव लड़ रही हैं जबकि कांग्रेस ने गांधी परिवार के करीबी सहयोगी किशोरी लाल शर्मा को मैदान में उतारा है। 25 साल में यह पहली बार है जब गांधी परिवार का कोई सदस्य अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ा।तिरुवनंतपुरम में शशि थरूर बनाम राजीव चंद्रशेखरमौजूदा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर तिरुवनंतपुरम से लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनका सामना भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर से है। वह पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी कोशिश केरल में भाजपा का खाता खोलने की है। भाकपा के पन्नयन रवींद्रन ने भी यहां से चुनाव लड़ा है। उन्होंने 2005 में इस सीट से जीत दर्ज की थी।बहरामपुर में अधीर रंजन चौधरी बनाम यूसुफ पठानपूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल के बहरामपुर निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है। इसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। वर्तमान में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी इस सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष चौधरी ने 1999 में पहली बार इस सीट से चुने जाने के बाद से पांच बार बहरामपुर का सांसद के रूप में प्रतिनिधित्व किया है। वह इस निर्वाचन क्षेत्र से छठी बार चुनाव लड़ रहे हैं।नई दिल्ली में सोमनाथ भारती बनाम बांसुरी स्वराजभाजपा ने इस सीट से दो बार की सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी की जगह दिवंगत केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को टिकट दिया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने मालवीय नगर से विधायक सोमनाथ भारती को मैदान में उतारा है। राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन है। इस लिहाज से यहां के मुकाबले को बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।राजनांदगांव में भूपेश बघेल बनाम संतोष पांडेकांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव लोकसभा सीट से अपने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मैदान में उतारा है। राजनांदगांव तीन दशक से अधिक समय तक भाजपा का गढ़ रहा है। तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके रमन सिंह के गढ़ के रूप में इस संसदीय क्षेत्र को देखा जाता है। बघेल का मुकाबला भाजपा के मौजूदा सांसद संतोष पांडे से है। भाजपा 2009 के बाद से इस सीट पर नहीं हारी है। कांग्रेस ने परंपरा तोड़ने और भाजपा के गढ़ से जीत हासिल करने की कोशिश में अपने एक मजबूत उम्मीदवार को उतारा है।चुरु में राहुल कस्वां और देवेंद्र झांझरियाचुरू से दो बार के सांसद राहुल कस्वां ने चुनाव से पहले भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस ने उन्हें उसी सीट से मैदान में उतारा है। उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार पैरालंपिक चैंपियन देवेंद्र झाझरिया से है। पद्म भूषण से सम्मानित झांझरिया भाला फेंक प्रतियोगिता में दो बार के पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता और एक बार के रजत पदक विजेता हैं।छिंदवाड़ा में नकुल नाथ बनाम विवेक बंटी साहूछिंदवाड़ा में मुकाबला नकुल नाथ बनाम विवेक बंटी साहू है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ने वाले साहू ने इस लोकसभा चुनाव में मौजूदा सांसद नकुल नाथ को खासी चुनौती दी है। छिंदवाड़ा को चार दशकों से अधिक समय से कांग्रेस के दिग्गज नेता और नौ बार के सांसद कमल नाथ का गढ़ माना जाता है। नकुल नाथ कमल नाथ के पुत्र हैं।शिवमोगा में बी वाई राघवेंद्र बनाम के एस ईश्वरप्पाकर्नाटक की शिवमोगा लोकसभा सीट को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के परिवार का किला माना जाता है। हालांकि, इस बार यह नाटकीय मोड़ के लिए पूरी तरह तैयार है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले केएस ईश्वरप्पा शिवमोगा लोकसभा सीट से पार्टी के वरिष्ठ नेता बी एस येदियुरप्पा के बेटे बी वाई राघवेंद्र के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।
राहुल गांधी ने एग्जिट पोल को बताया बकवासएबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एग्जिट पोल को कोरी कल्पना करार देते हुए कहा है कि इस पोल में सच्चाई नहीं है और यह मोदी मीडिया का काल्पनिक पोल है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह एग्जिट पोल नहीं बल्कि मोदी मीडिया पोल है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उनका दावा है कि चार जून को सामने आ रहे चुनाव परिणाम इंडिया समूह 295 सीट जीत रहा है। गांधी ने कहा कि इसका नाम एग्जिट पोल नहीं मोदी मीडिया पोल है। ये मोदी जी का पोल है। ये फंतासी अटकलें हैं। सिद्धू मूसेवाला का गाना सुना है आपने, 295, हम 295 सीट जीत रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में भीषण गर्मी की स्थिति के साथ साथ मानसून से संबंंधित स्थिति से निपटने की तैयारियों की रविवार सुबह यहां अपने आवास पर एक बैठक में समीक्षा की। प्रधानमंत्री को बताया गया कि मौसम विभाग के पूवार्नुमान के अनुसार राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू जारी रहने की संभावना है। मानसून के बारे में बताया गया कि इस वर्ष देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के सामान्य और सामान्य से ऊपर रहने तथा प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम रहने की संभावना है। श्री मोदी ने निर्देश दिया है कि गर्मी के मौसम में आग की घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए उचित अभ्यास नियमित आधार पर किया जाना चाहिए। अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अग्निशमन सुविधाओं की जांच और विद्युत सुरक्षा की जांच नियमित रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जंगलों में फायर-लाइन के रखरखाव और बायोमास के सदुपयोग के लिए नियमित अभ्यास की योजना बनायी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री को जंगल की आग की समय पर पहचान और उसके प्रबंधन में मददगार वन अग्नि पोर्टल की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और एनडीएमए के सदस्य सचिव के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय तथा संबंधित मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
एनजीटी ने मांगी जानकारी, एनजीटी ने इस मामले की सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तारीख तय की हैएबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को बताया है कि गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर को जोड़ने वाली 111 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा मार्ग परियोजना के लिए 33,000 से ज्यादा बड़े पेड़ों को काटा जायेगा। टाइम्स आफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एनजीटी ने इस मामले की सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तारीख तय की है। उस दिन ठॠळ अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव, अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल सरकारी अधिकारियों से इस बारे में और जानकारी मांगेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्य सरकार को इन जिलों में परियोजना के लिए 1,10,000 पेड़ और पौधे काटने की अनुमति दी थी। ट्रिब्यूनल ने इस मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक, पर्यावरण मंत्रालय, लोक निर्माण विभाग और तीनों जिलों के जिलाधिकारियों से इस बारे में विस्तृत जानकारी मांगी। हालांकि, सरकार ने कुछ जानकारी दी है, लेकिन ट्रिब्यूनल ने और अधिक विस्तृत विवरण देने को कहा है। सरकार ने एनजीटी को बताया कि ये कांवड़ यात्रा मार्ग करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए है, जो हरिद्वार से गंगा जल लाकर यूपी, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवों में वापस जाते हैं। सरकार का कहना है कि ये रास्ता आम लोगों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए बहुत भीड़भाड़ वाला माना जाता है। श्रावण के महीने में मेरठ, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के कुल 54 गांव इस रास्ते पर आते हैं, जिससे यातायात में काफी दिक्कत होती है। हालांकि, पर्यावरण नियमों के पालन को लेकर हरित न्यायालय ( एनजीटी) ने पहले भी कई सवाल खड़े किये थे। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने ललितपुर जिले में 222 हेक्टेयर जमीन पर वृक्षारोपण के लिए ई मार्क्ड (निर्धारित) किया है और क्षतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) में 1.5 करोड़ रुपये जमा किये हैं। हम अदालत को उन नियमों के बारे में सूचित करेंगे जिनका हमने पालन किया है। ये कांवड़ यात्रा मार्ग साल 2018 में प्रस्तावित किया गया था। ये पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के जिलों से होकर गुजरने वाली ऊपरी गंगा नहर के रास्ते का विकल्प है। 2020 में, सरकार की व्यय और वित्त समिति ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी थी। इस मार्ग पर 10 बड़े पुल, 27 छोटे पुल और एक रेलवे ओवरब्रिज बनाये जायेंगे। गौर करने वाली बात ये है कि गंगा नहर पर बने ज्यादातर पुल 1850 के आसपास बनाये गये थे। पिछले साल, उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस की खुली बिक्री पर रोक लगा दी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों से पहले पुलिस कमिश्नरों, मंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश जारी किए थे।
टीम एबीएन । तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार को देशभर में 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की घोषणा की। 69.50 रुपये की संशोधित दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। आज से दिल्ली में 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर का खुदरा बिक्री मूल्य 1,676 रुपये हो गया है। यह नवीनतम कटौती 1 मई, 2024 को पिछले मूल्य समायोजन के बाद हुई है, जब 19 किलोग्राम वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की दर 19 रुपये कम की गई थी। कीमतों में लगातार कमी आर्थिक चुनौतियों के बीच परिचालन लागत से जूझ रहे व्यवसायों के लिए एक सकारात्मक प्रवृत्ति का संकेत देती है।एक महीने पहले 1 मई को तेल विपणन कंपनियों ने वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में तत्काल प्रभाव से 19 रुपये प्रति यूनिट की कटौती की थी। तब दिल्ली में 19 किलो वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर का खुदरा बिक्री मूल्य 1745.50 रुपये था। इससे पहले अप्रैल में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 30.50 रुपये कम होकर 1764.50 रुपये हो गई थी।।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुना। जिला पेन्शन कार्यालय, अशोकनगर से सेवानिवृत्त सहायक पेन्शन अधिकारी जीवनलाल साहू का सम्मान समारोह कार्यक्रम गुना के अशोकनगर रोड स्थित होटल शुभम में सम्पन्न होकर सम्मान भोज का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारियों द्वारा सम्मिलित होकर श्री जीवनलाल साहू के सुखद भविष्य एवं स्वास्थ्य लाभ की कामना की गयी।बधाईकर्ताओं में वरिष्ठ कोषालय अधिकारी गुना श्री राकेश कुमार, जिला पेन्शन अधिकारी अशोकनगर श्री सूर्यवंशी, जिला चिकित्सालय गुना में पदस्थ लेखाधिकारी मनमोहन पालीवाल, सहायक कोषालय अधिकारी गुना धर्मेन्द्र गोयल, श्रीमति छाया मित्तल, हनीफ खान, सहायक पेन्शन अधिकारी एकता जैन, भागीरथ अग्रवाल, शशिशंकर गोस्वामी (सेवानिवृत्त) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग गुना से कुन्ज बिहारी तिवारी, जनसंपर्क विभाग गुना से रोहित गोस्वामी सम्मिलित हुए।मौके पर बधाईकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग, बीना में हुए गबन प्रकरण में न्यायालय (एडीजे कोर्ट, सागर) द्वारा दोषमुक्त किये गये पूर्व उप कोषालय अधिकारी, बीना विनोद कुमार गिरि को भी सम्मानित किया।
RBI ने 1991 के बाद पहली बार ब्रिटेन से 100 टन सोना भारत वापिस लेकर लायाएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यूनाइटेड किंगडम से लगभग 100 टन (1 लाख किलोग्राम) सोना भारत में अपनी तिजोरियों में स्थानांतरित कर दिया है। 1991 के बाद यह पहली बार है कि भारत ने सोने के भंडार का इतने बड़े पैमाने पर हस्तांतरण किया है। आरबीआई के सोने के भंडार का आधे से अधिक हिस्सा विदेशों में बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास सुरक्षित हिरासत में रखा गया है, जबकि लगभग एक तिहाई घरेलू स्तर पर संग्रहित है। यह ध्यान दिया जा सकता है कि इस कदम से आरबीआई को वर्तमान में बैंक ऑफ इंग्लैंड को भुगतान की जाने वाली भंडारण लागत को बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।आरबीआई द्वारा जारी वार्षिक आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक के पास 31 मार्च, 2024 तक अपने विदेशी मुद्रा भंडार के हिस्से के रूप में 822.10 टन सोना था, जो पिछले साल इसी समय में रखे गये 794.63 टन से अधिक है।प्रमुख अर्थशास्त्री संजीव सान्याल ने कहा कि जब कोई नहीं देख रहा था, आरबीआई ने अपना 100 टन सोने का भंडार ब्रिटेन से भारत वापस स्थानांतरित कर दिया है। उन्होंने कहा- ज्यादातर देश अपना सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड या ऐसे ही किसी स्थान की तिजोरियों में रखते हैं (और विशेषाधिकार के लिए शुल्क का भुगतान करते हैं)। भारत अब अपना अधिकांश सोना अपनी तिजोरियों में रखेगा। जब से हमने ऐसा किया है तब से हम एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। 1991 में संकट के बीच रातोंरात सोना बाहर भेजने के लिए। उन्होंने कहा कि मेरी पीढ़ी के लोगों के लिए 1990-91 में सोने की शिपिंग विफलता का क्षण था जिसे हम कभी नहीं भूलेंगे। यही कारण है कि सोने की इस शिपिंग का एक विशेष अर्थ है।
एलपीजी सिलेंडर समेत अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हो सकता है बदलावएबीएन बिजनेस डेस्क। हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडर समेत अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें नये सिरे से तय की जाती हैं। पेट्रोलियम कंपनियां इसका एलान महीने के आखिरी दिन मध्यरात्रि को करती हैं। ऐसे में उम्मीद है कि 1 जून 2024 को पेट्रोलियम कंपनियां एलपीजी समेत पेट्रोल डीजल की कीमतों में बदलाव कर सकती है। इससे पहले मई में, पेट्रोलियम कंपनियों ने वाणिज्यिक (कमर्शियल) सिलेंडरों की कीमतों में कटौती की थी। जून में भी सिलेंडर की कीमतों में परिवर्तन हो जाए तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। एक जून से लंबे समय से स्थिर रहे पेट्रोल डीजल की कीमतों में भी बदलाव दिख सकता है। हालांकि कीमतें बदलेंगी या नहीं इस पर स्थिति 31 मई 2024 की मध्य रात्रि तक ही साफ हो सकेंगी।ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आरटीओ का चक्कर लगाने से मिलेगी निजात1 जून से नए परिवहन नियम लागू हो रहे हैं। नए महीने से ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने के लिए आरटीओ में ही टेस्ट देना अनिवार्य नहीं रह जायेगा। ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट पास करने की प्रक्रिया अब आसान होने की उम्मीद है। एक जून से आप सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों में भी ड्राइविंग टेस्ट दे सकते हैं। इससे लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट देने के लिए आरटीओ का चक्कर लगाने से निजात मिल जायेगी।सख्त होंगे ट्रैफिक नियमनये याताया नियमों के तहत ट्रैफिक नियमों को और कड़ा किया जा रहा है। 18 साल से कम उम्र के लोगों पर ट्रैफिक नियम के उल्लंघन करने या उनके वाहन चलाने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द तो किया ही जायेगा। इसके साथ-साथ 25 साल तक नया लाइसेंस भी जारी नहीं किया जायेगा। अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। तेज गति से गाड़ी चलाने वाले पर 1000 रुपये से 2000 रुपये, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर 500 रुपये, हेलमेट न पहनने पर 100 रुपये और सीट बेल्ट नहीं पहनने पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा।14 जून तक मुफ्त में कर सकेंगे आधार अपडेटयूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी यूआईडीएआई के अनुसार, अगर आपने 10 साल से अपना आधार कार्ड अपडेट नहीं किया है तो 14 जून तक आप ऐसा फ्री में कर सकते हैं। यूआईडीएआई पोर्टल पर 14 जून 2024 तक आधार कार्ड अपडेट करने की प्रक्रिया मुफ्त है। अगर आप 14 जून के बाद अपना आधार कार्ड अपडेट करवाते हैं तो आपको इसके लिए कुछ शुल्क चुकाना पड़ सकता है। आप अपने आधार कार्ड को घर बैठे या आधार कार्ड सेंटर पर जाकर भी अपडेट करवा सकते हैं। अगर आप आधार कार्ड केंद्र पर जाकर अपना आधार कार्ड अपडेट करवाते हैं तो आपको 50 रुपये शुल्क के तौर पर चुकाना होगा। वहीं, यूआईडीएआई पोर्टल पर जाकर खुद से आधार कार्ड अपडेट करने पर फिलहाल कोई शुल्क नहीं चुकाना पड़ा है।
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