Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

देश

View All
टाटा एसेट मैनेजमेंट ने किया भारत का पहला टाटा निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स फंड लॉन्च
Published / 2024-07-09 21:18:00
टाटा एसेट मैनेजमेंट ने किया भारत का पहला टाटा निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स फंड लॉन्च

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में सफर करने वाले लोगों की संख्या नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है, जो बढ़ते मध्यम वर्ग और एक्सप्लोरेशन को लेकर लोगों की बढ़ती इच्छा की वजह से प्रेरित है। इस रोमांचक ट्रेंड का फायदा उठाने के लिए टाटा एसेट मैनेजमेंट ने भारत का पहला टूरिज्म इंडेक्स फंड : टाटा निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। यह फंड निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स को ट्रैक करेगा। निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स एक स्टॉक मार्केट इंडेक्स है जो विशेष रूप से भारतीय पर्यटन क्षेत्र की कंपनियों पर फोकस्ड है। वर्तमान में इसमें 17 कंपनियां (21 जून 2024 तक) शामिल हैं, लेकिन यह व्यापक निफ्टी 500 इंडेक्स से चुनी गयी 30 कंपनियों तक हो सकती है। इंडेक्स अलग-अलग तरह के सेगमेंट का अच्छा प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें सिलेक्शन क्राइटेरिया भी स्ट्रिक्ट हैं। किसी एक कंपनी के इंडेक्स पर हावी होने से रोकने के लिए, किसी भी एक स्टॉक पर अधिकतम वेटेज 20% लगाया गया है। इंडेक्स में प्रत्येक कंपनी के प्रभाव को उसके फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन (अनिवार्य रूप से, ट्रेडिंग के लिए आसानी से उपलब्ध शेयर) के आधार पर वेट करके डॉयवर्सिफिकेशन और रिस्क मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी जाती है। इंडेक्स कंपोजीशन (21 जून 2024 तक) होटल और रिजॉर्ट्स : 32% एयरलाइंस : 19% रेस्टोरेंट्स : 19% टूर और ट्रैवल संबंधित सेवाएं : 16% एयरपोर्ट और एयरपोर्ट सर्विसेज : 10% लगेज : 3% इन्वेस्टमेंट पीरियड सब्सक्रिप्शन के लिए 8 जुलाई 2024 को ओपन हुआ। 19 जुलाई 2024 एनएफओ अवधि को यह क्लोज हो जायेगी। निवेशक संभावित रूप से 29 जुलाई, 2024 को या उससे पहले फिर से निवेश कर सकते हैं (फिर से खोलने की तारीख कंफर्मेशन के अधीन होगी।) निवेश उद्देश्य इस फंड का लक्ष्य निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स के प्रदर्शन को प्रतिबिंबित करना है, जो एक स्टॉक मार्केट इंडेक्स है और भारतीय पर्यटन क्षेत्र में कंपनियों को ट्रैक करता है। मूल रूप से, फंड का प्रदर्शन इन पर्यटन कंपनियों के प्रदर्शन से जुड़ा होगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि फंड इंडेक्स की परफॉर्मेंस (ट्रैकिंग एरर) से पूरी तरह मेल खायेगा और निवेश पर कोई पहले से पक्का रिटर्न नहीं है। फंड टाइप यह एक ओपन-एंडेड स्कीम है, जिसका मतलब है कि निवेशक कभी भी अपनी यूनिट्स को रिडीम कर सकते हैं। यह एक इंडेक्स फंड है, जो निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स में शामिल कंपनियों में इनएक्टिव रूप से निवेश करता है। फंड मैनेजर कपिल मेनन इस फंड के निवेशों को प्रबंधित करने के लिए जिम्मेदार हैं। न्यूनतम निवेश अवधि के दौरान न्यूनतम निवेश राशि 5,000 रुपये है और इसे 1 रुपये के मल्टिपल में बढ़ाया जा सकता है। इन्वेस्टमेंट चार्जेज इस एनएफओ में निवेश के लिए कोई एंट्री लोड नहीं है। अगर आप अलॉटमेंट के 15 दिनों के भीतर अपनी यूनिट्स को रिडीम करते हैं तो 0.25% का एग्जिट लोड लागू होता है। एग्जिट लोड (अगर लागू हो) का उपयोग फंड में शेष निवेशकों को किसी भी वस्तु एवं सेवा कर को छोड़कर लाभ पहुंचाने के लिए किया जाता है। इंडेक्स फंड के लाभ यह फंड भारतीय अर्थव्यवस्था के संभावित विकासशील क्षेत्र -पर्यटन में निवेशक की रुचि को पूरा करता है। ट्रैकिंग एरर को कम करना फंड का लक्ष्य निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स के प्रदर्शन को बारीकी से प्रतिबिंबित करना है। इसे प्राप्त करने के लिए (ट्रैकिंग एरर को कम से कम करें), फंड मैनेजर विभिन्न तकनीकों का उपयोग करेंगे। टारगेटेट वेटिंग को बनाये रखने के लिए पोर्टफोलियो को पीरियडिकली रीबैलेंस करना। नयी निवेश राशि को जल्दी से निवेश करना ताकि कैश होल्डिंग्स को कम किया जा सके। कैश होल्डिंग्स को कम करने के लिए नए फंडों के निवेश को तेजी से ट्रैक करना (नकदी स्टॉक की तरह रिटर्न उत्पन्न नहीं करती है)। निवेश क्षमता को अधिकतम करने के लिए कुल मिलाकर लो कैश लेवल बनाये रखना। इन्वेस्टमेंट अलोकेशन फंड मुख्य रूप से निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स का हिस्सा बनने वाली कंपनियों में निवेश करता है, जो फंड के नेट एसेट का 95% से 100% तक होता है। शेष 5% तक की नेट एसेट लिक्विडिटी उद्देश्यों के लिए डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की जा सकती हैं। ये अनिवार्य रूप से कम जोखिम वाले निवेश हैं जो जरूरत पड़ने पर नकदी तक आसान पहुंच प्रदान करते हैं। रिस्क प्रोफाइलस्टॉक्स में हाई वेटेज(100% तक) के कारण, फंड को वेरी हाई रिस्क के रूप में कैटेगराइज किया गया है। टाटा एमएफ इस क्षेत्र पर बुलिश क्यों है।  भारत का यात्रा और पर्यटन क्षेत्र एक बढ़ते मध्यम वर्ग, बढ़ती डिस्पोजेबल आय और एक्सप्लोरेशन की एक असीमित इच्छा से प्रेरित है। यात्रा और पर्यटन खर्च 2019 में 140 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 406 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। गौरलतब है कि टाटा निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स फंड के लॉन्च का समय भारतीय अर्थव्यवस्था की उल्लेखनीय स्थिरता के बीच है, जो मजबूत निवेश और खपत से प्रेरित है। अगर आप भारतीय पर्यटन क्षेत्र के विकास में संभावनाएं देख रहे हैं और इस सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं, तो यह फंड आपके लिए उपयोगी हो सकता है।

दो साल से नहीं भरा एक भी कर्मचारी का पीएफ
Published / 2024-07-08 21:36:00
दो साल से नहीं भरा एक भी कर्मचारी का पीएफ

इस एयरलाइंस ने दांव पर लगाया 10000 से ज्यादा कर्मियों का भविष्य स्पाइसजेट ने पिछले करीब 2.5 साल से अपने किसी कर्मचारी का पीएफ जमा नहीं किया है। ईपीएफओ ने इसकी जानकारी खुद दी है।  एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक स्पाईसजेट ने करीब 2.5 साल से अपने किसी भी कर्मचारी का पीएफ नहीं जमा किया है। यह जानकारी ईपीएफओ ने एक आरटीआई के जवाब में सीएनबीसी-टीवी18 को दी है। कंपनी ने 2022 से ही ईपीएफओ में योगदान बंद कर दिया है। इस संबंध में ईपीएफओ की ओर से कई बार नोटिस और समन कंपनी को भेजे गये हैं। आखिरी बार जब कंपनी जनवरी 2022 में 11,581 कर्मचारियों का पीएफ जमा किया था। हालांकि, फरवरी 2024 में जब कंपनी द्वारा छंटनी की खबरें आई तब इसके कर्मचारियों की संख्या 9000 बताई गयी थी। उस समय कंपनी द्वारा 1400 कर्मचारियों की छंटनी की खबरे थीं। स्पाईसजेट ने अभी तक पीएफ नहीं जमा करने की खबरों का न तो खंडन किया है और न ही कोई सफाई दी है। बता दें कि इसी साल जनवरी में कंपनी ने कथित तौर पर कर्मचारियों की सैलरी रोक दी थी। संकटों से घिरी एयरलाइन कंपनी को विमान लीज पर देने वाली कई कंपनियों द्वारा दायर मुकदमे भी झेलने पड़ रहे हैं। ये कंपनियां स्पाइसजेट को लीज पर दिये गये प्लेन्स की मियाद नहीं बढ़ाना चाहती हैं। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (ठउछळ) ने 18 अप्रैल को कंपनी को 3 अलग दिवालिया याचिका में नोटिस जारी किया था। नोटिस के अनुसार, कंपनी 77 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर पाई है। मई में कलानिधि मारन और काल एयरवेज ने कंपनी से उन्हें हुई क्षति की भरपाई के लिए 1323 करोड़ रुपये की मांग की थी। दरअसल, 2015 में कलानिधि मारन और उनकी कंपनी केएएल ने अपनी 58 फीसदी हिस्सेदारी स्पाइसजेट के प्रमुख अजय सिंह को हस्तांतरित की थी। अजय सिंह ने इसी के साथ कंपनी पर 1500 करोड़ की देनदारी भी अपने ऊपर ले ली थी। अजय सिंह स्पाइसजेट के को-फाउंड हैं। इस सौदे में मारन और केएएल को प्रेफेरेंस स्टॉक व वॉरंट दिये जाने थे जिसके बदले उन्होंने स्पाइसजेट को 679 करोड़ रुपये दिये थे। अब मारन आरोप लगा रहे हैं कि कंपनी की ओर से उन्हें कोई शेयर या वारंट अलॉट नहीं हुए।क्या है पीएफइम्पलॉई प्रोविडेंट फंड की मदद से कोई कर्मचारी अपने भविष्य के लिए धन एकत्रित करता है। इसमें कंपनी और कर्मचारी बराबर का योगदान करते हैं। इसी फंड से कर्मचारी की रिटायरमेंट निधि तैयार होती है। इस निधि का एक हिस्सा एकसाथ बाहर निकाला जा सकता है जबकि एक हिस्से को पेंशन प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

रविवार को X पर नंबर 1 पर ट्रेंड हुआ भारतीय मीडिया की गिरती गरिमा
Published / 2024-07-07 21:59:28
रविवार को X पर नंबर 1 पर ट्रेंड हुआ भारतीय मीडिया की गिरती गरिमा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पिछले तीन दिनों से X पर मीडिया के खिलाफ संत रामपाल जी महाराज जी के समर्थकों में नाराजगी है ट्विटर यानी अब X हो गया है  रविवार को X पर नंबर 1 पर भारतीय मीडिया की गिरती गरिमा ट्रेंड पर रहा है। एक यूजर ने X पर लिखा जिसे आप तस्वीर में देख सकते हैं भारतीय मीडिया को आप क्या मानते हे? सोचा एक बार ओर बता दु कही आप भूल तो नही गए 1.झूठी मीडिया 2.बिकाऊ मीडिया 3.फेक मिडिया 4.पापी मिडिया 5.गोदी मीडिया6.बेशर्म मीडिया 7.गुलाम मिडिया 8.पाखंडी मीडिया 9 निर्लज्ज मीडिया 10. तलवे चाटने वाली मीडिया।वहीं अगले यूजर ने X पर लिखा जिसे आप तस्वीर में भी देख सकते हैं मीडिया वालों कुछ तो शर्म करो! आज तक संत रामपाल जी महाराज के ख़िलाफ़ कोई भी सबूत नहीं मिले। क्योंकि वह कभी ग़लत थे ही नहीं। संत रामपाल जी महाराज जी की छवि को ख़राब करना बंद करें। ऐसे कई यूजरो ने X पर पोस्ट की है।आखिर ये मामला क्यों उठादरअसल 3 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश के हाथरस में मची भगदड़ के दौरान बड़ा हादसा हुआ जिनमे लगभग 123 श्रद्धालुओं की मौत हो गई  यह घटना भोले बाबा की ओर से आयोजित सत्संग के दौरान हुई।उसी खबर के साथ मीडिया ने कुछ तथाकथित संतो ओर गुरुओं के साथ पूर्णसंत रामपाल जी महाराज जी के बारे मे गलत दिखाया गया कुछ मीडिया चैनलों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज पर यौन शोषण जैसे गम्भीर अपराध दर्ज हैं उनके आश्रम में सबसे ज्यादा महिलाएं जाती हैं। ओर भी कई मनगढ़ंत बातें अपने अपने चैनलों और अखबारों के माध्यम दिखा दिखाया गया। वही आपको बता दें संत रामपाल जी के खिलाफ दुष्कर्म जैसे कोई आरोप नहीं है और भी झूठे मुकदमे दर्ज हैं उनमें से कइयों में उन्हें न्यायलय ने बरी कर दिया है।

विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू
Published / 2024-07-07 18:42:10
विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो गयी है। नगर भ्रमण करने के लिए भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम संग निकले हैं, गुंडिचा माता के मंदिर में प्रवेश करेंगे जहां पर कुछ दिनों के लिए आराम करेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर विशाल रथ यात्रा निकाली जाती है, फिर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष 10वीं तिथि पर इसका समापन होता है। इस रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र संग साल में एक बार प्रसिद्ध गुंडिचा माता के मंदिर में जाते हैं।भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम संग निकले हैं, गुंडिचा माता के मंदिर में प्रवेश करेंगे जहां पर कुछ दिनों के लिए रहेंगे। इस रथ यात्रा में तीन अलग-अलग रथ हैं, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बलराम हैं।

केरल : मस्तिष्क खाने वाले अमीबा के संक्रमण का चौथा मामला सामने आया
Published / 2024-07-06 21:03:20
केरल : मस्तिष्क खाने वाले अमीबा के संक्रमण का चौथा मामला सामने आया

अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस दूषित जल में पाये जाने वाले अमीबा से होता हैएबीएन सेंट्रल डेस्क। केरल में मस्तिष्क खाने वाले अमीबा के संक्रमण का एक और मामला सामने आया है। अमीबिक मेनिंगोएंसेफलाइटिस दूषित जल में पाये जाने वाले अमीबा से होता है।एक अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले का पय्योली निवासी 14 वर्षीय किशोर इस संक्रमण से पीड़ित है। उसी अस्पताल में किशोर का उपचार किया जा रहा है।मई के बाद से राज्य में, अमीबा से होने वाले संक्रमण का यह चौथा मामला है और अब तक के मामलों में बच्चे ही इससे पीड़ित हुए हैं। पहले के मामलों में तीनों बच्चों की मौत हो चुकी है।किशोर का इलाज कर रहे एक चिकित्सक ने कहा कि उसे एक जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसकी हालत में सुधार हो रहा है।चिकित्सक ने शनिवार को बताया कि किशोर में संक्रमण की शीघ्र पहचान कर ली गयी और विदेश से दवाइयां मंगाने सहित अन्य उपचार दिये गये।इससे पहले, बुधवार रात 14 वर्षीय एक किशोर की इसी संक्रमण से मौत हो गयी थी, मलप्पुरम की पांच वर्षीय लड़की और कन्नूर की 13 वर्षीय किशोरी की क्रमश: 21 मई और 25 जून को मस्तिष्क संक्रमण के कारण मृत्यु हो गयी थी।संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को एक बैठक की जिसमें संक्रमण को रोकने के लिए गंदे जलाशयों में न नहाने सहित कई सुझाव दिये गये।बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि स्विमिंग पूल में क्लोरीन डाला जाना चाहिए और बच्चों को इनमें प्रवेश करते समय सावधान रहना चाहिए क्योंकि वे इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी लोगों को जलाशयों को साफ रखने का ध्यान रखना चाहिए।

कुंभराज : वार्ड 8 में सड़क पर भरा गंदा पानी
Published / 2024-07-05 21:04:20
कुंभराज : वार्ड 8 में सड़क पर भरा गंदा पानी

राहगीर और वार्डवासी हो रहे परेशानकमल सिंह लोधा की रिपोर्टएबीएन न्यूज नेटवर्क, गुना। जिले के कुंभराज के वार्ड नंबर 8 में सड़क पर गंदा पानी जमा होने की वजह से राहगीर और वार्डवासी परेशान हो रहे हैं। नालियां तो बनी हैं, लेकिन नालियों की सफाई नहीं होने से कीचड़ व गंदा पानी सड़क पर आ रहा है। यह रोड पुराने मंडी गेट से भामावद रोड तक बनी हुई है। नगर परिषद कुंभराज द्वारा नालियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण यह स्थिति बन रही है। वहीं लोगों का कहना है रोड पर गंदा पानी भरा रहता है। नालियों की सफाई भी समय पर नहीं की जा रही है। गंदा पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे  टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। बरसात के दिनों में रोड पर जगह-जगह गड्ढे होने की वजह से सड़क पर गंदा पानी भरा रहता है। आपको बता दें कि इस रोड में जगह-जगह गड्ढे होने की वजह से गंदा पानी भरा रहता है। राहगीर और वार्डवासी परेशान हैं। वार्डवासियों का कहना था कि कई बार इस समस्या के बारे में पार्षद को भी बता दिया गया, लेकिन अभी तक ध्यान नहीं दिया गया है।

चाचौड़ा विकास खंड में 6 माह से राशन नहीं लेने वाले लोगों का राशन कार्ड होंगे निरस्त
Published / 2024-07-03 20:27:27
चाचौड़ा विकास खंड में 6 माह से राशन नहीं लेने वाले लोगों का राशन कार्ड होंगे निरस्त

कमल सिंह लोधा की रिपोर्टएबीएन न्यूज नेटवर्क, गुना। कलेक्टर डॉ सतेन्द्र सिंह जिले में जनपद स्तर पर योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में आज जनपद पंचायत चांचौड़ा में जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गयी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित उप स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी केन्द्र, प्रधानमंत्री आवास, गौशाला, नामांतरण, बंटवारा, पात्रता पर्ची, मनरेगा के कार्य एवं वृक्षारोपण अभियान से संबंधित एक पौधा मां के नाम से संबंधित विस्तृत समीक्षा की गयी। कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान पीएम जन मन योजना अंतर्गत पीव्हीजीटी के चिह्नित हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, समग्र ई-केवायसी एवं पीएम आवास आदि सुविधाओं से सभी हितग्राहियों को लाभांवित करना सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी एवं विकास खंड स्तरीय अमले को निर्देशित किया गया कि पात्रता पर्ची अनुसार विगत 6 माह से राशन नहीं लेने वाले लोगों का परीक्षण उपरांत राशन कार्ड निरस्त करें। समीक्षा के दौरान सभी सचिव, पटवारियों को निर्देशित किया गया कि अपने ग्राम पंचायत व हल्कों से संबंधित जानकारी फोल्डर में अपडेट रखे जायें। जिन गौशालाओें में चारागाह के लिए जमीन नही है उसकी जानकारी एकत्रित की जाये। किसी भी स्थिति में गौशाला की जमीन पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। नल जल योजनाओं का संधारण ग्राम पंचायतें ठीक से करें। मनरेगा के अंतर्गत अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्णं करायेंं। मनरेगा अंतर्गत 15वें वित्त अंतर्गत पूर्ण राशि व्यय करने वाली पंचायतों की समीक्षा की गयी। पंचायत भवन एवं आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है।

210 करोड़ के मालिक बिहारी बाबू की बेटी को नहीं मिलेगा कुछ भी
Published / 2024-07-03 18:15:54
210 करोड़ के मालिक बिहारी बाबू की बेटी को नहीं मिलेगा कुछ भी

210 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं शत्रुघ्न सिन्हा, क्यों कहा था- बेटी सोनाक्षी को कुछ नहीं दूंगा क्योंकि... शत्रुघ्न सिन्हा नामी एक्टर होने के साथ-साथ राजनेता भी है। कालीचरण के प्रभाकर के पास बिहार और मुंबई में ही नहीं, महरौली, देहरादून और दिल्ली में भी करोड़ों की प्रॉपर्टी है। 210 करोड़ के मालिक 77 साल के ये एक्टर अपनी बेटी को अपनी संपत्ति से फूटी कौड़ी भी नहीं देने वाले हैं। ऐसा क्यों? इसका खुलासा खुद एक्टर ने किया थाएबीएन सेंट्रल डेस्क। शत्रुघ्न सिन्हा और उनका परिवार इन दिनों इंडस्ट्री की खबरों में हॉट टॉपिक्स में से एक है। इकलौती बेटी सोनाक्षी सिन्हा की जहीर इकबाल संग शादी से पहले और अब फिर भाई लव के इस शादी में शामिल न होने की खबरें सुर्खियों में हैं। शत्रुघ्न खुद भी इस बात को कबूल कर चुके हैं कि इस शादी को लेकर उनके घर में तनाव था। लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा और उनकी पत्नी पूनम सिन्हा बेटी की खुशियों के लिए इस इंटरफेथ शादी के लिए राजी हुए। शत्रुघ्न सिन्हा के पास 210 करोड़ की संपत्ति है, लेकिन अपनी संपत्ति में से वो बेटी को कुछ भी नहीं देने वाले हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे, एक इंटरव्यू के दौरान शॉटगन ने खुद ये चौंकाने वाला खुलासा किया था।  शत्रुघ्न सिन्हा नामी एक्टर होने के साथ-साथ राजनेता भी है। कालीचरण के प्रभाकर के पास बिहार और मुंबई में ही नहीं, महरौली, देहरादून और दिल्ली में भी करोड़ों की प्रॉपर्टी है। 210 करोड़ के मालिक 77 साल के ये एक्टर अपनी बेटी को अपनी संपत्ति से फूटी कौड़ी भी नहीं देने वाले हैं। ऐसा क्यों? इसका खुलासा खुद एक्टर ने किया था। लोकसभा चुनाव 2024 में पश्चिम बंगाल के आसनसोल से शत्रुघ्न सिन्हा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। शत्रुघ्न सिन्हा 5 बड़े मकानों के मालिक हैं, जो पटना, मुंबई, महरौली, देहरादून और दिल्ली में स्थित हैं। मुंबई स्थित उनके घर रामायणा की कीमत ही 88 करोड़ है। इतनी संपत्ति होने के बाद भी वो अपनी बेटी के नाम कुछ नहीं करने वाले हैं। इसके पीछे का कारण कुछ साल पहले चुनाव के दौरान अपनी संपत्ति हलफनामे में बतायी थी। दरअसल, तब एक इंटरव्यू के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा से जब पूछा गया कि उनकी प्रॉपर्टी में कितना-कितना हिस्सा बेटी और बेटों को मिलेगा। तब उन्होंने कहा था- मैं अपनी बेटी को कुछ नहीं दूंगा। मेरी बेटी अब सेल्फ डिपेंडेंट है, अच्छा कमा रही है। उसे किसी का मोहताज होने की जरूरत नहीं है और मुझे इसपर गर्व है। मेरी बेटी को मुझसे कुछ नहीं चाहिए ये उसने साफ कर दिया है और मुझे उसके इस विश्वास पर गर्व है। उसने आज तक जो कुछ भी हासिल किया है अपने दम पर किया है और वो हमेशा खुश रहे यही प्रार्थना करता हूं।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनाक्षी सिन्हा ने मुंबई में एक अपार्टमेंट खरीदने के लिए अपने पिता शत्रुघ्न सिन्हा से 11.58 करोड़ रुपये उधार लिये थे। इस घर की कुल कीमत 14 करोड़ रुपये है। सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की शादी के बाद दोनों नयी जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं। हालांकि, जहीर इकबाल को इंडस्ट्री में ज्यादा पहचान नहीं मिली, लेकिन उनके पिता एक बड़े बिजनेसमैन हैं।साल 2010 में सोनाक्षी सिन्हा ने सलमान खान की फिल्म दबंग से बॉलीवुड डेब्यू किया था। इसके बाद सोनाक्षी ने कई फिल्में कीं लेकिन राउडी राठौड़, आर राजकुमार, लुटेरा, लिंगा, दबंग 2, सन आॅफ सरदार, मिशन मंगल, अकीरा, इत्तेफाक, हॉलीडे जैसी सफल फिल्में कर चुकी हैं।

जुलाई में भारत में सामान्य से अधिक बारिश संभव
Published / 2024-07-01 21:31:17
जुलाई में भारत में सामान्य से अधिक बारिश संभव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आइएमडी ने कहा कि पूरे देश में जुलाई की औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है जो लंबी अवधि के औसत 28.04 सेमी से 106 प्रतिशत अधिक रह सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने सोमवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश में जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने डिजिटल तरीके से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पूरे देश में जुलाई की औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है जो लंबी अवधि के औसत (एलपीए) 28.04 सेमी से 106 प्रतिशत अधिक रह सकती है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों और उत्तर-पश्चिम, पूर्व और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि पश्चिमी तट को छोड़कर उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा- मध्य भारत, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों और पश्चिमी तट पर सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्सों और मध्य भारत के आस-पास के इलाकों और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है। महापात्र ने कहा, हम जुलाई में मानसून के दौरान अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं। आईएमडी ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में जून का महीना 1901 के बाद से अब तक का सबसे गर्म महीना रहा, जिसमें औसत तापमान 31.73 डिग्री सेल्सियस रहा। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में मासिक औसत अधिकतम तापमान 38.02 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.96 डिग्री सेल्सियस अधिक है। औसत न्यूनतम तापमान 25.44 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.35 डिग्री सेल्सियस अधिक है। आईएमडी प्रमुख ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में जून में औसत तापमान 31.73 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.65 डिग्री सेल्सियस अधिक और 1901 के बाद सबसे अधिक है।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 120,661