Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

देश

View All
पीएम मोदी ने दिये लंबे समय तक सत्ता में रहने के संकेत...
Published / 2024-08-30 21:35:59
पीएम मोदी ने दिये लंबे समय तक सत्ता में रहने के संकेत...

10वें फिनटेक में भी आऊंगा, पीएम मोदी का लंबे समय तक सत्ता में बने रहने का इरादा, बताया पूरा प्लानएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि वह 2029 में रिकॉर्ड चौथे कार्यकाल के लिए सत्ता में वापसी करेंगे। कुछ राजनीतिक पंडितों ने दावा किया था कि हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा के अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं करने के कारण मोदी की चमक फीकी पड़ गई है, लेकिन प्रधानमंत्री ने फिनटेक उद्योग के कुछ जाने-माने लोगों के एक समूह से कहा कि वह 2029 में उनके 10वें वार्षिक कार्यक्रम में भी मौजूद रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने दम पर बहुमत हासिल किया था, लेकिन 2024 में उसके सांसदों की संख्या बहुमत के लिए जरूरी 272 के आंकड़े को नहीं छू पायी और सरकार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के दूसरे घटक दलों के समर्थन पर निर्भर है। अगले आम चुनाव अप्रैल-मई 2029 में होने हैं। मोदी ने अपने भाषण में कहा, यह ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का पांचवां संस्करण है। मैं 10वें संस्करण में भी आऊंगा। यह वार्षिक आयोजन 2020 में शुरू हुआ था और 10वें संस्करण का आयोजन 2029 में होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि भारत का फिनटेक इकोसिस्टम पूरी दुनिया के जीवन को आसान बनाएगा। हमारा सर्वश्रेष्ठ अभी आना बाकी है... मैंने यहां कुछ स्टार्टअप शुरू करने वालों से मुलाकात की और उन्हें 10 काम सौंपे हैं, क्योंकि फिनटेक एक बहुत ही आशाजनक क्षेत्र है। मोदी ने कहा कि भारत की फिनटेक क्रांति व्यापक रूप से फैली हुई है और कोई भी व्यक्ति हवाई अड्डे पर पहुंचने से लेकर स्ट्रीट फूड और शॉपिंग सेंटर तक इसका साक्षी बन सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्ष में उद्योग को 31 अरब डॉलर से अधिक का रिकॉर्ड निवेश प्राप्त हुआ है और साथ ही स्टार्टअप में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सस्ते मोबाइल फोन, सस्ता डेटा और शून्य बैलेंस वाले जन धन बैंक खातों ने भारत में कमाल कर दिया है। विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए मोदी ने कहा कि अपने को विद्वान मानने वाले कुछ लोग संसद में खड़े होकर पूछते थे कि गांवों में बैंक नहीं हैं, इंटरनेट कनेक्शन नहीं हैं और बिजली नहीं है, रिचार्जिंग कहां होगा, तो फिनटेक क्रांति कैसे आयेगी। उन्होंने कहा, सरस्वती जब बुद्धि बांट रही थीं, तो ऐसे लोग रास्ते में पहले ही खड़े थे। वो मुझ जैसे चायवाले से भी यह पूछते थे। मोदी ने कहा कि फिर भी भारत ने एक दशक में असाधारण क्रांति देखी है।

महिला अपराध पर हो सामूहिक प्रयास : मल्लिकार्जुन खड़गे
Published / 2024-08-29 20:14:27
महिला अपराध पर हो सामूहिक प्रयास : मल्लिकार्जुन खड़गे

महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए मिलकर प्रयास करने की जरूरत: खडगेएबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा है कि देश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं बार-बार हो रही हैं और उन्हें रोकने के लिए मोदी सरकार ने पिछले 10 साल में कोई कदम नहीं उठाये हैं इसलिए इस दिशा में सबको मिलकर काम करने के सख्त जरूरत है। श्री खडगे ने कहा- हमारी महिलाओं के साथ हुआ कोई भी अन्याय असहनीय, पीड़ा दायक और घोर निंदनीय है। हमें बेटी बचाओ नहीं बेटी को बराबरी का हक सुनिश्चित करो चाहिए। महिलाओं को संरक्षण नहीं, भययुक्त वातावरण चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में हर घंटे महिलाओं के खिलाफ 43 अपराध रिकॉर्ड होते हैं। हर दिन 22 अपराध ऐसे हैं, जो हमारे देश के सबसे कमजोर दलित-आदिवासी वर्ग की महिलाओं और बच्चों के खिलाफ दर्ज होते हैं। अनगिनत ऐसे अपराध है जो दर्ज ही नहीं होते - डर से, भय से, सामाजिक कारणों के चलते। प्रधानमंत्री मोदी जी लाल किले के भाषणों में कई बार महिला सुरक्षा पर बात कर चुके हैं, पर उनकी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में ऐसा कुछ ठोस नहीं किया, जिससे महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कुछ रोकथाम हो। उल्टा, उनकी पार्टी ने कई बार पीड़िता का चरित्र हनन भी किया है, जो शर्मनाक है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, हर दीवार पर बेटी बचाओ पेंट करवा देने से क्या सामाजिक बदलाव आयेगा या सरकारें व कानून व्यवस्था सक्षम बनेगी। क्या हम सुरक्षात्मक कदम उठा पा रहे हैं। क्या हमारी न्याय व्यवस्था में सुधार हुआ है। क्या समाज के शोषित व वंचित अब एक सुरक्षित वातावरण में रह पा रहे हैं। क्या सरकार और प्रशासन ने वारदात को छिपाने का काम नहीं किया है। क्या पुलिस ने पीड़िताओं का अंतिम संस्कार जबरन करना बंद कर दिया है, ताकि सच्चाई बाहर न आ पाये। श्री खडगे ने कहा- हमें ये सोचना है कि जब 2012 में दिल्ली में निर्भया के साथ वारदात हुई तो जस्टिस वर्मा कमेटी की सिफारिशें लागू हुई थी, आज क्या उन सिफारिशों को हम पूर्णत: लागू कर पा रहे हैं। क्या 2013 में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन अपराध रोकने संबंधी कानून के प्रावधानों का ठीक ढंग से पालन हो रहा है, जिससे कार्यस्थल पर हमारी महिलाओं के लिए भययुक्त वातावरण तैयार हो सके। संविधान ने महिलाओं को बराबरी का स्थान दिया है। महिलाओं के खिलाफ अपराध एक गंभीर मुद्दा है। इन अपराधों को रोकना देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। हम सबको एकजुट होकर, समाज के हर तबके को साथ लेकर इसके उपाय तलाशने होंगे। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि महिलाओं के साथ हर जगह न्याय हो। शहरों में स्ट्रीट लाइट, महिला शौचालय या अन्य सभी मूलभूत सुविधा हो या फिर पुलिस तथा न्याय व्यवस्था में सुधार की बात हो, हम हर वह कदम उठायें, जिससे महिलाओं के लिए भययुक्त वातावरण सुनिश्चित हो सके।

28,602 करोड़ से स्थापित होंगे 12 औद्योगिक स्मार्ट शहर
Published / 2024-08-28 20:45:06
28,602 करोड़ से स्थापित होंगे 12 औद्योगिक स्मार्ट शहर

राजपुरा सहित देश में स्थापित होंगे 12 औद्योगिक स्मार्ट शहर, 28,602 करोड़ का होगा निवेश केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को 28,602 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 10 राज्यों में 12 नए औद्योगिक शहरों की स्थापना को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये इस अहम फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत 28,602 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 12 नये परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दी है। ये औद्योगिक शहर उत्तराखंड के खुरपिया, पंजाब के राजपुरा-पटियाला, महाराष्ट्र के दिघी, केरल के पलक्कड़, उत्तर प्रदेश के आगरा एवं प्रयागराज, बिहार के गया, तेलंगाना के जहीराबाद, आंध्र प्रदेश के ओर्वकल एवं कोपर्थी और राजस्थान के जोधपुर-पाली में स्थित होंगे। इन औद्योगिक शहरों की परिकल्पना छह प्रमुख गलियारों के करीब रणनीतिक रूप से की गयी है। ये परियोजनाएं भारत की विनिर्माण क्षमताओं और आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने में एक महत्वपूर्ण पहल को दर्शाती हैं। यह कदम देश के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र एवं शहरों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा जो आर्थिक वृद्धि और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा। इन शहरों को वैश्विक मानकों के नये स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित किया जायेगा। ये शहर उन्नत बुनियादी ढांचे से लैस होंगे जो टिकाऊ और कुशल औद्योगिक संचालन का समर्थन करते हैं। एनआईसीडीपी से रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इन शहरों के गठन से करीब 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार और नियोजित औद्योगिकीकरण के माध्यम से 30 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं से लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपये की निवेश क्षमता भी पैदा होगी। इन औद्योगिक शहरों की स्थापना की परिकल्पना वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में पेश की गयी थी। बजट में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में देश के कई शहरों में या उसके आसपास प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क विकसित करने की घोषणा की गई थी। इस तरह के आठ औद्योगिक शहर पहले से ही कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। चार शहरों- धोलेरा (गुजरात), आॅरिक (महाराष्ट्र), विक्रम उद्योगपुरी (मध्य प्रदेश) और कृष्णपट्टनम (आंध्र प्रदेश) में उद्योगों के लिए भूमि आवंटन का काम चल रहा है। अन्य चार शहरों में भी सरकार का विशेष उद्देश्य वाहन (एसपीवी) सड़क संपर्क, पानी और बिजली आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया में है। देश में 12 नए औद्योगिक शहरों की स्थापना की घोषणा के साथ इस तरह के शहरों की कुल संख्या 20 हो जायेगी। इस कदम से देश के सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण की हिस्सेदारी बढ़ाने और रोजगार सृजन में मदद मिलने का अनुमान है।

हाल की घटनाओं से टूट गयी हैं स्वरा भास्कर
Published / 2024-08-28 20:43:43
हाल की घटनाओं से टूट गयी हैं स्वरा भास्कर

मलयालम फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न पर बोलीं स्वरा भास्कर, रिपोर्ट पढ़कर दिल टूट गयाएबीएन सेंट्रल डेस्क। न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के चौंकाने वाले खुलासों के बीच अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा कि मनोरंजन उद्योग में हमेशा एक पितृसत्तात्मक व्यवस्था रही है जिसमें अगर कोई महिला बोलती है तो उसे मुसीबत पैदा करने वाली कहा जाता है। स्वरा इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने वाली, हिंदी फिल्म उद्योग की पहली कलाकार हैं। उन्होंने इसे केरल का मीटू अभियान बताया और न्यायमूर्ति हेमा समिति की 233 पृष्ठों की रिपोर्ट पढ़ने के बाद इंस्टाग्राम पर एक नोट लिखा। उन्होंने कहा, क्या भारत में किसी अन्य भाषा का फिल्म उद्योग ऐसी चीजों के बारे में बात कर रहा है? जब तक हम उन कड़वी सच्चाइयों का सामना नहीं करते हैं जिनके बारे में हम सभी जानते हैं, तब तक कमजोर वर्ग सत्ता के मौजूदा दुरुपयोग का खमियाजा भुगतते रहेंगे। अभिनेत्री ने कहा, समिति की रिपोर्ट पढ़कर दिल टूट गया है। दिल इसलिए भी टूटा है क्योंकि मैं इस स्थिति से अच्छी तरह परिचित हूं। हो सकता है कि कुछ विवरण अलग हों, लेकिन महिलाओं ने जो बातें कही हैं उनकी वृहद तस्वीर से मैं अच्छी तरह वाकिफ हूं। स्वरा ने कहा, फिल्म उद्योग हमेशा एक पुरुष केंद्रित उद्योग रहा है, वहां एक पितृसत्तात्मक व्यवस्था रही है। तनु वेड्स मनु, नील बटे सन्नाटा और वीरे दी वेडिंग जैसी फिल्मों के लिए पहचानी जाने वाली स्वरा ने कहा कि दुनियाभर के फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न की व्यापकता को चुप्पी ने सामान्य बना दिया है। अभिनेत्री-नेता खुशबू सुंदर ने बुधवार को कहा कि मलयालम सिनेमा में महिला पेशेवरों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को रोकने के लिए केरल सरकार द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति हेमा समिति की बहुत आवश्यकता थी और उन्होंने महिलाओं से कोई समझौता न करने तथा पुरुषों से यौन उत्पीड़न की पीड़िताओं के लिए आवाज उठाने का अनुरोध किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता ने कहा, उन महिलाओं को बधाई जो अपनी बात पर अड़ी रहीं तथा विजयी साबित हुईं। दुर्व्यवहार को रोकने के लिए हेमा समिति की बहुत आवश्यकता थी। लेकिन क्या यह रुकेगा? वर्ष 2017 में एक अभिनेत्री पर हमले के बाद केरल सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न व शोषण के मामलों का खुलासा किया गया है। इसके बाद कई अभिनेत्रियों ने साथी कलाकारों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं। सुंदर ने कहा, दुर्व्यवहार, यौन संबंध बनाने के लिए दबाव और महिलाओं से यह अपेक्षा करना कि वे फिल्म उद्योग में अपने पैर जमाने या अपने करियर में तेजी लाने के लिए समझौता करें, यह हर क्षेत्र में मौजूद है। केवल एक महिला से ही इस पीड़ा से गुजरने की अपेक्षा को क्यों की जाती है? हालांकि पुरुष भी इसका सामना करते हैं लेकिन महिलाओं को ही इसका दंश झेलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि शर्मिंदा होने का डर, पीड़िता को ही कसूरवार ठहराना और तुमने यह क्यों किया या यह करने की क्या वजह रही, जैसे सवाल महिला को तोड़ देते हैं। सुंदर ने कहा, पीड़िता आपके या मेरे लिए अनजान हो सकती है लेकिन उसे हमारे समर्थन की जरूरत है। जब हम यह पूछते हैं कि वह पहले क्यों नहीं सामने आयी, तो हमें उसकी परिस्थितियों को समझने की जरूरत होती है हर कोई बोल नहीं पाता। उन्होंने कहा, सभी पुरुषों से, मैं पीड़िता के साथ खड़े होने और अपना अटूट समर्थन व्यक्त करने का अनुरोध करती हूं।

महामहिम के बस, अब बहुत हुआ... से देशभर में सनसनी
Published / 2024-08-28 18:23:00
महामहिम के बस, अब बहुत हुआ... से देशभर में सनसनी

कोलकाता की घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बड़ा बयानएबीएन सेंट्रल डेस्क। कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना से पूरे देश में गुस्सा और नाराजगी का माहौल है। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी कोलकाता की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति ने कहा कि वह घटना से निराश और भयभीत हैं। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए राष्ट्रपति ने महिला अपराधों पर रोक का आह्वान किया और कहा कि अब बहुत हो गया, अब समय आ गया है कि भारत महिलाओं के खिलाफ अपराधों की विकृति के प्रति जाग जाए और उस मानसिकता का मुकाबला करे जो महिलाओं को कम शक्तिशाली, कम सक्षम, कम बुद्धिमान के रूप में देखती है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- इतिहास का सामना करने से डरने वाले समाज सामूहिक भूलने की बीमारी का सहारा लेते हैं; अब समय आ गया है कि भारत इतिहास का सामना करे। महिला अपराधों पर राष्ट्रपति ने कहा कि हमें इस विकृति से व्यापक तरीके से निपटना चाहिए ताकि इसे शुरू में ही रोका जा सके। जो लोग इस तरह के विचार रखते हैं, वे महिलाओं को एक वस्तु के रूप में देखते हैं। अपनी बेटियों के प्रति यह हमारा दायित्व है कि हम उनके भय से मुक्ति पाने के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करें। राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी सभ्य समाज बेटियों और बहनों के खिलाफ इस तरह के अत्याचार की इजाजत नहीं दे सकता। देश को इस पर गुस्सा जाहिर करना ही चाहिए और मैं भी इससे गुस्से में हूं। राष्ट्रपति ने महिला सुरक्षा: बस बहुत हुआ शीर्षक से लिखे लेख में पहली बार कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना पर अपने विचार रखे। इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल समेत देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। घटना को लेकर मंगलवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई और आज बंगाल बंद का आयोजन किया जा रहा है।

कल बंगाल बंद करायेगी भाजपा
Published / 2024-08-27 18:26:14
कल बंगाल बंद करायेगी भाजपा

छात्रों पर लाठीचार्ज से नाराज हुई भाजपा, कल बंगाल बंद का ऐलान, ममता बनर्जी को बताया तानाशाहटीम एबीएन, रांची। भाजपा ने मंगलवार को राज्य सचिवालय नब्बाना तक मार्च में भाग लेने वालों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में 28 अगस्त को पश्चिम बंगाल में 12 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया है। पुलिस ने नबान्ना की ओर बढ़ रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों, आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, जिससे बीजेपी नाराज दिखी। वे इस महीने की शुरुआत में एक सरकारी अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, हमें आम हड़ताल का आह्वान करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि यह निरंकुश शासन लोगों की आवाजों को अनसुना कर रहा है, मृतक डॉक्टर बहन के लिए न्याय की मांग कर रहा है। न्याय के बजाय, ममता बनर्जी की पुलिस राज्य के शांतिप्रिय लोगों पर हमला कर रही है, जो केवल महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल चाहते थे। पुलिस ने मंगलवार को हावड़ा ब्रिज के पास और कोना एक्सप्रेसवे पर संतरागाछी रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, पानी की बौछारें छोड़ी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। संतरागाछी में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके जिसमें कई अधिकारियों को चोट आयीं, वहीं प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई में भी कई छात्र घायल हो गये।  प्रदर्शनकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य सचिवालय पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि जब कुछ जगहों पर आंदोलनकारियों ने अवरोधकों को पार करने का प्रयास किया और सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े।

लोटाढ़ में चेहल्लुम पर बड़े हर्षोल्लास से निकला ताजिया जुलूस
Published / 2024-08-26 20:34:43
लोटाढ़ में चेहल्लुम पर बड़े हर्षोल्लास से निकला ताजिया जुलूस

एबीएन सेंट्रल डेस्क, मेजा, प्रयागराज। सोमवार को अकीदतमंदों ने चेहल्लुम के मौके पर ताजिया जुलूस निकाला। ताजिया जुलूस लोटाढ़ गांव के इमाम हुसैन की चौक से निकल कर बाजार रोड होते हुए जरार के पुरवा गांव के मैदान पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में लोटाढ़, जरार, उसकी, चमनगंज एवं पुरवा गांव के ताजिया एक दूसरे में शामिल होते हुए बड़े जुलूस में तब्दील हो गया। ताजिया जुलूस में मोहर्रम कमेटी के नवयुवक व दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र से आए युवाओं ने विभिन्न प्रकार के नए-नए अंदाज में कई कर्तब दिखाये। खूब जमकर लाठियां भांजी, ढोल नगाड़े बजाते हुए या हुसैन या हुसैन के नारे लगाये। वहीं लोटाढ़ गांव के ताजिया के मशहूर कारीगर मोहम्मद उस्ताद व मोहम्मद हुसनैन ने बताया कि मुहर्रम मुसलमानों का ऐसा पर्व है। जिसमें त्याग और बलिदान का बहुत बड़ा समंदर नजर आता है। पैगंबर इस्लाम ने जिस पाक और सच्चे धर्म को दुनिया में फैलाया था।उसे ही बचाने के लिए उनके नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथी शहीदे-ए- कर्बला में शहीद हो गए थे। उनकी ही शहादत के चालीसवें दिन बाद अकीदतमंदों द्वारा चेहल्लुम मनाया गया था। उसी रीति-रिवाज को कायम रखते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ चेहल्लुम का पर्व मनाया। वरिष्ठ समाजसेवी सनवर अली ने बताया कि चेहल्लुम का शोक मोहर्रम के ताजिया दफनाये जाने के चालीसवें दिन मनाया जाता है। अजादारी, मजलिस व मातम असत्य पर सत्य जीत का प्रतीक है,  चेहल्लुम हजरत इमाम हुसैन की शहादत का चालीसवां होता है। वरिष्ठ समाजसेवी फिरोज खान ने बताया कि कत्ल-ए-हुसैन अस्ल में मरग-ए-यजीद है, इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद।इस्लाम धर्म के लिए हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की सेवाओं और उनके बलिदानों को स्वीकार करना  है। ताजिया जूलूस के बाद लोगों ने मेले में जमकर खरीदारी करते हुए विभिन्न प्रकार के मिष्ठान्नों का आनंद लिया।ताजिया जुलूस में किसी प्रकार की बांधा न उत्पन्न हो इसके लिए शांति सुरक्षा के मद्देनजर थाना प्रभारी मेजा राजेश उपाध्याय पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। ताजिया जुलूस में (मुजावर) मैफूज अली व मोहम्मद नूर आलम, महबूब अली, सनवर अली, मेराज अली, माशूक अली अच्छन अली, मो श्यामूलहक, जब्बार अली, मो शेबू, मो वहीद, अवधेश सिंह, मुलायम यादव प्रधान (लोटाढ़) पंकज सिंह,ज्ञानचंद वर्मा पूर्व प्रधान (लोटाढ़) मनोज सिंह,फिरोज खान (कोटहा) फरीद अली, मो मुकीम, मो अरशद, मो रुखसाद, मो साबिर, मो जियाउल, मो एकलाख, मो हफीज, मो चांद बाबू, मो मुस्तफा, मो सोहराब, मो अजीम, मो सैनूर, मो पप्पू, मो तोराब, छेद्दन, गोलू, मो सिराज, मो नियाज (उसकी) मो अरशद प्रधान (जरार) बबलू जरार, मो सरवर उर्फ बाबा सहित आदि सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने/बचाने की अपील पर हो रहा ज्यादा पौधरोपण
Published / 2024-08-25 21:01:49
ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने/बचाने की अपील पर हो रहा ज्यादा पौधरोपण

मोदी ने ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने का आह्वान कियाएबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान की याद दिलाते हुए लोगों से ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में आज लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि ख़ुद भी लगायें और दूसरों से भी इसका आग्रह करें। उन्होंने कहा, मैं आप सभी से बारिश के इस मौसम में सावधानी बरतने के साथ ही कैच द रेन मूवमेंट का हिस्सा बनने का भी आग्रह दोहराऊँगा। मैं आप सभी को एक पेड़ माँ के नाम... अभियान की याद दिलाना चाहूँगा। ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं और दूसरों से भी इसका आग्रह करें। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पेरिस में पाराओलंपिक शुरू हो रहे हैं। हमारे दिव्यांग भाई-बहन वहां पहुचे हैं। 140 करोड़ भारतीय अपने एथलीट और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। आप भी चीयरभारत के साथ अपने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दीजिये।

मोदी ने जन्माष्टमी, तेलुगू भाषा दिवस, गणेश चतुर्थी और ओणम की दी शुभकामनाएं
Published / 2024-08-25 16:14:43
मोदी ने जन्माष्टमी, तेलुगू भाषा दिवस, गणेश चतुर्थी और ओणम की दी शुभकामनाएं

एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस महीने 29 तारीख को तेलुगू भाषा दिवस के मद्देनजर तेलुगु भाषियों को इसकी शुभकामनाएं दी है। इसके साथ ही उन्होंने जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी , ओणम और मिलाद उन नबी की शुभकामनाएं दी है।प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में ये शुभकामनाएं देते हुये कहा, प्रपंच व्याप्तंगा उन्न, तेलुगु वारिकि, तेलुगु भाषा दिनोत्सव शुभाकांक्षलु। उन्होंने कहा, कुछ ही दिनों में अनेक त्योहार आने वाले हैं। मैं, आप सभी को उनकी ढेर सारी शुभकामनाएँ देता हूँ। जन्माष्टमी का त्योहार भी है। अगले महीने शुरुआत में ही गणेश चतुर्थी का भी पर्व है। ओणम का त्योहार भी करीब है। मिलाद-उन-नबी की भी बधाई देता हूं।उन्होंने लोगों से बारिश के इस मौसम में सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि वह कैच द रेन मूवमेंट का हिस्सा बनने का भी आग्रह भी दोहरा रहे हैं। उन्होंने एक पेड़ माँ के नाम अभियान की याद दिलाते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं और दूसरों से भी इसका आग्रह करें।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 120,508