Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

देश

View All
युद्ध की तैयारी से ही शांति की उम्मीद : राजनाथ सिंह
Published / 2024-09-05 21:28:32
युद्ध की तैयारी से ही शांति की उम्मीद : राजनाथ सिंह

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शांति बनाए रखने के वास्ते सशस्त्र बलों को युद्ध के लिए तैयार रहने की जरूरत है। सिंह ने सेना, नौसेना और वायु सेना के शीर्ष कमांडरों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक शांतिप्रिय राष्ट्र है और शांति बनाये रखने के वास्ते सशस्त्र बलों को युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए।रक्षा मंत्री ने यहां पहले संयुक्त कमांडर सम्मेलन में यूक्रेन और गाजा में जारी संघर्षों के साथ-साथ बांग्लादेश की स्थिति पर बात की और सेना से इन घटनाक्रम का विश्लेषण करने और इस अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त सैन्य दृष्टिकोण विकसित करने के महत्व पर भी जोर दिया। रक्षा मंत्री ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ चार साल से अधिक समय से जारी सीमा विवाद का भी जिक्र किया और स्थिति का गहन विश्लेषण करने पर बल दिया। उन्होंने कहा, वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत को शांति का फायदा मिल रहा है और वह शांतिपूर्ण तरीके से विकास कर रहा है। हालांकि बढ़ती चुनौतियों के कारण हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है।राजनाथ सिंह ने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि हम अमृतकाल के दौरान शांति का माहौल बरकरार रखें। हमें अपने वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने, वर्तमान में हमारे आसपास हो रही गतिविधियों पर नजर रखने और भविष्योन्मुखी होने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, इसके लिए हमारे पास एक मजबूत और सुदृढ़ राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा होना चाहिए। उन्होंने कमांडरों से सशस्त्र बलों के शस्त्रागार में पारंपरिक और आधुनिक युद्ध उपकरणों के सही मिश्रण की पहचान करने और उसे शामिल करने का भी आह्वान किया। उन्होंने अंतरिक्ष और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में क्षमता विकास पर जोर दिया और इन्हें आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए अभिन्न अंग बताया। रक्षा मंत्री ने सैन्य नेतृत्व से डाटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी प्रगति के उपयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया। दो दिवसीय सम्मेलन बुधवार को शुरू हुआ था। सम्मेलन में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी और रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने भी शामिल हुए।

अब सर रवींद्र जडेजा भी हुए भगवाधारी
Published / 2024-09-05 20:54:48
अब सर रवींद्र जडेजा भी हुए भगवाधारी

रवींद्र जडेजा ने की नई पारी की शुरुआत, भाजपा में हुए शामिलएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम के स्टार आलराउंडर रवींद्र जड़ेजा ने हाल ही में टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास का एलान किया था। अब उन्होंने नई पारी की शुरुआत की है। दरअसल, अब रवींद्र जडेजा ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये हैं। जामनगर से भाजपा विधायक और रवींद्र जड़ेजा की पत्नी रीवाबा जाडेजा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी।रवींद्र जड़ेजा को उनकी वाइफ रिवाबा जडेजा के साथ कई बार भाजपा के लिए चुनाव प्रचार करते देखा गया था। वह अपनी वाइफ के साथ रोड शो में भी हिस्सा लेते थे। अब उन्होंने आॅफिसियली भाजपा को ज्वाइन कर लिया है। रिवाबा जडेजा ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर इस बात की जानकारी दी है। जडेजा इसी महीने बांग्लादेश के खिलाफ खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज में खेलते नजर आ सकते हैं। जडेजा ने आखिरी बार टी-20 वर्ल्ड कप 2024 में खेला था और भारत ने खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद जडेजा ने टी-20 इंटरनेशनल को अलविदा कह दिया।

जनकल्याण में जुटी मोदी सरकार
Published / 2024-09-04 21:03:20
जनकल्याण में जुटी मोदी सरकार

डॉ लोकेश कुमारएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार सामाजिक कल्याण की योजनाओं के माध्यम से जनकल्याण के कार्य में जुटी है। मोदी सरकार गरीब को भोजन, आवास, रसोई गैस, स्वास्थ्य, किसानों को आत्मसम्मान, लघु और सूक्ष्म उद्यमियों को अपना रोजगार चलाने के लिए बैंकों से ऋण उपलब्ध करवा रही है। देश की आजादी के बाद कई दशकों से गरीब का घर अंधेरा में था, आज उसमें खुशियों के चिराग जल रहे हैं। यह सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र को लेकर प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सरकार के उद्देश्य को पूरा करने के लिए समर्पण के साथ रात-दिन एक करके देश के गरीब वंचित लोगों के सहयोग में जुटी हुई है। इन योजनाओं का लाभ शहरी नहीं बल्कि दूर दराज में बैठे ग्रामीण भी उठा रहे हैं। क्योंकि सरकार बैंकों के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा पहुंचा रही है। इस लाभ के बीच में किसी का दखल नहीं है, ना कोई बिचौलिया है। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि मैं केंद्र से एक रुपया भेजता हूं, वह आप तक 10 पैसे ही पहुंच पाता है। मोदी सरकार ने इस प्रकार के भ्रष्टाचार पर लगाम लगा दी है। प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान एक ऐसा अभियान है, जिसने अपने सांगठनिक ढांचे को सम्पूर्ण भारत में मजबूत कर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति को मिल रहा है। यह योजनाएं गरीब के लिए वरदान साबित हो रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति के नाम जमीन होनी चाहिए। इस योजना का मकसद उन किसान परिवारों की आय बढ़ाना है, जिनके पास खेती योग्य जमीन है। उसकी भूमि दो एकड़ से अधिक नहीं होनी चाहिए, दो एकड़ से अधिक भूमि वाला किसान योजना से वंचित रहेगा। यह योजना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से 24 फरवरी, 2019 से प्रारंभ हुई। अभी हाल ही में 18, जून 2024 को 17 वीं किश्त जारी कर दी गयी। इस योजना में हर चार महीने में दो हजार रुपये वित्तीय लाभ किसानों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) मोड में बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किये जाते हैं। एक वर्ष में कुल छह हजार रुपये किसानों को भेजे जाते हैं।इस योजना का 11 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है। इससे किसानों की क्रय शक्ति में वृद्धि हुई है, भारत का जीडीपी में सुधार आता है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना मोदी सरकार ने महिलाओं को मिट्टी के चूल्हें से आंखें खराब होने से बचाने के लिए 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को निशुल्क एलपीजी सिलेण्डर और चूल्हे वितरित किये गये। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आने वाले जीवाश्म ईंधन की जगह एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना है। योजना के माध्यम से सरकार महिला सषक्तीकरण को बढ़ावा देना है।उत्तर प्रदेष के बलिया से 1 मई, 2016 को इस योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा हो जाती है। अगस्त में कैबिनेट की मीटिंग में 75 लाख लाभार्थियों को और जोड़ने की मंजूरी दी गयी। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर पर दी जाने वाली 450 रुपए की सब्सिडी को 31 मार्च, 2025 तक बढ़ा दी है। इस योजना का लाभ बिना किसी धर्म और जाति के साथ भेदभाव के बिना गरीब को लाभ पहुंचाया जा रहा है।प्रधानमंत्री आवास योजना मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4.21 करोड़ मकान बनाये जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस योजना का शुभारंभ 25 जून, 2015 को हुआ। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में निर्णय लिया है कि आवास की जरूरत को पूरा करने के लिए 3 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी परिवारों को आवास बनाने में मदद की जायेगी। इस योजना के माध्यम से गरीब और बेघर लोगों को आवास की सुविधा प्रदान कराई जाती है। योजना के तहत ग्रामीण लाभार्थियों को अपना खुद का घर बनवाने के लिए सहायता राशि प्रदान की जा रही है। इस योजना से गरीब का घर बनाने का सपना पूरा होता नजर आ रहा है। इससे चार करोड से अधिक परिवारों को सिर पर छत मिली है। उनको भी अपना एक आशियाना बना है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना मोदी सरकार ने खाद्य सुरक्षा कल्याण योजना 26 मार्च, 2020 को भारत में कोविड-19 की महामारी के दौरान प्रारंभ की। इस योजना के माध्यम से 81.35 करोड़ लोगों अर्थात (56.81) आबादी को इसका लाभ मिल रहा है। इसमें एक लाभार्थी पांच किलो गेहूं या पांच किलो चावल, एक किलो दाल निशुल्क खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से वितरित किया जा रहा है। लेकिन नोडल मंत्रालय वित्त मंत्रालय है। इस योजना के तहत सभी प्राथमिकता वाले परिवारों और अंत्योदय अन्न योजना के तहत पहचाने जाने वालों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से अनाज उपलब्ध कराकर भारत के सबसे गरीब नागरिकों को भोजन उपलब्ध कराना है। इस योजना का लक्ष्य कोई गरीब भूखा नहीं सोए। यह योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना व आयुष्मान भारत योजना इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड के रांची से 23 सितम्बर,2018 को किया। यह योजना आम आदमी को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा देने के लिए शुरू की गई है, जो आज परचम फैला रही है। देश में 30 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। आज गरीब व्यक्ति को पैसे के अभाव में दम तोड़ने के लिए नहीं छोड़ा गया है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को वर्ष में 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इस योजना में इलाज सरकारी अस्पताल और निजी अस्पताल में कहीं भी मिल सकता है। यह योजना कैश लेस है। इस योजना में मरीज के भर्ती होने से सात दिन तक की जांचें फ्री होती है, भर्ती के दौरान इलाज और भोजन मुफ्त, डिस्चार्ज होने के 10 दिन बाद तक चेकअप और दवाएं मुफ्त, परिवार के आकार, आयु और लिंग पर कोई प्रतिबंध नहीं हैं। इस योजना के तहत कैंसर और हृदय रोग सहित 1300 बीमारियों का निशुल्क इलाज किया जाता है। यह लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय ढाई लाख से कम हो। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवा, लघु और सूक्ष्म उद्यमियों को स्वयं का रोजगार चलाने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 8 अप्रेल, 2015 को प्रारंभ की गयी। इससे युवा अपना स्वयं का उद्यम चला सके। इसके लिए ऋण पाने के लिए मुद्रा लोन योजना षुरू की। इसमें बैंक से बिना किसी एजेंट या बिचौलिया, आयकर रिटर्न से छुटकारे की सुविधा दी गई। इसमें 5 लाख रुपए तक की क्रेडिट सीमा के लिए ऋण आवेदनों का निपटारा 2 सप्ताह के अंदर किया जाने का प्रावधान किया। इसमें ऋणदाता को बैंको में कोलैटरल या सिक्योरिटी जमा कराने की आवश्यकता नहीं है, नाम मात्र की प्रोसेसिंग फीस और कम ब्याज दरों में ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के लिए विशेष ब्याज दरों पर मुद्रा लोन उपलब्ध है। इस योजना में 10 लाख तक लोन दिया जाता था, उसकी लिमिट बजट 2024-25 में 20 लाख रुपये तक कर दी गई है। यह योजना के तहत 41 करोड़ ऋण खातों को लाभ मिला है। इसमें 68 प्रतिशत महिला उद्यमियां हैं और 51 फीसदी खाते एससी, एसटी और ओबीसी के हैं। बहरहाल, यह कहा जा सकता है कि सरकार लोककल्याणकारी राज्य के विस्तार के माध्यम से जनसरोकारों को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर जनता के दर्द और पीड़ा को समाप्त करने की मुहिम में जुटी है। (लेखक, स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

कल राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होंगे ये 16 महिला शिक्षक
Published / 2024-09-04 18:33:20
कल राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होंगे ये 16 महिला शिक्षक

शिक्षक दिवस पर इन 16 महिलाओं को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित, जानिये इनका योगदानएबीएन सेंट्रल डेस्क। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। शिक्षक दिवस के मौके पर देशभर के शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है और उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया जाता है। देशभर में लाखों शिक्षक हैं, लेकिन उन्हीं शिक्षकों में से कुछ चयनित शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है। इन शिक्षकों को शिक्षण क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पुरस्कार दिया जाता है। इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 के लिए देश के 50 शीर्ष शिक्षकों का चयन हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 का उद्देश्य उन शिक्षकों को मान्यता देना है जो भारत में व्यापक शैक्षिक परिदृश्य में अपने छात्रों के जीवन को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस पुरस्कार के प्राप्तकतार्ओं को एक रजत पदक और प्रशंसा प्रमाण पत्र मिलेगा। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शीर्ष 50 शिक्षकों में से 16 महिलाएं हैं जो देश के अलग अलग राज्यों से आती हैं। आइये जानते हैं टॉप 16 शिक्षिकाओं के बारे में जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को अवार्ड देने वाली हैं।राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 16 शिक्षिकाएंअविनाशा शर्मा (हरियाणा)  कुसुम लता गरिया (उत्तराखंड)  सुनीता गोधा (मध्य प्रदेश)  चंद्रलेखा दामोदर मेस्त्री (गोवा) द्विति चंद्र साहू (ओडिशा)  डॉ. मिनाक्षी कुमारी (बिहार)  उरफाना अमीन (जम्मू और कश्मीर)  सुनीता गुप्ता (मध्य प्रदेश)  चारू शर्मा (दिल्ली)  ज्योति पंका  (अरुणाचल प्रदेश)   नंदिता चोंगथम (मणिपुर)   डॉ. आशा रानी (झारखंड) पल्लवी शर्मा (दिल्ली)  चारु मैनी (हरियाणा)

प्रयागराज : महाकुंभ की तैयारियों में जुटा नगर विकास विभाग
Published / 2024-09-03 22:43:27
प्रयागराज : महाकुंभ की तैयारियों में जुटा नगर विकास विभाग

नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने महाकुंभ की तैयारियों की वर्चुअल समीक्षा कर दिये निर्देशएबीएन सेंट्रल डेस्क (प्रयागराज)। महाकुंभ को दिव्य, भव्य, सुरक्षित, सुगम, हरित व स्वच्छ रूप से आयोजित करने के लिए सभी संबंधित विभाग दीपावली से पहले अपने निर्धारित कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ युद्धस्तर पर लगकर पूर्ण करायें। जिससे महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा व परेशानियों का सामना न करना पड़े। नगर विकास मंत्री एके शर्मा मंगलवार को महाकुंभ को लेकर की जा रही तैयारियों की वर्चुअल समीक्षा कर रहे थे।नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने महाकुंभ की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया। कहा कि सभी स्थानों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था हो, इसके लिए अभी से कार्ययोजना बनाकर कार्य करने का प्रयास किया जाये। प्रयागराज शहर के मुख्य मार्गों, सड़कों व संपर्क मार्गों के किनारे की ईमारतों, भवनों की रंगाई-पुताई, लाइटिंग और हरियाली का कार्य समय से पूर्ण कराने के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों व सामाजिक संगठनों के साथ बैठक कर रणनीति बनायें। मेला क्षेत्र की सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण हो, इसके लिए पूरी तरह से रणनीति बनाकर कार्य किया जाये तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाये।उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला क्षेत्र के घाटों, रिवर फ्रंट, प्लाटून पुल, ब्रिज, कॉरिडोर का निर्माण कार्य, प्रमुख मंदिरों, पूजा स्थलों का जीर्णोद्धार कार्य 15 नवंबर तक अवश्य पूरा कर लें। सड़कों के किनारे डिवाइडर पर हरियाली के लिए पौधों का रोपण करायें। कुंभ के दौरान ट्रैफिक का सुचारू संचालन रहे, कहीं भी ट्रैफिक चोक न हो ऐसी व्यवस्था बनायी जाये। सड़कों के निर्माण कार्यों के दौरान ही टेलीकॉम कम्पनियों से वार्ता कर टेलीकॉम सर्विस के कार्यों को भी पूर्ण कर लिया जाये।एके शर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं को सेवाओं का लाभ सुलभ तरीके से उपलब्ध हो, पर्याप्त साइनेज लगायें, मोबाइल ऐप के साथ वॉलिंटियर्स और टूरिस्ट गाइड का भी सहयोग लें। शहर में पर्याप्त सामुदायिक शौचालयों के साथ मोबाइल टॉयलेट की भी पर्याप्त व्यवस्था हो। शौचालयों की साफ सफाई और रखरखाव को लेकर बेहतर व्यवस्था बनाएं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी का निर्माण कार्य भी युद्धस्तर पर समय से पूर्ण करायें। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, कैंटोनमेंटबोर्ड, हाईकोर्ट, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, आईआईएम और एयरपोर्ट की साफ सफाई और सुंदरीकरण पर विशेष ध्यान दें। मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सभी प्रयास किए जाएं। उन्होंने रेलवे के अतिरिक्त प्लेटफार्म बनाने के कार्यों में तेजी लाने तथा प्रयागराज एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में 850 यात्री तक ठहरने की क्षमता हो। ऐसी व्यवस्था बनाने के भी निर्देश दिये।बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, सचिव अजय कुमार शुक्ला, कुम्भ मेला अधिकारी विजय किरण आनंद, नगर आयुक्त प्रयागराज चंद्र मोहन गर्ग, एमडी जल निगम, एसपी कुम्भ राजेश द्विवेदी, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

आरपीएससी कार्यालय से ही लीक हुआ था पेपर
Published / 2024-09-03 22:37:59
आरपीएससी कार्यालय से ही लीक हुआ था पेपर

रामू राम राईका ने बेटा-बेटी के साथ कई अन्य लोगों को दिये थे पेपररुपये कितने लिये, इसको लेकर पूछताछ जारी, बाबूलाल कटारा को किया कोर्ट में पेश, 10 सितम्बर भेजा रिमांडएबीएन सेंट्रल डेस्क। सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 का पेपर आरपीएससी कार्यालय से ही लीक होकर कई लोगों के हाथों में पहुंचकर लाखों में बिका। राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य रामू राम राईका को तत्कालीन आरपीएससी मेंबर बाबूलाल कटारा ने ही एसआई का पेपर लाकर दिया था। रामू राम राईका ने बेटे-बेटी के साथ अन्य लोगों को एसआई का पेपर दिया था।हालांकि अभी तक यह सामने नहीं आया है कि राईका ने पेपर देने के लिए प्रति व्यक्ति कितना पैसा लिया था। इसकों लेकर एसओजी लगातार उससे पूछताछ कर रही है। वहीं सोमवार को जयपुर सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार निलंबित मेंबर बाबू लाल कटारा एसओजी ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 10 सितंबर तक रिमांड पर सौंप दिया। अब एसओजी दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। वहीं एसओजी ने 65 और लोगों को ट्रेस कर लिया है। जल्द ही इन पर भी एक्शन होगा।एडीजी वीके सिंह ने बताया कि आरपीएससी मेंबर रामू राम राईका ने बेटे-बेटी के अलावा कितने अन्य लोगों को पेपर दिया या बेचा है, इसको लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने पेपर के लिए प्रति व्यक्ति कितने पैसे लिए है। इसके लिए रामू राम राईका के बैंक खाते में भी खंगाले जाएंगे। रामू राम राईका और बाबू लाल कटारा को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जायेगी। पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आ सकती है। इसके बाद आरपीएससी से जुडे़ अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं एसओजी एसआई पेपर लीक मामले में कई अन्य लोगों को ट्रेस किया है, जांच के बाद उनकों पकड़ा जायेगा। पेपर लीक करने वाली गैंग, लीक पेपर लेकर परीक्षा में बैठने वाले, अपनी जगह पर डमी कैंडिडेट बैठाने वाले 65 लोगों को एसओजी ने चिह्नित कर लिया है। हमारी पूरी टीम प्लानिंग के साथ काम कर रही है। एक साथ इन पर एक्शन नहीं किया जा रहा है। धीरे-धीरे एक-एक को चिह्नित कर पकड़ा जा रहा है। इससे हर कोई खुद को बचा हुआ महसूस कर रहा है। अगर एक साथ एक्शन किया गया तो ये लोग भाग भी सकते हैं। हमारी पूरी टीम एक साथ बैठकर गिरफ्तारी की प्लानिंग बनाती है। एडीजी वीके सिंह ने बताया कि राईका की बेटी शोभा राईका और बेटे देवेश राईका साल 2016 से निरंतर कॉम्पिटिशन एग्जाम दे रहे हैं, लेकिन पास नहीं हुए। साल 2021 में पिता आरपीएससी के सदस्य थे। एसआई भर्ती परीक्षा 2021 आई तो पिता ने बच्चों के लिए पेपर की व्यवस्था 6 दिन पहले ही कर दी। पिता जानता था कि बेटे-बेटी पेपर को भी एक-दो दिन में पढ़कर पास नहीं कर सकते। इसलिए छह दिन तक दोनों बच्चों को पेपर की तैयारी कराई गई। एसओजी ने साल 2021 का पेपर इन ट्रेनी एसआई को सॉल्व करने के लिए दिया तो टीम हैरान रह गई। आरपीएससी के पूर्व सदस्य रामू राम राईका की बेटी शोभा, बेटे देवेश से भी कमजोर है। एसओजी ने जब इन दोनों से लिये गये पेपर की जांच की तो उनके पासिंग नंबर भी नहीं आए। अगर नेगेटिव मार्किंग पेपर में होती तो दोनों के जीरो नंबर आते। एसओजी ने राईका की बेटी शोभा और बेटे देवेश की आरपीए में ट्रेनिंग के दौरान की परफॉर्मेंस रिपोर्ट मंगवायी। जो काफी खराब है। भर्ती परीक्षा में 5वीं और 40 वीं रैंक लाने वाले दोनों बहन-भाई को ट्रेनिंग करने के बाद भी कई बेसिक जानकारी नहीं है।कटारा ने किये कई परीक्षाओं के पेपर लीक, कितना कमाया, जुटाई जा रही जानकारीएसओजी को राईका से पूछताछ में अन्य परीक्षा में पेपर लीक की जानकारी मिली है। इसे लेकर बाबूलाल कटारा पूछताछ की जा रही है। कटारा से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। कटारा सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा के पेपरलीक का आरोपी है। उसे जनवरी 2022 में तत्कालीन राज्यपाल कलराज मिश्र ने आरपीएससी के मेंबर से निलंबित कर दिया था। डूंगरपुर के बाबूलाल कटारा ने 15 अक्टूबर 2020 में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के मेंबर का कार्यभार संभाला था। कटारा का चयन राजस्थान लोक सेवा आयोग के सांख्यिकी अधिकारी, आयोजना विभाग के पद पर हुआ था। इसके बाद उसने जिला सांख्यिकी अधिकारी डूंगरपुर और बाड़मेर में काम किया था। 1994 से 2005 तक भीम, राजसमंद, खैरवाड़ा, डूंगरपुर, सागवाड़ा, सुमेरपुर और उदयपुर में काम किया। वह साल 2013 में सचिवालय में आयोजना विभाग संयुक्त निदेशक के अलावा उदयपुर में आदिम जाति शोध संस्थान निदेशक के पद पर भी रहा। इसके बाद आरपीएससी के मेंबर के रूप में सरकार ने नियुक्ति दी।

ब्रुनेई पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत
Published / 2024-09-03 20:58:48
ब्रुनेई पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ब्रुनेई और सिंगापुर की तीन दिन की अपनी यात्रा के पहले चरण में मंगलवार को यहां पहुंचे। उनके ब्रुनेई दारुस्सलाम पहुंचने पर ब्रुनेई के युवराज हाजी अल मोहतादी बिलाह ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। बंदर सेरी बेगवान हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री के स्वागत में युवराज बिलाह के अलावा, सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने वहां सम्मान गारद का निरीक्षण भी किया। श्री मोदी ब्रुनेई की द्विपक्षीय यात्रा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जबकि दोनों देश अपने राजनयिक संंबंधों की स्थापना की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। भारत के अधिकारियों ने कहा है कि श्री मोदी की पूर्व के देशों के साथ काम करने की ह्यएक्ट ईस्टह्ण नीति में ब्रुनेई का एक महत्वपूर्ण स्थान है। दोनों देशों के संबंध, परस्पर मित्रतापूर्ण हैं और दोनों देश द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर दोनों एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हैं और एक-दूसरे के विचारों को समझते हैं। दोनों देशों के ऐतिहासिक सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध सदियों पुराने हैं। मोदी बुधवार को ब्रुनेई से सिंगापुर जायेंगे।

राहुल संग रणनीति बना रहे हैं सीएम हेमंत सोरेन
Published / 2024-09-03 20:56:30
राहुल संग रणनीति बना रहे हैं सीएम हेमंत सोरेन

सीएम हेमंत सोरेन ने चुनाव से पहले राहुल गांधी से की मुलाकातटीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली के दौरे पर हैं। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की। विधानसभा चुनाव से पहले इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। हालांकि हेमंत सोरेन ने इस मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात बता रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया एक्स से तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात हुई। इन तस्वीरों में हेमंत सोरेन के साथ कल्पना सोरेन और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल भी नजर आ रहे हैं। आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व की बैठक को अहम माना जा रहा है। सियासी गलियारों में तो सीट शेयरिंग की चर्चा की भी बात चल रही है। बता दें, झारखंड में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और झामुमो-कांग्रेस दोनों ही सहयोगी पार्टियां हैं। सीएम हेमंत सोरन दिल्ली में निर्मित झारखंड भवन का उद्घाटन करने गए हैं। झारखंड भवन का निर्माण दिल्ली के कनॉट प्लेस के बांग्ला साहिब रोड में कराया गया है। मंगलवार को इसका उद्घाटन करेंगे। इस दौरान राज्य के गृह मंत्री रामेश्वर उरांव समेत कई नेता मौजूद रहेंगे। सीएम हेमंत सोरेन दिल्ली से पहले अजमेर गए और ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में चादर चढ़ाई।

विकास दर में गिरावट के बाद भी दिख आशा के संकेत
Published / 2024-09-02 20:36:19
विकास दर में गिरावट के बाद भी दिख आशा के संकेत

सरकारी व्यय और कृषि के दबाव में विकास दर में गिरावट, फिर भी दिखाई दे रहे आशा के संकेत यह सवाल स्वाभाविक तौर पर पूछा जायेगा कि क्या रिजर्व बैंक का 7.2 फीसदी सालाना वृद्धि का अनुमान हासिल हो सकेगा या नहीं एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अपने तिमाही आंकड़े जारी कर दिए हैं। अप्रैल और जून 2024 के बीच की अवधि में जीडीपी की वास्तविक सालाना वृद्धि 6.7 फीसदी रही। इसे गिरावट के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि पिछली तिमाही में जीडीपी में सालाना 7.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी थी। जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में यह 8.2 फीसदी अधिक थी। ताजा आंकड़े अनुमान से कम हैं क्योंकि रिजर्व बैंक ने समान अवधि में वृद्धि के 7.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। यह सवाल स्वाभाविक तौर पर पूछा जायेगा कि क्या रिजर्व बैंक का 7.2 फीसदी सालाना वृद्धि का अनुमान हासिल हो सकेगा या नहीं? बहरहाल, अभी यह अनुमान लगाना बहुत आसान होगा कि हम वृद्धि की गति पूरी तरह खो चुके हैं। आंकड़ों की गहराई से पड़ताल कुछ आशाएं जगाती है कि इन अनुमानों को हासिल किया जा सकता है। सकल मूल्यवर्धन में इजाफा हुआ है। जीडीपी के दो सबसे प्रभावी घटक जिनकी वजह से तुलनात्मक मंदी आयी है, वे हैं सरकारी व्यय और कृषि। इन दोनों के लिए क्षेत्रवार मुद्दे हैं। यह चुनावी साल था और यह संभव है कि आदर्श आचार संहिता ने सरकारी व्यय को उन सप्ताहों में प्रभावित किया हो जब चुनाव प्रचार चल रहा था। जीडीपी में सरकारी व्यय की खपत इस तिमाही में एक अंक में रह गयी। अनुमान के मुताबिक अब जबकि सरकार बन चुकी है और पूरे वर्ष का बजट भी पेश किया जा चुका है तो सरकारी व्यय भी सामान्य हो जायेगा। विशुद्ध कर वृद्धि भी इस तिमाही में कम रही। इसमें सालाना 4.1 फीसदी की धीमी वृद्धि दर्ज की गयी। यह आकलन 2011-12 के स्थिर मूल्यों पर किया गया। 2023-24 में समान तिमाही में यह वृद्धि 7.9 फीसदी थी। कृषि अवश्य मॉनसून पर निर्भर है। अगस्त के महीने में हमें कुछ अतिरिक्त बारिश देखने को मिली लेकिन मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि सितंबर में सामान्य बारिश होगी। अच्छे मॉनसून से कृषि उत्पादन बेहतर होता है। वास्तविक डर कम बारिश का नहीं बल्कि अतिवृष्टि या मॉनसून की वापसी में देरी है क्योंकि ऐसी स्थिति में गर्मियों में बोई गई फसल प्रभावित हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत से मॉनसून की वापसी 17 सितंबर से आरंभ हो जायेगी। इसमें किसी भी देरी पर करीबी नजर रखी जायेगी। बहरहाल तेज वर्षा और जलाशयों का स्तर रबी के उत्पादन में इजाफे में मदद करेगा। चूंकि देश में घरेलू मांग के खत्म होने की संभावनाओं को लेकर गंभीर चिंताएं प्रकट की गई हैं इसलिए अंतिम निजी खपत व्यय की मजबूती भी प्रासंगिक प्रतीत होती है। स्थिर संदर्भ में देखा जाये तो इस तिमाही में इसकी हिस्सेदारी पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में बढ़ी है। इसकी एक वजह जहां धीमा सरकारी व्यय भी हो सकता है, वहीं सवाल है कि क्या निजी मांग में गिरावट की चिंताओं को भी कम से कम एक तिमाही के लिए टाला जा सकता है। कुछ हालिया उच्च तीव्रता वाले आंकड़े जिनमें उपभोक्ता वस्तु कंपनियों के परिणाम शामिल हैं, वे जीडीपी के आंकड़ों की विपरीत बात बताते हैं। रिजर्व बैंक का अपना उपभोक्ता आत्मविश्वास सर्वेक्षण भी ऐसे नतीजे पेश करता है जिन्हें लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। व्यापक स्तर पर देखा जाये तो वृद्धि की गति में निरंतर रिजर्व बैंक को यह अवसर देगी कि वह मुद्रास्फीति पर ध्यान केंद्रित करे और इसके निरंतर चार फीसदी के स्तर के साथ समन्वित होने तक प्रतीक्षा करे।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 87,650