सहकारिता ने भारत में विचार से आंदोलन, आंदोलन से क्रांति और क्रांति से सशक्तिकरण का सफर तय किया है : पीएमएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत में सहकारिता ने विचार से आंदोलन, आंदोलन से क्रांति और क्रांति से सशक्तिकरण तक का सफर किया है और यह भारत के लिए संस्कृति का आधार और जीवन शैली है। श्री मोदी ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (आईसीए) के वैश्विक सहकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चल रही है। उन्होंने कहा कि हम सरकार और सहकार की शक्ति को एक साथ जोड़कर भारत को विकसित बनाने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भविष्य के विकास में सहकारिता की बहुत बड़ी भूमिका देखते हुए सहकारी समिति को बहुद्देशीय बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर सरकार ने अलग से सहकारिता मंत्रालय बनाया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी भूमिका है। देश में अभी महिलाओं के नेतृत्व में विकास का दौर है और हम इस पर बहुत ध्यान दे रहे है। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि सहकारिता से वैश्विक सहयोग को नयी ऊर्जा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों को जिस प्रकार के विकास की जरूरत है उसमें सहकारिता मदद कर सकती है।
झारक्राफ्ट करता है दुनिया में आर्गेनिक सिल्क की प्रमुखताऑर्गेनिक सिल्क के लिए झारक्राफ्ट स्टाल पर दिखा लोगो में उत्साहएबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। प्रकृति की बनायीं गयी लगभग सभी वस्तुएं अनमोल, और जीव हित में होती हैं| इसी लिये हम प्राकृतिक वस्तुओं द्वारा निर्मित वस्तुओं को अधिक प्राथमिकता देते हैं| व्यापार मेले के झारखण्ड मंडप में लगे झारक्राफ्ट स्टाल के ऑर्गेनिक सिल्क का आकर्षण लोगो को खूब भा रहा है।झारक्राफ्ट दुनिया में ऑर्गेनिक सिल्क उत्पादों का प्रमुख नाम है, जो कि अपने उत्पादों को बनाने से ले कर रंगो तक किसी भी तरह के रसायन का उपयोग नहीं करता है। जिसमे कुकून से धागा और धागे से कपडे तक के शक्ल की पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक मनको के साथ ही की जाती हैं।रंगों का निर्माण गेंदे के फूल, पलाश, चाय की पत्ती और दाल चीनी जैसी चीजों से निकाल कर प्रयोग किया जाता है। इसके आलावा कपड़ों पर की गयी छाप भी झारखण्ड की पारम्परिकता को प्रदर्शित करता हैं। जिसमे क्षेत्रीय त्योहारों और अनुष्ठानो में प्रयोग की जाने वाली कलाकृतियाँ चित्रित की जाती हैं।झारक्राफ्ट के बारे में मैनेजर मृत्युंजय ठाकुर ने बताया की झारक्राफ्ट झारखण्ड सरकार का उपक्रम है। जिसमें हम ऑर्गेनिक उत्पादों का उत्पादन करते हैं। इस वर्ष विश्व व्यापार मेले में हमने एरी सिल्क, तसर सिल्क, कॉटन आदि की साड़ियां, दुपट्टा,चादर, शर्ट के कपडे और दुसरे निजी उपयोगी वस्तुओं की बिक्री कर रहे हैं। जिनका मूल्य 180 रुपये से ले कर 15 ,500 तक है। इस वर्ष हम मेले में 25 % तक की छूट भी ऑफर कर रहे हैं।
भारत की सामरिक और आर्थिक तरक्की से घबराया हुआ है US डीप स्टेट : रिपोर्टएबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी मीडिया स्पुतनिक ने दावा किया कि हिंडनबर्ग द्वारा अडानी, एसबीआई और एलआईसी को निशाना बनाने के पीछे अमेरिकी डीप स्टेट का हाथ है।रूसी मीडिया आउटलेट स्पुतनिक इंडिया ने एक विवादास्पद सिद्धांत की रिपोर्ट की है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी डीप स्टेट भारत की आर्थिक तरक्की से घबराता है। अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस की सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं।इन दावों के अनुसार, इसका उद्देश्य भारत के आर्थिक विकास और रणनीतिक स्वायत्तता को कमजोर करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) जैसे प्रमुख भारतीय वित्तीय संस्थानों को अस्थिर करना है। स्पुतनिक इंडिया के अनुसार, अडानी की आलोचना, खास तौर पर पश्चिमी समर्थित संस्थाओं द्वारा, केवल वित्तीय या विनियामक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।मीडिया आउटलेट का दावा है कि अडानी पर हमले भारत के प्रमुख वित्तीय संस्थानों, खास तौर पर एसबीआई और एलआईसी को अस्थिर करने के लिए किये गये हैं, जो अडानी समूह के उपक्रमों में प्रमुख हितधारक हैं। इसके साथ ही अमेरिका हथियारों के कारोबार में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता से धबराया हुआ है।स्पुतनिक रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएस डीप स्टेट लगातार भारत के खिलाफ साजिशें कर रहा है। इसके लिए वह लगातार भारत के आर्थिक संस्थानों में विश्वास को कम करना और देश के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को चुनौती देना है। स्पुतनिक इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि यूएस डीप स्टेट की सामरिक क्षेत्र में भारत की तरक्की से परेशान है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। देश का सबसे बड़ा मेला, भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला अब अपने पूरे जोश में है। झारखंड प्रदेश इस वर्ष फोकस स्टेट है। झारखंड GV प्रदेश अपने प्राकृतिक परिवेश के लिए जाना जाता है। झारखंड पवेलियन में लगी आदिवासी ज्वेलरी की स्टाल पर खासी भीड़ देखने को मिल रही है। स्टाल संचालिका गीता रानी ने बताया कि आदिवासी समुदाय अपनी संस्कृति से ज्यादा लगाव रखता है। हमारे प्रदेश की ज्वेलरी दिल्ली के अन्य बाजार में बहुत कीमत के साथ मिलती है।हम झारखंड पवेलियन में बहुत निम्न कीमत पर हसुली, ठेला, पैरी, पहुंची, बंगारी, आदि उपलब्ध करा रहे है। हम चांदी और अन्य धातु के उत्पाद का विक्रय कर रहे है। मेले में और पवेलियन में आने वाले लोग हमे खूब पसंद कर रहे हैं।
झारखण्ड पवेलियन में आने वाले लोगो को खनिजों की जानकारी दे रहा है, झारखण्ड माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट का स्टाल एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2024 में बनाये गये झारखण्ड पवेलियन में रविवार के दिन काफी भीड़ देखने को मिली| पवेलियन में आने वाले लोग जहां एक ओर झारखण्ड के उत्पादों को पसंद कर रहे हैं और खरीद रहे हैं, वहीं झारखण्ड प्रदेश के विभिन्न विभागों की स्टाल पर उनकी योजनाओ की जानकारियां ले रहे हैं। झारखण्ड पवेलियन में बनाये गये झारखण्ड माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट के स्टाल पर लोगों की खूब भीड़ देखने को मिली। झारखण्ड माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट ने अपनी स्टाल पर अलग अलग खनिजों का लाइव डेमो प्रदर्शित किया गया है। जिसमें लोग खासी रूचि दिखा रहे है। झारखण्ड माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट के सर्वेयर सुनील कुमार ने बताया की स्टाल पर प्रदर्शित किये गये लाइव डेमो और अन्य खनिजों की जानकारी दी जा रही हैं। प्रदर्शित किये गये खनिजों में ग्रेफाइट, कोल, आयरन ओर, माइका, बॉक्साइट, क्यूनाइट लगाये गये हैं।यहां लोगों को बताया जा रहा है कि ग्रेफाइट का उपयोग पेंसिल बनाने में, कोल का उपयोग ऊर्जा बनाने में, आयरन ओर का इस्तेमाल लोहा बनाने में, माइका का उपयोग पेंट बनाने में, बॉक्साइट का उपयोग अलुमिनियम बनाने में, क्यूनाइट का उपयोग रेफेक्टरी बनाने में किया जा रहा है। वहीं विभाग के जियोलॉजिस्ट विवेकानंद झा ने बताया कि प्रदर्शित किये गये खनिजों के आलावा लाइम स्टोन, गोल्ड , माइका, मैगनीज, यूरेनियम आदि भी पाया जाता है।पवेलियन में आने वाले स्कूल के बच्चों में खनिजों के सैंपल में रूचि दिख रही हैं। उनको खनिजों के प्रकार, उसके अन्वेषण और प्रसंस्करण की जानकारी दी जा रही है। गुरुग्राम से आये कुछ व्यवसायिओं से जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया गया की झारखण्ड देश की कुल खनिज सम्पदा का 40% खनिज का आधिपत्य रखता है।
वायनाड उपचुनाव में जीत के बाद प्रियंका गांधी ने जनता का जताया आभारएबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने केरल के वायनाड लोकसभा सीट के उपचुनाव में शनिवार को अपनी जीत सुनिश्चित होने के बाद क्षेत्र की जनता, मां सोनिया गांधी, भाई राहुल गांधी, पति रॉबर्ट वाद्रा तथा साथी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह संसद में वायनाड के लोगों की आवाज बनने को उत्सुक हैं। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार प्रियंका गांधी वाद्रा शाम चार बजे तक 410931 मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर निर्णायक बढ़त बनाये हुए थीं। प्रियंका गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, वायनाड की मेरी प्यारी बहनों और भाइयों, आपने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए मैं कृतज्ञता से अभिभूत हूं। मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि समय के साथ, आप वास्तव में महसूस करें कि यह जीत आपकी जीत है और जिसे आपने अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना है वह आपकी आशाओं और सपनों को समझती है और आपके लिए लड़ती है। मैं संसद में आपकी आवाज बनने के लिए उत्सुक हूं। उन्होंने कहा, मुझे यह सम्मान देने के लिए धन्यवाद और इससे भी अधिक आपने मुझे जो अपार प्यार दिया है उसके लिए धन्यवाद। कांग्रेस महासचिव नेयूडीएफ के सहयोगियों, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का अभार जताया। उन्होंने कहा, मेरी मां, रॉबर्ट (पति) और मेरे दो रत्नों- रेहान और मिराया, आपने मुझे जो प्यार और साहस दिया है उसके लिए कोई भी आभार पर्याप्त नहीं है। मेरे भाई, राहुल, आप बहादुर हैं... मुझे रास्ता दिखाने और हमेशा मेरा साथ देने के लिए धन्यवाद।
4 सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही सरकार!जिन बैंकों में हिस्सेदारी कम करने की योजना है, वे हैं - सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत सरकार चार सरकारी बैंकों में छोटी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। यह कदम बाजार नियामक सेबी के सार्वजनिक शेयरधारिता नियमों का पालन करने के लिए उठाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय आने वाले महीनों में इस प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी के लिए पेश करेगा। जिन बैंकों में हिस्सेदारी कम करने की योजना है, वे हैं : सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक।सितंबर के अंत तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सरकार की सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में 93% से ज्यादा, इंडियन ओवरसीज बैंक में 96.4%, यूको बैंक में 95.4% और पंजाब एंड सिंध बैंक में 98.3% हिस्सेदारी है।सरकार खुले बाजार में हिस्सेदारी बेचने की योजना पर कर रही विचारसूत्रों के अनुसार, सरकार चार सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी को खुले बाजार में आफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए बेचने की योजना बना रही है। इस खबर के बाद इन बैंकों के शेयरों में 3% से 4% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के तहत लिस्टेड कंपनियों को 25% सार्वजनिक हिस्सेदारी बनाये रखना जरूरी है। हालांकि, सरकारी कंपनियों को अगस्त 2026 तक इस नियम से छूट दी गयी है। यह साफ नहीं है कि सरकार सेबी की समय सीमा का पालन कर पायेगी या इसे और बढ़ाने का अनुरोध करेगी। एक अधिकारी ने बताया कि हिस्सेदारी बिक्री का समय और मात्रा बाजार की स्थिति के अनुसार तय की जायेगी। कैपिटल जुटाने का पुराना मॉडल पिछले सालों में, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पूंजी जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआइपी) का सहारा लिया है, जिससे सरकार की हिस्सेदारी घटायी गयी। सितंबर में पंजाब नेशनल बैंक ने क्यूआइपी के जरिए 5,000 करोड़ रुपये जुटाये, जबकि अक्टूबर में बैंक आॅफ महाराष्ट्र ने 3,500 करोड़ रुपये जुटाये।
मंदसौर : बेटी के प्रेम विवाह करने से नाराज परिजनों ने किया जिंदा बेटी का क्रियाकर्म, युवती का सामान भी जलाया, मृत्युभोज भी कराया एबीएन सेंट्रल डेस्क (मंदसौर)। जिले के दलावदा गांव में एक परिवार ने अपनी जिंदा बेटी का क्रियाकर्म कर दिया। इसके लिए परिवार ने एक शोक पत्रिका छपवाई और मृत्युभोज भी किया। जिसमें समाज के लोग के लोग पहुंचे। सीतामऊ तहसील के दलावदा गांव की रहने वाली युवती ने 12 नवंबर को घर से भागकर प्रेम विवाह कर लिया। परिजनों ने सीतामऊ थाने में युवती की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवायी। जिसके अगले दिन पुलिस युवती और उसके प्रेमी को खोजकर थाने ले आयी। यहां युवती ने अपने बयान में कहा- मैं बालिग हूं। प्रेमी के साथ रहने का मेरा खुद का फैसला है। युवती के मौसा ने बताया कि उसे बहुत लाड प्यार से बड़ा किया हैं। दो महीने बाद उसकी शादी होने वाली थी। इससे पहले ही उसने पास के गांव गुराड़िया गौड़ के रहने वाले एक युवक के साथ भागकर शादी कर ली। थाना पहुंचे उसकी मां, मौसा, भाई, दादी ने उसे समझाकर घर ले जाने की कोशिश की। 80 साल की दादी ने पैर तक पकड़ लिये थे। दादी ने पैर पकड़कर कहा कि बेटी घर चलो हम दो दिन बाद लगन निकलवा कर इसी लड़के से शादी करवा देंगे। समाज और परिवार में मान सम्मान बना रहेगा। किसी को सिर नीचे नहीं करना पड़ेगा, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। पुलिस के सामने कह दिया कि वो किसी को नहीं जानती है, उसका कोई परिवार नहीं है। इसके बाद युवती के परिवार वालों ने तय किया कि जिन्होंने उसे पालपोश कर बड़ा किया उन्हें नहीं पहचानती तो फिर उससे रिश्ता क्या रखना। इसके बाद उसके क्रियाकर्म का कार्यक्रम किया। परिजनों ने शोक पत्रिका बांटे युवती के भाई विनोद ने बताया कि उसकी बहन ने घर से भाग कर एक लड़के के साथ प्रेम विवाह कर लिया। हमने उसे बहुत समझाया वह नहीं मानी। इसके बाद आज हमने बहन के क्रियाकर्म का कार्यक्रम किया। इसमें समाज के करीब लोग शामिल हुए। सुबह उसका क्रियाकर्म किया और मृत्युभोज किया।भाई ने कहा कि यह सब कर हम यही संदेश देना चाहते है कि लड़कियां परिवार वालों को नीचा न दिखाए। परिजनों ने शोक कार्यक्रम के बाद युवती से जुड़ी सभी यादों को खत्म कर दिया। युवती के कपड़े, फोटो और बाकी सारे समान में आग लगाकर जला दिया।
झांसी मेडिकल कॉलेज में लगी आग के मामले की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। यहां मिले आग बुझाने वाले सिलिंडर एक्सपायर थे। कोई चार तो कोई दो साल पहले उम्र पूरी कर चुके हैं एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा वार्ड (एसएनसीयू) में भीषण आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की झुलसने एवं दम घुटने से मौत हो गयी। जिस वार्ड में आग लगी थी, वहां 55 नवजात भर्ती थे। 45 नवजात को सुरक्षित निकाल लिया गया। शुरूआती जांच में सामने आया है कि आग बुझाने वाले सिलिंडर एक्सपायर हो चुके थे। ये सिलिंडर से आग काबू पाने में नाकाम साबित हुए। झांसी मेडिकल कॉलेज में आग से बचाव के लिए लगे फायर इंस्टीग्यूशर गवाही दे रहे हैं कि कोई दो साल पहले तो कोई एक साल पहले अपनी उम्र पूरी कर चुका था। जिसकी वजह से ये सिलिंडर आग बुझाने में नाकाम साबित हुआ। एक सिलिंडर पर 2019 की फिलिंग डेट है, एक्सपायरी डेट 2020 की है। यानि फायर सिलिंडर को एक्सपायर हुए कई साल हो चुके थे। यह सिलिंडिर खाली दिखावे के लिए यहां रखे हुए थे।उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि फरवरी 2024 में मेडिकल कॉलेज में फायर सेफ्टी की व्यवस्थाएं देखी गयी थी। जून में ट्रायल भी किया गया था, मगर अफसोस की बात यह है कि एसएनसीयू में शुक्रवार की रात आग लगने की घटना हुई और 10 नवजात शिशुओं ने जलने से दम तोड़ दिया। यहां पर आग से बचाव के लिए लगे फायर इस्टिंगयुशर गवाही दे रहे हैं कि कोई दो साल पहले तो कोई एक साल पहले अपनी उम्र पूरी कर चुका था। जिसकी वजह से आग बुझाने में नाकाम साबित हुआ। इससे पहले यह जानकारी सामने आयी थी कि नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष में आग से बचाव के लिए सेफ्टी अलार्म लगाये गये थे, लेकिन आग लगने पर सेफ्टी अलार्म नहीं बजा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है धुआं फैलने के बाद चारों ओर चीख-पुकार मच गयी। अगर सेफ्टी अलार्म समय पर बजता तब बचाव कार्य जल्द शुरू हो सकते थे।नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष में लगी आग चंद मिनट में फैलकर दरवाजे तक पहुंच गयी। इस वजह से भीतर जाने का रास्ता नहीं मिल रहा था। दमकलकर्मियों ने पीछे के रास्ते अंदर जाने की कोशिश की लेकिन, कामयाब नहीं हुए। इसके बाद वार्ड की खिड़की के कांच तोड़कर किसी तरह दमकलकर्मी अंदर पहुंचे। अंदर आग की लपटों के साथ धुआं भरा था। आग लगने के करीब आधे घंटे बाद बचाव कार्य शुरू हो सका। इसके बाद दमकलकर्मियों ने नवजातों को बाहर निकालना शुरू किया।
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