प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ इस अंदाज में किया मां गंगा को प्रणाम एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संगम में गंगा, यमुना और अदृश्य संगम की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगायी। उन्होंने विधि-विधान से मां गंगा की पूजा की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पीएम ने षोडशोपचार विधि से भागीरथी की पूजन कर दुग्ध और पुष्प समेत नैवैद्य अर्पित किया। उनके साथ सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। केसरिया वस्त्र और ऊपर से रुद्राक्ष की माला धारण करके पीएम ने स्नान किया। कहा जा रहा था कि पीएम मोदी को तकरीबन एक घंटा संगम क्षेत्र में रुकना था। श्री बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट और सरस्वती कूप का दर्शन भी प्रस्तावित था, लेकिन पीएम संगम में स्नान और मां गंगा की पूजा के बाद संगम तट से वापस लौट गये। यह भी कहा जा रहा था कि पीएम मोदी महाकुंभ में आये सभी अखाड़ों के प्रमुख संतों से मुलाकात करेंगे। साथ ही महाकुंभ में आये श्रद्धालुओं को संगम की रेती से एकता और संदेश देंगे, लेकिन मोदी आधे घंटे में ही लौट गये। हालांकि पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। इससे पहले उन्होंने संगम में आस्था की डुबकी लगायी। इसके बाद भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। प्रधानमंत्री ने स्पेशल बोट से भ्रमण किया। उनके साथ सीएम योगी भी मौजूद रहे। स्पेशल बोट से भ्रमण के दौरान सीएम योगी ने पीएम को महाकुंभ के बारे में जानकारियां दीं। वह लोगों का अभिवादन करते समय कुछ देर के लिए मुस्कराते दिखे। जहां पीएम स्नान कर रहे थे उसके कुछ ही दूर स्थित संगम नोज पर मौनी अमावस्या के दिन हादसा हुआ था। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्व्टिर) अकाउंट पर महाकुंभ दौरे की कई तस्वीरें साझा करते हुए लिखा- प्रयागराज महाकुंभ में आज पवित्र संगम में स्नान के बाद पूजा, अर्चना का परम सौभाग्य मिला। मां गंगा का आशीर्वाद पाकर मन को असीम शांति और संतोष मिला है। उनसे समस्त देशवासियों की सुख, समृद्धि, आरोग्य और कल्याण की कामना की। हर हर गंगे। उन्होंगे आगे लिखा- प्रयागराज के दिव्य भव्य महाकुंभ में आस्था, भक्ति और आध्यात्म का संगम हर किसी को अभिभूत कर रहा है। पावन पुण्य स्नान की कुछ तस्वीरें...।
एटीएम से कैश निकालने वालों को लगने वाला है झटका, बड़ा बदलाव करने की तैयारी में आरबीआई एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) एटीएम से कैश निकालने वाले लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अगर आप भी अक्सर एटीएम से कैश निकालते हैं या कैश पेमेंट का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। जल्द ही एटीएम से कैश निकालना महंगा हो सकता है क्योंकि आरबीआई एटीएम इंटरचेंज फीस और मुफ्त निकासी की सीमा के बाद लगने वाले चार्ज बढ़ाने पर विचार कर रहा है।क्या होना है बदलाव रिजर्व बैंक मौजूदा समय में महीने में 5 कैश विथड्रावल फ्री देता था लेकिन अब इन 5 लेनदेन की लिमिट से अधिक पर लगने वाले चार्ज और एटीएम इंटरचेंज फीस को बढ़ाने की प्लानिंग कर रहा है। एक रिपोर्ट में मंगलवार को इस बात की जानकारी दी गयी है। कितना बढ़ेगा चार्ज? रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का हवाला देते हुए बताया कि एनपीसीआई ने पांच बार फ्री लिमिट पूरी होने के बाद कैश निकालने के चार्ज को मौजूदा चार्ज 21 से बढ़ाकर 22 रुपये करने की सिफारिश की है। इसके अलावा एनपीसीआई ने कैश लेनदेन के लिए एटीएम इंटरचेंज फीस को 17 रुपये से बढ़ाकर 19 रुपये करने की भी सिफारिश की है। इंटरचेंज फी दूसरे बैंक के एटीएम से एक लिमिट के बाद पैसे निकालने पर लगायी जाती है यानी कि यह एटीएम सर्विस इस्तेमाल करने के बदले एक बैंक की तरफ से दूसरे बैंक को दी जाने वाली फीस है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक और व्हाइट-लेबल एटीएम आपरेटर मेट्रो और नॉन-मेट्रो शहरों में फीस बढ़ाने की एनपीसीआई की सिफारिश से सहमत हैं लेकिन अभी इस मामले में भारतीय रिजर्व बैंक और एनपीसीआई ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। एटीएम चलाने का खर्चा बढ़ रहा रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती महंगाई और पिछले दो सालों में 1.5-2 परसेंट की दर से बढ़ते उधार लागत, ट्रांसपोर्टेशन पर ज्यादा खर्च, कैश रीप्लेनिशमेंट और लागत के कारण नॉन-मेट्रो शहरों में एटीएम चलाने का खर्चा तेजी से बढ़ रहा है।
हरिद्वार कुंभ में मिलने का वादा...त्रिशूल, चिमटा समेटने लगे नागा संन्यासीएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। सोमवार को तीसरे स्नान के बाद से नागा संन्यासियों ने अपना समान एकत्र करना शुरू कर दिया। निरंजनी, महानिवार्णी एवं जूना अखाड़े के बाहरी पटरी पर पिछले 22 दिनों से धूनी रमाए नागा संन्यासी अपना सामान समेटने लगे। अंतिम अमृत स्नान पूरा होने के साथ ही अखाड़ों में अब विदाई का दौर आरंभ हो गया। छावनी में कढ़ी पकौड़ी की परंपरागत पंगत के बाद सभी साधु-महात्मा एक दूसरे से विदा लेकर काशी रवाना हो जाएंगे। अचला सप्तमी के बाद अलग-अलग अखाड़ों में कढ़ी पकौड़ी होगी। सबसे पहले शैव अखाड़े के संन्यासी विदाई लेंगे। उसके बाद अनी एवं उदासीन अखाड़ों के साधु-संत विदा होंगे। हालांकि, अखाड़ों की धर्मध्वजा महाशिवरात्रि के बाद ही छावनी से उतारी जाएगी। अब सभी अखाड़ों की अगली मुलाकात दो साल बाद हरिद्वार अर्द्धकुंभ में होगी।धूनी के साथ जमीन पर गड़ा चिमटा उखाड़ासोमवार को तीसरे स्नान के बाद से नागा संन्यासियों ने अपना समान एकत्र करना शुरू कर दिया। निरंजनी, महानिवार्णी एवं जूना अखाड़े के बाहरी पटरी पर पिछले 22 दिनों से धूनी रमाए नागा संन्यासी अपना सामान समेटने लगे। धूनी के साथ जमीन पर गड़ा चिमटा उखाड़कर उसे कपड़े से बांध लिया। त्रिशूल एवं तलवार भी बक्से में रख ली।कढ़ी-पकौड़ी के बाद धूनी भी कर देंगे ठंडीनिरंजनी अखाड़ा के नागा संन्यासी महेंद्र पुरी के मुताबिक, कढ़ी-पकौड़ी के बाद धूनी भी ठंडी कर देंगे। पिछले करीब एक माह से श्रद्धालुओं को आशीष बांट रहे नागा संन्यासी अब यहां से जाने के लिए ट्रक, ट्रैक्टर एवं वाहनों के बंदोबस्त मेंं लगे हैं। उनका कहना है कि अचला सप्तमी तक अधिकांश संन्यासी यहां से चले जाएंगे। अनी अखाड़े के संन्यासी धूना तपस्या पूरी करके के साथ ही त्रिजटा स्नान को यहां ठहरेंगे। इसके बाद वह भी यहां से रवाना हो जाएंगे।नए बने नागाओं को काशी में मिलेगा प्रमाण पत्रजिन नागाओं की दीक्षा कुंभ नगरी में हुई है, उनको अखाड़ों का प्रमाण पत्र काशी से मिलेगा। इसके साथ ही नए बने महामंडलेश्वर, महंत समेत रमता पंच के सदस्यों को भी मोहर छाप काशी से ही नई बनवानी पड़ेगी।। महाकुंभ के साथ ही उनके पुराने सभी प्रमाण पत्र भी रद हो जाते हैं। अब इनको नए सिरे से बनवाया जायेगा।वैष्णव संत करेंगे त्रिजटा स्नान वैष्णव परंपरा के संत यहां त्रिजटा स्नान तक ठहरेंगे। श्रीकृष्ण मंगल सनातन विचार मंच के डॉ. विश्वनाथ निगम का कहना है कि माह भर तक स्नान न कर पाने वालों के लिए त्रिजटा स्नान विशेष फलदायी होता है। फाल्गुन मास की तृतीया तिथि पर त्रिजटा स्नान का मुहूर्त माना जाता है। तमाम वैष्णव संत भी इस स्नान के लिए खास तौर से प्रयाग आते हैं। इस वर्ष महाकुंभ होने की वजह से वह यहां रहकर ही त्रिजटा स्नान करेंगे। इसके बाद ही उनकी यहां से रवानगी होगी हालांकि मेले का औपचारिक समापन शिवरात्रि के आखिरी स्नान पर्व के बाद होगा।
सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद, सीएम योगी खुद कर रहे थे मॉनिटरिंगएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। मौनी अमावस्या को अमृत स्नान के दौरान मची भगदड़ और मौतों के बाद प्रदेश सरकार ने सोमवार के लिए चौक चौबंद व्यवस्थाएं की थी। महाकुंभ के तीसरे और आखिरी अमृत स्नान में बसंत पंचमी पर प्रयागराज संगम तट पर 2.35 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। सोमवार को अमृत स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालुओं की 10 किलोमीटर लंबी लाइन संगम से लेकर प्रयागराज जंक्शन तक देखी गयी। सुबह पांच बजे श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और शंभु पंचायती अटल अखाड़े के महामंडलेश्वर व संतो ने सबसे पहले बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। इसके बाद पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार निरंजनी अखाड़ा, पंच दशनाम जूना अखाड़े के साथ आवाहन और पंच अग्नि अखाड़े के नागा साधुओं ने स्नान किया।संन्यासी अखाड़ों के बाद वैष्णव और उदासीन अखाड़ों का अमृत स्नान हुआ और सबसे आखिर में निर्मल अखाड़े ने स्नान किया, जिसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रयागराज महाकुंभ का सोमवार में 22 वां दिन था और अब तक करीब 35 करोड़ लोग संगम में स्नान कर चुके हैं। बसंत पंचमी पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार से ही आनी शुरू हो गयी थी। रविवार को जहां एक करोड़ लोगों ने स्नान किया था वहीं सोमवार को यह संख्या दो करोड़ पार कर गयी।मौनी अमावस्या को अमृत स्नान के दौरान मची भगदड़ और मौतों के बाद प्रदेश सरकार ने सोमवार के लिए चौक चौबंद व्यवस्थाएं की थी। खुद मुख्यमंत्री सोमवार तड़के तीन बजे से राजधानी लखनऊ में उनके आवास पर स्थापित वार रूम में बैठ कर मॉनिटरिंग कर रहे थे। बसंत पंचमी का स्नान सकुशल निपटाने के लिए हेलीकॉप्टरों से भीड़ की मॉनिटरिंग की गयी जबकि 2750 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। कुंभ मेले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 60000 पुलिस के जवान लगाये गये थे वहीं 100 से ज्यादा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को भी उतारा गया था।महाकुंभ 2025 के अंतिम अमृत स्नान बसंत पंचमी पर्व में संगम तट पर डुबकी लगाने पहुंचे करोड़ों श्रद्धालुओं पर योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई। हेलीकॉप्टर से सभी घाटों और अखाड़ों पर स्नान के दौरान श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई। पुष्प वर्षा की शुरुआत सुबह 6.30 बजे से ही हो गई और तक चलती रही जब तक अखाड़ों का अमृत स्नान जारी।प्रयागराज महाकुंभ में मंगलवार को भूटान नरेश भी जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी भूटान नरेश के साथ कल प्रयागराज जाएंगे। भूटान नरेश के साथ योगी कल सुबह 10:30 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे और दोपहर 12:10 बजे संगम नोज और किला घाट का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद वह भूटना नरेश के साथ दोपहर 12:25 बजे अक्षयवट के दर्शन और पूजन करेंगे और दोपहर 12:45 बजे लेटे हुए हनुमान मंदिर के दर्शन करेंगे। दोनों लोग 1:05 बजे डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरियंस सेंटर का भ्रमण करेंगे। जिसके बाद त्रिवेणी संकुल जाएंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 120 गंतव्यों को कनेक्ट करने के लिए शुरू होगी नई उड़ान योजना, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का ऐलान ...इनकम टैक्स : अब 12 लाख रुपये तक के इनकम पर कोई टैक्स नहीं •वित्त मंत्री ने की नये टैक्स स्लैब्स की भी घोषणा, अगले हफ्ते पेश किया जायेगा नया इनकम टैक्स बिल। नौकरियां : फुटवियर और लेदर के क्षेत्रों के लिए फोकस प्रोडक्ट स्कीम शुरू की जायेगी। इससे 22 लाख लोगों के लिए रोजगार, 4 लाख करोड़ रुपये का टर्नओवर होने की संभावना। स्टार्ट अप्स के फंड के लिए नए फंड की स्थापना, 10,000 करोड़ रुपये की मौजूदा सरकारी मदद के अतिरिक्त 10,000 करोड़ रुपये का नया योगदान।महिलाएं : 5 लाख महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के पहली बार के उद्यमियों के लिए नयी योजना, अगले 5 साल के दौरान 2 करोड़ रुपये तक का टर्म लोन देने की योजना। शिक्षा : 5 आईआईटी में एडिशनल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जायेगा। साथ ही आइआइटी पटना का विस्तार किया जायेगा। आगामी पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जायेगी। भारतनेट परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी सेकेंडरी स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध करायी जायेगी। आईआईटी और आईआईएससी में तकनीकी रिसर्च के लिए पीएम रिसर्च फेलोशिप स्कीम के तहत अगले 5 साल में 10,000 फेलोशिप प्रदान किये जायेंगे। युवाओं को कौशल से लैस करने के लिए 5 नेशनल सेंटर आॅफ एक्सिलेंस फॉर स्किलिंग की स्थापना की जायेगी। हेल्थकेयर : 36 जीवन रक्षक दवाओं पर पूरी तरह से ड्यूटी टैक्स खत्म कर दिया जायेगा। सभी सरकारी अस्पतालों में कैंसर डे केयर सेंटर बनाये जायेंगे। कैंसर के इलाज की दवाएं सस्ती होंगी। 6 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी 5 फीसदी कर दी जायेगी। किसान : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के लिए पीएम धनधान्य योजना का ऐलान किया। असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले संयंत्र की स्थापना होगी। पूर्वी क्षेत्र में बंद पड़े तीन यूरिया संयंत्रों को फिर से खोला गया है। किसान : के्रडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गयी। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान बिहार में स्थापित किया जायेगा, जो किसानों के उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाकर उनकी आय में बढ़ोत्तरी करेगा। मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार के लिए बिहार में एक मखाना बोर्ड की स्थापना की जायेगी। आवास : सस्ते और मध्यम आय वर्ग के आवास के लिए पहल के तहत, 2025 में अतिरिक्त 40,000 आवासीय इकाइयों का वितरण किया जायेगा। बिजली : स्वदेशी तकनीक से विकसित 5 छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर 2033 तक चालू किये जायेंगे। टूरिज्म : देश के शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को राज्यों के सहयोग से चैलेंज मोड के तहत विकसित किया जायेगा। मेडिकल टूरिज्म और हील इन इंडिया को निजी क्षेत्र के सहयोग से बढ़ावा दिया जायेगा। मैनुफैक्चरिंग : सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए 5 करोड़ से 10 करोड़, अगले 5 वर्षों में 1.5 लाख करोड़ का अतिरिक्त ऋण का ऐलान। उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए 5 लाख की सीमा वाले विशेष कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड्स की होगी शुरूआत। व्यापार, वाणिज्य : विकास को गति देने के लिए निर्यात को बढ़ावा देने के मकसद से निर्यात प्रोत्साहन मिशन की स्थापना की जायेगी। निर्यात क्रेडिट में सुधार करने, सीमा पार समर्थन और विदेशी बाजारों में नॉन टैरिफ उपायों से निपटने के लिए एमएसएमई को समर्थन। रक्षा : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6.81 लाख करोड़ का रक्षा बजट पेश किया, जो चालू वित्त वर्ष में आवंटित 6.2 लाख करोड़ की तुलना में 9.55% ज्यादा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर : इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित प्रत्येक मंत्रालय पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल में लागू किये जा सकने वाले 3 वर्षीय परियोजना की पाइपलाइन तैयार करेगा। राज्यों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा और वे पीपीपी प्रस्तावों की तैयारी के लिए आइआइपीडीएफ (इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट डेवलपमेंट फंड) योजना से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। पर्यावरण : जलवायु-अनुकूल विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए सरकार ने क्लीन टेक मैनुफैक्चरिंग पर जोर दिया। इसका मकसद सोलर पीवी सेल, ईवी बैटरी, मोटर और कंट्रोलर, इलेक्ट्रोलाइजर, विंड टरबाइन, अति उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन उपकरण और ग्रिड-स्तरीय बैटरियों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना है। क्या-क्या सस्ता अब चमड़ा और लेदर के प्रोडक्ट्स सस्ते हो जायेंगे, क्योंकि इसपर इंपोर्ट ड्यूटी फ्री किया गया है। कपड़ा- एलईडी टीवी सस्ता होगा। मोबाइल, लीथियम बैट्री और इलेक्ट्रिक वाहन भी सस्ते होंगे।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्षएबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद के बजट सत्र से पहले आज यानी गुरुवार को नयी दिल्ली स्थित संसद भवन में सर्वदलीय बैठक संपन्न हुई है। मीटिंग में 36 पार्टियों के 52 नेता शामिल हुए। यह आल पार्टी मीटिंग केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें किरेन रिजिजू, जेपी नड्डा, अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस की ओर से जयराम रमेश, के सुरेश और गौरव गोगोई वहीं टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और डेरेक ओ ब्रायन समेत विभिन्न सियासी दलों के नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा, सर्वदलीय बैठक रचनात्मक रही, जिसमें 36 पार्टियों के 52 नेता शामिल हुए। मीटिंग के दौरान अलग-अलग दलों के नेताओं ने अपने विचार रखे। हमने उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया है। सार्थक संसदीय सत्र के लिए सभी दलों के सहयोग की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष ने महाकुंभ भगदड़ हादसे पर संसद में चर्चा की मांग की है। इस पर और अन्य मुद्दों पर निर्णय बिजनेस एडवाइजरी कमेटी करेगी। 31 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है। यह 4 अप्रैल 2025 को समाप्त होगा। बजट 1 फरवरी को पेश किया जायेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 जनवरी को ज्वाइंट पार्लियामेंट सेंशन को संबोधित करेंगी। ऐसे में बजट सत्र में विपक्ष आर्थिक मंदी, महंगाई, किसानों की परेशानी, एमएसपी और बेरोजगारी सहित कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि वे बजट सत्र में ओडिशा के लिए स्पेशल कैटेगरी स्टेटस के मुद्दे को मजबूती से उठायेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। महाकुंभ नगर मौनी से पहले ही दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया था। आज तीन सबसे अधिक जनसंख्या वाले शहरों की कुल आबादी को भी पार करने की संभावना है। दिल्ली से अधिक जापान की राजधानी टोक्यो की आबादी 3.74 करोड़ है। मौनी अमावस्या से एक दिन पहले मंगलवार को ही महाकुंभ नगर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया। मौनी अमावस्या के दिन तो दुनिया के तीन सबसे बड़े शहरों की कुल आबादी को पार करने की उम्मीद है। देश में सबसे अधिक आबादी दिल्ली की 2.93 करोड़ है। दिल्ली दुनिया का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है। दिल्ली से अधिक जापान की राजधानी टोक्यो की आबादी 3.74 करोड़ है। वहीं मंगलवार को दिन में चार बजे तक ही 3.90 करोड़ लोग संगम स्नान कर चुके थे। इस तरह से गंगा की रेती पर 45 दिनों के लिए अस्थाई तौर पर बसाया गया महाकुंभ नगर मंगलवार को दिन में चार बजे ही दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया। वहीं जिले की आबादी 70 लाख से अधिक है। इस आबादी को भी जोड़ दिया जाए तो टोक्यो की आबादी काफी पीछे छूट जाएगी। गौर करने वाली बात यह भी है संगम स्नान का यह आंकड़ा शाम चार बजे तक का है। जबकि, संगम स्नान के लिए आने वालों का रेला इसके बाद भी बना ह़ुआ था। मौनी अमावस्या पर बुधवार को तो आबादी के सारे रिकॉर्ड टूटते दिख रहे हैं। बुधवार को महाकुंभ नगर में कम से कम 10 करोड़ लोगों के स्नान की उम्मीद है। इसमें जिले की आबादी 70 लाख जोड़ दी तो उस दिन जिले में 10.70 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है। वहीं दुनिया के तीन सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में टोक्यो, दिल्ली और शंघाई की कुल जनसंख्या 9.30 करोड़ के करीब है। शंघाई की आबादी 2.63 करोड़ है। इस तरह से मौनी अमावस्या पर संभावित आंकड़ों के अनुसार स्नानार्थी आए तो महाकुंभ नगर की जनसंख्या तीन बड़े शहरों की कुल आबादी से अधिक होगी।दो दिनों तक देश का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला शहर बना रहाप्रयागराज मंगलवार को देश का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया और भीड़ को देखते हुए अभी अगले दो-तीन दिनों तक इस स्थान पर रहने की उम्मीद है। वहीं रविवार और सोमवार को प्रयागराज देश का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला जिला रहा। दिल्ली के बाद मुंबई की आबादी दो करोड़ 16 लाख से अधिक है। वहीं तीसरे नंबर पर कोलकाता की आबादी एक करोड़ 55 लाख से अधिक है। इसके विपरीत रविवार को महाकुंभ नगर में 1.74 करोड़ लोगों ने स्नान किया था। जिले की आबादी जोड़ने 2.44 करोड़ जनसंख्या हो जाती है जो दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर है। इसी तरह से सोमवार को भी एक करोड़ 55 लाख से अधिक लोगों ने पुण्य की डुबकी लगाई थी। इस तरह से सोमवार को जिले की आबादी सवा दो करोड़ से अधिक रही जो दिल्ली से कम और मुंबई से अधिक रही।मकर के दिन दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला जिला बना था प्रयागराजमकर संक्रांति के दिन प्रयागराज दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला जिला बना था। मकर संक्रांति के दिन साढ़े तीन करोड़ लोगों ने स्नान किया था। इस तरह से जिले की 70 लाख आबादी जोड़ने के बाद 4.20 करोड़ जनसंख्या हो गयी थी, जो टोक्यो से अधिक है।16 दिनों में 18 करोड़ से अधिक ने किया स्नानमाघी पूर्णिमा 13 जनवरी से महाकुंभ पर्व शुरू होने के बाद मंगलवार तक 16 दिनों में 16 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया। सोमवार तक 14.76 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे। वहीं मंगलवार को सुबह आठ बजे तक ही 55 लाख लोग स्नान कर चुके थे। इस तरह से महाकुंभ में 15 करोड़ लोगों के स्नान का आंकड़ा तो सुबह आठ बजे ही पार हो गया। वहीं मंगलवार शाम चार बजे तक 3.90 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे। यानि, शाम चार बजे तक ही महाकुंभ नगर में कुल 18.66 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे।
15 दिनों में 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगायी डुबकीएबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। मौनी अमावस्या के अवसर पर बुधवार को होने वाले दूसरे अमृत स्नान से पहले महाकुंभ के त्रिवेणी संगम में 15 दिनों में 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में स्नान करने वालों की संख्या बारे में सोमवार को रात में अपडेट किया था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट डाला और बताया- महाकुंभ का एक ही संदेश, एकता से ही अखंड रहेगा देश। उन्होंने आगे लिखा, भारत की एकता, आस्था व संस्कृति के महासमागम महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में सोमवार को 1.18 करोड़ से अधिक और अब तक 13. 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। हर 12 साल पर प्रयागराज में संगम तट पर आयोजित होने वाला महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी यानी 45 दिन तक चलेगा। बुधवार को मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान पर 10 करोड़ और लोगों के डुबकी लगाने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 5 साल और बढ़ा, भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलावएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को 5 साल और बढ़ाने का फैसला किया है। मंत्रिमंडल ने पिछले 3 साल के दौरान योजना की प्रगति की समीक्षा करने के बाद योजना की अवधि बढ़ाई है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनएचआरएम) की शुरुआत 2005 में की गयी थी, जिसे कई बार बढ़ाया गया। एनएचएम की अवधि आखिरी बार 2021 में बढ़ाकर 2026 तक के लिए कर दिया गया था।मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर योजना के असर को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार ने एक बयान में कहा है, भारत में स्वास्थ्य सुधारों, खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान में मिशन की भूमिका अहम रही है। इसने स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंच के भीतर बनाने और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ सेवाएं देने में मदद पहुंचायी है।गोयल ने कहा कि एनएचएम की चल रही कवायदों की वजह से भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम बदलाव हुआ है और भारत 2030 तक के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के तहत स्वास्थ्य लक्ष्यों पर सही दिशा और समय से आगे चल रहा है।पिछले 3 साल के दौरान योजना के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा कि एनएचएम से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसमें मातृत्व एवं शिशु देखभाल, बीमारी उन्मूलन और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा शामिल है। मातृत्व मृत्यु अनुपात (एमएमआर) 2014-16 के 1 लाख पर 130 से 25 प्रतिशत घटकर 2018-20 में 1 लाख पर 97 रह गया है। वहीं शिशु मृत्यु दर 2014 में 1,000 पर 39 था, जो 2020 में घटकर 1,000 पर करीब 28 रह गया है। बयान में कहा गया है, इन सुधारों से संकेत मिलता है कि भारत मातृत्व, शिशु, नवजात मृत्यु दर के मामले में एसडीजी रे 2030 तक के लक्ष्यों को समय से पहले पूरा करने की दिशा में है।बयान में कहा गया है कि एनएचएम में 2021-22 से 2023-24 के दौरान 12 लाख से ज्यादा अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों ने काम किया। इसमें जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर्स, स्पेशलिस्ट्स, स्टाफ नर्स, एएनएम, आयुष चिकित्सक, सहायक स्वास्थ्य कर्मी और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधक शामिल हैं।
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