CJP के प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन चौथे दिन भी बंदएबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)।डीएमआरसी के अनुसार, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर केवल इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इन स्टेशनों से प्रवेश और निकास की अनुमति नहीं होगीनीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से शनिवार को दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन बंद रहे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने बताया कि प्रभावित स्टेशन सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे।प्रदर्शन में शामिल लोग NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने के कारण जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बंद किए गए स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली स्टेशन शामिल हैं।अधिकारियों के अनुसार, जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एहतियात के तौर पर इन मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई कोभारतीय वीरता,राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा,शौर्य और आत्म बलिदान की प्रेरणा का जीवंत प्रतीक : संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि कारगिल विजय दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को पूरे भारत में अत्यंत गर्व और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना द्वारा प्राप्त ऐतिहासिक विजय की स्मृति में मनाया जाता है। इसी दिन भारतीय सैनिकों ने दुर्गम कारगिल की चोटियों से पाकिस्तानी घुसपैठियों और उनके समर्थित सैनिकों को पूरी तरह खदेड़कर ऑपरेशन विजय को सफल बनाया था। यह दिवस देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। कारगिल युद्ध जम्मू-कश्मीर (वर्तमान लद्दाख) के कारगिल, द्रास, बटालिक और टोलोलिंग क्षेत्रों की ऊँची पर्वत चोटियों पर लड़ा गया। वर्ष 1999 में पाकिस्तान समर्थित सैनिकों और घुसपैठियों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ कर कई महत्वपूर्ण चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सेना ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, अत्यधिक ऊँचाई, बर्फीले मौसम और दुश्मन की मजबूत स्थिति के बावजूद अदम्य साहस और अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए इन सभी क्षेत्रों को पुनः अपने नियंत्रण में लिया। लगभग दो माह तक चले इस युद्ध में भारत के 527 से अधिक वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि हजारों सैनिक घायल हुए। उनके अद्वितीय साहस के कारण भारत ने निर्णायक विजय प्राप्त की। कारगिल विजय दिवस का प्रमुख उद्देश्य देशवासियों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, साहस, अनुशासन और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करना है। यह दिवस हमें याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों के त्याग और सतर्कता के कारण ही संभव है। उनके बलिदान का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का नैतिक कर्तव्य है। इस अवसर पर देशभर में शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि सभाएँ, पुष्पांजलि कार्यक्रम, सैन्य परेड, देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निबंध, भाषण, चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।विशेष रूप से लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। वीर सैनिकों के परिजनों का सम्मान कर उनके योगदान को भी स्मरण किया जाता है।आज के युवाओं के लिए कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और आत्मबलिदान की प्रेरणा का जीवंत प्रतीक है। यह दिवस हमें यह संदेश देता है कि जब राष्ट्र की रक्षा का प्रश्न हो, तब भारतीय सैनिक असंभव को भी संभव बना देते हैं। कारगिल के वीरों का अमर बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, एकजुट रहने और भारत की अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा। उनकी वीरगाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव साहस, सम्मान और देशभक्ति का अमिट स्रोत बनी रहेगी।
NEET पेपर लीक पर संसद के सामने कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शनशिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, सांसद सुखदेव भगत हुए शामिल हुएएबीएन सेंट्रल डेस्क। NEET पेपर लीक मामले और छात्रों के हितों को लेकर आज कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन के समक्ष काली शर्ट पहनकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन में लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद सुखदेव भगत भी उपस्थित हुए।सांसद सुखदेव भगत ने इस मौके पर कहा, NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में बार-बार पेपर लीक होना इस बात का सबूत है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। लाखों छात्र मेहनत करके परीक्षा देते हैं और कुछ लोगों की लापरवाही के कारण उनका भविष्य दांव पर लग जाता है। उन्होंने कहा, हम मांग करते हैं कि शिक्षा मंत्री नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो।दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि आगे से कोई छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके। कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ है और सड़क से लेकर संसद तक उनकी आवाज़ उठाती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक बंद करो, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो, छात्र विरोधी सरकार नहीं चलेगी के नारे लगाए।
NEET पेपर लीक पर संसद के सामने कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शनशिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, सांसद सुखदेव भगत हुए शामिल हुएएबीएन सेंट्रल डेस्क। NEET पेपर लीक मामले और छात्रों के हितों को लेकर आज कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन के समक्ष काली शर्ट पहनकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन में लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद सुखदेव भगत भी उपस्थित हुए।सांसद सुखदेव भगत ने इस मौके पर कहा, NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में बार-बार पेपर लीक होना इस बात का सबूत है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। लाखों छात्र मेहनत करके परीक्षा देते हैं और कुछ लोगों की लापरवाही के कारण उनका भविष्य दांव पर लग जाता है। उन्होंने कहा, हम मांग करते हैं कि शिक्षा मंत्री नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो।दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि आगे से कोई छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके। कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ है और सड़क से लेकर संसद तक उनकी आवाज़ उठाती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक बंद करो, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो, छात्र विरोधी सरकार नहीं चलेगी के नारे लगाए।
पेपर लीक: केवल परीक्षा नहीं, युवाओं के विश्वास की भी चोरी : योगाचार्य महेश पालजब सपनों की परीक्षा भी असुरक्षित हो जाए तब युवाओं का विश्वास बचाना ही राष्ट्र निर्माण हैएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है। हमारे देश की सबसे बड़ी पूंजी न सोना है, न चांदी, न प्राकृतिक संसाधन बल्कि हमारे करोड़ों युवा हैं। यही युवा आने वाले भारत के वैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षक, न्यायाधीश, सैनिक और प्रशासक बनेंगे। योगाचार्य महेश पाल ने बताया कि यदि इन्हीं युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठने लगे, तो यह किसी भी राष्ट्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। आज देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, फर्जीवाड़े, मंदिरों में चोरी और अन्य अनियमितताओं की खबरें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। जिस तरह से दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों द्वारा धरना प्रदर्शन दिया जा रहा है नीट पेपर के मामले यह परीक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है, जिस तरह से दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों पर पुलिस प्रशासन द्वारा लाठी चार्ज किया गया जिसमें कई छात्रों को गंभीर चोटे आई यह कहा तक उचित है, इन घटनाओं का सबसे बड़ा नुकसान केवल परीक्षा रद्द होना नहीं है, बल्कि लाखों करोड़ों देशवासियों ओर मेहनती विद्यार्थियों के आत्मविश्वास का टूटना है। वर्षों की कठिन मेहनत के बाद जब किसी छात्र को यह महसूस होता है कि उसकी ईमानदारी पर बेईमानी भारी पड़ रही है, तब उसके मन में निराशा, असुरक्षा और व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा होना स्वाभाविक है। एक योगाचार्य होने के नाते मैं प्रतिदिन बच्चों ओर युवाओं के बीच रहता हूं। मैं देखता हूं कि आज का युवा शारीरिक से अधिक मानसिक संघर्ष से लड़ रहा है। प्रतियोगिता का दबाव, परिवार की अपेक्षाएं, आर्थिक चुनौतियां और भविष्य की चिंता पहले से ही उसे मानसिक रूप से थका देती हैं। यदि इसके ऊपर परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्न उठ जाएं, तो उसका मनोबल और अधिक कमजोर हो जाता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ विद्यार्थी निराशा में ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिनकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। मैं देश के प्रत्येक युवा से कहना चाहता हूं कि कोई भी परीक्षा आपके जीवन से बड़ी नहीं है। परिस्थितियां कठिन हो सकती हैं, लेकिन आपका जीवन अनमोल है। संघर्ष करने वाला व्यक्ति देर से सही, लेकिन सफलता अवश्य प्राप्त करता है।भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति संवाद, संवेदनशीलता और न्याय है। यदि विद्यार्थी शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखते हैं, तो सरकार को उनकी बात को गंभीरता से सुनना चाहिए और निष्पक्ष समाधान की दिशा में कार्य करना चाहिए यह लोकतंत्र को और मजबूत बनाता है। वहीं विद्यार्थियों की भी जिम्मेदारी है कि वे हमेशा शांति, संयम और कानून का सम्मान करते हुए अपनी बात रखें।आज आवश्यकता केवल कठोर कानून बनाने की नहीं, बल्कि उन्हें पूरी ईमानदारी से लागू करने की है। यदि किसी भी स्तर पर पेपर लीक, भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़े में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। कानून का सम्मान तभी बढ़ता है जब न्याय समय पर और बिना किसी भेदभाव के दिखाई देता है।लेकिन समाधान केवल सरकार से नहीं आएगा। समाज, परिवार, विद्यालय, शिक्षक और स्वयं विद्यार्थियों को भी नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाना होगा। जिस दिन हम ईमानदारी को सबसे बड़ी उपलब्धि मानने लगेंगे, उसी दिन पेपर लीक जैसी घटनाएं भी कम होने लगेंगी। योग हमें केवल शरीर को स्वस्थ रखना नहीं सिखाता, बल्कि सत्य, अनुशासन, धैर्य और आत्मसंयम का मार्ग भी दिखाता है। आज समय युवाओं का विश्वास लौटाने का है। एक ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनानी होगी जहां किसी विद्यार्थी को यह डर न हो कि उसकी मेहनत किसी बेईमानी के कारण व्यर्थ हो जाएगी। आइए, हम सब मिलकर ऐसा भारत बनाने का संकल्प लें, जहां हर परीक्षा निष्पक्ष हो, हर मेहनत का सम्मान हो, हर युवा आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों की ओर बढ़े और हर नागरिक ईमानदारी को अपनी सबसे बड़ी पहचान बनाए। याद रखिए पेपर लीक केवल प्रश्नपत्र की चोरी नहीं है, यह देश के भविष्य, युवाओं के विश्वास और राष्ट्र की प्रतिभा की चोरी है। इसे रोकना होगा यह कार्य सरकार के साथ समाज को भी करना होगा क्योंकि जब युवा मजबूत होगा, तभी राष्ट्र मजबूत होगा; और जब व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा, तभी भारत विश्व का सच्चा नेतृत्व कर सकेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि आज राहुल गांधी का आचरण पूरी तरह से अशोभनीय और निंदनीय रहा। नेता प्रतिपक्ष जैसा गरिमामय पद होने के बावजूद राहुल गांधी उसे गंभीरता से नहीं लेते हैं, यह आज उनके व्यवहार से स्पष्ट हुआ है।लोकतंत्र में विरोध और अराजकता अलग-अलग बातें हैं। विरोध जब मर्यादा की सीमाओं को पार कर जाता है, तो वह अराजकता का रूप ले लेता है। आज प्रधानमंत्री जी के आवास पर जाकर जिस प्रकार राहुल गांधी और उनकी टीम ने अराजकता फैलाने का प्रयास किया, वह स्पष्ट संदेश देता है कि वे विरोध की राजनीति नहीं, बल्कि अराजकतावादी राजनीति के परिचायक बनते जा रहे हैं।राहुल गांधी ने जिन मुद्दों पर चर्चा की शर्त रखी, उन्हें भी स्वीकार किया गया। लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि नेता प्रतिपक्ष जैसे पद पर बैठा व्यक्ति अपने ही उठाए हुए विषयों से पीछे हट गया। इससे उनकी अपरिपक्वता स्पष्ट रूप से झलकती है। विपक्ष के साथ संसद के पटल पर हर प्रकार का संवाद स्वीकार्य है, लेकिन इस प्रकार का व्यवहार देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
नीट मामले को लेकर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शनएबीएन सेंट्रल डेस्क। आज कांग्रेस पार्टी के द्वारा नीट एवं छात्रों के अधिकार को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद सुखदेव भगत भी शामिल हुए और छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए राजभवन का घेराव किया।
लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने मल्लिकार्जुन खरगे को दी जन्मदिन की शुभकामनाएंमल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व से कांग्रेस को मिल रही नयी ऊर्जा : सुखदेव भगतएबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जन्मदिन के अवसर पर लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने नयी दिल्ली में उनसे शिष्टाचार मुलाकात कर जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने श्री खरगे को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की।सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे का नेतृत्व कांग्रेस पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके अनुभवी नेतृत्व, संगठन क्षमता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने पार्टी को नई दिशा और नयी ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि खरगे जी का लंबा राजनीतिक अनुभव और जनहित के मुद्दों पर उनकी स्पष्ट सोच कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। सांसद ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि कांग्रेस पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा भरने वाले, कुशल संगठनकर्ता एवं आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे सदैव स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों और देश व समाज की सेवा के अपने संकल्प को इसी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाते रहें। इस अवसर पर सांसद सुखदेव भगत ने विश्वास व्यक्त किया कि खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी जनहित, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के अपने संकल्प को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ायेगी तथा देशभर के कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
परिवार व्यवस्था, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हत्याकांड आयोग रिपोर्ट पर विश्व हिंदू परिषद के प्रस्तावसंत रविदास जी की 650वीं जयंती एवं श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जयंती पर विशेष योजनाएंएबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19-20 जुलाई 2026 को तेरापंथ भवन, छतरपुर, नयी दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने भाग लिया। समसामयिक राष्ट्रीय एवं सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गये।परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का प्रस्तावबैठक में भारतीय समाज की मूल शक्ति परिवार व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय परिवार व्यवस्था ने सदियों से समाज को संस्कारित, संगठित एवं आत्मीय बनाए रखा है। वर्तमान समय की चुनौतियों का समाज एवं शासन दोनों स्तरों पर गंभीर समाधान आवश्यक है। कुछ न्यायिक निर्णयों ने पारंपरिक सुदृढ़ कुटुंब व्यवस्था को ठेस पहुंचायी है,जैसे विवाहेत्तर संबंधों को मान्यता,लिव इन रिलेशन को वैधानिकता, समलैंगिकता को मान्यता आदि, इन पर व्यापक चर्च कराकर कानून बनाना ताकि पारिवारिक क्षति को रोका जा सके। परिषद ने परिवार प्रबोधन तथा पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण हेतु व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जी की हत्या की जांच आयोग रिपोर्ट पर चिंतापूज्य स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जी की कंधमाल (ओडिशा) में हुई निर्मम हत्या की जांच हेतु गठित आयोग की रिपोर्ट गायब होने तथा सार्वजनिक न किये जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गयी। केंद्रीय प्रबंध समिति ने मांग की है कि सी.बी.आई द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। परिषद ने कहा कि इस राष्ट्रीय महत्व के विषय पर सत्य सामने लाना न्याय एवं जनविश्वास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उड़ीसा में मतान्तरण पर पूर्ण प्रतिबन्ध का आह्वान किया गया।संत रविदास जी की 650वीं जन्मशती पर विशेष वक्तव्यसंत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्मशती के अवसर पर विशेष वक्तव्य पारित किया गया। परिषद ने कहा कि संत रविदास जी द्वारा दिये गये सामाजिक समरसता, समानता, आध्यात्मिक चेतना एवं मानव मयार्दा के संदेश आज भी पूरे भारतीय समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। परिषद पूरे देश में विविध कार्यक्रम आयोजित कर उनके संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लेती है।श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जन्म शताब्दी वर्ष के निमित्त योजनाएं27 सितंबर 2026 को श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के प्रणेता श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जयंती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे वर्ष उनके द्वारा हिंदू समाज के लिए किये गये अतुलनीय कार्यों को समाज के मध्य ले जाया जायेगा। उनकी शताब्दी वर्ष में विश्व हिंदू परिषद संगठनात्मक विस्तार पर विशेष ध्यान देगी। अशोक सिंघल जी ने राम मंदिर आंदोलन को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया।हिंदू जागरण अभियान चलाये, सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया, गौआधारित कृषि के माध्यम से गौरक्षा एवं उनके संवर्धन के कार्य को बढ़ाया जायेगा। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की पुनर्स्थापना का केन्द्र बनेंगे वेद विद्यालय। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद को एक शक्तिशाली संगठन के रूप में स्थापित किया। उनके दूरदर्शी विचारों एवं अथक प्रयासों ने हिंदू समाज में नयी चेतना का संचार किया। 1 करोड़ हितचिंतक बनाने का संकल्प किया गया।बैठक का समापन हिंदू समाज को संगठित करने, सनातन मूल्यों की रक्षा करने तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ। जय श्री राम! उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय प्रचार प्रसार विभाग के विजय शंकर तिवारी ने दी।
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