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 डॉ. के. कस्तूरीरंगन : इसरो के दिग्गज से शिक्षाविद् तक
Published / 2025-04-25 20:23:54
डॉ. के. कस्तूरीरंगन : इसरो के दिग्गज से शिक्षाविद् तक

अंतरिक्ष मिशन और शिक्षा सुधारों में जीवित रहेगी कस्तूरीरंगन की विरासतएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारत के महान अंतरिक्ष वैज्ञानिक और शिक्षाविद् डॉ. के. कस्तूरीरंगन का आज सुबह 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने बंगलूरू में मौजूद अपने आवास पर सुबह 10:43 बजे अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वर्ष 2023 में श्रीलंका यात्रा के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद वे बहुत कम ही बाहर निकलते या देखे जाते थे। के. कस्तूरीरंगन सिर्फ एक वैज्ञानिक नहीं थे, बल्कि वे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम और शिक्षा प्रणाली के दो स्तंभों में अहम भूमिका निभाने वाले व्यक्ति थे। उन्हें लोग ज्ञानकोश (इनसाइक्लोपीडिया) के नाम से भी याद करते हैं, क्योंकि उनके पास विज्ञान और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में गहरा ज्ञान था।डॉ. कस्तूरीरंगन ने लगभग 35 वर्षों तक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में सेवाएं दीं। वे 1994 से 2003 तक इसरो के अध्यक्ष, अंतरिक्ष कमीशन के प्रमुख और भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग के सचिव रहे। 27 अगस्त 2003 को उन्होंने यह जिम्मेदारी छोड़ी। उनकी अगुवाई में भारत के कई अहम अंतरिक्ष मिशनों ने सफलता प्राप्त की। वे भारत के पहले दो एक्सपेरिमेंटल अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स - भास्कर प्रथम और द्वितीय के परियोजना निदेशक रहे। उन्होंने आईआरएस-1ए, भारत के पहले ऑपरेशनल रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट, का भी नेतृत्व किया।भारत के सबसे सफल रॉकेट पीएसएलवी (पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) को लॉन्च और ऑपरेशनल बनाने का श्रेय भी उन्हें ही जाता है। उन्होंने जीएसएलवी (जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) की पहली सफल उड़ान का परीक्षण कराया। उनके कार्यकाल मंल भारत की पहली स्पेस-बेस्ड हाई-एनर्जी एस्ट्रोनॉमी ऑब्जर्वेटरी की नींव भी रखी गई। उन्हें अंतरिक्ष में कॉस्मिक एक्स-रे और गामा रे स्रोतों पर किए गए शोध के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने यह भी अध्ययन किया कि इन किरणों का हमारे वायुमंडल पर क्या प्रभाव पड़ता है।शिक्षा सुधारों में अग्रणी भूमिकाइसरो से सेवानिवृत्त होने के बाद, डॉ. कस्तूरीरंगन ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाई। वे 2003 से 2009 तक राज्यसभा सांसद रहे और इस दौरान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज (एनआईएएस) के निदेशक भी रहे। वर्ष 2008 में वे कर्नाटक नॉलेज कमीशन के प्रमुख बने। 2009 से 2014 तक वे योजना आयोग के सदस्य रहे। वर्तमान सरकार ने 2017 में उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार करने वाली 9 सदस्यीय समिति का अध्यक्ष बनाया। डॉ. कस्तूरीरंगन की समिति की तरफ से तैयार एनईपी 2020 आज भारत में नई शिक्षा नीति के रूप में लागू की गई है। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।शैक्षणिक संस्थानों से भी गहरा नातावे आईआईटी रुड़की, आईआईटी मद्रास और आईआईएससी बंगलूरू जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य भी रहे। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, वे हर क्षेत्र की गहराई से समझ रखने वाले व्यक्ति थे, इसलिए उन्हें चलता-फिरता ज्ञानकोश कहा जाता था।शिक्षा और विज्ञान में सर्वोच्च सम्मानडॉ. कस्तूरीरंगन को उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने देश के तीन बड़े नागरिक सम्मान दिए:पद्मश्री (1982) पद्म भूषण (1992)पद्म विभूषण (2000)

पहलगाम कांड के बाद घाटी में बढ़ी सैन्य गतिविधियां
Published / 2025-04-25 20:17:27
पहलगाम कांड के बाद घाटी में बढ़ी सैन्य गतिविधियां

पहलगाम का बदला तय: पाकिस्तान की उलटी गिनती शुरू भारतीय वायुसेना ने शुरू किया आक्रमण युद्धाभ्यासएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है, और इसके मद्देनजर भारतीय वायुसेना ने एक विशेष युद्धाभ्यास आक्रमण की शुरुआत की है। इस एक्सरसाइज का उद्देश्य वायुसेना की आक्रमकता और तत्परता को परखना है, खासकर ऐसे समय में जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच हालात बेहद संवेदनशील हो चुके हैं।सूत्रों के मुताबिक, इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना ने पहाड़ी और जमीनी ठिकानों पर हमला करने की तैयारी की है। इस एक्सरसाइज के तहत, वायुसेना के पायलट्स रियल वॉर सिचुएशन में दुश्मन के ठिकानों पर लंबी दूरी से बमबारी कर रहे हैं। पूर्वी सेक्टर से वायुसेना के कई उपकरणों को सेंट्रल सेक्टर में भेजा गया है, ताकि रणनीतिक रूप से पूरे इलाके में मारक क्षमता का परीक्षण किया जा सके।इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं, जो ग्राउंड अटैक, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और स्ट्राइक मिशन की तैयारियों में जुटे हैं। इसमें वायुसेना के टॉप पायलट्स की टीम हिस्सा ले रही है, जो युद्ध की स्थिति में तेज़ी से निर्णय लेने के लिए अपनी क्षमताओं का परीक्षण कर रहे हैं।यह अभ्यास विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यह ऐसे वक्त में हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ चुका है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें सीमा पर तैनाती और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर पैनी नज़र रखना शामिल है।आक्रमण एक्सरसाइज भारतीय वायुसेना की आक्रामक रणनीति और अपनी तत्परता को उजागर करती है। यह युद्धाभ्यास केवल रक्षा क्षमता को परखने का अवसर नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश भी है कि भारत अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

अब मिट्टी में मिलेंगे आतंकी : पीएम मोदी
Published / 2025-04-24 21:04:46
अब मिट्टी में मिलेंगे आतंकी : पीएम मोदी

आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है, बिहार की धरती से पीएम मोदी का कड़ा संदेशएबीएन न्यूज नेटवर्क, मधुबनी/ पटना। बिहार के मधुबनी जिले में पंचायती राज दिवस समारोह के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर गहरा शोक व्यक्त किया। अपने संबोधन की शुरूआत में ही उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे जहां हैं, वहीं बैठकर दो मिनट का मौन रखें और 22 अप्रैल को शहीद हुए नागरिकों को श्रद्धांजलि दें। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया। उन आतंकियों को।। साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी कड़ी मिलेगी।

जम्मू-कश्मीर : नाम पूछ आतंकियों ने 30 से ज्यादा टूरिस्टों को मार दी गोली
Published / 2025-04-22 21:29:49
जम्मू-कश्मीर : नाम पूछ आतंकियों ने 30 से ज्यादा टूरिस्टों को मार दी गोली

30 से अधिक लोगों की मौत की आशंका, कई अन्य घायल, एनआइए की टीम करेगी जांच एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने टूरिस्टों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। ये हमला दोपहर करीब 3 बजे बैसरन घाटी में हुआ, जिसे अक्सर मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। हमले के दौरान 2-3 आतंकी पुलिस की वर्दी में आये और टूरिस्टों के ग्रुप पर 50 से ज्यादा राउंड फायरिंग की। सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में 26 से लोगों की मौत की आशंका है, जबकि कई लोग घायल हैं। आतंकियों ने अचानक गोलियां बरसायी बताया जा रहा है कि आतंकी पहाड़ से उतरकर सीधे टूरिस्टों के बीच पहुंचे और गोलियां चलाने लगे। हमले का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग खून से लथपथ जमीन पर पड़े हैं, और कई महिलाएं अपने परिजनों को रोते हुए खोज रही हैं। गृहमंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंचे हमले की खबर मिलते ही गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की और इमरजेंसी बैठक बुलाई। अब अमित शाह श्रीनगर पहुंच चुके हैं और वहां सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं। एनआईए की टीम भी 23 अप्रैल को पहलगाम पहुंच सकती है। पीएम मोदी का सख्त संदेश प्रधानमंत्री मोदी, जो इस समय सऊदी अरब दौरे पर हैं, उन्होंने  (ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि इस हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें किसी हाल में छोड़ा नहीं जायेगा। उनका नापाक मंसूबा कभी सफल नहीं होगा। उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी कहा कि ये हमला हाल के सालों में सबसे बड़ा हमला है और आम नागरिकों को सीधे निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मृतकों की सही संख्या की पुष्टि की जा रही है।

राजकोषीय घाटा कंट्रोल में, कर्ज को समझदारी से संभाल रहा भारत : निर्मला सीतारमण
Published / 2025-04-22 21:24:31
राजकोषीय घाटा कंट्रोल में, कर्ज को समझदारी से संभाल रहा भारत : निर्मला सीतारमण

अमेरिका में भारतीयों से संवाद में वित्त मंत्री ने कहा सरकार अपने लक्ष्य पर अडिग है, 2026 तक घाटा 4.5% से नीचे लाने और कर्ज-जीडीपी अनुपात को घटाने की दिशा में गंभीर एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत अपने सरकारी ऋण का बेहतर प्रबंधन कर रहा है ऐसे में राजकोषीय घाटे के अनियंत्रित होने का सवाल ही नहीं उठता है। सैन फ्रांसिस्को में भारतीय प्रवासियों से बातचीत करते हुए रविवार की सुबह सीतारमण ने कहा, राजकोषीय घाटे के नियंत्रण से बाहर जाने का कोई सवाल ही नहीं है। जो लक्ष्य दिया गया है, उसका पूरी ईमानदारी से पालन किया जा रहा है। इस साल संशोधित अनुमानों (वित्त वर्ष 2025 के लिए) में हमने कहा कि हम जीडीपी के 4.8 फीसदी के स्तर को छू लेंगे। संशोधित अनुमानों में जो भी कहा गया है, उसे वास्तव में हासिल कर लिया जायेगा। वित्त वर्ष 2026 में हमें जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे पहुंचना चाहिए। सीतारमण की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पूवार्नुमान एजेंसियों ने वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए भारत के वित्त वर्ष 2026 के वृद्धि अनुमानों को कम कर दिया है। कुछ अर्थशास्त्रियों ने चालू वित्त वर्ष में सरकारी राजस्व में कमी का अनुमान लगाया है। वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय अनुशासन के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता महज एक बयान भर नहीं है बल्कि यह सरकार के कर्ज प्रबंधन के रुझान से भी स्पष्ट होता है। उन्होंने कहा, कोविड के तुरंत बाद, हमारी कर्ज की स्थिति ऐसी थी कि हम जीडीपी के 62 फीसदी से ऊपर के स्तर पर चले गये।लेकिन अब चार वर्षों के भीतर हम इसे घटाकर जीडीपी के 57.4 प्रतिशत के स्तर पर ले आए हैं। चार वर्षों के भीतर आप जीडीपी-ऋण अनुपात को स्वीकार्य स्तर पर लाने के लिए उठाए गए कदमों को साफतौर पर देख सकते हैं। पिछले वर्ष जुलाई के बजट में हमने यह स्पष्ट रूप से कहा था कि 2030 तक ऋण-जीडीपी अनुपात 50 प्रतिशत के करीब आ जाएगा जबकि विकसित देशों में जीडीपी के अनुपात में 100 प्रतिशत से अधिक ऋण है। हम अपने कर्ज का प्रबंधन इस तरह कर रहे हैं। सीतारमण ने कहा कि भारत, अमेरिका के साथ अपने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत के अहम चरण में पहुंच चुका है और इस वर्ष सितंबर तक इस समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत उन देशों में से एक है जो अमेरिका में नई सरकार के साथ सक्रियता से बातचीत कर रहा है ताकि यह देखा जा सके कि हम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को कैसे पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, समान रूप से हम यहां सरकार के साथ जुड़ने को प्राथमिकता दे रहे हैं और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी में अमेरिका की यात्रा से भी जाहिर होता है। यहां वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री भी आये थे। मैं यहां आई हूं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की बैठक भी है। मेरा यहां वित्त मंत्री स्कॉट बेसैंट के साथ मिलने का कार्यक्रम भी तय है। जब मैं यहां आपसे बात कर रही हूं, ठीक उसी वक्त अमेरिका के उप राष्ट्रपति भारत में हैं। वे आज शाम या कल प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करेंगे। भारत, भविष्य में वैश्विक नेतृत्व करने और इसका मौजूदा बजट किस तरह ऐसी महत्वकांक्षाओं का समर्थन करता है, इस सवाल पर सीतारमण ने सेमीकंडक्टर, मॉड्यूलर परमाणु ऊर्जा सहित अक्षय ऊर्जा, डिजिटल बुनियादी ढांचे और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत की प्रगति पर जोर दिया।

यूपीएससी : प्रयागराज की शक्ति दुबे बनीं टॉपर
Published / 2025-04-22 18:50:10
यूपीएससी : प्रयागराज की शक्ति दुबे बनीं टॉपर

यूपीएससी के नतीजे घोषित, दूसरे नंबर पर हर्षिता गोयल एबीएन कैरियर डेस्क। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2024 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिये हैं। शक्ति दुबे यूपीएससी सीएसई 2024 के टॉपर बने हैं, दूसरे स्थान पर हर्षिता गोयल और तीसरे स्थान पर डोंगरे अर्चित पराग हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और अन्य केंद्रीय सेवाओं (समूह ए और बी) सहित प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए कुल 1,009 उम्मीदवारों की सिफारिश की गयी है।  जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, वे अपना परिणाम यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। शक्ति दुबे ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में स्नातक (विज्ञान स्नातक) किया है। आयोग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि उन्होंने राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर परीक्षा उत्तीर्ण की। एमएस यूनिवर्सिटी आफ बड़ौदा से बीकॉम की डिग्री प्राप्त हर्षिता गोयल ने राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय के रूप में रखते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया। डोंगरे अर्चित पराग, जिन्होंने वीआईटी, वेल्लोर से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बैचलर आफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) की डिग्री प्राप्त की है, दर्शनशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में रखते हुए तीसरे स्थान पर रहे। गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बैचलर आफ इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त शाह मार्गी चिराग ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर चौथा स्थान हासिल किया है।

500 रुपये के नोट को लेकर गृह मंत्रालय चिंतित
Published / 2025-04-21 20:22:12
500 रुपये के नोट को लेकर गृह मंत्रालय चिंतित

500 रुपये के नोट को लेकर बड़ी खबर, गृह मंत्रालय ने जारी किया हाई अलर्ट एबीएन सेंट्रल डेस्क। बाजार में ऐसा नकली 500 का नोट आ गया है, जो दिखने में बिल्कुल असली जैसा लगता है। गृह मंत्रालय ने इसे लेकर गंभीर चिंता जताते हुए डीआरआई, एफआईयू, सीबीआई, एनआईए, सेबी समेत तमाम एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है। नकली नोट गुणवत्ता और प्रिंट के मामले में असली नोटों से बहुत मिलते-जुलते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा है। इनका रंग और बनावट भी काफी हद तक असली नोटों जैसे हैं। कैसे पहचानें नकली नोटगृह मंत्रालय के अनुसार, इन नोटों में एक बारीक लेकिन अहम गलती है—रिजर्व बैंक आफ इंडिया में रिजर्व की स्पेलिंग गलत है। असली नोट में ए आता है, जबकि नकली में इसे गलती से अ लिखा गया है। नकली नोट की बनावट भी असली जैसी रंग, प्रिंट और कागज की गुणवत्ता असली नोट से बेहद मेल खाती है, जिससे आम आदमी के लिए पहचानना मुश्किल हो रहा है। एजेंसियों का मानना है कि बड़ी मात्रा में यह नकली नोट पहले ही बाजार में आ चुके हैं। बाजार में आ चुकी है बड़ी खेप एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि बाजार में पहले ही बड़ी संख्या में नकली नोटों की खेप पहुंच चुकी है। लिहाजा अधिकारियों ने नागरिकों और संस्थानों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मुद्रा की रिपोर्ट करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि किसी भी एजेंसी के लिए यह जानना संभव नहीं है कि बाजार में कितनी नकली नोट चल रही है। यही वजह है कि गृह मंत्रालय को इस बात की काफी चिंता है और उसने लोगों से भी अलर्ट रहने के लिए कहा है। बैंकों को सतर्क रहने का निर्देश सरकार ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। सभी को नोटों की स्कैनिंग के लिए मशीनें उपलब्ध करायी गयी हैं और किसी भी संदिग्ध मुद्रा की सूचना तुरंत जांच एजेंसियों को देने को कहा गया है। सुरक्षा के लिए नयी व्यवस्था सरकार ने एफआईसीएन समन्वय समूह (एफसीओआरडी), टीएफएफसी सेल और एनआइए जैसी एजेंसियों के माध्यम से इस पर नजर रखनी शुरू कर दी है ताकि नकली मुद्रा का नेटवर्क तोड़ा जा सके।

नोटबंदी: भारत के आर्थिक नवजागरण की दस्तक
Published / 2025-04-20 21:52:28
नोटबंदी: भारत के आर्थिक नवजागरण की दस्तक

नोटबदली से नोटबंदी पुस्तक का भव्य विमोचनएबीएन सेन्ट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। देश में जब नोटबंदी के फैसले पर बहस जारी है, तब एक शोधपूर्ण दस्तावेज़ ने इस निर्णय की गहराइयों को उजागर करते हुए सबको चौंका दिया है। नोटबदली से नोटबंदी: भारत के आर्थिक महाशक्ति बनाने की संकल्प यात्रा एवं उपलब्धियां—शीर्षक इस पुस्तक का लोकार्पण शनिवार को दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय पुस्तकालय सभागार में हुआ, जिसमें देश के शीर्ष राजनीतिक, न्यायिक, सैन्य और शैक्षणिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। राज्यसभा के उपसभापति और प्रख्यात पत्रकार हरिवंश नारायण सिंह ने पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा, नोटबंदी ने न केवल अर्थव्यवस्था में चुस्ती लाई, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी नकेल कसी। यह पुस्तक तथ्यों और शोध पर आधारित दस्तावेज़ है जो भारत को आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर ले जाने की यात्रा का साक्षी है। पूर्व न्यायमूर्ति शम्भूनाथ श्रीवास्तव ने लेखक राजेश झा को उदीयमान आर्थिक इतिहासकार कहते हुए सराहा और कहा कि जब सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है, तब यह पुस्तक एक ज़रूरी दस्तावेज़ के रूप में उभरती है। लेफ्टिनेंट जनरल ए.एस. रावत ने भी इस पुस्तक को सुरक्षा दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए नोटबंदी के राष्ट्रीय हितों पर पड़े प्रभाव को बेबाकी से प्रस्तुत करने के लिए लेखक की प्रशंसा की। वहीं, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. अश्विनी महाजन ने इस पुस्तक को साहसिक बताते हुए कहा कि इसमें देश के नेताओं और नौकरशाहों की विफलताओं पर भी खुलकर चर्चा की गई है। शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. जे.एस. राजपूत ने कहा कि हिन्दी में इस तरह का शोधपूर्ण मौलिक लेखन विरल है और यह पुस्तक उस अभाव को पूरा करती है। पुस्तक के लेखक और वाणिज्यिक पत्रकार राजेश झा ने बताया कि यह पुस्तक आठ वर्षों की शोध यात्रा का परिणाम है। उन्होंने कहा, 99% करेंसी वापसी को नाकामी मानने वाले यह नहीं बताते कि एक ही नंबर के तीन-चार नोट चलन में थे। इस हिसाब से 301% जाली नोट सिस्टम से बाहर हुए। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार के इस फैसले ने देश को आर्थिक पतन से बचाया। कार्यक्रम में देशभर से आए उच्चाधिकारी, प्रोफेसर, शोधार्थी और न्यायविद् शामिल हुए। 102 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी आर. माधवन पिल्लई की उपस्थिति ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया, जिन्होंने राष्ट्रगीत गाकर माहौल को देशभक्ति से भर दिया। प्रकाशक संस्था आरजेपी की ओर से यह संकल्प लिया गया कि केवल राष्ट्रवाद प्रेरित सारगर्भित पुस्तकों का ही प्रकाशन किया जाएगा। यह पुस्तक केवल विमर्श नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के पुनर्जागरण की घोषणा है — और आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ के रूप में स्थापित होने जा रही है।

उड़ाने की धमकी के बाद बढ़ायी गयी राम मंदिर की सुरक्षा
Published / 2025-04-15 20:51:16
उड़ाने की धमकी के बाद बढ़ायी गयी राम मंदिर की सुरक्षा

राम मंदिर समेत यूपी के 10-15 जिलों में आया धमकी भरा ई-मेल, कहा- बढ़ा लो सुरक्षा एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के 10-15 जिलों में जिलाधिकारियों के आधिकारिक ई-मेल पर धमकी आयी है। इन जिलों के अलावा अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट को भी धमकी भरा मेल आया है। राम मंदिर ट्रस्ट को आये ई-मेल में कहा गया है कि सुरक्षा बढ़ा लो... इसमें कहा गया कि अगर ऐसा नहीं होगा तो राम मंदिर को बम से उड़ा दिया जायेगा। बात राम मंदिर की करें तो बीते सोमवार की रात राम जन्मभूमि ट्रस्ट के मेल पर धमकी भरा मेल आया था। इसमें लिखा था-बढ़ा लो मंदिर की सुरक्षा।जिसके बाद अयोध्या के साइबर थाने में एफआइआर दर्ज करवायी गयी है। इस मामले की जांच साइबर सेल कर रही है। धमकी भरा मेल पहुंचने के बाद व्यापक सर्च आपरेशन चलाया गया। अयोध्या के साथ-साथ बाराबंकी चंदौली समेत कई अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को भी धमकी भरा मेल आया है। बाराबंकी, फिरोजाबाद और चंदौली के जिलाधिकारी को बम से उड़ाने की धमकी का मेल आया है। जानकारी के अनुसार यह मेल तमिलनाडु से किये गये हैं। वहीं अन्य जिलों की बात करें तो कम से कम 10-15 जिलों के डीएम के आधिकारिक सूचना तंत्र पर धमकी भरा ई-मेल आया। अलीगढ़ डीएम को भी आया मेल इसके अलावा अलीगढ़ कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। डीएम की आॅफिशियल ईमेल पर धमकी दी गयी है। धमकी के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। कलेक्ट्रेट पर पुलिस बल डॉग स्क्वायड व अन्य उपकरणों के साथ जांच कर रहा है। अलीगढ़ जिला कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी का मेल आने के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिला कलेक्ट्रेट अलीगढ़ परिसर को खाली कराया गया है। परिसर के सभी गेट  बंद करा दिए गये है। जिसके बाद चार टीम पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गयी। मौके पर डॉग स्क्वॉड सहित अन्य टीमों को लगाया गया है। साथ ही जिला कलेक्ट्रेट अलीगढ़ परिसर में मौजूद सभी विभागों को बंद कराया गया है।  जिलाधिकारियों को आयं मेल में कहा गया है कि कलेक्ट्रेट को बम से उड़ा दिया जायेगा।

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