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हमने 100 से ज्यादा आतंकी मारे : भारतीय सेना
Published / 2025-05-11 22:01:16
हमने 100 से ज्यादा आतंकी मारे : भारतीय सेना

9 आतंकी ठिकानों पर 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गये : आपरेशन सिंदूर पर सेना का आया बयान एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत द्वारा हाल ही में किये गये आपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के साथ तनाव को लेकर एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गयी। कॉन्फ्रेंस की शुरुआत शिवतांडव की धुन से हुई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, भारतीय वायु सेना के महानिदेशक वायु अभियान एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और भारतीय नौसेना के महानिदेशक नौसेना अभियान वाइस एडमिरल एएन प्रमोद शामिल हैं।  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि आॅपरेशन सिंदूर का उद्देश्य केवल आतंकियों का खात्मा था। उन्होंने बताया कि इस अभियान में 100 आतंकवादी मारे गए और उनके ठिकानों को नष्ट करने के प्रमाण भी प्रस्तुत किए गये। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने यह भी बताया कि मुदस्सर खार, हाफिज जमील और यूसुफ अजहर जैसे तीन प्रमुख आतंकियों को इस कार्रवाई में ढेर किया गया।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि आॅपरेशन सिंदूर की योजना पहलगाम में भारतीय नागरिकों पर हुए हमले के बाद बनायी गयी। इस आॅपरेशन का स्पष्ट सैन्य उद्देश्य आतंकवादियों और उनके ठिकानों को तबाह करना था। उन्होंने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने सीमा पार आतंकी कैंपों की गहराई से पहचान की, जिनमें से कई ठिकाने पहले ही खाली कर दिए गए थे। हालांकि, नौ ऐसे ठिकाने मिले जिन्हें सक्रिय माना गया। इनमें से कुछ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और कुछ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित थे, जैसे मुरीदके, जो कसाब और डेविड हेडली जैसे आतंकियों से जुड़ा रहा है। जनरल घई ने बताया कि इस आॅपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे हाई वैल्यू टारगेट शामिल हैं। ये आतंकी कउ 814 हाइजैक और पुलवामा हमले से जुड़े थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय वायु सेना के महानिदेशक वायु अभियान एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि हालात कठिन हैं, हम यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करना चाहते थे, लेकिन यह जरूरी हो गया था। भारतीय वायुसेना ने मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी ठिकानों पर हमला किया। ये दोनों स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमा से काफी अंदर थे, इसलिए इन्हें चुनना रणनीतिक रूप से अहम था। कअऋ ने सटीक हमलों के लिए सैटेलाइट और इंटेलिजेंस आधारित टार्गेटिंग और प्रिसिशन म्यूनिशन का इस्तेमाल किया। भारतीय वायुसेना के डायरेक्टर जनरल एयर आपरेशंस एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि वायुसेना ने बेहद सतर्कता के साथ केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और किसी भी नागरिक को नुकसान नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि पूरी योजना इस तरह तैयार की गई थी कि हमले केवल आतंकी कैंपों पर सटीक रूप से केंद्रित रहें। वहीं, डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि पाकिस्तान ने हाल ही में भारतीय सैन्य अड्डों पर हमले की कई कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकतर खतरों को समय रहते नाकाम कर दिया। इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के मुरिदके में स्थित आतंकी शिविर को मिसाइल हमले में पूरी तरह तबाह कर दिया। यह वही क्षेत्र है जिसे लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद का गढ़ माना जाता है।

भारत-पाक तनाव के बीच की गयी विशेष प्रार्थना सभा
Published / 2025-05-11 21:59:50
भारत-पाक तनाव के बीच की गयी विशेष प्रार्थना सभा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 11 मई रविवार को रोम स्थित संत पेत्रुस कॉलेज में अखिल भारतीय आदिवासी समुदाय आभास के सदस्यों ने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति और नव-निर्वाचित संत पापा लियो चौदहवें के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की। पवित्र मिस्सा से पूर्व ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी के सम्माननीय प्रोफेसर, श्रेण्य फादर प्रेम खलखो, येसु समाजी ने उपस्थित आदिवासी भाई-बहनों का हृदय से स्वागत किया और इस मिलन समारोह के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए इसकी आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित किया। पवित्र मिस्सा बलिदान का संचालन श्रेण्य फादर ख्रिस्ती, येसु समाजी ने किया। अपने प्रेरणादायक प्रवचन में उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हम तभी येसु के सच्चे और अच्छे शिष्य बनते हैं जब हम उनके वचनों को न केवल सुनते हैं, बल्कि हृदय से स्वीकार कर उनके अनुसार जीवन जीते हैं। इस अवसर पर आभास परिवार ने नव-अभिषिक्त उपयाजकों—समीर, नवीन और विनय—को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समारोह के अंत में आभास के अध्यक्ष फादर विजय टोप्पो ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। आभास का आशय है अखिल भारतीय आदिवासी समुदाय—जो भारत के विविध क्षेत्रों से उच्च शिक्षा या धर्म सेवा हेतु इटली आये हुए आदिवासी भाई-बहनों का एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समूह है। इस समारोह में 60 अधिक सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। पोप लियो चौदहवें का पहला रविवार संदेश पोप लियो चौदहवें ने रेजिना चैली प्रार्थना के उपरांत दुनिया के नेताओं से युद्ध समाप्त करने की भावुक अपील की। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध की भयावहता को स्मरण करते हुए कहा, अब कभी युद्ध नहीं। उन्होंने विशेषकर यूक्रेन के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की मांग की, जहाँ निर्दोष लोग, विशेष रूप से बच्चे, युद्ध की भेंट चढ़ रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि सभी बंदी रिहा हों और बच्चे अपने परिवारों में लौट सकें। गाजा पट्टी में हाल ही में हुए हमलों पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए उन्होंने तत्काल संघर्ष विराम और मानवीय सहायता की अपील की तथा सभी बंधकों की रिहाई की मांग की। भारत-पाकिस्तान सीमा पर हाल की झड़पों को देखते हुए उन्होंने स्थायी समझौते की उम्मीद जतायी।उन्होंने कहा कि आज दुनिया में अनेक स्थानों पर संघर्ष जारी हैं और इन सभी के लिए उन्होंने शांति की प्रार्थना की। अंत में उन्होंने मदर्स डे पर सभी माताओं को शुभकामनाएं दीं— जीवित और दिवंगत दोनों के लिए प्रार्थना करते हुए। पोप ने अपने पूरे संदेश में शांति, करुणा और मानवता की गूंजती पुकार दोहरायी।

रावलपिंडी तक आपरेशन सिंदूर का असर : राजनाथ सिंह
Published / 2025-05-11 21:58:04
रावलपिंडी तक आपरेशन सिंदूर का असर : राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री बोले- अब हर साल बनेंगी 100 ब्रह्मोस मिसाइलें रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस यूनिट के उद्घाटन को भी भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह दिन लखनऊ, उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा, आज का दिन उस शक्ति की पूजा का दिन है जो हमारे सैनिकों को ताकत देती है और दुश्मनों के लिए कहर बन जाती है। भले ही मैं आज आपके बीच मौजूद नहीं हूं, लेकिन आपके उत्साह के जरिए आप मुझ तक पहुंच चुके हैं। यह खुद में एक संदेश है कि देश किसी भी स्थिति में रुकेगा नहीं, काम थमेगा नहीं और संवाद कभी टूटेगा नहीं। रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ और इस परियोजना से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और संस्थानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह फैसिलिटी देशभर के युवाओं, इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की मेहनत का नतीजा है। राजनाथ सिंह ने कहा, आप सबने दिन-रात मेहनत करके इस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी की नींव रखी है। मैं आपकी मेहनत और समर्पण को सलाम करता हूं। ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी के उद्घाटन समारोह के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि आज का दिन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के तौर पर बेहद अहम है। उन्होंने 1998 में हुए पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि यह भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता का ऐतिहासिक प्रदर्शन था। राजनाथ सिंह ने कहा, आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस है। 1998 में इसी दिन भारत ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में पोखरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी ताकत दिखायी थी। यह परीक्षण हमारे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, रक्षा कर्मियों और कई अन्य हितधारकों के वर्षों के प्रयास का नतीजा था। रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस यूनिट के उद्घाटन को भी भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। इस यूनिट से ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण, परीक्षण और एकीकरण से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। आपरेशन सिंदूर में दिखी ब्रह्मोस की ताकत : यूपी सीएम इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा, आपने आपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत की झलक जरूर देखी होगी। अगर नहीं देखी, तो पाकिस्तान से पूछ लीजिए कि ब्रह्मोस की शक्ति क्या होती है। सीएम योगी ने बताया कि आपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने उन आतंकवादी संगठनों और भारत-विरोधी ताकतों को करारा जवाब दिया है जिन्होंने भारत मां के माथे पर हमला कर कई परिवारों की सिंदूर की रेखा मिटा दी थी। इस अभियान में ब्रह्मोस मिसाइल का अहम योगदान रहा। इसी बीच भारतीय वायुसेना ने आपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। वायुसेना ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि इस मिशन को पूरी सटीकता और प्रोफेशनलिज्म के साथ अंजाम दिया गया। वायुसेना ने कहा कि, यह अभियान राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप, सुनियोजित और गोपनीय तरीके से संचालित किया गया है। आपरेशन अब भी जारी है, और इस पर विस्तृत जानकारी उचित समय पर दी जायेगी। जब तक आधिकारिक जानकारी न आए, तब तक किसी भी अटकल या अपुष्ट जानकारी के प्रसार से बचें। इस घटनाक्रम के बीच, भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम उल्लंघन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, भारतीय वायुसेना और नौसेना प्रमुख शामिल हुए। गौरतलब है कि शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर कई जगहों पर घुसपैठ कर इस समझौते का उल्लंघन किया। इससे पहले बुधवार को भारत ने पहलगाम हमले (जिसमें 26 लोगों की जान गई थी) के जवाब में आपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसमें 25 मिनट के भीतर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर 24 मिसाइलें दागी गयी। बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक पाकिस्तान ने भारत के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में 15 सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले की कोशिश की, जिसे भारतीय सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया।

भारत ने कभी हमला किया ही नहीं, जवाबी कार्रवाई की है...
Published / 2025-05-11 21:11:44
भारत ने कभी हमला किया ही नहीं, जवाबी कार्रवाई की है...

उमेश चतुर्वेदी एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने काफी सावधानी से इन स्थलों को चुना और मिसाइल एवं ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। भारत की कोशिश यह रही कि उसकी कार्रवाई की जद में सामान्य नागरिक ना आयें। लेकिन पाकिस्तान ने इसे खुद पर हमला माना। चाहे दुश्मन की हों, या अपनी, सेनाएं हमेशा चौकस रहती हैं। ऐसे में छह और सात मई की दरमियानी रात भारतीय सेनाएं जिस तरह पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर की नौ जगहों पर सफल निशाना साधने में कामयाब रहीं, उससे पाकिस्तान की सेना, उसकी चौकसी और चीन से खरीदे उसके चौकसी वाले तंत्र पर सवाल उठता है। भारत ने यह कार्रवाई पहलगाम में 22 अप्रैल को बहे बेगुनाह खूनों के जवाब में किया। भारत के खबरिया टीवी चैनल अक्सर ही जल्दबाजी में रहते हैं। उनके यहां सोच-विचार की प्रक्रिया की गुंजाइश कम है। शायद यही वजह है कि भारतीय कार्रवाई को उन्होंने पाकिस्तान पर हमला बताने में देर नहीं लगायी। लेकिन यह ध्यान रखने की बात है कि हमला एक तरह से युद्ध की शुरुआत होता। इस लिहाज से देखें तो भारत ने जवाबी कार्रवाई की है, हमला नहीं। क्योंकि भारत ने अपनी तरफ से शुरूआत नहीं की है। इसमें दो राय नहीं कि पहलगाम में बहाये गये बेगुनाह खूनों के चलते देश में गुस्से की लहर थी। पहलगाम में आतंकियों ने जिन 26 बेगुनाह लोगों का खून बहाया, उनमें एक नेपाली नागरिक भी था। हैरत की बात यह है कि इन बेगुनाहों खून बहाते वक्त आतंकियों ने बाकायदा उनसे नाम पूछा, उन्हें कुरान की आयत और कलमा पढ़ने को बोला। यहां तक कि उनके वस्त्र उतारकर उनके अंदरूनी अंगों को देखा और हिंदू होने की तसल्ली होते ही बिना वजह गोलियों से उड़ा दिया। उसमें दो ऐसी महिलाएं विधवा हुईं, जिनके माथे पर कुछ ही दिनों पहले सिंदूर का तेज शामिल हुआ था। आतंकियों ने धर्म के नाम पर इन महिलाओं का सुहाग उजाड़कर सिर्फ इन महिलाओं और उनके परिवारों को सूना ही नहीं किया, बल्कि भारतीय सहनशक्ति को चुनौती दे दी। भारत में गुस्से की लहर उड़ना स्वाभाविक था। बिहार के मधुबनी में एक सभा में प्रधानमंत्री मोदी का कहना कि सुहाग उजाड़ने वाले आतंकियों का पीछा करके उन्हें खोजकर मिट्टी में मिला दिया जाएगा, उस गुस्से की ही अभिव्यक्ति थी। उसी अभिव्यक्ति को भारतीय सेनाओं ने बीती छह और सात मई की आधी रात को एक बजकर पांच मिनट से डेढ़ बजे के बीच जमीनी हकीकत बना दिया। इस हमले में पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित मौलाना मसूद अजहर का केंद्र भी रहा, जिसने थोक के भाव से आतंकियों को पैदा किया और भारत निर्यात किया है। जिसमें 26 नवंबर 2008 को मुंबई को खून से लाल कर देने वाले अजमल कसाब और उसका षडयंत्र रचने वाले रिचर्ड हेडली भी शामिल थे।  भारत ने काफी सावधानी से इन स्थलों को चुना और मिसाइल एवं ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। भारत की कोशिश यह रही कि उसकी कार्रवाई की जद में सामान्य नागरिक ना आयें। लेकिन पाकिस्तान ने इसे खुद पर हमला माना। दिलचस्प यह है कि उसने आतंकी ठिकानों को नागरिक ठिकाने बताना शुरू किया। इसके साथ ही उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह भी बताना तेज कर दिया कि भारत ने मासूमों को निशाना बनाया है। फिर उसने आतंकवादी कार्रवाई पर साझा जांच का प्रस्ताव रखा। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसे स्वीकार नहीं किया है।  पाकिस्तान एक तरफ जहां खुद को प्रताड़ित बता रहा है, वहीं वह सात-आठ मई की रात से लगातार भारतीय क्षेत्रों में हमला कर रहा है। दुखद बात यह है कि वह खुद भारतीय क्षेत्र में नागरिक ठिकानों और घरों को निशाना बना रहा है। कश्मीर सीमा पर पुंछ में उसने एक गुरूद्वारे पर हमला किया, जिसमें रागी समेत चार लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान लगातार भारत के सैनिक ठिकानों पर हमला कर रहा है। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक वह तकरीबन पूरी पश्चिमी सीमा पर मिसाइल, मोर्टार, ड्रोन और हवाई हमले कर चुका है। उसने चंडीगढ़, जैसलमेर, बाड़मेर, उरी, अखनूर, पहलगाम, जम्मू, लेह, सर क्रीक, भुज समेत तमाम सैनिक ठिकानों पर निशाना साधने की कोशिश कर चुका है। यह बात और है कि भारत की जवाबी कार्रवाई में उसके तकरीबन सभी प्रयास नाकाम कर दिये गये। दिलचस्प यह है कि पाकिस्तान के इन हमलों को निष्फल करने वाली आकाश मिसाइल को भारत की अपनी स्वदेशी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने बनाया है। भारत ने उनके तीन सैनिक ठिकाने जहां तबाह किये हैं, वहीं उसको लगातार जवाब दिया जा रहा है।   भारत को अपने षडयंत्र का निशाना बनाने वाले भारतीय मूल के आसिफ मुनीर लगातार हालात को बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं। सुनने में भले ही अजूबा लगे, भारत के खिलाफ आतंकी युद्ध के पीछे भारत से पाकिस्तान गए लोगों का ही हाथ रहा... ठीक 26 साल पहले पाकिस्तान ने सियाचिन इलाके में घुसपैठ के जरिए हम पर करगिल का युद्ध थोप दिया था... उस युद्ध के पीछे जनरल परवेज मुशर्रफ का हाथ था... पाकिस्तान जाने से पहले परवेज का परिवार दिल्ली के चांदनी चौक में रहता था... पहलगाम की नृशंस आतंकी कार्रवाई का षडयंत्र किस्तान के जनरल आसिफ मुनीर ने रचा। यहां जानना जरूरी है कि आसिफ का परिवार भी भारत से पाकिस्तान गया था... बंटवारे से पहले आसिफ का परिवार जालंधर में रहता था...। भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान लगातार मुंह की खा रहा है। इसके बावजूद वह दुष्प्रचार के जरिए अपनी डींगे हांक रहा है। पाकिस्तान अपने लोगों को लगातार बता रहा है कि उसकी सेनाओं ने भारत की सेना या वायुसेना को इतना नुकसान पहुंचाया। जबकि उसके ये दावे कोरे झूठ हैं। इस लिहाज से देखें तो भारत दो मोर्चों पर जूझ रहा है..पहला मोर्चा जहां सैनिक है, वहीं दूसरा मोर्चा सूचनाओं का है..अरब क्रांति के दौरान देवता के रूप में उभरा सोशल मीडिया अब देवता और दैत्य-दोनों ही भूमिकाओं में है..पाकिस्तान इन दिनों सोशल मीडिया की दैत्य वाली भूमिका का खूब उपयोग करते हुए भारत के बारे में लगातार गलत सूचनाएं दे रहा है..अपनी सेनाओं की झूठी कामयाबियों को इसी के जरिए वह फैला रहा है। भारत पर आरोप लगा रहा है कि भारतीय सेनाएं रिहायशी इलाकों और धार्मिक स्थानों पर हमला कर रही हैं.लेकिन यह गलत है और भारत का सार्वजनिक सूचना तंत्र और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय लगातार इन भ्रामक सूचनाओं को तथ्यों के साथ खारिज कर रहे हैं और पाकिस्तान के झूठ को बेपर्दा कर रहे हैं। वैसे यह दुनिया का जाना-पहचाना तथ्य है कि सीधी लड़ाई में नाकाम रहने वाले ही फर्जी खबरों का सहारा लेते हैं। सीधा युद्ध जो नहीं कर सकता, वही शेखी भी बघारता है। पाकिस्तान के दुष्प्रचार को इसी नजरिए से देखा जाना चाहिए।   सच्चाई तो यह है कि भारत ने ज्यादातर पाकिस्तानी आतंकी उत्पाद केंद्रों और रक्षा केंद्रों को निशाना बनाया है। एक तरह से देखें तो भारत इस बार आतंक की फैक्ट्रियों के खात्मे को लेकर दृढ़ संकल्प नजर आ रहा है। दूसरी तरफ पाकिस्तान ड्रोन और मिसाइलों से हमला कर रहा है और फिर उससे इनकार भी कर रहा है। इससे उसका डर भी जाहिर हो रहा है। भारत में यह मानने वालों की संख्या कम नहीं है कि पाकिस्तान का यह डर और बढ़ाया जाना चाहिए। पता नहीं यही वजह है या नहीं, लेकिन भारत की जवाबी कार्रवाई एक तरह से उसके डर को ही बढ़ाने की कोशिश कर रही है। जिन देशों की आर्थिक स्थिति खराब होती है, वे युद्ध जैसी विभीषिका से बचने की कोशिश करते हैं। लेकिन पाकिस्तान की स्थिति दूसरी है। दरअसल वहां सरकार दुनिया को दिखाने का एक चेहरा भर है। शाहबाज शरीफ भले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हों, लेकिन असल ताकत वहां सेना प्रमुख आसिफ मुनीर के हाथ है। पाकिस्तान में कह सकते हैं कि सरकार में सेना घुसी हुई है। इसे दुनिया भी स्वीकार कर रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रूबियो का आसिफ मुनीर को फोन करना और युद्ध रोकने की बात करना सरकार में सेना के घुसी होने का ही सबूत है। पाकिस्तान की सेना एक तरह से सेना प्रमुख की लिमिटेड कंपनी होती है। सेना का रोजगार युद्ध और आतंक की सप्लाई से चलता है, इसीलिए पाकिस्तान की तरफ से आसिफ मुनीर इस युद्ध को जारी रखे हुए है। लेकिन उन्हें याद रखना होगा कि जिस तरह 1948, 1965, 1971 और 1999 में भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाया, 1971 में बांग्लादेश को अलग कराया, अगर वह नहीं सुधरा तो इस बार भारत बड़ा सबक सिखाएगा।कुछ पश्चिमी राजनीतिक जानकार तो कहने भी लगे हैं कि पाकिस्तान दरअसल प्रसव पीड़ा से गुजर रहा है और हो सकता है कि इस बार उसकी कोख से बलूचिस्तान का जन्म हो जाए। इसलिए पाकिस्तान को चेतना होगा। अगर वह नहीं चेतेगा तो भारतीय सेनाएं इस बार उसे ऐसा सबक सिखाएंगी कि वह लंबे समय तो उसे भूल नहीं पाएगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिली 1.4 अरब डालर की रकम हिचकोले खाती उसकी अर्थव्यवस्था को हल्का सा सहारा ही दे सकती है, लंबे समय तक उसे ढो नहीं सकती। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक समीक्षक हैं)।

सरहद के दोनों पार करेंगे कार्रवाई : राजनाथ सिंह
Published / 2025-05-11 19:01:09
सरहद के दोनों पार करेंगे कार्रवाई : राजनाथ सिंह

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, कि भारतीय सेनाओं ने आपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा ढहाने के उद्देश्य से लॉन्च किया था। हमने उनके आम नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया था। मगर पाकिस्तान ने न केवल भारत के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया बल्कि मंदिर, गुरुद्वारा और गिरिजाघर पर भी हमले करने का प्रयास किया। भारतीय सेना ने शौर्य और पराक्रम के साथ-साथ संयम का भी परिचय देते हुए पाकिस्तान के अनेक सैन्य ठिकानों पर प्रहार करके करारा जवाब दिया है। हमने केवल सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर ही नहीं कार्रवाई की बल्कि भारत की सेनाओं की धमक उस रावलपिंडी तक सुनी गयी, जहां पाकिस्तानी फौज का हेडक्वार्टर मौजूद है।आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया भारत है जो आतंकवाद के खिलाफ सरहद के इस पार और उस पार दोनों तरफ प्रभावी कारवाई करेगा।

ब्रह्मोस की ताकत पाकिस्तान से बेहतर कौन बता सकता है : योगी
Published / 2025-05-11 15:34:44
ब्रह्मोस की ताकत पाकिस्तान से बेहतर कौन बता सकता है : योगी

सीएम योगी बोले- ब्रह्मोस की ताकत जानना है तो पाकिस्तान से पूछें, ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया को दिया संदेशएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आतंकवाद कभी प्यार की भाषा नहीं अपना सकता, उसे उसी की भाषा में जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की एक झलक देखी होगी। अगर नहीं देखी तो पाकिस्तान के लोगों से ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत के बारे में पूछिए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि आगे से आतंकवाद की कोई भी कार्रवाई युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को लखनऊ में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन एवं पी.टी.सी. कम्पनी के दो यूनिट का शिलान्यास कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि आतंकवाद की समस्या का समाधान तब तक नहीं हो सकता जब तक हम इसे पूरी तरह से कुचल नहीं देते। आतंकवाद को कुचलने के लिए हम सभी को पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक स्वर में मिलकर लड़ना होगा। आतंकवाद कभी भी प्यार की भाषा नहीं अपना सकता। उसे उसी की भाषा में जवाब देना होगा। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है।

क्या सचमुच चार दिन पहले ही आ जायेगा मानसून
Published / 2025-05-10 21:59:16
क्या सचमुच चार दिन पहले ही आ जायेगा मानसून

इस साल चार दिन पहले केरल में दस्तक दे सकता है मानसून, सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान एबीएन सेंट्रल डेस्क। मौसम विभाग ने बताया था कि इस साल दक्षिणी अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और निकोबार द्वीपसमूह में मानसून 13 मई को ही आगे बढ़ सकता है। आमतौर पर ऐसा 20 मई के आसपास होता है, लेकिन इस बार एक हफ्ते पहले ही ऐसा हो रहा है। मौसम विभाग ने रविवार को बताया कि दक्षिण पश्चिमी मानसून 27 मई को केरल पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके जल्दी केरल पहुंचने की उम्मीद है। अगर मानसून 27 मई तक केरल में दस्तक दे देता है तो यह साल 2009  के बाद से सबसे जल्दी मानसून का आगमन होगा। साल 2009 में मानसून ने केरल में 23 मई को दस्तक दे दी थी।   सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान बीते साल मानसून ने केरल में 30 मई को दस्तक दी थी। वहीं साल 2023 में 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को और साल 2020 में 1 जून को मानसून केरल पहुंचा था। आमतौर पर दक्षिण पश्चिम मानसून एक जून को केरल पहुंचकर 8 जुलाई तक पूरे भारत को कवर कर लेता है। 17 सितंबर से मानसून भारत के उत्तर पश्चिमी इलाकों से पीछे हटना शुरू हो जाता है और 15 अक्तूबर तक पूरी तरह से विदा हो जाता है। मौसम विभाग ने अपने अप्रैल महीने के अनुमान में साल 2025 में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद जतायी है। इससे अल-नीनो के असर को नकारा जा रहा है, क्योंकि अल नीनो के असर से सामान्य से कम बारिश होती है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने बताया कि भारत में इस साल चार महीने के मानसून के मौसम में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान 105 प्रतिशत बारिश हो सकती है, जो औसत बारिश 87 सेंटीमीटर से ज्यादा है। मौसम विभाग ने साफ किया कि केरल में मानसून के जल्दी या देर से आने का मतलब देश में ज्यादा या कम बारिश होना नहीं है। इसमें कई अन्य फैक्टर शामिल होते हैं। हाल में मौसम विभाग ने बताया था कि इस साल दक्षिणी अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और निकोबार द्वीप समूह में मानसून 13 मई को ही आगे बढ़ सकता है। आमतौर पर ऐसा 20 मई के आसपास होता है, लेकिन इस बार एक हफ्ते पहले ही ऐसा हो रहा है। निकोबार द्वीप समूह से केरल पहुंचने में मानसून को सामान्य तौर पर 10 दिन का समय लगता है।   देश की अर्थव्यवस्था के लिए मानसून बेहद अहम मौसम विभाग के अनुसार, 96 प्रतिशत से लेकर 104 प्रतिशत की बारिश को सामान्य माना जाता है। 90 प्रतिशत से कम बारिश को कमी माना जाता है और 90 से 95 प्रतिशत के बीच बारिश को सामान्य से कम माना जाता है। भारत के कृषि क्षेत्र के लिए मानसून बेहद अहम है। देश में कृषि पर 42 प्रतिशत आबादी की आजीविका निर्भर है और यह क्षेत्र देश के विकास में 18 प्रतिशत का योगदान देता है। साथ ही मानसूनी बारिश देश के जलाश्यों को भरने और बिजली उत्पादन के लिहाज से भी अहम है।

अब भारत-पाक में नहीं होगा युद्ध, सीजफायर पर दोनों देश सहमत
Published / 2025-05-10 19:34:39
अब भारत-पाक में नहीं होगा युद्ध, सीजफायर पर दोनों देश सहमत

भारत-पाकिस्तान पूरी तरह से सीजफायर के लिए तैयार, डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों को दी बधाई एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत-पाकिस्तान पूरी तरह से सीजफायर के लिए तैयार हो गया है। इसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी। उन्होंने एक्स पर लिखा- संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गये हैं। दोनों देशों को सामान्य बुद्धि और महान बुद्धिमत्ता का उपयोग करने के लिए बधाई। इस मामले पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद!

भारतीय सेना ने तबाह किये पाकिस्तान के आतंकी लॉन्चपैड्स
Published / 2025-05-10 14:12:38
भारतीय सेना ने तबाह किये पाकिस्तान के आतंकी लॉन्चपैड्स

भारतीय सेना का बड़ा एक्शन: पाकिस्तानी आतंकी लॉन्चपैड्स तबाहएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारतीय सेना पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे हमलों का मुंह तोड़ जवाब दे रही है। एक्शन मोड में आई सेना ने जवाबी कार्यवाही करते हुए पाकिस्तान के कई आतंकी लॉन्चपैड्स मिट्टी में मिला दिए हैं। प्लान बनाकर इन्हें एक ही झटके में ढेर किया गया। अब सेना द्वारा इनका एक वीडियो जारी किया गया है। यह कार्रवाई 8 और 9 मई की रात को की गई, जिसमें आतंक के ठिकानों को जमींदोज कर दिया गया।सूत्रों के अनुसार ये आतंकी लॉन्चपैड पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों और आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा चलाए जा रहे थे। इन अड्डों से भारत में आतंकी घुसपैठ और हमलों की साजिश रची जा रही थी। सेना की इस निर्णायक कार्रवाई ने आतंकवाद के ढांचे को गहरा झटका दिया है।पाकिस्तान सेना और आतंकी संगठनों के जरिए आम नागरिकों को निशाना बना रहा है, वहीं भारत का फोकस केवल आतंकी ठिकानों को खत्म करने पर है। भारतीय सेना की ये कार्रवाई न केवल सख्त संदेश है, बल्कि यह सीमा पार बैठे आतंकियों के लिए चेतावनी भी है।

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