Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

देश

View All
पीएम मोदी ने की शुभांशु से बात, दोनों हुए गदगद
Published / 2025-06-28 21:04:04
पीएम मोदी ने की शुभांशु से बात, दोनों हुए गदगद

पीएम ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गये शुभांशु से की बातएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से बात की, जो इन दिनों नासा के एक्सिओम 4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) की यात्रा पर हैं। शुभांशु शुक्ला बुधवार को ऐतिहासिक यात्रा पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हुए, जो 41 साल के अंतराल के बाद भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान में वापसी का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु से कहा, आप आज मातृभूमि से, भारत भूमि से सबसे दूर हैं, लेकिन भारतवासियों के दिलों के सबसे करीब हैं। आपके नाम में भी शुभ है और आपकी यात्रा नये युग का शुभ आरंभ भी है। इस समय बात हम दोनों कर रहे हैं, लेकिन मेरे साथ 140 भारतवासियों की भावनाएं भी हैं। मेरी आवाज में सभी भारतीयों का उत्साह और उमंग शामिल है।प्रधानमंत्री ने आगे कहा, अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराने के लिए मैं आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मैं ज्यादा समय नहीं ले रहा हूं, सबसे पहले तो ये बताइये कि वहां सब कुशल मंगल है, आपकी तबीयत ठीक है? जवाब में ग्रुप कैप्टन शुभांशु ने कहा, जी प्रधानमंत्री जी, आपका और 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं यहां बिल्कुल ठीक हूं, सुरक्षित हूं, आप सबके आशीर्वाद और प्यार की वजह से। बहुत अच्छा लग रहा है। यह बहुत नया अनुभव है। कहीं न कहीं बहुत सारी चीजें ऐसी हो रही हैं, जो दर्शाती हैं कि मैं और मेरे जैसे लोग देश में इस दिशा में जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, ये जो मेरी यात्रा है, ये पृथ्वी से आर्बिट की 400 किलोमीटर की छोटी सी यात्रा है, ये सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि मेरे देश की भी यात्रा है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु ने आगे कहा, मैं जब छोटा था। मैं कभी सोच नहीं पाया कि मैं अंतरिक्ष यात्री बन पाऊंगा। लेकिन मुझे लगता है कि आपके नेतृत्व में आज का भारत ये मौका देता है और उन सपनों को भी साकार करने का मौका देता है। ये मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। मैं बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं कि मैं यहां अपने देश का प्रतिनिधित्व कर पा रहा हूं। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कहा, शुभ, आप दूर अंतरिक्ष में हैं, जहां गुरुत्वाकर्षण बल न के बराबर है। पर हर भारतीय देख रहा है कि आप कितने डाउन टू अर्थ हैं। आप जो गाजर का हलवा ले गये, क्या उसे अपने साथियों को खिलाया? ग्रुप कैप्टन शुभांशु ने जवाब में कहा, जी प्रधानमंत्री जी, ये कुछ चीजें मैं अपने देश की खाने की लेकर आया था, जैसे गाजर का हलवा, मूंगदाल का हलवा और आमरस। मैं चाहता था कि ये बाकी देशों से मेरे साथी हैं, वो भी इसका स्वाद लें। वो भी भारत की समृद्ध विरासत का अनुभव करें। हम सभी ने बैठकर साथ में इसका स्वाद लिया। सबको बहुत पसंद आया। प्रधानमंत्री ने पूछा, परिक्रमा करना भारत की सदियों पुरानी परंपरा है। आपको तो धरती माता की परिक्रमा करने का सौभाग्य मिला है। अभी आप धरती के ऊपर किस भाग से गुजर रहे होंगे? ग्रुप कैप्टन शुभांशु ने जवाब में कहा, इस समय इसकी जानकारी मेरे पास उपलब्ध नहीं हैं। लेकिन थोड़ी देर पहले मैं खिड़की से बाहर देख रहा था तो हम लोग हवाई के ऊपर से गुजर रहे थे और हम दिन में 16 बार परिक्रम करते हैं। 16 सूर्योदय और 16 सूर्यास्त हम देखते हैं। यह बहुत ही अचंभित कर देने वाली प्रक्रिया है। इस समय 28 हजार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रहे हैं आपसे बात करते हुए। ये गति पता नहीं चलती क्योंकि हम अंदर हैं। लेकिन ये गति दिखाती है कि हमारा देश कितनी गति से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने आगे पूछा, अंतरिक्ष की विशालता देखकर आपको सबसे पहले क्या विचार आया? इस पर शुभांशु ने कहा, सच बोलूं तो जब पहली बार हम अंतरिक्ष में पहुंचे तो पहला नजारा पृथ्वी का था और पृथ्वी को देखकर पहला ख्याल जो मन में आया वो ये था कि पृथ्वी एक दिखती है, मतलब बाहर से कोई सीमा रेखा नहीं दिखाई देती। दूसरी चीज ये थी जब भारत को देखा तो मानचित्र के बारे में जो हम पढ़ते हैं, जो आकार होता है, वह सही नहीं होता है। भारत सच में बहुत भव्य दिखता है। बहुत बड़ा दिखता है। जितना हम मानचित्र पर देखते हैं, उससे काफी बड़ा।

भारत की विश्वदृष्टि हजारों वर्षों से अमर : पीएम
Published / 2025-06-28 18:24:35
भारत की विश्वदृष्टि हजारों वर्षों से अमर : पीएम

भारत के विचार, दार्शनिक सोच और विश्वदृष्टि हजारों वर्षों से अमर है: मोदी एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यता बताते हुए कहा है कि यह देश हजारों वर्षों से अमर है क्योंकि इसके विचार, दार्शनिक सोच और विश्वदृष्टि शाश्वत हैं। श्री मोदी ने शनिवार को यहां जाने-माने जैन संत आचार्य विद्यानंद महाराज के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा, हमारा भारत विश्व की सबसे प्राचीन जीवंत सभ्यता है। हम हजारों वर्षों से अमर हैं, क्योंकि हमारे विचार अमर हैं, हमारा चिंतन अमर है, हमारा दर्शन अमर है। और इस दर्शन के स्रोत हैं- हमारे ऋषि, मुनि, महर्षि, संत और आचार्य! आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज भारत की इसी पुरातन परंपरा के आधुनिक प्रकाश स्तम्भ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज राष्ट्र अपनी आध्यात्मिक परंपरा में एक महत्वपूर्ण अवसर देख रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन एक अन्य कारण से भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि 28 जून 1987 को श्री विद्यानंद मुनिराज को औपचारिक रूप से आचार्य की उपाधि प्रदान की गयी थी। उन्होंने कहा कि यह महज एक उपाधि नहीं बल्कि एक पवित्र धारा की शुरुआत थी जिसने जैन परंपरा को विचार, अनुशासन और करुणा से जोड़ा है। श्री मोदी ने आचार्य को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह शताब्दी समारोह कोई साधारण आयोजन नहीं है, यह एक युग और एक महान तपस्वी के जीवन की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए विशेष स्मारक सिक्के और डाक टिकट जारी किए गये हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उन्हें धर्म चक्रवर्ती की उपाधि प्रदान की गई है और वह इसे विनम्रतापूर्वक स्वीकार कर मां भारती के चरणों में समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं विशेष रूप से आचार्य श्री प्रज्ञ सागर जी का अभिनंदन करता हूं, उन्हें प्रणाम करता हूं। आपके मार्गदर्शन में आज करोड़ों अनुयायी पूज्य गुरुदेव के बताये रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। आज इस अवसर पर आपने मुझे धर्म चक्रवर्ती की उपाधि देने का जो निर्णय लिया है, मैं खुद को इसके योग्य नहीं समझता, लेकिन हमारा संस्कार है कि हमें संतों से जो कुछ मिलता है, उसे प्रसाद समझकर स्वीकार किया जाता हैं। और इसीलिए, मैं आपके इस प्रसाद को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं और मां भारती के चरणों में समर्पित करता हूं। श्री मोदी ने कहा कि आचार्य ने अपने साहित्य के जरिए और भजनों के माध्यम से प्राचीन प्राकृत भाषा का पुनरोद्धार किया। यह भगवान महावीर के उपदेशों की भाषा है। इसी भाषा में पूरा मूल जैन आगम रचा गया। लेकिन संस्कृति की उपेक्षा करने वालों के कारण यह भाषा सामान्य प्रयोग से बाहर होने लगी थी।इसे देखते हुए सरकार ने आचार्य श्री जैसे संतों के प्रयासों को देश का प्रयास बनाया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अक्टूबर में सरकार ने प्राकृत को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया। इस दिशा में एक और कदम उठाते हुए सरकार प्राचीन पाण्डुलिपियों के डिजिटलीकरण का अभियान भी चला रही है। इसमें बहुत बड़ी संख्या में जैन धर्मग्रन्थों और आचार्यों से जुड़ी पांडुलिपियां शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा में भी मातृभाषा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि वह लालकिले से राष्ट्र के नाम संबोधन में कह चुके हैं, हमें देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्ति दिलानी है। हमें विकास और विरासत को एक साथ लेकर आगे बढ़ना है। इसी संकल्प को केंद्र में रखकर, हम भारत के सांस्कृतिक स्थलों का, तीर्थस्थानों का भी विकास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में सरकार ने भगवान महावीर के दो हजार पांच सौ 50वें निर्वाण महोत्सव का व्यापक स्तर पर आयोजन किया था। सांस्कृतिक धरोहर और उसे अधिक समृद्ध बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम जरूरी हैं। इनके पीछे मूल मंत्र सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास है।

केन्या प्रवास के दौरान प्रवासी भारतीयों के साथ पीएम मोदी ने किया आत्मीय संवाद
Published / 2025-06-26 22:02:42
केन्या प्रवास के दौरान प्रवासी भारतीयों के साथ पीएम मोदी ने किया आत्मीय संवाद

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केन्या प्रवास के दौरान नैरोबी में प्रवासी भारतीयों के साथ आत्मीय संवाद का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दुनिया भर में रह रहे भारतवंशियों के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को इनके साथ भी साझा किया। आतंकवाद को लेकर भारत के जीरो टॉलरेंस की स्पष्ट नीति और अटूट प्रतिबद्धता से इन्हें अवगत कराया। प्रधानमंत्री के नये भारत के लक्ष्य और दृष्टिकोण को रेखांकित किया और भारत की परिवर्तनकारी विकास यात्रा और उपलब्धियों से इन्हें अवगत कराया। भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और इसके उभरते वैश्विक नेतृत्व पर प्रकाश डाला। #विकसितभारत2047 सिर्फ भारत का नहीं, बल्कि दुनियाभर में रह रहे हर भारतीय का संकल्प है। इस संकल्प को साकार करने के लिए इनसे भी सहयोग का आग्रह किया।   कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से यह स्पष्ट दिखा कि भारत से इनका जुड़ाव और जड़ें, दोनों ही भावनात्मक रूप से मजबूत हैं।  इस संवाद कार्यक्रम ने केन्या में भारतीय समुदाय के भारत के साथ स्थायी सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को भी जीवंतता प्रदान की। मौके पर केन्या में भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त सुशील प्रसाद, उच्चायोग के अधिकारी, केन्या में प्रतिष्ठित भारतीय संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

देश के उपराष्ट्रपति धनखड़ की तबीयत बिगड़ी
Published / 2025-06-25 20:36:50
देश के उपराष्ट्रपति धनखड़ की तबीयत बिगड़ी

डॉ महेंद्र सिंह पाल को गले लगाकर फूट-फूटकर रोये एबीएन सेंट्रल डेस्क। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का बुधवार को उत्तराखंड दौरे के दौरान भावनात्मक क्षणों में स्वास्थ्य बिगड़ गया। हल्द्वानी के आर्मी हेलीपैड पर स्वागत के बाद वह कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने 1989 में संसद में साथ रहे डॉ महेंद्र सिंह पाल का नाम बार-बार लिया। जैसे ही मंच से उतरे, उन्होंने डॉ पाल को गले लगा लिया। दोनों के बीच पुरानी यादें साझा हुईं और इसी भावुक क्षण में दोनों की आंखों से आंसू बहने लगे। भावनाओं का ऐसा ज्वार उमड़ा कि डॉ पाल के गले लगते ही उपराष्ट्रपति खुद भी रोने लगे। यह दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए भी भावनात्मक क्षण बन गया। हालांकि, इसी दौरान उपराष्ट्रपति की तबीयत अचानक बिगड़ गयी। वहां मौजूद चिकित्सकीय दल ने तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद धनखड़ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह के साथ राजभवन के लिए रवाना हुए। उपराष्ट्रपति का स्वास्थ्य फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में है। इस घटनाक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्थाएं और भी सख्त कर दी गयी हैं। मुख्य बिंदु कार्यक्रम में पूर्व सांसद डॉ महेंद्र पाल से मिलते ही भावुक हुए धनखड़ मंच से उतरकर पांच मिनट तक बातचीत की, फिर दोनों रो पड़े भावनात्मक क्षण के बाद उपराष्ट्रपति की तबीयत बिगड़ी डॉक्टरों ने मौके पर उपचार किया, फिर राजभवन रवाना हुए यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है? इस घटना ने यह दिखाया कि देश के शीर्ष पदों पर बैठे लोग भी भावनाओं से अछूते नहीं होते। राजनीति के कठिन रास्ते पर पुराने साथियों की मुलाकात ने मानवीय संवेदनाओं को उजागर कर दिया।

बुर्का पहन नेहा को पांचवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया राखी बंधवाने वाला तौफीक
Published / 2025-06-24 21:08:29
बुर्का पहन नेहा को पांचवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया राखी बंधवाने वाला तौफीक

तौफीक बुर्का पहनकर नेहा को 5वीं मंजिल से दिया धक्का, दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात दिल्ली के ज्योति नगर में तौफीक नामक युवक ने नेहा को छत से नीचे फेंक दिया। नेहा की अस्पताल में मौत हो गयी। नेहा के पिता ने तौफीक पर बुर्का पहनकर घर में घुसने का आरोप लगाया है। एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। दिल्ली के ज्योति नगर इलाके में तौफीक नाम के एक युवक ने नेहा नाम की लड़की को छत से नीचे फेंक दिया। यह घटना पांचवीं मंजिल पर हुई। नेहा को गंभीर हालत में जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। नेहा के पिता ने आरोप लगाया है कि तौफीक बुर्का पहनकर उनके घर में घुसा था और उसने उनके साथ भी हाथापाई की। परिवार का कहना है कि नेहा पहले तौफीक को राखी बांधती थी, लेकिन बाद में उसने उससे बात करना बंद कर दिया। इसके बावजूद तौफीक उसे परेशान कर रहा था और धमकी भी दे रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुरादाबाद का रहने वाला आरोपी तौफीक फिलहाल फरार है। नेहा को शादी के लिए परेशान कर रहा था पुलिस इस हत्या की गुत्थी को सुलझाने में लगी है। नेहा के पिता ने बताया कि तौफीक बुर्का पहनकर आया था। उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने उन्हें धक्का दे दिया और फिर नेहा को भी धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिर गयी। इस घटना के बाद से इलाके में मातम छाया हुआ है। नेहा की बहन ने बताया कि तौफीक पिछले एक महीने से नेहा को शादी के लिए परेशान कर रहा था। तीनों बहनें तौफीक को राखी बांधती थीं नेहा की बहन ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद बताया कि तौफीक उनके घर आया था। उन्होंने यह भी बताया कि तीनों बहनें उसे राखी बांधती थीं। नेहा ने कुछ दिन पहले अपनी मां को बताया था कि तौफीक उसे परेशान कर रहा है। नेहा की बहन ने कहा, एक महीने से तौफीक मेरी बहन को परेशान कर रहा था और शादी करने का दबाव बना रहा था। मेरी बहन ने मना कर दिया। वो ऐसा करेगा हमने सोचा भी नहीं था।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : प्रधानमंत्री मोदी ने मनाया योग दिवस
Published / 2025-06-21 10:18:21
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : प्रधानमंत्री मोदी ने मनाया योग दिवस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज दुनियाभर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का 11वां संस्करण मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लिया और करीब 5 लाख लोगों के साथ एक साथ योग किया। कार्यक्रम सुबह 6:30 बजे से 7:45 बजे तक चला, जहां प्रधानमंत्री ‘कॉमन योगा प्रोटोकॉल’ के तहत योगासन करेंगे और लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।पीएम के साथ मंच पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी योग करते नजर आए।180 देशों में मनाया जा रहा है योग दिवस·         इस साल दुनिया के 180 से अधिक देशों में योग दिवस के तहत कार्यक्रम हो रहे हैं।·         विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास और सांस्कृतिक केंद्रों में भी विशेष योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।·         योग को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने में भारत की भूमिका अहम रही है।इस साल की थीम: योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ·         2025 के योग दिवस की थीम है: एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग इसका उद्देश्य है कि लोग यह समझें कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन के बीच गहरा संबंध है।योग दिवस की शुरुआत कैसे हुई?·         वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था।·         सिर्फ 90 दिनों के भीतर 177 देशों ने इस प्रस्ताव को समर्थन देकर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया।·         पहला योग दिवस 21 जून 2015 को दुनिया भर में मनाया गया।देशभर में लाखों लोग करेंगे योग·         भारत में करीब 1 लाख से अधिक स्थलों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।·         स्कूली बच्चे, सरकारी कर्मचारी, पुलिस, आर्मी और आम नागरिक बड़ी संख्या में इस आयोजन में भाग ले रहे हैं।विशाखापट्टनम में योग संगम का भव्य आयोजन·         इस बार के मुख्य कार्यक्रम का नाम रखा गया है: योग संगम, जो समुद्र किनारे स्थित विशाखापट्टनम के ओपन ग्राउंड में आयोजित हो रहा है।·         मंच पर मोदी के साथ योग गुरुओं, खिलाड़ियों, सेना के जवानों, स्कूली बच्चों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।

बजट उपयोग की लैंगिक समीक्षा का आह्वान
Published / 2025-06-19 21:11:37
बजट उपयोग की लैंगिक समीक्षा का आह्वान

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बजट उपयोग की लैंगिक समीक्षा का आह्वान करते हुए कहा है कि इसके लिए राष्ट्रीय लक्ष्य, राज्य की प्राथमिकता और स्थानीय आवश्यकता के बीच परस्पर ताल-मेल होना चाहिए और पारदर्शिता एवं विश्लेषण में जवाबदेही होनी चाहिए। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने गुरुवार को यहां लैंगिक बजट पर एक परामर्श कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों एवं विभागों के सहयोगियों को योजनाओं की समीक्षा लैंगिक दृष्टिकोण से करनी चाहिए। योजनाओं का लाभ महिलाओं तक अधिक प्रभावी रूप से पहुंचाने के तौर तरीकों की पहचान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में स्पष्ट लैंगिक परिणाम संकेतक शामिल किये जाने चाहिए और लैंगिक बजट को अपनी दीर्घकालीन नियोजन प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

केदारनाथ यात्रा : दो और शव मिले, एक अब भी लापता
Published / 2025-06-18 21:09:39
केदारनाथ यात्रा : दो और शव मिले, एक अब भी लापता

केदारनाथ यात्रा में दर्दनाक हादसा : खाई में गिरे यात्रियों में दो की मौत, एक अब भी लापता एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तराखंड के केदारनाथ यात्रा मार्ग से एक दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आयी है। पवित्र यात्रा पर निकले श्रद्धालु उस वक्त हादसे का शिकार हो गये जब गौरीकुंड और रामबाड़ा के बीच स्थित जंगल चट्टी में अचानक संतुलन बिगड़ने से कुछ यात्री गहरी खाई में गिर गये। यह घटना बुधवार, 18 जून की सुबह करीब 12 बजे हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे की जगह और स्थिति पोल नंबर 153 के पास जंगल चट्टी के इलाके में यात्रियों का एक समूह हादसे की चपेट में आ गया। जानकारी मिलते ही राहत और बचाव कार्य में जुटी डीडीआरएफ की टीम और पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू किया गया। अब तक की स्थिति 2 यात्रियों की मौके पर मौत हो चुकी है। 3 लोग घायल बताये जा रहे हैं, जिनमें से एक को सुरक्षित निकाल कर प्राथमिक इलाज के लिए गौरीकुंड भेजा गया है। 1 व्यक्ति अब भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। रेस्क्यू टीम खाई के भीतर उतरकर सर्च आॅपरेशन में जुटी है। कैसे हो रहा रेस्क्यू? रेस्क्यू टीम खाई में उतरकर बेहद कठिन और जोखिम भरे हालात में खोजबीन कर रही है। एक घायल को कंडी (पर्वतीय इलाकों में प्रयोग होने वाला स्ट्रेचर) के जरिए बाहर निकाला गया है। फिलहाल इलाके में मौसम सामान्य है, जिससे रेस्क्यू में थोड़ी राहत मिली है। यात्रियों के लिए अलर्ट इस घटना के बाद यात्रा मार्ग पर सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन की ओर से यात्रियों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गयी है, खासकर संकरे और फिसलन भरे रास्तों पर।

लव जिहादियों के टारगेट पर मिनी मुंबई
Published / 2025-06-17 21:15:22
लव जिहादियों के टारगेट पर मिनी मुंबई

मिनी मुंबई इंदौर पर लव जिहादियों की बुरी नजर डॉ मयंक चतुर्वेदी एबीएन एडिटोरियल डेस्क। हिन्दू लड़कियों को योजना से फंसाकर उनके साथ लव जिहाद कर उन्हें कन्वर्जन करने के सबसे अधिक मामले मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आ रहे हैं। लग रहा है जैसे देश के मिनी मुंबई पर जिहादियों ने पूरी नजर गड़ा रखी है। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की स्थिति इस वक्त इतनी खराब हो गयी है कि हर रोज यहां धर्मपरिवर्तन का खेल खेला जा रहा है, जहां बात प्यार से न बने, वहां लालच दो और जहां रुपये या अन्य महंगी वस्तुओं से काम न चले, वहां डर दिखाकर कन्वर्जन कराओ लेकिन गैरमुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा इस्लाम में लाना जैसे यहां इस्लामवादियों का सबसे बड़ा मकसद नजर आ रहा है। यहां तक कि इस्लाम से जुड़े जनप्रतिनिधि भी इस मामले में सक्रिय नजर आये हैं। कांग्रेस पार्षद दे रहा था लव जिहाद के लिए दो लाख अब सामने आये प्रकरण में दो पीड़िताओं की शिकायत पर दो युवकों के खिलाफ रेप और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर की गयी है। इंदौर की बाणगंगा पुलिस की तहकीकात में सामने आया है कि लव जिहाद की घटना को अंजाम देने के लिए फंडिंग की गयी, जिसमें पुलिस ने कांग्रेस पार्षद को भी 120बी के तहत आरोपित बनाया है। जांच के दौरान सामने आये वीडियो में दोनों आरोपियों साहिल शेख और मोहम्मद अल्ताफ ने कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी का नाम लिया, जिसने लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाने और निकाह के लिए उन्हें मोटी रकम दी थी। उसने युवकों को एक लड़की को फंसाने के लिए एक लाख रुपये और निकाह कराने पर दो लाख रुपये देने की बात कही थी। साथ ही अधिकतम हिन्दू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर बाद में वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेलना भी सामने आया है।पकड़े गये दोनों युवकों ने बताया कि पार्षद पहले फोटो देखकर आश्वस्त होता है कि लड़की हिन्दू है कि नहीं, फिर उसके बाद फंडिंग की जाती। प्रत्येक युवती को अपने जाल में फंसाने के लिए एक से दो लाख रुपये दिये जाते थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने बताया कि अनवर से सामाजिक कार्यक्रम के दौरान मुलाकात हुई थी। उसने दो लाख रुपये दिये थे। यह भी कहा कि इस काम को आगे बढ़ाओ। दूसरी ओर, आरोपित साहिल खान को लेकर 18 वर्षीय पीड़िता ने अपनी आपबीती में बताया कि करीब पांच महीने पूर्व उससे हिंदू नाम से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की गयी थी। 12 मई को वह बातचीत के लिए युवती को दोस्त के रूम पर ले गया, जहां पूरी तरह भरोसे में लेकर शादी का झांसा देते हुए शारीरिक संबंध बनाये, इसके बाद साहिल उसे 30 मई को स्कीम-54 में एक कैफे पर मिलने बुलाता है जहां कई बार मना करने एवं विरोध के बाद उसके साथ जबरदस्ती की गयी। बाद में उसकी असली पहचान मुस्लिम होना उजागर हुआ। उसने बताया कि वह मुसलमान है और अब तुम भी अपना धर्म बदल लो। उसने कहा कि तू जितना पैसा मांगेगी मैं दूंगा। फिर युवती को जबरदस्ती बुरका पहनाने की कोशिश की गयी। वीडियो वायरल होने से पुलिस के हाथ लगे लव जिहादी एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का पूरे मामले को लेकर कहना है कि यह कार्रवाई वायरल वीडियो के आधार पर की गयी, अभी दो पीड़िताएं इस प्रकरण में सामने आयी हैं, इसलिए अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज की गयी और साहिल-अल्ताफ दोनों को आरोपित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों पीड़तिाओं के बयानों के आधार पर धाराएं बढ़ायी गयी हैं। इसमें पार्षद अनवर कादरी को भी आरोपी बनाया जा रहा है। सभी आरोपितों से सघन पूछताछ जारी है। वहीं, थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर ने जानकारी दी कि आरोपी साहिल शेख और अल्ताफ खान ने सोशल मीडिया पर फर्जी हिंदू नामों से आईडी बना रखी थी, इन्हीं नामों से वे युवतियों को फंसाते थे। इसके लिए इन्होंने अपने नाम अर्जुन और राज रखे हुए थे। शिकायत करने सामने आयी दोनों युवतियों से भी ये हिन्दू नाम से बात करते और उन्हें लव जिहाद का शिकार बनाया गया। इनकी मोबाइल जांच में सामने आया है कि एक बार किसी युवती के इसके झांसे में आने के बाद वे इन लड़कियों पर शादी करने एवं धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्षद ऐसे युवकों को फंडिंग करते, यह भी सामने आया है। आरोपित अल्ताफ ने अनवर से एक लाख रुपये लेना स्वीकारा है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर रही है। कादरी के अलावा भी अन्य लोगों की जांच की जा रही है। देररात पुलिस ने उसके घर छापा मारा लेकिन वह फरार हो गया। दोनों आरोपित सोमवार तक पुलिस रिमांड पर रहे। पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। ओलंपिक शूटिंग एकेडमी के कोच मोहसिन खान का प्रकरण हाल ही में आया है सामने दरअसल, इंदौर में लगातार लव जिहाद के केस सामने आ रहे हैं। ड्रीम ओलंपिक शूटिंग एकेडमी के कोच मोहसिन खान पर अब तक सात एफआरआर दर्ज हो चुकी हैं। उसने खुद एवं अन्य मुस्लिम दोस्तों व परिवार सदस्यों के साथ मिलकर कई हिन्दू लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाया और रेप किया। बजरंग दल ने दावा किया है कि मोहसिन ने 150 से अधिक हिंदू युवतियों को अपने जाल में फंसाया। ऐसे ही पुलिस ने एक अन्य प्रकरण में फरहान और हन्नेन खान को पकड़ा तो इन दोनों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किये। आरोपित हन्नेन खान ने हिंदू युवती को अपना नाम आयुष पटेल बताकर झांसे में लेना बताया। पुलिस ने हन्नेन के फोन की जांच की तो कई हिंदू युवतियों की चैटिंग मिली। इसी तरह, आरोपित फरहान ने भी युवती को हिंदू नाम बताकर झांसे में लिया था। जब युवती को उसके मुस्लिम होने की सच्चाई का पता चला तो विजय नगर थाने में मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (लव जिहाद) की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। इस प्रकरण में पीड़िता के अनुसार, फरहान के कृत्य में उसकी मां अफसाना भी शामिल है। इसी तरह के लव जिहाद के एक मामले में खजराना निवासी तोहिद रजा का खुलासा हुआ। मामले में पीड़िता ने पुलिस को बताया कि महिला मित्र की जन्मदिन की पार्टी पर तोहिद पुत्र तोफिक रजा से दोस्ती हुई थी। उसने पीड़िता से मोबाइल नंबर ले लिए और दोनों की बातचीत होने लगी। आरोपित ने युवती से कहा था कि उसका नाम राहुल है। उसने शादी का झांसा दिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिये। कुछ समय बाद पता चला कि आरोपित का असली नाम तोहिद है और लव जिहादी है। उक्त प्रकरण में टीआइ सहर्ष यादव का कहना है कि तोहिद ने पीड़िता का वीडियो बना लिया था, जिसके बाद उसने ब्लैकमेल करना शुरू किया। इंटरनेट पर वीडियो डालने की वह पीड़िता को धमकी भी देता था। उसके विरुद्ध लूट-चोरी के गंभीर मामले दर्ज हैं। वह एमडी ड्रग्स का नशा भी करता है। यहां पत्नी-पत्नी और वो की एक और झकझोर देने वाली कहानी भी हाल ही में सामने आ चुकी है। एक पति ने पहले पांच पन्नों में अपनी दर्दभरी कहानी लिखी, फिर वीडियो बनाकर रोते हुए बताया कि कैसे उसकी पत्नी जिम में जाने के बाद एक लव जिहादी की चंगुल में फंसी। तंग आकर उसने जहर खा लिया। उल्लेखनीय है कि इंदौर पुलिस की जांच में सामने आया कि शहर के कुछ कॉल सेंटर, जिम और शिक्षा केंद्रों को आरोपियों ने लव जिहाद की गतिविधियों का अड्डा बना रखा है। यहां मुस्लिम युवक हिंदू नाम से युवतियों से संपर्क करते हैं, फिर उन्हें दुष्कर्म का शिकार बनाते हैं। चौंकाने वाली बात यह सामने आयी है कि इन मुस्लिम युवकों को इस काम में उनके परिवार की महिलाएं भी सहयोग करती नजर आ रही हैं। विश्व हिन्दू परिषद, हिन्दू जागरण मंच एवं अन्य सनातन धर्म से जुड़े हिन्दू संगठनों का कहना है कि इंदौर में लव जिहाद का बड़ा षड्यंत्र चल रहा है। हिन्दू नाम रखने से इन इस्लामवादियों की मूल पहचान छिपी रहती है और हिन्दू लड़कियां उनके झांसे में आ जाती हैं। यह सीधे हिन्दू संस्कृति पर भी हमला है। पुलिस इस मामले में सघन जांच अभियान चलाये और अन्य जितने भी इस तरह के रैकेट चल रहे हैं, उनका पर्दाफाश करे। वहीं, इन संगठनों को लगता है कि इस प्रकरण में भी जिस तरह से आरोपियों के मोबाइल से कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बरामद हुए हैं। उसे देखते हुए यह मामला भी एक संगठित गिरोह की साजिश हो सकती है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता बोले- मुख्यमंत्री यादव जो बोले, वह हकीकत में लागू हो  विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल कहते हैं कि लगातार इस प्रकार के मामलों का सामने आना यह दर्शा रहा है कि ये इस्लामिक जिहादी किसी भी कानून से नहीं डरते, इनमें कानून का भय नहीं। यह जानकर घोर आश्चर्य होता है कि लव जिहाद जैसे अपराध को रोकने के लिए मप्र में कठोर कानून धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 लागू है, जो गलत तरीके से मतांतरण को रोकता है। इस कानून के तहत धोखाधड़ी, जबरदस्ती, प्रलोभन या दबाव के जरिए धार्मिक पहचान बदलवाने वालों को सजा और जुमार्ने का प्रावधान है। फिर भी इस तरह के अपराधों में कमी नहीं आ रही। उनका कहना है कि विश्व हिन्दू परिषद मध्य प्रदेश की सरकार से यह मांग करती हैं जैसा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बीते दिनों महिला दिवस के अवसर पर बोला भी था कि धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत हम यह प्रावधान कर रहे हैं कि जो लोग मतांतरण करवायेंगे, उनके लिए हमारी सरकार फांसी की सजा का प्रबंध करेगी। मतांतरण और दुराचार जैसी किसी भी व्यवस्था के खिलाफ हमारा संकल्प है कि समाज में ऐसी कुरीतियों को बढ़ावा नहीं दिया जायेगा। मासूम बेटियों के साथ दुराचार करने वालों के खिलाफ सरकार बहुत सख्त है। इसके लिए पहले से ही फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है, और अब मतांतरण के मामलों में भी यही सजा लागू होगी। तो वे अपनी इस मंशा को जल्द राज्य में लागू करें। हो सकता है फांसी का डर इन जिहादियों के काले कारनामों पर कुछ अंकुश लगा पाये। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का इस मामले में साफ कहना है कि उनकी सरकार जोर-जबरदस्ती या बहला-फुसलाकर दुराचार और मतांतरण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ऐसे लोगों को छोड़ने वाली नहीं है। हम किसी भी हालत में इन्हें जिंदगी जीने का अधिकार नहीं देना चाहते। फिलहाल इस प्रकरण में पार्षद अनवर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है, जिसे पुलिस जल्द पकड़ने के लिए कार्रवाई कर रही है, उसके बाद इस सबंध में अन्य राज सामने आ सकेंगे। पुलिस अब ये भी पता लगा रही है कि इस संगठित विरोध के जरिये कितनी हिन्दू युवतियों को देह व्यापार में धकेल दिया गया और इन्होंने कितनी युवतियों का लव जिहाद में फंसाकर अब तक कन्वर्जन करा दिया है। (लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं और ये उनके निजी विचार हैं।)

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 85,585