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उरी में एलओसी पर सेना का तलाशी अभियान जारी
Published / 2025-11-19 17:41:30
उरी में एलओसी पर सेना का तलाशी अभियान जारी

सेना ने संदिग्ध बैट गतिविधि के बाद उरी में एलओसी पर तलाशी अभियान शुरू किया एबीएन सेंट्रल डेस्क (श्रीनगर)। सेना ने एक अग्रिम रक्षात्मक स्थान के आगे संदिग्ध गतिविधि का पता चलने के बाद उरी के कमलकोट इलाके में नियंत्रण रेखा के पास घने वन क्षेत्र में बुधवार को व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने कहा कि उरी सेक्टर में 12 इन्फैंट्री ब्रिगेड के तहत काम कर रहे 8 राष्ट्रीय राइफल्स के कर्मियों ने नानक कंपनी मुख्यालय में सैनिकों द्वारा फॉरवर्ड डिफेंस लाइन के करीब बॉर्डर एक्शन टीम के संभावित प्रयास को देखने के बाद आपरेशन शुरू किया। बुचर पोस्ट क्षेत्र की ओर देखने वाले ऊबड़-खाबड़ इलाके में इस गतिविधि का पता चला जिससे संदिग्ध घुसपैठियों को रोकने के लिए तत्काल जवाबी कार्रवाई की गयी। सूत्रों ने कहा कि सेना ने तुरंत पूरे इलाके को नागरिकों के लिए नो मूवमेंट जोन घोषित कर दिया क्योंकि परिधि को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सैनिकों को वहां भेजा गया था। तलाशी अभियान का विस्तार निकटवर्ती वन गलियारों तक किया गया जो ज्ञात घुसपैठ मार्गों के निकट होने के कारण संवेदनशील बने हुए हैं। एलओसी पर मौसम परिवर्तन का फायदा उठाने के लिए घुसपैठियों द्वारा संभावित प्रयासों का सुझाव देने वाली खुफिया सूचनाओं के कारण सैनिक हाल के हफ्तों में पूरे सेक्टर में कड़ी सतर्कता बरत रहे हैं। सुबह की घटना ने एक व्यवस्थित क्षेत्र की जांच को प्रेरित किया जिसमें टीमों ने संभावित प्रवेश बिंदुओं, प्राकृतिक कवर और घुसपैठ के प्रयासों के दौरान ऐतिहासिक रूप से उपयोग किये जाने वाले संचार मार्गों की जांच की। अंतिम रिपोर्ट मिलने तक आपरेशन जारी था। अधिकारियों ने कहा कि कमलकोट उप-क्षेत्र में स्थिति कड़ी निगरानी में बनी हुई है क्योंकि सेना उन्नत रात्रि दृष्टि और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के साथ आगे की बेल्ट में गतिविधियों की निगरानी कर रही है।

रायपुर : मशरूम यूनिट से 120 बाल मजदूर किये गये मुक्त
Published / 2025-11-18 20:46:19
रायपुर : मशरूम यूनिट से 120 बाल मजदूर किये गये मुक्त

रायपुर की मशरूम यूनिट से अमानवीय स्थितियों में काम कर रहे 120 बाल मजदूरों को मुक्त कराया एबीएन सोशल डेस्क। बाल मजदूरी व ट्रैफिकिंग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस व गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) ने संयुक्त रूप से रायपुर की एक मशरूम प्रसंस्करण यूनिट पर छापे में 120 बच्चे मुक्त कराये। चार घंटे तक चली इस कार्रवाई में 14 से 17 साल की उम्र की 80 लड़कियां और 40 लड़के बाल श्रम से मुक्त कराये गये, जहां उन्हें बेहद अमानवीय हालात में रखा और काम कराया जाता था। ये बच्चे मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, ओड़ीशा, मध्य प्रदेश, झारखंड और असम के जनजातीय इलाकों के थे।स्थानीय एजेंट इन बच्चों को ट्रैफिकिंग के जरिए उनके गृह राज्यों से लाये और यहां काम पर लगा दिया। इनमें से कुछ बच्चे जो अब 17 साल के हैं, उन्हें 6 साल पहले यहां लाया गया था और तब से यहां कैद जैसी हालत में रखकर खटाया जा रहा था।एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) ने इस मशरूम फैक्टरी में लगभग बंधुआ मजदूरी जैसी हालत में इन बच्चों से बेहद अमानवीय और शोषणकारी स्थिति में काम लेने के बाबत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। एवीए ने कहा कि इन बच्चों का गंभीर रूप से शोषण हो रहा है।उनकी आवाजाही पर पाबंदी है और उन्हें इस तरह डरा-धमका कर रखा जाता है जो मानव दुर्व्यापार (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) और बंधुआ मजदूरी के समान है। मुक्त कराये गये बच्चों ने कहा कि उन्हें फैक्टरी में ही बने छोटे और अंधियारे कमरे में रखा जाता था, उनसे 12-15 घंटे काम कराया जाता था और रात को शायद ही कभी खाना दिया जाता था।चिट्ठी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सूचित किया जिन्होंने डीएसपी नंदिनी ठाकुर के नेतृत्व में एक टीम गठित कर तत्काल छापे की कार्रवाई की। बच्चों को तत्काल सुरक्षा में लेते हुए उनकी काउंसलिंग की गयी और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गयी। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए 451 जिलों में काम कर रहे नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है। देश भर में फैले 250 नागरिक समाज संगठनों के अपने इस मजबूत नेटवर्क के जरिए जेआरसी कानूनी हस्तक्षेपों और बच्चों को मुक्त कराने के अभियानों की अगुआई करता है।विभिन्न एजेंसियों की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि कल्पना ही की जा सकती है कि हाड़ कंपा देने वाली ठंड में 12-15 घंटे काम करने वाले एक बच्चे की क्या हालत होगी? यह ट्रैफिकिंग जैसे संगठित अपराध का सबसे घिनौना चेहरा है और विकसित भारत की राह में सबसे बड़ा रोड़ा। मैं रायपुर की इस मशरूम प्रसंस्करण यूनिट से ट्रैफिकिंग के शिकार इन बच्चों को मुक्त कराने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, स्थानीय पुलिस और एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन को बधाई देता हूं। सरकार को इस मामले के त्वरित निपटारे और और इन बच्चों का पुनर्वास सुनिश्चित करने की दिशा में तत्काल कदम उठाना चाहिए। साथ ही, वे अफसर जो इस यूनिट में इतने बड़े पैमाने पर बाल व बंधुआ मजदूरी का पता लगाने में विफल रहे, उनकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा काम अभी शुरू हुआ है। कानून और उसके पीछे जो मंशा है, उसे जमीनी वास्तविकता में बदलना चाहिए। निर्णायक तरीके से जांच, अभियोजन और जवाबदेही हमारी साझा जिम्मेदारी है। मोजो मशरूम प्रसंस्करण इकाई न्यूनतम तापमान में मशरूम उत्पादन के लिए जानी जाती है, जहां बड़े मशीनरी उपकरण और पतले रॉड वाली तीन- मंजिला जालियां मशरूम पैकेट रखने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।बच्चों को इन जालियों पर चढ़ाया जाता था और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उन पर मशरूम पैकेट टांगने को कहा जाता था। इसके अलावा, इस प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाने वाली मिट्टी में फॉर्मलिन जैसे खतरनाक रसायन मिलाये जाते थे, जो सांस के जरिए शरीर में जाने से कैंसर पैदा कर सकता है। लंबे समय तक या उच्च मात्रा में फार्मलिन के संपर्क से गले में सूजन के कारण या फेफड़ों में रासायनिक जलन से मृत्यु तक हो सकती है। ऐसे प्रतिष्ठानों के सरगनाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने की जरूरत बताते हुए एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा कि इकाई में मौजूद बच्चे भूखे थे, जख्मी थे, उदास और डरे हुए थे। वहां मौजूद खतरों को देखकर हम स्तब्ध रह गये। लेकिन यह बचाव सिर्फ एक अस्थायी जीत है। यह तीन महीनों में उसी प्रतिष्ठान पर दूसरी छापेमारी है और यह तथ्य स्थापित करता है कि इकाई के मालिकों की इसमें एक स्पष्ट और खतरनाक भूमिका है। इसके बावजूद एफआईआर में प्रासंगिक धाराएं शामिल नहीं की गयीं। जब तक कानून उन लोगों पर प्रहार नहीं करता जो इन फैक्टरियों को चलाते हैं और बच्चों के शोषण और उनके खिलाफ अपराध से मुनाफा कमाते हैं, तब तक बाल मजदूरी और ट्रैफिकिंग का खात्मा नहीं हो सकता।उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो, छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास अधिकारी संजय निराला और रायपुर की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की प्रमुख डीएसपी नंदिनी ठाकुर की भी सराहना की, जिन्होंने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (85959 50825) से संपर्क करें।

हर साल रोड एक्सीडेंट में दुनिया भर में मरते हैं 11.90 लाख लोग
Published / 2025-11-18 20:44:09
हर साल रोड एक्सीडेंट में दुनिया भर में मरते हैं 11.90 लाख लोग

दुनिया भर में हर वर्ष 11 लाख 90 हजार लोग मरते हैं सड़क दुर्घटनाओं में एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने प्रत्येक वर्ष लाखों लोगों के सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस वैश्विक समस्या से निपटने के लिए दुनिया को एकजुट होने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय के यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा केंद्र में हर वर्ष नवंबर के तीसरे रविवार को सड़क दुर्घटनाओं में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए विश्व सड़क यातायात पीड़ित स्मृति दिवस का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी स्कूल आफ इंटरनल सिक्योरिटी एंड स्मार्ट पुलिसिंग के अंतर्गत यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा केंद्र ने गुजरात परिसर में एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस वर्ष सभा को समन्वयक विश्व विजय राय ने संबोधित किया। इस अवसर पर उल्लेख किया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट 2023 के अनुसार दुनिया भर में हर साल लगभग 11 लाख 90 हजार लोग सड़क दुर्घटनाओं के कारण मरते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार देश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण हर वर्ष लगभग एक लाख 70 हजार लोगों की मौत होती है।

दिल्ली विस्फोट : अल फ्लाह विवि से जुड़े लोगों के ठिकानों पर ईडी छापा
Published / 2025-11-18 18:22:42
दिल्ली विस्फोट : अल फ्लाह विवि से जुड़े लोगों के ठिकानों पर ईडी छापा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले के संबंध में अपनी जांच के तहत मंगलवार को फरीदाबाद के अल फ्लाह विश्वविद्यालय और उसके प्रवर्तकों तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ छापेमारी शुरू की। सूत्रों ने बताया कि संघीय जांच एजेंसी के दल सुबह से ही दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई स्थानों पर तलाशी ले रहे हैं। ऐसी जानकारी है कि ईडी इस मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए धन शोधन निरोधक कानून के तहत कार्रवाई कर रही है। एजेंसी इस मामले में वित्तीय और कथित आतंकी वित्तपोषण संबंधों की जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि तलाशी सुबह करीब पांच बजे शुरू हुई और विश्वविद्यालय के न्यासियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। अब तक एनआईए ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर आत्मघाती हमलावर डॉ उमर नबी के करीबी सहयोगी हैं। अल फलाह विश्वविद्यालय दिल्ली के निकट हरियाणा में फरीदाबाद जिले के धौज क्षेत्र में स्थित है और यह एक मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल है।

अयोध्या में लगेगी रावण की 25 फीट ऊंची प्रतिमा
Published / 2025-11-18 18:21:02
अयोध्या में लगेगी रावण की 25 फीट ऊंची प्रतिमा

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, अयोध्या के भव्य रामायण पार्क में लगेगी रावण की 25 फुट ऊंची प्रतिमा इस पार्क का निर्माण गुप्तार घाट के पास किया जा रहा है एबीएन सेंट्रल डेस्क। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा अयोध्या में विकसित किये जा रहे भव्य रामायण पार्क में जल्द ही रावण की 25 फुट ऊंची प्रतिमा लगायी जायेगी। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रतिमा भगवान राम और रावण के बीच युद्ध को दर्शायेगी। इस पार्क का निर्माण गुप्तार घाट के पास किया जा रहा है। अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि इस पार्क में भगवान राम, हनुमान, सुग्रीव, विभीषण और अंगद सहित प्रमुख पात्रों की आदमकद प्रतिमाओं के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रदर्शित किया जायेगा। गुप्तार घाट का काफी धार्मिक महत्व है क्योंकि माना जाता है कि इसी स्थान पर भगवान राम ने जल समाधि ली थी। इस पार्क को रामायण की दिव्यता और भव्यता प्रदर्शित करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है। महापौर ने कहा कि इस पार्क के भीतर दूसरा प्रमुख आकर्षण होगा राम दरबार जिसमें भगवान राम, माता सीता और भगवान लक्ष्मण की प्रतिमाएं लगी होंगी। इसका लक्ष्य आगंतुकों को रामायण के महत्वपूर्ण क्षणों का एक आध्यात्मिक अनुभव कराना है। अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना के जरिए आध्यात्मिकता का सांस्कृतिक पर्यटन के साथ मेल कराने का प्रयास किया जायेगा।

छत्तीसगढ़ : एक करोड़ का इनामी नक्सली हिड़मा ढेर
Published / 2025-11-18 18:17:01
छत्तीसगढ़ : एक करोड़ का इनामी नक्सली हिड़मा ढेर

पत्नी और छह नक्सलियों के शव बरामद एबीएन सेंट्रल डेस्क। छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गये हैं। बस्तर का सबसे खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा और उसकी पत्नी इस मुठभेड़ में ढेर हो गये हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे के लिए राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों का एंटी नक्सल आपरेशन जारी है। मंगलवार की सुबह छह से सात बजे के करीब छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर हुई मुठभेड़ में खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा मारा गया। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले के मारेदुमिल्ली के पास सुबह-सुबह हुई मुठभेड़ में हिड़मा समेत कुल छह नक्सली मारे गये। इस मुठभेड़ में उसकी पत्नी राजे उर्फ रजक्का भी ढेर हो गयी।  एक करोड़ का इनामी कुख्यात नक्सली माड़वी हिड़मा, जो सुरक्षा बलों पर सशस्त्र हमलों के कई मामलों में वांछित शीर्ष नक्सली कैडरों में से एक था। उसके मारे जाने की पुष्टि के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शीर्ष अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के अनुसार, हिड़मा का खात्मा सुरक्षा बलों की ओर से तय 30 नवंबर 2025 की समय सीमा से काफी पहले हो गया। गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया गृह मंत्री अमित शाह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया और इस अभियान में शामिल सभी अधिकारियों और जवानों की सराहना की। उन्होंने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मांदवी हिड़मा के मारे जाने के बाद नक्सली संगठन में कोई नया नेतृत्व उभर न सके और उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। हिड़मा का नाम लंबे समय से नक्सली हिंसा से जुड़ा रहा है। वह सुरक्षा बलों पर हुए कई बड़े और घातक हमलों के पीछे मास्टरमाइंड माना जाता था। उसकी गिरफ्तारी या निष्प्रभावीकरण सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक प्रमुख लक्ष्य था।सुरक्षा बलों ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण अभियान के तहत हिड़मा को निष्प्रभावी करने में सफलता प्राप्त की है। यह सफलता न केवल खुफिया जानकारी के प्रभावी उपयोग का प्रमाण है, बल्कि जमीनी स्तर पर तैनात जवानों के साहस और दृढ़ संकल्प का भी परिणाम है।

जम्मू-कश्मीर : श्रीनगर थाने में धमाका से आठ की मौत
Published / 2025-11-15 19:00:13
जम्मू-कश्मीर : श्रीनगर थाने में धमाका से आठ की मौत

चूक या आतंकी घटना... नौगाम में कैसे हुआ ब्लास्ट? विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाया एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के नौगाम पुलिस थाने में शुक्रवार रात करीब 11:20 बजे भारी विस्फोट हुआ। इसमें आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक पुलिसकर्मियों समेत 27 लोग घायल हो गये।धमाके से लगी भीषण आग में वहां खड़े एक दर्जन से अधिक वाहन जल गये। विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज सात किलोमीटर दूर राजबाग, पुराना सचिवालय, छानपोरा, सनतनगर, रावलपोरा और पंथा चौक क्षेत्र में भी सुनाई दी। बताया जाता है कि सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल मामले में हाल ही में जब्त किये गये विस्फोटकों के एक बड़े जखीरे की सैंपलिंग करते समय ये धमाका हुआ है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। जब्त किया विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट और एनपीएस था।

जयपुर : प्रदेश में अब हर महीने लग रहे 10 हजार से अधिक रूफ टॉप सोलर
Published / 2025-11-13 21:08:57
जयपुर : प्रदेश में अब हर महीने लग रहे 10 हजार से अधिक रूफ टॉप सोलर

एबीएन सेंट्रल डेस्क (जयपुर)। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अन्तर्गत प्रदेश में स्थापित रूफ टॉप सोलर संयंत्रों की संख्या बुधवार को एक लाख से अधिक हो गयी है। इस योजना में अब तक जयपुर विद्युत वितरण निगम में 33 हजार 922, अजमेर विद्युत वितरण निगम में 32 हजार 957 तथा जोधपुर विद्युत वितरण निगम में 33 हजार 378 रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इस प्रकार राज्य में 1 लाख 257 रूफ टॉप सोलर संयंत्र स्थापित किये जा चुके हैं जिनकी क्षमता 408 मेगावॉट है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश में सौर ऊर्जा को निरंतर बढावा मिला है। इसी का परिणाम है कि रूफ टॉप सोलर लगाने की गति भी तेजी से बढ़ी है। 672 करोड़ की सब्सिडी वितरित पीएम सूर्यघर योजना में अधिकतम 3 किलोवाट क्षमता का रूफ टॉप सौर संयंत्र लगाने पर अधिकतम 78 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान है। राज्य में अब तक 86,307 उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर लगाने पर 672 करोड़ रुपए की सब्सिडी बैंक खाते में हस्तांतरित की जा चुकी है। जयपुर डिस्कॉम में 29,585, जोधपुर डिस्कॉम में 28,490 तथा अजमेर डिस्कॉम में 28,232 उपभोक्ताओं को सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है। देश का 5वां अग्रणी राज्य : राजस्थान पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाने के मामले में गुजरात (6,73,554) महाराष्ट्र (3,33,966), उत्तर प्रदेश (2,73,871) तथा केरल (1,59,193) के बाद देश में 5वां अग्रणी राज्य है। विगत समय में प्रदेश में रूफ टॉप सोलर लगाने की ओर उपभोक्ताओं का रूझान तेजी से बढ़ा है। फरवरी, 2024 में जब यह योजना शुरू हुई थी उस माह प्रदेश में इस योजना में मात्र 37 रूफ टॉप सोलर लगाये गये थे। वहीं अब प्रति माह लगने वाले सोलर संयंत्र की संख्या 10 हजार से भी अधिक हो गयी है। इस साल लगे 77 हजार 254 संयंत्र उपभोक्ताओं का रुझान सौर ऊर्जा की और तेजी से बढ़ा है। इस वर्ष अब तक 77 हजार 254 रूफ टॉप सोलर लगाये जा चुके हैं। जनवरी में 4,170, फरवरी में 3,416 मार्च में 5,178, अप्रैल में 5,170, मई में 6,937, जून में 8,219 जुलाई में 10,386 अगस्त में 10,085 सितम्बर में 10,241 अक्टूबर में 9,329 तथा नवम्बर माह में अब तक 4,123 उपभोक्ताओं ने रूफ टॉप सोलर लगाये हैं। राजस्थान डिस्कॉम्स ने किये कई नवाचार राजस्थान डिस्कॉम्स ने रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा देने तथा इसकी स्थापना प्रक्रिया को सुगमता प्रदान करने के लिए कईं नवाचार किए हैं। कार्मिकों के उत्साहवर्धन के लिए प्रति माह रूफ टॉप सोलर चैम्पियन पुरस्कार इसी दिशा में कड़ी है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी ) जारी कर स्थापना प्रक्रिया को सुगम बनाया गया। इसके अन्तर्गत आवेदन करते समय उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लेने, प्लांट स्थापित होने के बाद ही सभी तरह के चार्जेज बिजली बिल के माध्यम से लेने, बढ़ी हुई सुरक्षा राशि नहीं लेने, पीएम सूर्य घर योजना में कनेक्शन के आवेदनों के लिए अलग से प्राथमिकता रखने, मीटर परीक्षण शुल्क एवं नेट मीटरिंग एग्रीमेंट आदि की आवश्यकता से उपभोक्ताओं को छूट प्रदान की गयी, जिसका नतीजा रहा कि प्रदेश में रूफ टॉप सोलर लगाने की गति बढ़ी है। 11 जिलों में आदर्श सौर ग्राम चयनित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 11 जिलों में आदर्श सौर ग्राम का चयन किया जा चुका है। यह ग्राम हैं सालासर (चूरू), डाबी (बूंदी), मोर (टोंक), मिश्रोली (झालावाड़), जेठाना (अजमेर), केलवा (राजसमंद), दलोट (प्रतापगढ़), चनाना (झुंझुनू), भावरी (पाली), चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) तथा बसई नवाब (धौलपुर)। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समितियों द्वारा इन आदर्श सौर ग्रामों के चयन की घोषणा की जा चुकी है। प्रत्येक चयनित आदर्श सौर ग्राम को सामुदायिक सौर गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए एक-एक करोड़ की राशि दी जायेगी।150 यूनिट प्रति माह निशुल्क बिजली योजना से मिलेगा और बढ़ावा राज्य में 150 यूनिट प्रति माह निशुल्क बिजली योजना से रूफ टॉप सोलर संयंत्र की स्थापना को और गति मिलेगी। राजस्थान डिस्कॉम्स ने विगत सप्ताह इस योजना की संचालन मार्गदर्शिका जारी कर दी है। इसके अन्तर्गत प्रथम चरण में मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना में रजिस्टर्ड ऐसे उपभोक्ता जिनके पास रूफ टॉप संयंत्र लगाने के लिए घर की छत उपलब्ध है उन्हें 150 यूनिट प्रति माह निशुल्क बिजली योजना के अन्तर्गत रूफ टॉप सोलर लगाने के लिए 17 हजार रूपए की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। अब तक लगभग 1 लाख 90 हजार उपभोक्ता इस योजना में रूफ टॉप सोलर लगाने के लिए अपनी सहमति दर्ज करा चुके हैं।

तीन दिन बाद भी धमाके के सदमे से पूरी तरह उबर नहीं पायी है दिल्ली
Published / 2025-11-12 19:46:37
तीन दिन बाद भी धमाके के सदमे से पूरी तरह उबर नहीं पायी है दिल्ली

दिल्ली धमाके के बाद अब भी सहमा पुराना दिल्ली इलाका, रोज कमाने-खाने वालों की टूटी कमर एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। लाल किले के पास सोमवार शाम हुए धमाके के बाद पुरानी दिल्ली का दिल माने जाने वाला चांदनी चौक और उसके आसपास के इलाके बुधवार को भी सामान्य नहीं हो पाये। सुबह जब दुकानों के शटर खुले तो बाजारों में सिर्फ एक ही चर्चा थी—सोमवार का धमाका। कहीं डर का साया था, तो कहीं लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस की घेराबंदी और फोरेंसिक टीम बुधवार को भी घटनास्थल पर मौजूद रही। लाल किले और गौरी शंकर मंदिर के आसपास बुधवार सुबह माहौल सामान्य नहीं था। मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम रही। दुकानें तो खुलीं, लेकिन ग्राहकों का आना-जाना लगभग न के बराबर रहा। पास के फेरीवाले शेखर ने बताया कि मैं पास ही था जब ब्लास्ट हुआ। जोरदार धमाके के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे। अब तो इलाके में काम ठप है। रोज फेरी लगाने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। उन्हें सैलरी नहीं मिलती, रोज की कमाई पर ही गुजारा होता है। शेखर ने कहा कि बाजार खुलने के बावजूद ग्राहकों की कमी से कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस घटना में शामिल लोगों को सख्त सजा दे ताकि दोबारा कोई ऐसा हादसा न हो। दिल्ली गेट के पास मजदूरी करने वाले बिमलेश ने भी अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने कहा, यह इलाका भीड़भाड़ वाला है। लेकिन धमाके के बाद काम पूरी तरह ठप पड़ गया है। रोज की दिहाड़ी रुक गई है, जो सबसे बड़ा नुकसान है। बाजार के व्यापारी संगठनों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और जल्द से जल्द माहौल सामान्य बनाया जाए, ताकि पुरानी दिल्ली फिर से अपने पुराने रौनक में लौट सके।

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