एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह डॉ संपूर्णानंद खेल स्टेडियम में होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को बताया कि यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 4 से 11 जनवरी तक होगी और इसमें देशभर के प्रतिभागी भाग लेंगे। प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाली 58 टीमों के एक हजार से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह टूर्नामेंट भारतीय वॉलीबॉल में उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा, खेल भावना और प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण है। वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन शहर में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और खेल प्रतिभाओं के विकास को बढ़ावा देने पर बढ़ते जोर को दर्शाता है। यह आयोजन वाराणसी को प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों की मेजबानी में इसकी बढ़ती भूमिका के अनुरूप है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बता दी तारीख एबीएन सेंट्रल डेस्क। बुलेट ट्रेन कब तक चलेगी, नए साल के मौके पर रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने जानकारी दे दी है। उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 तक तैयार हो जाएगी। यह ट्रेन सबसे पहले गुजरात के सूरत से बापी के बीच दौड़ेगी। ट्रेन सेवा पहले सूरत से बिलिमोरा के बीच सेवा शुरू होगी। इसके बाद वापी से सूरत का सेक्शन खुलेगा। फिर वापी से बुलेट ट्रेन अहमदाबाद तक चलेगी। इसके बाद ठाणे से अहमदाबाद का सेक्शन शुरू होगा। अंत में मुंबई से अहमदाबाद तक पूरी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू हो जाएगी। देश में कब दौड़ेगी पहली बुलेट ट्रेन? भारतीय रेलवे के इतिहास में जल्द ही एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को घोषणा करते हुए कहा कि 15 अगस्त 2027 को देश को पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी। अश्विनी वैष्णव ने मजाकिया लहजे में कहा कि आप अभी से बुलेट ट्रेन की टिकट खरीद लीजिए, अगले साल बुलेट ट्रेन भी आ जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। अब तक कितना काम पूरा हुआ है? मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना अब तक कुल 508 किमी में से 332 किमी वायाडक्ट और 412 किमी पियर का काम पूरा हुआ है। 17 नदी पुल बनकर तैयार हुआ है। इनमें 5 पीएससी (प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट) और 12 स्टील ब्रिज शामिल। 242 किमी हिस्से में 4.8 लाख से अधिक नॉइज बैरियर लगाये गये 280 ट्रैक किमी (140 रूट किमी) में आरसी ट्रैक बेड का निर्माण पूरा हुआ है। मुख्य वायाडक्ट पर करीब 100 रूट किमी में 4,300 ओएचई मस्त लगाए गए। पालघर डिस्ट्रिक्ट में 7 पहाड़ी सुरंगों का खुदाई कार्य जारी बीकेसी से शिल्पता के बीच 21 किमी लंबी सुरंग में से 5 किमी खुदाई पूरी हो चुकी है। सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो का निर्माण जारी। गुजरात के सभी स्टेशनों पर सुपर-स्ट्रक्चर का काम उन्नत चरण में है। महाराष्ट्र के तीनों एलिवेटेड स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है। विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों पर रेल स्लैब कास्टिंग जारी है। मुंबई के अंडरग्राउंड स्टेशन पर स्लैब कास्टिंग का काम प्रगति पर है गुजरात में कई बार लिया बुलेट ट्रेन के काम का जायजा गुजरात में बुलेट ट्रेन का काम काफी हद तक आगे बढ़ चुका है। अश्विनी वैष्णव के की तरफ से बताई गई तारीख के मुताबिक, बुलेट ट्रेन गुजरात में अगले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले दौड़ने लगेगी। रेल मंत्री कई बार गुजरात में बुलेट ट्रेन के काम की प्रगति जांच चुके हैं। पीएम मोदी भी बुलेट ट्रेन के काम की प्रगति को देख चुके हैं। पिछले साल नवंबर में ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति का भी जायजा लिया था। इसके लिए पीएम मोदी सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने काम में लगे इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत भी की थी। पीएम मोदी ने भी लिया था कामकाज का जायजा इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें पीएम मोदी सूरत स्टेशन पर काम की बारीकी से जांच करते हुए नजर आये। इस दौरान उन्होंने इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि काम में किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है और प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए किस तरह से काम किए जा रहे हैं? इस दौरान कर्मचारियों ने बताया कि हर स्तर पर पूरी मेहनत और बारीकी के साथ काम किया जा रहा है।
जिसका लाइव प्रसारण गुना के क्योंपुर और बीनागंज में हुआ एबीएन सेंट्रल डेस्क (गुना)। नये साल पर लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं और बधाई दे रहे। वही दूसरी तरफ हरियाणा के हांसी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज को उनके द्वारा समाज हित में किये जा रहे निस्वार्थ कार्यों के लिए जन सेवक रत्न की उपाधि से विभूषित किया गया। जिसका लाइव प्रसारण गुना जिले के दो जगह आरोन के क्योपुर तथा चाचोड़ा के बीनागंज में किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर किसान प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संत रामपाल जी महाराज द्वारा समाज में फैले अंधविश्वास, नशाखोरी और कुरीतियों के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान की सराहना करना और उन्हें सम्मानित करना था। समारोह के दौरान वक्ताओं ने संत रामपाल जी महाराज को किसानों का मसीहा बताते हुए कहा कि उनके आध्यात्मिक ज्ञान ने न केवल लोगों को मानसिक शांति दी है, बल्कि उन्हें एक नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा भी प्रदान की है। उपस्थित जनसमूह ने उनके द्वारा स्थापित सतलोक आश्रमों के माध्यम से किये जा रहे परोपकारी कार्यों, जैसे रक्तदान शिविरों का आयोजन और दहेज मुक्त विवाह, को क्रांतिकारी कदम बताया। इस अवसर पर यह रेखांकित किया गया कि उनके मार्गदर्शन में लाखों परिवारों ने नशे जैसी घातक बुराइयों को त्याग कर एक खुशहाल जीवन की शुरुआत की है। यह सम्मान समारोह इस बात का प्रमाण है कि संत रामपाल जी महाराज का जीवन मानवता की सेवा के लिए पूर्णत: समर्पित है। उनके अनुयायियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, समाज में व्याप्त अनैतिकता को समाप्त करने और आध्यात्मिक जागृति लाने का जो बीड़ा महाराज जी ने उठाया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। जन सेवक रत्न सम्मान केवल एक उपाधि नहीं, बल्कि उनके द्वारा किए गए सामाजिक उत्थान और मानवीय कल्याण के उन महान कार्यों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है, जिनका पूरा श्रेय सीधे संत रामपाल जी महाराज को जाता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (नरसिंहपुर)। श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित तत्वज्ञान और मनुष्य जीवन के परम लक्ष्य पूर्ण मोक्ष को लेकर रविवार को जिला नरसिंहपुर के आमगांव छोटा में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में एक विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में गीता, वेद और सूक्ष्मवेद के प्रमाणों के माध्यम से बताया गया कि चौरासी लाख योनियों में मनुष्य जीवन ही ऐसा अवसर है, जिसमें जन्म-मृत्यु के चक्र से सदा के लिए मुक्ति संभव है। संत रामपाल जी महाराज ने गीता अध्याय 18 श्लोक 62 व 66 का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि साधक को सर्वभाव से उस परमेश्वर की शरण में जाना चाहिए, जिसकी कृपा से परम शांति और सनातन परमधाम सत्यलोक की प्राप्ति होती है। साथ ही गीता अध्याय 15 श्लोक 4 और अध्याय 4 श्लोक 34 के आधार पर यह बताया गया कि तत्वदर्शी संत से ही तत्वज्ञान प्राप्त होता है, जो अज्ञान रूपी बंधन को काटकर पूर्ण मोक्ष का मार्ग दिखाता है। सत्संग में गीता अध्याय 17 श्लोक 23 के अनुसार ॐ, तत्सत तीन मंत्रों के रहस्य पर भी प्रकाश डाला गया और बताया गया कि तत्वदर्शी संत तीन प्रकार के नाम उपदेश द्वारा साधक को काल और पूर्ण परमात्मा के भेद से परिचित कराते हैं। संत रामपाल जी महाराज ने कबीर साहेब व संत गरीबदास जी की वाणियों के प्रमाण देते हुए तत्वदर्शी संत की पहचान, शास्त्रानुकूल भक्ति और पूर्ण गुरु की आवश्यकता को सरल भाषा में समझाया। कार्यक्रम में गांव के भगत जीवन दास, चंद्र कांत, दिनेश प्रजापति, चंदू वर्मा, नीलेश वर्मा, शालक वर्मा, महेद्र शर्मा, जगमोहन शर्मा आदि भगतआत्माएं मौजूद रही। कार्यक्रम के अंत में संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान को समझकर अनेक श्रद्धालुओं ने उनसे नाम दीक्षा ग्रहण की। श्रद्धालुओं को यह भी जानकारी दी गई कि वे संत रामपाल जी महाराज का सत्संग प्रतिदिन साधना चैनल पर शाम 7:30 बजे से 8:30 बजे तक देख-सुन सकते हैं तथा यू ट्यूब और संत रामपाल जी महाराज सर्च कर उनके प्रवचन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। श्रद्धालुओं ने इस सत्संग को अपने जीवन का निर्णायक मोड़ बताया।
महाकुंभ से सोशल मीडिया तक छाये ये चेहरे... 2025 के सबसे वायरल लोग कौन हैं? एबीएन सेंट्रल डेस्क। सोशल मीडिया अगर आज का सबसे बड़ा मेला है, तो 2025 उसमें वायरल चेहरों का महाकुंभ साबित हुआ। कहीं साधु-संत कैमरे के सामने स्टार बन गये, कहीं सड़क पर छिपा टैलेंट लाखों दिलों तक पहुंच गया, तो कहीं सिर्फ 10 रुपये का बिस्कुट इंसान को पहचान दिला गया। इस साल वायरल होने के लिए न तो फिल्मी चेहरा चाहिए था, न बड़ा नाम...। बस एक सच्ची कहानी, थोड़ा सा हुनर और मोबाइल कैमरा काफी था। महाकुंभ की मोनालिसा से लेकर आइआइटी वाले बाबा तक, 2025 के ये चेहरे बताते हैं कि इंटरनेट आज किस तरह आम लोगों को असाधारण बना रहा है। महाकुंभ 2025 में साधारण सी दिखने वाली मोनालिसा अचानक सोशल मीडिया पर छा गयीं। मेले के दौरान उनका एक छोटा सा वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उनकी सादगी, शांत कत्थई रंग की खूबसूरत आंखें और स्वाभाविक मुस्कान लोगों को बेहद पसंद आयी। देखते ही देखते उन्हें महाकुंभ की मोनालिसा कहा जाने लगा। वायरल होने के बाद मोनालिसा को मॉडलिंग और फिल्मी दुनिया से आफर मिलने लगे। मोनालिसा का सफर इस बात का उदाहरण बन गयी है कि सोशल मीडिया कैसे किसी आम इंसान की किस्मत रातोंरात बदल सकती है। हर्षा रिछारिया महाकुंभ में सबसे सुंदर साध्वी कहे जाने के बाद वायरल हुईं। उनके वीडियोज में न सिर्फ उनकी सुंदरता बल्कि आत्मविश्वास, स्पष्ट सोच और आध्यात्मिक विचार भी दिखे। सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया, लेकिन हर्षा ने खुलकर जवाब दिये और अपने विचार मजबूती से रखे। यही वजह रही कि वह सिर्फ वायरल चेहरा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर एक मजबूत आवाज बनकर उभरीं। उनके वीडियोज में आध्यात्मिक बातें, आत्मविश्वास और संतुलित सोच दिखी, जिसने युवाओं को खासा आकर्षित किया। उनका वायरल होना आध्यात्म और आधुनिक सोशल मीडिया के मेल का उदाहरण बना। आईआईटी से पढ़े अभय सिंह ने जब इंजीनियरिंग छोड़कर संन्यास का रास्ता चुना, तो उनकी कहानी इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गयी। आईआईटी वाले बाबा नाम से मशहूर अभय सिंह ने सफलता, पैसा और मानसिक शांति को लेकर एक नयी बहस छेड़ दी। उनके इंटरव्यू और वीडियो खासकर युवाओं के बीच खूब देखे गये, क्योंकि वह यह सवाल उठाते हैं कि असली सफलता आखिर होती क्या है? आईआईटी से पढ़े बाबा अभय सिंह ने लोगों को चौंका दिया। इंजीनियरिंग छोड़कर संन्यास लेने की उनकी कहानी सोशल मीडिया पर खूब चली। लोग उन्हें आईआईटी बाबा कहने लगे। यह चेहरा इसलिए अहम है क्योंकि यह करियर, सफलता और मानसिक शांति पर नई बहस छेड़ता है। 10 रुपये वाला बिस्कुट बेचने वाले शादाब जकाती का वीडियो सोशल मीडिया पर अचानक ट्रेंड करने लगा। बेहद साधारण तरीके से अपनी बात रखने वाले शादाब ने दिखाया कि ईमानदारी और सच्चाई आज भी लोगों के दिलों को छूती है। उनका वीडियो वायरल होने के बाद लोग उनसे जुड़ने लगे और उनकी कहानी गरीब मेहनतकश तबके की आवाज बन गयी। उनके वीडियो ने ये साबित कर दिया कि, टैलेंट और आइडिया ही असली ताकत है। इनके वीडियोज ने स्ट्रीट टैलेंट को नयी पहचान दी। ये सभी चेहरे दिखाते हैं कि 2025 में वायरल होना सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि कहानी, ईमानदारी और अलग सोच से जुड़ा है। सोशल मीडिया अब नये तरह के नायक गढ़ रहा है। 2025 के ये वायरल चेहरे सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि बदलते भारत और डिजिटल सोच की तस्वीर हैं... जहां हर आम इंसान के पास खास बनने का मौका है।
जी राम जी से राज्यों को 17,000 करोड़ का फायदा, कांग्रेस के दावों की हवा निकली? जी राम जी कानून के विरोध के लिए कांग्रेस बड़ा अभियान चलाने वाली है। विरोध के पीछे एक वजह यह भी बताई जा रही है कि इसकी वजह से केंद्र राज्यों को इस मद में कम पैसे देगा। लेकिन, एक रिपोर्ट ने इन आशंकाओं का खंड किया है। वीबी जी राम जी कानून से बदलाव एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। मनरेगा की जगह बने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन एक्ट का जिन बातों को लेकर बहुत ज्यादा विरोध हो रहा है, उनमें से एक यह भी है कि कथित तौर पर इससे राज्यों पर बहुत ज्यादा वित्तीय बोझ बढ़ जायेगा। लेकिन, अब एसबीआई की ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही है कि दरअसल इस कानून से राज्यों को नुकसान नहीं होने जा रहा, बल्कि उन्हें 17,000 करोड़ रुपये का फायदा होने जा रहा है। स्टेट बैंक आफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों के अपने योगदानों की वजह से उन्हें मिलने वाले फायदे में और बढ़ोतरी ही होगी। नये कानून से राज्यों को ज्यादा फायदा एसबीआई ने पिछले सात वर्षों में राज्यों को मिले (मनरेगा के तहत) औसत आवंटन के आधार पर अपनी रिपोर्ट दी है कि नये कानून से असल में केंद्र की ओर से राज्यों को मिलने वाले उनके शेयर में 17,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की ही संभावना है। एसबीआई का यह आकलन सात पैरामीटर पर आधारित है, जो समानता और दक्षता के दोहरे सिद्धांतों पर केंद्रित है। रिपोर्ट के अन्
फतेहपुर में दरिंदगी: 63 साल की महिला से दुराचार, सर्द रातों में 2 घंटे तक बेहोश पड़ी रही बुजुर्ग फतेहपुर में बुजुर्ग महिला से दुराचार का मामला सामने आया है। 63 साल की महिला से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एबीएन सेंट्रल डेस्क (फतेहपुर)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है। थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव की एक 63 साल की बुजुर्ग महिला को हवस का शिकार बनाया गया है। उसके साथ दरिंदे वहसी ने रेप की घटना को अंजाम देकर बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गया। महिला के साथ इस प्रकार की घटना का मामला सुर्खियों में आ गया है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर महिला को मेडिकल के लिए भेजने के बाद आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पूरी घटना थरियांव थाना क्षेत्र की है। मुंह दबाकर दिया घटना को अंजाम जानकारी के अनुसार, थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 63 वर्षीय बुजुर्ग महिला के 3 बेटे हैं। तीनों बाहर रहकर ईंट भट्ठों में काम कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। महिला घर मे अकेली रहती है। बताया जा रहा है की रात करीब साढ़े 9 बजे वृद्धा गांव किनारे शौच के लिए गयी थी।आरोप है कि इस दौरान अचानक पीछे से एक नकाबपोश युवक आया। आरोपों के अनुसार, नकाबपोश ने महिला को दबोच लिया। जब महिला ने शोर मचाना चाहा तो आरोपी ने मुंह दबाकर जबरन उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद दरिंदे ने महिला को बेहोशी की हालत में छोड़कर मौके से भाग निकला। लड़खड़ाते घर पहुंची बुजुर्ग करीब 2 घंटे तक बेसुध पड़ी महिला को जब होश आया तो किसी तरह लड़खड़ाते हुए घर पहुंची और पड़ोस में रहने वाली महिलाओं से आप बीती बतायी। इस पर पड़ोसियों से घटना की जानकारी पर बेटे भी रविवार की सुबह घर पहुंचे। घटना की शिकायती पत्र स्थानीय थाना पुलिस को दी। इसके बाद वृद्धा को गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़िता के बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। आरोपी की धर-पकड़ के लिए आसपास इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
कल से 3 दिवसीय झारखंड दौरे पर द्रौपदी मुर्मू रांची में कड़ी सुरक्षा; ट्रैफिक व्यवस्था में किये गये बड़े बदलाव; देखें राष्ट्रपति का मिनट टू मिनट कार्यक्रम एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल यानी रविवार को तीन दिवसीय दौरे पर झारखंड आ रही हैं। वह कल शाम करीब छह बजे विशेष विमान से रांची के भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचेंगी और वहां से सीधे राजभवन जाएंगी, जहां उनका रात्रि विश्राम निर्धारित है। सोमवार 29 दिसंबर को सुबह नौ बजे राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर से जमशेदपुर के लिए रवाना होंगी। जमशेदपुर में वह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। इसके बाद राष्ट्रपति जमशेदपुर के जाहेर स्थान में आयोजित ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित विशेष जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। कार्यक्रमों के समापन के बाद वह शाम को वापस रांची लौटेंगी और राजभवन में विश्राम करेंगी। राष्ट्रपति का मिनट टू मिनट कार्यक्रम मंगलवार 30 दिसंबर को राष्ट्रपति मुर्मू गुमला जिले के दौरे पर जायेंगी। यहां रायडीह प्रखंड में आयोजित अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम कार्तिक जतरा 2025 में वह मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। इस कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव और एसटी-एससी विषयक संसदीय समिति के अध्यक्ष फगन सिंह कुलस्ते की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। समारोह के बाद दोपहर करीब 2.30 बजे राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर रांची लौटेगा, जहां से वह दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी। वहीं, राष्ट्रपति के झारखंड दौरे को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर शहर के कई इलाकों को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। राष्ट्रपति के आगमन और कार्यक्रमों को देखते हुए 28 से 30 दिसंबर तक रांची शहर की यातायात व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किये गये हैं। इस दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर मालवाहक और सवारी वाहनों के प्रवेश और परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गयी है। इस संबंध में रांची पुलिस ने शनिवार को विस्तृत आदेश जारी कर दिया है। 28 दिसंबर को शाम चार बजे से रात 8.30 बजे तक रांची शहर में सभी छोटे-बड़े मालवाहक वाहनों, बसों और सवारी वाहनों का प्रवेश और परिचालन वर्जित रहेगा। इस दौरान भारी मालवाहक वाहन रिंग रोड से होकर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। रातू और काठीटांड की ओर जाने वाले वाहन कांके रिंग रोड के रास्ते आवागमन करेंगे। इसके अलावा हिनू चौक, बिरसा चौक, एचईसी गेट, अरगोड़ा चौक, सहजानंद चौक, किशोरगंज चौक, न्यू मार्केट चौक, हॉटलिप्स चौक, राम मंदिर चौक, एटीआई मोड़, रणधीर वर्मा चौक, एसएसपी आवास से लोक भवन तक दोपहर दो बजे से रात 8.30 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। 29 दिसंबर को सुबह सात बजे से 11 बजे तक और शाम चार बजे से रात 8.30 बजे तक शहर में सभी बड़े-छोटे मालवाहक वाहनों, बसों और सवारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। नया सराय रिंग रोड से रामपुर चौक रिंग रोड तक बड़े वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। जमशेदपुर और बुंडू की ओर से आने वाले वाहन रिंग रोड से टाटीसिल्वे होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे, जबकि रांची से जमशेदपुर जाने वाले वाहन दुर्गा सोरेन चौक से टाटीसिल्वे होते हुए रिंग रोड का उपयोग करेंगे। 30 दिसंबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक शहर में सभी प्रकार के मालवाहक और सवारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इस दौरान भी भारी वाहन रिंग रोड का उपयोग कर सकेंगे। रांची पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
इस साल क्रिकेट, हॉकी और मुक्केबाजी में रचा इतिहास एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय महिलाओं ने वर्ष 2025 में क्रिकेट, हॉकी, डेफलिंपिक्स, पैरा खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की। इस साल महिला खिलाड़ियों ने न केवल पदक जीते बल्कि देश में महिलाओं के खेल की पहचान और विस्तार को भी मजबूत किया। महिला क्रिकेट में अभूतपूर्व सफलता हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2025 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए आइसीसी महिला एकदिवसीय विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। स्मृति मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय टी-20 में 4000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला बनने का रिकॉर्ड बनाया। वहीं, दीप्ति शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टी-20 में महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाली तीसरी खिलाड़ी बनने का कारनामा किया और 1000 रन व 150 विकेट का डबल भी पूरा किया। ब्लाइंड महिला क्रिकेट में भारत ने कोलंबो में पहले ब्लाइंड महिला टी-20 विश्व कप में नेपाल को हराकर खिताब अपने नाम किया। दीपिका टीसी की अगुवाई में टीम ने छह देशों को मात दी। महिला मुक्केबाजी में दबदबा विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2025 में जैस्मीन लंबोरिया और मीनाक्षी हुड्डा ने स्वर्ण पदक जीते, नूपुर श्योरण ने रजत और पूजा रानी ने कांस्य पदक। दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन ने लगातार शानदार प्रदर्शन जारी रखा। शतरंज और अन्य खेलों में चमक दिव्या देशमुख ने फिडे महिला विश्व कप जीतकर पहली बार यह खिताब भारत में लाया। ज्योति याराजी ने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण और रूपल चौधरी ने 400 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर टीम 4़400 मीटर रिले में स्वर्ण में योगदान दिया। तीरंदाजी में ज्योति सुरेखा वेन्नम ने कंपाउंड कैटेगरी में कांस्य और निशानेबाजी में तेजस्विनी ने 25 मीटर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता। महिला हॉकी में महाद्वीपीय सफलता भारतीय महिला हॉकी टीम ने हांगझोऊ में एशिया कप 2025 में रजत पदक जीता। नवनीत कौर ने गोल किया, लेकिन चीन ने 4-1 से फाइनल में जीत दर्ज की। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए एशिया की शीर्ष टीमों में अपनी स्थिति मजबूत की। पैरा खेलों में महिलाओं का दबदबा डेफलिंपिक्स 2025 में भारतीय महिला एथलीटों ने निशानेबाजी और गोल्फ में कई पदक जीते। अनुषा प्रसाद ने 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण, प्रांजलि प्रशांत धुमाल ने मिश्रित टीम और व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण व रजत और दीक्षा डागर ने गोल्फ में स्वर्ण पदक जीता। वल्डर पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में सिमरन शर्मा ने 100 मीटर टी12 में स्वर्ण और 200 मीटर टी12 में रजत, जबकि प्रीति पाल ने 100 मीटर टी35 में रजत और 200 मीटर टी35 में कांस्य जीता। निष्कर्ष 2025 ने भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए नये कीर्तिमान स्थापित किये। क्रिकेट, हॉकी, शतरंज, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन ने साबित किया कि भारतीय महिलाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हैं।
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