पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दिया इस्तीफाएबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब राज्यपाल C. V. Ananda Bose ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दिल्ली में मौजूद रहते हुए उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेज दिया। इस्तीफा देने के बाद बोस ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि उन्होंने राज्यपाल के तौर पर लंबा समय काम किया है और अब अपने अगले कदमों पर विचार कर रहे हैं।2022 में बनी थी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की जिम्मेदारीबोस को 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति तब हुई थी जब पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ देश के उपराष्ट्रपति बने थे। करीब साढ़े तीन साल के कार्यकाल के दौरान बोस कई बार राज्य सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर खुलकर बोलते रहे। इस दौरान राजभवन और राज्य सरकार के बीच कई मुद्दों पर मतभेद भी सामने आए।ममता बनर्जी ने जताई हैरानीमुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह खबर उनके लिए आश्चर्यजनक है। उन्होंने कहा कि इस्तीफे के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले केंद्र सरकार की ओर से राजनीतिक दबाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि राज्य के संवैधानिक पदों से जुड़े फैसलों में राज्य सरकार से सलाह ली जानी चाहिए, ताकि संघीय ढांचे की भावना बनी रहे।आर.एन. रवि को मिला अंतरिम प्रभारराज्यपाल के इस्तीफे के बाद फिलहाल तमिलनाडु के राज्यपाल R. N. Ravi को पश्चिम बंगाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। रवि पूर्व आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने सीबीआई व खुफिया एजेंसियों में भी काम किया है। तमिलनाडु में अपने कार्यकाल के दौरान उनकी राज्य सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव की खबरें सामने आती रही हैं।
नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के तौर पर राष्ट्रीय राजनीति में लौट रहे हैं : अमित शाहएबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल की सराहना करते हुए इसे राज्य के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। यह तारीफ ऐसे समय आई जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने नामांकन दाखिल किये। शाह ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास की कई पहलों को गति मिली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाएं लोगों तक पहुंचीं। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार का कार्यकाल बिहार के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा। उनका जीवन और राजनीतिक यात्रा भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त रही है। नीतीश कुमार के राज्यसभा में नामांकन के साथ ही वे एक लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय राजनीति में लौट रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सांसद के रूप में दिल्ली लौट रहे हैं। उन्हें और एनडीए के सभी साथी सांसदों ने हार्दिक स्वागत किया। एनडीए के अन्य उम्मीदवारों में भाजपा अध्यक्ष Nitin Nabin, RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, भाजपा के शिवेश कुमार और JD(U) के राम नाथ ठाकुर भी शामिल हैं।नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन पर विपक्षी दलों ने आशंकाएं जताई हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह कदम भाजपा की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिससे नीतीश कुमार के प्रभाव को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले ही देखा था कि नीतीश कुमार की शक्ति घट रही है और एनडीए की चुनावी रणनीतियों से उनकी स्थिति कमजोर हो सकती है।नीतीश कुमार ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में ईमानदारी और भ्रष्टाचार मुक्त छवि बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में उनका जीवन पूरी तरह से निष्पक्ष रहा है। नामांकन के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और बिहार के विकास और जनता के साथ सहयोग जारी रखने का संदेश दिया।
भारत-कनाडा का 50 अरब डालर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य, आर्थिक, रक्षा क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग : मोदी एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और कनाडा ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने तथा रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए भारत-कनाड़ा रक्षा संवाद शुरू करने का निर्णय लिया है। दोनों देशों ने आर्थिक क्षेत्र में सहयोग को पुख्ता करने पर भी सहमति व्यक्त की है। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कूटनीति और बातचीत से मुद्दों के समाधान पर जोर दिया है। दोनों देशों ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को मानवता के लिए साझा और गंभीर चुनौती माना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की चार दिन की यात्रा पर आये कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ सोमवार को यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कनाडा और भारत का लोकतांत्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास है और दोनों देश विविधता को पूरी तरह मान्यता देते हैं। उन्होंने कहा कि मानवता की भलाई हमारा साझा विजन है जो हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। श्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने इस साझा विजन को आगे बढ़ाने और अपनी साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंंने कहा कि हमने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। दोनों देशों ने आर्थिक संभावनाओंं को पूरा फायदा उठाने के लिए व्यापक आर्थिक सहयोग साझेदारी को जल्द ही अंतिम रूप देने का भी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कनाडा के पेंशन फंडों ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है जिससे भारत की विकास यात्रा में उनके गहरे विश्वास का पता चलता है।
पीएम मोदी ने बहरीन के किंग और सऊदी के क्राउन प्रिंस को फोन किया, तनाव पर चर्चा एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बहरीन के किंग और सऊदी के क्राउन प्रिंस को फोन किया। दोनों के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने आज दो अहम फोन कॉल किये। टेलीफोन पर उन्होंने बहरीन के किंग और सऊदी के क्राउन प्रिंस के साथ ईरान और इस्राइल के बीच टकराव समेत कई मुद्दों पर बातचीत की। बहरीन और सऊदी में रहने वाले भारतीयों की चिंता रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने पहले बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा से बात की। उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री- मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद से भी बात की। पीएम मोदी ने इन दोनों देशों पर हुए हमलों की निंदा की और यहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों की सुरक्षा से संबंधित चिंताओं पर भी चर्चा की। पश्चिम एशिया पर भारत की करीबी नजर, कनाडा के साथ भी चर्चा गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक भी बुलायी थी। पीएम मोदी ने विदेश मंत्री डॉ जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल की मौजूदगी में खाड़ी देशों की स्थिति और पश्चिम एशिया में बमबारी के बाद उपजे तनाव की समीक्षा की। इस बैठक से इतर भारत ने कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी के साथ भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की।
अब रेल यत्री आनलाइन कर पाएंगे हादसे, सामान के नुकसान, किराया-विवाद के मामलों में दावा: वैष्णव एबीएन सेंट्रल डेस्क। रेल यात्रियों को यात्रा के दौरान हादसे, अनहोनी घटनाओं अथवा सामान के नुकसान या चोरी आदि के मामलों में क्षतिपूर्ति के दावों के लिए इलेक्ट्रानिक सुविधा मिलेगी जिससे कोई यात्री ऐसे किसी भी मामले में रेलवे दावा न्यायाधिकरण (आसीटी) के समक्ष कहीं से भी दावा कर सकेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यहां भारतीय रेलवे की प्रमुख योजना 52 हफ्तों में 52 सुधार के तहत सुधार संख्या तीन और चार क्रमश: रेलटेक नीति और रेलवे दावा न्यायाधिकरण (आसीटी) को पूरी तरह से डिजिटाइजेशन की करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ई- आरसीटी प्रणाली रेलवे दावा न्यायाधिकरण को पूरी तरह से कम्प्यूटर आधारित और डिजिट बनाएगी। यह देश में कहीं से भी तेज गति, ज्यादा पारदर्शी और आम लोगों के पहुंच योग्य बनाकर दावा फाइल करने, प्रक्रिया और न्यायिक निर्णय लेने की गति को बदल देगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में देश भर में 23 आरसीटी पीठ हैं और दावा फाइल करना अभी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, खासकर उन यात्रियों के लिए जो किसी घटना के समय दूसरे राज्यों में यात्रा कर रहे हों। दावा फाइल करने के लिए सही क्षेत्राधिकार तय करना अक्सर एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
30 दिन तक ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह लगाया प्रतिबंध पाकिस्तान के पंजाब में सुरक्षा खतरों को देखते हुए आउटडोर ड्रोन उड़ाने पर 30 दिन का सख्त बैन लगा दिया गया है। एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान भारत से डर गया है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बढ़ते सुरक्षा खतरों के मद्देनजर प्रांतीय मरियम नवाज सरकार ने एक बहुत सख्त कदम उठाया है। अगले 30 दिनों तक पूरे प्रांत में खुले आसमान के नीचे किसी भी तरह के ड्रोन उड़ाने पर तत्काल और पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। पंजाब के गृह विभाग ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाये रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1898 की धारा 144 /6 के तहत एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि बिना किसी पूर्व अनुमति के आउटडोर ड्रोन के इस्तेमाल पर अगले एक महीने तक पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। यह आदेश जारी होने की तारीख से लागू हो गया है। महत्वपूर्ण इमारतों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को बड़ा खतरा प्रशासन का कहना है कि उन्हें ऐसी विश्वसनीय खुफिया रिपोर्ट्स मिली थीं कि बेकाबू और बिना नियमों के उड़ने वाले मानवरहित हवाई वाहनों यानि ड्रोन से आम जनता, महत्वपूर्ण इमारतों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है। सरकार ने चेतावनी दी है कि आसमान में ड्रोन की इस तरह की अनियमित गतिविधियों से सरकारी कामकाज में बाधा आ सकती है और प्रांत का शांतिपूर्ण माहौल बिगड़ सकता है। हालांकि, इस प्रतिबंध में कुछ रियायतें भी दी गई हैं। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, किसी विवाह समारोह, बंद हॉल या मार्की (टेंट) के अंदर इंडोर कवरेज के लिए छोटे ड्रोन्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों (पुलिस, आर्मी) द्वारा सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन इस पाबंदी के दायरे से पूरी तरह बाहर रहेंगे। यह अहम फैसला तब लिया गया है जब हाल ही में पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने एक विशेष एंटी-ड्रोन यूनिट बनाने की मंजूरी दी थी। इस यूनिट का मुख्य काम किसी भी संभावित आतंकी खतरे से निपटना और प्रांत के मुख्य निकास व प्रवेश मार्गों पर डिजिटल स्कैनर लगाना है। आतंकवाद और निगरानी के बदलते हाई-टेक तरीकों के कारण जरूरी कदम इस कड़े फैसले पर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवाद और निगरानी के बदलते हाई-टेक तरीकों को देखते हुए यह एक बहुत ही जरूरी कदम था। खुले आसमान में अज्ञात ड्रोन्स की बढ़ती संख्या सुरक्षाबलों के लिए हमेशा से सिरदर्द रही है, इसलिए यह बैन संभावित खतरों को टालने में मदद करेगा। आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश प्रांतीय पुलिस और सभी स्थानीय थानों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियां अब ड्रोन गतिविधियों पर विशेष नजर रख रही हैं। चेतावनी दी गयी है कि जो भी व्यक्ति या संस्था इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पायी जायेगी, उसके खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन के तहत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी। आउटडोर शूटिंग के लिए मुख्य रूप से ड्रोन कैमरों पर निर्भर बहरहाल, सुरक्षा के लिहाज से यह फैसला भले ही अहम हो, लेकिन इसका सीधा असर व्यावसायिक वीडियोग्राफर्स, ट्रैवल व्लॉगर्स, और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों पर पड़ेगा जो अपनी आउटडोर शूटिंग के लिए मुख्य रूप से ड्रोन कैमरों पर निर्भर रहते हैं। 30 दिनों की इस रोक से इन पेशों से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है और उनके कई बड़े प्रोजेक्ट्स अटक सकते हैं।
दुनिया में UPI की धूम, भारत ने डिजिटल पेमेंट में दिखाया दमहर साल हो रहे 170 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शनएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में कई बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है। अब कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं मानने लगी हैं कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI न सिर्फ सफल है, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया है कि एक सरकारी मॉडल दुनिया के बड़े प्राइवेट नेटवर्क्स को चुनौती दे सकता है।प्राइवेट दिग्गजों को चुनौती देता भारतीय मॉडलइंटरेस्ट.को.एनजेड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जहां अमेरिका के Visa और Mastercard जैसे पेमेंट नेटवर्क प्रीमियम प्राइवेट सेवाओं के तौर पर काम करते हैं, वहीं भारत ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया है। यूपीआई की खास बात यह है कि यह आम लोगों के लिए लगभग मुफ्त सेवा है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारियों तक, हर कोई इसका इस्तेमाल कर सकता है। इससे डिजिटल लेनदेन आसान, तेज और सुरक्षित हुआ है।आंकड़ों में UPI की ताकतरिपोर्ट में RBI के आंकड़ों का जिक्र किया गया है। इनके अनुसार, भारत के कुल डिजिटल भुगतानों में यूपीआई की हिस्सेदारी 80 फीसदी से ज्यादा हो चुकी है। साल 2017 में जहां यूपीआई के यूजर्स करीब 3 करोड़ थे। वहीं 2024 तक यह संख्या 4 करोड़ से ज्यादा हो गई। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत में हर साल 170 अरब (170 बिलियन) से ज्यादा यूपीआई ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। एक अरब से अधिक आबादी वाले देश में यह आंकड़ा डिजिटल क्रांति की बड़ी मिसाल माना जा रहा है।चीन और अमेरिका से क्यों अलग है UPI?रिपोर्ट में भारत के यूपीआई की तुलना चीन के Alipay और WeChat Pay से की गई है। चीन के ये सिस्टम क्लोज्ड वॉल मॉडल पर आधारित हैं, यानी वे सीमित दायरे में काम करते हैं। जबकि भारत का यूपीआई एक ओपन प्लेटफॉर्म है। इसका मतलब है कि कोई भी बैंक या फिनटेक कंपनी इससे जुड़ सकती है और अपने ग्राहकों को सेवा दे सकती है। इसी खुले और सरल मॉडल की वजह से यूपीआई तेजी से लोकप्रिय हुआ है।
AI समिट में कांग्रेस ने नंगी राजनीति की, सारी मर्यादाएं तोड़ीं... पीएम मोदी का बड़ा वारएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि AI समिट में कांग्रेस ने नंगी राजनीति की, सारी मर्यादाएं तोड़ दी। AI Global Summit ये भाजपा का समारोह नहीं था, ये देश का कार्यक्रम था, देश के सम्मान का कार्यक्रम था। लेकिन कांग्रेस ने परसों सारी मर्यादाएं तोड़ दी। आज पूरे देश में कांग्रेस की इस रीति-नीति पर थू-थू हो रही है, लेकिन दुर्भाग्य देखिए... इतनी पुरानी पार्टी के नेता लाजने के बजाय बेशर्मी के साथ गाजते हैं। और ये मामला कांग्रेस की हरकतों का लगातार चल रहा है।पीएम ने कहा कि एक तरफ देशवासी भारत को विकसित बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन देश में ही कुछ राजनीतिक दल हैं जो भारत की सफलता को पचा नहीं पा रहे हैं। अभी आपने देखा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI Impact Summit हुआ। दुनिया भर के 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि दिल्ली आए।दुनिया के विकासशील देशों में ऐसा सम्मेलन आज तक कभी नहीं हुआ। लेकिन कांग्रेस और इसके इकोसिस्टम ने भारत के एक वैश्विक आयोजन को अपनी नंगी और गंदी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतार कर पहुंच गए।मैं कांग्रेस वालों से पूछता हूं कि देश तो जानता है कि आप पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्या पड़ी? महिला सांसदों को भेज करके सीट पर कब्जा करके आप प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हो। क्या आपलोग इतने खोखले हो गए हो कि माताओं-बहनों को इसके लिए आगे कर रहे हो। कांग्रेस देश के लिए बोझ बन गई है। एक बात मुझे संतोष है कि दिल्ली में जो घटना घटी, कांग्रेस के सभी साथी दलों ने कांग्रेस की भरपूर आलोचना करने की हिम्मत दिखाई है। मैं इसके लिए उनका सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करता हूं।
पीएम ने एआई समिट को बताया शानदारटी-20 वर्ल्ड कप का भी किया जिक्रएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 131वें एपिसोड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर बात की। पीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी प्रगति के बारे में कहा कि यह बदलते विश्व की पहचान है। दिल्ली में आयोजित एआई समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता और इनोवेशन की ताकत दुनिया के सामने मजबूती से उभरकर आई है। यह अब तक की सबसे बड़ी एआई समिट थी, जिसमें युवाओं की जबरदस्त भागीदारी और उत्साह दिखा।प्रधानमंत्री ने बताया कि एआई अब केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के दौरान वैश्विक नेताओं और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों को इसकी मिसाल भी दिखाई गई। दुनिया ने देखा कि एआई के जरिए पशुओं की बीमारियों की पहचान और उपचार में मदद मिल रही है।पीएम ने कहा, AI अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्साप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसान अब 24x7 एआई आधारित सिस्टम से अपने डेयरी फार्म और पशुधन की निगरानी कर पा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ टेक्नोलॉजी और साइंस तक सीमित नहीं है। यह हम सबकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। पीएम ने कहा, किसान और डेयरी उत्पादक एआई का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे उत्पादन और प्रबंधन दोनों में सुधार हो रहा है। इस संदर्भ में अमूल के बूथ का खास तौर पर जिक्र होता है। अमूल ने एआई आधारित डेयरी प्रबंधन मॉडल से दुनिया भर के एक्सपर्ट्स को प्रभावित किया है।AI सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी हो रहा इस्तेमालप्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक क्षेत्र में एआई के उपयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राचीन ग्रंथों, पांडुलिपियों और पारंपरिक ज्ञान को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखने की पहल ने कई देशों का ध्यान खींचा है। एआई तकनीक के माध्यम से विरासत को नई पीढ़ी के लिए सुलभ और उपयोगी बनाया जा रहा है। पीएम ने कहा कि यह तकनीक संस्कृति और लोक कलाओं के संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभा रही है।T-20 वर्ल्ड कप की भी पीएम ने की चर्चामन की बात कार्यक्रम में पीएम अक्सर ही खेलों और खिलाड़ियों की चर्चा करते हैं। प्रधानमंत्री ने ICC T20 World Cup का जिक्र करते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट में भारतीय मूल के खिलाड़ियों का प्रदर्शन खासा प्रभावशाली रहा है। खासकर कनाडा की टीम में कई भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं, जो अपने खेल से वैश्विक मंच पर पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारतीय प्रतिभा के वैश्विक पहचान का संकेत है।
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