पश्चिम एशिया संकट का असर: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 7.9% गिरावट, एयरलाइन कंपनियों ने भी टाली प्लानिंग एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अप्रैल महीने की हवाई यात्रा पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान देखने को मिला। जबकि वैश्विक व्यापार भी इससे प्रभावित हुआ है, जिससे कई देशों की आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। ओएजी के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल महीने में देश की कुल विमानन क्षमता जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय में हल्की गिरावट दर्ज की गयी है। यह कमी करीब 0.2 प्रतिशत रही। इस गिरावट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की क्षमता में आयी तेज कमी है, जो लगभग 7.9 प्रतिशत तक पहुंच गयी। इसके पीछे पश्चिम एशिया में कमजोर मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि घरेलू उड़ानों की क्षमता में 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई कमी की भरपाई नहीं कर पायी। लेकिन इसी दौरान एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में इजाफा होने से घरेलू हवाई किराये भी बढ़ गये हैं। किराये में इस तेजी का असर यात्रियों की मांग पर पड़ सकता है। भविष्य में में यात्रा की संख्या प्रभावित होने की आशंका जतायी जा रही है। अप्रैल महीने में एयरलाइंस की कुल सीट क्षमता में गिरावट दर्ज की गयी है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को मिलाकर इस दौरान कुल 73.6 लाख सीटें उपलब्ध रहीं। जो पिछले साल अप्रैल में 79 लाख सीटों के मुकाबले कम हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस बार कुल सीट क्षमता में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की हिस्सेदारी घटकर 30 प्रतिशत रह गयी है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह हिस्सा 32 प्रतिशत था। जिससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय सेगमेंट में कमी का असर कुल क्षमता पर पड़ा है। अप्रैल में एयरलाइंस की कुल सीट क्षमता घटकर 73.6 लाख रह गई, जो पिछले साल इसी महीने के 79 लाख से कम है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की हिस्सेदारी भी घटकर 30फीसदी रह गयी, जबकि पिछले साल यह 32 फीसदी थी। कंपनियां टाल रही विस्तार योजना वैश्विक संकट का असर विमानन कंपनियों पर साफ दिख रहा है, जिसके चलते वे सीट क्षमता घटा रही हैं और विस्तार योजनाएं टाल रही हैं। इंडिगो ने अप्रैल में 1.25 करोड़ सीटें आॅफर कीं, जो पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 1% ज्यादा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अप्रैल में अपनी सीट क्षमता में 10.90% की बड़ी कटौती की, जो घटकर 25 लाख सीट रह गयी। एयर इंडिया ने भी अपनी कुल सीट क्षमता में 6.20% की कमी की है। इन दोनों कंपनियों की भारत की कुल विमानन क्षमता में 24% हिस्सेदारी है, लेकिन अप्रैल में इन्होंने मिलकर करीब 5 लाख सीट कम कर दी, जो सालाना आधार पर 8% गिरावट है। दूसरी ओर, अकासा ने अपनी सीट क्षमता में 2.6% की बढ़ोतरी की है। एमिरेट्स ने भी मामूली 0.30% की वृद्धि की, जिससे उसकी कुल सीट क्षमता 5.31 लाख (531,572) हो गयी। भारत-यूएई रूट वैश्विक स्तर पर टॉप-20 में 11वें स्थान पर है, लेकिन अप्रैल में इस रूट पर सीट क्षमता 20% घट गयी। इस रूट पर पिछले साल के मुकाबले 4.73 लाख सीटों की कमी दर्ज की गयी है।
वेदांता पावर प्लांट में धमाका, पांच की मौत और 15 घायल; बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या एबीएन सेंट्रल डेस्क। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को एक भीषण हादसा हो गया। प्लांट में लगे बॉयलर के अचानक फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गयी। इस दर्दनाक घटना में अब तक छह मजदूरों की मौत हो गयी है और 18 लोग घायल हुए हैं। जिंदल अस्पताल में मिली जानकारी घायलों को तत्काल रायगढ़ के जिंदल अस्पताल ले जाया गया है। वहां अभी तक 18 लोगों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। गंभीर रूप से झुलसे लोगों में से अब छह की मौत रायगढ़ के निजी अस्पताल में हो गयी है। शुरुआती जानकारी में 7 से 10 लोगों के मरने की आशंका थी और 30 से 40 मजदूरों के झुलसने की खबर मिली थी। दूर तक सुनायी दी धमाके की आवाज विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनायी दी। इससे आसपास के ग्रामीण भी दहशत में आ गये। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंच गये। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उनका इलाज लगातार जारी है और कुछ घायलों की हालत नाजुक बतायी जा रही है। हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है, साथ ही घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दे दिये गये हैं। फिलहाल, मृतकों और घायलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है।
महिला आरक्षण के बाद कैसी होगी संसद; आ गई पूरी डिटेल एबीएन सेंट्रल डेस्क। संशोधित बिल के अनुसार 2029 के आम चुनाव में ही महिला आरक्षण को लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा सीटों का परिसीमन 2011 की जनगणना के अनुसार किया जायेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार सीटों का अनुपात लगभग समान ही रहेगा, लेकिन दक्षिणी राज्यों की ओर से मांग उठ रही है कि इसकी गारंटी सरकार की ओर से दी जाये। लोकसभा में होंगी 850 सीटें, महिला आरक्षण के बाद कैसी होगी संसद महिला आरक्षण लागू होने के बाद लोकसभा के सांसदों की कुल संख्या बढ़कर 850 हो जायेगी। अब तक आयी जानकारी के अनुसार यह संख्या 816 तक रहने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब यह आंकड़ा 850 होने की चर्चा है। इसके तहत 815 सीटें राज्यों में होंगी। वहीं 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों से आयेंगी, जिनमें से अकेले 11 सीट राजधानी दिल्ली में होंगी।वहीं महिलाओं के लिए कम से कम 273 सीटें यानी रिजर्व रखी जायेंगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके अलावा सभी विधानसभाओं में भी ऐसा होगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग की सीटें 84 से बढ़कर 136 हो जायेंगी। वहीं एसटी सीटों की संख्या 47 से बढ़कर 70 हो सकती है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महिला आरक्षण के संशोधन बिल के ड्राफ्ट में 850 सीटों का प्रस्ताव रखा गया है। यह बिल आज ही सांसदों को दिया जायेगा ताकि वे रिव्यू कर सकें। इस बीच गुरुवार से संसद का विशेष सत्र भी शुरू हो रहा है, जो तीन दिनों तक चलेगा। इस सत्र में महिला आरक्षण में संशोधन बिल रखा जायेगा। इसके तहत 2029 के आम चुनाव में ही महिला आरक्षण को लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा सीटों का परिसीमन 2011 की जनगणना के अनुसार किया जायेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार सीटों का अनुपात लगभग समान ही रहेगा, लेकिन दक्षिणी राज्यों की ओर से मांग उठ रही है कि इसकी गारंटी सरकार की ओर से दी जाये।
पश्चिम बंगाल चुनाव: आदिवासी वोट बैंक पर भाजपा की नजर, झारखंड के दिग्गज नेता मैदान में; तृणमूल की है यह रणनीति एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं। भारतीय जनता पार्टी इस बार सत्ता हासिल करने के लक्ष्य के साथ चुनावी मैदान में उतरी है और विभिन्न सामाजिक वर्गों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। खासतौर पर आदिवासी वोट बैंक को लेकर पार्टी ने विशेष ध्यान केंद्रित किया है, क्योंकि झारखंड से सटे जिलों में इन मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने झारखंड के प्रमुख आदिवासी नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारने का फैसला लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी समेत एक दर्जन से अधिक नेताओं को सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय किया गया है। ये नेता जनसभाओं, पदयात्राओं और जनसंपर्क अभियानों के जरिए आदिवासी मतदाताओं तक पहुंच बनाने का प्रयास करेंगे। जानकारी के अनुसार, चंपई सोरेन जल्द ही बंगाल रवाना होंगे, जबकि अन्य नेताओं के दौरे भी लगातार जारी रहेंगे। तृणमूल कांग्रेस की जवाबी तैयारी दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस भी इस चुनौती को गंभीरता से ले रही है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन 15 अप्रैल को पश्चिम बंगाल पहुंचकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। इससे आदिवासी मतदाताओं के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और अधिक तीव्र हो गयी है। पिछले प्रदर्शन और इस बार की चुनौती राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा साबित हो सकता है। पिछले चुनाव में पार्टी ने 77 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि इस बार माइक्रो-लेवल रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के सहारे बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में झारखंड के नेताओं की सक्रियता को अहम माना जा रहा है। निर्णायक भूमिका में आदिवासी मतदाता झारखंड से सटे पश्चिम बंगाल के इलाकों में आदिवासी मतदाताओं की संख्या और प्रभाव को देखते हुए सभी दल इस वर्ग को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हैं। चुनावी समीकरणों में इन मतदाताओं की भूमिका परिणामों को प्रभावित करने वाली मानी जा रही है, जिससे यह मुकाबला और दिलचस्प बन गया है।
सुरों की मल्लिका की अंतिम विदाई: राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन होंगी आशा भोंसले, भावुक हुआ पूरा देश एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का आज अंत हो गया। अपनी जादुई आवाज से सात दशकों तक दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली आशा भोसले की अंतिम यात्रा आज मुंबई में निकाली जा रही है। तिरंगे में लिपटी उनकी देह और सफेद फूलों से सजी उनकी अंतिम विदाई की तस्वीरें हर भारतीय की आंखों को नम कर रही हैं। सितारों से लेकर आम प्रशंसकों तक की उमड़ी भीड़ आशा जी के निवास स्थान पर सुबह से ही उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। खेल जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर, जो आशा जी को अपनी मां समान मानते थे श्रद्धांजलि देते समय अपने आंसू नहीं रोक पाये। उनके अलावा अभिनेत्री तबू और आशा पारेख समेत फिल्म जगत की तमाम बड़ी हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचीं। हर पीढ़ी की आवाज थी आशा ताई आशा भोसले का जाना केवल संगीत जगत की क्षति नहीं है बल्कि करोड़ों लोगों के लिए एक व्यक्तिगत दुख है। उन्होंने हर दौर के साथ खुद को ढाला। क्लासिकल गानों से लेकर फुट-टैपिंग पॉप और कैबरे तक उन्होंने हर विधा में महारत हासिल की। उनका करियर हमें सिखाता है कि समय के साथ खुद को बदलना ही असली सफलता है। उन्होंने नये दौर के संगीतकारों के साथ भी उतनी ही सहजता से काम किया जितना पुराने दिग्गजों के साथ। शिवाजी पार्क में होगा अंतिम संस्कार कुछ ही देर में मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा। महाराष्ट्र सरकार की ओर से उन्हें गार्ड आफ आनर दिया जायेगा। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि उनके हजारों प्रशंसक अपनी प्रिय गायिका को आखिरी विदाई दे सकें।
केंद्रीय मंत्री ने किया पत्रकारों से आह्वान नागपुर में नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्ट्स महाराष्ट्र (विदर्भ क्षेत्र) के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा सदस्यों की स्वास्थ्य जांच को लेकर सहयोग का आश्वासन एबीएन सेंट्रल डेस्क (नागपुर)। आज समाज में, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, राष्ट्रीय विचार और देशभक्ति की भावना को स्थापित करने की वास्तविक आवश्यकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पत्रकारों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि आज सकारात्मक विचारों को बोकर जनमानस को गढ़ने की जरूरत है। वे आज नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स महाराष्ट्र (विदर्भ क्षेत्र) की कार्यकारिणी के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान बोल रहे थे।उन्होंने यह भी अपेक्षा व्यक्त की कि पत्रकारों को राष्ट्रहित को बनाये रखने वाली और देश को परम वैभव की ओर ले जाने वाली संस्थाओं एवं संगठनों के विचारों को आम जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। गडकरी ने पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में स्व. भानुताई गडकरी डायग्नोस्टिक सेंटर के माध्यम से आवश्यक सहयोग प्रदान करने का भी आश्वासन दिया। नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स महाराष्ट्र (विदर्भ क्षेत्र) के अध्यक्ष अविनाश पाठक के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने गडकरी को पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा और उन्हें इससे अवगत कराया। पदाधिकारियों ने गडकरी को संगठन द्वारा पत्रकारों और समाज के लिए शुरू किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी। गडकरी ने कहा कि वे इस मामले में भी जो भी संभव होगा सहयोग करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष अविनाश पाठक के साथ सचिव पराग जोशी, चारुदत्त कहू, अजिंक्य भांडारकर, स्नेहल जोशी, मीरा टोळे, नितीन कुलकर्णी और अन्य कार्यकारिणी सदस्य शामिल थे।
डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती 14 अप्रैल कोसामाजिक न्याय और समानता के महानायक डॉ अंबेडकर भारतीय संविधान के थे प्रमुख शिल्पकार : संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची । हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत के महान विधिवेत्ता, समाज सुधारक और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है। यह दिन न केवल उनके जन्मदिवस का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समानता, न्याय और मानव अधिकारों के प्रति उनकी अविस्मरणीय संघर्षगाथा को भी स्मरण कराता है। डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू (अब डॉ. अंबेडकर नगर) में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से थे, लेकिन बचपन से ही उन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना हथियार बनाया और देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कानून, अर्थशास्त्र और राजनीति में गहन अध्ययन कर अपने ज्ञान से समाज में नई चेतना का संचार किया। डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से संविधान में समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय जैसे मूल्यों को प्रमुख स्थान मिला। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर दलितों और पिछड़ों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान सुनिश्चित किए।उनके सामाजिक कार्यों की बात करें तो डॉ. अंबेडकर ने छुआछूत और जातिगत भेदभाव के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो, का संदेश देकर समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाई और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कई कानूनों का समर्थन किया।राजनीतिक क्षेत्र में भी उनका योगदान अतुलनीय रहा। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री बने और उन्होंने देश की न्याय व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया। इसके अलावा, उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाकर सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया, जिससे लाखों लोगों को नई दिशा मिली। डॉ. अंबेडकर जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संगोष्ठियां, रैलियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन लोग उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद करते हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा, संघर्ष और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो आज भी समाज को समानता और न्याय के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है।उनकी जयंती हमें उनके आदर्शों को अपनाने और एक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश देती है। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
आशा ताई के निधन से इंडस्ट्री में शोकअक्षय बोले- आवाज अमर रहेगी; अंतिम संस्कार कलएबीएन सेंट्रल डेस्क। तमाम फिल्मी गानों को अपनी मखमली आवाज से सजाने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले नहीं रहीं। उन्होंने 92 साल की उम्र में आज रविवार 12 अप्रैल को दुनिया को अलविदा कह दिया है। बातचीत में आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने इस खबर की पुष्टि की है। गायिका का जाना सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। फैंस गमगीन हैं। सिनेमाई दुनिया में शोक है। उनका अंतिम संस्कार कल सोमवार को होगा।
मशहूर सिंगर आशा भोसले को आया हार्ट अटैक, अस्पताल में भर्तीएबीएन सेंट्रल डेस्क । मशहूर सिंगर आशा भोसले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि सिंगर को हार्ट अटैक आया है। फिलहाल मिली जानकारी में बताया जा रहा है कि उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल से सिंगर की स्थिति को लेकर कोई भी अपडेट सामने नहीं आया है। फिल्मी दुनिया में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली दिग्गज सिंगर आशा भोसले को लेकर हैरान करने वाली खबर सामने आई है। 11 अप्रैल को हार्ट अटैक आने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के डॉक्टर मने इस खबर की पुष्टि की है। लेकिन, इससे ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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