भारतीय अर्थव्यवस्था में पहली बार विनिर्माण निर्यात को मिली बढ़तएबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गयी है जहां निर्यात बाजार में विनिर्माण क्षेत्र ने सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया है और जल्दी ही भारत का निर्यात एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया भारत आज हर साल एक करोड़ 80 लाख नये रोजगार अवसर पैदा कर रहा है। श्री वैष्णव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में ये जानकारियां साझा कीं। श्री वैष्णव ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गयी है। देश में लंबे समय से विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने की बात कही जाती रही लेकिन ऐसा हो नहीं पाया था। बीते 40 से 50 साल के दौरान भारत में विनिर्माण लगातार घटता रहा और हम उसकी क्षमता का दोहन नहीं कर पाये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया के नारे का मजाक उड़ाते थे और आज हालात खुद उनका ही मजाक उड़ाने लगे हैं।उन्होंने कहा कि आज हम उस स्थिति में पहुंच गये हैं जब हमारा निर्यात एक ट्रिलियन यानी दस खरब डॉलर के करीब पहुंचने वाला है और जल्दी ही हम इस स्तर को पार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय निर्यात 7.62 खरब डॉलर से अधिक का रहा। इसमें से विनिर्माण निर्यात 4.53 खरब डॉलर और सेवा क्षेत्र निर्यात 3.09 खरब डॉलर का रहा। उन्होंने बताया कि पहले हम केवल तीन चार वस्तुओं का भी निर्यात करते थे। अब निर्यात करने वाली वस्तुओं की सूची भी लंबी हो रही है। बीते वर्ष हुए निर्यात में सर्वाधिक 97 अरब डॉलर पेट्रोलियम पदार्थ, 19 अरब डॉलर फार्मास्युटिकल्स, 12 अरब डॉलर टेलीकॉम उपकरण, 11 अरब डॉलर इलैक्ट्रिकल मशीनरी, 8 अरब डॉलर एल्युमिनियम उत्पाद, 8.7 अरब डॉलर मोटर वाहन एवं कार तथा चार अरब डॉलर के इलैक्ट्रॉनिक्स उपकरण का निर्यात हुआ है।उन्होंने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और चीन आदि विकसित देशों की अर्थव्यवस्था का विस्तार एवं स्थायित्व विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती पर ही आधारित रहा है। इसलिए भारत को भी विकसित देशों की श्रेणी में लाने के लिए भारत में विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेक इन इंडिया, डिजाइन इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया जैसे मिशनों की बड़ी भूमिका रही है। आज भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता एवं लागत दोनों वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी हैं और इसी से हमारा निर्यात बढ़ रहा है। श्री वैष्णव ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र के मजबूत होने से रोजगार भी तेजी से बढ़े हैं और भविष्य निधि के खातों का अध्ययन करें तो पाएंगे कि पहले औपचारिक रोजगार छह लाख प्रति माह के स्तर पर था, वह अब 14 से 15 लाख प्रति माह के स्तर पर पहुंच गया है। यानी करीब एक करोड़ 70 से 80 लाख रोजगार सालाना पैदा हो रहे हैं जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सालाना दो करोड़ रोजगार के वादे के करीब है।
भारत और केन्या वन संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में करेंगे सहयोग एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत एवं केन्या ने अपने राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर पर्यावरण एवं वन संपदा के संरक्षण तथा स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मिल कर काम करने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्या के राष्ट्रपति विलियम सामोई रूतो के साथ यहां हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय शिखर बैठक में ये संकल्प लिये गये। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये। श्री मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत की विदेश नीति में अफ्रीका को हमेशा उच्च प्राथमिकता का स्थान दिया गया है। पिछले लगभग एक दशक में हमने मिशन मोड में अफ्रीका के साथ अपना सहयोग बढ़ाया है। इस वर्ष हम भारत और केन्या के राजनयिक संबंधों की साठवीं वर्षगांठ मना रहे हैं, किन्तु हमारे संबंधों का हजारों वर्ष पुराना इतिहास है। उन्होंने कहा कि भारत और केन्या के बीच आपसी व्यापार और निवेश में लगातार प्रगति हो रही है। हमारे आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए हम नए अवसरों की तलाश जारी रखेंगे। उन्होंने कहा- भारत एवं केन्या, दो कृषि प्रधान अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, हम अपने अनुभव साझा करने पर सहमत हुए हैं। केन्या के कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए हम 25 करोड़ डॉलर का ऋण प्रदान करने पर सहमत हुए हैं। आधुनिक समय की जरूरतों के अनुसार हम नवाचार में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में, हम केन्या के साथ भारत की उपलब्धियों को साझा करने के लिए तैयार हैं। स्वच्छ ऊर्जा दोनों देशों की मुख्य प्राथमिकता है। अफ्रीका जलवायु शिखर सम्मेलन की केन्या की पहल सराहनीय कदम है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि केन्या ने वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन और अंतरराष्ट्रीय सौर गठजोड़ से जुड़ने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही केन्या द्वारा लिए गए अंतरराष्ट्रीय विडालवंशी गठबंधन यानी इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस से जुड़ने के निर्णय से हम विडाल वंशी जंतुओं यानी शेर बाघ, चीता, तेंदुआ आदि के संरक्षण के लिए वैश्विक प्रयासों को सशक्त कर सकेंगे। श्री मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में हमारा बढ़ता सहयोग हमारे आपसी विश्वास और साझा हितों का प्रतीक है। आज की चर्चा में हमने सैन्य अभ्यास क्षमता निर्माण के अलावा दोनों देशों के रक्षा उद्योगों को जोड़ने पर भी जोर दिया। हमने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लोक कल्याण के लिए इस्तेमाल पर भी चर्चा की। शिखर बैठक में दोनों पक्षों के बीच आतंकवाद पर भी चर्चा हुई।प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत और केन्या एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे गंभीर चुनौती है। इस संबंध में हमने आतंकवाद से मुकाबले के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
भारत में फिर से बढ़े कोविड के एक्टिव केस, कहीं चीन का असर तो नहीं?एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में फिलहाल कोरोना का कोई खतरा नहीं है। बीते डेढ़ साल से वायरस के केस बढ़े और कम हुए लेकिन हालात काबू में रहे। इस बीच अब देश में कोविड के ग्राफ में हल्का सा इजाफा हुआ है। बीते 24 घंटे में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 479 हो गयी है। बीते एक दिन में 37 सक्रिय मरीज बढ़े हैं, हालांकि यह आंकड़ा बहुत कम है, लेकिन कोरोना के सक्रिय मरीजों का बढ़ना अच्छा संकेत नहीं माना जाता है। चूंकि अभी चीन में सांस की बीमारियों से हालात बिगड़ रहे हैं तो ऐसे में भारत में कोविड के ग्राफ फिर चढ़ रहा है। कोरोना के केस बढ़ने का कारण क्या है? क्या चीन में फैल रहे निमोनिया का ये असर है या फिर कुछ और ही कारण है? ऐसे कई सवालों का जवाब जानने के लिए हमने एक्सपर्ट्स से बातचीत की है। सफदरजंग हॉस्पिटल में कम्यूनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट में डॉ जुगल किशोर बताते हैं कि इस समय मौसम में बदलाव हो रहा है। सर्दियां आ गयी हैं। ऐसे में मौसमी बीमारियां ज्यादा होती हैं। फ्लू और सीजनल बुखार के केस ज्यादा आते हैं। इन बीमारियों में लक्षण खांसी-जुकाम और बुखार के होते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी होती है। ऐसे मरीज जब अस्पताल जाते हैं तो उनकी कोविड जांच भी की जाती है, जिसमें कुछ लोग पॉजिटिव मिल जाते हैं।चूंकि सांस की बीमारियों के ज्यादा मरीज आ रहे हैं तो टेस्ट की संख्या भी बढ़ी है। इससे कोविड के आंकड़ों में इजाफा हो गया है। हालांकि केस बहुत ज्यादा नहीं है। जब भी टेस्ट होते हैं तो इतने केस आते ही हैं। वायरस कभी खत्म नहीं होता है। टेस्ट होगा तो कुछ लोग पॉजिटिव आयेंगे ही, लेकिन इसमें पैनिक होने वाली कोई बात नहीं है।
बोले- मप्र, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का जनादेश विनम्रता से करते हैं स्वीकारएबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तेलंगाना में पार्टी को बहुमत से जीतने के लिए वहां की जनता का आभार व्यक्त किया लेकिन कहा कि वह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मिले जनादेश को विनम्रता पूरक स्वीकार करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी लड़ाई विचारधारा की है और यह लड़ाई जारी रहेगी। इससे पहले पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तेलंगाना की जनता का आभार जताया और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान में कांग्रेस वोट देने वाले लोगों को धन्यवाद दिया। राहुल गांधी ने कहा- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का जनादेश हम विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं- विचारधारा की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने तेलंगाना में कांग्रेस को बहुमत देने के लिए वहां के मतदाताओं का आभार जताया और कहा कि तेलंगाना के लोगों को मेरा बहुत धन्यवाद - प्रजालु तेलंगाना बनाने का वादा हम जरूर पूरा करेंगे। सभी कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत और समर्थन के लिए दिल से शुक्रिया। इस बीच कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जय राम रमेश ने कहा कि जिन राज्यों में पार्टी को हार मिली है वहां जल्द ही पार्टी फिर मजबूती के साथ खड़ी होगी। उन्होंने कहा, ठीक 20 साल पहले भी कांग्रेस को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुए विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। उस वक्त हमें सिर्फ दिल्ली में जीत मिली थी। लेकिन कुछ ही महीनों में जोरदार ढंग से वापसी करते हुए कांग्रेस लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और केंद्र में सरकार बनायी। आशा, विश्वास, धैर्य और दृढ़ संकल्प साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनावों के लिए तैयारी करेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मतगणना जारी है। अब तक के रुझानों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है और तेलंगाना में कांग्रेस भारी बहुमत के साथ जीतती दिख रही है। दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर जश्नदिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। बता दें कि भाजपा एमपी-राजस्थान और छत्तीसगढ़ में आगे चल रही है। एमपी में भी सीएम शिवराज को बधाइयां मिल रही हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 2 बजे तक मध्य प्रदेश में भाजपा 161 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं कांग्रेस 66 सीटों पर और बसपा 2 सीटों पर आगे है। राजस्थान में भाजपा 112 सीटों पर और कांग्रेस 71 सीटों पर और बसपा 2 सीटों पर आगे चल रही है। छत्तीसगढ़ में भाजपा 55 सीटों पर, कांग्रेस 32 सीटों पर और बसपा एक सीट पर आगे है। तेलंगाना में कांग्रेस 63 सीटों पर, बीआरएस 41 सीटों पर और भाजपा 8 सीटों पर आगे है। मध्य प्रदेश की निवास विधानसभा सीट पर चौंकाने वाला नतीजा आया है। दरअसल यहां केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते चुनाव हार गए हैं। कुलस्ते को कांग्रेस उम्मीदवार चैन सिंह वारकडे के सामने हार का सामना करना पड़ा है।
पीएम नरेंद्र मोदी 30 नवंबर को देवघर एम्स में 10 हजारवें पीएम जन औषधि केंद्र का करेंगे आनलाइन उद्घाटनटीम एबीएन, देवघर/ रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर को दिल्ली से आनलाइन देवघर एम्स में पीएम जन औषधि केंद्र का उद्घाटन करेंगे। देवघर एम्स परिसर में अमृत फार्मेसी के बगल में ही पीएम जन औषधि केंद्र तैयार किया गया है। जानकारी के अनुसार स्टोर में सारी दवाइयां आ गयी हैं। गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे के आग्रह पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देवघर एम्स में पीएम जन औषधि केंद्र की स्वीकृति दी है। फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो आॅफ इंडिया (पीएमबीआई) के सीइओ रवि दाधिची ने सांसद डॉ निशिकांत दुबे व एम्स के निदेशक को पत्र भेजकर बताया है कि 30 नवंबर को प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के 10 हजारवें पीएम जन औषधि केंद्र का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री देवघर एम्स के साथ-साथ महाराष्ट्र के कोल्हापुर में भी संबोधन करेंगे। समारोह में गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे देवघर एम्स में उपस्थित रहेंगे। सीईओ रवि ने देवघर एम्स के निदेशक को पीएमबीआई के नोडल आॅफिसर के साथ को-आर्डिनेशन कर उद्घाटन समारोह की सारी तैयारी करने का निर्देश दिया है। गोड्डा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्होंने देवघर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की मांग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से की थी। स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरता से लिया। 30 नवंबर को पीएम जन औषधि केंद्र का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। देवघर एम्स में पीएम जन औषधि केंद्र खुल जाने से मरीजों को अमृत फार्मेसी में लंबी लाइन लगाकर दवा लेने से राहत मिलेगी तथा औषधि केंद्र में सस्ती दर पर सभी दवाइयां उपलब्ध होंगी।
टनल से बाहर आये मजदूरों ने पीएम मोदी से की बातचीत, बतायी हैरान कर देने वाली बातेंएबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में पिछले 17 दिनों से टनल में फंसे सभी 41 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। जिसके बाद मजदूरों के परिजनों में खुशी की लहर है। सभी मजदूर ठीक हैं और अभी डॉक्टर्स की निगरानी में रखे गये हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरकाशी में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों से टेलीफोन पर बात की। उन्होंने उनकी सुरक्षित निकासी पर मंगलवार को प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गहरा संतोष व्यक्त किया और इसे बचाव कार्य में टीम भावना का एक अद्भुत उदाहरण बताया। पीएम मोदी ने मजदूरों से कहा कि इस मिशन में शामिल सभी लोगों ने मानवता और टीम वर्क का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग एजेंसियों के इस बचाव अभियान ने सभी को भावुक कर दिया। मोदी ने सोशल मीडिया नेटवर्क एक पर एक पोस्ट में कहा कि उत्तरकाशी में हमारे श्रमिक भाइयों के रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है।प्रधानमंत्री ने लिखा- सुरंग में जो साथी फंसे हुए थे, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है। मैं आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत संतोष की बात है कि लंबे इंतजार के बाद अब हमारे ये साथी अपने प्रियजनों से मिलेंगे। इन सभी के परिजनों ने भी इस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, उसकी जितनी भी सराहना की जाये वो कम है।उन्होंने कहा कि मैं इस बचाव अभियान से जुड़े सभी लोगों के जज्बे को भी सलाम करता हूं। उनकी बहादुरी और संकल्प-शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अछ्वुत मिसाल कायम की है।
धरती पर उतर आया स्वर्ग, तस्वीरों में देखें काशी की भव्य देव दिवालीएबीएन सेंट्रल डेस्क। वाराणसी में जैसे-जैसे शाम हुई शहर स्वर्ग सा नजर आने लगा। दोपहर से ही लोग घाटों पर देवों की दिवाली देखने के लिए जम गये। दीयों से घाट जगमगा उठे। उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर 85 घाटों पर 12 लाख और जन सहभागिता से लगभग कुल 22 लाख दीप काशीवासी के घाटों, कुंडों, तालाबों और सरोवरों पर जलाये गये। पर्यटक गंगा पार रेती पर शिव के भजनों के साथ क्रैकर्स शो का भी आनंद ले सकेंगे। गंगा द्वार पर लेजर शो के माध्यम से श्री काशी विश्वनाथ धाम पर आधारित काशी का महत्व और कॉरिडोर के निर्माण संबंधित जानकारी लेजर शो के माध्यम से दिखायी जायेगी।
मोदी ने तेजस फाइटर जेट में भरी उड़ान, बोले- आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भारत नंबर वनएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद दिलचस्प अंदाज में आज तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरी है। उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु से तेजस में उड़ान भरी। मेक इन इंडिया पर प्रधानमंत्री का बड़ा जोर है। इसके साथ ही आज पीएम मोदी ने बेंगलुरु में मेक इन इंडिया के तहत मल्टी-रोल फाइटर जेट को मंजूरी दी है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए केंद्र ने कई पहलें शुरू की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद दिलचस्प अंदाज में आज तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरी है। उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु से तेजस में उड़ान भरी। मेक इन इंडिया पर प्रधानमंत्री का बड़ा जोर है। इसके साथ ही आज पीएम मोदी ने बेंगलुरु में मेक इन इंडिया के तहत मल्टी-रोल फाइटर जेट को मंजूरी दी है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए केंद्र ने कई पहलें शुरू की हैं।
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