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मोदी ने किया देश के सबसे लंबे पुल का उद्घाटन
Published / 2024-01-12 20:55:22
मोदी ने किया देश के सबसे लंबे पुल का उद्घाटन

मुंबई से नवीं मुंबई को जोड़ता है अटल सेतुएबीएन सेंट्रल डेस्क। पीएम मोदी ने महाराष्ट्र में अटल बिहारी वाजपेयी सेवारी-न्हावा शेवा अटल सेतु का उद्घाटन किया। इस दौरान मंच पर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे समेत दोनों डिप्टी सीएम अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस के साथ ही राज्यपाल रमेश बैस भी मौजूद रहे।17,840 करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत से निर्मित 21.8 किमी लंबे मुंबई ट्रांसहार्बर लिंक (MTHL) को अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी- न्हावा शेवा अटल सेतु नाम दिया गया है। ये अटल सेतु मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ेगा। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए यह पुल नई जीवन रेखा बनेगा, वहीं बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में यह भारत के विकास की नई इबारत है। एक अनुमान के मुताबिक पुल से हर रोज करीब 70 हजार लोग सफर करेंगे। यहां 400 कैमरे लगे हैं, इसके अलावा ट्रैफिक के दबाव की जानकारी जुटाने के लिए एआई आधारित सेंसर लगे हैं। अटल सेतु भारत का सबसे लंबा पुल है और देश का सबसे लंबा समुद्री पुल भी है। यह मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके जरिए मुंबई से पुणे, गोवा और दक्षिण भारत की यात्रा का समय भी कम हो जायेगा।अटल सेतु की विशेषताएं21.8 किमी लंबा है अटल सेतु17,840 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है2016 के दिसंबर माह में रखी थी आधारशिला16.5 किमी समुद्र पर तो 5.5 किमी जमीन पर बना

24 घण्टे में आये कोरोना के 609 नये मामले
Published / 2024-01-12 13:40:34
24 घण्टे में आये कोरोना के 609 नये मामले

देश में तेजी से फैल रहा कोरोना वायरस, 24 घंटे में इतने नये मामले आये सामनेएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के 609 नये मामले दर्ज किए गए और उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 3,368 हो गयी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सुबह आठ बजे तक अद्यतन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे की अवधि में तीन लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से जान गयी है। मृतकों में से दो केरल के और एक कर्नाटक का है। पांच दिसंबर, 2023 तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक में आ गयी थी, लेकिन वायरस के एक नए स्वरूप के सामने आने और ठंड के मौसम की स्थिति के बाद मामले बढ़ने लगे।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पांच दिसंबर के बाद 31 दिसंबर, 2023 को एक दिन में 841 नये मामले सामने आये, जो मई 2021 में, संक्रमण के चरम पर दर्ज किये गये मामलों का 0.2 प्रतिशत था कोविड- 19 के उपचारधीन मरीजों में से 92 प्रतिशत लोग घर पर ही पृथकवास में रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं। आधिकारिक सूत्र ने बताया कि मौजूदा आंकड़ों से पता चलता है कि जेएन-1 उपस्वरुप की वजह से न तो नये मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और न ही अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या तथा मृत्यु दर में वृद्धि हो रही है। भारत ने अतीत में कोविड-19 की तीन लहरों का सामना किया है। देश में कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप के कारण अप्रैल से जून 2021 के दौरान महामारी की स्थिति भयावह हो गयी थी। सात मई 2021 को देश में एक दिन में संक्रमण के 4,14,188 नए मामले सामने आये थे और 3,915 मरीजों की मौत हुई थी। महामारी की शुरुआत 2020 के आरंभ में हुई और तब से अब तक देश भर में 4.5 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और 5.3 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, इस बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक है और इस संक्रमण से उबरने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है। वेबसाइट के मुताबिक, देश में अब तक कोविड- 19 टीकों की 220.67 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।

भारत को उच्च गुणवत्ता में दुनिया में अग्रणी बनाना लक्ष्य
Published / 2024-01-10 21:19:45
भारत को उच्च गुणवत्ता में दुनिया में अग्रणी बनाना लक्ष्य

पीयूष गोयल एबीएन एडिटोरियल डेस्क। विनिर्माण क्षेत्र में जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुरूप उच्चतम वैश्विक मानकों को पूरा करने वाले उच्च गुणवत्ता के उत्पाद उपलब्ध कराने में भारत दुनियाभर में अग्रणी बनने की दिशा में अग्रसर है। प्रतिस्पर्धी दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की आपूर्ति 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के प्रधानमंत्री के मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है कि मेड इन इंडिया ब्रांड गुणवत्ता की गारंटी हो, जो भारतीय और विदेशी उपभोक्ताओं के लिए आनंद का परिचायक बने। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि एक लाभदायक बाजार तभी कायम रह सकता है जब उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हितों में संतुलन हो। इस रणनीति का एक प्रमुख घटक गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) पर जोर देना है। इसके जरिये क्यूसीओ यह सुनिश्चित करता है कि सभी उत्पाद भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानदंडों के अनुरूप हों। यह उन उपभोक्ताओं के लिए एक वरदान है, जिससे उपभोक्ताओं को उत्पादों तथा व्यवसायों के संबंध में विश्वसनीय, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता का भरोसा प्राप्त होता है। इसके जरिये घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग व उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल ने 140 करोड़ भारतीयों के परिवार को दुनिया से जुड़ने और सर्वोत्तम उत्पाद व व्यवहार के बारे में जानने में मदद की है। वे किसी उत्पाद को खरीदने से पहले नियमित रूप से प्रदर्शन, स्थायित्व और निर्भरता के लिए ग्राहक समीक्षा की जांच करते हैं। यदि वे उत्पाद से असंतुष्ट हैं, तो वे सार्वजनिक रूप से कमियों को उजागर करते हैं। इसलिए, उत्पाद की गुणवत्ता, कीमत और नवीनता के बीच संतुलन बनाना समय की मांग है। मोदी सरकार सुरक्षित, विश्वसनीय व बेहतर गुणवत्ता वाले सामान उपलब्ध कराने और भारतीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत गुणवत्ता इको-सिस्टम विकसित करने पर केंद्रित है। मई 2014 से पहले, 106 उत्पादों को कवर करने वाले केवल 14 क्यूसीओ जारी किए गए थे। सूची को अब 653 उत्पादों को कवर करते हुए 148 क्यूसीओ तक बढ़ा दिया गया है। इनमें एयर कंडीशनर, खिलौने और जूते जैसे घरेलू उत्पाद शामिल हैं। निर्यात पर गुणवत्ता नियंत्रण क्यूसीओ ने मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के मिशन को गति दी है। क्यूसीओ के तहत कई उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। कच्चा लोहा उत्पाद, सौर डीसी केबल, दरवाजे की फिटिंग, छत के पंखे, हेलमेट, स्मार्ट मीटर, हिंजेस, एयर कूलर और एयर फिल्टर गुणवत्ता-नियंत्रित उत्पाद हैं, जो आयात किये जाने की तुलना में कहीं अधिक निर्यात किए जाते हैं।क्यूसीओ द्वारा कवर किए गए कास्ट आयरन उत्पादों का पिछले साल 535 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ था, जबकि आयात मुश्किल से 68 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। लगभग 25 क्यूसीओ में ऐसे उत्पाद शामिल हैं, जहां आयात से अधिक निर्यात होता है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि क्यूसीओ भारत में मजबूत गुणवत्ता चेतना के निर्माण पर केंद्रित हैं। इससे देश में खराब गुणवत्ता वाले सामानों की डंपिंग को कम करने में भी मदद मिलती है। उल्लेखनीय है कि सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली वस्तुओं तक पहुंच हमारे अमृत काल में प्रत्येक भारतीय नागरिक का अधिकार है। क्यूसीओ लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सस्ते इलेक्ट्रॉनिक्स के कारण आग लगने, खिलौनों में जहरीले रसायनों के कारण बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने और बिजली के शॉर्ट-सर्किट जैसे जोखिमों के कारण घटिया उत्पाद घरों के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। शानदार उदाहरण गुणवत्ता-नियंत्रण कैसे उपभोक्ताओं और निमार्ताओं की मदद के लिए विनिर्माण को आमूल रूप से उन्नत कर सकता है, इसका एक शानदार उदाहरण खिलौना उद्योग है। इस क्यूसीओ के कार्यान्वयन से पहले, भारतीय खिलौना बाजार सस्ते, घटिया उत्पादों से भरा पड़ा था। वर्ष 2019 में भारतीय गुणवत्ता परिषद के एक सर्वेक्षण से पता चला कि मुश्किल से एक-तिहाई खिलौने प्रासंगिक बीआईएस मानकों का पालन करते हैं, और उनमें से अधिकांश बच्चों के लिए खतरनाक थे। यह मोदी सरकार के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य था, जिसने एक जनवरी, 2021 से इस क्षेत्र के लिए क्यूसीओ के साथ तेजी से हस्तक्षेप किया था। इससे भारत में खिलौनों की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ। एक हालिया सर्वेक्षण से पता चला है कि भारतीय बाजार में 84 प्रतिशत खिलौने बीआईएस मानकों का पालन करते हैं। क्यूसीओ ने न केवल भारतीय बच्चों को सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता वाले खिलौने उपलब्ध कराये हैं, बल्कि 2018-19 की तुलना में 2022-23 में उनके निर्यात में 60 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और घरों में उपयोग होने वाले अन्य उत्पादों पर कई गुणवत्ता मानदंड लागू किये गये हैं। इनमें स्मार्ट मीटर, बोल्ट, नट और फास्टनर, छत के पंखे, अग्निशामक यंत्र, कुकवेयर, बर्तन, पानी की बोतलें, पाइप्ड नेचुरल गैस के उपयोग के लिए घरेलू गैस स्टोव, लकड़ी आधारित बोर्ड, इंसुलेटेड फ्लास्क और इंसुलेटेड कंटेनर आदि शामिल हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए उद्योग प्रतिनिधियों सहित सभी हितधारकों से परामर्श करती है कि क्यूसीओ को लागू करने से पहले उनकी प्रतिक्रिया, तकनीकी इनपुट और व्यावहारिक सुझावों पर विचार किया जाए। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान रखा जाता है कि सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को लंबी अंतरण अवधि देकर उनके हितों की रक्षा की जाए। सरकार उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करने और उन निमार्ताओं का समर्थन करने के लिए हमेशा तैयार है, जो गुणवत्ता में सुधार करना चाहते हैं। गुणवत्ता अभिशासन, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप उन्नत करने का अभियान 140 करोड़ भारतीयों के अपने परिवार के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के प्रधानमंत्री के व्यापक दृष्टिकोण से जुड़ा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ-साथ रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी जरूरतें प्रदान करने के लिए कई निर्णायक कदम उठाकर उनकी आकांक्षाओं को पूरा किया है। उनके भावनात्मक, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन ने विकास को गति दी है, मुद्रास्फीति को नियंत्रित किया है और भारत को विश्व स्तर पर उज्ज्वल बनाया है। उल्लेखनीय है कि पांच साल में करीब 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। लोगों ने हाल के विधानसभा चुनावों में अपने मतदान से प्रधानमंत्री के उच्च गुणवत्ता वाले प्रशासन के प्रति विश्वास व्यक्त किया है। यह भारतीय निमार्ताओं के लिए एक मजबूत संदेश है। जब लोग चयन करते हैं - अपने मत से या अपने बटुए से - तो वे सर्वोत्तम गुणवत्ता चुनते हैं। याद रहे कि क्वालिटी इज फ्री के लेखक फिलिप क्रॉस्बी ने एक बार कहा था: यदि आप गुणवत्ता से बाहर हैं, तो आप व्यवसाय से बाहर हैं। (लेखक, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री हैं।)

भजन में क्या है खास कि पीएम मोदी भी हो गये मंत्रमुग्ध
Published / 2024-01-07 13:05:17
भजन में क्या है खास कि पीएम मोदी भी हो गये मंत्रमुग्ध

ऐसा क्या खास है श्री राम घर आये भजन में, जिसके लिए पीएम मोदी ने बंधे तारीफों की फूलएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भगवान राम और अयोध्या पर आधारित भजन श्री राम घर आये के लिए गायिका गीता रबारी की प्रशंसा की। पीएम ने अपने ऑफिसियल सोशल मीडिया अक्कोउट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, अयोध्या में भगवान श्री राम के दिव्य भव्य मंदिर में राम लला के आगमन का इंतजार खत्म होने वाला है। देश भर में मेरे परिवार के सदस्य अयोध्या में होने वाले राम लला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उनके स्वागत में गीताबेन रबारी जी का यह भजन बहुत भावुक करने वाला है। भगवान राम और अयोध्या के बारे में गीता रबारी का गाना राम मंदिर को लेकर चल रहे उत्साह के साथ ही आया है। इससे पहले, अपने मासिक रेडियो प्रसारण मन की बात के 108वें एपिसोड के दौरान देशवासियों को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर अभिषेक से पहले पूरे देश में बहुत उत्साह और उमंग है। लोग राम मंदिर के उद्घाटन के आसपास अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए विभिन्न चैनल या आउटलेट ढूंढ रहे हैं। आपने देखा होगा कि पिछले कुछ दिनों में, श्री राम के विषय पर कई भजन बनाये गये हैं।कई लोग भव्य अभिषेक समारोह के आसपास छंदों की रचना कर रहे हैं, जबकि अनुभवी और जाने-माने कलाकार, उभरते कवि और गीतकार आत्मा-विभोर करने वाले भजन लेकर आ रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा मैंने इनमें से कुछ (भक्ति) गाने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी साझा किये हैं। ऐसा लगता है कि कला की दुनिया अपने अनूठे अंदाज में इस ऐतिहासिक क्षण के आसपास सामान्य उत्सव के माहौल को जोड़ रही है। उन्होंने उन कविताओं, गद्य और अन्य रचनात्मक तत्वों को भी स्वीकार किया जो 22 जनवरी को राम मंदिर के उद्घाटन से पहले सामने आ रहे हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना हमारा उद्देश्य : गडकरी
Published / 2024-01-06 20:46:38
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना हमारा उद्देश्य : गडकरी

गडकरी ने केरल में शुरू की 1464 करोड़ रुपये की 12 परियोजनाएंएबीएन सेंट्रल डेस्क। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने केरल की 1464 करोड़ रुपये से अधिक राशि की 12 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। श्री गडकरी ने एक्स पर यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में कुल 105 किलोमीटर लंबी इन परियोजनाओं से तमिलनाडु और केरल के बीच निर्बाध यातायात संचालित किया जा सकेगा। उनका कहना था कि यह पहल समग्र परिवहन लागत को कम करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से केरल के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर सृजित होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से मुन्नार तक पर्यटकों को आकर्षित कर पर्यटन क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा। इसके साथ ही एक उच्च-स्तरीय पुल का निर्माण भी इस परियोजना के तहत होना है, जिससे बाढ़ के दौरान 27 किमी की दुरुह यात्रा से लोगों को मुक्ति मिलेगी और सुव्यवस्थित तरीके से लोग गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री वी मुरलीधरन, केरल के लोक निर्माण मंत्री पीए मोहम्मद रियास, केरल के कासरगोड से सांसद जगमोहन उन्नीथन, कासरगोड में विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इन 10 बिंदुओं में जानें श्रीराम मंदिर की खासियत
Published / 2024-01-05 21:45:08
इन 10 बिंदुओं में जानें श्रीराम मंदिर की खासियत

अयोध्या का भव्य राम मंदिर किन मामलों में होगा सबसे अलग, जानें 10 पॉइंट मेंएबीएन सेंट्रल डेस्क। राममंदिर में रामलला का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम अयोध्या में 22 जनवरी को होगा। इससे पहले राममंदिर का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। पीएम मोदी के आने के कारण तैयारियों में भव्यता देखी जा रही है। इसके लिए देशभर में निमंत्रण पत्र बांटे जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में कई वीवीआईपी मेहमानों के आने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें 22 जनवरी को अयोध्या नहीं आने की अपील की है। राममंदिर ट्रस्ट सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने की ओर है। जिला अधिकारी के साथ अन्य अफसर सीएम योगी आदित्यनाथ के टच में हैं। हर छोटी-छोटी बात का ध्यान रखा जा रहा है। इस बीच मंदिर ट्रस्ट ने यहां की खास तस्वीरों को जारी किया है। फोटो के जरिए यह बताने की कोशिश हो रही है कि राम मंदिर में क्या तैयारियां पूरी हो गई हैं। ट्रस्ट ने मंदिर की खासियत के बारे में झलक दी है।  राम मंदिर की दस बड़ी विशेषताएं यह मंदिर बहुमंजिला है, इसकी लंबाई 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट होने वाली है।  मंदिर में पांच मंडप होंगे, पहला नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप  खंभों व दीवारों में देवी देवता तथा देवांगनाओं की आकृतियों को उकेरा गया है।  दिव्यांगजन और बुजुर्गों के लिए मंदिर में रैम्प व लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी।  मंदिर के पास पौराणिक काल का सीताकूप रहने वाला है।  मंदिर के दक्षिण पश्चिमी भाग में नवरत्न कुबेर टीले पर भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है। यहां पर जटायु प्रतिमा स्थापना की गई है।  मंदिर में लोहे का प्रयोग नहीं होगा। जमीन पर बिल्कुल भी कंक्रीट नहीं है।  मंदिर परिसर के अंदर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, अग्निशमन को लेकर जल व्यवस्था तथा स्वतंत्र पॉवर स्टेशन का निर्माण किया गया है।  एक दर्शनार्थी सुविधा केंद्र का निर्माण भी किया गया है। ये  25 हजार की क्षमता वाला होगा। यहां पर लॉकर व चिकित्सा सुविधा रहेगी।  मंदिर का निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी परंपरा से हुआ है। पर्यावरण जल संरक्षण का खास इंतजाम किया गया है।

जानें कितना दिव्य और भव्य होगा राम मंदिर
Published / 2024-01-04 23:11:59
जानें कितना दिव्य और भव्य होगा राम मंदिर

सिंह द्वार से एंट्री, मुख्य गर्भगृह में बालस्वरूप और फर्स्ट फ्लोर में होगा राम दरबार...एबीएन सेंट्रल डेस्क। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के भव्य अभिषेक से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को भव्य सिंह द्वार की पहली तस्वीरें साझा कीं। ट्रस्ट ने गुरुवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर सिंह द्वार (सामने का दरवाजा) की पहली तस्वीरें साझा कीं, जहां से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अपना संबोधन देंगे। इससे पहले, दिन के दौरान ट्रस्ट ने मंदिर की अन्य प्रमुख विशेषताएं साझा कीं। यह मंदिर पारंपरिक नागर शैली में बनाया गया है और इसकी लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है।नागर वास्तुकला उत्तर भारत में उत्पन्न मंदिर वास्तुकला की एक शैली है। इस अनूठी शैली पर बने मंदिरों में पिरामिडनुमा मीनारें होती हैं जिन्हें शिखर कहा जाता है जिनके शीर्ष पर एक कलश होता है। मंदिरों के स्तंभों पर जटिल डिजाइन उकेरे गये हैं और दीवारों को मूर्तियों और नक्काशी से सजाया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ के अनुसार, राम मंदिर एक तीन मंजिला मंदिर है, जिसकी प्रत्येक मंजिल 20 फीट की ऊंचाई पर है। इसमें कुल 392 खंभे और 44 दरवाजे हैं। गर्भगृह मंदिर का सबसे भीतरी गर्भगृह है, जहां देवता को स्थापित किया जाना है। गर्भगृह में भगवान राम (राम लला) के बाल रूप को दर्शाने वाली मूर्ति होगी और पहली मंजिल पर श्री राम दरबार होगा। मंदिर में पांच मंडप (हॉल) हैं - नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना और कीर्तन मंडप। देवताओं, देवी-देवताओं की उत्कृष्ट नक्काशीदार आकृतियां स्तंभों और दीवारों पर सुशोभित हैं। मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार पूर्व से है, जिसमें सिंह द्वार के माध्यम से 32 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं, साथ ही विकलांगों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए रैंप और लिफ्टों की व्यवस्था भी है।मंदिर के चारों ओर 732 मीटर लंबी और 14 फीट चौड़ी पार्कोटा (आयताकार परिसर की दीवार) है। परिसर के चारों कोनों पर, सूर्य देव, देवी भगवती, गणेश भगवान और भगवान शिव को समर्पित चार मंदिर हैं। उत्तरी भुजा में मां अन्नपूर्णा का मंदिर है और दक्षिणी भुजा में हनुमान जी का मंदिर है।मंदिर के पास एक ऐतिहासिक कुआँ (सीता कूप) है, जो प्राचीन काल का है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में, महर्षि वाल्मिकी, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषाद राज, माता शबरी और देवी अहिल्या की पूज्य पत्नी को समर्पित प्रस्तावित मंदिर हैं।परिसर के दक्षिण-पश्चिमी भाग में, कुबेर टीला में, जटायु की स्थापना के साथ-साथ भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है। मंदिर में कहीं भी लोहे का उपयोग नहीं किया गया है और जमीन की नमी से सुरक्षा के लिए ग्रेनाइट का उपयोग करके 21 फुट ऊंचे चबूतरे का निर्माण किया गया है।मंदिर की नींव का निर्माण रोलर-कॉम्पैक्ट कंक्रीट (आरसीसी) की 14 मीटर मोटी परत से किया गया है, जो इसे कृत्रिम चट्टान का रूप देता है। मंदिर परिसर एक सीवेज उपचार संयंत्र, जल उपचार संयंत्र, अग्नि सुरक्षा के लिए जल आपूर्ति और एक स्वतंत्र बिजली स्टेशन से सुसज्जित है। इसके अलावा, 25,000 लोगों की क्षमता वाला एक तीर्थयात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) का निर्माण किया जा रहा है, जो भक्तों और आगंतुकों को लॉकर सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान करेगा। परिसर में अन्य सुविधाओं के अलावा स्नान क्षेत्र, वॉशरूम, वॉशबेसिन और खुले नल के साथ एक अलग ब्लॉक भी होगा।यह मंदिर पूरी तरह से देश की पारंपरिक और स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके बनाया गया है। इसका निर्माण पर्यावरण-जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए किया जा रहा है और 70 एकड़ क्षेत्र के 70 प्रतिशत हिस्से को हरा-भरा रखा गया है।

जानें कौन होगा देश का राष्ट्र मंदिर
Published / 2024-01-03 20:53:21
जानें कौन होगा देश का राष्ट्र मंदिर

देश के राष्ट्र मंदिर के नाम से जाना जायेगा राम मंदिर, होगा जादुई अभिषेकएबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर एक राष्ट्र मंदिर होगा, जो देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक एकता का प्रतीक होगा। 22 जनवरी को रामलला का होने वाला अभिषेक समारोह जादुई, अभूतपूर्व और अविस्मरणीय होगा। मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि अयोध्या की सुरक्षा, सुविधा और साफ-सफाई से कोई भी समझौता नहीं होना चाहिए। सीएम ने कहा पूरी दुनिया उत्सुकता से अयोध्या की ओर देख रही है। पूरा देश भगवान राम की भावना में रंग गया है। राज्य सरकार अभिषेक समारोह में आने वाले मेहमानों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए सुखद और संतोषजनक अनुभव सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। अयोध्या में भव्य और दिव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को विराजमान करने के बहुप्रतीक्षित अनुष्ठान के पूरा होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक कार्यक्रम करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों के लिए खुशी, गौरव और आत्मसंतुष्टि का अवसर है। पूरा देश राम की भावना से ओत-प्रोत है। 22 जनवरी की शाम हर देव मंदिर में दीपोत्सव मनाया जायेगा। प्रत्येक सनातन आस्थावान अपने घरों/प्रतिष्ठानों में रामज्योति जलाकर रामलला का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा, यह एक भावनात्मक क्षण है। सीएम ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर के अभिषेक के साथ ही उत्तर प्रदेश की वैश्विक ब्रांडिंग का अवसर है। अभिषेक के बाद प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु/पर्यटक अयोध्या आयेंगे। उनके उत्कृष्ट आतिथ्य सत्कार की सभी व्यवस्थाएं की जाये। उत्तर प्रदेश में आने पर उन्हें अलौकिक अनुभव कराया जायेगा।

ड्राइवरों की हड़ताल से सड़कों पर पसरा सन्नाटा
Published / 2024-01-02 13:10:04
ड्राइवरों की हड़ताल से सड़कों पर पसरा सन्नाटा

ड्राइवरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से सड़कों पर पसरा सन्नाटा, यात्री परेशानएबीएन सेंट्रल डेस्क। हिट एंड रन के नये कानून के खिलाफ तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर कोडरमा में दिखा। वाहन चालकों ने सोमवार को नए साल की शुरुआत हड़ताल से की, तो सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। जहां एक ओर नये साल के जश्न में पूरा जिला डूबा रहा, वहीं वाहन चालकों की हड़ताल से यात्रियों की परेशानी भी बढ़ी दिखी। सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। सोमवार को जिले से राज्य के विभिन्न जिलों एवं बिहार के अलग-अलग जिलों के लिए खुलने वाली यात्री बसें नहीं खुलीं। यही नहीं टेंपो छोड़ छोटे-बड़े सवारी वाहन भी नहीं चले। इससे विभिन्न ट्रेनों से कोडरमा स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।हिट एंड रन कानून में बदलाव की मांग कर रहे ड्राइवरकोडरमा जिला बस एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव उर्फ बंशी यादव ने बताया कि बस ड्राइवर केंद्र सरकार द्वारा हिट एंड रन कानून में बदलाव के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चले गये हैं और बसों की चाबी बस मालिकों को सौंप दी है। चालक अगले तीन दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में बसों के खड़ा रहने से लगभग 40 से 50 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित होगा। साथ ही यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी। इसके आलावा ट्रक चालकों ने भी ट्रकों को खड़ा कर दिया है। पूरे जिले में चक्का जाम की स्थिति है। बाईपास रोड में सन्नाटा पसरा है, तो वहीं रोड के किनारे सर्विस रोड में चालकों ने वाहनों को खड़ा कर दिया है।तीन जनवरी तक जारी रहेगा हड़तालचालकों की मानें तो केंद्र सरकार द्वारा आईपीसी की धारा में बदलाव किये गये हैं। इसके तहत बड़े वाहनों के चालकों पर हिट एंड रन का नया कानून लागू किया गया है। ऐसे में अगर कोई भी चालक सड़क हादसे के बाद भाग जाता है, तो उसके खिलाफ पांच लाख का जुर्माना और दस साल की सजा का प्रावधान किया गया है।इसी कानून के खिलाफ चालकों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुलाई है। इसको जिले में भी समर्थन मिल रहा है। यह हड़ताल तीन जनवरी तक जारी रहेगी। देश में लागू हुए नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ सरकारी बस स्टैंड में बसें, चंदवारा के पिपराडीह व बाईपास के सर्विस रोड पर ट्रक आदि खड़े रहे।

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