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झारखंड : जल्द बदल सकता है राज्य का मौसम!
Published / 2026-03-30 21:24:14
झारखंड : जल्द बदल सकता है राज्य का मौसम!

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में बारिश, तेज हवा और गरज-तूफान की संभावना जतायी है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है। 31 मार्च को पूरे राज्य में आंधी-तूफान का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। कई जगहों पर आंशिक बादल छाये रहेंगे और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। रविवार को राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तेज हवा, गरज और वज्रपात का खतरा बताया गया है। 31 मार्च को उत्तर-पश्चिमी हिस्से को छोड़कर लगभग पूरे राज्य में आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। 31 मार्च को गरज के साथ बारिश 2 अप्रैल को दक्षिणी और आसपास के मध्य इलाकों में भी तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना है। हालांकि 30 मार्च, 1 अप्रैल और 4 अप्रैल को कोई खास चेतावनी नहीं दी गयी है। राजधानी रांची में भी मौसम का असर दिखेगा। 30 मार्च को आसमान में बादल रहेंगे लेकिन मौसम सूखा रहेगा। 31 मार्च को गरज के साथ बारिश हो सकती है। 1 अप्रैल को मौसम साफ रहेगा, जबकि 2 अप्रैल को फिर से बादल और गरज-तूफान बन सकते हैं। तापमान में भी बदलाव देखने को मिलेगा। 

प्रकृति संरक्षण के सशक्त संदेश के साथ ऑल इंडिया स्प्रिंग आर्ट कैंप प्रकृति 2026 का भव्य समापन
Published / 2026-03-22 18:58:32
प्रकृति संरक्षण के सशक्त संदेश के साथ ऑल इंडिया स्प्रिंग आर्ट कैंप प्रकृति 2026 का भव्य समापन

जल है तो कल है, वन हैं तो जीवन है, और प्रकृति है तो सृष्टि है। इस प्रकृति संरक्षण के सशक्त संदेश के साथ हुआ ऑल इंडिया स्प्रिंग आर्ट कैंप प्रकृति 2026 का भव्य समापनटीम एबीएन, रांची। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग,रांची द्वारा आयोजित तीन दिवसीय (20-22 मार्च) अखिल भारतीय स्प्रिंग आर्ट कैंप-2026 का आज दिनांक 22 मार्च को प्रकृति 2026 थीम के साथ गरिमामय एवं भव्य समापन हुआ। विशेष बात यह रही कि इस महत्वपूर्ण आयोजन का अंतिम दिवस, अर्थात विश्व जल दिवस के अवसर पर संपन्न हुआ, जिसने पूरे आयोजन को प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ जल संवर्द्धन और जल संरक्षण के गहरे संदेश से जोड़ दिया।यह तीन दिवसीय कला महोत्सव केवल चित्रों का आयोजन नहीं था, बल्कि यह प्रकृति के प्रति प्रेम, संवेदना, जिम्मेदारी और जनजागरण का एक सशक्त अभियान बनकर सामने आया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित एवं प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपने कैनवास पर वनों की हरियाली, नदियों की लय, पक्षियों का सौंदर्य, वन्यजीवों की गरिमा, पृथ्वी की पीड़ा और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को अत्यंत जीवंत, भावपूर्ण और प्रभावशाली रूप में उकेरा।समापन समारोह में कला और प्रकृति के इस अद्भुत संगम को और अधिक आकर्षक बनाया सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे सरायकेला के कलाकारों ने छऊ नृत्य पेश किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। लोक-संस्कृति, संगीत और मंचीय प्रस्तुतियों ने यह संदेश सशक्त रूप से दिया कि भारतीय संस्कृति और प्रकृति का संबंध केवल परंपरा का विषय नहीं, बल्कि जीवन दर्शन का आधार है।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में एक ऐसा भावनात्मक और सौंदर्यपूर्ण वातावरण निर्मित किया, जहाँ रंग, राग और प्रकृति एक साथ संवाद करते दिखाई दिए। समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, कलाकारों, विद्यार्थियों एवं कला प्रेमियों की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को अत्यंत गरिमामय बना दिया।इस अवसर पर शिविर में भाग लेने वाले सभी कलाकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कलाकारों का सम्मान करते हुए यह रेखांकित किया गया कि उनकी कृतियाँ केवल सृजन नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने वाली सशक्त दृश्य भाषा हैं।इसके बाद पीसीसीएफ हॉफ, झारखण्ड श्री संजीव कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब कलाकार का हृदय प्रकृति के लिए धड़कता है, तब कैनवास पर केवल चित्र नहीं उभरते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए चेतना, करुणा और संरक्षण का संदेश आकार लेता है।उन्होंने यह भी कहा कि विश्व जल दिवस के अवसर पर इस कला शिविर का समापन अत्यंत अर्थपूर्ण है, क्योंकि जल ही जीवन का मूल है, वन ही संतुलन का आधार हैं और प्रकृति ही मानव सभ्यता की सबसे बड़ी संरक्षक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जल बचेगा, तो कल बचेगा, यदि वन बचेंगे, तो जीवन बचेगा और यदि प्रकृति बचेगी, तो मानवता बचेगी।

अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस पर सबने लिया संकल्प- प्रकृति बचेगी, तभी संस्कृति बचेगी
Published / 2026-03-21 20:56:36
अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस पर सबने लिया संकल्प- प्रकृति बचेगी, तभी संस्कृति बचेगी

टीम एबीएन, रांची। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम आॅल इंडिया स्प्रिंग आर्ट कैंप 2026 में आज दिनांक 21 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस मनाया गया। आज कला शिविर में प्रकृति, वन एवं वन्यजीव संरक्षण के संदेश को ओरमांझी कस्तूरबा गांधी विद्यालय से आयी छात्राओं के बीच साझा किया गया। कार्यक्रम का आगाज प्रकृति को ध्यान में रखते हुए संगीत से किया गया। इसके पश्चात श्रीकांत वर्मा, डीएफओ, पब्लिसिटी एंड एक्सटेंशन डिवीजन, रांची द्वारा सभागार मेंं मौजूद सभी अधिकारीगण और छात्राओं का स्वागत किया और उन्होंने कहा कि आज का यह अवसर अत्यंत महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक और संदेशपूर्ण है, क्योंकि यह दिन केवल पेड़ों और जंगलों का उत्सव मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह दिन हमें प्रकृति, पर्यावरण और जीवन के बीच के गहरे संबंध को समझने और उसे संरक्षित करने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। वन केवल हरियाली नहीं है... वन केवल लकड़ी, फल या औषधि का स्रोत नहीं हैं, बल्कि वन हमारे जीवन का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि प्रकृति हमारी सबसे बड़ी शिक्षक है। पेड़ हमें निस्वार्थ देना सिखाते हैं, नदियां हमें निरंतर बहना सिखाती हैं, और वन हमें सह-अस्तित्व का संदेश देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाली बचायेंगे, वन्यजीवों को सुरक्षित रखेंगे, और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुंदर एवं संतुलित पर्यावरण का निर्माण करेंगे। इसके बाद पर्यावरण के थीम पर छोटे बच्चों के बीच फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए और प्रकृति 2026 को ध्यान में रखते हुए अधिकारयों ने पौधरोपण किया।

पर्यावरणीय स्थिरता एवं उन्नत सामग्रियों के क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर जोर
Published / 2026-03-18 20:41:57
पर्यावरणीय स्थिरता एवं उन्नत सामग्रियों के क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर जोर

टीम एबीएन, रांची। पर्यावरणीय स्थिरता एवं उन्नत सामग्रियों के क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Understanding Complex Systems (Applications to Environmental Sustainability and Advanced Materials) विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 18-19 मार्च 2026 को किया गया। इस कार्यशाला का समन्वयन भौतिकी विभाग की डॉ निशी श्रीवास्तव द्वारा किया गया, जबकि सह-समन्वयक के रूप में फार्मास्यूटिकल एंड टेक्नोलॉजी विभाग की डॉ. नीलिमा शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। कार्यक्रम के प्रथम दिवस का उद्घाटन संकाय मामलों के अधिष्ठाता डॉ. अशोक शेरोन द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने जटिल प्रणालियों के अध्ययन को वर्तमान वैज्ञानिक चुनौतियों के समाधान हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यशाला का प्रथम व्याख्यान वियना, आस्ट्रिया स्थित TU Wien (Vienna University of Technology) की प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. इल्ले सी. गेबहेशूबर द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने Learning from Nature: Functional Structures in Bio-based and Biodegradable Materials विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रकृति से प्रेरित संरचनाओं के माध्यम से टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों के विकास पर प्रकाश डाला। उनके व्याख्यान ने प्रतिभागियों को नयी दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा उन्नत सामग्रियों और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। यह आयोजन वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

झारखंड : छिटपुट बारिश से राजधानी का मौसम हुआ सुहावना
Published / 2026-03-15 19:04:52
झारखंड : छिटपुट बारिश से राजधानी का मौसम हुआ सुहावना

शहर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश भी शुरू हो गयी है, इससे मौसम का मिजाज बदल गया है, लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है  टीम एबीएन, रांची। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि तेज हवा के साथ बारिश होगी। इस दौरान वज्रपात होने की भी आशंका व्यक्त की गयी है। मौसम विभाग ने लोगों से अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग ने रांची के अलावा गुमला, खूंटी, जमशेदपुर, सरायकेला, बोकारो व धनबाद में भी तेज हवा, गरज और बारिश का अनुमान दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बिजली विभाग ने एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

झारखंड : 9 और 10 मार्च को बारिश और वज्रपात की चेतावनी
Published / 2026-03-08 16:29:37
झारखंड : 9 और 10 मार्च को बारिश और वज्रपात की चेतावनी

कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना, 9-10 मार्च को वज्रपात और तेज हवा का अलर्टझारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना9-10 मार्च को वज्रपात और तेज हवा का अलर्टमौसम विभाग ने झारखंड के मौसम को लेकर ताजा अपडेट जारी किया हैआज कई जिलों में हल्की बारिश होने के आसार हैंटीम एबीएन, रांची। झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज रविवार को राज्य के कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं 9 और 10 मार्च को राज्य के उत्तर-पूर्वी और आसपास के मध्य भागों में वज्रपात और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है।रांची समेत इन इलाकों में बारिश के आसारमौसम विभाग के मुताबिक 8 मार्च को राज्य के पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भागों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान रांची, खूंटी, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, दुमका और देवघर समेत आसपास के जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है।9 और 10 मार्च को भी अलर्टमौसम विभाग ने 9 और 10 मार्च को उत्तर-पूर्वी झारखंड में मौसम के अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई है। इन दिनों देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात की आशंका है। इसके साथ हल्की बारिश भी हो सकती है।

झारखंड : सात और आठ मार्च को राज्यभर में हो सकती है बारिश
Published / 2026-03-05 18:27:10
झारखंड : सात और आठ मार्च को राज्यभर में हो सकती है बारिश

7-8 मार्च को मेघ गर्जन के साथ बारिश के आसारटीम एबीएन, रांची। झारखंड में धीरे-धीरे गर्मी का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है। मौसम केंद्र, रांची की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।राज्य के चाईबासा में सबसे ज्यादा गर्मीराज्य के जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री, डालटनगंज में 35.2 डिग्री और बोकारो में 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में सबसे अधिक तापमान चाईबासा में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई है।7 मार्च को दक्षिण पूर्वी इलाकों में बारिश के आसारमौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। 6 मार्च को दोपहर बाद से राज्य में आंशिक बादल छाने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 7 मार्च को झारखंड के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसमें पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला, दुमका, गिरीडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के इलाके शामिल हैं।8 मार्च को पूर्वी इलाकों में बारिश के आसारवहीं 8 मार्च को राज्य के पूर्वी भागों में भी मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है. इनमें दुमका, गिरीडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ जैसे जिले शामिल हैं। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान में हल्की बढ़ोतरी जारी रह सकती है, लेकिन बादल और संभावित बारिश के कारण कुछ इलाकों में गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

झारखंड : फरवरी में लग रही मई जैसी गर्मी!
Published / 2026-02-23 21:35:49
झारखंड : फरवरी में लग रही मई जैसी गर्मी!

फरवरी महीने में ही मई वाली गर्मी! तेज धूप ने लोगों के छुड़ाये पसीने, रातें भी होने लगी गर्म, बारिश ने पहुंचायी राहत टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है, वहीं कुछ जिलों में हल्की बारिश ने राहत दिलायी है। दिन में तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि रात का तापमान भी पहले के मुकाबले बढ़ गया है। रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार आज रांची, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि बीते दिन भी बारिश की संभावना जतायी गयी थी, लेकिन रांची में हल्की बारिश ने कुछ राहत दिलायी है। अगर आज तेज बारिश होती तो दोपहर और शाम के समय ठंडी हवा चल सकती, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। पिछले 48 घंटे में झारखंड के न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां पहले तापमान 14 डिग्री तक था, अब ज्यादातर जिलों में यह 15 से 16 डिग्री तक पहुंच गया है। कुछ जिलों में तो न्यूनतम तापमान 18 डिग्री तक रहने की संभावना है। पाकुड़, गोड्डा, कोडरमा, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे जिलों में आज न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री के बीच रह सकता है। ऐसे में रात में ठंड पहले जैसी महसूस नहीं होगी। दिन में तेज धूप से बढ़ी परेशानी सिर्फ रात का ही नहीं, दिन का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। दक्षिणी जिलों जैसे जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंच गया है। अभी मार्च चल रहा है और अप्रैल-मई की गर्मी बाकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। राज्य के अन्य जिलों में भी अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच बना हुआ है। दोपहर में तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस बार पहले कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान किया और अब गर्मी भी अपना असर दिखाने लगी है।

बाघों की गिनती में झारखंड देशभर में नंबर 1
Published / 2026-02-13 19:56:44
बाघों की गिनती में झारखंड देशभर में नंबर 1

बाघों की गिनती में झारखंड देश भर में सबसे आगेटाइगर एस्टीमेशन में सामने आई चौंकाने वाली जानकारीएबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। बाघों की गिनती को लेकर झारखंड पूरे देश भर में सबसे आगे है। दरअसल, देशभर में टाइगर एस्टीमेशन का कार्य शुरू हुआ है। झारखंड में पहले चरण का टाइगर एस्टीमेशन का कार्य 15 दिसंबर से शुरू हुआ है, जो जून 2026 तक पूरा कर लेना है। चार चरणों में टाइगर एस्टीमेशन का कार्य पूरा होना है। झारखंड में दो चरण का टाइगर एस्टीमेशन हो गया है, जबकि तीसरे चरण के एस्टीमेशन की शुरुआत हुई है। पूरे देश में 58 टाइगर रिजर्व हैं।पलामू टाइगर रिजर्व के नेतृत्व में ही पूरे झारखंड में बाघों की गिनती हो रही है। पलामू टाइगर रिजर्व पूरे देश में पहला टाइगर रिजर्व बन गया है, जो पहले और दूसरे चरण का कार्य पूरा कर चुका है। पहले एवं दूसरे चरण का टाइगर एस्टीमेशन का डाटा वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट को भेजा गया है। पलामू टाइगर रिजर्व के निदेशक सह सीएफ एसआर नटेश झारखंड में बाघों की गिनती के लिए नोडल हैं। जबकि पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जेना पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके के लिए नोडल हैं। टाइगर एस्टीमेशन के दौरान झारखंड में वन्यजीवों को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी भी मिली है।टाइगर एस्टीमेशन के दौरान मांसाहारी जीव की भी गिनती हो रही है, जिसमें तेंदुआ और गिद्ध भी शामिल हैं। झारखंड के सभी इलाकों में तेंदुआ की मौजूदगी के सबूत मिले हैं। जबकि पलामू, गढ़वा, लातेहार, हजारीबाग और चतरा समेत कई इलाकों में बाघों के मौजूद होने के भी सबूत मिले हैं।अकेले पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में 150 के करीब तेंदुआ के मौजूद होने के सबूत मिले हैं, जबकि छह के करीब बाघ के मौजूद होने की जानकारी मिली है। झारखंड में टाइगर एस्टीमेशन में 1600 वन कर्मियों को तैनात किया गया है। पलामू टाइगर रिजर्व इलाके में 300 ट्रैक्टर और 110 फॉरेस्ट गार्ड को भी तैनात किया गया है।टाइगर एस्टीमेशन के लिए झारखंड को पांच जोन में बांटा गया है और 36 डिविजन बनाए गए हैं। पलामू टाइगर रिजर्व का गठन 1972-73 में हुआ था। पलामू टाइगर रिजर्व देश के उन नौ टाइगर रिजर्व में शामिल है जिसे संरक्षित एरिया बनाया गया था। 2025-26 में पहली बार पूरे झारखंड में टाइगर का एस्टीमेशन हो रहा है और उनकी गिनती हो रही है।2006 में पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में 10, 2,014 में तीन जबकि 2018 में पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में बाघों की संख्या शून्य बताई गई थी। 2023 में पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में तीन बाघ, जबकि 2025 में पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में छह बाघ बताए गए हैं।

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