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झारखंड में आज से बदल गया मौसम का मिजाज
Published / 2024-04-07 14:09:28
झारखंड में आज से बदल गया मौसम का मिजाज

12 अप्रैल तक इन इलाकों में बारिश के आसारटीम एबीएन, रांची। झारखंड में गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। कई जिलों का तापमान 40 डिग्री सेसि से पार है। सबसे अधिक असर कोल्हान में दिख रहा है। वहां कई स्थानों पर लू चल रही है। इसको लेकर मौसम केंद्र ने पहले ही चेतावनी जारी की थी।इधर, रविवार से मौसम में बदलाव हो सकता है  राज्य के कई हिस्सों में गर्जन के साथ बारिश हो सकती है। हवा की गति भी सामान्य से तेज रह सकती है। इसको लेकर मौसम केंद्र ने अलर्ट भी जारी किया है। इसके बाद लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत भी मिल सकती है। अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेसि की गिरावट हो सकती है। शनिवार को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेसि के करीब पहुंच गया, जो सामान्य से करीब दो डिग्री सेसि अधिक था। इसका असर जनजीवन पर भी दिखा। वहीं, जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 41.1, चाईबासा का 41 तथा सरायकेला-खरसावां का तापमान 42 डिग्री सेसि के करीब रहा। डालटनगंज का तापमान भी 40.1 डिग्री सेसि रहा।12 तक बारिश का अनुमानमौसम केंद्र ने अनुमान किया है कि राजधानी सहित राज्य के कई हिस्सों में 12 अप्रैल तक बारिश हो सकती है। राजधानी में सात और आठ अप्रैल को हल्के बादल छाये रह सकते हैं। गर्जन के साथ बारिश भी हो सकती है। नौ और 11 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जबकि 10 और 12 अप्रैल को हल्की बारिश का अनुमान किया गया है। नौ अप्रैल को राज्य के दक्षिणी (कोल्हान), 10 को दक्षिणी तथा मध्य (राजधानी व आसपास) में बारिश का अनुमान है। 11 अप्रैल को भी राज्य के दक्षिणी हिस्से में बारिश का अनुमान है।

आठ को लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, भारत मे दृश्य नहीं
Published / 2024-04-03 11:31:21
आठ को लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, भारत मे दृश्य नहीं

एबीएन सेंट्रल डेस्क। इस वर्ष (2024) में कुल चार ग्रहण लग रहे हैं। लेकिन इनमें से कोई भी ग्रहण भारत मे दृश्य नहीं होगा। 8 अप्रैल को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इस सूर्य ग्रहण से कई बड़े खतरे, मोबाइल नेटवर्क से लेकर कार एक्सीडेंट तक की समस्याएं आयेगी। यहां जानें कि इस दिन आपको किन-किन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, इस पर वैज्ञानिकों ने क्या चेतानी दी हैं। इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को लगेगा। अब आप सोच रहे होंगे कि ये ग्रहण कहां दिखेगा तो बता दें कि ये ग्रहण अमेरिका के बड़े इलाके में दिखाई देगा। भारत में ये ग्रहण आपको देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन इस ग्रहण के वजह से कई परशानियों का सामना जरूर करना पड़ सकता है। यहां जानें कि आपको क्या-क्या परेशानी हो सकती हैं और इस पर वैज्ञानिकों का क्या कहना है। यही नहीं अगर आप इस ग्रहण को लाइव देखना चाहते हैं तो कहां पर देख सकते हैं।पूर्ण सूर्य ग्रहण से आपको क्या परेशानियां होंगी ये जानने से पहले यहां पढ़ें कि पूर्ण सूर्य ग्रहण कब पड़ता है। आखिर आकाश में इतना गहरा अंधेरा क्यों छा जाता है।पूर्ण सूर्य ग्रहण कब होता हैपूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है और सूर्य के चेहरे को पूरी तरह से ढक देता है, जिससे आकाश में अंधेरा छा जाता है।

झारखंड : साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते होती रहेगी छिटपुट बारिश
Published / 2024-03-17 14:19:43
झारखंड : साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते होती रहेगी छिटपुट बारिश

झारखंड : दिखने लगा साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर, 21 तक बारिश के आसारटीम एबीएन, रांची। झारखंड के कई हिस्सों में बंगाल की खाड़ी में आये सर्कुलेशन का असर दिखने लगा है। इसकी वजह से शनिवार दोपहर बाद राजधानी सहित राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई है। तेज गति से हवाएं भी चली हैं। रांची में करीब तीन मिमी बारिश दर्ज की गयी है। इस दौरान राजधानी व आसपास के कुछ हिस्सों में हल्की ओलावृष्टि भी हुई। उधर, जमशेदपुर में भी छिटपुट बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 21 मार्च तक इसका असर झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में रह सकता है।मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि राज्य के दक्षिणी (कोल्हान) और निकटवर्ती मध्य हिस्सों (राजधानी और आसपास) में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश हो सकती है। हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है। 19 मार्च को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही लोगों को सतर्क रहने को कहा है। इस दिन राज्य के मध्य हिस्सों में ज्यादा असर दिख सकता है। कभी-कभी हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। 19 मार्च को राज्य के संताल परगना वाले हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। वहां मौसम की स्थिति को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 22 मार्च से मौसम शुष्क हो सकता है।

कल से बदल जायेगा झारखंड का मौसम
Published / 2024-03-01 21:11:35
कल से बदल जायेगा झारखंड का मौसम

आंधी-बारिश के आसार, पड़ सकते हैं ओले टीम एबीएन, रांची। उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसका असर झारखंड में भी देखने को मिलेगा। राज्य में कल यानी 2 मार्च से बारिश होगी। 3 मार्च को ओले पड़ेंगे। आंधी चलेगी। वज्रपात भी होगा। इसका असर राज्य के कई जिलों में पड़ेगा। इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह जानकारी रांची एयरपोर्ट स्थित मौसम केंद्र के प्रमुख अभिषेक आनंद ने 1 मार्च, 2024 को दी है। तापमान में बढ़ोतरी होगी राज्य में अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले 2 दिनों में इसमें बदलाव की कोई संभावना नहीं है। अगले 3 दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। कल ये स्थिति केंद्र के अनुसार 2 मार्च को राज्य के उत्तर-पश्चिमी भागों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसका असर पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार में देखने को मिलेगा। 3-4 मार्च को यहां बारिश केंद्र के अनुसार 3 और 4 मार्च को राज्य के कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की उम्मीद है। 5 मार्च को यहां बारिश केंद्र के मुताबिक 5 मार्च को राज्य के दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा और गर्जन होने की उम्मीद है। इसका असर रांची, बोकारो, गुमला, खूंटी, रामगढ़, सिमडेगा, लोहरदगा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां जिलों में पड़ने की संभावना है। यहां चलेगी आंधी केंद्र के अनुसार 3 मार्च को गर्जन और तेज हवा चलने के साथ वज्रपात होने की आशंका है। हवा की स्पीड 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। इसका असर गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, खूंटी में तेज हवा चलने की उम्मीद है। पूरे राज्य में वज्रपात की आशंका है। यहां पड़ेंगे ओले केंद्र के अनुसार 3 मार्च को गढ़वा, पलामू और लातेहार जिले में कहीं-कहीं ओला पड़ने की आशंका है। किसान इससे फसल को बचाने की व्यवस्था करें। गर्जन और वज्रपात संभव राज्य में 4 मार्च को कहीं-कहीं गर्जन और वज्रपात होने की आशंका है। इसे लेकर सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है।

गर्मी की भविष्यवाणी से सकते में आम जनजीवन
Published / 2024-03-01 21:09:43
गर्मी की भविष्यवाणी से सकते में आम जनजीवन

इस बार लू के थपेड़ों से हो जायेंगे बेहाल! आइएमडी ने हीटवेव को लेकर दी चेतावनी तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक तथा महाराष्ट्र एवं ओडिशा के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चलने का पूर्वानुमान है एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि भारत में इस वर्ष गर्मी के मौसम की शुरुआत काफी अधिक गर्म रहने की संभावना है तथा पूरे मौसम के दौरान अल-नीनो परिस्थितियों के बने रहने का अनुमान है। उसने कहा कि उत्तर-पूर्व प्रायद्वीपीय भारत- तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक तथा महाराष्ट्र एवं ओडिशा के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चलने का पूर्वानुमान है। मार्च से ही चढ़ने लगेगा पारा, लू चलने की संभावना विभाग ने कहा कि देश में मार्च में सामान्य से अधिक वर्षा (दीर्घकालिक औसत 29.9 मिलीमीटर के 117 प्रतिशत से अधिक) हो सकती है। विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भारत के ज्यादातर हिस्सों में मार्च और मई के बीच अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि मार्च में उतर और मध्य भारत में लू चलने की संभावना नहीं है। लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने की संभावना है। महापात्रा ने कहा कि अलनीनो (मध्य प्रशांत महासागर में समुद्री जल के नियमित अंतराल पर गर्म होने की स्थिति) गर्मी के पूरे मौसम में बना रहेगा तथा उसके बाद तटस्थ स्थिति बन सकती है। ला-नीना परिस्थिति मॉनसून के उत्तरार्ध में बनने की संभावना है। यह आमतौर पर भारत में अच्छी मॉनसूनी वर्षा से संबंधित है।

झारखंड : बेमौसम बारिश को लेकर येलो अलर्ट
Published / 2024-02-15 21:16:14
झारखंड : बेमौसम बारिश को लेकर येलो अलर्ट

बारिश : आज भी आसार, यलो अलर्ट जारी; 4 डिग्री तक गिरेगा पारा टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बुधवार को राजधानी रांची समेत कई इलाकों में बारिश हुई। वहीं रांची से सटे मांडर और पिछले 24 घंटों के दौरान बादल छाये रहे। कई हिस्सों में बारिश हुई। सबसे अधिक रामगढ़ में 24.3 मिमी बारिश हुई। लातेहार, हजारीबाग, गुमला, लोहरदगा, चतरा, गोड्डा, जामताड़ा आदि जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई। राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान भी बादल छाये रहने का पूर्वानुमान है। रांची, खूंटी, रामगढ़ और बोकारो समेत कोल्हान और संताल परगना के जिलों में बारिश होने की संभावना है। जबकि, राज्य के उत्तरी भागों में 15 व 16 फरवरी को घना कुहासा छाने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची से सटे कांके में बेमौसम बारिश से मटर, आलू, टमाटर समेत अन्य सब्जियों की फसलों के बर्बाद होने से किसान चिंतित हैं। बुंडू के सोनाहातू में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की सब्जी की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से फूलगोभी, पत्तागोभी, मिर्च, मटर आदि को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। प्रखंड के दुलमी, चोगा और एडरमहातू में फसलों को काफी नुकसान हुआ है।रामगढ़ के पतरातू समेत चतरा, पलामू, गढ़वा और लातेहार के कई हिस्सों में जमकर ओलावृष्टि हुई। कई जगहों पर वज्रपात की घटनाएं भी हुईं। कई कच्चे मकान ध्वस्त हो गये। उधर, पलामू में तेज हवा और बारिश से पुल से गिरकर एक बुजुर्ग की मौत हो गयी। दूसरी ओर गढ़वा के कांडी में वज्रपात की चपेट में आकर पांच गाय और एक बछड़ा समेत छह मवेशियों की मौत हो गयी। मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य में अगले 24 घंटे के दौरान रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो समेत कोल्हान व संताल में बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तरी भाग में 15 व 16 फरवरी को घने कुहासा छाने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। संताल-कोयलांचल में बुधवार को दिनभर बादल छाये रहे। कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश हुई।

झारखंड : रांची में ओलावृष्टि के साथ झमाझम बारिश
Published / 2024-02-14 20:54:11
झारखंड : रांची में ओलावृष्टि के साथ झमाझम बारिश

झारखंड में बदला मौसम का मिजाजआज भी बारिश के साथ ओलावृष्टि के भी आसार टीम एबीएन, रांची। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से राजधानी रांची सहित राज्य के ज्यादातर जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बुधवार को सुबह के बाद शाम में भी जोरदार बारिश हुई। शाम में ओलावृष्टि भी हुई। राजधानी रांची के अलावे कई अन्य जिलों में भी गर्जन के साथ झमाझम बारिश हुई। झारखंड में फिलहाल 15 फरवरी तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहनेवाला है। बारिश के कारण राज्य के कई जिलों का मैक्सिमम तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है। बारिश के कारण जनजीवन भी अस्त व्यवस्त हो गया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। पिछले 24 घंटों में राज्य में लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षा 24.3 मिमी रामगढ़ दर्ज किया गया। सबसे अधिक उच्चतम तापमान 30.4 डिग्री सेंटिगे्रड चाईबासा में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.2 मिमी मौसम केन्द्र रांची में दर्ज किया गया।इन जिलों में हुई बारिश रांची, गुमला, खूंटी, गढ़वा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, सराईकेला -खरसावां, चतरा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा जिले में बुधवार को मेघगर्जन, वज्रपात के साथ बारिश हुई। मौसम केंद्र ने जारी किया येलो अलर्टमौसम केंद्र ने येलो अलर्ट भी जारी किया है। 15 फरवरी को भी राजधानी रांची सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। 16 फरवरी से मौसम के साफ होने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को भी देवघर के कई इलाकों में बारिश की संभावना है। मैक्लुस्कीगंज व आसपास के इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।  राजधानी रांची के कई मुहल्ले जलमग्न, सरस्वती पूजा की उत्साह में खलल बुधवार शाम को हुई जोरदार बारिश की वजह से राजधानी रांची के किशोरगंज का निचला इलाका, मधुकम, रातू रोड के इंद्रपुरी, लोहराकोचा, हिंदपीढ़ी के कई मुहल्ले जलमग्न हो गये। कई लोगों के तो घरों में भी पानी घुस गया। बारिश की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ा। वहीं सरस्वती पूजा का उत्साह भी फीका पड़ गया। बेमौसम बारिश से खेती-बाड़ी पर पड़ा असर राज्य में बेमौसम बारिश का खेती-बाड़ी पर मिलाजुला असर पड़ने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञ और जिला कृषि पदाधिकारी डॉ रामाशंकर सिंह ने कहा कि बेमौसम हो रही बरसात का खेती-बाड़ी पर मिलाजुला असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से राज्य में हो रही वर्षा जहां गेहूं, तिलहन और दलहन के लिए लाभकारी साबित होगा। सब्जियों के लिए बारिश नुकसानदायक वहीं सब्जियों के लिए यह वर्षा नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि अगर वर्षा अगले दो से तीन दिन और हो गया तो खेत में लगी सब्जियों को नुकसान पहुंचना तय है। कृषि पदाधिकारी रामाशंकर सिंह ने कहा कि आलू की फसल जहां-जहां तैयार हो गयी है, उस पर बेमौसम बरसात का खराब असर पड़ेगा। राज्य में लगभग 11 लाख हेक्टेयर जमीन पर रबी की होती है खेती झारखंड में लगभग 11 लाख हेक्टेयर भूमि पर रबी की खेती की जाती है, लेकिन इस वर्ष 150 से अधिक प्रखंडों में सुखाड़ की वजह से इस वर्ष लक्षित भूमि के लगभग 50% भू-भाग पर ही रबी की खेती की गई है। राज्य में इस वर्ष सिर्फ 01 लाख, 38 हजार, 119 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल लगाई जा सकी है। इसी तरह मक्का 8426 हेक्टेयर भूमि पर, चना 01 लाख 76 हजार 636 हेक्टेयर भूमि पर, मसूर 01 लाख 09 हजार 637 हेक्टेयर जमीन पर, सरसो 03 लाख 07 हजार 372 हेक्टेयर भूमि पर और तीसी की फसल 91 हजार 971 हेक्टेयर भूमि पर ही लगाई जा सकी है। 16 फरवरी से साफ होगा मौसम मौसम केंद्र रांची से मिली जानकारी के अनुसार 15 फरवरी को राज्य के पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भाग वाले जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना जतायी गयी है। 16 फरवरी से मौसम साफ होने की संभावना जतायी गयी है।

आज भी गर्जन के साथ बारिश की उम्मीद
Published / 2024-02-14 15:19:23
आज भी गर्जन के साथ बारिश की उम्मीद

पश्चिमी विक्षोभ का है असरटीम एबीएन, रांची। झारखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखने लगा है। सोमवार की रात से ही कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पलामू प्रमंडल में इसका विशेष असर दिखा। पिछले 24 घंटे में झारखंड में सबसे अधिक बारिश मांडर (रांची) में हुई है। यहां 40 मिमी बारिश हुई है।राजधानी में 12 मिमी बारिश हुई है। इसका असर 15 फरवरी तक रहने का अनुमान है। बारिश के कारण राज्य के कई जिलों का अधिकतम तापमान गिर गया है। वहीं न्यूनतम तापमान चढ़ गया है। बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखा। खेतों में लगी सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है।मौसम केंद्र ने पूर्वानुमान किया है कि पूरे राज्य में बुधवार को भी गर्जन के साथ बारिश हो सकती है। इसको लेकर मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट भी जारी किया है। 15 फरवरी को राजधानी रांची सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। 16 फरवरी से मौसम के साफ होने का अनुमान है।

अल नीनो दे रहा 2024 में भीषण गर्मी का संकेत
Published / 2024-02-08 19:32:40
अल नीनो दे रहा 2024 में भीषण गर्मी का संकेत

डरा रहा है अल नीनो..2024 में होगी भीषण गर्मी एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर भारत में साल 2024 में जहां सबसे ठंडा रहा वहीं अब भीषण गर्मी की मार झेलने के लिए लोगों को तैयार होना पड़ेगा। भारत में इस साल वसंत ऋतु कम समय तक रहने के आसार हैं। इसके बाद भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अल नीनो प्रभाव के कारण वसंत के बाद से गर्मी का प्रकोप देखने को मिलेगा। उधर दूसरी तरफ, मुंबई के लोगों को कुछ ज्यादा ही गर्मी इस बार तड़पायेगी। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में मुंबई को सचेत किया गया है। बता दें कि यहां तेजी से चल रहे निर्माण कार्य और बढ़ते कंक्रीट की वजह से मुंबई में गर्मी अधिक बढ़ जायेगी। खुद संयुक्त राष्ट्र ने भी इसकी चेतावनी दी है। इस बीच मुंबई में बड़े पैमाने पर चल रहा निर्माण कार्य मुंबई को कंक्रीट के जंगल में बदल रहा है।   पर्यावरणविद जोरू भथेना ने कहा कि मुंबई में स्लम को हटाकर पचास मंजिला इमारत खड़ी हो रही है। डेवलपमेंट तो जरूरी है लेकिन जिस पैमाने में सीमेंट हर जगह बिछा रहे हैं, इससे राज्या में गर्मी बढ़ेगी। प्रदूषण का 70% कारण सीमेंट होता है। वहीं, रेस्पिरर लिविंग साइंसेज के संस्थापक, क्लाइमेट टेक रोनक सुतारिया मूडी ने कहा कि रिपोर्ट में 4 शहरों का विश्लेषण किया गया है- मुंबई, पेरिस, न्यूयॉर्क और रियो डी जनेरियो। मुंबई, में मेट्रो निर्माण, कोस्टल रोड और बिल्डिंग रिडेवलपेंट में खूब सीमेंट और कंक्रीटीकरण शामिल है, जो उत्सर्जन में वृद्धि करने जा रहा है और अन्य सभी शहरों से शहरी बुनियादी ढांचे के उत्सर्जन को पार कर जायेगा। उन्होंने बताया कि कंक्रीट, डामर, पत्थर जैसी चीजों से बनी सतहें गर्मी को सोखती हैं, जो फिर पूरे दिन धीरे-धीरे निकलती है। कंक्रीटीकरण के कारण शहरी क्षेत्र, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में 8-10 डिग्री फारेनहाइट तक अधिक गर्मी बढ़ जाती हैं।

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