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24-25 को झारखंड में बारिश का अलर्ट
Published / 2024-10-23 18:08:27
24-25 को झारखंड में बारिश का अलर्ट

चक्रवाती तूफान के कारण इस राज्य में हो सकती है भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्टटीम एबीएन, रांची। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाले चक्रवाती तूफान के कारण 24 और 25 अक्टूबर को झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुछ भागों (मुख्य रूप से झारखंड के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र) में 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मंगलवार को दबाव में बदल गया और पूर्वी तट की ओर बढ़ गया। उन्होंने बताया कि 23 अक्टूबर को इसके तीव्र चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।रांची मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अभिषेक आनंद ने मीडिया को बताया, झारखंड में मौसम में बदलाव बुधवार शाम से दिखने लगेगा। इसका वास्तविक असर 24 अक्टूबर से राज्य के दक्षिण-पूर्वी भागों में देखने को मिल सकता है, जहां बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। 25 अक्टूबर को पूरे झारखंड में बारिश हो सकती है।उन्होंने कहा कि दक्षिण-पूर्व झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ हिस्सों में आंधी और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से कहा है कि वे 24 और 25 अक्टूबर को सतर्क रहें।

23 से 25 अक्तूबर को ओडिशा में बारिश की संभावना
Published / 2024-10-20 20:35:51
23 से 25 अक्तूबर को ओडिशा में बारिश की संभावना

अंडमान सागर के ऊपर बना चक्रवात है वजहटीम एबीएन, रांची। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि अंडमान सागर के ऊपर चक्रवाती स्थिति बन चुकी है, जिसके सोमवार तक कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने के आसार हैं। इसका प्रभाव आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में पड़ेगा। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने कहा कि निम्न दबाव वाले क्षेत्र में चक्रवात के बनने के बाद इसकी स्पष्ट तस्वीर सामने आयेगी। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के कारण ओडिशा के तटीय इलाकों में बारिश हो सकती है। आईएमडी ने बुलेटिन में कहा, अंडमान सागर के ऊपर चक्रवात बना हुआ है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान सागर के ऊपर 21 अक्तूबर को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे बाद 23 अक्तूबर को उत्तर पश्चिम की तरफ इसका असर तेज हो जायेगा। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने कहा, आईएमडी ने इसकी भविष्यवाणी नहीं की है कि यह प्रणाली चक्रवाती तूफान में बदलेगा या नहीं। अक्तूबर को चक्रवात के महीने के तौर पर जाना जाता है। हम 10 से अधिक मौसम मॉडलों का आकलन करने के बाद किसी प्रणाली के मार्ग को पूवार्नुमान लगाते हैं, लेकिन अभी वहां कम दबाव का क्षेत्र बना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि चक्रवात की भविष्यवाणी करना जल्दबाजी है। इस प्रणाली का असर उत्तरी आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय इलाकों पर पड़ने की संभावना है।

झारखंड : इन इलाकों में बारिश का येलो अलर्ट जारी
Published / 2024-10-05 14:17:00
झारखंड : इन इलाकों में बारिश का येलो अलर्ट जारी

झारखंड के इन इलाकों में होगी भारी बारिशमौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट टीम एबीएन, रांची। उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय बांग्लादेश-पश्चिम बंगाल में निम्न दवाब का क्षेत्र बना है। इस निम्न दबाव की वजह से राज्य में एक बार फिर कुछ दिनों से रुकी हुई बारिश की शुरुआत होने का अनुमान है। रांची मौसम केंद्र के निदेशक और वरिष्ठ मौसम पूर्वानुमान वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि इस निम्न दबाव के क्षेत्र की वजह से झारखंड में कुछ दिनों से रुकी हुई बारिश की फिर से शुरुआत होने का अनुमान जरूर है। मौसम केंद्र निदेशक ने बताया कि राज्य के पूर्वी भाग जिसमें संथाल और कोल्हान के जिले पड़ते हैं, उन इलाको में 05 और 06 अक्टूबर को आसमान में बादल छाने के साथ-साथ गर्जन वज्रपात की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र, रांची के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दवाब का क्षेत्र, झारखंड से दूर है लेकिन उससे झारखंड को नमी मिल रही है, इसी नमी के प्रभाव से राज्य में आसमान में बादल बनने  की पूरी संभावना है।

सामान्य से 7.6 प्रतिशत अधिक बारिश के साथ विदा हुआ मानसून
Published / 2024-10-01 20:59:06
सामान्य से 7.6 प्रतिशत अधिक बारिश के साथ विदा हुआ मानसून

विदा हुआ मानसून, इस वर्ष सामान्य से 7.6 प्रतिशत अधिक हुई बारिशटीम एबीएन, रांची। वर्ष 2024 का मानसून समाप्त हो गया है और इस दौरान सामान्य से 7.6 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। यह जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को दी। आईएमडी के आंकड़े के अनुसार, राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अधिक बारिश हुई। भारत के कृषि क्षेत्र के लिए मानसून बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुल खेती योग्य क्षेत्र का 52 प्रतिशत हिस्सा इस पर निर्भर है। यह जलाशयों को फिर से भरने के लिए भी आवश्यक है जिनसे देशभर में पेयजल की आपूर्ति होती है, साथ ही बिजली उत्पादन भी होता है।

भारी बारिश दशहरा में डाल सकती है खलल
Published / 2024-09-27 17:44:00
भारी बारिश दशहरा में डाल सकती है खलल

झारखंड के कई इलाकों में होगी भारी बारिशइस बार दुर्गा पूजा में डाल सकती है खललटीम एबीएन, रांची। बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव वाला क्षेत्र बनने से झारखंड के सभी इलाके में बारिश हो रही है। गुरुवार को साहिबगंज में भारी बारिश हुई। यहां 106 मिमी बारिश रिकॉर्ड किया गया, जबकि रांची व आसपास के इलाके में आकाश में बादाल छाये रहे तथा छिटपुट बारिश हुई।मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह से ही कई जगहों पर भारी बारिश शुरू हो चुकी है। खास कर राज्य के उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिम तथा दक्षिण-पूर्वी भाग में भारी बारिश को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। कहीं-कहीं वज्रपात भी हो सकता है। रांची में दोपहर बाद आकाश में बादल छाये रहेंगे व कहीं-कहीं ही छिटपुट बारिश हो सकती है। शुक्रवार को ही संताल परगना में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गयी है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से रांची और आसपास के इलाके में मौसम साफ होने की संभावना है। कई इलाकों में आकाश में बादल छाये रहेंगे। इधर, मौसम विभाग ने एक बार फिर बंगाल की खाड़ी में दो अक्तूबर से निम्न दवाब का क्षेत्र बनने की संभावना व्यक्त की गयी है। इससे तीन से सात अक्तूबर तक झारखंड में बारिश हो सकती है। इससे दुर्गा पूजा में खलल पड़ने की संभावना है। अब तक एक प्रतिशत बारिश कम हुई, रांची में सामान्य से 19 प्रतिशत अधिक बारिश मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड में एक जून 2024 से 26 सितंबर 2024 तक सामान्य से एक प्रतिशत कम बारिश हुई है। झारखंड में सामान्य बारिश 999.7 मिमी है, जबकि वास्तविक वर्षापात 990.5 मिमी है। रांची में सामान्य वर्षापात 1013. 9 मिमी है। जबकि अब तक यहां 1202.2 मिमी बारिश हो गयी। यानि सामान्य से 19 प्रतिशत अधिक बारिश हो गयी है। सबसे कम बारिश पाकुड़ में 49 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

झारखंड : कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
Published / 2024-09-26 15:14:28
झारखंड : कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

इन 07 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्टटीम एबीएन, रांची। मौसम केंद्र, रांची ने अपने मौसम पूर्वानुमान और अपडेटेड वेदर बुलेटिन में झारखंड के गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, गोड्डा, साहिबगज और पाकुड़ जिले में भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया है। आज राज्य के सभी जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए वज्रपात का भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र ने इस मौसम को देखते हुए लोगों से सजग और सावधान रहने की अपील की है। मौसम केंद्र, रांची के निदेशक ने बताया कि वज्रपात की संभावना और कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए किसान विशेष सावधानी बरतें, खराब मौसम में खेतों में न जाएं। मौसम केंद्र के अनुसार 27 सितंबर को राज्य में कई स्थानों पर और 28 सितंबर को राज्य में कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है।

झारखंड : अगले दो दिनों तक होती रहेगी बारिश!
Published / 2024-09-25 20:40:55
झारखंड : अगले दो दिनों तक होती रहेगी बारिश!

झारखंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर, दो दिनों तक इन इलाकों में वज्रपात के साथ भारी बारिश का येलो अलर्टटीम एबीएन, रांची। मध्य बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी, उससे सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश के उत्तर-पश्चिम खाड़ी और साउथ ओडिशा तट के ऊपर लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर ऊपर बना निम्न दबाव का यह सिस्टम साउथ वेस्ट की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम के प्रभाव और मानसून गतिविधियां अनुकूल रहने की वजह से अगले दो दिनों तक राज्य में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। मौसम केंद्र, रांची ने 25 और 26 सितंबर को राज्य भर में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना जताई है। जबकि कुछ इलाकों में तेज हवा, मेघगर्जन के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि सिस्टम के प्रभाव से देर रात से ही रांची सहित कई जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश हो रही है। दो दिनों का भारी बारिश का येलो अलर्ट 25 सितंबर : मौसम केंद्र, रांची ने आज 25 सितंबर के लिए राज्य के उत्तर पूर्वी, दक्षिणी पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भाग में कहीं कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कहीं-कहीं गर्जन वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना को देखते हुए मौसम केंद्र ने अलर्ट जारी किया है। 26 सितंबर : मौसम विभाग ने 26 सितंबर गुरुवार के लिए राज्य के दक्षिणी एवं निकटवर्ती मध्य भाग के कुछ जगहों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30-40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलने की संभावना जतायी है, जिसे देखते हुए विभाग ने खराब मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

झारखंड में पांच दिन तक भारी बारिश की चेतावनी
Published / 2024-09-11 19:32:20
झारखंड में पांच दिन तक भारी बारिश की चेतावनी

बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा चक्रवातटीम एबीएन, रांची। म्यांमार से एक चक्रवात तटीय बांग्लादेश और बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है। 2 दिन में पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में पहुंचने का अनुमान है। इस चक्रवात की वजह से झारखंड में 5 दिन तक बारिश होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट जारी करते हुए यह जानकारी दी है। मौसम केंद्र ने कहा है कि मानसून ट्रफ राजस्थान के बीकानेर, सीकर, होते हुए मध्यप्रदेश और उससे सटे पेंड्रा रोड, राउरकेला, दीघा के रास्ते आगे बढ़ रहा है, जो बंगाल की खाड़ी की ओर जाएगा। झारखंड में 5 दिनों तक भारी बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने जारी किया है। कहा है कि 11 से 15 सितंबर तक झारखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि 11 से 15 सितंबर के बीच झारखंड में कहीं-कहीं गरज के साथ वज्रपात एवं वर्षा होने की संभावना है। 13 सितंबर को झारखंड के उत्तरी-पूर्वी भागों यानी संताल परगना 6 जिलों (देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज) के साथ-साथ धनबाद और गिरिडीह जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है।

इस वर्ष लंबा चल सकता है सर्दी का सीजन
Published / 2024-09-08 18:55:42
इस वर्ष लंबा चल सकता है सर्दी का सीजन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बीते कुछ वर्षों से सर्दी के सीजन की शुरुआत सामान्य महीनों की तुलना में देरी से शुरू होती आयी है, लेकिन इस बार बन रही मौसम की परिस्थितियों के चलते सर्दी की आमद जल्द होने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक जिस तरीके से ला नीनो ने अपनी उपस्थिति के 90 दिनों के बाद सक्रियता दिखानी शुरू की है उससे ऐसे ही हालात बन रहे हैं। अनुमान यही लगाया जा रहा है कि इस बार मानसून की विदाई अपने वक्त से तकरीबन दो सप्ताह बाद हो सकती है। इसी के साथ सर्दी की आहट भी बीते कुछ वर्षों की तुलना में पहले आने का पूरा अनुमान है। फिलहाल मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की माने तो जाते हुए मानसून की अभी भी सक्रियता बनी हुई है। यह सक्रियता सितंबर के अंत तक चलने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार ला नीनो की सक्रियता का असर न सिर्फ मानसून पर पड़ रहा है बल्कि इसके बाद आने वाली सर्दी के सीजन पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। दिल्ली विश्वविद्यालय में एनवायरमेंटल साइंस के प्रवक्ता डॉ एके सिंह कहते हैं कि एल नीनो के असर के बाद ला नीनो की सक्रियता में तकरीबन साठ से 90 दिन का वक्त लगता है। उनका कहना है कि यह 90 दिन का वक्त जुलाई के अंत से अगस्त की शुरुआत में पूरा हो चुका है। यही वजह है कि मानसून की विदाई के कुछ वक्त पहले से इसकी सक्रियता बढ़ गयी है। बीते एक सप्ताह से उत्तर भारत समेत मध्य भारत और पश्चिमी उत्तर भारत के हिस्सों में जिस तरीके से बारिश हो रही है उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानसून की सक्रियता कितनी ज्यादा है। वह कहते हैं कि अनुमान यही लगाया जा रहा है कि ला नीनो की सक्रियता के चलते इस बार सर्दी की आमद भी पहले हो जायेगी और उसका स्पेल भी लंबा होगा। मौसम विभाग की मुताबिक बीते सोमवार से जिस तरीके से मानसून की सक्रियता बनी हुई है वह इस सप्ताह भी बनी रहेगी। मौसम विभाग के प्रवक्ता डॉ राजेंद्र कहते हैं कि जिस तरीके की परिस्थितियां बन रही है उससे इस हफ्ते के अंत तक देश के अलग-अलग हिस्सों में खासतौर से उत्तर भारत और मध्य भारत समेत उत्तर पश्चिम के हिस्सों में बारिश होती रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों के भीतर देश की राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर और पंजाब हरियाणा मध्य प्रदेश समेत उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान के हिस्सों में बारिश होगी। इन इलाकों में लगातार कम दबाव का क्षेत्र बनता जा रहा है। जिसके चलते बारिश कहीं तेज तो कहीं छिटपुट तरीके से लगातार होती जा रही है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक फिलहाल सितंबर के अंत तक हवाओं में कम दबाव का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में बना रह सकता है। जिसके चलते मानसून की विदाई भी देर से होने की संभावनाएं बन रही हैं। सितंबर के अंत से लेकर अक्टूबर के शुरुआत तक बारिशों का दौर बना रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक डॉ आलोक सिंह कहते हैं कि जिस तरीके की परिस्थितियां अभी बन रही है उसे अनुमान लगाया जा रहा है कि सर्दियों का सीजन इस बार अक्टूबर से लेकर जनवरी तक का रहेगा। डॉक्टर सिंह कहते हैं कि सर्दियों का सीजन तो यही होता था लेकिन बीते कुछ वर्षों में क्लाइमेट चेंज के चलते सर्दियों के सीजन में तापमान बहुत ज्यादा दिनों के लिए नीचे नहीं गिरता था। अमूमन दिसंबर और जनवरी के महीने में ही तापमान में गिरावट दर्ज की जाती रही है। लेकिन इस बार ला नीनो की सक्रियता के चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि सर्दी के सीजन की आमद अक्टूबर से शुरू हो सकती है। चूंकि ला नीनो का इफेक्ट लंबे समय तक बना रहेगा इसलिए 4 महीनो की सर्दी के पूरे सीजन में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। इसके अलावा अनुमान इस बात का भी लगाया जा रहा है कि पहाड़ों पर इस बार बर्फबारी भी ला नीनो के इफेक्ट के चलते ज्यादा हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अभी सर्दी को लेकर उनका कोई स्पष्ट आंकलन नहीं किया जा रहा है। मौसम विभाग के प्रवक्ता डॉ राजेंद्र कहते हैं उनका विभाग फिलहाल अगले 10 दिनों के मौसम की अपडेट दे रहा है। हालांकि आने वाले सीजन को लेकर विभाग की अपनी आॅब्जरवेशन हैं। लेकिन अभी विभाग की ओर से सर्दियों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की जा रही है।

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