एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान, नहीं चलेंगे... का उद्घोष कर उन्होंने राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा राष्ट्र प्रथम के संकल्प को एक नूतन संजीवनी से संपोषित किया।
भारत अखंड रहे इसके लिए उन्होंने अपना बलिदान देकर संपूर्ण राष्ट्र में जन जागरण का कार्य किया। अखंड भारत के प्रति उनका समर्पण तथा राष्ट्र के प्रति उनकी भावना हम सभी को प्रेरणा, ऊर्जा और शक्ति से भर देता है। सादर शत-शत नमन...।
टीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत के महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, स्वतंत्रता सेनानी तथा जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती प्रतिवर्ष 6 जुलाई को पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती इस वर्ष मनाई जा रही है। वर्ष 1901 में कोलकाता में जन्मे डॉ. मुखर्जी ने अपने जीवन को राष्ट्रहित, शिक्षा, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित कर दिया।
उनकी जयंती केवल एक महान व्यक्तित्व का स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने का भी प्रेरक अवसर है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी असाधारण प्रतिभा के धनी थे। वे कम आयु में ही कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
स्वतंत्र भारत की पहली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उन्होंने उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य किया, किंतु सिद्धांतों से समझौता न करते हुए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वर्ष 1951 में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसने आगे चलकर भारतीय राजनीति की दिशा और दशा को प्रभावित किया।
डॉ. मुखर्जी का सबसे बड़ा योगदान भारत की अखंडता और एकता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में लागू अलग व्यवस्था का विरोध करते हुए एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे, का संदेश दिया। राष्ट्रीय एकीकरण के लिए उनके संघर्ष और बलिदान को देश सदैव स्मरण करता है।
वर्ष 1953 में जम्मू-कश्मीर में नजरबंदी के दौरान उनका निधन हो गया, जिसे राष्ट्र के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में देखा जाता है। उनकी जयंती का उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर देशभर में संगोष्ठियों, विचार गोष्ठियों, पुष्पांजलि कार्यक्रमों तथा विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक आयोजनों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया जाता है। उनके विचार आज भी आत्मनिर्भर भारत, सुशासन, शिक्षा सुधार और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसके सम्मान, सुरक्षा तथा एकता के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उनकी जयंती हमें उनके आदर्शों को अपनाने, राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करने और एक सशक्त, समृद्ध एवं अखंड भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा देती है। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
टीम एबीएन, रांची। विप्र फाउंडेशन झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी के पदभार, अभिनंदन व स्वागत समारोह मारवाड़ी भवन, हरमू रोड, रांची में आयोजित हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री उअ डॉ सुनील शर्मा (बॉम्बे) उपस्थित थे। गणेश वंदना, विप्र मंगलकामना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता नव निर्वाचित अध्यक्ष उअ जयप्रकाश शर्मा ने की एवम समारोह में पधारे सभी बिप्र बंधुओ का स्वागत भी किया।
उपरोक्त कार्यक्रम में प्रदेश कमेटी के पदाधिकारियों की घोषणा की गयी। साथ ही जिला कमेटी रांची, जमशेदपुर, सिमडेगा, गिरिडीह, रामगढ़, देवघर के अध्यक्ष, महामंत्री के नामो की विधिवत घोषणा की गयी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मुंबई से पधारे राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सीए डॉक्टर सुनील शर्मा को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र व मोमेंटो को देकर उनका अभिनंदन और स्वागत किया।
जोन 6 के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा ने उपस्थित सभी विप्र बंधुओं का अभिनंदन और स्वागत करते हुए विप्र फाउंडेशन के क्रियाकलापों की जानकारी सभा में रखी। उन्होंने कहा कि समाज में लोगों को संगठित करना, उनके हितों के लिए कार्य करना, शिक्षा एवं रोजगार में प्रथम प्राथमिकता के द्वारा बहाली में सहयोग करना एवं राजस्थान सहित कई जगहो पर अलग-अलग प्रकल्पों द्वारा समाज में आखिरी प्रावधान तक के व्यक्तियों के बीच पहुंचाना हमारा लक्ष्य रहेगा।
इस अवसर पर क्षेत्रीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, झारखंड प्रभारी एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य निरंजन लाल शर्मा, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री संबलपुर निवासी शरद शर्मा ने भी अपने संबोधन के माध्यम से विप्र फाउंडेशन के कार्यों की सराहना करते फाउंडेशन के प्रकल्प का लाभ जन-जन तक पहुंचाने युवा साथियों को संकल्प दिलाने के सकारात्मक सहयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ उन्हें सकारात्मक सहयोग देकर आगे बढ़ाने का कार्य करें।
इस अवसर पर प्रदेश के संगठन मंत्री प्रदीप शर्मा ने प्रदेश पदाधिकारी के नामों की सूची को पढ़कर सुनाया एवं नवगठित पदाधिकारीयो व कार्यकारणी सदस्यों का को पदभार ग्रहण करती हुई उनका अभिनंदन और स्वागत भी किया। मुख्य अतिथि के रूप में मुंबई से पधारे हमारे बीच राष्ट्रीय संगठन मंत्री महामंत्री का डॉक्टर सुनील शर्मा ने भी विप्र फाउंडेशन के प्रकल्पों की जानकारी पटल पर रखी। डॉ सुनील शर्मा ने कहा ब्राह्मण समाज के उत्थान के लिए शिक्षा संस्कार एवं रोजगार की आवश्यकता है इस दिशा में विप्रो फाउंडेशन पूरे देश में कार्य कर रहा है।
ब्राह्मण समाज एकत्र होगा एकता तभी आयेगी हम राजनीतिक दृष्टि से अपेक्षित है वह उपेक्षा एकता के साथ खत्म होगी उन्होंने कहा कि भवन और शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड को मजबूत बनावे जिससे हम ब्राह्मण समाज का उत्थान कर सके। कार्यक्रम में झारखंड के सभी जिलों बोकारो, देवघर, सिमडेगा, जमशेदपुर, चाईबासा, रामगढ़, गिरिडीह से काफी संख्या में महिला और पुरुषों ने हिस्सा लिया।
उपरोक्त कार्यक्रम में जय प्रकाश शर्मा, पुरुषोत्तम लाल शर्मा, संगठन मंत्री प्रदीप शर्मा, अजय दाधीच, गणेश दायमा, निरंजन लाल शर्मा, अमित मणि शर्मा, प्रमोद सारस्वत, पवन शर्मा, रमेश चंद्र शर्मा, लक्ष्मी चंद दीक्षित, डॉ राजकुमार शर्मा, बबलू हरित, किशन शर्मा, रेखा शर्मा उमंग जोशी, ललित शर्मा, मानसी खंडेलवाल, अशोक पुरोहित, शशांक भारद्वाज, जमशेदपुर से सांवरलाल शर्मा राष्ट्रीय पदाधिकारी, ललित शर्मा, देवराज, राजेश, बैजनाथ, अनिल, लाला भारद्वाज, सुरेश, राजेश, प्रदीप मिश्रा, दिलीप, सनी, मनोज, अंकित सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे। मंच का संचालन शशांक भारद्वाज एवं धन्यवाद संगठन महामंत्री प्रदीप शर्मा ने दिया। उक्त जानकारी आयोजन समिति के प्रमोद सारस्वत ने दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची के पुंदाग स्थित एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम श्रीराधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में डॉ संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज जी के सानिध्य में 273 वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का श्रद्धापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर मंदिर में श्री राधा रानी जी का दिव्य एवं अलौकिक श्रृंगार आकर्षक आभूषणों एवं मनोहारी पुष्पों से किया गया, दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडेय ने विधिवत पूजा-अर्चना एवं मंत्रोच्चार के साथ महाप्रसाद का भोग लगाया। इसके पश्चात महाप्रसाद में मसालेदार वेजिटेबल खिचड़ी, छाछ, लीची जूस, एवं आलू चिप्स का पैकेट का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया गया।
मंदिर परिसर में उपस्थित लगभग 1500 से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया। भक्ति रस से ओत-प्रोत भजन संध्या कार्यक्रम में ट्रस्ट के भजन गायकों द्वारा सुमधुर एवं मनमोहक भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे तथा पूरा मंदिर परिसर राधे-कृष्ण एवं श्याम के जयकारों से कृष्णमय एवं भक्तिमय हो गया। तत्पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती का आयोजन किया गया।
ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा तथा लगभग 4 हजार से अधिक भक्तों ने भगवान के दर्शन किये। उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक वेजिटेबल खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया जाता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, विशाल जालान, आशुतोष कुमार मिश्रा, पवन पोद्दार, ज्ञान चंद्र शर्मा, अमिता जालान, सिद्धि जालान, सीमा कक्कड़, निमा कक्कड़, अनिल मस्करा, सुनीता मस्करा, सायरा मस्करा, विशाखा जालान, वंदना जालान, अविकल मस्करा सहित अनेक श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
टीम एबीएन, रांची। कांके रोड स्थित तिरुपति अपार्टमेंट परिसर रविवार को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठा, जब विनय कुमार सिन्हा एवं उनकी धर्मपत्नी प्रभा श्रीवास्तव के सौजन्य तथा गुरु कृपा की प्रेरणा से श्री श्री 108 सद्गुरु ठाकुर अनुकूलचंद्र जी (देवघर) के पावन सान्निध्य में सत्संग एवं भजन-कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति एवं आध्यात्मिक चिंतन का लाभ उठाया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं भजन-कीर्तन से हुआ। मधुर भजनों की प्रस्तुति से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया और उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में भाव-विभोर हो उठे।
इसके पश्चात आयोजित सत्संग में ठाकुर जी के ऋत्विक एवं सेवानिवृत्त आईएएस केके सिंह, एचसी तुलिल, अजय कुमार सिंह तथा मनोज कुमार ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सद्गुरु ठाकुर अनुकूलचंद्र जी के जीवन-दर्शन,उनके आध्यात्मिक संदेश तथा मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि सद्गुरु के बताये मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक, अनुशासित और समाजोपयोगी बना सकता है। वक्ताओं ने प्रेम, सेवा, सदाचार, मानवता और आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उनके प्रेरक विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया। सत्संग एवं भजन-कीर्तन के उपरांत आनंद बाजार (भोजन प्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
पूरे आयोजन में अनुशासन, सेवा और सहयोग की उत्कृष्ट भावना देखने को मिली। इस अवसर पर तपन सरकार, श्याम दाड़ी, सोना मुखर्जी, तिरुपति सोसायटी की सचिव, कोषाध्यक्ष सहित तिरुपति अपार्टमेंट के सभी सदस्य एवं अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी तिरुपति सोसायटी के पूर्व सचिव संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। विप्र फाउंडेशन जॉन- 6 के प्रदेश की नवगठित कार्यकारिणी का पदभार ग्रहण समारोह एवं स्वागत तथा अभिनंदन का कार्यक्रम 5 जुलाई 2026 रविवार को दिन में 11 बजे हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन के द्वितीय तल के सभागार में आयोजित किया गया है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सीए डॉ सुनील शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में बम्बई से हमारे बीच पधार रहे हैं। उनकी उपस्थिति में विप्र फाउंडेशन जॉन- 6 के प्रदेश की नवगठित कार्यकारिणी का पदभार ग्रहण समारोह एवं स्वागत तथा अभिनंदन का कार्यक्रम रखा गया है।
इस उपलक्ष पर झारखंड, ओड़िसा, बंगाल, सहित झारखंड के कई जिलों से बिप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों व सदस्यों का आगमन होगा। बिप्र फाउंडेशन जॉन - 6 के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा ने झारखंड के सभी जिलों के बिप्र बंधुओ से आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया है।
वही स्वागत और अभिनंदन समारोह समिति से जुड़े प्रमोद सारस्वत ने रांची के सभी बिप्र बंधुओ से कल दिन में 11 बजे मारवाड़ी भवन के द्वितीय स्थल सभागार में नवगठित कार्यकारिणी के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल होने का आग्रह किया है। उक्त जानकारी विप्रो फाउंडेशन के आयोजन समिति के प्रमोद सारस्वत ( 7482986219) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सत्र 2025-27 की प्रथम वार्षिक आमसभा 26 जुलाई 2026 दिन रविवार को मारवाड़ी ब्राह्मण भवन में अपराहन 3 बजे से होगी। सभा के गत कार्यकारिणी बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सभा अध्यक्ष अशोक कुमार पुरोहित ने सभा के सभी संरक्षक एवं आजीवन सदस्यों से उक्त बैठक में सम्मलित होने का अह्वाहन किया है। सभा के मंत्री कृष्णा लाल शर्मा ने बताया कि उक्त वार्षिक आम सभा सभा में गत वर्ष में सभा के कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया जायेगा एवं सभा के कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर गोवला आय - व्यय का वार्षिक ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे।
कार्यकारिणी बैठक में महेंद्र कुमार शर्मा (उपमंत्री), श्याम सुंदर गोवला (कोषाध्यक्ष) अमित सारस्वत (आंतरिक अंकेक्षक), ओम प्रकाश माटोलिया, कृष्णा शर्मा, सुनील कुमार शर्मा, अनिल शर्मा, धर्मचंद शर्मा, नथमल शर्मा, कमल शर्मा, मनीष कुमार शर्मा एवं चेतन शर्मा कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे। उक्त जानकारी मंत्री कृष्णा लाल शर्मा ने दी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड के प्रवासी मजदूरों के विदेशों में फंसने और मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला गांव निवासी प्रवासी मजदूर लालचंद महतो के दुबई में फंसने का मामला सामने आया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे लालचंद अब भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन जरूरी दस्तावेजों के अभाव में उनकी वतन वापसी संभव नहीं हो पा रही है। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगायी है।
लालचंद महतो की पत्नी ने भावुक अपील करते हुए बताया कि उनके पति रोजगार की तलाश में दुबई गये थे, जहां वे बढ़ई का काम कर रहे थे। काम के दौरान उनका पासपोर्ट गुम हो गया। इसके बाद उन्हें प्रशासनिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पासपोर्ट नहीं होने की वजह से कंपनी ने उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया। फिलहाल उनकी हालत बेहद खराब है और उनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं।
परिवार ने बताया कि वे पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। लालचंद के पिता दशरथ महतो वर्ष 2013 से मुंबई से लापता हैं, जिसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती गयी। ऐसे में अब लालचंद की सुरक्षित घर वापसी ही पूरे परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद बन गयी है।
प्रवासी श्रमिकों के हित में काम करने वाले सिकंदर अली ने केंद्र सरकार और झारखंड सरकार से लालचंद महतो की सुरक्षित वतन वापसी के लिए तत्काल पहल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी झारखंड के कई मजदूर बेहतर कमाई की उम्मीद में विदेश गये, लेकिन वहां फंस गये और कई की मौत भी हो चुकी है।
सिकंदर अली ने बताया कि वर्तमान में गिरिडीह के द्वारका महतो और बोकारो के सत्येंद्र महतो का शव सऊदी अरब में पड़ा है। वहीं गिरिडीह के बगोदर निवासी महेंद्र महतो सऊदी अरब में फंसे हुए हैं और डुमरी के हुलास महतो दुबई की जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए सरकार को राज्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि मजदूरों को मजबूरी में विदेश पलायन न करना पड़े और उन्हें अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिल सके।
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