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निर्जला एकादशी पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का भव्य आयोजन
Published / 2026-06-25 19:55:20
निर्जला एकादशी पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का भव्य आयोजन

टीम एबीएन, रांची। रांची के पुंदाग स्थित श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संत शिरोमणि परमहंस स्वामी सदानंद महाराज के सान्निध्य में निर्जला एकादशी पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं सामूहिक आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने विधि-विधान से भगवान की आराधना संपन्न कराई तथा प्रसाद का भोग अर्पित किया। निर्जला एकादशी के अवसर पर श्री राधा रानी का विशेष एवं आकर्षक श्रृंगार नवीन पीले रंग के दिव्य पोशाक तथा जड़ित आभूषणों से किया गया। सुसज्जित स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मंदिर परिसर में सजे पुष्पों, दीपों एवं धार्मिक सजावट ने वातावरण को और भी मनोहारी बना दिया।पूजा-अर्चना के पश्चात भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ,जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान के भजनों का रसपान करते हुए भक्तिमय वातावरण का आनंद लिया। सामूहिक आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भगवान के जयघोष एवं मंत्रोच्चार से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में आरती कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं मानव कल्याण की प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच वेजिटेबल खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना को आत्मसात किया। मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने निर्जला एकादशी की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनायी जाने वाली निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में विशेष स्थान रखती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत, उपवास, जप, तप और भगवान विष्णु की आराधना करने से वर्षभर की समस्त एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है। यह पर्व संयम, आत्मशुद्धि, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देता है। प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि कार्यक्रम का समापन विश्व कल्याण, समाज की सुख-समृद्धि एवं मानवता के मंगल की कामना के साथ हुआ तथा उपस्थित श्रद्धालुओं ने ऐसे धार्मिक आयोजनों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ करने वाला प्रेरणादायी प्रयास बताया।

गायत्री जयंती सह गंगा दशहरा संग पूज्य गुरुदेव का महाप्रयाण समारोह मनाया गया
Published / 2026-06-24 18:17:56
गायत्री जयंती सह गंगा दशहरा संग पूज्य गुरुदेव का महाप्रयाण समारोह मनाया गया

परमात्मा से मांगे तो सद्गुणों की सम्पदा : यज्ञ पुरोहित एबीएन सोशल डेस्क (रांची)। त्रिवेणी संगम के रूप में गायत्री परिवार साधक-शिष्यों ने गायत्री महामंत्र का सामूहिक सस्वर पाठ, गुरु-ईश ध्यान, नमन वंदन सहित चलेंगे हम जगत जननी तुम्हारे ही इशारे पर... प्रज्ञागीत गायन वादन कर गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा यज्ञशाला में महायज्ञ 9 कुंडीय विधान से आज सोल्लास मनाया। इस बीच कुछ नये परिजनों ने गायत्री महामंत्र की गुरुदीक्षा संस्कार ली और यज्ञोपवित परिवर्तन कराये। दो पाली में यज्ञीय आहुतियां दी गयी। अमृताशन का भंडारा हुआ। इस क्रम में मंगलवार को दिन भर 12 घंटे का जप-अनुष्ठान किया गया। यज्ञ दौरान पुरोहित ने बताया कि परमात्मा से साधना, प्रार्थना में यदि मांगना हो तो सदगुणों की सम्पदा ही मांगनी चाहिए। बताया कि ईश्वरीय उपासना साधना में उपासना, साधना का उद्देश्य झोली पसारना नहीं, स्वार्थ की पूर्ति नहीं, दीन भावना नहीं, ये शोभनीय नहीं है। यह न आत्मा को शोभनीय है न परमात्मा को प्रिय। आस्तिकता, उपासना, साधना से हमें जीवन चर्या में पवित्रता, पात्रता, योग्यता, क्षमता, बनानी व बढ़ानी चाहिए। हमारे जीवन के मुख्य उद्देश्य और ईश्वरीय मूल्यवान दर्शन को समझना एवं जीवन में उतारना और इसका पालन आवश्यक है।  हमारे आचरण की पार्वत्रता विचारों की शुद्धता और परिवार व समाज के प्रति कर्तव्य व उत्तरदायित्व का सुबोध व समावेश अपेक्षित होना चाहिए।प्रार्थना में यही कामना रहनी चाहिए कि परमात्मा हमें इस लायक बनाए कि उसके सच्चे भक्त, सही अनुयायी व पुत्र कहला सकने का गौरव प्राप्त करें। 9 कुंडीय यज्ञ दो पाली में संपन्न हुआ। इसके साथ साथ रांची जिलांतर्गत बेड़ो, खलारी व बुंडु सबडिविजन तमाड़ आदि कई प्रखंड इकाइयों सहित गायत्री परिवार के अन्य पीठ केंद्र अलकापुरी शक्तिपीठ, बस स्टैंड धुर्वा प्रज्ञापीठ, टाटीसिलवे चेतना केंद्र सहित कई इकाई शाखाओं में भी यज्ञीय अनुष्ठान विधान से ये पर्व समारोह कार्यक्रम आयोजित किये गये। कार्यक्रम में सर्वत्र लोकहित व विश्व शान्ति हेतु स्वस्तिवाचन सहित शान्ति पाठ कर मंगल कामनाएं की गयी। इस कड़ी में संध्या कालीन दीपयज्ञ विधान भी किये गये और पूज्यवर के आध्यात्मिक संविधान के 18 सूत्रीय  सत्संकल्प पाठ सबसे कराये गये। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने दी।

निर्जला एकादशी 25 को, सभी एकादशियों का पुण्य प्रदान करने वाला महान व्रत
Published / 2026-06-23 20:33:30
निर्जला एकादशी 25 को, सभी एकादशियों का पुण्य प्रदान करने वाला महान व्रत

निर्जला एकादशी भगवान विष्णु की आराधना और आत्मसंयम का है प्रतीक : संजय सर्राफ एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनायी जाने वाली निर्जला एकादशी, जिसे भीमसेनी एकादशी अथवा पांडव एकादशी भी कहा जाता है, इस वर्ष निर्जला एकादशी व्रत 25 जून दिन गुरुवार को मनाई जाएगी। यह एकादशी भगवान विष्णु की आराधना और आत्मसंयम का प्रतीक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत करने से वर्षभर की चौबीस एकादशियों के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत काल में पांडवों में सबसे बलशाली भीमसेन अत्यधिक भूख के कारण प्रत्येक एकादशी का व्रत नहीं रख पाते थे। तब महर्षि वेदव्यास ने उन्हें ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को बिना अन्न और जल ग्रहण किए व्रत रखने की सलाह दी। भीमसेन ने इस व्रत का पालन किया, जिसके कारण यह व्रत भीमसेनी एकादशी के नाम से प्रसिद्ध हुआ। निर्जला एकादशी का मुख्य उद्देश्य आत्मसंयम, इंद्रिय-निग्रह तथा भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा और भक्ति को सुदृढ़ करना है। इस दिन प्रात: स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है तथा फल, पुष्प, तुलसीदल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। श्रद्धालु दिनभर निराहार एवं निर्जल रहकर भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करते हैं और अगले दिन द्वादशी तिथि में पारण करते हैं।इस व्रत की विशेषता यह है कि इसे अत्यंत कठिन और श्रेष्ठ व्रतों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसके प्रभाव से पापों का नाश होता है, जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है तथा मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन जल से भरे घड़े, पंखे, वस्त्र, फल, शरबत तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। भीषण गर्मी के समय प्यासे एवं जरूरतमंद लोगों को जल उपलब्ध कराना पुण्यदायी माना गया है। निर्जला एकादशी केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संयम, सेवा, दान और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने वाला महापर्व है। यह व्रत मनुष्य को भक्ति, सदाचार और परोपकार की भावना से जोड़कर जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।

श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में 271वां अन्नपूर्णा महाप्रसाद का हुआ आयोजन
Published / 2026-06-22 22:36:48
श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में 271वां अन्नपूर्णा महाप्रसाद का हुआ आयोजन

श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में 271वां अन्नपूर्णा महाप्रसाद का हुआ आयोजनटीम एबीएन, रांची। रांची के पुंदाग स्थित एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम श्रीराधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में डॉ संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज जी के सानिध्य में 271 वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का श्रद्धापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।इस अवसर पर मंदिर में श्री राधा रानी जी का दिव्य एवं अलौकिक श्रृंगार आकर्षक आभूषणों एवं मनोहारी पुष्पों से किया गया। दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडेय द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं मंत्रोच्चार के साथ महाप्रसाद का भोग लगाया गया। इसके पश्चात महाप्रसाद में मसालेदार वेजिटेबल खिचड़ी, बोतल बंद जलजीरा शर्बत एवं आलू चिप्स का पैकेट का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया गया। मंदिर परिसर में उपस्थित लगभग 1500 से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया। भक्ति रस से ओत-प्रोत भजन संध्या कार्यक्रम में ट्रस्ट के भजन गायक मनीष सोनी द्वारा सुमधुर एवं मनमोहक भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे तथा पूरा मंदिर परिसर राधे-कृष्ण एवं श्याम के जयकारों से कृष्णमय एवं भक्तिमय हो गया।तत्पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती का आयोजन किया गया, ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा तथा लगभग 4 हजार से अधिक भक्तों ने भगवान के दर्शन किए। उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक वेजिटेबल खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया जाता है।कार्यक्रम को सफल बनाने में डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज चौधरी, सज्जन पाड़िया,शिव भगवान अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, मधुसूदन जाजोदिया, सुरेश अग्रवाल, विशाल जालान, नंदकिशोर चौधरी, संजय सर्राफ, सुनील पोद्दार, अरविंद अग्रवाल, मनीष सोनी, विष्णु सोनी, पवन पोद्दार, सुरेश भगत, ज्ञान प्रकाश शर्मा, सहित अनेक श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

महेश नवमी 23 जून को
Published / 2026-06-22 12:23:23
महेश नवमी 23 जून को

महेश नवमी 23 जून कोयह केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं,बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा, संस्कार और एकता का है प्रतीक : संजय सर्राफएबीएन सोशल डेस्क। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि महेश नवमी महेश्वरी समाज का प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्व है, जो प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष महेश नवमी 23 जून को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान महेश अर्थात भगवान शिव तथा माता पार्वती की आराधना को समर्पित है।मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव की कृपा से महेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए यह दिवस समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्राचीन काल में क्षत्रिय वंश के 72 उमरावों ने हिंसा और युद्ध का मार्ग त्यागकर भगवान शिव की आराधना की थी। भगवान महेश ने उन्हें अहिंसा, धर्म, व्यापार एवं लोककल्याण का मार्ग अपनाने का आशीर्वाद दिया। तभी से उनके वंशज महेश्वरी कहलाएं और महेश नवमी उनके स्थापना दिवस के रूप में मनाई जाने लगी। महेश नवमी केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा, संस्कार और एकता का प्रतीक भी है। इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती का विशेष पूजन-अर्चन, अभिषेक, भजन-कीर्तन, शोभायात्रा तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। अनेक स्थानों पर रक्तदान शिविर, चिकित्सा शिविर, वृक्षारोपण, जरूरतमंदों के बीच भोजन एवं वस्त्र वितरण तथा विभिन्न सेवा कार्य भी संपन्न किए जाते हैं।इस पर्व का मुख्य उद्देश्य समाज में प्रेम, भाईचारा, नैतिक मूल्यों, सेवा भावना और मानव कल्याण की भावना को प्रोत्साहित करना है। महेश नवमी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का संदेश देती है। यह पर्व भगवान शिव के बताए सत्य, संयम, करुणा और लोकमंगल के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा प्रदान करता है। वर्तमान समय में महेश नवमी का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह समाज को एकजुट करने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने तथा सेवा और सद्भाव के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि महेश नवमी महेश्वरी समाज के साथ-साथ समस्त समाज के लिए श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी पर्व माना जाता है।

सत्र 2026-28 के निर्वाचन को लेकर श्री श्याम मंडल ने की आम सभा
Published / 2026-06-21 17:41:44
सत्र 2026-28 के निर्वाचन को लेकर श्री श्याम मंडल ने की आम सभा

टीम एबीएन, रांची। रांची महानगर की प्राचीनतम धार्मिक संस्था श्री श्याम मंडल की आम सभा सत्र 2026- 2028 के निर्वाचन हेतु अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर के सभागार में दिनांक 21 जून 2026 को संपन्न हुई।  सभा में बड़ी संख्या में मंडल के सदस्य उपस्थित थे। सर्वप्रथम सामूहिक श्री श्याम वंदना की गयी। चंद्र प्रकाश बागला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि श्री श्याम प्रभु की असीम कृपा से विगत 59 वर्षों से श्री श्याम प्रभु की वंदना करते हुए श्री श्याम मंडल धर्म प्रचार व नर - नारायण सेवा को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की आकांक्षा है। मंत्री धीरज बंका ने मंडल के कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए वार्षिक प्रतिवेदन सभा के समक्ष प्रस्तुत किया। कोषाध्यक्ष श्री राजेश सारस्वत ने वार्षिक आय-व्यय का ब्योरा सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जिसे सर्व सम्मति से पारित किया गया।निर्वाचन अधिकारी विजय शंकर साबू द्वारा नये पदाधिकारी व कार्यकारणी की निर्वाचन प्रक्रिया प्रारम्भ की गयी। नये सत्र 2026- 2028 के लिए चन्द्र प्रकाश बागला अध्यक्ष- धीरज बंका मंत्री एवं अंकेक्ष ज्योति पोद्दार, विजय साबू के धन्यवाद ज्ञापन के बाद सभा की कार्यवाही समाप्त की गयी।  आज की सभा को सफल बनाने गोपी किशन ढांढणनीया, मनोज सिंघानिया, अशोक लाठ, प्रमोद बगड़िया, विक्रम परसरामपुरिया, प्रदीप अग्रवाल, महेश सारस्वत, रतन मोर, प्रियांश पोद्दार, विकास पाड़िया, अशोक धानुका का योगदान रहा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।

योग से स्वस्थ जीवन का संदेश
Published / 2026-06-21 17:39:36
योग से स्वस्थ जीवन का संदेश

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में विशेष योग शिविर आयोजित टीम एबीएन, रांची। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर परम पूज्य डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज जी के पावन सान्निध्य में एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में निवास कर रहे 50 से अधिक निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद प्रभुजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग प्रशिक्षक अरविंद पांडेय ने सभी को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया तथा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। योग सत्र के उपरांत सभी आश्रमवासियों को जूस एवं पौष्टिक आहार वितरित किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी तथा ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम का माध्यम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवन में योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित तथा आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने का सशक्त माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता एवं अनेक बीमारियों से बचाव संभव है तथा व्यक्ति स्वस्थ, प्रसन्न और ऊजार्वान बना रहता है। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में निवासरत निराश्रितों एवं जरूरतमंद प्रभुजनों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिदिन प्रात:काल नियमित रूप से योग एवं प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा के साथ-साथ स्वस्थ एवं संस्कारित जीवन का निर्माण भी ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस विशेष आयोजन ने समाज को यह संदेश दिया कि योग स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन का आधार है तथा इसके नियमित अभ्यास से व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र भी सशक्त एवं समृद्ध बन सकता है। उक्त जानकारी श्री कृष्णा प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

दो वर्षों मे 1 लाख 40 हजार से भी अधिक आश्रम में निराश्रितों को कराया गया भोजन
Published / 2026-06-18 21:59:08
दो वर्षों मे 1 लाख 40 हजार से भी अधिक आश्रम में निराश्रितों को कराया गया भोजन

जरूरतमंदों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची अराधना : संजय सर्राफ  टीम एबीएन, रांची। परमहंस डा० संत शिरोमणी श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के सानिध्य मे एम.आर.एस.श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट रांची के द्वारा संचालित विगत 2 वर्षों से चल रहे पीड़ित मानव सेवा के पावन तीर्थ स्थल श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम पुंदाग के प्रांगण में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) रांची में आश्रम में रह रहे 48 मंदबुद्धि दिव्यांग निराश्रित प्रभु जी एवं आश्रम में रहकर उनकी सेवा करने वाले सेवादार साथियों के बीच विभिन्न व्यंजनों के साथ अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसादी का विधिवत आश्रम के किचन में स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन बनवाकर भोजन खिलाया जा रहा है। सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि 1 जून से 18 जून तक 18 दिनों मे 3990 निराश्रित प्रभुजी एवं उनकी देखभाल करने वाले सेवादार साथियों के बीच अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसाद का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि विगत 2 वर्षों में 1 लाख 40 हजार से भी अधिक आश्रम में निराश्रितों को भोजन कराया गया। इस सेवा में कई लोगों ने सहयोग देते हुए स्वयं भोजन सेवा का दायित्व निभाया, इसके अलावे कई लोगों द्वारा आश्रम में रह रहे  निराश्रितो, मंदबुद्धि, दीनबंधुओं के लिए खाद्य सामग्री एवं जरूरत के समान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों को समाज के हर वर्ग का सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव प्रभु सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। जरूरतमंदों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची अराधना है। अन्नपूर्णा सेवा के पुनीत कार्य में ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज कुमार चौधरी, निर्मल छावनिका, सज्जन पाड़िया, पुजारी अरविंद पांडे, पुरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल,सुरेश अग्रवाल, नन्द किशोर चौधरी, संजय सर्राफ, विशाल जालान, सुनील पोद्दार,मधुसूदन जाजोदिया, विष्णु सोनी, सुरेश चौधरी, अरविंद अग्रवाल, सुरेश भगत,पवन पोद्दार सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

आरएसएस कार्यालय पर हमला के दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई : मिथिलेश्वर मिश्र
Published / 2026-06-17 21:45:30
आरएसएस कार्यालय पर हमला के दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई : मिथिलेश्वर मिश्र

टीम एबीएन, रांची। निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यालय में विगत रात्रि पेट्रोल बम से किये गये हमले की विश्व हिंदू परिषद कड़ी निंदा करती है तथा सरकार एवं प्रशासन से हमलावरों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करती है। विश्व हिंदू परिषद के झारखंड प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने कहा विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन जो राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा हुआ है उस पर इस प्रकार का हमला अत्यंत चिंता जनक है। यह छोटी घटना नहीं है इस घटना के पीछे राष्ट्रविरोधी शक्तियों का हाथ हो सकता है जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।प्रांत कार्यालय में प्रशासन द्वारा स्थायी सुरक्षा व्यवस्था रहनी चाहिए जिससे इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।

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