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विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सीए डॉ सुनील शर्मा का रांची आगमन, भव्य स्वागत और अभिनंदन
Published / 2026-07-04 21:56:16
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सीए डॉ सुनील शर्मा का रांची आगमन, भव्य स्वागत और अभिनंदन

विप्र फाउंडेशन झारखंड जॉन 6 की नवगठित कार्यकारणी के पदभार ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे सीए डॉ सुनील शर्मा टीम एबीएन, रांची। विप्र फाउंडेशन जॉन- 6 के प्रदेश की नवगठित कार्यकारिणी का पदभार ग्रहण समारोह एवं स्वागत तथा अभिनंदन का कार्यक्रम 5 जुलाई 2026 रविवार को दिन में 11 बजे हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन के द्वितीय तल के सभागार में आयोजित किया गया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सीए डॉ सुनील शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में बम्बई से हमारे बीच पधार रहे हैं। उनकी उपस्थिति में विप्र फाउंडेशन जॉन- 6 के प्रदेश की नवगठित कार्यकारिणी का पदभार ग्रहण समारोह एवं स्वागत तथा अभिनंदन का कार्यक्रम रखा गया है। इस उपलक्ष पर झारखंड, ओड़िसा, बंगाल, सहित झारखंड के कई जिलों से बिप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों व सदस्यों का आगमन होगा। बिप्र फाउंडेशन जॉन - 6 के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा ने झारखंड के सभी जिलों के बिप्र बंधुओ से आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया है। वही स्वागत और अभिनंदन समारोह समिति से जुड़े प्रमोद सारस्वत ने रांची के सभी बिप्र बंधुओ से कल दिन में 11 बजे मारवाड़ी भवन के द्वितीय स्थल सभागार में नवगठित कार्यकारिणी के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल होने का आग्रह किया है। उक्त जानकारी विप्रो फाउंडेशन के आयोजन समिति के प्रमोद सारस्वत ( 7482986219) ने दी।

26 को होगी मारवाड़ी ब्राह्मण सभा की पहली वार्षिक आमसभा
Published / 2026-07-04 21:04:17
26 को होगी मारवाड़ी ब्राह्मण सभा की पहली वार्षिक आमसभा

टीम एबीएन, रांची। मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सत्र 2025-27 की प्रथम वार्षिक आमसभा 26 जुलाई 2026 दिन रविवार को मारवाड़ी ब्राह्मण भवन में अपराहन 3 बजे से होगी। सभा के गत कार्यकारिणी बैठक में यह निर्णय लिया गया। सभा अध्यक्ष अशोक कुमार पुरोहित ने सभा के सभी संरक्षक एवं आजीवन सदस्यों से उक्त बैठक में सम्मलित होने का अह्वाहन किया है। सभा के मंत्री कृष्णा लाल शर्मा ने बताया कि उक्त वार्षिक आम सभा सभा में गत वर्ष में सभा के कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया जायेगा एवं सभा के कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर गोवला आय - व्यय का वार्षिक ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे। कार्यकारिणी बैठक में महेंद्र कुमार शर्मा (उपमंत्री), श्याम सुंदर गोवला (कोषाध्यक्ष) अमित सारस्वत (आंतरिक अंकेक्षक), ओम प्रकाश माटोलिया, कृष्णा शर्मा, सुनील कुमार शर्मा, अनिल शर्मा, धर्मचंद शर्मा, नथमल शर्मा, कमल शर्मा, मनीष कुमार शर्मा एवं चेतन शर्मा कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे। उक्त जानकारी मंत्री कृष्णा लाल शर्मा ने दी।

दुबई में फंसा गिरिडीह का मजदूर, वतन वापसी की गुहार
Published / 2026-07-04 20:59:43
दुबई में फंसा गिरिडीह का मजदूर, वतन वापसी की गुहार

दुबई में फंसा प्रवासी मजदूर, पासपोर्ट खोने के बाद नौकरी भी गयी, परिवार ने लगायी वतन वापसी की गुहार एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड के प्रवासी मजदूरों के विदेशों में फंसने और मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला गांव निवासी प्रवासी मजदूर लालचंद महतो के दुबई में फंसने का मामला सामने आया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे लालचंद अब भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन जरूरी दस्तावेजों के अभाव में उनकी वतन वापसी संभव नहीं हो पा रही है। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगायी है। पासपोर्ट खोने के बाद बढ़ीं मुश्किलें, नौकरी भी चली गयी लालचंद महतो की पत्नी ने भावुक अपील करते हुए बताया कि उनके पति रोजगार की तलाश में दुबई गये थे, जहां वे बढ़ई का काम कर रहे थे। काम के दौरान उनका पासपोर्ट गुम हो गया। इसके बाद उन्हें प्रशासनिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पासपोर्ट नहीं होने की वजह से कंपनी ने उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया। फिलहाल उनकी हालत बेहद खराब है और उनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। परिवार पहले से आर्थिक संकट में परिवार ने बताया कि वे पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। लालचंद के पिता दशरथ महतो वर्ष 2013 से मुंबई से लापता हैं, जिसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती गयी। ऐसे में अब लालचंद की सुरक्षित घर वापसी ही पूरे परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद बन गयी है। सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग प्रवासी श्रमिकों के हित में काम करने वाले सिकंदर अली ने केंद्र सरकार और झारखंड सरकार से लालचंद महतो की सुरक्षित वतन वापसी के लिए तत्काल पहल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी झारखंड के कई मजदूर बेहतर कमाई की उम्मीद में विदेश गये, लेकिन वहां फंस गये और कई की मौत भी हो चुकी है। सऊदी और दुबई में अब भी फंसे हैं कई मजदूर सिकंदर अली ने बताया कि वर्तमान में गिरिडीह के द्वारका महतो और बोकारो के सत्येंद्र महतो का शव सऊदी अरब में पड़ा है। वहीं गिरिडीह के बगोदर निवासी महेंद्र महतो सऊदी अरब में फंसे हुए हैं और डुमरी के हुलास महतो दुबई की जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए सरकार को राज्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि मजदूरों को मजबूरी में विदेश पलायन न करना पड़े और उन्हें अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिल सके।

स्वामी विवेकानंद युवाओं को आत्मविश्वासी, कर्मठ और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने की देते थे प्रेरणा : संजय सर्राफ
Published / 2026-07-04 15:55:12
स्वामी विवेकानंद युवाओं को आत्मविश्वासी, कर्मठ और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने की देते थे प्रेरणा : संजय सर्राफ

स्वामी विवेकानंद युवाओं को आत्मविश्वासी, कर्मठ और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने की देते थे प्रेरणा : संजय सर्राफएबीएन सोशल डेस्क। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत के महान आध्यात्मिक चिंतक, युवा प्रेरणास्रोत एवं विश्वविख्यात संन्यासी स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि प्रत्येक वर्ष 4 जुलाई को श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई जाती है। इसी दिन वर्ष 1902 में मात्र 39 वर्ष की आयु में उन्होंने बेलूर मठ में महासमाधि ग्रहण की थी।उनकी पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके विचारों, आदर्शों और राष्ट्रनिर्माण के संदेश को आत्मसात करने का भी प्रेरक दिवस है। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में नरेंद्रनाथ दत्त के रूप में हुआ था। वे रामकृष्ण परमहंस के परम शिष्य थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति, वेदांत और सनातन दर्शन को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई। वर्ष 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक संबोधन अमेरिका की बहनों और भाइयों ने पूरी दुनिया को भारतीय आध्यात्मिकता की शक्ति से परिचित कराया। स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि का उद्देश्य उनके जीवन मूल्यों, राष्ट्रप्रेम, आत्मविश्वास, सेवा, शिक्षा और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। उनका मानना था कि शिक्षा केवल जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर निहित शक्ति और चरित्र का विकास करने का साधन है। वे युवाओं को आत्मविश्वासी, कर्मठ और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने की प्रेरणा देते थे। उनका प्रसिद्ध संदेश- उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको आज भी करोड़ों युवाओं के लिए सफलता का मंत्र बना हुआ है।इस अवसर पर देशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में संगोष्ठियों, विचार गोष्ठियों, व्याख्यानों, योग शिविरों, सेवा कार्यों तथा उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए जाते हैं। अनेक स्थानों पर उनके साहित्य का अध्ययन, युवाओं के लिए प्रेरक कार्यक्रम तथा समाजसेवा से जुड़े आयोजन भी किए जाते हैं। स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। उनकी शिक्षाएँ आज भी भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और नैतिक मूल्यों से युक्त राष्ट्र बनाने की प्रेरणा देती हैं। उनकी पुण्यतिथि हमें यह संकल्प लेने का अवसर प्रदान करती है कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस सहयोग की शक्ति से समृद्धि और आत्मनिर्भरता का मार्ग : संजय सर्राफ
Published / 2026-07-03 21:31:40
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस सहयोग की शक्ति से समृद्धि और आत्मनिर्भरता का मार्ग : संजय सर्राफ

एबीएन सोशल डेस्क। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस प्रत्येक वर्ष जुलाई के प्रथम शनिवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस 4 जुलाई को मनाया जायेगा। इस दिवस का उद्देश्य विश्वभर में सहकारिता आंदोलन के महत्व को रेखांकित करना, सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करना तथा सामाजिक, आर्थिक और सतत विकास में सहकारी संस्थाओं की भूमिका के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। इस दिवस का आयोजन संयुक्त राष्ट्र तथा अंतरराष्ट्रीय कोआॅपरेटिव एलायंस के सहयोग से किया जाता है। सहकारिता का अर्थ है- समान उद्देश्य रखने वाले लोगों का स्वेच्छा से एकजुट होकर पारस्परिक सहयोग, लोकतांत्रिक व्यवस्था और समान भागीदारी के आधार पर अपने आर्थिक एवं सामाजिक हितों की पूर्ति करना। इसका मूल मंत्र है-सबके लिए एक और एक के लिए सब। यही भावना सहकारिता को केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक विकास का सशक्त माध्यम बनाती है। विश्व के अनेक देशों की तरह भारत में भी सहकारिता आंदोलन ने कृषि, दुग्ध उत्पादन, बैंकिंग, उपभोक्ता सेवाओं, आवास, लघु उद्योग, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। सहकारी संस्थाएं किसानों को ऋण, उन्नत बीज, उर्वरक, भंडारण एवं विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाती हैं। साथ ही छोटे उद्यमियों और कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान करती हैं। इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य सहकारिता के सिद्धांतों स्वैच्छिक सदस्यता, लोकतांत्रिक नियंत्रण, समानता, पारदर्शिता,सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक विकास-को बढ़ावा देना है। सहकारी संस्थाएँ लाभ कमाने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता देती हैं। यही कारण है कि वे रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह प्रतिस्पर्धा के स्थान पर सहयोग, विश्वास और साझेदारी की भावना को मजबूत करता है। सहकारी संस्थाओं में प्रत्येक सदस्य को समान अधिकार प्राप्त होता है और सभी निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया से लिए जाते हैं। यही व्यवस्था उन्हें पारदर्शी, उत्तरदायी और जनहितैषी बनाती है। आज जब विश्व आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब सहकारिता आंदोलन सतत एवं समावेशी विकास का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। यह दिवस हमें यह संदेश देता है कि सामूहिक प्रयास,पारस्परिक विश्वास और सहयोग की भावना से ही आत्मनिर्भर, समृद्ध और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण संभव है। सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आर्थिक सशक्तीकरण और मानव कल्याण की ऐसी विचारधारा है, जो वर्तमान और भविष्य-दोनों के लिए समान रूप से प्रासंगिक है।

रांची : चार और पांच सितंबर को मेन रोड में होगी दही हांडी प्रतियोगिता
Published / 2026-07-03 19:28:32
रांची : चार और पांच सितंबर को मेन रोड में होगी दही हांडी प्रतियोगिता

दही हांडी प्रतियोगिता का होगा भव्य और विशाल आयोजनदो दिनों तक श्रीकृष्णमय होगी रांची : संजय सेठश्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति, रांची के सानिध्य में श्री कृष्ण जन्माष्टमी दो दिवसीय महोत्सव 4 व 5 सितंबर को16 वर्षों से राजधानी के मुख्यमार्ग पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव का आनंद उठा रहे राजधानी वासी टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति,रांची के सानिध्य में अलबर्ट एक्का चौक, मेन रोड में 4 व 5 सितंबर को श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जायेगा। वर्तमान में श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति, रांची के संरक्षक- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, सीपी सिंह व अजय मारू है। समिति के अध्यक्ष मुकेश काबरा ने कहा कि 4 व 5 सितंबर को श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति, रांची की ओर से अलबर्ट एक्का चौक, मेन रोड में श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जायेगा। समिति के द्वारा 16 वर्षों से  यह महोत्सव हम मनाते आ रहे हैं। प्रथम दिवस पर झांकी ओर बाल झांकी प्रतियोगिता वही द्वितीय दिवस 5 सितंबर को संध्या 7 बजे  से दही-हांडी फोड़ प्रतियोगिता सह भजन संध्या सहित नृत्य नाटिका का भव्य व विशाल आयोजन रखा गया है।समिति के संरक्षक सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारी धरोहर है हर तरह के त्योहारों पर हम हमारी संस्कृति के तहत कार्यक्रम आयोजित करते हैं एवं आयोजन का उत्सव मनाते हैं। पूर्वी भारत की झलकियों के साथ ही दही हांडी प्रतियोगिता इस बार पुन: रांची में आकर्षण का केंद्र बनेगी। संरक्षक सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, सीपी सिंह, अजय मारू व अध्यक्ष मुकेश काबरा ने कहा कि बैठक कर समिति के वृहत कार्यक्रम की जानकारी उपलब्ध करायी जायेगी। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्य लगे हुए हैं जो नियमित कार्यक्रम को सजाने में अपना समय दे रहे हैं। संरक्षक संजय सेठ, सीपी सिंह व अजय मारू सहित अध्यक्ष मुकेश काबरा ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में नीरज कुमार, रविंद्र मोदी, ऐश्वर्य सेठ, रमेंद्र कुमार, कुणाल आजमानी, राज वर्मा, संजय जयसवाल, कमलजीत सिंह शंटी, सतीश सिन्हा, पूनम आनंद, संतोष सेठ, रामाशंकर बगड़िया, नीरज चौधरी, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार, राजीव वर्मा, ललन श्रीवास्तव, विपिन वर्मा, राजीव सहाय, आनंद श्रीवास्तव, रवि सिंह, अमित चौधरी, मनीष लोधा सहित काफी संख्या में सदस्य लगे हुए हैं। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।

सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में निराश्रितों को कराया गया भोजन
Published / 2026-07-02 20:37:51
सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में निराश्रितों को कराया गया भोजन

मानव प्रभु सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं : संजय सर्राफ  एबीएन सोशल डेस्क। परमहंस डा० संत शिरोमणी श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के सान्निध्य में एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट रांची के द्वारा संचालित विगत 2 वर्षों से चल रहे पीड़ित मानव सेवा के पावन तीर्थ स्थल श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम पुंदाग के प्रांगण में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) रांची में आश्रम में रह रहे 48 मंदबुद्धि दिव्यांग निराश्रित प्रभु जी एवं आश्रम में रहकर उनकी सेवा मे समर्पित सेवादारों को प्रतिदिन तीनों समय विभिन्न व्यंजनों के साथ अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसादी का विधिवत आश्रम के किचन में स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन बनवाकर भोजन खिलाया जा रहा है। सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि 19 जून से 2 जुलाई तक  14 दिनों मे 3080 निराश्रित प्रभुजी एवं उनकी देखभाल करने वाले सेवादारों को भोजन कराया गया। उन्होंने बताया कि आश्रम के रसोई घर में पूरी स्वच्छता एवं सात्विकता के साथ विभिन्न प्रकार के पौष्टिक व्यंजन तैयार किये जाते हैं। तथा प्रत्येक निराश्रित प्रभुजन को सम्मान पूर्वक, स्नेह और आत्मीयता के साथ भोजन कराया जाता है।इस सेवा में कई लोगों ने सहयोग देते हुए स्वयं भोजन सेवा का दायित्व निभाया, इसके अलावे कई लोगों द्वारा आश्रम में रह रहे निराश्रितों, मंदबुद्धि, दीनबंधुओं के लिए खाद्य सामग्री एवं जरूरत के समान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों को समाज के हर वर्ग का सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव प्रभु सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। जरूरतमंदों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची अराधना है। अन्नपूर्णा सेवा के पुनीत कार्य में ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज कुमार चौधरी, निर्मल छावनिका, सज्जन पाड़िया, पुजारी अरविंद पांडे, पुरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, नंद किशोर चौधरी, संजय सर्राफ, विशाल जालान, सुनील पोद्दार, मधुसूदन जाजोदिया, विष्णु सोनी, सुरेश चौधरी, अरविंद अग्रवाल, सुरेश भगत, पवन पोद्दार सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस राष्ट्र की आर्थिक पारदर्शिता और वित्तीय सशक्तिकरण का उत्सव : संजय सर्राफ
Published / 2026-07-01 21:10:34
चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस राष्ट्र की आर्थिक पारदर्शिता और वित्तीय सशक्तिकरण का उत्सव : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को पूरे भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस (सीए डे) बड़े सम्मान और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) के अमूल्य योगदान को समर्पित है। इसी दिन वर्ष 1949 में आईसीएआई की स्थापना संसद द्वारा पारित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अधिनियम, 1949 के अंतर्गत की गयी थी। यही कारण है कि 1 जुलाई को प्रतिवर्ष सीए डे के रूप में मनाया जाता है। आईसीएआई विश्व के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े पेशेवर लेखा संस्थानों में से एक है। यह संस्था देश में चार्टर्ड अकाउंटेंसी शिक्षा, प्रशिक्षण, परीक्षा, व्यावसायिक आचार-संहिता तथा लेखांकन एवं आॅडिटिंग के उच्च मानकों का निर्धारण करती है। वर्तमान समय में लाखों चार्टर्ड अकाउंटेंट देश और विदेश में वित्तीय प्रबंधन, कराधान, आॅडिट, बैंकिंग, उद्योग, कॉरपोरेट प्रशासन और सरकारी संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य सीए पेशे के महत्व को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पेशेवरों का सम्मान करना है। यह दिवस युवाओं को भी इस प्रतिष्ठित पेशे से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करता है। आज के डिजिटल और वैश्विक आर्थिक परिवेश में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका केवल लेखा-जोखा तक सीमित नहीं रह गयी है। वे वित्तीय सलाहकार, कर विशेषज्ञ, जोखिम प्रबंधन विशेषज्ञ, कॉरपोरेट गवर्नेंस के संरक्षक तथा उद्यमियों के विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर रहे हैं। स्टार्टअप से लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक, प्रत्येक संस्था की सफलता में सीए का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी आयकर, वित्तीय नियोजन, निवेश परामर्श और डिजिटल लेखांकन जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर देशभर में आईसीएआई की विभिन्न शाखाओं द्वारा संगोष्ठियां, सेमिनार, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, सामाजिक सेवा कार्यक्रम, सम्मान समारोह तथा जागरूकता अभियान आयोजित किये जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से समाज के प्रति उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित की भावना को भी प्रोत्साहित किया जाता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस केवल एक पेशेवर उत्सव नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और आर्थिक सुशासन के मूल्यों का सम्मान करने का अवसर है। यह दिवस हमें स्मरण कराता है कि एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका ज्ञान, नैतिकता तथा समर्पण देश की आर्थिक प्रगति का सुदृढ़ आधार है।

दादी तेरे दरबार में खुशियों की बहार है...
Published / 2026-06-30 18:39:15
दादी तेरे दरबार में खुशियों की बहार है...

भक्ति, भजन और उल्लास से गूंजा श्री धोली सती दादी महोत्सव एबीएन सोशल डेस्क। श्री धोली सती दादी महिला समिति के तत्वावधान में पिस्का मोड़ काजू बागान स्थित वेस्टइंड रेजिडेंसी में गिरधारी लाल सर्राफ के आवास पर श्री धोली सती दादी जी का पावन उत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला। दादी के जयकारों, मंगल पाठ एवं भक्ति रस से ओत-प्रोत भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री धोली सती दादी जी के अलौकिक श्रृंगार एवं विधिवत पूजन-अर्चन से हुआ। इसके पश्चात मंगल पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक मनीष सोनी एवं मिनी कुमारी ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।भक्ति संध्या के दौरान दादी के सुप्रसिद्ध भजन दादी तेरे दरबार में खुशियों की बहार है, आओ दादी रानी, मेरे घर आओ, जय जय धोली दादी, जय जय सती दादी तथा मेरी दादी का दरबार बड़ा निराला है की मनमोहक प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे। पूरा वातावरण दादी के जयघोष और संकीर्तन से गुंजायमान हो गया। भजन संध्या के उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती में भाग लेकर श्री धोली सती दादी से परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। मौके पर गिरधारी लाल सर्राफ एवं शशि सर्राफ की 40 वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं समिति की महिलाओं ने दोनों को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं तथा उनके सुखमय, स्वस्थ एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।पूरे आयोजन में भक्ति, सेवा, संस्कार और सामाजिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव, पारिवारिक एकता और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को भी सुदृढ़ करते हैं। अंत में दादी के जयघोष एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। मौके पर बड़ी संख्या में समिति के सदस्यगण एवं परिवार के लोग उपस्थित थे। यह जानकारी श्री धोली सती दादी प्रचार समिति के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

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