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लोअर चुटिया में आयरन टेंपल जिम का उद्घाटन
Published / 2026-05-03 21:47:58
लोअर चुटिया में आयरन टेंपल जिम का उद्घाटन

शारीरिक और मानसिक फिटनेस के लिए जिम जरूरी: सुदेश महतो  टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने आज लोअर चुटिया सामलौंग स्थित लोटा फैक्ट्री के सामने आयरन टेंपल जिम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो एवं रांची नगर निगम वाटर बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सुरेश साहु भी उपस्थित थे। इस अवसर पर सुदेश महतो ने कहा कि आज के समय में शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस का होना जरूरी है और इसके लिए जिम बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा कि जिम जैसे संस्थान युवाओं को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। श्री महतो ने जिम के संचालक अमृत कुमार की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होती है। इस अवसर पर सुदेश महतो, लम्बोदर महतो और सुरेश साहु ने जिम में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों का निरीक्षण एवं ट्रायल भी किया। जिम के संचालक एवं हेड कोच अमृत कुमार ने बताया कि उन्हें फिटनेस के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे मुंबई के आई एफ एस आई इंस्टीट्यूट में प्रमाणित ट्रेनर हैं। उन्होंने कहा कि इस जिम का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, फिटनेस और अनुशासन की ओर प्रेरित करना है। इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार सिंह, लक्ष्मीनारायण प्रसाद, ऋषिकेश महतो, प्रभुदयाल बड़ाईक, छात्रधारी महतो, अधिवक्ता मृत्युंजय प्रसाद, कृष्णा शर्मा, नितेश शर्मा, रंजन पंडित, राजू शर्मा,मौलेश्वर पंडित, अनिल कुमार, अभिषेक कुमार, सुनीता देवी, कौशल्या देवी, अनिमा कुमारी, राजेश कुमार, मनोज कुमार, एम आर महतो, राजीव रंजन, नीरज कुमार, धूमा पुरान समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग युवा एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे। 

झारखंड : अब मोबाइल पर मिल जायेगी जांच रिपोर्ट
Published / 2026-04-30 19:25:26
झारखंड : अब मोबाइल पर मिल जायेगी जांच रिपोर्ट

झारखंड : अब मोबाइल पर मिल जायेगी जांच रिपोर्टझारखंड में लैब सेवाएं होंगी हाईटेक: अब मोबाइल पर मिलेगी जांच रिपोर्टमेरील कंपनी ने प्रस्तुत किया लैब इनफॉरमेशन सिस्टम, एचएमआईएस से होगा इंटीग्रेशनटीम एबीएन, रांची। स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में मेरील कंपनी द्वारा लैब इनफॉरमेशन सिस्टम का प्रजेंटेशन दिया गया। यह सिस्टम राज्य के सभी स्तरों—मेडिकल कॉलेज से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक लागू किया जायेगा। प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, इस सिस्टम को विभाग के मौजूदा हॉस्पिटल मैनेजमेंट इनफॉरमेशन सिस्टम, जिसे सी-डैक द्वारा संचालित किया जा रहा है, के साथ इंटीग्रेट किया जायेगा। इसके माध्यम से मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर उपलब्ध करायी जा सकेगी, जिससे समय की बचत होगी और सेवाएं अधिक पारदर्शी बनेंगी। इस प्रणाली के लागू होने से विभाग को जांच संबंधी कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग करने में सुविधा मिलेगी। कितने मरीजों की जांच हुई, किस प्रकार की जांच की गयी और विभिन्न जांचों की संख्या जैसी जानकारियां रियल टाइम में उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही लैब में उपलब्ध रिएजेंट्स की अद्यतन स्थिति भी आसानी से देखी जा सकेगी, जिससे समय पर खरीद की प्रक्रिया सरल होगी और वेस्टेज पर नियंत्रण लगेगा। बैठक में बताया गया कि यह सॉफ्टवेयर मेरील कंपनी द्वारा विभाग को निशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। इसे न केवल एचएमआईएस बल्कि ई-सुश्रुत प्रणाली से भी जोड़ा जायेगा। उल्लेखनीय है कि मेरील द्वारा पहले से ही सीएचसी और पीएचसी स्तर पर आॅटो एनालाइजर और सेमी-आॅटो एनालाइजर की आपूर्ति की जा चुकी है, जिन्हें भी इस सिस्टम से जोड़ा जायेगा। साथ ही, अन्य कंपनियों की मशीनों को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा सकेगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव के साथ अपर सचिव विद्यानंद शर्मा, पंकज, डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं मेरील कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

अब एआई करेगा दिल की जांच
Published / 2026-04-25 19:53:35
अब एआई करेगा दिल की जांच

AI से होगी दिल की जांच, समय से पहले चलेगा हार्टअटैक के खतरे का पता; IIT धनबाद के प्रोफेसर ने बनाई ऐसी तकनीकएबीएन हेल्थ डेस्क। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के वैज्ञानिकों ने इकोपल्स नामक एक ऐसी आधुनिक तकनीक विकसित की है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से दिल की जांच को बेहद आसान बना देगी।यह तकनीक कम खर्च में हृदय रोगों की सटीक पहचान कर देगी। आज के दौर में हृदय रोग एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं लेकिन झारखंड के आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के वैज्ञानिकों ने इस दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर एसीएस राव ने इकोपल्स नामक एक क्रांतिकारी तकनीक विकसित की है। यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) का ऐसा संगम है जो दिल की बीमारियों की जांच को न केवल तेज बनाएगा बल्कि उसे और भी अधिक सटीक और पारदर्शी बना देगा। ग्रामीण भारत के लिए संजीवनीभारत जैसे विशाल देश में जहां ग्रामीण इलाकों में विशेषज्ञों की भारी कमी है वहां यह तकनीक किसी वरदान से कम नहीं है। इकोपल्स की मदद से दूरदराज के क्षेत्रों में तैनात सामान्य डॉक्टर भी विशेषज्ञ स्तर की जांच कर सकेंगे। यह तकनीक जटिल मेडिकल डेटा को इतना सरल बना देती है कि कोई भी स्वास्थ्यकर्मी जीवनरक्षक निर्णय तुरंत ले सकता है।राष्ट्रीय समर्थन और भविष्य का विजनप्रोफेसर राव के इस नवाचार की महत्ता को देखते हुए अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) ने इस प्रोजेक्ट के लिए 47 लाख रुपये की फंडिंग मंजूर की है। प्रोफेसर राव का मुख्य उद्देश्य मेडिकल इमेजिंग को डॉक्टर-फ्रेंडली बनाना है ताकि इलाज की प्रक्रिया पारदर्शी हो सके।यह इनोवेशन न केवल भारत में हृदय रोगों के बोझ को कम करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिकित्सा जगत में भारत का मान बढ़ाएगा। आने वाले समय में यह तकनीक स्वास्थ्य सेवा को हर नागरिक के लिए सुलभ और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।क्या है इकोपल्स और यह कैसे काम करती है?आमतौर पर इकोकार्डियोग्राफी की रिपोर्ट्स को समझना और उनका विश्लेषण करना काफी जटिल होता है। इकोपल्स तकनीक इस डेटा का स्वचालित तरीके से विश्लेषण करती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका स्व-निरीक्षित लर्निंग मॉडल है।यह बिना किसी पूर्व डेटा के भी हृदय की पंपिंग क्षमता और छिपे हुए पैटर्न्स को तुरंत पकड़ लेती है। इसके जरिए डॉक्टर दिल की धड़कनों को वर्चुअल रियलिटी में 3D रूप में देख सकेंगे जिससे बीमारी की गहराई को समझना आसान हो जाएगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चैंबर हुआ एक्टिव
Published / 2026-04-19 19:54:38
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चैंबर हुआ एक्टिव

​स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चैंबर सक्रियESIC मुद्दों पर क्षेत्रीय निदेशक से वार्ताटीम एबीएन, रांची। अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा के नेतृत्व में फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने नव नियुक्त क्षेत्रीय निदेशक शिवेंद्र कुमार से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत नए डिस्पेंसरी खोलने, प्रमुख शहरों में एंबुलेंस सेवा प्रारंभ करने की राज्य सरकार की योजना, ईएसआईसी समिति के माध्यम से डॉक्टरों की नियुक्ति तथा नए शाखा कार्यालय खोलने जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया।बैठक के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि बोकारो में ईएसआईसी अस्पताल के निर्माण का मामला भूमि मूल्य निर्धारण को लेकर लंबे समय से राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के बीच लंबित है। यह सहमति बनाई गई कि इस विषय पर झारखण्ड चैंबर शीघ्र ही केंद्र सरकार को पत्र लिखकर समाधान हेतु पहल करेगा। चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम का अस्पताल बीमीतों को बेहतर चिकित्स्कीय सुविधाएँ उपलब्ध करा रहा है। यह प्रयास चैंबर द्वारा लगातार किए गए पत्राचार एवं केंद्र सरकार के साथ सकारात्मक संवाद का परिणाम है। उप समिति चेयरमैन प्रमोद सारस्वत ने ईएसआईसी अस्पताल में चिकित्सा सम्बंधित असुविधा होने पर लोगों से चैम्बर को सूचित करने की अपील की। यह भी कहा कि विभाग द्वारा प्रत्येक माह सुविधा समागम की आयोजित बैठक में भी समस्याओं का समाधान कराया जा सकता है।प्रतिनिधिमंडल में चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव रोहित अग्रवाल एवं श्रम एवं ईएसआईसी उप समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत शामिल थे। इस अवसर पर ईएसआईसी के सहायक निर्देशक अभिषेक कुमार भी उपस्थित थे। उक्त जानकारी महासचिव रोहित अग्रवाल ने दी।

झारखंड में कैंसर जांच और रेडिएशन की आधुनिक सुविधा होगी उपलब्ध
Published / 2026-04-19 15:57:33
झारखंड में कैंसर जांच और रेडिएशन की आधुनिक सुविधा होगी उपलब्ध

झारखंड में कैंसर जांच और रेडिएशन की आधुनिक सुविधा होगी उपलब्धसदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रेडिएशन सेंटर, एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए जगह अनिवार्यटीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने निर्देश जारी करते हुए राज्य के सभी सदर अस्पतालों और राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में कैंसर जांच एवं उपचार से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की पहल की है। इसके तहत रेडिएशन सेंटर, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी सुविधाओं के लिए समुचित स्थान एवं सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार संयुक्त सचिव ने झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि अस्पतालों के निर्माण या उन्नयन के लिए तैयार की जा रही विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन में रेडिएशन सेंटर के लिए स्थान का प्रावधान अनिवार्य रूप से किया जाए।निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि लीनियर एक्सीलेरेटर जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना के लिए तकनीकी मानकों के अनुरूप रेडिएशन बंकर का निर्माण किया जाना आवश्यक होगा। साथ ही एमआरआई और सीटी स्कैन इकाइयों के लिए भी पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में इन सेवाओं के विस्तार में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।विभाग ने जेएसबीसीसीएल को यह भी निर्देशित किया है कि वह अपने सभी परामर्शियों को मौजूदा एवं प्रस्तावित डीपीआर में आवश्यक संशोधन करने के लिए निर्देश जारी करे। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधाएं जिला स्तर तक उपलब्ध हों, जिससे मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। इस संबंध में जारी आदेश की प्रति सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, अस्पताल अधीक्षकों तथा जिलों के सिविल सर्जनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। यह पहल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

झारखंड में मेडिकल कॉलेजों के डिजाइन में बड़ा बदलाव
Published / 2026-04-17 20:56:00
झारखंड में मेडिकल कॉलेजों के डिजाइन में बड़ा बदलाव

हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी गठित अस्पतालों की कार्यक्षमता सुधारने के लिए आईसीयू, ओटी और इमरजेंसी की नई वैज्ञानिक प्लानिंग होगी लागू एबीएन हेल्थ डेस्क। झारखंड सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और  मरीजों के अनुकूल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने निमार्णाधीन और संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों की संरचना और योजना में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।  हालिया निरीक्षणों में यह सामने आया था कि कई अस्पतालों में आईसीयू, सीसीयू, एचडीयू, आपरेशन थिएटर, आईपीडी, रेडियोलाूजी सेंटर और डायग्नोस्टिक सेंटरों की स्थिति वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे मरीजों की आवाजाही और इलाज की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब अस्पतालों के डिजाइन की समीक्षा कर उन्हें पुनर्गठित करने का निर्णय लिया है। इस विशेषज्ञ समिति में रिम्स रांची के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों को शामिल किया गया है। इनमें डॉ हेमंत नारायण (कार्डियोलॉजी), डॉ प्रदीप कुमार भट्टाचार्य (क्रिटिकल केयर), डॉ अजीत कुमार डुंगडुंग (मेडिसिन), डॉ अनिल कुमार कमल (सर्जरी), डॉ अंशु जणैयार (पैथोलॉजी) और डॉ अनीश कुमार चौधरी (रेडियोलॉजी) विभाग शामिल हैं। इनके साथ सदर अस्पताल के प्रतिनिधि और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के अधिकारी भी शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब अस्पतालों का निर्माण पेशेंट फ्लो और वर्क फ्लो के वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित होगा। इसके तहत आईसीयू, ओटी, इमरजेंसी, रेडियोलॉजी सेंटर आदि को एक ही फ्लोर पर स्थापित किया जाय।  ट्रॉमा सेंटर को ग्राउंड फ्लोर पर मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थापित किया जायेगा ताकि एम्बुलेंस को त्वरित पहुंच मिल सके। आईसीयू, ओटी और इमरजेंसी सेवाओं को एक ही फ्लोर या नजदीकी क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे उपचार में समय की बचत हो। संक्रमण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए आपरेशन थिएटर को पूर्णत: स्टेराइल जोन के रूप में विकसित किया जायेगा और साफ व गंदे क्षेत्रों का स्पष्ट विभाजन किया जायेगा। साथ ही मरीजों, अस्पताल कर्मियों और बायो-मेडिकल वेस्ट के आवागमन के लिए अलग-अलग लिफ्ट और कॉरिडोर की व्यवस्था अनिवार्य होगी। रेडियोलॉजी, लैब और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं को ऐसी जगह स्थापित किया जायेगा, जहां से ओपीडी और इमरजेंसी दोनों के मरीज आसानी से पहुंच सकें। नयी व्यवस्था के तहत निर्माण एजेंसियों को अपने डिजाइन विशेषज्ञ समिति के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। समिति द्वारा समीक्षा और आवश्यक सुझाव दिये जाने के बाद ही भवनों के अंतिम नक्शे को मंजूरी दी जायेगी। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस पहल को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुव्यवस्थित और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए एचआरआईएस लागू करने की पहल
Published / 2026-04-13 21:06:43
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए एचआरआईएस लागू करने की पहल

टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से ह्यूमन रिसोर्स इंफॉर्मेशन सिस्टम लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गयी है। आज अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार की अध्यक्षता में एचआरआईएस से संबंधित एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान प्रस्तावित प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी। बैठक के उपरांत अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिया गया कि एचआरआईएस सॉफ्टवेयर का विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाये तथा इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मियों के लिए 01 अगस्त 2026 से लागू किया जाये। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, 104 एचआईएचएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रितेश गुप्ता, उपस्थिति पोर्टल से जुड़े संविदा तकनीकी विशेषज्ञों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। वर्तमान में विभागीय मानव संसाधन से संबंधित डेटा विभिन्न जिलों एवं संस्थानों में अलग-अलग स्वरूप में उपलब्ध होने के कारण डेटा असंगतता, निर्णय लेने में विलंब तथा रियल-टाइम जानकारी के अभाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इन चुनौतियों के समाधान हेतु एचआरआईएस को एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह प्रणाली कर्मचारियों के पूरे सेवा-काल (नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक) को एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रबंधित करेगी, जिसमें भर्ती, उपस्थिति, अवकाश, वेतन प्रबंधन, प्रदर्शन मूल्यांकन एवं प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण मॉड्यूल शामिल होंगे। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए सेल्फ-सर्विस पोर्टल की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी। यह पहल राज्य में स्मार्ट गवर्नेंस एवं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं प्रशासनिक दक्षता में व्यापक सुधार आयेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत वेतन बिल का सृजन केवल आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के सफल सत्यापन के पश्चात ही किया जायेगा। उच्चस्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ओटीपी आधारित प्रणाली के स्थान पर अनिवार्य बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू किया जाएगा, जिससे संपूर्ण प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनेगी तथा ट्रेजरी/ एसएनए स्पर्श के माध्यम से वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। एचआरआईएस के माध्यम से विभाग को रियल-टाइम वर्कफोर्स विजिबिलिटी प्राप्त होगी, जिससे डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इस प्रणाली के लागू होने से मैन्युअल कार्यों में कमी, वेतन संबंधी त्रुटियों में सुधार, ट्रांसफर एवं पोस्टिंग प्रक्रियाओं में तेजी तथा डेटा डुप्लीकेशन में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सिस्टम में रोल-बेस्ड एक्सेस, टू-फैक्टर आॅथेंटिकेशन, एन्क्रिप्शन एवं आॅडिट ट्रेल जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की जायेंगी। 

दिल के मरीज बच्चों का होगा मुफ्त इलाजः डॉ इरफान अंसारी
Published / 2026-04-10 22:45:11
दिल के मरीज बच्चों का होगा मुफ्त इलाजः डॉ इरफान अंसारी

दिल के मरीज बच्चों का होगा मुफ्त इलाजः डॉ इरफान अंसारीटीम एबीएन, रांची । झारखंड में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी पहल की शुरुआत की। यह योजना उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनके बच्चे दिल के वाल्व या हृदय में छेद जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनका इलाज संभव नहीं हो पाता था। मंत्री संज्ञान में लगातार ऐसे मामले आते रहे, जहां पैसे के अभाव में मासूम बच्चों की जान तक चली जाती थी। एक जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ एक संवेदनशील चिकित्सक के रूप में उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से लिया और इसका स्थायी समाधान निकालने का संकल्प लिया। इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आज राज्य में इस महत्वाकांक्षी योजना की सफल शुरुआत हो चुकी है।मंत्री आज रांची के ऑडिटोरियम में State Level Conference on Caring for Children with Heart Disease कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर विशेष जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें केरल के Amrita Hospital Kochi से आए अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञों द्वारा पूरे झारखंड से आए 170 बच्चों की जांच की गई। जांच के उपरांत 56 बच्चों को सर्जरी हेतु चिन्हित किया गया है।इन सभी बच्चों का ऑपरेशन पूरी तरह से निःशुल्क कराया जाएगा, जिससे उनके परिवारों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। मंत्री ने कहा कि पहले ऐसे बच्चों को इलाज के लिए चेन्नई, चंडीगढ़ या छत्तीसगढ़ भेजना पड़ता था, लेकिन अब राज्य सरकार का प्रयास है कि यह सुविधा झारखंड में ही उपलब्ध हो वह भी पूरी तरह मुफ्त।उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले दिनों में पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे, ताकि सुदूर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों तक पहुंचकर अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को चिन्हित किया जा सके और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब एक डॉक्टर नीति-निर्माण की भूमिका में होता है, तो उसके निर्णयों का सीधा लाभ समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक पहुंचता है।

राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना की समस्याओं पर जसास से झारोटेफ की वार्ता
Published / 2026-04-09 21:10:56
राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना की समस्याओं पर जसास से झारोटेफ की वार्ता

शीघ्र समाधान का मिला आश्वासन 19 बिंदुओं पर सुझाव सौंपे, अधिकांश समस्याओं के समाधान का उल्लेख टीम एबीएन, रांची। प्रांतीय अध्यक्ष विक्रांत कुमार सिंह के नेतृत्व में झारखंड आॅफिसर्स, टीचर्स एंड एम्पलाइज एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन से मिला। इस दौरान झारखंड राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी। महासंघ की ओर से 19 बिंदुओं पर आधारित सुझाव कार्यकारी निदेशक को प्रस्तुत किये गये, जिन पर बिंदुवार विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कार्यकारी निदेशक के द्वारा अवगत कराया गया कि इनमें से अधिकांश बिंदुओं को संशोधित संकल्प में शामिल कर लिया गया है तथा उनके अनुरूप कार्रवाई भी की जा चुकी है। शेष बिंदुओं पर कार्यकारी निदेशक ने कहा कि इनहे शीघ्र ही क्रियान्वित किया जायेगा। कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने कहा कि यह सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे देश की उत्कृष्ट स्वास्थ्य योजनाओं में स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों एवं उनके प्रतिनिधियों के सहयोग को आवश्यक बताते हुए कहा कि संशोधित संकल्प के पश्चात योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। बैठक में झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी की अपर कार्यकारी निदेशक सीमा सिंह, महाप्रबंधक प्रवीण चंद्र मिश्रा, वरिष्ठ परामर्शी विवेक कुमार नायक, अंशु कुमार सिंह के साथ महासंघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष नितिन कुमार, झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू, मुख्य समन्वयक अरविंद कुमार तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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