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विदेश नीति में बाहर से हेराफेरी कर रही पाकिस्तानी सेना : इमरान
Published / 2022-03-27 16:24:11
विदेश नीति में बाहर से हेराफेरी कर रही पाकिस्तानी सेना : इमरान

एबीएन सेंट्रल डेस्क। इमरान खान ने पिछले 30 वर्षों में पाकिस्तान में लूट करने वाले पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ एक तीखा हमला करते हुए कहा कि भारत हमसे आगे निकल गया। यहां तक कि बांग्लादेश ने भी हमें पीछे छोड़ दिया, चूंकि दो चोरों ने शासन किया। पाकिस्तान के मामले में विदेशी हाथ होने के सबूत : इस्लामाबाद रैली में लोगों को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि देश जानना चाहता है कि लंदन में वह व्यक्ति किससे (नवाज) मिलता है और लोग यह भी जानना चाहते हैं कि पाकिस्तान में रहने वाले उन राजनेताओं को कौन निर्देश दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पाकिस्तान के मामले में विदेशी हाथ होने के सबूत हैं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी। सरकार गिराने के लिए आ रहा विदेश से पैसा : इमरान खान ने कहा कि विदेश से पैसा आ रहा है और हमारे कुछ लोगों का इस्तेमाल हमारी सरकार को गिराने के लिए किया जा रहा है और हम जानते हैं कि इसके पीछे कौन है। उनकी सरकार को इस संबंध में लिखित धमकी मिली है। उन्होंने जनता के सामने एक पत्र भी दिखाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत सी चीजें हैं, जो सही समय पर देश के सामने प्रकट होंगी। विदेश नीति में बाहर से हेराफेरी की जा रही है : इमरान- इस्लामाबाद में रैली के दौरान इमरान खान ने पाकिस्तान सेना पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारी विदेश नीति में बाहर से हेराफेरी की जा रही है। विपक्ष की साजिशों की वजह से भुट्टो को दी गई फांसी : इमरान पीएम इमरान खान ने कहा कि पिछले नेताओं की हरकतों के कारण देश को धमकियां मिलती रहीं। उन्होंने कहा, देश में सरकारें हमारे अपने लोगों की मदद से बदली गई हैं। उन्होंने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने देश के लिए एक स्वतंत्र आर्थिक नीति लाने की कोशिश की, उस समय मौलाना फजलुर रहमान और भगोड़े नवाज शरीफ ने भुट्टो के खिलाफ अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि आज हम जो चीजें देख रहे हैं, वे उस समय भुट्टो के लिए बनाई गई परिस्थितियों की वजह से है और उनकी साजिशों की वजह से भुट्टो को फांसी दी गई थी

रूस में सत्ता परिवर्तन का फिलहाल कोई इरादा नहीं : ब्लिंकन
Published / 2022-03-27 12:23:36
रूस में सत्ता परिवर्तन का फिलहाल कोई इरादा नहीं : ब्लिंकन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कसाई करार दिए जाने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के साथ जुबानी जंग बढ़ने की चेतावनी दी है। यूक्रेन युद्ध से भड़क सकती है अशांति; अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन में रूस के युद्ध की वजह से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक तनाव मध्य पूर्व और उसके बाहर नागरिक अशांति को भड़का सकता है। यूक्रेन में मारे गए रूस के 16,600 सैनिक : यूक्रेन की समाचार वेबसाइट द कीव इंडिपेंडेंट ने बताया कि 24 फरवरी से युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के 16,600 सैनिक मारे गए हैं। इसने कहा है कि इस युद्ध में यूक्रेन ने रूस के 582 टैंकों को तबाह भी किया है। क्रूज मिसाइलों से ल्वीव को बनाया गया निशाना : रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि रूस ने पश्चिमी यूक्रेन के शहर ल्वीव में उच्च-सटीकता वाली क्रूज मिसाइलों से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रूस ने एक ईंधन डिपो को निशाना बनाया है। यूक्रेन के विद्रोही क्षेत्र रूस में शामिल होने के लिए कर सकते हैं वोटिंग : यूक्रेन के विद्रोही क्षेत्रों के प्रमुखों ने कहा है कि वे रूस का हिस्सा बनने के लिए वोट कर सकते हैं। इससे यूक्रेन की टेंशन बढ़ सकती है। कब्जे वाले क्षेत्रों को एक अर्ध राज्य इकाई बनाने में जुटा रूस : यूक्रेन के सैन्य खुफिया प्रमुख का कहना है कि रूस कब्जे वाले क्षेत्रों को एक अर्ध राज्य इकाई में एकजुट करने की कोशिश कर रहा है। जेलेंस्की ने रूस को चेतावनी दी : यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने मॉस्को को गुस्से में चेतावनी दी कि वह यूक्रेनी लोगों के भीतर रूस के लिए गहरी घृणा के बीज बो रहा है, क्योंकि तोपों से किए जा रहे हमलों एवं हवाई बमबारी के कारण शहर मलबे में तब्दील हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों की मौत हो रही है और अन्य लोग शरणस्थलों की खोज में हैं तथा जीवित रहने के लिए भोजन एवं पानी की तलाश कर रहे हैं।

"कसाई" वाले बयान पर बोले बाइडन- यूक्रेन को कभी जीत नहीं सकेगा रूस
Published / 2022-03-27 08:16:11
"कसाई" वाले बयान पर बोले बाइडन- यूक्रेन को कभी जीत नहीं सकेगा रूस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस ने हमला किया था। इसके बाद से अब तक जंग जारी है। रूस यूक्रेन के कई शहरों को तबाह कर चुका है। जंग के 32वें दिन लवीव और मारियूपोल पर रूसी रॉकेटों से जबरदस्त हमला बोला गया है। ऐसे में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का कहना है कि अब मारियूपोल को रूसी हमलों से बचा पाना संभव नहीं है। इससे पहले रूस का बयान आया था कि उसने यूक्रेन में युद्ध के पहले चरण को पूरा कर लिया है। अब वह दूसरे चरण की ओर आगे बढ़ेंगे। एक साम्राज्य को मिटाने पर अमादा तानाशाह- बाइडन- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ट्वीट कर कहा है कि रूस यूक्रेन को कभी जीत नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि एक तानाशाह एक साम्राज्य को मिटाने पर अमादा है। लेकिन वह आजादी के लिए लोगों की एकजुटता और प्यार को कभी मिटा नहीं पाएगा। बाइडन के बयान पर व्हाइट हाउस की सफाई : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के पुतिन को कसाई और सत्ता में नहीं रहना चाहिए जैसे बयानों पर व्हाइट हाउस ने सफाई दी है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि बाइडन का आशय रूस में सत्ता परिवर्तन का आह्वान नहीं था। एक लाख शरणार्थियों को आश्रय देगा अमेरिका : रूसी हमले के बाद यूक्रेन छोड़कर भाग रहे लोगों को अमेरिका शरण देने के लिए तैयार हो गया है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका करीब एक लाख यूक्रनियों को आश्रय देने के लिए तैयार हो गया है। इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ट्वीट भी किया है, उन्होंने लिखा कि यूक्रेनी शरणार्थियों की मदद करने के लिए अपनी हम जिम्मेदारी को पूरा करेंगे। यूक्रेनी लोग संयुक्त राज्य पर भरोसा कर सकते हैं।

अविश्वास प्रस्ताव से पहले इमरान को बड़ा झटका, 50 मंत्री लापता
Published / 2022-03-26 12:33:36
अविश्वास प्रस्ताव से पहले इमरान को बड़ा झटका, 50 मंत्री लापता

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर है कि अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही इमरान खान की पार्टी के 50 मंत्री लापता हो गये हैं। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई को बड़ा झटका लगा है। इमरान की कुर्सी खतरे में है। इमरान खान का इस्तीफा देना तय : बता दें कि इमरान खान की सरकार के 25 संघीय, 19 सहायक और 4 राज्य मंत्री लापता हैं। संकट की घड़ी में इमरान के मंत्री मैदान छोड़कर भाग गए हैं। इमरान खान को प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ेगा अब ये लगभग तय होगा। पाकिस्तान की संसद में कब पेश होगा अविश्वास प्रस्ताव : गौरतलब है कि संकट में कई करीबियों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का साथ छोड़ दिया है। 28 मार्च को पाकिस्तान की संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश होगा। 31 मार्च से 4 अप्रैल के बीच अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा। समय से पहले आम चुनाव की तैयारी में इमरान : इमरान खान सरकार के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद में पेश नहीं कर सका। अब ये प्रस्ताव सोमवार को पेश किया जाएगा। इस बीच इमरान सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगर उसे सत्ता से हटने की नौबत आई तो वो समय से पहले आम चुनाव करवा सकती है। यानी विपक्ष को मात देने के लिए इमरान खान चुनाव का दांव चल सकते हैं। वैसे इमरान खान के डर की एक और वजह है। पाकिस्तान में 75 साल के इतिहास में एक भी ऐसा चुना हुआ प्रधानमंत्री नहीं है, जिसने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया हो। अब इमरान खान इस इतिहास की अगली कड़ी साबित हो सकते हैं।

युद्ध खत्म करने की अपील के साथ बोले जेलेंस्की- अपने किसी क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा यूक्रेन
Published / 2022-03-26 07:36:13
युद्ध खत्म करने की अपील के साथ बोले जेलेंस्की- अपने किसी क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा यूक्रेन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुए एक महीने हो चुके हैं और युद्ध अनरवत जारी है। हमले में यूक्रेन पूरी तरह से तबाह हो चुका है और उसके लाखों लोग अपना घर छोड़कर दूसरे देशों में भागने को मजबूर हुए हैं। दूसरी ओर जंग को खत्म करने की कोशिशें भी जारी हैं। इटली में रूसी राजदूत, सर्गेई रजोव ने शुक्रवार को कहा कि वह इतालवी समाचार पत्र ला स्टैम्पा पर एक लेख को लेकर मुकदमा करने जा रहे हैं, जिसमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या की संभावना थी। उन्होंने कहा कि कहने की जरूरत नहीं है कि यह पत्रकारिता और नैतिकता के नियमों के खिलाफ है। रूसी कमांडर पर सैनिकों ने किया हमला : रिपोर्ट- पश्चिमी देशों के अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन में लड़ाई के दौरान एक रूसी ब्रिगेड कमांडर पर कथित तौर पर उसके ही सैनिकों ने हमला कर दिया है। यूक्रेन के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि मारियुपोल शहर में एक थिएटर पर रूसी हवाई हमले में लगभग 300 लोग मारे गए थे। रूस के हमलों से बचने के लिए लोग इस थिएटर में शरण लिए हुए थे। टेलीग्राम चैनल पर प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से शहर सरकार ने बताया कि 16 मार्च को थिएटर पर हमले में मृतक संख्या लगभग 300 थी। हालांकि यह तुरंत स्पष्ट नहीं है कि क्या आपातकालीन कर्मचारियों ने मौके का पूरा मुआयना कर लिया था और प्रत्यक्षदर्शियों को मौके के आंकड़े के बारे में कैसे पता चला। हवाई हमले के तुरंत बाद, यूक्रेनी संसद के मानवाधिकार आयुक्त लुडमिला डेनिसोवा ने कहा था कि 1,300 से अधिक लोग इमारत में शरण लिए हुए हैं। खारकीव के बाहरी इलाके में शुक्रवार को कोहरा छाया रहा और सुबह से ही लगातार गोलाबारी हो रही है।

रूस के न्यूक्लियर अटैक वाली धमकी के बाद यूक्रेन की मदद में खड़े हुए NATO देश
Published / 2022-03-25 05:01:56
रूस के न्यूक्लियर अटैक वाली धमकी के बाद यूक्रेन की मदद में खड़े हुए NATO देश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस के खिलाफ नाटो का ये एक्शन दुनिया को जंग के रास्ते पर धकेल रहा है। रूस पहले ही कह चुका है कि वो अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतिंत है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर आज बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में नाटो देशों की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन भी शामिल हुए और मीटिंग के बाद सभी 30 नाटो देशों ने साझा घोषणापत्र जारी करके कहा कि रशियन ब्रूटल वॉर का यूक्रेन ने हीरो की तरह सामना किया है। संगठन ने मांग की है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तत्काल इस युद्ध को रोकें। इस तरह के खतरों से निपटने के लिए नाटो देशों ने अपने रक्षा बजट बढ़ाने का फैसला किया है और कहा है कि आगे का एक्शन प्लान मैड्रिड में होने वाली मीटिंग में तय किया जाएगा। ब्रसेल्स में तीन बैठकें हो रही हैं। नाटो देशों की मीटिंग के अलावा जी-7 देशों की मीटिंग और फिर सबसे आखिर में यूरोपियन काउंसिल देशों की मीटिंग में लिए जाने वाले फैसले पर पूरी दुनिया की नजर है। रूस-यूक्रेन युद्ध का अब दूसरा महीना शुरू हो चुका है और एक महीने की जंग में रूस ने क्या हासिल किया इसको लेकर मॉस्को खामोश है जबकि पश्चिमी मीडिया दावा कर रही हैं कि यूक्रेन पर हमला करके पुतिन फंस चुके हैं और वो ये लड़ाई हार रहे हैं। पुतिन की सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को चारों ओर से घेरा : पश्चिमी मीडिया के मुताबिक पुतिन की सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को चारों ओर से घेर रखा है, लेकिन अब यूक्रेन की सेना का पलटवार उनपर भारी पड़ रहा है। यूक्रेन की सेना रूसी सेना को पीछे धकेल रही है और बैटल फील्ड से रूसी तोपों को उड़ाने के वीडियो सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं कीव के बाहर घेरा डालकर बैठी पुतिन की सेना पर मिसाइल से भयानक हमले हो रहे हैं, जिससे पुतिन की सेना के लिए टिके रहना मुश्किल हो रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की ब्रीफिंग के मुताबिक यूक्रेन ने अब रूस की सेना की सप्लाई लाइन काटनी शुरू कर दी है। इस कड़ी में बृहस्पतिवार को जेलेंस्की की सेना को सबसे बड़ी कामयाबी मिली। यूक्रेन ने रूस के सबसे बड़े टैंक कैरियर वॉर शिप को तबाह कर दिया, जो रूसी नेवी के लिए अब का सबसे बड़ा झटका है।।ब्रीफिंग के मुताबिक रूस का जंगी जहाज पोर्ट सिटी बैपेयांस में तैनात था, जिस पर यूक्रेन ने स्टूग्ना मिसाइल से डायरेक्ट हिट किया, जिसके बाद वॉर शिप से आग की लपटें उठती दिखीं। बताया जाता है कि रूस को ये नुकसान अपनी मीडिया की गलती से उठाना पड़ा है। रूसी मीडिया ने वॉर शिप की लोकेशन बता दी थी और मौका पाकर यूक्रेन ने मिसाइल हमला कर दिया। रूस के चालीस हजार सैनिक बैटल फील्ड से हुए बाहर- नाटो: नाटो का अनुमान है कि एक महीने की जंग में रूस के चालीस हजार सैनिक बैटल फील्ड से बाहर हो चुके हैं। ये सैनिक या तो मारे गए हैं, मिसिंग हैं या फिर घायल हैं। नाटो का मानना है कि पुतिन ने जितने सैनिकों को यूक्रेन युद्ध के लिए ऑर्डर दिया था, उसका एक चौथाई हिस्सा वो गंवा चुके हैं। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक जिन इलाकों पर रूस की सेना कब्जा कर चुकी थी, उनपर अब यूक्रेन की सेना वापस कब्जा करने लगी है। खास तौर पर राजधानी कीव से रूस की सेना को 15 से 20 किलोमीटर पीछे हटना पड़ा है और सैटेलाइट तस्वीरों में कीव के बाहर पुतिन की सेना का जो 65 किलोमीटर लंबा काफिला नजर आया था, वो गायब हो चुका है।

हथियार प्रणाली की क्षमता बढ़ाने में जुटा उत्तर कोरिया
Published / 2022-03-24 10:46:27
हथियार प्रणाली की क्षमता बढ़ाने में जुटा उत्तर कोरिया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर कोरिया ने आज गुरुवार को समुद्र की ओर कम से कम एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर उत्तर कोरिया के पड़ोसी देशों की सेनाओं का कहना है कि वह जाहिर तौर पर अपनी हथियार प्रणाली की क्षमता बढ़ाना चाहता है और यह सिलसिला उसके सबसे बड़ी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण करने के बाद ही पूरा होगा। हालांकि दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने तत्काल यह नहीं बताया कि प्रक्षेपण किसका किया गया या उसने कितनी दूर तक उड़ान भरी। दूसरी ओर, जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया ने संभवत: बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है। माना जा रहा है कि यह इस साल उत्तर कोरिया का 12वां प्रक्षेपण था। पिछले रविवार को भी उत्तर कोरिया ने समुद्र में संदिग्ध गोले दागे थे। शस्त्रागार को आधुनिक बनाने में जुटा उत्तर कोरिया : रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया अपने शस्त्रागार को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से कार्रवाई कर रहा है और ठप पड़ी परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता के बीच अमेरिका पर रियायतें देने के लिए इसके जरिए दबाव डालना चाहता है। उत्तर कोरिया ने हाल के हफ्तों में अपने राजधानी क्षेत्र के पास से दो मध्यम-दूरी के परीक्षण किए हैं। अमेरिका तथा दक्षिण कोरियाई सेनाओं ने बाद में बताया था कि इसमें उत्तर कोरिया के सबसे बड़े आईसीबीएम अर्थात अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र (ह्वासोंग-17) के घटक शामिल थे। उत्तर कोरिया ने समुद्र में गोले दागे : पिछले रविवार को उत्तर कोरिया ने समुद्र में गोले दागे। दक्षिण कोरिया की सेना ने इस संबंध में जानकारी दी थी। इससे कुछ दिन पहले उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण भी किया था जो नाकाम साबित हुआ था और जिसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं। वह देश अपने हथियारों के जखीरे को बढ़ाते हुए लंबी दूरी की अपनी बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने की कोशिश कर सकता है।

सेना और आईएसआई से अनबन कर सकती है पाकिस्तान की इमरान सरकार
Published / 2022-03-23 14:57:08
सेना और आईएसआई से अनबन कर सकती है पाकिस्तान की इमरान सरकार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एक कहावत है कि डूबते को तिनके का सहारा। कुछ ऐसी ही स्थिति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की है वरना यह बता पाना मुश्किल होगा कि 25 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने से पहले उन्होंने हाल ही में भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना किसलिए की थी। इमरान खान के खिलाफ 25 मार्च को नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा। उनके विरोधी पूरी तरह आश्वस्त हैं कि खान को सत्ता छोड़नी होगी। बीते शुक्रवार को इमरान खान ने भारत द्वारा प्रतिबंधों के बावजूद रूस से कच्चा तेल खरीदने के फैसले पर बात की थी। समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री खान ने खैबर पख्तूनख्वा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी (भारत की) नीति लोगों की बेहतरी के लिए है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इमरान खान को एक असफल देश की सरकार का नेतृत्व करने की अपनी बड़ी गलती का अहसास हो गया है। सेना के साथ अनबन भी खड़ी कर सकती है मुश्किलें : अगर इमरान खान सत्ता से बाहर हो जाते हैं तो यह एक बार फिर स्थापित हो जाएगा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र स्थापित नहीं हो सकता है। यह ऐसा देश है जहां सेना और इसकी शक्तिशाली इकाई इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) सब कुछ नियंत्रित करते हैं। इमरान खान ने सेना को नाराज किया है। पाकिस्तान में किसी भी राजनीतिक दल के लिए सत्ता में रहने के लिए राजनीतिक रूप से मजबूत सेना का सहयोग बहुत आवश्यक माना जाता है। पाक सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा आईएसआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को पेशावर की 11वीं कॉर्प्स का कमांडर बनाना चाहते हैं और उनके स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम को आईएसआई की कमान देना चाहते थे। सेना में रुटीन ट्रांसफर की तरह देखी जा रही इस योजना का प्रधानमंत्री इमरान खान ने विरोध किया था। उन्होंने इस बारे में औपचारिक अधिसूचना जारी करने से भी इनकार कर दिया था। माना जा रहा है इमरान खान फैज हमीद पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गए थे और आईएसआई का इस्तेमाल वह अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए कर रहे थे। अंतत: अक्तूबर 2021 में इमरान खान को जनरल बाजवा की ओर से पेश किए गए तीन नामों में से एक लेफ्टिनेंट जनरन नदीम अहमद को आईएसआई का अगला महानिदेशक चुनना पड़ा था। उन्हें सेना प्रमुख को बदलने की किसी भी कोशिश के लिए चेतावनी भी दी जा चुकी है। कुछ ऐसा है पाकिस्तान की नेशनल असेंबली का गणित पाकिस्तान की 342 सदस्यों वाली नेशनल असेंबली में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पास केवल 155 सीटें हैं। इसके अलावा उसके पास छह गठबंधन भागीदारों का समर्थन है, जिनके पास 23 सीटें हैं। इमरान खान को प्रधानमंत्री बने रहने के लिए 172 और उन्हें हटाने के लिए विपक्ष को 172 मतों की आवश्यकता है। अगर इमरान के सहयोगी दल उनका साथ छोड़ देते हैं तो उनके लिए मुश्किल हो सकती है। इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के 100 से अधिक सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव जमा किया है। उधर, इमरान की अपनी पीटीआई में भी दरारें देखने को मिल रही हैं। गठबंधन के एक प्रमुख सहयोगी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद ने भी प्रधानमंत्री के रूप में इमरान खान का विरोध किया है। ये सब बातें इस ओर इशारा कर रहे हैं कि इमरान खान की राह आसान नहीं है। इमरान के तीन सहयोगी दल मिला सकते हैं विपक्ष से हाथ बता दें कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर ने 25 मार्च से निचले सदन का सत्र बुलाया है। विपक्ष इसमें इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है। वहीं, खबर आई है कि इमरान खान के तीन बड़े सहयोगी दलों ने विपक्ष से हाथ मिलाने का फैसला किया है। ये दल हैं- मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) और बलूचिस्तान अवामी पार्टी। तीनों पार्टियां जल्द ही विपक्ष के साथ जाने की घोषणा कर सकती हैं।

रूसी टैंकों के सामने डटे रहे यूक्रेनी लोग, रूस के 10 हजार सैनिकों की मौत
Published / 2022-03-23 07:01:45
रूसी टैंकों के सामने डटे रहे यूक्रेनी लोग, रूस के 10 हजार सैनिकों की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। युद्ध के 27वें दिन यूक्रेन ने एक उपनगर और राजमार्ग रूस से वापस छीन लिया। रूसी कब्जे वाले यूक्रेनी शहर खेरसान में कई नागरिक दुश्मन फौज के टैंकों के खिलाफ डट गए हैं। एक चौराहे पर स्थानीय नागरिकों ने रैलियां निकालीं। लोगों ने रूस वापस जाओ के नारे लगाते हुए हमलावरों के टैंकों व बख्तरबंद वाहनों की आवाजाही ठप कर दी। प्रदर्शन से बौखलाए रूसी फौजियों ने निहत्थे नागरिकों पर गोलीबारी करके तितर-बितर करने की कोशिश की। इससे कुछ प्रदर्शनकारी घायल हुए, लेकिन लोगों ने रूसियों को पीछे हटाकर ही दम लिया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूसी सैन्य बलों ने मंगलवार को आवश्यक आपूर्ति लेकर मारियुपोल पहुंचने की कोशिश कर रहे एक मानवीय काफिले को न केवल रोका, बल्कि कुछ बचावकर्मियों तथा बस चालकों को बंदी भी बना लिया। उन्होंने कहा कि रूस इससे पूर्व काफिले को रास्ता देने को लेकर सहमत हुआ था। जेलेंस्की ने मंगलवार रात राष्ट्र के नाम एक वीडियो संबोधन में कहा, हम मारियुपोल के निवासियों के लिए स्थिर मानवीय गलियारे बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हमारे लगभग सभी प्रयासों को रूस ने गोलाबारी कर या जानबूझकर हिंसक गतिविधियों से विफल कर दिया है। यूक्रेन की उप राष्ट्रपति इरिना वेरेश्चुक ने कहा कि रूसियों ने 11 बस चालकों और चार बचावकर्मियों को उनके वाहनों के साथ कब्जे में ले लिया है। उनके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। मंगलवार को मारियुपोल से 7,000 से अधिक लोगों को निकाला गया, लेकिन शहर में लगभग 1,00,000 लोग अब भी अमानवीय परिस्थितियों में, पूर्ण नाकाबंदी के कारण भोजन, पानी, दवा के बगैर और लगातार गोलाबारी के बीच रह रहे हैं। युद्ध से पहले, इस बंदरगाह शहर की आबादी 4,30,000 थी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने आशंका जताई कि यूक्रेन में रूस रासायनिक या जैविक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।

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