Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

वर्ल्ड

View All
भारत के लिए सबक है श्रीलंका में आया वित्तीय और राजनीतिक संकट : XLRI
Published / 2022-05-07 15:09:12
भारत के लिए सबक है श्रीलंका में आया वित्तीय और राजनीतिक संकट : XLRI

एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीलंका वित्तीय और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। साल 1948 में स्वतंत्रता मिलने के बाद से इस वक्त सबसे खराब आर्थिक स्थिति का सामना कर रहे इस देश में महंगाई के कारण बुनियादी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। श्रीलंका की इस प्रकार की स्थिति क्यों उत्पन्न हुई, साथ ही इससे भारत को क्या सबक लेनी चाहिए। इस गंभीर विषय पर एक्सएलआरआइ जमशेदपुर में एक्सपीजीडीएम डिपार्टमेंट की ओर से एक पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया। इसमें पैनलिस्ट सदस्यों में राहुल बाजोरिया (एमडी बाकर्लेज कॉरपोरेट एंड इन्वेस्टमेंट बैंक), अंकुर शुक्ला (दक्षिण एशिया अर्थशास्त्री, ब्लूमबर्ग एलपी) आयुषी चौधरी (भारत और श्रीलंका अर्थशास्त्री, एचएसबीसी) और एक्सएलआरआइ के प्रोफेसर सह अर्थशास्त्री प्रो एचके प्रधान शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत एक्सएलआरआइ के प्रोफेसर अब्दुल कादिर के उद्घाटन भाषण से हुई।

...आखिर ऐसा क्या हो गया कि आधी रात घर छोड़ भागने लगे पाकिस्तान और फिलीपींस के लोग
Published / 2022-05-07 00:22:34
...आखिर ऐसा क्या हो गया कि आधी रात घर छोड़ भागने लगे पाकिस्तान और फिलीपींस के लोग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान और फिलीपींस में देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। लोग डर कर अपने घरों से बाहर सड़कों पर आ गए। अभी तक दोनों देशों में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। पाकिस्तान में 5.1 तीव्रता के भूकंप के झटके : पाकिस्तान में बसे शहर दलबंदिन से 49 किलोमीटर दक्षिण की ओर शुक्रवार रात करीब पौने एक बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.1 मापी गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसकी जानकारी दी है। भूकंप का केंद्र 28.4517 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 64.3204 डिग्री पूर्वी देशांतर पर 10.0 किमी की गहराई पर देखा गया। फिलीपींस में भी भूकंप : फिलीपींस में बोबोन नामक क्षेत्र से 77 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व की ओर शुक्रवार रात करीब बारह बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.3 मापी गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसकी जानकारी दी है। भूकंप का केंद्र 28.4517 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 64.3204 डिग्री पूर्वी देशांतर पर 68.27 किमी की गहराई पर देखा गया।

रूस ने बदला गेमप्लान, अब 9 मई को बड़े ऐलान की तैयारी
Published / 2022-05-05 08:30:10
रूस ने बदला गेमप्लान, अब 9 मई को बड़े ऐलान की तैयारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग के 70 दिन से अधिक बीत चुके हैं। यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में रूस को कब्जा करने बड़ी सफलता मिली है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में घुसने के लिए सेना को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई शहरों में मात खाने के बाद रूस ने अब अपना अपनी गेमप्लान ही बदल दिया है। रणनीति में बदलाव करते हुए रूस पश्चिमी यूक्रेन के हिस्सों पर कब्जा जमाने की बजाय पूर्वी क्षेत्र के जिन इलाकों को कंट्रोल कर लिया गया है, उन पर पूरी तरह से पॉलिटिकल और मिलिट्री कंट्रोल स्थापित की तैयारी में जुट गया। रूस की कोशिश है कि जिन यूक्रेनी शहरों पर उसका कब्जा है वहां अब स्थानीय प्रशासन में अपने लोगों को स्थापित करे और स्थानीय लोगों से ट्रांजेक्शन में रूबल का इस्तेमाल करने का दबाव बनाया जाए। रूस की यह पॉलिसी ठीक वैसी ही पॉलिसी होगी, जैसी उसने 2014 में क्रीमिया को शामिल करते वक्त अपनाई थी।ब्रिटेन की सेना का कहना है कि रूस पूर्वी यूक्रेन के क्रामातोर्स्क और सेवेरोदोनेत्स्क शहरों पर कब्जा करने की कोशिश करेगा। ब्रिटिश सेना ने बुधवार को युद्ध के बारे में ट्विटर पर दैनिक ब्रीफिंग में यह टिप्पणी की। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूस ने क्षेत्र में बढ़त बनाने की कोशिशों के तहत इजियम के निकट लगभग 22 बटालियन सामरिक समूहों को तैनात कर रखा है। रूस के तथाकथित बटालियन सामरिक समूह में पैदल सेना की इकाइयां शामिल हैं, जो टैंक, हवाई रक्षा उपकरणों और तोपों से लैस हैं। प्रत्येक इकाई में लगभग 800 सैनिक हैं। ब्रिटिश सेना ने कहा, यूक्रेन के रक्षा चक्र को भेदने में संघर्ष करने के बजाय रूस के इजियम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है ताकि वह क्रामातोर्स्क और सेवेरोदोनेत्स्क शहरों पर कब्जा कर सके। हजारों यूक्रेनी शरणार्थी मेक्सिको सिटी में डेरा डालकर अमेरिका में प्रवेश की अनुमति मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लगभग 500 शरणार्थी मेक्सिको की राजधानी के पूर्वी हिस्से में एक स्थान पर मंगलवार को शिविरों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। यह शिविर एक सप्ताह के लिये खुले हैं। हर दिन 50-100 लोग यहां आ रहे हैं। अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों ने संसद को बताया है कि यूक्रेन में युद्ध के पहले दो महीने के दौरान अमेरिका को रूस की सैन्य खामियों और क्षमता के बारे में बहुत सी जानकारी प्राप्त हुई है। पेंटागन के अधिकारियों ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे युद्ध आगे बढ़ रहा है, रूस अपनी गलतियों से सीख रहा है। रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले ने मंगलवार को संसद की एक समिति को बताया कि अगर संसद की ओर से धनराशि को मंजूरी दी जाती है तो यूक्रेन को टैंक-रोधी, विमान-रोधी और कंधे पर रखकर दागे जाने वाली सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें जैसे अहम हथियार मुहैया कराए जा सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का कहना है कि यूक्रेन में युद्ध ने पश्चिमी गोलार्ध में कोरोना वायरस महामारी के कारण बढ़ती गरीबी जैसी समस्याओं को और बदतर कर दिया है। वाशिंगटन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने कई समस्याओं को बदतर बना दिया है। इनमें पूरे अमेरिका में उर्वरक से लेकर गेहूं, पेट्रोलियम जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने जैसी समस्याएं शामिल हैं।

अफगानिस्तान : दो धमाकों से दहला मजार-ए-शरीफ शहर
Published / 2022-04-30 07:41:16
अफगानिस्तान : दो धमाकों से दहला मजार-ए-शरीफ शहर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने अफगानिस्तान के शहर मजार-ए-शरीफ में दोहरे विस्फोटों की जिम्मेदारी ली है। इन विस्फोटों में नौ लोग मारे गये और 13 अन्य घायल हो गये। समाचार एजेंसी एएफपी ने शुक्रवार को बताया कि आईएस की इस्लामिक स्टेट- खुरासान प्रांत शाखा ने हमले की जिम्मेदारी ली है। वह वर्ष 2015 से अफगानिस्तान और पड़ोसी देश पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। समूह ने इससे पहले भी कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। गौरतलब है कि बल्ख प्रांत के मजार-ए-शरीफ में गुरुवार को दो विस्फोट हुए, जिसमें कम से कम नौ लोग मारे गये और 13 अन्य घायल हो गये। पहला धमाका एक शैक्षणिक संस्थान के पास किया गया, जबकि दूसरा विस्फोट एक वाहन में किया गया।

आर्थिक संकट से निपटने के लिए अपने भाई को प्रधानमंत्री पद से हटायेंगे श्रीलंका के राष्ट्रपति
Published / 2022-04-29 13:10:36
आर्थिक संकट से निपटने के लिए अपने भाई को प्रधानमंत्री पद से हटायेंगे श्रीलंका के राष्ट्रपति

एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीलंका के राष्ट्रपति देश में दशकों के सबसे बड़े आर्थिक संकट के चलते पैदा हुए राजनीतिक गतिरोध का हल निकालने के लिए प्रस्तावित अंतरिम सरकार में प्रधानमंत्री के तौर पर अपने भाई की जगह किसी अन्य नेता को नियुक्त करने को राजी हो गये हैं। एक प्रमुख सांसद ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सांसद मैत्रीपाला सिरीसेना ने राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद कहा कि गोटबाया राजपक्षे इस बात से सहमत हुए हैं कि एक नये प्रधानमंत्री को नामित करने और संसद में सभी दलों के प्रतिनिधित्व वाले मंत्रिमंडल का गठन करने के लिये राष्ट्रीय परिषद की नियुक्ति की जाएगी। इस बीच, गोटबाया ने राजनीतिक दलों से अंतरिम सरकार के लिए बहुमत का आंकड़ा प्रस्तुत करने को कहा। सिरीसेना, राजपक्षे से पहले राष्ट्रपति थे। वह इस महीने की शुरूआत में करीब 40 अन्य सांसदों के साथ दलबदल करने से पहले सत्तारूढ़ दल के सांसद थे। हालांकि, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के प्रवक्ता रोहन वेलीविता ने कहा कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को हटाने के किसी इरादे से अवगत नहीं कराया है और यदि ऐसा कदम उठाया जाता है उस बारे में फैसले की घोषणा की जाएगी। इससे पहले, महिंदा राजपक्षे ने अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल किया था और प्रदर्शन को खत्म करने की कोशिश के तहत एक मिलीजुली सरकार गठित करने का प्रस्ताव दिया था। दोनों राजपक्षे बंधु, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पर अपने-अपने पदों पर काबिज हैं जबकि उनके परिवार के तीन अन्य सदस्यों ने अप्रैल की शुरूआत में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था, जो गुस्साये प्रदर्शनकारियों को शांत करने की एक कोशिश प्रतीत होती है। इस बीच, राष्ट्रपति ने (अपने) सत्तारूढ़ एसएलपीपी गठबंधन के असंतुष्ट सांसदों के समूह को अभूतपूर्व आर्थिक संकट से निपटने के लिए एक अंतरिम सरकार के गठन के वास्ते उनके प्रस्ताव पर विपक्षी दलों से वार्ता शुरू करने को कहा। सिरीसेना के एसएलएफपी का एक प्रतिनिधिमंडल अंतरिम सरकार गठित करने की अपनी मांग पर जोर देने के लिए सुबह में राष्ट्रपति से मिला। बाद में, राष्ट्रपति ने सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग हो चुके एक अन्य असंतुष्ट खेमे के साथ बातचीत की। राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि राजनीतिक दल पांच सदस्यीय एक समिति गठित करने के लिए राजी हुए हैं, जो मुख्य विपक्षी एसजेबी और अन्य विपक्षी दलों से बातचीत करेगी। राष्ट्रपति ने अंतरिम सरकार बनाने के लिए उनसे 225 सदस्यीय संसद में 113 सांसदों का समर्थन जुटा कर अपना बहुमत दिखाने को कहा।

नाइजीरिया : अवैध तेल रिफाइनरी में धमाका, 100 से ज्यादा की मौत
Published / 2022-04-24 09:08:27
नाइजीरिया : अवैध तेल रिफाइनरी में धमाका, 100 से ज्यादा की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण-पूर्वी नाइजीरिया की एक अवैध तेल रिफाइनरी में धमाका होने से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। बताया जा रहा है कि धमाके से लगी आग आसपास की संपत्तियों तक फैल गई है। आइमो के राज्य सूचना आयुक्त डेक्लान एमेलुम्बा ने बताया कि शुक्रवार रात आग लगी तेजी से दो अवैध ईंधन भंडार तक फैल गई। उन्होंने कहा कि धमाके की वजह और मृतकों की सटीक संख्या का पता लगाया जा रहा है।

कोरोना इफेक्ट : समुद्र में चीन के शंघाई बंदरगाह पर फंसे हजारों जहाज, टेंशन में दुनिया...
Published / 2022-04-20 15:51:54
कोरोना इफेक्ट : समुद्र में चीन के शंघाई बंदरगाह पर फंसे हजारों जहाज, टेंशन में दुनिया...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में लोगों का 100 फीसदी वैक्सीनेशन के बावजूद कोरोना महामारी अपना प्रकोप दिखा रही है। चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई में बढ़ते कोरोना मामलों ने तो पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। कोविड के चलते शंघाई में पिछले एक महीने से लॉकडाउन चल रहा है और करोड़ों लोग घरों में कैद हैं। सड़कों से ट्रैफिक नदारद है, सिर्फ पुलिस-प्रशासन और जरूरी सेवाओं में लगे लोगों को ही बाहर निकलने की इजाजत है। इसी कारण पूरे शंघाई में आर्थिक गतिविधियां भी पूरी तरह से बंद हो गई हैं लॉकडाउन का सबसे बुरा असर शंघाई बंदरगाह पर देखने को मिल रहा है। यहां बड़ी संख्या में मालवाहक जहाज खड़े होने के कारण पूर्वी चीन सागर में अघोषित ट्रैफिक जाम लग गया है।कोरोना के कारण शंघाई प्रशासन ने बाहरी लोगों के शहर में आने पर रोक लगा रखी है। शहर के लोगों को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। पूरे शहर में बड़े पैमाने पर लोगों की टेस्टिंग की जा रही है। इतना ही नहीं, ड्रोन और हेलीकॉप्टरों के जरिए क्वारंटीन क्षेत्रों की निगरानी किया जा रहा है।बंदरगाह से कई किलोमीटर दूर खुले समुद्र में भी जहाज खड़े नजर आ रहे हैं। माल उतारने और चढ़ाने की इजाजत न होने के कारण जहाज के क्रू भी खुले समुद्र में फंसे हुए हैं। कई जहाजों पर तो खाने-पीने और दैनिक जरूरतों की चीजों की भी कमी होने लगी है। इसके बावजूद चीन अपने सख्त नियमों में बिलकुल भी ढील देने को तैयार नहीं है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन जहाजों को बंदरगाह पर आने या बंदरगाह पर खड़े जहाजों को बाहर जाने की इजाजत कब दी जाएगी। बाहर निकलने वाले लोगों को ड्रोन और हेलीकॉप्टरों पर लगे स्पीकरों के जरिए चेतावनी भी दी जा रही है। इतना ही नहीं, अगर किसी इलाके में ज्यादा लोगों की मौजूदगी का पता चलता है को वहां स्थानीय पुलिस को तुरंत भेजा जा रहा है।सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरों में शंघाई बंदरगाह पर जहाजों की उपस्थिति को दिखाया जा रहा है। इस कारण पूरा बंदरगाह मालवाहक जहाजों की बढ़ती संख्या से भर गया है।बता दें कि मार्च के महीने से चीन में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज उछाल आया है जिसके बाद देश के केई शहरों में लॉकडाउन लगाना पड़ा है। इनमें शंघाई भी शामिल है जिसे चीन का वित्तीय, मैन्युफैक्चरिंग और शिपिंग हब माना जाता है। चीन की अर्थव्यवस्था के बारे में आए नए आंकड़ों से पता चलता है कि वहां पिछले महीने कोरोना की नई लहर के बाद लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से लोगों के खर्चों में कमी आई है और बेरोजगारी महामारी के शुरूआती दौर के बाद से अपने चरम पर पहुंच गई है।

यूक्रेन पर तेज हमले के बीच क्या शांति वार्ता करेगा रूस!
Published / 2022-04-20 15:09:23
यूक्रेन पर तेज हमले के बीच क्या शांति वार्ता करेगा रूस!

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस-यूक्रेन युद्ध 56वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लेकिन युद्ध खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। रूस ने यूक्रेन पर हमला तेज करते हुए सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि यूक्रेन के सैनिक हथियार डाल दे या अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। इस बीच शांति वार्ता को लेकर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि अब गेंद यूक्रेन के पाले में है कि वह शांति वार्ता चाहता है या नहीं। रूस ने यूक्रेन को लेकर एक मसौदा पास किया है जिसमें कीव से एकदम साफ और स्पष्ट मांग की गई है। एचटी ने एपी के हवाले से बताया है कि पेस्कोव ने यह नहीं बताया है कि मांगों की सूची में क्या क्या है लेकिन कहा है कि कीव लगातार पहले के समझौते से हट रहा है। पेस्कोव ने कहा कि यूक्रेन वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए इच्छुक नहीं दिखाई दे रहा है। शांति वार्ता की आस नहीं : गौरतलब है कि पिछले महीने तुर्की के इंस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच शांति वार्ता हुई थी। इस शांति वार्ता के बाद कुछ दिनों तक कीव के आसपास रूस ने हमले को सीमित कर दिया था। यूक्रेन ने दावा किया था कि हम शांति वार्ता के सफल होने के बहुत करीब हैं। उस समय कुछ आस बंधी थी लेकिन एक सप्ताह बाद ही रूस का मारियुपोल शहर पर हमला तेज हो गया। कल से रूस ने यूक्रेन पर फिर से आक्रामक हमला शुरू कर दिया है। ऐसे में युद्ध के अंजाम से दुनिया चिंतित है। फिलहाल शांति वार्ता की कोई आस नहीं दिख रही है। एक दिन पहले ही रूस ने चेतावनी थी कि यूक्रेन हथियार डाल दे, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। लेकिन यूक्रेन भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। उसने कहा है कि वह किसी भी कीमत पर हथियार नहीं डालेगा और अंतिम सांस तक रूस का मुकाबला करेगा। 1.3 करोड़ लोग युद्धग्रस्त इलाके में फंसे हैं : इस बीच यूक्रेन में युद्ध की भयावह हालत के बाद 50 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था यूएनएससीआर के मुताबिक युद्ध से पहले यूक्रेन में 4.4 करोड़ लोग रहते थे लेकिन युद्ध के बाद करीब 70 लाख लोग देश के अंदर विस्थापित हुए हैं जबकि 5.03 लाख लोग देश से बाहर निकल चुके हैं। यूएनएचसीआर के मुताबिक करीब 1.3 करोड़ लोग युद्धग्रस्त इलाके में बुरी तरह फंसे हुए हैं।

पाकिस्तान : जलने से नौ बच्चों की मौत, 20 जख्मी
Published / 2022-04-20 12:17:37
पाकिस्तान : जलने से नौ बच्चों की मौत, 20 जख्मी

एबीएन डेस्क। पाकिस्तान के दादू जिला में महार शहर के नजदीक फैज मोहम्मद गांव में आग में झुलसने से नौ बच्चों की मौत हो गयी तथा 20 अन्य जख्मी हुये हैं। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक आग सोमवार रात एक कुटिया के रसोई घर में लगी थी और देखते ही देखते आसपास के क्षेत्रों में फैल गयी। थोड़ी देर में आग ने करीब 50 या उससे अधिक घरों को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि आग में करीब 150 मवेशियां भी जलकर मर गयीं। दादू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इरफान अली समू ने नौ लोगों के मरने की पुष्टि की और बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्ट के लिए महार तालुका अस्पताल में भेजा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने इस घटना को लेकर त्वरित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि आग सोमवार को रात साढ़े नौ बजे लगी थी तथा मंगलवार सुबह नौ बजे तक लगी रही।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 41,361