एबीएन सेंट्रल डेस्क। बोरिस जॉनसन का स्थान लेने वाले ब्रिटेन में सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के नए नेता एवं देश के नए प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा पांच सितंबर को की जाएगी। पार्टी के नेतृत्व के चुनाव के लिए जिम्मेदार निकाय ने सोमवार को यह जानकारी दी। नया प्रधानमंत्री निवर्तमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का स्थान लेगा। 1922 कमेटी ऑफ कंजर्वेटिव बैकबेंच के सांसदों ने चुनाव के लिए समय सारिणी और नियम निर्धारित किए। चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर मंगलवार को शुरू और समाप्त भी होगी। प्रधानमंत्री पद के लिए अब तक 11 लोग दावेदारी पेश कर चुके हैं। ब्रिटेन के भारतीय मूल के पूर्व कैबिनेट मंत्री ऋषि सुनक और विदेश मंत्री लिज़ ट्रस कंजर्वेटिव पार्टी में बोरिस जॉनसन की जगह लेने की दौड़ में सबसे आगे हैं। 1922 समिति के अध्यक्ष सर ग्राहम ब्रैडी ने कहा, निश्चित ही, पांच सितंबर को हमारे पास इसका जवाब होगा और पार्टी का नया नेता निर्वाचित होगा तथा उसकी घोषणा की जाएगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीलंका में आर्थिक संकट काफी ज्यादा गहराया हुआ है और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे मे देश की संसद को बता दिया है, कि अब श्रीलंका दिवालिया हो चुका है। वहीं, देश में राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो चुका है और राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शनकारियों के घुसने के बाद राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे भाग चुके हैं और उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि वो 13 जुलाई को अपना इस्तीफा दे देंगे। वहीं, श्रीलंका के खराब हालत के बीच अब अमेरिका की एंट्री हुई है और अमेरिका ने कहा है कि वो असंतुष्टों को संतुष्ट करने की कोशिश करेगा। संयुक्त राज्य अमेरिका ने श्रीलंका के राजनेताओं से आगे आने और लोगों के असंतोष को दूर करने के लिए दीर्घकालिक समाधान प्राप्त करने के लिए "जल्दी से काम" करने का आग्रह किया है। देश ने शनिवार की हिंसा की आलोचना की, लेकिन प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों पर किसी भी हमले को लेकर श्रीलंकाई बलों को चेतावनी भी दी। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष या आईएमएफ ने कहा कि वह नकदी की कमी से जूझ रहे श्रीलंका के घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी कर रहा है और उम्मीद है कि आईएमएफ समर्थित कार्यक्रम पर बातचीत को फिर से शुरू करने की अनुमति देने के लिए राजनीतिक संकट जल्द ही हल हो जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच भीषण युद्ध जारी है। इस युद्ध के 135 दिन होने के बावजूद दोनों देश पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे। इस बीच शनिवार रात (भारतीय समयानुसार) यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बड़ा कदम उठाया, जिसके तहत उन्होंने 5 देशों में अपने राजदूतों को बर्खास्त कर दिया। जिसमें जर्मनी, हंगरी, चेक गणराज्य, नॉर्वे और भारत का नाम शामिल है। अभी तक यूक्रेनी राष्ट्रपति के इस फैसले की वजह पता नहीं चल पाई है। यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति ने जर्मनी में यूक्रेन के राजदूत Andriy Melnyk को बर्खास्त कर दिया है। इसी तरह की कार्रवाई हंगरी, चेक गणराज्य, नॉर्वे और भारत में तैनात राजदूतों पर की गई है। अभी तक राष्ट्रपति कार्यालय ने ये नहीं बताया है कि इन बर्खास्त राजदूतों को दूसरी जगह तैनाती मिलेगी या नहीं। वहीं दूसरी ओर कई महीनों से जेलेंस्की दूसरे देशों से मदद का आह्वान कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपने राजदूतों से तैनाती वाले देश की सरकार से संपर्क साधने को भी कहा था। रूस की सेना ने फिर से यूक्रेन पर बमबारी की है, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई। यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक रूसी सैनिकों ने डोनेट्स्क ओब्लास्ट में बखमुट और सिवर्सक को निशाना बनाया था। जिससे काफी नुकसान हुआ। इस घटना में एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ। इससे पहले 27 जून को रूस ने क्रेमेनचुक शहर में एक शॉपिंग सेंटर पर मिसाइल दागी थी, जिससे वो पूरी तरह से बर्बाद हो गया। घटना के वक्त वहां पर सैकड़ों लोग मौजूद थे, जिसमें से 18 लोगों की मौत हुई, जबकि दर्जनों गंभीर रूप से घायल हुए थे। वहीं 9 जुलाई को अजोवस्टल स्टील प्लांट के पास दो बम धमाकों की खबर आई। जिसके बाद वहां पर आग लग गई। इस घटना में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपपक्षे ने शनिवार को अपना आधिकारिक आवास छोड़ दिया। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शनिवार को मध्य कोलंबो के कड़ी सुरक्षा वाले फोर्ट इलाके में अवरोधकों को हटाकर राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास में घुस गए। राष्ट्रपति को वहां से हटाना पड़ा और कहीं और ले जाया गया। वहीं खबर है कि राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे 13 जुलाई को इस्तीफा देंगे। इस बीच, श्रीलंकाई नौसेना के जहाज पर सूटकेस लोड किए जाने का वीडियो सामने आया है जिसको लेकर स्थानीय मीडिया का दावा है कि सूटकेस राष्ट्रपति राजपक्षे के थे। वीडियो में SLNS गजबाहू जहाज पर बड़े सूटकेस ले जाते तीन लोगों को देखा जा सकता है। तीनों लोग जल्दी में हैं और उन्हें वीडियो में भागते हुए देखा जा सकता है। एक स्थानीय न्यूज चैनल ने दावा कि कोलंबो पोर्ट के हार्बर मास्टर ने कहा कि एक समूह SLNS सिंदुरला और SLNS गजबाहू पर सवार हुआ और बंदरगाह से निकल गया। इससे पहले निजी समाचार चैनलों ने यह भी दिखाया कि श्रीलंका के मुख्य अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति का वाहन काफिला जैसा प्रतीत हुआ था। लेकिन इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई कि उन्होंने द्वीप छोड़ दिया है या नहीं। राजपक्षे का वर्तमान ठिकाना अज्ञात है और प्रदर्शनकारियों ने अब उनके कार्यालय और आधिकारिक आवास दोनों पर कब्जा कर लिया है। शनिवार सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में दो पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 30 लोग घायल हो गए। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथ में श्रीलंका का ध्वज और हेलमेट थे। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर फोर्ट इलाके में एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारी देश में गंभीर आर्थिक संकट को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीलंका में आर्थिक हालात से त्रस्त जनता ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास पर कब्जा कर लिया। वहीं राष्ट्रपति अपना आवास छोड़कर भाग गए हैं। इसी बीच, श्रीलंका में प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पीएम ने ट्वीट कर कहा कि आज पार्टी नेताओं की बैठक में सभी नागरिकों की सुरक्षा समेत सरकार की निरंतरता को सुनिश्चित करने के लिए सर्वदलीय सरकार बनाने का फैसला लिया गया। मैं इस फैसले को आसान बनाने के लिए प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देता हूं। बता दें कि, इससे पहले स्पीकर के घर जूम पर हुई नेताओं की बैठक में राष्ट्रपति और पीएम के पद छोड़ने की पेशकश की गई थी। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने शनिवार को कहा कि वह इस्तीफा देने के इच्छुक हैं ताकि देश में सर्वदलीय सरकार गठित करने के लिये रास्ता बन सके। प्रधानमंत्री के मीडिया प्रभाग ने कहा कि सर्वदलीय सरकार बनने और संसद में बहुमत साबित होने के बाद वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। उनके कार्यालय ने कहा कि विक्रमसिंघे तब तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे। विक्रमसिंघे ने पार्टी नेताओं से कहा कि वह इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए पद छोड़ने का निर्णय ले रहे हैं कि इस सप्ताह से देशव्यापी ईंधन वितरण दोबारा शुरू किया जाना है, विश्व खाद्य कार्यक्रम के निदेशक इस सप्ताह देश का दौरा करने वाले हैं और आईएमएफ के लिए ऋण निरंतरता रिपोर्ट को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाना है। श्रीलंका में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करते हुए शनिवार को मध्य कोलंबो के कड़ी सुरक्षा वाले फोर्ट इलाके में अवरोधकों को हटाकर उनके (राष्ट्रपति के) आधिकारिक आवास में घुस गए। सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में दो पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 30 लोग घायल हो गए। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथ में श्रीलंका का ध्वज और हेलमेट थे। सूत्रों के अनुसार, शनिवार के विरोध प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर राष्ट्रपति को शुक्रवार को उनके आवास से बाहर ले जाया गया था। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति को कहां ले जाया गया है, इस बारे में पता नहीं चल सका है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के कार्यालय और आधिकारिक आवास दोनों पर कब्जा कर लिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधान मंत्री रहने वाले शिंजो आबे की आगामी चुनावों के प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या करने के एक दिन बाद, उनके शरीर को पश्चिमी जापान के नारा शहर से टोक्यो ले जाया गया। 67 वर्षीय नेता को एक पूर्व सैनिक ने घर में बनी बंदूक से दो बार गोली मारी थी। नारा आपातकालीन सेवा विभाग ने शुक्रवार को कहा कि जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो वह गर्दन के दाहिने हिस्से और बाएं हंसली पर घायल हो गए थे और कोई महत्वपूर्ण लक्षण नहीं थे। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आबे की पत्नी अखी आबे उनके शव को टोक्यो ले आई हैं। आबे का अंतिम संस्कार कथित तौर पर 12 जुलाई को होगा। पुलिस ने घटनास्थल पर ही हमलावर को पकड़ लिया। वह जापान की नौसेना का पूर्व सदस्य है। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल देसी बंदूक बरामद कर ली और बाद में उसके अपार्टमेंट में कई बंदूकें बरामद की गयी। रविवार को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले आबे की हत्या ने देश को सकते में डाल दिया है और इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या आबे की सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीलंका में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करते हुए शनिवार को यहां अवरोधकों को हटाकर उनके आधिकारिक आवास में घुस गए। ‘डेली मिरर’ की खबर के मुताबिक, पुलिस ने शनिवार सुबह प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रपति आवास में घुसने से रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और उन पर पानी की बौछारें की तथा गोलियां भी चलायी। हालांकि, प्रदर्शनकारी अवरोधकों को हटाकर राष्ट्रपति आवास में घुस गए। जपक्षे पर मार्च से ही इस्तीफा देने का दबाव बढ़ रहा है। वह अप्रैल में प्रदर्शनकारियों के उनके कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कब्जा करने के बाद से ही राष्ट्रपति आवास को अपने आवास तथा कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रपति गोटबाया ने कोलंबो में प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही परिसर खाली कर दिया था। इस बीच, प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिस अधिकारियों समेत कम से कम 30 लोग घायल हो गए और उन्हें कोलंबो में नेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। उधर, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने स्थिति पर चर्चा करने और त्वरित समाधान के लिए पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की अपील की है। श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (रछढढ) के 16 सांसदों ने एक पत्र में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से तत्काल इस्तीफा देने का अनुरोध किया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क अब ट्विटर नहीं खरीदेंगे। एलन मस्क ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह ट्विटर को खरीदने के लिए 44 बिलियन डॉलर की अपनी पेशकश को छोड़ देंगे, क्योंकि कंपनी नकली खातों की संख्या के बारे में पर्याप्त जानकारी मुहैया कराने में विफल रही है। वहीं ट्विटर ने तुरंत यह कहते हुए प्रतिक्रिया दी कि वह इस सौदे को बनाए रखने के लिए टेस्ला के सीईओ पर मुकदमा करेगा। अरबपति टेस्ला प्रमुख की टीम की ओर से ट्विटर को भेजे गए एक पत्र के अनुसार, एलन मस्क खरीद समझौते के कई उल्लंघनों का हवाला देते हुए ट्विटर को खरीदने के लिए अपने 44 बिलियन अमरीकी डालर के सौदे को समाप्त कर रहे हैं। पत्र में कहा गया कि मस्क विलय समझौते को समाप्त कर रहे हैं क्योंकि ट्विटर उस समझौते के कई प्रावधानों का उल्लंघन कर रहा है। दरअसल अप्रैल में मस्क ने ट्विटर के साथ 54.20 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से लगभग 44 बिलियन डॉलर के लेनदेन में अधिग्रहण समझौता किया। हालांकि, मस्क ने मई में अपनी टीम को ट्विटर के इस दावे की सत्यता की समीक्षा करने की अनुमति देने के लिए सौदे को रोक दिया कि प्लेटफॉर्म पर 5% से कम खाते बॉट या स्पैम हैं। द वर्ज की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ट्विटर को खरीदने के अपने प्रयास में अकेले नहीं जा रहे थे, लैरी एलिसन, वेंचर कैपिटल फर्म आंद्रेसेन होरोविट्ज, फिडेलिटी, क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस और कतर की राज्य निवेश फर्म जैसे कुछ अरबों में पिचिंग करने वालों में से हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि यह विचार कि सौदे पर दिशा में कठोर बदलाव होने के करीब है, माना जाता है कि प्लेटफॉर्म पर स्पैम और बॉट्स के बारे में ट्विटर का डेटा सत्यापन योग्य नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की दो गोलियां लगने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। उनके निधन पर दुनियाभर के वर्तमान और पूर्व नेताओं ने दुख जाहिर की है। जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले शिंजो आबे के निधन की खबर दुनियाभर में गूंज रही है और राजनीतिक हिंसा और गन कल्चर को लेकर चिंता पैदा कर रही है। उनके निधन पर यूरोपीय संघ की नेता उसुर्ला वॉन डेर लेयन ने हमले को ‘क्रूर और कायरतापूर्ण हत्या’ करार दिया, और कहा एक अद्भुत शख्सियत, महान लोकतंत्र और बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था के चैंपियन का निधन हो गया है। शिंजो आबे के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है और शुक्रवार को देशभर में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शिंजो आबे को अपना ‘प्रिय मित्र’ बताया। चीन की बढ़ती रणनीतिक क्रूरता के बीच आबे ने एशिया के सबसे बड़े और सबसे बड़ी आबादी वाले लोकतंत्र के साथ एक घनिष्ठ संबंधन विकसित किए थे। शिंजो आबे ही क्वाड के जनक थे, जिसका गठन एशिया-पैसिफिक की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया था। आज इस समूह में चार देश, भारत, जापान, आॅस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल है, जिसका गठन चीन को काउंटर करने के लिए किया गया है। दक्षिण कोरिया ने भी जापान के पूर्व प्रधानमंत्री आबे की हत्या पर दुख जताया है और उनकी पत्नी अकी को शोक संदेश भेजा है, जिसमें शूटिंग को अस्विकार्य अपराध करार दिया गया है। दक्षिण कोरिया, जापान का उपनिवेश रहा है, ऐसे में दक्षिण कोरिया जापान का घोर विरोधी था और दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। जबकि दक्षिण कोरियाई सरकार ने इस साल की शुरूआत में पड़ोसी देश के साथ बेहतर संबंधन विकसित करने की पेशकश की थी। ब्रिटेन के निवर्तमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी शिंजो आबे के निधन पर दुख जाहिर किया और उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा, अविश्वसनीय, दुखद समाचार। अज्ञात समय के माध्यम से वैश्विक नेतृत्व को कोई लोगों द्वारा याद किया जाएगा। जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने कहा, हम इन कठिन समय में जापान के पक्ष में खड़े हैं, उन्होंने कहा हत्या ने उन्हें, स्तब्ध और दुखी कर दिया। नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने ट्वीट किया, लोकतंत्र के रक्षक और कई वर्षों में मेरे मित्र और सहयोगी शिंजो आबे की जघन्य हत्या से गहरा दुख हुआ। रूस, जो यूक्रेन पर हमले के बाद जापान की तरफ से प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, ने भी शिंजो आबे के निधन पर दुख संदेश भेजा है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि क्रेमलिन हत्या की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा आबे एक देशभक्त थे जिन्होंने बातचीत की मेज पर टोक्यो के हितों का बचाव किया। इसके लिए धन्यवाद कि उनके रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ अच्छे संबंध थे।
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