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वॉशिंगटन डीसी : गोलीबारी में कई लोग हताहत
Published / 2022-08-02 07:02:24
वॉशिंगटन डीसी : गोलीबारी में कई लोग हताहत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में गोलीबारी की एक घटना की सूचना मिली है, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की सूचना मिली है। डीसी पुलिस विभाग का कहना है कि गोलीबारी की घटना की जांच चल रही है। वहीं बीते रविवार को अमेरिका में लॉस एंजिलिस के एक पार्क में हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गयी जबकि कम से कम पांच अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि जिस समय पार्क में गोलीबारी हुई, उस समय वहां कार शो चल रहा था। लॉस एंजिलिस के पुलिस विभाग (एलएपीडी) ने बताया कि सान पैड्रो के पेक पार्क में अपराह्न तीन बजकर 50 मिनट पर गोलीबारी हुई। एलएपीडी के मुताबिक गोलीबारी की इस घटना को किसी एक विशेष व्यक्ति ने अंजाम नहीं दिया था। एलएपीडी के कैप्टन कैली मुनीज ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि इस घटना के शिकार लोगों की पहचान अब तक नहीं की जा सकी है। मुनीज ने कहा, पेक पार्क में बेसबॉल डायमंड पर हुई गोलीबारी की घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली। हम सबूतों को जुटाने और संभावित रूप से अतिरिक्त पीड़ितों के लिए पार्क को खाली करना जारी रख रहे हैं। उन्होंने कहा, हम यह नहीं जानते कि मौजूदा समय में वहां कितनी संख्या में गोलीबारी करने वाले मौजूद हैं। इससे पहले लॉस एंजिलिस दमकल विभाग ने कहा कि यह घटना कार शो में या उसके पास हुई और कम से कम तीन लोगों को गोलियां लगीं और उनमें से दो की हालत गंभीर है। दमकल विभाग के मुताबिक इस घटना में चार पुरुष और तीन महिलाओं समेत कुल सात लोग घायल हुए थे और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। पुलिस के मुताबिक इस घटना के सिलसिले में अब तक किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

अफगानिस्तान में अमेरिका का ड्रोन हमला, मारा गया अलकायदा प्रमुख अल जवाहिरी
Published / 2022-08-02 06:48:37
अफगानिस्तान में अमेरिका का ड्रोन हमला, मारा गया अलकायदा प्रमुख अल जवाहिरी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अमेरिका के आतंकविरोधी अभियान में अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी के मारे जाने की पुष्टि की गई है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने रविवार को काबुल में यह अभियान छेड़ा था। अल-जवाहिरी एक सुरक्षित घर की बालकनी में था, जब ड्रोन ने उस पर दो मिसाइलें दागीं। हमले के दौरान उसके परिवार के अन्य सदस्य भी घर में मौजूद थे, लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। बाइडेन ने कहा कि उन्होंने अल-कायदा नेता के खिलाफ सटीक कार्रवाई के लिए अंतिम मंजूरी दे दी थी। उन्होंने कहा कि अल- जवाहिरी ने अक्टूबर- 2000 में अदन में अमेरिकी नौसैनिकों पर हमले समेत हिंसा की अन्य कृत्यों को भी अंजाम दिया था। इस हमले में 17 अमेरिकी नाविक मारे गए थे। मेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, चाहे कितना भी समय लगे, चाहे आप कहीं भी छिप जाएं, अगर आप हमारे लोगों के लिए खतरा हैं, तो हम आपको और आपके लोगों को ढूंढ निकालेंगे। वर्ष 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल-जवाहिरी ने अल-कायदा पर कब्जा कर लिया। उसने और बिन लादेन ने एक साथ 9/11 के हमलों की साजिश रची और तब से वह अमेरिका के वाछित आतंकवादियों में से एक बन गया। इस बीच तालिबान के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां पिछले 20 वर्षों के असफल अनुभवों की पुनरावृत्ति हैं तथा अमेरिका, अफगानिस्तान और क्षेत्र के हितों के खिलाफ हैं।

नई साजिश : हिमालय पर 624 गांव बसाने की तैयारी में चीन
Published / 2022-07-31 17:48:31
नई साजिश : हिमालय पर 624 गांव बसाने की तैयारी में चीन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत व तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्रों पर चीन की सक्रियता लगातार जारी है जिससे उसके खतरनाक इरादे सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में चीन सरकार ने 2030 तक 1,00,000 से अधिक तिब्बतियों को उनके घरों से स्थानांतरित करने की योजना की घोषणा की है। इसके पीछे तिब्बतियों के परंपरागत जीवन को खत्म करने के साथ-साथ भारत समेत सीमावर्ती क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित करना है। सिर्फ इतना ही नहीं, चीन हिमालय में नए गांव बसाने की योजना पर भी काम कर रहा है। हांगकांग में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक ड्रैगन विवादित हिमालय क्षेत्र में 624 गांव बनाने की तैयारी कर रहा है। हांगकांग में रिपोर्ट के मुताबिक तिब्बतियों को विस्थापित करना चीन की रणनीति की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। इसके तहत वह विवादित सीमावर्ती क्षेत्रों में आक्रामक ढंग से नए गांव बनाना चाहता है। तिब्बती प्रेस के मुताबिक ऐसा करके चीन एक तरफ इन क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की फिराक में है। वहीं दूसरी तरफ वह चाहता है कि भारत, भूटान और नेपाल अपनी ही सीमाओं में बंधे रहें। इस रिपोर्ट में चीन सरकार के डॉक्यूमेंट्स का हवाला दिया गया है। असल में चीन की यह योजना 2018 में लांच की गई उसकी रणनीति का हिस्सा है। तिब्बत ऑटोनॉमस रीजन कम्यूनिस्ट पार्टी कमेटी द्वारा तैयार की गई इस योजना के मुताबिक चीन हिमालय पर 4800 मीटर से या उससे ऊपर रहने वाले तिब्बतियों को विस्थापित करेगा। चीन का तर्क है कि ऐसा करके वह पर्यावरण की रक्षा कर रहा है। हालांकि इस बारे में कोई भी वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि इस विस्थापन से पर्यावरण पर कोई अनुकूल प्रभाव पड़ने वाला है। हांगकांग में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक इसके पीछे का असली मकसद पारंपरिक तिब्बती जीवन शैली को समाप्त करना था। विशेष रूप से, इन क्षेत्रों में तिब्बती पीढ़ियों के लिए खानाबदोश रहे हैं। यह सदियों से तिब्बती पठार पर प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रह रहे हैं। अनुमान के मुताबिक जबरन पुनर्वास से करीब 20 लाख तिब्बती खानाबदोश विस्थापित होंगे। इसके चलते यह अपनी आजीविका खो देंगे और गरीबी में धकेल दिए जाएंगे।

5.5 तीव्रता के भूकंप के झटके से हिली नेपाल की धरती
Published / 2022-07-31 07:26:30
5.5 तीव्रता के भूकंप के झटके से हिली नेपाल की धरती

एबीएन सेंट्रल डेस्क। नेपाल के काठमांडू में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई। इसका केंद्र नेपाल की राजधानी काठमांडू से 147 किमी दक्षिण पूर्व में था। भूकंप की वजह से फिलहाल किसी भी तरह से नुकसान की कोई खबर नहीं है। जानकारी के मुताबिक भूकंप का असर नेपाल से लगने वाले बिहार के भी कई जिलों में देखने को मिला है। सूत्रों के मुताबिक नेपाल से सटे बिहार के मधुबनी, समस्तीपुर, अररिया, कटिहार, सीतामढ़ी में रविवार सुबह 7ः58 बजे धरती हिली। इससे पहले पिछले महीने ही नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र काठमांडू से 161 किमी दूर था।

ईराकी संसद पर फिर प्रदर्शनकारियों का धावा, जमकर नारेबाजी-तोड़फोड़
Published / 2022-07-30 17:01:51
ईराकी संसद पर फिर प्रदर्शनकारियों का धावा, जमकर नारेबाजी-तोड़फोड़

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने संसद में इराकी झंडे और अल-सदर के फोटो लहराते हुए जमकर नारेबाजी की। दूसरी ओर सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोंकने और तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन आदि का इंतजाम किया था, हालांकि सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों को रोकने में विफल रहे। ईराक की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी : ईराक में एक बार फिर से सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को प्रधानमंत्री के नामांकन के विरोध में दूसरी बार बगदाद में संसद भवन पर धावा बोल दिया। इन प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर शिया नेता मुक्तदा अल-सदर के समर्थक थे। इससे पहले बुधवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने बगदाद स्थित संसद पर धावा बोल दिया था। मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में संसद परिसर में घुस गए और वहां तोड़फोड़ भी की थी। जमकर की तोड़फोड़ : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार की तरह ही शनिवार को भी प्रदर्शनकारियों ने संसद में इराकी झंडे और अल-सदर के फोटो लहराते हुए जमकर नारेबाजी की। दूसरी ओर सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोंकने और तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन आदि का इंतजाम किया था, हालांकि सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों को रोंकने में विफल रहे। प्रदर्शनकारी ससंद में लगी मेजों पर चलते हुए, सांसदों की कुर्सियों पर बैठे और इराकी झंडे लहराते देखे गए। हालांकि संसद में कोई विधायक, सांसद मौजूद नहीं था। इस दौरान एक व्यक्ति को इराकी संसद के अध्यक्ष की मेज पर लेटा हुआ देखा गया। मारत के अंदर केवल सुरक्षाकर्मी थे जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को आसानी से अंदर जाने की अनुमित दे दी। ये प्रदर्शनकारी पूर्व मंत्री और पूर्व प्रांतीय गवर्नर मोहम्मद शिया अल-सुदानी की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं, जो ईरान समर्थित हैं। बता दें कि अक्तूबर 2021 में इराक में चुनाव हुए थे, इसके बाद यह बड़ा प्रदर्शन है। बुधवार को विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब प्रतिस्पर्धी राजनीतिक गुट नई सरकार के गठन पर सहमत नहीं हो पाए। चुनाव के बाद सबसे बड़ा विरोध : अक्तूबर में संघीय चुनाव होने के बाद से यह सबसे बड़ा विरोध माना जा रहा है, और दूसरी बार शिया धर्मगुरु अल-सदर ने इस महीने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को संदेश देने के लिए जनता को जुटाने की अपनी क्षमता का इस्तेमाल किया है। वहीं इससे पहले भी अल सदर ने सरकार के खिलाफ भीड़ जुटाई थी। अल-सदर के बयान के बाद संसद से निकले प्रदर्शनकारी : वहीं, बुधवार को अनुयायियों के संसद पर कब्जा करने के कुछ घंटों बाद प्रभावशाली शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सदर ने ट्विटर पर एक बयान जारी किया था। उन्होंने लोगों से घरों में सुरक्षित लौटने के लिए कहा।

जो 75 साल में नहीं हुआ, वो पहली महिला हिंदू पाकिस्तानी डीएसपी ने कर दिखाया...
Published / 2022-07-30 16:58:17
जो 75 साल में नहीं हुआ, वो पहली महिला हिंदू पाकिस्तानी डीएसपी ने कर दिखाया...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 1947 में जब भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था तो इस्लामिक मुल्क पाकिस्तान में 12.9% हिंदू अल्पसंख्यक रह गए थे। समय बदला, हालात बदले और 75 साल में हिंदू अल्पसंख्यकों की आबादी भी बदल गई। इस आबादी की पाकिस्तान की कुल जनसंख्या में हिस्सेदारी 12.9% से 2.14% हो चुकी है। पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। इन विपरित परिस्थितियों के बीच पाकिस्तान के हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए एक अच्छी खबर आई। पहली बार पाकिस्तान में कोई हिंदू महिला डीएसपी बन पाई है। ये महिला है मनीषा रुपेता। मनीषा पाकिस्तान में डीएसपी के तौर पर नियुक्त होने वाली पहली हिंदू महिला हैं। सिंध लोक सेवा की परीक्षा पास करने और प्रशिक्षण हासिल करने के बाद उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। आज हम आपको मनीषा के बारे में सबकुछ बताएंगे। कैसे उन्होंने तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए इस मुकाम को हासिल किया? जो 75 साल में नहीं हुआ वो अब कैसे हो गया?

लगातार दूसरी तिमाही में अमेरिकी जीडीपी में गिरावट
Published / 2022-07-30 13:10:01
लगातार दूसरी तिमाही में अमेरिकी जीडीपी में गिरावट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में लगातार दूसरी तिमाही में इकॉनमी में गिरावट आई है। इससे देश में मंदी की आशंका और गहरा गई है। अमेरिकी इकॉनमी में चालू वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई। यह लगातार दूसरी तिमाही है जब आर्थिक वृद्धि दर घटी है। वाणिज्य मंत्रालय के गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार इससे पहले जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई थी। लगातार दो तिमाहियों में जीडीपी में गिरावट मंदी का संकेत है। हालांकि, आंकड़ा अभी स्थाई नहीं है, इसमें बदलाव हो सकता है। अभी इसे दो बार रिवाइज किया जाएगा। पिछले साल दूसरी तिमाही में देश की इकॉनमी 6.7 फीसदी की दर से बढ़ी थी। जीडीपी में गिरावट का आंकड़ा ऐसे समय जारी किया गया है, जब बढ़ती महंगाई और कर्ज की ऊंची लागत के कारण उपभोक्ता तथा कंपनियां प्रभावित हैं। इकॉनमी में लगातार दो तिमाहियों में गिरावट को मंदी कहा जाता है। इससे पहले अमेरिकी इकॉनमी में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई थी। सप्लाई चेन की समस्याओं, कमोडिटीज की कीमत और लेबर कॉस्ट में तेजी और लेबर तथा तेल की बढ़ती कीमत के कारण अमेरिका में महंगाई चार दशक के चरम पर है। इससे देश में मंदी की आशंका जोर पकड़ रही है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है और अगर वह मंदी की चपेट में आती है तो इसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल सकता है। पॉलिसी रेट में बढ़ोतरी : उल्लेखनीय है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (केंद्रीय बैंक) ने बुधवार को लगातार दूसरी बार नीतिगत दर में 0.75 प्रतिशत की वृद्धि की। हालांकि, फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल और कई अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि अर्थव्यवस्था में कुछ नरमी जरूर है लेकिन उन्हें मंदी को लेकर संदेह है। इसका कारण श्रम बाजार में मजबूती है। 1.1 करोड़ नई नौकरियों के अवसर उपलब्ध हुए हैं और बेरोजगारी दर 3.6 प्रतिशत है जो अपेक्षाकृत काफी कम है। पिछले साल अमेरिकी की आर्थिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही थी।

अमेरिका-दक्षिण कोरिया को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहा सनकी किंग किम जोंग
Published / 2022-07-30 13:09:27
अमेरिका-दक्षिण कोरिया को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहा सनकी किंग किम जोंग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर कोरिया के सनकी किंग किम जोंग उन ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ संभावित सैन्य संघर्षों में अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की धमकी दी है। किम ने दावा है कि उनके प्रतिद्वंद्वी कोरियाई प्रायद्वीप को युद्ध की कगार पर धकेल रहे हैं। किम ने 1950-53 के कोरियाई युद्ध की समाप्ति की 69वीं वर्षगांठ पर पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। इस भाषण का उद्देश्य महामारी से संबंधित आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे देश में आंतरिक एकता को बढ़ावा देना है। कुछ पर्यवेक्षकों का कहना है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ उत्तर कोरिया की धमकियां बढ़ सकती हैं, क्योंकि दोनों सहयोगी देश अपने सैन्य अभ्यास को विस्तार देने की योजना बना रहे हैं, जिसे उत्तर कोरिया आक्रमण के अभ्यास के तौर पर देखता है। आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार, किम ने बुधवार को भाषण में कहा, हमारे सशस्त्र बल किसी भी संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और हमारे देश की परमाणु युद्ध क्षमता भी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अमेरिका पर अपनी शत्रुतापूर्ण नीतियों को न्यायसंगत ठहराने के लिए उत्तर कोरिया की खराब तस्वीर पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास अमेरिका के दोहरे मानदंड के प्रतीक हैं, क्योंकि वह उत्तर कोरिया की नियमित सैन्य गतिविधियों को उकसावे या धमकियों के तौर पर दिखाता है। दरअसल, वह उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के संदर्भ में बात कर रहे थे। किम ने दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति यून सुक यिओल को उन्मादी बताया, जो पूर्व के दक्षिण कोरियाई नेताओं से भी आगे निकल गए हैं और कहा कि यून की रूढ़िवादी सरकार का नेतृत्व गुंडे कर रहे हैं।

"साइंस" का दावा : वुहान के सीफूड बाजार से ही फैला था कोरोना
Published / 2022-07-30 08:12:03
"साइंस" का दावा : वुहान के सीफूड बाजार से ही फैला था कोरोना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना महामारी दुनियाभर में अब भी बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है। इसे लेकर बार-बार सवाल उठता है कि यह आखिर कैसे और कहां से फैली? इसका अब भी अंतिम उत्तर नहीं मिला है। अब एक नए शोध में सबूतों के आधार पर दावा किया गया है कि चीन के वुहान में स्थित सीफूड व वन्य प्राणी बाजार से ही कोरोना वायरस फैला। इसने अब तक दुनियाभर में 64 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। साइंस पत्रिका में कोरोना को लेकर प्रकाशित दो नए अध्ययन में एक नतीजा साफतौर पर निकाला गया है कि कोरोना वुहान के हुआनान समुद्री व वन्य जीव बाजार से ही फैला।

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