Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

वर्ल्ड

View All
कैलिफोर्निया : दो छोटे विमानों के आपस में टकराने से कई लोगों की मौत
Published / 2022-08-19 05:31:44
कैलिफोर्निया : दो छोटे विमानों के आपस में टकराने से कई लोगों की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के कैलिफोर्निया में दो विमान आपस में टकरा गिए। गुरुवार को ये दोनों छोटे एयरक्राफ्ट आसमान में ही आपस में टकरा गए, जिसमे कई लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब वैटसोनविले शहर में विमान स्थानीय एयरपोर्ट पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था। स्थानीय अधिकारी ने बताया कि कई एजेंसियो ने वैटसोनविले म्युनिसिपल एयरपोर्ट पर 2 प्लेन जब लैंड करने की कोशिश कर रहे थे तो टकरा गए। हमारे पास कई लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट आई है। इस हादसे की जांच की जा रही है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार ट्विन इंजिन सेसना 340 विमान में दो लोग सवार थे, वहीं सिंगल इंजन सेसना 152 विमान जिसमे एक पायलट सवार था, वह क्रैश हो गया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस हादसे में कितने लोग बच सके हैं। एफएफए और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड इस क्रैश की जांच कर रही है। वैटसोनविले के मेयर ने ब ताया कि इस हादसे में मृतकों को लेकर हम दुखी हैं। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर करता हूं।

सीरिया के बॉर्डर पर टर्की ने की बड़ी एयरस्ट्राइक, 17 लड़ाकों की मौत
Published / 2022-08-17 04:39:45
सीरिया के बॉर्डर पर टर्की ने की बड़ी एयरस्ट्राइक, 17 लड़ाकों की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीरिया के बॉर्डर पर टर्की के लड़ाकू विमानों ने बड़ी बमबारी की है, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई है। 16 अगस्त को टर्की के विमानों ने सीरिया के कई ठिकानों पर बमबारी की, जिसमे 17 लड़ाके मारे गए हैं। हालांक यह साफ नहीं हो सका है कि मारे जाने वाले सरकार से जुड़े थे या फिर कुर्दिश सेना से। सेना के सूत्रों के अनुसार मारे जाने वालों में 3 सीरिया के सैनिक हैं, जबकि टर्की की छापेमारी में 6 लोग घायल हुए हैं। सेना के सूत्रों का कहना है कि सेना के आउटपोस्ट पर किसी भी तरह का हमला होता है तो हमारी सेना उसका जवाब देगी, हम इस तरह के हमले का तुरंत, सीधा और हर तरफ से जवाब देंगे। रिपोर्ट के अनुसार यह बमबारी कुर्दिश कब्जे वाले शहर कोबेन में हुई है, जहां पर टर्की और कुर्दिश सेना के बीच मुछभेड़ चल रही है। कुर्दिश के लड़ाकों ने भी टर्की के अंदर घुसकर बीती रात एक सैनिक को मार दिया है। टर्की के रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि 13 आतंकियों को मार गिराया गया है। यहां पर ऑपरेशन चल रहा था। सीरिया की कुर्डिश आर्मी का कहना है कि जुलाई माह से हमारे 13 लड़ाकों की मौत हुई है। बता दें कि टर्की ने कुर्दिश लड़ाकों को निशाना बनाने के लिए सीमा पर ऑपरेशन चला रखा है। वर्ष 2016 से ही इन लड़ाकों के खिलाफ टर्की लड़ाई लड़ रहा है। अहम बात यह है कि इस लड़ाई में सीरिया के सैनिक मुश्किल से ही मारे गए हैं। टर्की ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद का विरोध करता है। आरोप है कि बशर कुर्दिश सेना का समर्थन कर रहे हैं। पिछले हफ्ते टुर्की के विदेश मंत्री सीरिया और विपक्ष लड़ाकों के बीच सुलह की बात कही थी।

ट्वीट दे रहे संकेत... अब फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड खरीदने वाले हैं मस्क
Published / 2022-08-17 03:34:27
ट्वीट दे रहे संकेत... अब फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड खरीदने वाले हैं मस्क

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अपने ट्वीट्स को लेकर अक्सर चर्चा में बने रहने वाले एलन मस्क ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। दुनिया के सबसे अमीर शख्स ने ट्विटर पर लिखा कि वह इंग्लिस फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड खरीद रहे हैं। उनके इस ट्वीट के बाद मानों इंटरनेट पर भूचाल आ गया। ट्विटर पर हर किसी में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि क्या वाकई टेस्ला चीफ इस फुटबॉल क्लब को खरीदने वाले हैं। दरअसल, मस्क ने आज सुबह एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, यह बहुत ही स्पष्ट है कि मैं आधा रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करता हूं और आधा डेमोक्रेटिक पार्टी का। इस ट्वीट के बाद उन्होंने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, मैं मैनचेस्टर यूनाइटेड खरीद रहा हूं, आपका स्वागत है। मस्क के इस ट्वीट पर यूजर्स ने कई सवाल दागे। सौदे को लेकर कितने गंभीर, पता नहीं : एलन मस्क इस तरह के ट्वीट अक्सर करते रहते हैं, जो चर्चा का विषय बनते हैं। इसलिए, उन्होंने ट्विटर पर तो मैनचेस्टर यूनाइटेड खरीदने का एलान तो कर दिया, लेकिन खुद यूजर्स इस बार पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं और न ही एलन मस्क ने इस बारे में कुछ और लिखा है, जिससे पता चले कि वे इस सौदे के लिए कितना गंभीर हैं। हाल ही में ट्विटर से तोड़ा था सौदा : एलन मस्क ने हाल ही में सोशल मीडिया साइट ट्विटर से भी सौदा तोड़ लिया था। पहले उन्होंने ट्विटर के साथ एक बड़ी डील करी थी। हालांकि, बाद में इस डील से वह बाहर हो गए। इसको लेकर ट्विटर ने मस्क पर एक मुकदमा भी दायर किया है। ट्विटर ने कहा है कि अरबपति मस्क स्पैम खातों का इस्तेमाल सौदे से बाहर निकलने के बहाने के रूप में कर रहे हैं।

अफगानिस्तान : मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ में 31 की मौत
Published / 2022-08-16 03:49:42
अफगानिस्तान : मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ में 31 की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तरी अफगानिस्तान में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग लापता हो गए हैं। तालिबान की सरकारी समाचार एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। बाढ़ रविवार को उत्तरी परवान प्रांत में आई। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं और 17 लोगों के घायल होने की खबर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोमवार को कम से कम 100 लोग लापता हो गए। तलाश एवं बचाव अभियान जारी है। परवान प्रांत में तीन प्रभावित जिलों में बाढ़ के कारण दर्जनों घर बानी में बह गये। स्थानीय मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में अफगानिस्तान के अन्य 34 प्रांतों में और अधिक बारिश होने की आशंका है। गौरतलब है कि देश भर में भारी बारिश और बाढ़ के कारण जुलाई और जून में क्रमश: 40 और 19 लोगों की मौत हो गई।

सूडान : बारिश के कहर से अब तक 50 से ज्यादा की मौत, हजारों घर डूबे
Published / 2022-08-14 06:44:21
सूडान : बारिश के कहर से अब तक 50 से ज्यादा की मौत, हजारों घर डूबे

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सूडान में मौसमी मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ में अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और 8,170 से अधिक मकान जलमग्न हो गए हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूडान की राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल-जलील अब्दुल रहीम ने कहा कि उत्तरी कोर्दोफन प्रांत में 19 लोगों की मौत हुई है, इसके बाद नील नदी प्रांत में सात लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी दारफुर क्षेत्र, जिसमें पांच प्रांत हैं, में 16 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने यह नहीं बताया कि पहली घटना कब हुई। सूडान का बरसात का मौसम आमतौर पर जून में शुरू होता है और सितंबर तक रहता है, अगस्त और सितंबर में बाढ़ चरम पर होती है। पिछले साल भी बाढ़ से 80 लोगों की मौत : देश की सरकारी सुना समाचार एजेंसी के अनुसार, अब्दुल रहीम ने कहा कि इस साल अब तक कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं। अब्दुल रहीम ने कहा कि बाढ़ और भारी बारिश से 16 सरकारी केंद्र और करीब 40 दुकानें जलमग्न हो गई हैं और देश भर में कम से कम 540 फेदान (एकड़) खेत क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने कहा है कि मई के बाद से पूर्वी अफ्रीकी देश में भारी वर्षा से अनुमानित 38,000 लोग प्रभावित हुए हैं। पिछले साल बाढ़ और भारी बारिश से 80 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और देश भर में हजारों मकान बाढ़ के पानी में बह गये थे। तीन महीने तक आपातकाल : अधिकारियों ने 2020 में सूडान को एक प्राकृतिक आपदा क्षेत्र घोषित किया और बाढ़ और भारी बारिश के बाद देश भर में तीन महीने के लिए आपातकाल की स्थिति लागू कर दी और बाढ़ जनित घटनाओं में लगभग 100 लोगों की मौत हो गई और 100,000 (एक लाख) से अधिक मकान जलमग्न हो गये।

चीन की कार्रवाई शांति-स्थिरता के खिलाफ, ताइवान की मदद करता रहेगा अमेरिका
Published / 2022-08-13 06:54:06
चीन की कार्रवाई शांति-स्थिरता के खिलाफ, ताइवान की मदद करता रहेगा अमेरिका

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी की हालिया ताइवान यात्रा के बाद चीन ने अपने इस पड़ोसी स्वायत्त क्षेत्र की कड़ी सैन्य घेराबंदी कर ली है। सैन्य अभ्यास के जरिए उसने इस द्वीप देश को डराने की कोशिश की है। इसे लेकर दोनों देशों व अमेरिका के बीच तनातनी जारी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के उप सहायक और एशिया प्रशांत मामलों के समन्वयक कुर्ट कैंपबेल ने बड़ी बात कही है। दरअसल, चीन ताइवान को अपना स्वायत्त क्षेत्र मानता है, लेकिन वह एक स्वतंत्र देश के रूप में उसका अस्तित्व स्वीकार नहीं करता। वह उस पर अपना प्रभुत्व मानता है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को कैंपबेल ने कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि चीन के कदम मूल रूप से शांति व स्थिरता के खिलाफ हैं। आने वाले सप्ताहों में चीन ये कदम और तेज कर सकता है। वह ताइवान पर दबाव की कार्रवाई लगातार करता रहेगा। यह दबाव आने वाले हफ्तों और कई महीनों तक जारी रहेगा। इसका मकसद स्पष्ट रूप से ताइवान को डराना और उसकी आजादी को कम करना है। कैंपबेल ने कहा कि अमेरिका ताइवान के खिलाफ चीन के कदमों को देखते हुए शांतिपूर्वक ठोस कदम उठाता रहेगा ताकि क्षेत्र में शांति व स्थिरता कायम रखी जा सके। वह लंबे समय से चली आ रही अपनी नीति के अनुसार ताइवान की मदद करता रहेगा। चूंकि चुनौतियां लंबे समय तक रहने वाली है, इसलिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अमेरिकी कदम आगामी हफ्तों और महीनों में नजर आएंगे। हम नहीं झुकेंगे और धीरज के साथ प्रभावी कदम उठाएंगे। अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानूनों की इजाजत के मुताबिक जहां तक संभव होगा ताइवान के इलाकों में उड़ान भरना, समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही जारी रखेगा।इन कदमों में ताइवान की खाड़ी में हवाई और समुद्री परिवहन शामिल है। कैंपबेल ने कहा कि हम ताइवान रिलेशंस एक्ट के तहत अपनी वचनबद्धताओं को पूरा करेंगे। इसमें में ताइवान की आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करना और उसके खिलाफ ताकत या अन्य किसी तरह की जबरदस्ती के किसी भी प्रयास का विरोध करना शामिल है। ताइवान की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था या लोगों के जीवन को खतरे में डालने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा। चीन द्वारा अमेरिका के साथ जलवायु परिवर्तन वार्ता स्थगित करने और संवाद के चैनलों को बंद करने के फैसलों का जिक्र करते हुए कैंपबेल ने बीजिंग से उन चैनलों को फिर से शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि कई देश इस इलाके में शांति और स्थिरता कायम रखने में गहरी रुचि रखते हैं।

सलमान रुश्दी गंवा सकते हैं एक आंख, लीवर भी क्षतिग्रस्त
Published / 2022-08-13 05:14:07
सलमान रुश्दी गंवा सकते हैं एक आंख, लीवर भी क्षतिग्रस्त

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के न्यूयॉर्क7 शहर में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान अंग्रेजी भाषा के मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर चाकू से हमला किया गया। इस दौरान रुश्दी की गर्दन से काफी खून निकला। रुश्दी पर उस समय हमला किया गया, जब वह पश्चिमी न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम में व्याख्यान देने वाले थे। फिलहाल, अस्पताल में रुश्दी की सर्जरी की जा चुकी है और उनको वेंटिलेटर स्पोर्ट पर रखा गया है। वहीं हमलावर की पहचान न्यू जर्सी के 24 वर्षीय हादी मतार के तौर पर हुई है। सलमान रुश्दी पर हमले के बाद बांग्लादेश की मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन ने चिंता व्यक्त की है। एक ट्वीट में उन्होंने कहा, मुझे पता चला है कि सलमान रुश्दी पर न्यूयॉर्क में हमला हुआ है। यह वाकई चौंकाने वाला है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। वे पश्चिम में रह रहे थे और उन्हें 1989 से सुरक्षा दी जा रही है। अगर, उन पर हमला हो सकता है तो जो भी इस्लाम की आलोचना करेगा, उस पर भी हमला हो सकता है। यह चिंता की बात है। सलमान रुश्दी के एजेंट एंड्रयू वायली ने मीडिया को बताया कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वह कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं। वहीं चाकू से किए गए हमले में उनकी हाथ की नसें भी कट गई हैं। वायली ने कहा, रुश्ती को हालत को देखते हुए कहा जा सकता है कि खबर अच्छी नहीं है। मशहूर लेखक सलमान रुश्ती की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं। आशंका है कि हमले में उनकी एक आंख भी खराब हो गई है। इसके अलावा उनके लीवर में भी चाकू घोंपी गई है, जिससे लीवर को भी नुकसान पहुंचा है।

चीन : लांग्या वायरस कितना मचायेगा तबाही? जानें इसके लक्षण...
Published / 2022-08-13 02:08:48
चीन : लांग्या वायरस कितना मचायेगा तबाही? जानें इसके लक्षण...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनियाभर में कोरोना महामारी ने काफी तबाही मचाई है। कोरोना के कारण लाखों लोगों की मौत हो गई जबकि करोड़ों लोग इसकी चपेट में आए। बहरहाल, कई देशों से कोरोना का असर अब काफी कम हो गया है, लेकिन अब एक नए वायरस ने टेंशन बढ़ा दी है। इसका नाम है जूनोटिक वायरस, हानिपावायरस। इसे लांग्या के नाम से भी जाना जाता है। लांग्या वायरस ने चीन में कई लोगों को अपना निशाना बनाया है। शैनडॉन्ग और हेनान प्रांत 35 लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। लांग्या हेंड्रा और निपाह वायरस से संबंधित है, जो मनुष्यों में बीमारी का कारण बनते हैं। आपको बताते हैं कि लांग्या वायरस के क्या लक्षण है? इससे लोग कैसे संक्रमित हो रहे हैं और ये कितना खतरनाक है। चीनी शोधकर्ताओं को बुखार आए लोगों की नियमित निगरानी के दौरान इस वायरस का पता चला। इन लोगों ने हाल ही में जानवरों से संपर्क भी किया था। वायरस की पहचान हो जाने के बाद शोधकर्ताओं ने अन्य लोगों में वायरस की जांच की। एक रिपोर्ट के मुताबिक ये वायरस 2019 में पहली बार मनुष्यों में पाया गया था। बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी एंड एपिडेमियोलॉजी के नेतृत्व में एक शोध किया गया था। जनवरी और जुलाई 2020 के बीच महामारी के पहले साल के दौरान लांग्या वायरस का कोई संक्रमण नहीं पाया गया था। शोध में पता चला कि घरेलू या जंगली जानवर वायरस का स्रोत हो सकते हैं। हालांकि उन्हें बहुत कम संख्या में बकरियां और कुत्ते मिले जो अतीत में वायरस से संक्रमित हो सकते थे। वायरस से पीड़ित लोगों में बुखार, थकान, खांसी और सिर दर्द की शिकायत हो रही है। इनमें बुखार सबसे आम लक्षण है। लोगों में भूख ना लगना, मांसपेशियों में दर्द और उल्टी की भी शिकायत हो रही है। लांग्या वायरस से बचाव के लिए अभी किसी टीके का ईजाद नहीं हुआ है। लक्षणों को हिसाब से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वायरस बहुत घातक नहीं है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इंग्लैंड में पड़ा 1976 के बाद का सबसे बड़ा सूखा
Published / 2022-08-12 15:21:58
इंग्लैंड में पड़ा 1976 के बाद का सबसे बड़ा सूखा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कम बारिश और रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ने की वजह से ब्रिटेन भयंकर सूखे की मार झेल रहा है। वहीं इस बीच खबर है कि इंग्लैंड के 14 में से आठ इलाकों में सूखे की घोषणा कर दी गई है। इसे 1976 के बाद सबसे बड़ा सूखा कहा जा रहा है इन आठ क्षेत्रों में डेवोन और कॉर्नवाल, सॉलेंट और साउथ डाउन्स, केंट और साउथ लंदन, हर्ट्स एंड नॉर्थ लंदन, ईस्ट एंग्लिया, टेम्स, लिंकनशायर और नॉर्थम्पटनशायर, ईस्ट मिडलैंड्स शामिल हैं। वहीं, यॉर्कशायर और वेस्ट मिडलैंड्स के अगस्त बाद में सूखे की चपेट में आने की आशंका है। कम बारिश और भीषण गर्मी पड़ने की वजह से यहां के जलाशयों का स्तर काफी नीचे चला गया है, जिसके कारण यहां सूखे जैसी स्थिति आ गई है। वाटर कंपनियों ने होसपाइप पर प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया है। कहा ये भी जा रहा है कि आने वाले समय में प्रतिबंध का दायरा और बढ़ सकता है। सूखे की घोषणा से नहरों को बंद किया जा सकता है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय किए जा सकते हैं। वहीं, जल मंत्री स्टीव डबल ने कहा है कि हम इस समय जुलाई के बाद दूसरी हीटवेव का सामना कर रहे हैं। देश के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। सभी जल कंपनियों ने पानी की आवश्यक आपूर्ति के लिए हमें आश्वस्त किया है। बता दें कि ब्रिटेन में जुलाई के महीने में तापमान 38-42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं, दक्षिणी इंग्लैंड में 1836 के बाद पहली बार जुलाई में बहुत कम बारिश हुई। जुलाई में ब्रिटेन में केवल 46।3े बारिश हुई, जो औसत बारिश का 53 फीसदी है।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 37,516