एबीएन सेंट्रल डेस्क। हिजाब ठीक से नहीं पहनने पर 22 वर्षीय कुर्दिश महिला महसा अमीनी की हत्या के विरोध में 17 सितंबर को शुरू हुआ प्रदर्शन 24वें दिन भी जारी है। सोमवार को ईरान में कई जगह धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं। देशभर में प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों व प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सरकार प्रदर्शन को ताकत से कुचलने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा सरकार की तरफ से अमीनी की हत्या को लेकर भी खेद नहीं जताया गया है। अब तक करीब 200 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जिनमें 20 नाबालिग छात्र शामिल हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के तीन अर्थशास्त्रियों को देने की घोषणा की गई है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी आॅफ साइंसेज ने बेन एस बर्नानके, डगलस डब्ल्यू डायमंड और फिलिप एच डायबविग को अर्थशास्त्र के लिए इस साल नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया है। ये पुरस्कार बैंकों और वित्तीय संकटों पर रिसर्च के लिए दिया गया है। अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार को अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार कहा जाता है। स्टॉकहोम में रॉयल स्वीडिश अकेडमी आॅफ साइंसेज में नोबेल समिति ने सोमवार को बेन एस बर्नान्के, डगलस डब्ल्यू डायमंड और फिलिप एच डायबविग को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की। इस पुरस्कार के तहत एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 9 लाख अमेरिकी डॉलर) का नकद पुरस्कार दिया जाता है। पुरस्कार 10 दिसंबर को दिया जायेगा। अन्य नोबेल पुरस्कारों के विपरीत, अर्थशास्त्र के पुरस्कार का उल्लेख अल्फ्रेड नोबेल की 1895 की वसीयत में नहीं था, बल्कि यह पुरस्कार की शुरुआत उनकी स्मृति में स्वीडिश केंद्रीय बैंक ने की थी। पहला विजेता 1969 में चुना गया था। पिछले साल अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार डेविड कार्ड और जोशुआ एंग्रिस्ट और गुइडो इंबेन्स को दिया गया था। कार्ड को यह पुरस्कार न्यूनतम मजदूरी, आप्रवासन और शिक्षा कैसे श्रम बाजार को प्रभावित करते हैं, इस संबंध में शोध के लिए दिया गया था। एंग्रिस्ट और इंबेन्स को पुरस्कार उन विषयों पर अध्ययन के लिए दिया गया, जो पारंपरिक वैज्ञानिक तरीकों से स्पष्ट नहीं होते हैं। एक धनी स्वीडिश उद्योगपति और डाइनामाइट के आविष्कारक सर एल्फ्रेड नोबेल की वसीहत के आधार पर चिकित्सा, भौतिकी, रसायन शास्त्र, साहित्य और शांति क्षेत्र के नोबेल पुरस्कारों की स्थापना की गई थी। पहला नोबेल पुरस्कार वर्ष 1901 में सर एल्फ्रेड नोबेल के निधन के पांच साल बाद दिया गया था। अर्थशास्त्र का नोबेल, जिसे आधिकारिक तौर पर बैंक आॅफ स्वीडन प्राइज इन इकोनॉमिक साइंसेज इन मेमोरी आॅफ एल्फ्रेड नोबेल नाम से जाना जाता है, उसकी स्थापना एल्फ्रेड नोबेल की वसीहत के आधार पर नहीं हुई थी, बल्कि स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने इसकी शुरुआत की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों में मिसाइल की आवाज के साथ जोरदार धमाके सुने गये हैं। इस धमाके में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हो गये हैं। हालांकि, मृतकों का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है लेकिन भारी नुकसान की आशंका है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी इस घटना की पुष्टि की है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक कई शहरों की इमारतों से काला धुएं के गुबार निकलते देखे गये। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन में तबाही मचाने के लिए रूस ने 12 आत्मघाती ईरानी ड्रोन भेजे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राजधानी कीव पर ताबड़तोड़ 75 मिसाइल से हमले किये गये हैं, हालांकि उनमें से 41 को यूक्रेनी एयर फोर्स ने मार गिराया। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति जेलेंस्की के दफ्तर पर भी मिसाइल दागे गए हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस हमले में कई लोगों की मौत की खबर है। रूस हमें पृथ्वी से मिटाने की कोशिश में लगा है : जेलेंस्की यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि पूरे यूक्रेन में हुए विस्फोटों में कई लोग मारे गये और घायल हुए हैं। जेलेंस्की ने कहा कि रूस हमें नष्ट करने और पृथ्वी के चेहरे से मिटा देने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं यूक्रेन की राजधानी कीव के मेयर विटाली क्लिटस्को ने कहा कि शेवचेंस्कीव्स्की जिले में कई विस्फोट हुए हैं। यह इलाका राजधानी कीव के केंद्र में है। वहीं समाचार एजेंसी एएफपी ने बताया कि विस्फोट स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 15 मिनट के आसपास हुआ। यूक्रेन की राजधानी में हवाई हमले के सायरन की आवाज एक घंटे से अधिक समय के लिए हुई।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिमी देशों खासकर यूरोप और ब्रिटेन में सर्दियां बढ़ने के साथ घातक कोरोना का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि उपलब्ध वैक्सीन के प्रकार पर भ्रम की स्थिति बूस्टर डोज को सीमित कर सकती है। बीती गर्मियों में हावी ओमिक्रॉन के सबवेरिएंट बीए.4 व बीए.5 अभी भी ज्यादातर संक्रमणों के पीछे हैं। लेकिन चिंता की बात यह है कि अब ओमिक्रॉन के नये सबवेरिएंट भी सामने आने लगे हैं। खबर के अनुसार बुधवार देर रात जारी किये गये डब्ल्यूएचओ के आंकड़े दिखाते हैं कि परीक्षण में बड़ी गिरावट के बावजूद, यूरोप में मामले पिछले हफ्ते 15 लाख तक पहुंच गये जो एक हफ्ते पहले से 8 फीसदी अधिक थे। हालांकि वैश्विक स्तर पर मामलों की संख्या में गिरावट जारी है। हाल के हफ्तों में 27 देशों के साथ-साथ ब्रिटेन के अस्पतालों में भर्ती होने वाले मामलों की संख्या मंं इजाफा हुआ है। एक स्वतंत्र साइंटिफिक फाउंडेशन गिम्बे के आंकड़ों के अनुसार, 4 अक्तूबर को खत्म होने वाले हफ्ते की तुलना में इस सप्ताह इटली में कोविड-19 से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या 32 फीसदी बढ़ी है। जबकि आईसीयू में भर्ती होने वाले मामले पिछले हफ्ते की तुलना में 21 फीसदी बढ़े हैं। इसी हफ्ते ब्रिटेन में कोविड से अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या पिछले हफ्ते की तुलना में 45 फीसदी बढ़ गई है। चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस देश का कामकाज अब भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। इससे पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चीन में 1 अक्तूबर से सप्ताह भर चलने वाले राष्ट्रीय दिवस अवकाश के दौरान 42.20 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज की गई। यह गत वर्ष के छुट्टियों के मुकाबले 18.2 प्रतिशत कम है। बता दें कि चीन में कोरोना को लेकर ज्यादा सख्ती बरती जा रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में बनी 4 कफ सिरप को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अलर्ट जारी किया है। डब्ल्यूएचओ ने यह चेतावनी पश्चिम अफ्रीका के देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत के बाद जारी की है। जिसकी जानकारी संगठन ने ट्वीट करके दी। WHO ने भारत के मेडेन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा बनाए गए 4 खांसी और ठंड के सिरप पर अलर्ट जारी किया है। संगठन ने अपने बयान में कहा कि वह मेडेन फार्मास्यूटिकल्स के साथ आगे की जांच कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को मेडेन फार्मास्युटिकल्स द्वारा बनाए गए चार खांसी और ठंडे की सिरप पर एक मेडिकल प्रोडक्ट अलर्ट जारी किया, जिसमें चेतावनी दी गई कि यह किडनी की गंभीर चोटों और गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत से जुड़े हो सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक ग्लोबल हेल्थ बॉडी ने कहा कि वह भारत में कंपनी और नियामक प्राधिकरणों के साथ आगे की जांच कर रहा है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि चार उत्पादों में से प्रत्येक के नमूनों का प्रयोगशाला विश्लेषण पुष्टि करता है कि उनमें डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल की अस्वीकार्य मात्रा है। जानें डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने क्या कहा : डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेडरोस अदनहोम गेब्रेहेसुस ने कहा कि WHO ने आज गाम्बिया में पहचानी गई चार दूषित दवाओं के लिए एक चिकित्सा उत्पाद अलर्ट जारी किया है, जो संभावित रूप से गंभीर गुर्दे की चोटों और 66 बच्चों की मौतों से जुड़ी हुई हैं। इन युवा जीवन का नुकसान उनके परिवारों के लिए दिल तोड़ने वाला है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (प्रकाश)। तीन महीने में दूसरी बार रूस आना हुआ। अगर कहूं कि मस्कवा नदी का पानी बहने के बजाय अब जमने की तैयारी में है तो ज्यादा सटीक होगा। रूस के अधिकांश हिस्सों में ठंड तेजी से अपने पांव पसार रही है और इस दौरान आठ महीने से चल रही खूनी जंग के बाद रूस की विशाल सीमा भी थोड़ी और बढ़ गई है। यूक्रेन के चार राज्यों ने अब व्लादिमीर पुतिन को लगान देने की हामी भर दी है। ऐसा लगता है कि प्रेसिडेंट पुतिन को इतिहास बनाने और दोहराने में मजा आने लगा है। बीते दो दशक के अपने शासनकाल में पुतिन ने दो-दो बार यह कर दिखाया। साल 2014 में रातों-रात सेना भेजकर पुतिन ने यूक्रेन के क्रीमिया को रूस का क्रीमिया बना दिया था। फरवरी 2022 में क्रीमिया की सुरक्षा के नाम पर पुतिन के जंगी ऐलान के बाद यूक्रेन से चार और राज्यों- दोनेत्स्क, लुहांस्क, ज़ेपोराजिया और खेरसोन का रूस में विलय करवाया जा चुका है। पुतिन अपने अश्वमेघ के घोड़े पर कब तक सवार रहेंगे, यह शायद पुतिन को भी नहीं पता है। पुतिन के इस यज्ञ में रूस के कितने लोग साथ हैं और कितने खिलाफ, यह सही-सही बताना बेहद मुश्किल है। यूक्रेन से रूस में शामिल चार राज्यों के जनमत संग्रह की तरह ही रूस में होने वाले विभिन्न जनमत सर्वेक्षणों में भी रूसी लोग क्रेमलिन के साथ खड़े दिखाई देते हैं। यह अलग बात है कि कैमरे पर या बगैर कैमरे के भी, इस मुद्दे पर बात करने के लिए ज़्यादातर लोग कतराते हैं। मास्को की चौड़ी-चौड़ी सड़कें, विशाल इमारतें और खूबसूरत रातों में रूसी लोग पॉलिटिक्स का जिक्र करके अपने मजे को किरकिरा नहीं करना चाहते। आपने एक सवाल किया नहीं कि वो पलटकर पूछेंगे कि आपको मास्को कैसा लगा? न्यूयॉर्क, बीजिंग या लंदन से अपने शहर को बेहतर सुनकर उनकी आंखों में वही चमक आ जाती है जो पुतिन को पश्चिमी दुनिया की धमकियों के बाद भी यूक्रेन के हिस्से को रूस में मिलाने पर आती है। देश में बेहतर अवसर भी खूब मिल रहे हैं : अचानक एक युवा जोड़ी सामने आकर बैठ गई तो मैंने बातों का सिलसिला शुरू करने की कोशिश की। वो इंग्लिश समझ रहे थे और ठीक-ठाक बोल भी लेते थे। अभी-अभी दुबई से छुट्टियां बिता करके लौटे हैं। एक-दूसरे का हाथ थामे वो दुबई और मास्को में क्या महंगा और क्या सस्ता इसकी पूरी लिस्ट गिनाने लगते हैं। एक सांस में गोवा, थाइलैंड और इंडोनेशिया के बाली को लेकर रूसी दीवानगी को खुलकर जताते भी हैं। आख़िर में वो यही समझाना चाहते हैं कि कमाओ, खाओ, घूमो-फिरो, मस्त रहो, बाकि पुतिन संभाल रहे हैं। रूस की मौजूदा पीढ़ी की यही हकीकत है। उनके सामने पश्चिमी दुनिया के प्रतिबंध एक चुनौती तो है लेकिन उनके लिए देश में बेहतर अवसर भी खूब मिल रहे हैं। फैशन के शौक से समझौता करने को तैयार नहीं : भारत में जैसे विभिन्न राज्यों से लोग रोज़ी-रोटी की तलाश में दिल्ली-मुंबई में जमे हैं। वैसे ही रूस के सुदूर प्रांतों के लिए भी मास्को और सेंट पीट्सबर्ग सपने को हकीकत में बदलने वाली जगह है। जमीन से कई सौ मीटर अंदर मेट्रो पर सवार होकर वो अपनी खुद की मंज़िल पाने में जुटे हैं। दुनियादारी और सही-गलत पर बहस करके वो अपना समय बर्बाद करना नहीं चाहते। पश्चिमी देशों के मशहूर ब्रांड्स के चले जाने से थोड़े मायूस हैं लेकिन अपने फैशन के शौक से कोई समझौता करने को तैयार नहीं। कभी सीमा पार बेलारूस जाकर शॉपिंग कर आते हैं तो कभी दुबई और बैंकॉक निकल जाते हैं। (लेखक एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी के कर्मी हैं और फिलहाल 10 वर्षों से अमेरिका में कार्यरत हैं।)
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंडोनेशिया में एक फुटबॉल मैच के दौरान हिंसा भड़क गयी। मलंग रीजेंसी के कांजुरुहान स्टेडियम में अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया क्लब के बीच मैच हो रहा था। मैच में अरेमा की टीम हार गई। इसके बाद दोनों टीम के फैंस आपस में भिड़ गये, जिसमें 127 लोग मारे गये हैं और 180 लोगों से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। जानकारी के मुताबिक हार से निराश फैंस भड़के और आपस में लड़ने लगे। लड़ाई के बाद वहां भगदड़ मची और ज्यादातर लोगों की मौत भगदड़ में ही हुई है। मैदान में इस कदर दंगों के बाद एक सप्ताह के लिए खेलों को निलंबित कर दिया है। मरने वालों में दो पुलिस वाले भी शामिल हैं। जानकारी ये भी आ रही है प्रशासन भीड़ को काबू नहीं कर पाया। स्टेडियमें क्षमता से ज्यादा लोग मैच देखने के लिए पहुंचे थे। यह घटना शनिवार रात पूर्वी जावा के मलंग रीजेंसी के कंजुरुहान स्टेडियम में हुई। पूर्वी जावा प्रांत में इंडोनेशिया के पुलिस प्रमुख निको अफिंटा ने बताया कि अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया के बीच एक मैच के बाद हारने वाले पक्ष के समर्थक मैदान पर आ गए और हिंसा करने लगे। उन्होंने बताया कि मैच के देखने 40 हजार दर्शक मौजूद थे। उनमें से तकरीबन तीन हजार दर्शक मैदान की ओर भागे। हालात को काबू करने के लिए अधिकारियों को आंसू गैस छोड़नी पड़ी, जिसके बादभगदड़ मच गई और दम घुटने के मामले सामने आये है। अफिंटा ने रविवार को एक बयान में कहा कि घटना में 127 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से दो पुलिस अधिकारी हैं। स्टेडियम के अंदर 34 लोगों की मौत हो गई और बाकी की अस्पताल में मौत हो गई। मैदान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि सैकड़ों फैंस मैदान पर घुस गये और फिर वहां पर एक दूसरे पर हमला करने लगे। फुटेज में लोगों को मलंग के स्टेडियम में पिच पर दौड़ते हुए और बॉडी बैग की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। इंडोनेशिया के फुटबॉल संघ (PSSI) ने शनिवार देर रात एक बयान जारी कर घटना पर खेद व्यक्त किया और कहा कि खेल के बाद जो हुआ उसकी जांच शुरू करने के लिए एक टीम मलंग के लिए रवाना हो गई है। पीएसएसआई ने कांजुरुहान स्टेडियम में अरेमा समर्थकों की हिंसा पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि हमें खेद है और पीड़ितों के परिवारों और घटना के लिए सभी पक्षों से माफी मांगते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के दक्षिण पश्चिमी फ्लोरिडा में आये चक्रवात ‘इयान’ ने भारी तबाही मचा रखी है और सर्वाधिक नुकसान बुनियादी ढांचे को पहुंचाया है। बिजली गुल होने से करीब 25 लाख लोग प्रभावित हैं। चक्रवात से आई बाढ़ में डूबे घरों में लोग बृहस्पतिवार को फंसे रहे। चक्रवात के कारण एक महत्वपूर्ण पुल का मुख्य क्षेत्र से संपर्क टूट गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बृहस्पतिवार को आधिकारिक रूप से इसे आपदा घोषित किया। अमेरिका में आये सबसे शक्तिशाली चक्रवातों में से एक इयान ने बुधवार को फ्लोरिडा प्रायद्वीप में तबाही मचाई और यहां भारी बाढ़ के हालात बन गये। चक्रवात तूफान इयान के प्रभाव के चलते फ्लोरिडा और दक्षिण-पूर्वी अटलांटिक तट तक के क्षेत्र में भारी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने फ्लोरिडा में चक्रवात के चलते कम से कम एक मौत की पुष्टि की है। वोलुसिया काउंटी शेरिफ कार्यालय ने एक बयान में कहा कि डेटोना बीच के पास डेल्टोना में 72 वर्षीय व्यक्ति बृहस्पतिवार तड़के अपने घर के पीछे एक नहर में मृत पाया गया। फ्लोरिडा के एक अन्य शेरिफ ने कहा, उन्हें लगता था कि मृतक संख्या सैकड़ो में होगी। वहीं, चक्रवात के कारण क्यूबा में दो लोगों की मौत हो गई। संघीय आपात प्रबंधन एजेंसी के प्रशासक डीन क्रिसवेल ने कहा कि एजेंसी तलाशी और बचाव अभियान में सहायता कर रही है। ली काउंटी शेरिफ कारमाइन मासेर्नो ने चैनल एबीसी से कहा कि उनके कार्यालय को मदद के लिए काउंटी से सैकड़ों कॉल प्राप्त हो रही हैं, लेकिन मार्गों और पुल से संपर्क टूटने के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय चक्रवात केंद्र (एनएचसी) ने कहा कि इयान बृहस्पतिवार तड़के एक उष्णकटिबंधीय तूफान में तब्दील हो गया और बाद में दिन में कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र के पास अटलांटिक जलक्षेत्र पर इसके तूफान के तौर पर उभरने की संभावना है। पूर्वानुमान जताया गया है कि चक्रवात का अगला पड़ाव अमेरिका के साउथ कैरोलीना में होगा। फ्लोरिडा के तट के पास पोर्ट चार्लोट में चक्रवात की वजह से एक अस्पताल के भूतल में जलजमाव हो गया और चौथे तल की छत क्षतिग्रस्त हो गई जहां आईसीयू स्थित है। अस्पताल में काम करने वाली एक डॉक्टर ने यह जानकारी दी। पोर्ट चार्लोट पर स्थित एचसीए फ्लोरिडा फॉसेट अस्पताल में काम करने वाली डॉक्टर बरजिट बोडाइन ने बताया कि बुधवार को पानी अस्पताल के आईसीयू तक पहुंच गया जिसके कारण गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बाहर निकाला गया और उनमें से कुछ को अन्य मंजिल पर पहुंचाया गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यूक्रेन के कब्जे किए हुए 2 क्षेत्रों को अधिकारिक तौर पर रूस में शामिल किया है। इसके लिए क्रेमलिन में एक भव्य आयोजन किया गया है। इस बात की जानकारी मॉस्को ने दी है। रूस ने कहा है कि इन इलाकों में जनमत संग्रह कराया गया था इसके बाद यह फैसला लिया गया है। हालांकि इसे यूक्रेन और अन्य पश्चिमी देशों ने अवैध बताया है। आधिकारिक तौर पर फिलहाल रूस ने खेरसोन और जापोरिज्जिया को ही शामिल किया गया है। इनके अलावा लुहान्स्क और दोनेत्स्क को भी शामिल किया जाना है। यूक्रेन में रूसी नियंत्रण वाले क्षेत्रों में मंगलवार को हुए जनमत संग्रह के बाद मॉस्को ने दावा किया था कि निवासियों ने अपने क्षेत्रों के औपचारिक रूप से रूस का हिस्सा बनने के लिए भारी समर्थन किया था। रूस के नियंत्रण वाले दक्षिणी और पूर्वी यूक्रेन के चार हिस्सों को शुक्रवार को औपचारिक रूप से देश में (रूस में) शामिल किए जाने की घोषणा के बाद क्षेत्र में सात महीने से जारी युद्ध एक नये खतरनाक मोड़ पर पहुंचने की आशंका है। जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेरबॉक ने जनमत संग्रह की निंदा करते हुए गुरुवार को बर्लिन में कहा, डरा धमका कर और कभी-कभी बंदूक की नोक पर भी लोगों को उनके घरों या कार्यस्थलों से मतपेटियों में मतदान करने के लिए ले जाया गया है। उन्होंने कहा, यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के विपरीत है। यह शांति के खिलाफ है। जब तक यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों में यह रूसी फरमान कायम है, कोई भी नागरिक सुरक्षित नहीं है। कोई भी नागरिक स्वतंत्र नहीं है। यूक्रेन के खेरसोन, जापोरिज्जिया, लुहान्स्क और दोनेत्स्क में मतदान हुआ था। यूक्रेन ने जनमत संग्रह को अवैध बताते हुए खारिज कर दिया है। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि रूसी गोलाबारी में एक बच्चे सहित कम से कम आठ नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गये। यूक्रेन के डीनिप्रो में हुए हमले के बाद 12 साल की एक बच्ची को मलबे से बाहर निकाला गया। दक्षिणी और पूर्वी यूक्रेन के चार क्षेत्रों में मास्को-स्थापित प्रशासन ने मंगलवार रात दावा किया कि जनमत संग्रह में ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र में 93% , खेरसोन क्षेत्र में 87%, लुहान्स्क क्षेत्र में 98% और दोनेत्स्क में 99% लोगों ने विलय का समर्थन किया है।
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