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अफगानिस्तान : मदरसे में धमाके से 10 बच्चों समेत 15 की मौत
Published / 2022-11-30 18:12:41
अफगानिस्तान : मदरसे में धमाके से 10 बच्चों समेत 15 की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अफगानिस्तान में बुधवार को बड़ा विस्फोट हुआ है, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है और 27 घायल हो गए हैं। यह बम धमाका अफगानिस्तान के समांगन प्रांत के मध्य में स्थित ऐबक शहर में हुआ है। यह जानकारी स्थानीय टेलीविजन चैनल टोलोन्यूज ने दी है।   रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के एक अधिकारी ने कहा कि उत्तरी अफगानिस्तान में एक मदरसे में हुए बम विस्फोट में कम से कम 10 छात्रों की मौत हो गई। धमाका दोपहर की नमाज के दौरान हुआ। वहीं, आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नफी ताकोर ने कहा कि उत्तरी समांगन प्रांत की राजधानी ऐबक में हुए विस्फोट में कई अन्य घायल हो गए। प्रवक्ता अब्दुल नफी ताकोर ने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए फुटेज में एक हॉल में खून से लथपथ शव पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ स्थानीय मीडिया का कहना है कि तालिबान के अधिकारियों ने लोगों को धमाके वाली जगह पर वीडियो बनाने से रोक दिया है और किसी भी आम नागरिक को जाने की इजाजत नहीं है।  तालिबान के प्रतिद्वंद्वी आईएसआईएस ने अक्सर मस्जिदों और नमाज के समय विस्फोट किए है। उन्होंने खासकर अफगानिस्तान के शिया समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाया है। अगस्त में काबुल की एक मस्जिद में हुए बम विस्फोट में 21 लोग मारे गये थे। दरअसल, एजुकेशल सेंटर भी बमबारी के लिए टारगेट बन गए हैं। अक्टूबर में, काबुल के हजारा में एक स्कूल पर आत्मघाती हमले में 52 लोग मारे गये थे, जिनमें ज्यादातर युवा लड़कियां थीं।

चीन : आखिर अपनी फसल नष्ट करने को क्यों मजबूर हैं किसान, क्या है खाद्य संकट के संकेत?
Published / 2022-11-28 16:21:20
चीन : आखिर अपनी फसल नष्ट करने को क्यों मजबूर हैं किसान, क्या है खाद्य संकट के संकेत?

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कड़े कोविड नियंत्रण कानूनों के कारण किसानों के पास जो फसल अब वे बेच नहीं सकते हैं उन्हें नष्ट करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इससे भोजन की कमी होने की चिंता बढ़ रही हैं और सोशल मीडिया पर नाराजगी फैल रही है।ऑनलाइन प्रसारित होने वाले वीडियोज में किसानों को फसलों को फेंकते हुए दिखाया गया है। उन्हें अपनी फसल बेचने में परेशानी हो रही है। स्थानीय और राज्य मीडिया ने यह भी बताया है कि शेडोंग और हेनान प्रांतों जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में सब्जियों के खेतों को नष्ट किया जा रहा है ताकि अगली फसल की बुवाई के लिए जगह बनाई जा सके।चीन में ताजा भोजन का यह नुकसान ऐसे समय में हो रहा है जब चीन की बड़ी आबादी लॉकडाउन में है और भोजन की कमी व आपूर्ति से जुड़े व्यवधानों का सामना कर रही है। बीते सप्ताहांत में, बीजिंग और शंघाई सहित कई शहरों में कोविड को देखते हुए पाबंदियों का विरोध भी शुरू हो गया है।आमलोगों की ओर से लॉकडाउन का विरोध करने पर चीन में कोविडकाल में भी अशांति का माहौल है। वर्तमान में चीनी गोभी, मूली और पालक जैसी सब्जियां पूरे चीन में काटी जा रही हैं, लेकिन वे लॉकडाउन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में फंसी हैं। लॉकडाउन आदेशों के कारण ट्रक और व्यापारी या तो फसल खरीदने में अनिच्छुक हैं या कृषि उत्पादों को एकत्र करने के लिए गांवों में प्रवेश करने में असमर्थ हैं।फार्मर्स डेली ने भी कोविड प्रतिबंधों के कारण सब्जियों को बाजार तक लाने में होने वाली कठिनाइयों पर रिपोर्ट की है। उन्होंने बीजिंग के शिनफाडी मार्केट के हवाले से कहा कि सब्जियों की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन खुदरा लागत बढ़ गई है।वहीं, चीन की सरकार प्रायोजित मीडिया का कहना है कि नागरिक भोजन चाहते हैं, किसान आय चाहते हैं पर खेती का मौसम किसी की प्रतीक्षा नहीं करता है। सरकार ने अधिकारियों से भोजन ले जाने वाले वाहनों की राह में कम बाधा उतपन्न करने का आह्वान किया है ताकि खेतों से ताजी सब्जियां हजारों घरों की मेजों तक पहुंच सके।

चीन में फिर कोरोना विस्फोट से अलर्ट मोड में इंडिया, ये रिपोर्ट दिखाये बिना यात्रा पर मनाही
Published / 2022-11-27 09:56:50
चीन में फिर कोरोना विस्फोट से अलर्ट मोड में इंडिया, ये रिपोर्ट दिखाये बिना यात्रा पर मनाही

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में कोरोना मामले अब बिल्कुल न के बराबर रह गये हैं। लेकिन पड़ोसी मुल्क चीन में ये जानलेवा वायरस कहर बरपा रहा है। भारत में भी 2020 को पहला मामला चीन से लौटे एक स्टूडेंट के साथ ही आया था। सरकार इसको लेकर अलर्ट नजर आ रही है। अगले महीने क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर यदि आप अंडमान-निकाबोर द्वीप केपोर्ट ब्लेयर या लद्दाख के लेह की यात्रा कर रहे हैं और आपने कोरोना वैक्सीनेशन नहीं लिया है आप परेशानी में पड़ सकते हैं। आपके पास आरटी-पीसीआर जांच की रिपोर्ट होनी चाहिए। हालांकि लोगों से इससे काफी परेशानी भी उठानी पड़ रही है। अधिकतर राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने कोरोना संबंधी प्रतिबंधों में ढील दे दी है, लेकिन कुछ प्रदेश ऐसे भी हैं, जो अब भी चाहते हैं कि जिन लोगों ने टीकाकरण नहीं कराया है, वे यात्रा शुरू करने से पहले 48 से 96 घंटों के भीतर अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर जांच करा लें या हवाई अड्डों पर पहुंचने पर उनकी जांच की जाये। दक्षिण अंडमान के उपायुक्त सुनील अंचिपाका ने पीटीआई से कहा कि केंद्र शासित प्रदेश टीकाकरण नहीं कराने वाले यात्रियों के पोर्ट ब्लेयर हवाई अड्डा पहुंचने पर अनिवार्य आरटी-पीसीआर के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करता है। वैक्सीनेशन नहीं करवाया तो फिर होगी आरटीपीसीआर जांचअंडमान -निकोबार के अलावा लद्दाख भी ऐसा केंद्रशासित प्रदेश है जहां टीकाकरण नहीं कराने वाले यात्रियों के लिए लेह हवाई अड्डे पर आरटी-पीसीआर जांच कराना अनिवार्य है। लेह में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ मोटुप दोरजे ने कहा, हम चुनिंदा आधार पर कुछ पर्यटकों की आरटी-पीसीआर जांच कर रहे हैं।वैज्ञानिकों का कहना है कि यह जांच प्रक्रिया निरर्थक है और इसका कोई वैज्ञानिक औचित्य नहीं है। उनका तर्क है कि जब वैज्ञानिक रूप से यह पुष्टि हो जाती है कि टीकाकरण करा चुका व्यक्ति भी संक्रमण फैला सकता है, तो टीकाकरण नहीं कराने वाले लोगों के लिए हवाई अड्डों पर आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य करने का कोई मतलब नहीं है।इसकी नहीं है कोई आवश्यकता :  जयप्रकाशजाने माने महामारीविद् जयप्रकाश मुलियिल ने कहा, इसकी कतई आवश्यकता नहीं है। हर किसी को कम से कम एक बार कोरोना वायरस संक्रमण हो चुका है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो गई है। परस्पर विरोधी नियमों के कारण यात्रियों को भी अनावश्यक असुविधा होती है। इस संबंध में 28 वर्षीय संजय ने कहा, मैं अपने परिवार के छह अन्य सदस्यों के साथ पोर्ट ब्लेयर गया था और हमें उनकी आरटी-पीसीआर जांच करानी पड़ी, जिससे मुझ पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा।लोग हो रहे कन्फ्यूज : उन्होंने कहा कि विमानन कंपनियों की वेबसाइट पर पुराने यात्रा परामर्श के कारण भी भ्रम की स्थिति पैदा होती है। इंडिगो ने अपनी वेबसाइट पर उन प्रोटोकॉल का उल्लेख किया है जो विभिन्न राज्य सरकारों ने अपने-अपने हवाई अड्डों पर आने वाले यात्रियों के लिए निर्धारित किये हैं। वेबसाइट पर कहा गया है कि इन नियमों को नौ नवंबर को अद्यतन किया गया लेकिन राज्य के कई स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि ये नियम बहुत पहले ही वापस लिए जा चुके हैं।

अफगानिस्तान : 95% लोगों के पास रोटी पर आफत
Published / 2022-11-27 09:36:52
अफगानिस्तान : 95% लोगों के पास रोटी पर आफत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। तालिबान शासित अफगानिस्तान की आधी आबादी खाद्य असुरक्षा का सामना कर रही हैं। यहां की 95 फीसदी आबादी के पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन ही नहीं है। इस देश में पांच से कम आयु के 10 लाख से अधिक बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हो चुके हैं। यह आकलन संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम का है।ह्यूमन राइट्स वॉच के एक्सपर्ट के मुताबिक 15 अगस्त 2021 से ही अफगानियों का जीवन नर्क जैसा हो गया है। ये देश दुनिया के सबसे खराब मानवीय संकट का सामना कर रहा है। लोग भूख से मर रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हालात इस कदर खराब हैं कि महिलायें अपने भूखे बच्चों को नींद की दवा खिलाकर सुलाने को बेवश हैं ताकि वह खाना न मांगे।

रूस-यूक्रेन जंग : ठंड बढ़ने से तीन लाख लोगों की जान पर खतरा
Published / 2022-11-26 10:27:45
रूस-यूक्रेन जंग : ठंड बढ़ने से तीन लाख लोगों की जान पर खतरा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच यूरोप में गैस की किल्लतों की वजह से भीषण सर्दियों में काफी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका है। जानकारों के मुताबिक इस साल सर्दियों के चरम पर होने तक यूरोप में साढ़े तीन लाख लोग ठंड की वजह से मारे जा सकते हैं। जानकारों के मुताबिक ऊर्जा कटौती की वजह से ज्यादा ठंड का सामना करने की वजह से मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।

एपल के सबसे बड़े प्लांट के 20,000 कर्मियों ने बंद किया काम, उत्पादन प्रभावित
Published / 2022-11-25 11:38:51
एपल के सबसे बड़े प्लांट के 20,000 कर्मियों ने बंद किया काम, उत्पादन प्रभावित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में एपल के प्लांट में करीब 20 हजार नवनियुक्त कर्मियों ने काम बंद कर दिया है। इससे प्रतिष्ठित ब्रांड एपल के उत्पादों का प्रोडक्शन प्रभावित होने लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिन 20 हजार लोगों ने काम बंद करते हुए कंपनी छोड़ दिया हैं उनमें अधिक नए बहाल किए गए कर्मी हैं और वे अब प्रोडक्शन लाइन पर काम नहीं कर रहे हैं।चीन के झेंझाऊ में एपल के सप्लायर फॉक्सकॉन के प्लांट में कार्यरत एक सूत्र ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया है कि इन कर्मियों के काम बंद करने से एपल प्लांट में उत्पादन लक्ष्यों को हासिल करने की प्रक्रिया को झटका लगा है। कंपनी ने नवंबर महीने के तहत तक अपने फुल प्रोडक्शन को रिज्यूम करने का लक्ष्य रखा था, पर कामगारों की नाराजगी के कारण दुनिया की सबसे बड़ी आईफोन फैक्टरी में उत्पादन प्रभावित हुआ है।बता दें कि एक दिन पहले ही चीन स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एपल आईफोन फैक्ट्री कोरोना तालाबंदी और वेतन विवाद को लेकर कर्मचारियों के उग्र विरोध प्रदर्शन की खबर आई थी। इसे लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। सुरक्षाबलों के साथ संघर्ष में कई श्रमिकों के घायल होने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि सैकड़ों कर्मचारियों का फैक्ट्री के सुरक्षा कर्मियों के साथ संघर्ष हुआ। कोरोना के चलते करीब एक माह से फैक्ट्री में कठोर पाबंदियों व वेतन को लेकर विवाद के कारण श्रमिकों के भड़क उठने की खबर है। चीन के झेंगझोऊ स्थित एपल संयंत्र में अक्तूबर से तनाव देखा जा रहा था। कोरोना पाबंदियों के चलते तालाबंदी शुरू होने से श्रमिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा था। आईफोन सिटी में 2,00,000 से अधिक श्रमिकों में से कई को आइसोलेट किया जा चुका था। उन्हें भोजन व दवाओं की मुश्किल हो रही थी।

चीन : लगातार दूसरे दिन मिले 30 हजार से अधिक संक्रमित
Published / 2022-11-25 10:38:45
चीन : लगातार दूसरे दिन मिले 30 हजार से अधिक संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ने लगे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक 25 नवंबर को जारी आंकड़ों के अनुसार चीन में बीते 24 घंटों में 32,943 मामले सामने आये हैं जो कि कल की तुलना में 1287 अधिक है। यानी लगातार दूसरे दिन देश में 30 हजार से अधिक मामले सामने आये हैं।

चीन : एक दिन में 31,000 से ज्यादा केस, झड़प के बाद जेंगझू में लॉकडाउन
Published / 2022-11-24 09:59:02
चीन : एक दिन में 31,000 से ज्यादा केस, झड़प के बाद जेंगझू में लॉकडाउन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में फिर एक बार कोरोना मामलों में तेज बढ़ोतरी नजर आई है। बुधवार को दैनिक कोविड केस 31,454 के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गये। ये महामारी की शुरुआत के बाद का उच्च स्तर है। इस बीच, एपल प्लांट में श्रमिकों व सुरक्षा कर्मियों के बीच झड़प के बाद जेंगझू में लॉकडाउन लगा दिया गया है।चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य ब्यूरो के आंकड़ों ने चौंका दिया है। एक दिन में इतनी ज्यादा मामले सामने आने के बाद चीन सरकार लॉकडाउन, यात्रा पाबंदियां लगाने के अलावा परीक्षण व टीकाकरण को भी तेज कर रही है, ताकि कोरोना को और फैलने से रोका जा सके। राजधानी बीजिंग में कोरोना लॉकडाउन के तहत कड़े प्रतिबंध लगाये गये हैं। पार्क, कार्यालय भवनों और शॉपिंग मॉल को बंद कर दिया गया है। बीजिंग के सबसे अधिक आबादी वाले चाओयांग जिले में करीब पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चाओयांग जिले के लगभग 35 लाख निवासियों से आग्रह किया कि वे राजधानी बीजिंग कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बन गया है। इसलिए ज्यादातर समय घर पर ही रहें।चीन के कुछ क्षेत्रों में महामारी का प्रसार तेजी से हो रहा है और रोकथाम और नियंत्रण में कठिनाई बढ़ रही है। कुछ प्रांत तीन साल में सबसे गंभीर और जटिल स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नये संक्रमितों की संख्या पूरे चीन में लगातार बढ़ रही है। एक नवंबर के बाद से देश भर में कुल 2,80,000 से ज्यादा संक्रमित मिलने की सूचना है। पिछले सप्ताह औसतन 22,200 मामले रोज मिले।

नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा धनकुटा से लगातार सातवीं बार जीते चुनाव
Published / 2022-11-23 10:57:10
नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा धनकुटा से लगातार सातवीं बार जीते चुनाव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। काठमांडू, नेपाल में रविवार को हुए संसदीय और प्रांतीय चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गये हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा अपने गृह जिले धनकुटा से लगातार सातवीं बार निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने ऐसा करने का रिकार्ड दर्ज किया है। कार्यवाहक सरकार के प्रधानमंत्री को 25 हजार 534 मत मिले और उन्होंने प्रतिनिधि सभा के सदस्य पद के लिए 13 हजार 42 वोट हासिल करने वाले अपने प्रतिद्वंद्वी सागर ढकाल को हराया। साल 2015 में संविधान की घोषणा के बाद से यह दूसरा आम चुनाव है।नेपाल के चुनाव आयोग के अनुसार 20 नवंबर को हुए संसदीय और प्रांतीय चुनाव में लगभग 61 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त दिनेश कुमार थपलिया ने कहा था कि यह मतदान प्रतिशत चुनाव आयोग की अपेक्षा से कम है।

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