Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

वर्ल्ड

View All
इंग्लैंड : महंगाई की मार में भोजन जुटाना भी बना संघर्ष
Published / 2022-12-16 23:01:42
इंग्लैंड : महंगाई की मार में भोजन जुटाना भी बना संघर्ष

एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंग्लैंड में अभूतपूर्व महंगाई ने लोगों की हालत ऐसी कर दी है कि कई परिवारों को भोजन जुटाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में लोग और ज्यादा मदद के लिए सरकार की तरफ देख रहे हैं। लंदन के सेंट मेरिज प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों में से करीब आधे स्कूल में मुफ्त भोजन पाने के योग्य हैं। ये बच्चे देश के सबसे गरीब परिवारों से हैं। आसमान छूती महंगाई की वजह से मूलभूल चीजें बहुत महंगी हो गई हैं और धर्मार्थ संस्थाएं सरकार से कह रही हैं कि और ज्यादा बच्चों को स्कूल में मुफ्त भोजन दिया जाना चाहिए। अभी तक प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सरकार ने ऐसी मांगें नहीं मानी हैं। इस स्कूल में करीब 48 प्रतिशत बच्चे स्कूल में मुफ्त भोजन पाने के योग्य हैं और यह देश के औसत आंकड़ों से कहीं ज्यादा है।  महंगाई से कराह रहा यूरोपस्कूल का नेतृत्व करने वाली टीम की सदस्य क्लेयर मिचेल ने एएफपी को बताया कि यह काफी बुरा है कि कई बच्चों और हमारे परिवारों को जीवन यापन के लिए और भोजन तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।सीमा रेखा के विस्तार की जरूरतदूसरे परिवार जिन्हें मुफ्त भोजन का लाभ मिल सकता है उन्हें यह नहीं मिल पा रहा है क्योंकि उनकी कमाई योग्यता स्तर से ऊपर है।  निशुल्क भोजन पाने के लिए अनिवार्य है कि परिवार की सालाना आय 9,163 डॉलर से कम होनी चाहिए।धर्मार्थ संस्था स्कूल फूड मैटर्स की संस्थापक और मुख्य अधिकारी स्टेफनी स्लेटर के मुताबिक सीमा रेखा बहुत ही नीचे रखी गई है और यूनाइटेड किंग्डम के अंदर दूसरे विकसित देशों जैसी भी नहीं है। नॉर्दर्न आयरलैंड में सीमा रेखा 17,000 डॉलर के आस पास है। स्कॉटलैंड और वेल्स में तो स्कूलों में यूनिवर्सल मुफ्त भोजन की शुरूआत होने वाली है, यानी हर स्कूल में हर बच्चे को दोपहर में मुफ्त भोजन मिलेगा।तुलनात्मक रूप से, इंग्लैंड में करीब एक-तिहाई बच्चों को लगभग 2.91 डॉलर मूल्य का लाभ मिलता है। चाइल्ड पॉवर्टी ऐक्शन ग्रुप के मुताबिक इंग्लैंड में हर तीसरा बच्चा जो गरीबी परिवार से है इस सुविधा के योग्य नहीं है। यूक्रेन युद्ध से पूरी दुनिया में महंगाई क्यों?सेंट मेरीज स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों में से कई के माता-पिता बिजली और भोजन के बढ़ते खर्च का बोझ उठाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।  स्कूल का अपना फूड बैंक है जहां ब्रेड और दूध जैसी जरूरी चीजें निशुल्क उपलब्ध हैं।  महामारी के बाद बिगड़े हालातमिचेल ने बताया कि हमने महामारी के दौरान पहली बार इस बदलाव पर ध्यान देना शुरू किया जब परिवारों में या तो नौकरियां जा रही थीं या उन्हें पहले जितने घंटों का रोजगार मिल पा रहा था उसमें कमी हो गई थी।सटन ट्रस्ट के मुताबिक इंग्लैंड में महंगाई के इस ताजा दौर में स्कूल में भोजन का खर्च उठा पाने में असमर्थ परिवारों की संख्या में 50 प्रतिशत का उछाल आया है।  इस बीच संस्था ने हाल ही में सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में और परिवारों को शामिल ना करने के लिए सरकार की आलोचना की। स्कूल में मुफ्त भोजन का लाभ उठा चुके इंग्लैंड और मेनचेस्टर यूनाइटेड के फुटबॉल खिलाड़ी मार्कस रैशफोर्ड और परिवारों को इस कार्यक्रम में शामिल करने के एक अभियान का नेतृत्व करते रहे हैं।

बिगड़े हालात के बीच पेरू में आपातकाल की घोषणा
Published / 2022-12-15 11:32:17
बिगड़े हालात के बीच पेरू में आपातकाल की घोषणा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पिछले कुछ समय से राजनीतिक संकट से जूझ रहे पेरू में आपातकाल घोषित किये जाने की खबर है।पेरू के राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो को 7 दिसंबर को पद से हटाने के बाद यह संकट लगातार गहराता होता गया। कैस्टिलो समर्थक नये चुनाव की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन कर रहे हैं।प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर हिंसा, उपद्रव और भारी बवाल भी हुए। इनमें कुछ लोगों की जान जाने की खबर है।देशभर में हिंसक प्रदर्शन के बीच बेहद खराब स्थिति को देखते हुए पेरू के रक्षा मंत्री अल्बेर्टो ओटारोला ने देश में आपातकाल लगाये जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा है कि सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए पुलिस के साथ सशस्त्र बलों को भी लगाया जायेगा।

सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने किया समर्थन
Published / 2022-12-13 14:36:33
सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने किया समर्थन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ब्रिटेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन करते हुए ब्राजील, जापान, जर्मनी और अफ्रीकी प्रतिनिधत्व की भी वकालत की है।ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने कहा कि ब्रिटेन चाहता है कि सुरक्षा परिषद में ब्राजील, जापान, जर्मनी और अफ्रीकी प्रतिनिधित्व के साथ भारत भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नए स्थायी सदस्यों में शामिल हो।ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली सरकार में पदभार ग्रहण करने के बाद से जेम्स क्लेवरली विदेश नीति संबंधी अपने पहले प्रमुख भाषण में यह बात कही।उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को स्पष्ट रूप से युद्ध-विरोधी संदेश देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा भी की। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने जी-20 समूह की अध्यक्षता के दौरान भारत के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्धता भी जतायी।लंदन में विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) में ब्रिटिश विदेश नीति और कूटनीति शीर्षक से अपने मुख्य भाषण में जेम्स क्लेवरली ने कहा कि ब्रिटेन स्थायी अफ्रीकी प्रतिनिधित्व के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में ब्राजील, भारत, जापान और जर्मनी का स्वागत करना चाहता है। हमारा उद्देश्य एक ऐतिहासिक साझा उपलब्धि को बनाये रखना है जिससे सभी को लाभ हो।

इंसान ने ही बनाया था कोरोना वायरस
Published / 2022-12-06 19:58:45
इंसान ने ही बनाया था कोरोना वायरस

चीन : वुहान लैब में काम कर चुके वैज्ञानिक का खुलासाएबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन के वुहान में एक विवादास्पद अनुसंधान प्रयोगशाला में काम करने वाले अमेरिका के एक वैज्ञानिक ने एक आश्चर्यजनक रहस्योद्घाटन किया है जिसमें कहा गया है कि कोविड-19 एक मानव निर्मित वायरस है जो लैब से लीक हुआ है। शोधकर्ता एंड्रयू हफ ने बताया कि 2 साल पहले वुहान इंस्टीच्यूट आॅफ वायरोलाजी से कोविड लीक हुआ था जो एक राज्य द्वारा संचालित और वित्त-पोषित अनुसंधान सुविधा है।  महामारी विज्ञानी हफ ने अपनी नई किताब द ट्रुथ अबाऊट वुहान में दावा किया है कि महामारी अमेरिकी सरकार द्वारा चीन में कोरोना वायरस के वित्त पोषण के कारण हुई थी। एंड्रयू हफ ने पुस्तक में कहा कि चीनी प्रयोगशालाओं में उचित जैव सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नियंत्रण उपाय नहीं थे, जिसके परिणामस्वरूप प्रयोगशाला में रिसाव हुआ। हफ की किताब के कुछ अंश ब्रिटेन के टैबलॉयड द सन में प्रकाशित हुए हैं। हफ ईकोहैल्थ एलायंस के पूर्व उपाध्यक्ष हैं जो न्यूयार्क में स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन है तथा संक्रामक रोगों का अध्ययन करता है।

पाक सेना प्रमुख जनरल मुनीर ने एलओसी पर भारत के खिलाफ उगला जहर
Published / 2022-12-04 09:30:09
पाक सेना प्रमुख जनरल मुनीर ने एलओसी पर भारत के खिलाफ उगला जहर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के नवनियुक्त सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने शनिवार को कहा कि अगर उनके देश पर हमला होता है, तो पाकिस्तानी सशस्त्र बल न सिर्फ अपनी मातृभूमि के एक-एक इंच की रक्षा करेंगे, बल्कि दुश्मन देश को मुंहतोड़ जवाब भी देंगे। मुनीर ने पाकिस्तान सेना के प्रमुख का पद संभालने के बाद शनिवार को पहली बार नियंत्रण रेखा (एलओसी) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रखचिकरी सेक्टर में तैनात पाकिस्तानी सैनिकों से मुलाकात की।  मुनीर ने कहा कि हमने हाल में गिलगित बाल्टिस्तान और जम्मू-कश्मीर पर भारतीय नेतृत्व के अत्यधिक गैर-जिम्मेदाराना बयान सुने हैं। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि अगर हम पर हमला होता है तो पाकिस्तान के सशस्त्र बल न केवल अपनी मातृभूमि के एक-एक इंच की रक्षा करने के लिए, बल्कि दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार हैं। जनरल मुनीर ने 24 नवंबर को जनरल कमर जावेद बाजवा की जगह ली थी। बाजवा पाकिस्तान सेना प्रमुख के रूप में दो बार तीन-तीन साल का कार्यकाल संभालने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरे के दौरान जनरल मुनीर को नियंत्रण रेखा के पास के ताजा हालात और पाकिस्तान सेना की अभियानगत तैयारियों से अवगत कराया गया। जनरल मुनीर ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उच्च मनोबल और पेशेवर क्षमता का परिचय देते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए पाकिस्तानी सैनिकों और अधिकारियों की तारीफ की।

भारत से गौरवान्वित गूगल के सीइओ सुंदर पिचाई बोले- मैं बहुत ही सौभाग्यशाली हूं कि...
Published / 2022-12-03 23:22:40
भारत से गौरवान्वित गूगल के सीइओ सुंदर पिचाई बोले- मैं बहुत ही सौभाग्यशाली हूं कि...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। गूगल और अल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने कहा है कि वह हमेशा खुद को भारत से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं और जहां कहीं भी जाते हैं अपनी भारतीय पहचान को साथ लेकर जाते हैं। पिचाई ने यह बात भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजे जाने के अवसर पर कही। पिचाई ने कहा कि भारत मेरा एक हिस्सा है और मैं जहां कहीं भी जाता हूं इसे अपने साथ लेकर जाता हूं। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक पिचाई को व्यापार और उद्योग श्रेणी में वर्ष 2022 के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने प्रदान किया। पिचाई को शुक्रवार को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में उनके परिवार के करीबी सदस्यों की उपस्थिति में भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पिचाई ने अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू से यह सम्मान स्वीकार करते हुए कह कि मैं इस सम्मान के लिए भारत सरकार और भारत के लोगों का हृदय से आभारी हूं। भारत मेरा एक हिस्सा है, और मैं गूगल तथा भारत के बीच महान साझेदारी को जारी रखने की आशा करता हूं, क्योंकि हम अधिक लोगों तक प्रौद्योगिकी के लाभ पहुंचाने के लिए मिलकर काम करते हैं। गूगल के सीईओ ने कहा कि भारत मेरा एक हिस्सा है और मैं जहां भी जाता हूं इसे अपने साथ ले जाता हूं। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मैं एक ऐसे परिवार में पला-बढ़ा, जहां सीखने और ज्ञान प्राप्त करने की इच्छाशक्ति को महत्व देकर इसे संजोया गया।

रूस-यूक्रेन युद्ध : सशर्त वार्ता पर राजी हुए पुतिन
Published / 2022-12-03 14:07:20
रूस-यूक्रेन युद्ध : सशर्त वार्ता पर राजी हुए पुतिन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में युद्ध खत्म करने के लिए सशर्त बातचीत करने के लिए तैयार हैं। यह बात राष्ट्रपति के क्रेमलिन कार्यालय ने कही है। साथ ही रूस ने यूक्रेन से सेनाओं की वापसी की शर्त को खारिज कर दिया है। कहा है कि इस शर्त पर वार्ता मंजूर नहीं है। रूस की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा पुतिन से सीधी वार्ता की इच्छा जताने के बाद आई है।क्रेमलिन कार्यालय ने कहा है कि इसके लिए पश्चिमी देशों को रूस की कुछ मांगें माननी होंगी। उल्लेखनीय है कि बाइडन ने कहा था कि यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए वह राष्ट्रपति पुतिन से वार्ता के लिए तैयार हैं। अमेरिका के दौरे पर गए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से वार्ता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन के साथ बातचीत की इच्छा जताई थी।

अल कायदा और तालिबान के चार नेताओं को अमेरिका ने घोषित किया वैश्विक आतंकवादी
Published / 2022-12-02 15:41:49
अल कायदा और तालिबान के चार नेताओं को अमेरिका ने घोषित किया वैश्विक आतंकवादी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में बाइडेन प्रशासन ने भारतीय उपमहाद्वीप (एक्यूआईएस) में अल-कायदा के दो नेताओं और अफगानिस्तान में तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) आंदोलन के दो नेताओं को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है। यह जानकारी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी। ब्लिंकन ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि कल विदेश मंत्रालय ने एक्यूआईएस के दो और टीटीपी के दो नेताओं को उनसे संबंधित समूहों में नेतृत्व की भूमिका के लिए वैश्विक आतंकवादी के रूप में घोषित किया गया। बयान में कहा गया है कि ये चार व्यक्ति ओसामा महमूद, आतिफ याह्या गौरी, मुहम्मद मारूफ और कारी अमजद हैं। उन्होंने कहा कि अमेरीकी सरकार अलकायदा और अफगानिस्तान में सक्रिय तालिबान आतंकवादी समूहों से मुकाबला करने के लिए अपने आतंकवाद निरोधी उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

चीन : पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन का 96 वर्ष की उम्र में निधन
Published / 2022-11-30 23:25:49
चीन : पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन का 96 वर्ष की उम्र में निधन

चीन को वैश्विक महाशक्ति बनाने के लिए याद किया जाता है जेमिन को10 वर्षों के सत्ता संचालन के दौरान मजबूत हुई थी चीन की अर्थव्यवस्था एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन के पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। चीन की अर्थव्यवस्था मजबूत करने और वैश्विक महाशक्ति बनाने के लिए जेमिन का नाम लिया जाता है।चीन के पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन का बुधवार को निधन हो गया। उन्होंने 96 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से ल्यूकेमिया बीमारी से पीड़ित थे। इस कारण उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। जेमिन को चीन की अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए जाना जाता है, क्योंकि उनके नेतृत्व में ही चीन की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई थी। जियांग को हमेशा एक मेहनती नेता के रूप में देखा गया। उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में मेहनत कर धीरे-धीरे जगह बनाई और तरक्की की। उसी दौर में कम्युनिस्टों ने सत्ता पर पकड़ बनाकर चीन को विश्व शक्ति के रूप में दुनिया भर में मान्यता दिलाई थी।चीन के तियानमेन चौक पर 1989 में हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद जियांग जेमिन को चीन का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था। वर्ष 1993 में उन्होंने चीन की सत्ता संभाली थी। इसके बाद उन्होंने दस वर्षों तक चीन की सत्ता का संचालन किया था।जियांग के शासनकाल में चीन में कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ था। यह संयोग ही है कि जिस तियानमेन चौक पर प्रदर्शन के बाद जियांग जेमिन ने चीन की सत्ता संभाली थी, अब उनके निधन के समय उसी चौक समेत चीन के अलग-अलग शहरों में भारी विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 34,728