साल के आखिरी दिन भी किम जोंग उन ने दुनिया को दहलायाएबीएन सेंट्रल डेस्क। साल के आखिरी दिन भी उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन शांत से नहीं रहे और उन्होंने एक के बाद एक तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को दागकर जहां दुनिया को दहला दिया, वहीं जापान काफी डर गया है। उत्तर कोरिया ने जापान सागर की तरफ कम दूरी की तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जो इस साल की आखिरी उत्तर कोरियन मिसाइल लॉन्च है। उत्तर कोरिया ने पूरे साल मिसाइलें दागी हैं और किम जोंग उन ने घोषणा की है, कि अगले साल भी उत्तर कोरिया हथियारों का परीक्षण करता रहेगा। जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि पहली बैलिस्टिक मिसाइल को स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे (23:00 GMT) दागा गया, जबकि दूसरी बैलिस्टिक मिसाइल को लगभग 08:14 पूर्वाह्न (23:14 GMT) पर लॉन्च किया गया और तीसरी बैलिस्टिक मिसाइल ने इसके ठीक एक मिनट बाद उड़ान भरी। रिपोर्ट के मुताबिक, ये तीनों मिसाइलें राजधानी प्योंगयांग के उपनगरों से दागी गईं और 100 किमी (62 मील) की ऊंचाई तक पहुंचीं। अनुमानों के मुताबिक, इन मिसाइसों ने करीब 350 किलोमीटर तक की उड़ान भरी। जापानी रक्षा मंत्रालय और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मिसाइलें जापान के समुद्र में गिरीं, लेकिन जापान के स्पेशल इकोनॉमिक जोन के बाहर जाकर ये मिसाइलें गिरीं, जो जापान के समुद्र तट से लगभग 370 किमी (200 समुद्री मील) तक फैला हुआ है। जापानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मिसाइलों की फ्लाइंग ट्रेजेक्टरी के आसपास के विमानों और जहाजों को चेतावनी की सूचना दी गई थी, लेकिन इस समय कोई घटना दर्ज नहीं की गई थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कंबोडिया में एक होटल में भयानक आग लग गयी है, जहां 10 लोगों की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि होटल कैसीनो ग्रैंड डायमंड सिटी में लगी आग में 30 लोग घायल भी हुए हैं, जहां 50 से ज्यादा लोग फंस गये थे। सोशल मीडिया पर वीडियो में देखा जा सकता है कि आग की लपटें किस तरह आसमान में उठ रही है। आग लगने की इस गंभीर हादसे में होटल का भी बड़ा नुकसान हुआ है। फायर फाइटर्स ने बताया कि आग पर लगभग काबू पा लिया गया है और होटल रूम की तलाशी की जा रही है। आग कैसे लगी, इसका अबतक कुछ पता नहीं चला है लेकिन स्थानीय अधिकारी जांच में जुट गये हैं। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि बुधवार सुबह 8 बजे तक 53 लोगों को बचाया गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो में देखा जा सकता है कि आग ने होटल को किस तरह अपनी चपेट में ले लिया। कुछ वीडियो क्लिप में तो होटल के भीतर से लोगों को जान बचाने के लिए बाहर कूदते भी देखा जा सकता है। स्थानीय मीडिया ने बताया कि आग लगने के समय कैसीनो के अंदर कई विदेशी नागरिक भी मौजूद थे। रिपोर्ट में थाई विदेश मंत्रालय के एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं और हालात का जायजा ले रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों को थाईलैंड के सा केओ प्रांत के अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है।
इटली पहुंचे दो विमानों की जांच में 50% से ज्यादा यात्री संक्रमित मिलेएबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन से इटली पहुंची एक फ्लाइट के आधे यात्री कोरोना संक्रमित पाए जाने से हड़कंप मच गया। इससे चीन से दूसरे देशों में कोरोना फैलने का खतरा और बढ़ गया है। इसी कारण भारत व अमेरिका समेत सात देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों को विमान में सवार होने से पहले कोविड निगेटिव रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य कर दिया है।चीन से मिलान जा रही दो फ्लाइट में यात्री कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। एक फ्लाइट के 92 यात्रियों में से 35 यानी 38 फीसदी और दूसरी के 120 यात्रियों में से 62 यानी 52 फीसदी यात्री कोविड पॉजिटिव पाये गये हैं। उधर, चीन देश में बड़े पैमाने पर कोरोना मरीज मिलने के बावजूद पाबंदियों में ढील दे रहा है। उसने नए साल में कोविड के खतरे का स्तर ए से घटाकर बी करने का फैसला किया है। इससे कोरोना मरीज को क्वारंटीन करने की जरूरत नहीं होगी। चीन ने यह भी एलान किया है कि अगले माह शुरू होने वाले चीनी लूनार नव वर्ष अवकाश में विदेश भ्रमण के इच्छुक लोगों को वह लाखों की तादाद में साधारण पासपोर्ट व वीजा जारी करेगा। इससे समूची दुनिया में कोविड नए सिरे से फैलने का खतरा बढ़ गया है। कोरोना के कारण चीन लगभग तीन सालों तक पूरी दुनिया से कटा रहा, क्योंकि अधिकांश देशों ने यात्रा पाबंदियां लगा दी थीं। इसलिए वह अपने पर्यटकों की विदेश यात्राओं पर पाबंदियां हटा रहा है। 2020 के बाद पहली बार चीन यह ढील दे रहा है, लेकिन दुनियाभर में कोविड की दृष्टि से यह कदम चिंताजनक माना जा रहा है।चीन से यात्री टिकट बुकिंग बढ़ी : उधर, ट्रेवल कंपनियों ट्रिप डॉट कॉम और क्यूनर के अनुसार चीन द्वारा ढील के बाद चीनी यात्रियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय टिकट बुकिंग व इससे संबंधित सर्च में पांच से आठ गुना बढ़ोतरी हुई है। चीनी लोगों ने जापान, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा में रुचि दिखायी।चीन से भारत आने वालों की जांच अनिवार्यचीन में बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए भारत के स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को चीन से आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दी गयी है। यह जांच चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड से भारत आने वालों के लिए जरूरी होगी। भारत आगमन पर इन देशों के किसी भी यात्री में कोरोना के लक्षण पाये जाते हैं या कोविड-19 संक्रमण पाया जाता है तो उन्हें क्वारंटीन किया जायेगा। इसी तरह अमेरिका, जापान, मलेशिया ने भी चीन से आने वालों के लिए कोविड निगेटिव टेस्ट अनिवार्य कर दिया है।
भारतीय कफ सिरप पाइन से 18 बच्चों की गयी जानडब्ल्यूएचओ बोला- करेंगे इसकी जांचएबीएन सेंट्रल डेस्क। मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी का कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत हो गई। उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि जिस कफ सिरप को बच्चों ने पिया था, वो भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी का कफ सिरप था।बता दें कि इससे पहले अफ्रीकी देश गांबिया में भी भारतीय कफ सिरप पीने से 66 बच्चों बच्चों की मौत की खबर आई थी।उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि लैब में किये गये एक टेस्ट में भारतीय कफ सिरप में दूषित एथिलीन ग्लाइकोल की उपस्थिति पायी गयी। डॉक-1 मैक्स कफ सिरप को नोएडा की मैरियन बायोटेक की ओर से तैयार किया जाता है।डब्ल्यूएचओ ने दिया जांच में सहयोग का भरेासा : इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत की खबरें आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) उज्बेकिस्तान में स्वास्थ्य अधिकारियों के संपर्क में है और आगे की जांच में सहायता के लिए तैयार है। हालांकि, डॉक्टर-1 मैक्स की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मैरियन बायोटेक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले पर अभी कुछ नहीं कहा है।बिना डॉक्टर की सलाह के लिये थे कफ सिरप : उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि समदरकंद में ऐसे 21 बच्चे जो तीव्र श्वसन रोग से पीड़ित थे, उन्होंने नोएडा की मैरियन बायोटेक की निर्मित डॉक-1 मैक्स सिरप का सेवन किया था, संभवत: उसी वजह से उनमें से 18 बच्चों की मौत हो गयी है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि चूंकि दवा में मुख्य रूप से पेरासिटामोल है, जिसे माता-पिता ने गलत तरीके से इस्तेमाल किया, या तो उन्होंने सीधे मेडिकल से इसे खरीद लिया या फिर ठंड विरोधी उपाय के रूप में इसे इस्तेमाल किया। मंत्रालय ने कहा कि बच्चों के माता-पिता ने डॉक्टरी सलाह के बिना बच्चों को यह कफ सिरप पिलाया है। बयान के अनुसार, लैब के शुरुआती अध्ययनों से इस सिरप में एथिलीन ग्लाइकॉल की उपस्थिति मिली है। इस तरह की दवा का सेवन कुछ ज्यादा होने पर उल्टी, बेहोशी, आक्षेप, हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बाद इसका कहर जापान में भी देखने को मिल रहा है। जापान में एक दिन में चार सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी, जिससे माना जा रहा है कि एक बार फिर कोरोना दुनिया को एक बार फिर से अपनी चपेट में लेने वाला है। जापान में बुधवार को कोरोना 415 मरीजों की मौत दर्ज की गयी। यह संख्या एक दिन में अब तक की सबसे अधिक है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में बुधवार को 216,219 नये कोविड मामले सामने आये, जो एक सप्ताह पहले की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है। ताजा कोविड आंकड़ों में इस साल अगस्त में लगभग 2.60 लाख प्रतिदिन के रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब है। देशभर में 28 मिलियन से अधिक मामलों के साथ जापान में वायरस से मरने वालों की संख्या 55 हजार से अधिक हो गयी है।रिपोर्ट के अनुसार कोविड के बढ़ते आंकड़े विदेश से व्यक्तिगत यात्रियों पर प्रतिबंध लगाने के बाद सामने आये हैं। जापान में टूरिस्ट आगमन नवंबर में लगभग 10 लाख तक पहुंच गया था, देश के पहले पूरे महीने के बाद कोविड ने दो साल से अधिक समय तक पर्यटन को प्रभावी रूप से रोक दिया। कुछ अन्य देशों के विपरीत, सरकार ने जापान में मास्क पहनना कभी भी अनिवार्य नहीं किया गया है। 11 अक्टूबर को जापान ने दुनिया के कुछ सख्त सीमा नियंत्रणों को समाप्त कर दिया।प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन पर भरोसा जताया। जापान इस समय हर दिन 2 लाख से अधिक नये कोविड मामलों की रिपोर्ट कर रहा है। देश महामारी की आठवीं लहर से गुजर रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में बर्फीले तूफान से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके कारण पिछले 24 घंटों में 4,900 से अधिक फ्लाइट कैंसिल की जा चुकी हैं। साथ ही 4,400 से अधिक उड़ानों का समय बदला गया है। उड़ान ट्रैकिंग सेवा फ्लाइट अवेयर ने इसकी पुष्टि की है।उड़ानें ट्रैकिंग सेवा के मुताबिक बुधवार को जाने वाली 3,500 से अधिक उड़ानें पहले ही रद कर दी गयी थीं। 22 दिसंबर से अब तक लगभग 20,000 उड़ानें रद की जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि इस बर्फीले तूफान के कारण अबतक 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से लगभग 28 लोग न्यूयॉर्क के बताये गये हैं।अमेरिका में बर्फीले तूफान का सबसे ज्यादा असर न्यूयार्क के उपनगर बफेलो में पड़ा है। यहां स्थिति इतनी खराब हो गयी है कि राज्य पुलिस और सेना की तैनाती की गई है। साथ ही ड्राइविंग पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। राष्ट्रपति जो बाइडन पहले ही बर्फीले तूफान से प्रभावित न्यूयार्क में आपातकाल की घोषणा कर चुके हैं।
कोविड-19 वायरस पर बड़ा खुलासाएबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में जिस तेजी से कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं उसे देखते हुए केंद्र सरकार भी अलर्ट हो गयी है। देश के करीब-करीब सभी राज्यों में कोरोना को लेकर गाइडलाइंस भी जारी कर दिए गए हैं। साथ ही सभी लोगों से कोरोना संयमित व्यवहार का पालन करने को कहा जा रहा है। इस बीच केंद्र के कोविड पैनल के प्रमुख एनके अरोड़ा ने आज कहा कि चीन में कोरोना के ताजा प्रकोप से घबराने की जरूरत नहीं है। वहां पर वायरस के एक नहीं बल्कि 4 वैरिएंट हैं जिनकी वजह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।एनके अरोड़ा ने चीन में कोरोना को लेकर बने भयावह स्थिति के बीच कहा कि भारत महज एहतियात के तौर तैयारी कर रहा है क्योंकि चीन से खुलकर और जल्द सूचनाएं नहीं आ पा रही हैं। हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि चीन का प्रकोप वायरस के कॉकटेल के कारण है, जो स्थानीय महामारी विज्ञान के कारण अलग व्यवहार करते हैं। बीएन-बी क्यू वैरिएंट के मामले सबसे ज्यादा : अरोड़ाउन्होंने कहा कि बीएफ.7 वैरिएंट 15 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है, जबकि सबसे ज्यादा मामले यानी 50 प्रतिशत बीएन और बीक्यू सीरीज से हैं, और एसवीवी वैरिएंट से महज 10-15 प्रतिशत ही केस हैं।उनका कहना है कि यही वह चीज है जहां भारत को इससे लाभ मिलता है क्योंकि यहां पर हाइब्रिड इम्युनिटी मजबूत हो चुकी है। यहां पर हुए वैक्सीनेशन और देश में कोरोना की पहली, दूसरी और तीसरी लहर के दौरान बड़े पैमाने पर लोग संक्रमित हुए जिससे इम्युनिटी का बढ़िया संयोजन हो गया है। भारतीयों इम्युनिटी हुई मजबूत : अरोड़ाअरोड़ा ने एक खास बातचीत में एनडीटीवी से कहा कि चीन में वे इस मामले में कमजोर हैं। वे पहले वायरस के संपर्क में नहीं आये, और उन्हें जो वैक्सीन दी गई है वह भी शायद कम प्रभावी है। मुझे आपको बताना चाहिए कि उनमें से अधिकांश को तीन से चार डोज दी गई थीं। इसकी तुलना में, 97 प्रतिशत भारतीयों को वैक्सीन की दो डोज मिलीं, कई लोगों को एक से अधिक बार कोरोना का संक्रमण हुआ। यहां तक कि बच्चे भी सुरक्षित हैं क्योंकि 12 साल से कम उम्र के कम से कम 96 फीसदी बच्चे कोविड के संपर्क में आ चुके हैं।एनके अरोड़ा ने कहा कि देश में अभी जो प्रतिक्रिया हो रही है, वह पूर्वव्यापी और अति सक्रिय प्रतिक्रिया है, क्योंकि चीन की मौजूदा स्थिति को लेकर कुछ भी साफ नहीं है। वहां पर कोरोना केसेज की संख्या, मामलों की गंभीरता, वहां पर वैक्सीनेशन की स्थिति और फिर तरह-तरह के वेरिएंट चल रहे हैं, इनको लेकर स्थिति साफ नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन अगले साल आठ जनवरी से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए पृथकवास खत्म करेगा। सोमवार को यहां एक आधिकारिक घोषणा में यह जानकारी दी गयी। देश के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि वह अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को फिर से खोल देगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अलग-थलग रहने के करीब तीन वर्षों बाद वह इस स्थिति से बाहर आयेगा। ये घोषणाएं ऐसे समय में आई हैं जब ओमीक्रॉन के संक्रमण से देश जूझ रहा है। इसके पहले शी चिनफिंग प्रशासन द्वारा इस महीने की शुरुआत में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद जीरो कोविड नीति में कुछ छूट दी गयी थी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने सोमवार को कहा कि चीन आठ जनवरी, 2023 से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए पृथकवास की जरूरत को खत्म कर देगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति है। देश के अलग अलग हिस्सों में रोज लाखों की तादाद में संक्रमित मिल रहे हैं। झेजियांग प्रांत में एक दिन में 10 लाख से ज्यादा केस मिले हैं।झेजियांग प्रांत चीन का प्रमुख उत्पादन केंद्र मैन्यूफैक्चरिंग हब है। यह शंघाई के पास स्थित है। इसकी आबादी लगभग 6.5 करोड़ है। इसका मुख्य शहर हांगझोऊ चीन की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ग्रुप के अलावा कई अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियों का मुख्य केंद्र है। यहां एपल के अलावा जापानी वाहन निर्माता कंपनी निडेक और कई अन्य विदेशी निर्माता कंपनियों की भी इकाइयां हैं। कोरोना के कहर के कारण इन इकाइयों के कामकाज पर असर पड़ सकता है और वैश्विक उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।निक्केई एशिया की रिपोर्ट में झेजियांग में कोरोना के गंभीर हालात की जानकारी दी गई है। ब्रिटेन के शोध समूह एयरफिनिटी द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट के हवाले से निक्केई एशिया ने कहा कि चीन में दैनिक मामले काफी अधिक हैं। झेजियांग में कोरोना के कहर से इसकी पुष्टि होती है।इस बीच, पूरे चीन में कोरोना के नए केस सामने आये हैं। ग्वांगडोंग प्रांत के डोंगगुआन में शुक्रवार को नए संक्रमितों की संख्या ढाई से तीन लाख थी। वहीं, शेडोंग प्रांत के किंगदाओ में पांच लाख से ज्यादा संक्रमित मिले थे।हालांकि, चीन की केंद्रीय सरकार ने अधिकृत आंकड़े देना बंद कर दिया है, लेकिन प्रांतीय सरकारें आंकड़े जारी कर रही हैं। इससे पता चलता है कि देश में हालात किस कदर बिगड़ गये हैं। निक्केई एशिया के अनुसार नये साल के पहले दिन दैनिक संक्रमण चरम पर पहुंच सकता है। यह आंकड़ा 20 लाख केस तक जा सकता है।
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