एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में एक बार फिर से फायरिंग की घटना सामने आयी। अमेरिका के टेक्सास के एल पासो के एक शॉपिंग मॉल में फायरिंग की गयी जिसमें स्थानीय पुलिस ने बुधवार शाम शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट में फायरिंग को लेकर जानकारी दी। फायरिंग में चार लोगों को गोली मारी गई जिसमें अब तक एक शख्स के मारे जाने की खबर है। एल पासो पुलिस विभाग के प्रवक्ता रॉबटर् गोमेज ने गुरुवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने कहा कि गोलीबारी करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी सिएलो विस्टा मॉल के अंदर हुई। उन्होंने कहा कि हमारे पास इस समय कोई शॉर्प शूटर नहीं है।
महंगाई-भुखमरी से लड़ रहे पाकिस्तान में एक और आफतएबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई और खाद्य सामग्रियों की कमी का संकट पहले ही गहरा चुका है। अब इस बीच शहबाज सरकार ने आईएमएफ से सस्ता कर्ज लेने के लिए जनता पर बोझ और बढ़ा दिया है। बताया गया है कि पाकिस्तान में अब पेट्रोल की कीमतें बढ़ाकर 272 रुपये प्रति लीटर कर दी गयी हैं। इसके अलावा यहां डीजल की कीमतों में भी इजाफा कर 280 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल-डीजल की यह बढ़ी कीमतें पहले से परेशानी में पड़ी पाकिस्तान की जनता की मुश्किलें और बढ़ाने वाली हैं। शहबाज शरीफ सरकार की तरफ से ईंधन की दरों में बढ़ोतरी का यह फैसला संसद में नये सप्लीमेंट्री फाइनेंस बिल को पेश करने के बाद आया। इसमें उनकी सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को 18 फीसदी तक पहुंचाने का प्रस्ताव रखा, ताकि पाकिस्तान इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए 170 अरब रुपये का कर जुटा सके।एक बार में 22 रुपये तक बढ़ गये पेट्रोल-डीजल के दाम : जियो टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज सरकार के इस फैसले की वजह से पाकिस्तान में एक ही बार में पेट्रोल के दाम 22.20 रुपये तक बढ़ गये और इसकी कीमतें रिकॉर्ड 272 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गयी। पाकिस्तान के वित्तीय विभाग के मुताबिक, देश में अब केरोसीन तेल की कीमत 202 रुपये प्रति लीटर पहुंच गयी है। वहीं, हल्का डीजल अब 196 रुपये प्रति लीटर और रेगुलर डीजल 280 रुपये प्रति लीटर की पर पहुंच चुका है। आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के लिए उठाया कदम : गौरतलब है कि पाकिस्तान में ईंधन की दरों में वृद्धि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की तरफ से रखी गयी शर्त थी। तय था कि आईएमएफ की इस मांग के चलते पाकिस्तान में महंगाई बढ़ेगी। हालांकि, कर्ज लौटाने के एवज में इस शर्त का माना जाना जरूरी था। पाक में दूध की कीमत 210 रुपये प्रति लीटर तक जा पहुंचीं है, जबकि मुर्गे का मीट 780 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुका है। पेट्रोल के दाम बढ़ने के बाद यह स्थिति और बिगड़ सकती है। 29 जनवरी को 35 रुपये प्रति लीटर बढ़ी थी ईंधन की कीमतें : इससे पहले 29 जनवरी को पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी थी। इसके चलते पाकिस्तान की जनता में पहले ही रोष था। अब एक महीने के अंदर ही देश में पेट्रोल की कीमतों में 57 रुपये, डीजल की कीमतों में 62 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। न्यूजीलैंड में चक्रवात गेब्रियल भयावह स्थितियां उत्पन्न कर रहा है। चक्रवात के बाद अब बाढ़ न्यूजीलैंड के लिए बड़ी मुसीबत बन गयी है। बाढ़ से न्यूजीलैंड की एक तिहाई आबादी प्रभावित हुई है और स्थितियां सामान्य नहीं हो पा रही हैं।चक्रवात गेब्रियल ने न्यूजीलैंड के कई द्वीपों में तबाही मचायी है। बड़े पैमाने पर बाढ़ के साथ भूस्खलन हुआ है। समुद्री लहरें उमड़ने से समुद्र तट पर अफरातफरी है। भारी बारिश और तेज हवा के कारण हजारों घरों की बिजली गुल हो गयी है। इस कारण विमान सेवाओं का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है और सैकड़ों उड़ानें रद कर दी गयी हैं। तूफान के बाद न्यूजीलैंड सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है। चक्रवात के कारण आयी बाढ़ अब देश की नयी मुसीबत बनकर उभरी है। बाढ़ से देश की एक तिहाई आबादी प्रभावित है और उनके लिए सामान्य जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है।चक्रवात व बाढ़ के कारण सवा लाख से अधिक लोग बेघर होकर सड़कों पर आ गये हैं। दरअसल पेड़ गिरने से तमाम घर टूट गये हैं और भूस्खलन से कई घर बह गये हैं। देश भर में सड़कों अवरुद्ध हो जाने के कारण आवाजाही प्रभावित हो गयी है। उत्तरी द्वीप के सुदूर उत्तर और पूर्वी तट पर रहने वालों को तूफान का सर्वाधिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। हॉक्स बे, कोरोमंडल और नॉर्थलैंड जैसे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। हालात इस हद तक बदतर हो गये हैं कि हॉक्स बे के कुछ निवासियों को बचने के लिए बेडरूम की खिड़कियों से तैरकर बाहर आना पड़ा क्योंकि उनके घरों में पानी भर गया था। बाढ़ग्रस्त इलाकों की हवाई तस्वीरों में छतों पर फंसे लोग राहत के लिए इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
इस बार 4.7 थी तीव्रताएबीएन सेंट्रल डेस्क। भीषण तबाही झेल रहे तुर्किये में एक बार फिर भूकंप आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्किये के दक्षिण-पूर्व क्षेत्र कहरामनमरास में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किये गये, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने बताया कि तुर्किये के कहरामनमरास शहर से 24 किलोमीटर दक्षिण में रविवार को 4.7 तीव्रता का भूकंप आया।इससे पहले छह फरवरी को तुर्किये और सीरिया में 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके एक-दो दिन बाद भी कई बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गये थे। अधिकारियों ने बताया कि पिछले सोमवार को तुर्किये और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के कारण अब तक 33,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को तुर्किये में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 29,605 हो गयी। जबकि सीरिया के उत्तर पश्चिम में विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में 2,168 और सीरिया के सरकार-नियंत्रित हिस्सों में 1,408 मौतें सहित यहां कुल 3,576 लोगों की मौत हुई है।
भारतीय दूतावास ने की पुष्टिएबीएन सेंट्रल डेस्क। तुर्की में आये विनाशकारी भूकंप ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। भूंकप में एक भारतीय की मौत हो गई है। भारतीय दूतावास ने इस बात की पुष्टि की है। भारतीय दूतावास ने ट्वीट करते हुए बताया कि छह फरवरी को तुर्की में भूकंप आने के बाद से लापता एक भारतीय नागरिक विजय कुमार का शव मिला है। उन्होंने कहा कि माल्टा के एक होटल के मलबे के बीच उनकी पहचान की गयी है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारतीय दल भूकंप प्रभावित तुर्किये में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए ऑपरेशन दोस्त के तहत दिन-रात काम कर रहे हैं। मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि अधिकतम लोगों की जिंदगी और संपत्ति बचाने के लिए वे अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहेंगे। संकट की इस घड़ी में भारत तुर्किये के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।मोदी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के उस ट्वीट को संलग्न किया जिसमें भारतीय दलों द्वारा की जा रही मदद के दृश्य दिखाये गये थे। बागची ने कहा कि भारतीय सेना के चिकित्सा विशेषज्ञों का दल चौबीसों घंटे घायलों को राहत पहुंचाने के काम में जुटा है। अधिकारियों ने कहा कि तुर्की के इस्केंदरन में भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल में अब तक 106 से अधिक लोगों का इलाज किया जा चुका है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर व्हाइट हाउस की ओर से आया बड़ा बयान एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को अगले कुछ दिनों में सालभर पूरा हो जायेगा। इस बीते एक साल में इस युद्ध ने दुनियाभर को प्रभावित किया है, लेकिन अब इस युद्ध के खत्म होने की संभावनाएं नजर आ रही हैं। दरअसल, शुक्रवार को रूस-यूक्रेन युद्ध पर व्हाइट हाउस की ओर से एक बड़ा बयान जारी किया गया है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस युद्ध को रोक सकते हैं, वो अगर ऐसी पहल करेंगे तो हम उनके प्रयासों का स्वागत करेंगे। आपको बता दें कि युद्ध के सालभर पूरा होने के मौके पर भी दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है।अमेरिकी व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने अपने बयान में कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध पर बोलना चाहें तो हम उन्हें यह प्रयास करने देंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका पीएम मोदी के प्रयासों का स्वागत करेगा। जॉन किर्बी का मानना है कि पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करके उन्हें इस युद्ध को रोकने के लिए मना सकते हैं उनके ऐसा करने से दोनों देशों के बीच की शत्रुता समाप्त हो जायेगी।जॉन किर्बी ने इस दौरान रूसी राष्ट्रपित पुतिन पर जोरदार हमला भी बोला। उन्होंने कहा है कि मुझे ऐसा लगता है कि रूसी राष्ट्रपति के पास युद्ध को रोकने का अभी भी समय है और उन्हें ऐसा करने के लिए पीएम मोदी ही मना सकते हैं। किर्बी ने कहा कि इस मानवीय संकट को रोकने के लिए अमेरिका ने रूस के खिलाफ पश्चिम में कई प्रतिबंध लगाये हैं ताकि मानवता को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिका का यही प्रयास है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए रूस को रोका जाये, लेकिन रूस विमुद्रीकरण को लेकर भड़का हुआ है, जिसके लिए वो यूक्रेन को जिम्मेदार ठहरा रहा है।किर्बी ने इस दौरान पुतिन पर जबरदस्त निशाना साधते हुए कहा कि आज यूक्रेन में आम लोगों के साथ जो भी बुरा हो रहा है, उसके लिए जिम्मेदार सिर्फ एक ही व्यक्ति है और वो पुतिन हैं। किर्बी ने कहा कि वो अभी भी युद्ध को रोक सकते हैं, लेकिन युद्ध को रोकने की बजाये रूस क्रूज मिसाइलों को ऊर्जा और बिजली के बुनियादी ढांचे में दाग रहा है और रोशनी को खत्म करने और गर्मी को खत्म करने की कोशिश कर रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तुर्की और सीरिया में 6 फरवरी को आये विनाशकारी भूकंप से तबाही मची हुई है। हड्डियां गला देने वाली ठंड के बीच भूकंप प्रभावितों को रेस्क्यू करने का काम जारी है। लेकिन जैसे-जैसे इमारतों का मलबा हटाया जा रहा है, मरने वालों का आंकड़ा भी बढ़ता ही जा रहा है। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक एक दिन पहले तक मृतकों का जो आंकड़ा 22,000 पर था, वो अब बढ़कर 24,000 को भी पार कर गया है। इतने पर भी अभी मृतकों की संख्या में लगाम नहीं लगा है। मलबे के ढेर बिखरे पड़े हैं और चारों तरफ चीख-पुकार और मातम है। तुर्की और सीरिया में भूकंप से हुई तबाही के बाद हालात बदतर होते जा रहे हैं। नये आंकड़ों के अनुसार, अब तक 24 हजार 680 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस आपदा में 85 हजार से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। तुर्की में 20,213 लोगों की जान जा चुकी है और 80 हजार से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। कई जगह अस्थाई कब्रिस्तान बनाकर शवों को दफनाने के इंतजाम किये जा रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति बोले- अब देश को नये बिजली मंत्री की जरूरतएबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने केप टाउन में अपने वार्षिक स्टेट ऑफ द नेशन (एसओटीएन) संबोधन के दौरान देश में बिजली संकट के कारण आपदा की स्थिति की घोषणा की। कोरोना वैश्विक महामारी के कारण देश में घोषित आपदा की स्थिति को हटाये जाने के 10 महीने बाद यह घोषणा की गयी है। रामाफोसा ने घोषणा की कि इस मामले से अधिक प्रभावी ढंग से और तत्काल निपटने के लिए एक बिजली मंत्री नियुक्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नया मंत्री राष्ट्रीय ऊर्जा संकट समिति के काम देखने के साथ-साथ बिजली संकट से निपटने के लिए सभी पहलुओं पर गौर करेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि ऊर्जा संकट हमारी अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने के लिए एक संभावित खतरा है। हमें इन उपायों को बिना विलंब के तुरंत लागू करना चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन में बिजली आपूर्ति संकट के अलावा बेरोजगारी, अपराध और हिंसा समेत कई चुनौतियों का जिक्र किया। राष्ट्रपति ने अपने स्टेट ऑफ द नेशन संबोधन में यह भी स्वीकार किया कि एक समय था जब वह पद छोड़ने पर विचार कर रहे थे, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के प्रयासों से उन्हें पद पर बने रहने की प्रेरणा मिली। रामाफोसा ने कहा कि उनकी सरकार और उनकी पार्टी अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (एएनसी) जिन संकटों का सामना कर रही थी, उनके बीच उनकी अंतरात्मा ने उन्हें पद पर बने रहने को कहा। राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी अंतरात्मा हमेशा कहती है कि नेल्सन मंडेला के नक्शेकदम पर चलो, क्योंकि उन्होंने महान बलिदान दिये... मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति थे। इससे पहले रंगभेदी सरकार के राजनीतिक कैदी के रूप में 27 साल उन्होंने जेल में बिताए थे। रामाफोसा ने अपना संबोधन समाप्त करते हुए कहा कि मेरी अंतरात्मा मुझे कहती थी कि इस देश को महान बनाने के लिए आप जो कुछ भी कर सकते हैं करें... और मैं ठीक वहीं कर रहा हूं। हमारे सामने आने वाली सभी चुनौतियों के बावजूद मैं हम सभी से दक्षिण अफ्रीका के लोगों की सेवा करने के लिए यथासंभव योगदान देने का आह्वान करता हूं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंडोनेशिया के पूर्वी प्रांत पापुआ में बृहस्पतिवार को आए 5.1 तीव्रता के भूकंप में चार लोगों की मौत हो गयी। वे एक तैरते रेस्तरां पर थे जो समुद्र में गिर गया और वे उससे बाहर नहीं निकल सके। अमेरिकी भूभर्गीय सर्वेक्षण ने कहा कि भूकंप की तीव्रता 5.1 थी जो पापुआ के उत्तरी तट के पास जयापुरा के आवासीय इलाके में आया।उसके मुताबिक, इसका केंद्र 22 किलोमीटर की गहराई में था। इस तरह के भूकंप पृथ्वी की सतह पर अक्सर अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। पापुआ की राजधानी जयापुरा की निवासी टी आसीह ने कहा कि लोग दहशत में आ गये थे। मैं कार में थी और मुझे महसूस हुआ कि कार के पहिये उठ गये हैं। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप की वजह से तैरता रेस्तरां समुद्र में गिर गया जिस वजह से उसपर मौजूद चार लोगों की मौत हो गयी। राष्ट्रीय आपदा शमन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि चारों शव निकाल लिए गए हैं। पीड़ित कैफे के मलबे में फंस गये थे और उनपर छत गिर पड़ी थी। गोताखोर रेस्तरां के आसपास के हिस्से की तलाशी लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं वहां और कोई तो नहीं था।
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