एबीएन सेंट्रल डेस्क। फेसबुक की मूल कंपनी मेटा 10,000 नौकरियां और घटा रही है और व्यय में कटौती करते हुए वह 5,000 रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं करेगी। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि वह अपने नियोक्ता टीम का आकार घटाएगी और अपने प्रौद्योगिकी समूह में अप्रैल के अंत में और लोगों को नौकरी से निकालेगी। उसके बाद मई के अंत में व्यापारिक समूह में से लोगों को नौकरी से निकालेगी। सीइओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि यह मुश्किल रहेगा लेकिन और कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब हमारी सफलता का हिस्सा रहे प्रतिभाशाली और जुनूनी सहयोगियों को अलविदा कहना होगा। कंपनी ने मेटावर्स पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कई अरब डॉलर का निवेश किया है। इसने आॅनलाइन विज्ञापन बाजार में गिरावट और टिकटॉक जैसे प्रतिद्वंद्वियों से प्रतिस्पर्धा से प्रभावित होकर चौथी तिमाही में कम लाभ और राजस्व दर्ज किया था। कंपनी ने नवंबर में 11,000 नौकरियां खत्म करने की घोषणा की थी।
इमरान को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस, समर्थकों ने लगाया अड़ंगा, लंबे आॅपरेशन के बाद भी खाली हाथ एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना मामले में गिरफ्तार हो सकते हैं। लाहौर में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष (पीटीआई) इमरान के आवास के बाहर बख्तरबंद पुलिस वाहन पहुंचे थे। इस बीच इस्लामाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के इरादे से वहां पहुंची है। इमरान खान के समर्थक मंगलवार को भ्रष्टाचार के आरोपों में उनकी गिरफ्तारी को विफल करने के लिए उनके आवास के बाहर पुलिस से भिड़ गए। झड़प में उनकी पार्टी के कई कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। साथ ही देश भर के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है। इमरान खान के लाहौर स्थित जमन पार्क आवास के बाहर लंबे पुलिस आॅपरेशन के बावजूद पीटीआई कार्यकर्ताओं के कड़े प्रतिरोध के कारण पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हिंसक झड़पों में पीटीआई के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों को चोटें आयी। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।पुलिस ने पीटीआई के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया है। बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ता आंसू गैस के गोले का सामना कर रहे हैं। जमन पार्क जंग का मैदान बन गया है। लाहौर पुलिस प्रमुख बिलाल सादिक कामयान ने कहा कि लाहौर पुलिस खान की गिरफ्तारी में इस्लामाबाद पुलिस की मदद कर रही है।
यूक्रेन युद्ध के बाद पहली सीधी अमेरिका-रूस मुठभेड़ एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी सेना ने कहा कि एक रूसी लड़ाकू विमान ने उसके एक जासूसी ड्रोन को गिरा दिया है। ड्रोन क्रैश का यह मामला काला सागर में हुआ। यूक्रेन संघर्ष के बाद दोनों शक्तियों के बीच इस तरह की पहली सीधी मुठभेड़ हुई। रूसी रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में अपनी अलग बात रखरी है। वाशिंगटन में मास्को के राजदूत ने कहा कि उनके देश ने यूएस एमक्यू -9 ड्रोन और रूसी एसयू -27 लड़ाकू जेट से जुड़ी घटना को उकसाने के तौर पर लिया है। संयुक्त राज्य अमेरिका इस क्षेत्र में नियमित निगरानी उड़ानें संचालित करता है और दसियों अरब डॉलर की सैन्य सहायता के साथ यूक्रेन का सहयोग किया है, हालांकि वह सीधे युद्ध में शामिल नहीं हुआ है। इस बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि सैन्य कमांडर सर्वसम्मति से बखमुत के बर्बाद शहर सहित पूर्वी सीमा रेखा की रक्षा के पक्ष में थे, जो महीनों से रूस द्वारा घेरे में है। यूक्रेनी उप रक्षा मंत्री हन्ना माल्यार ने कहा कि रूस पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र में पूरी सीमा पर आक्रामक था, बखमुत के उत्तर में क्रेमिना, बिलोहोरिवका और स्प्रिन के आसपास भी लड़ाई चल रही थी। बखमुत की रक्षा महत्वपूर्ण थी क्योंकि भारी तबाही हो रही है... बड़ी संख्या में सैनिक मारे जा रहे हैं और आज तक, दुश्मन की आगे बढ़ने की क्षमता कम हो रही है। संयुक्त राष्ट्र और तुर्की ने कहा कि कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर यूक्रेन के काला सागर बंदरगाहों से अनाज लदान की अनुमति देने के लिए बातचीत जारी है, जो इस सप्ताह समाप्त होने वाली है। कीव सरकार ने 60 दिनों के नवीनीकरण के लिए रूसी धक्का को खारिज कर दिया, पिछले नवीनीकरण की आधी अवधि। इस बीच, अमेरिकी सेना ने कहा कि लगभग 30 से 40 मिनट के बाद, सुबह 7.03 बजे, जेट में से एक ड्रोन से टकरा गया, जिससे यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों का कहना है कि रूस विजय का एक अकारण युद्ध छेड़ रहा है जिसने यूक्रेनी शहरों को नष्ट कर दिया है, हजारों लोगों को मार डाला है और लाखों लोगों को अपने घरों से भागने पर मजबूर कर दिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। फेसबुक पैरेंट कंपनी मेटा प्लैटफॉर्म्स 10,000 नौकरियों में कटौती करेगी। कंपनी ने कहा है कि वह 11,000 कर्मचारियों को काम से हटाने के बाद और 10,000 नौकरियों में कटौती करेगा। बता दें कि मेटा बड़े पैमाने पर छंटनी के दूसरे दौर की घोषणा करने वाली पहली बड़ी टेक कंपनी होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फेसबुक की मूल कंपनी मेटा 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के साथ ही 5,000 रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं करेगी। फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा प्लैटफॉर्म्स को लेकर खबर है कि वह आनेवाले महीनों में कई दौर में अतिरिक्त कर्मचारियों को निकाल सकती है। कर्मचारियों की यह छंटनी लगभग पिछले स्तर के बराबर होगी। पिछले वर्ष कंपनी ने कर्मचारी संख्या में 13 प्रतिशत कटौती की थी। घटनाक्रम पर नजर रखनेवालों के अनुसार, नयी कटौती के पहले चरण की शायद अगले सप्ताह घोषणा होगी। इस कटौती में गैर-इंजीनियरिंग भूमिकाओं वाले कर्मचारी ज्यादा प्रभावित होंगे। ऐसी संभावना है कि इन कटौतियों के साथ कंपनी कुछ प्रोजेक्ट्स और टीमें भी बंद कर देगी।
रोके गये दर्जनों बैंकों के कामकाज, 75% से ज्यादा शेयर गिरेएबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में बाजार खुलते ही बैंकों में हाहाकार मच गया है और दर्जनों क्षेत्रीय बैंका का कामकाज बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आज सुबह से ही दर्जनों क्षेत्रीय बैंकों में व्यापार को अस्थाई तौर पर रोक दिया गया है, क्योंकि बाजार खुलते ही बैंकों के शेयर्स औंधेमुंह गिरने लगे। बाजार खुलने के बाद शेयरों में 75 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज करने के बाद दर्जनों बैंकों के कामकाज को बंद कर दिया गया है और माना जा रहा है, कि अमेरिका का बैंकिंग सेक्टर बहुत बड़े तूफान की तरफ बढ़ रहा है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। भारतीय शेयर बाजार पर भी इसका निगेटिव असर पड़ा है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के दर्जनों बैंक बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और शेयर बाजार के मुताबिक, वेल्स फार्गो में 7.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, बैंक आफ अमेरिका में 7.4 प्रतिशत की गिरावट, सिटीग्रुप की 5.8 प्रतिशत और जेपी मॉर्गन की 2.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, अमेरिका के कई प्रमुख नेशनल बैंकों के शेयर भी गिरे हैं। वहीं, रीजनल बैंक वेस्टर्न एलायंस ने वॉल स्ट्रीट पर ओपनिंग बेल बजते ही अपने शेयर की कीमत में भारी गिरावट देखी है, जबकि फर्स्ट रिपब्लिक के शेयरों में 67 प्रतिशत और पैकवेस्ट में 35 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। बाजार को बड़े पैमाने पर अस्थिरता से बचाने के लिए ट्रेडिंग सर्किट ब्रेकर तेजी से लागू किए गए हैं। वहीं, बैंकिंग संकट के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्हाइट हाउस में रूजवेल्ट रूम से देश को संबोधित किया है और उन्होंने कहा है, कि सिलिकॉन वैली बैंक के पतन के बाद देश की वित्तीय प्रणाली को व्यापक तबाही से बचाने की तेज कोशिश की जा रही है। बाजार खुलने से कुछ मिनट पहले उन्होंने कहा था कि अमेरिका के नागरिक विश्वास कर सकते हैं कि देश का बैंकिंग प्रणाली सुरक्षित है। राष्ट्रपति जो बाइडेन के अलावा रविवार को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा सिलिकॉन वैली बैंक के बंद होने के बाद ग्राहकों को उनके निवेश की गारंटी देने के बावजूद बैंकिंग सेक्टर में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। बाइडेन के साथ साथ अमेरिकी अधिकारियों ने गारंटी ली है कि लोगों का पैसा सुरक्षित रहेगा। लेकिन, आज बाजार खुलने के बाद इसका असर नहीं दिखा है। वहीं, माना जा रहा है, कि अमेरिकी बैंकिंग इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा पतन शुरू हो चुका है, और 2008 के बाद बैंकिंग सेक्टर पर सबसे बड़ा संकट मंडरा रहा है। पिछले एक हफ्ते में अमेरिका में दो बैंकों पर ताले लग चुके हैं और अब कई बैंकों के शेयर्स में तबाही मच गयी है। लिहाजा आशंका है कि कई और बैंक बंद होने की तरफ आगे बढ़ सकते हैं। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने एक नए बैंक टर्म फंडिंग प्रोग्राम की भी घोषणा की है, जो ट्रेजरी जैसे प्रीमियम कोलेट्रल के बदले में बैंकों को एक वर्ष तक के लिए ऋण प्रदान करेगा। अमेरिका में बैंकिंग सेक्टर में हाहाकार मचने के पीछे की सबसे बड़ी वजह फेडरल रिजर्व का लगातार ब्याज दरों में इजाफा करना शामिल है। महंगाई को कंट्रोल करने के लिए अमेरिका की केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने पिछले साल से अब तक लगातार ब्याज दरों को बढ़ाया है जिसका भार बैंकिंग सेक्टर सह नहीं पा रहा है। 1980 के बाद से ये पहली बार है, जब फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में इस तरह का इजाफा किया है। लिहाजा बैंकिंग सेक्टर की चिंताजनक स्थिति बन गयी है। वहीं, राष्ट्रपति बाइडेन ने चार मिनट से भी कम समय के अपने भाषण में वित्तीय मंदी के प्रति अपनी प्रतिक्रिया का बचाव किया है और कहा कि सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) के मालिकों को निकाल दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही बाइडेन ने मौजूदा बैंकिंग समस्या के लिए पूर्ववर्ती ट्रंप शासन को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगर बैंक का एफडीसीआइ द्वारा अधिग्रहण कर लिया जाता है, तो बैंक चलाने वाले लोगों को वहां काम नहीं करना चाहिए। बाइडेन ने सिलिकॉन वैली बैंक बंद होने के पीछे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इस बीच इमरान ने 19 मार्च को लाहौर में बड़ी रैली का एलान किया है। सोमवार को दो मामलों में गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किये जाने के बाद पुलिस इमरान को गिरफ्तार करने गयी। इस दौरान इमरान ने समर्थकों के साथ बड़ी रैली निकालकर पुलिस को चुनौती दी। तोशाखाना मामले में कोर्ट के सामने पेश नहीं होने और पिछले साल एक जनसभा के दौरान महिला न्यायाधीश को कथित तौर पर धमकी देने के मामले में यह गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।तोशाखाना मामले की सुनवाई कर रहे इस्लामाबाद की जिला एवं सत्र अदालत के न्यायाधीश जफर इकबाल और न्यायाधीश को धमकी देने के मामले में वरिष्ठ दीवानी न्यायाधीश राणा मुजाहिद रहीम ने पुलिस को पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने को कहा है। कोर्ट ने तोशाखाना मामले में उन्हें 18 मार्च और न्यायाधीश को धमकी देने के मामले में इमरान को 21 मार्च को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।अब इमरान खान के समर्थक गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं, किन्तु उन पर गिरफ्तारी की तलवार तो लटक ही रही है। ऐसे में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के मुखिया इमरान खान ने 19 मार्च को लाहौर के मीनार-ए-पाकिस्तान में एक ऐतिहासिक सार्वजनिक रैली आयोजित करने की घोषणा की है। इमरान खान ने लोगों से रैली में पहुंचने का आह्वान कर कहा कि सभी को मिलकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने 19 मार्च को दोपहर 2 बजे मीनार-ए-पाकिस्तान में जलसे का एलान किया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में आॅस्टिन से फ्रैंकफर्ट जा रहा एक विमान 37000 फीट की ऊंचाई पर हवा में झटका खाने लगा। इससे सात यात्री जख्मी हो गए और अफरातफरी मच गई। स्थिति सामान्य करने के लिए वाशिंगटन में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। लुफ्थांसा एयरलाइन्स का विमान एयरबस ए330-300 अमेरिका के आस्टिन से फ्रैंकफर्ट जा रहा था। रास्ते में जब विमान करीब 37 हजार फीट की ऊंचाई पर था तो अचानक उसमें झटके लगने लगे। एक के बाद एक कई झटके लगने से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। झटका लगने के बाद यात्रियों की कुर्सियों के सामने रखा खाने का सामान इधर-उधर बिखर गया। तमाम लोगों को चोटें आयी। बाद में विमान को फ्रैंकफर्ट ले जाने के स्थान पर वाशिंगटन स्थित डुलेस हवाई अड्डे पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक यात्री की तो कूल्हे की हड्डी टूट गई है। घटना के बाद विमान से उतरने से पहले सभी यात्रियों से घटना की तस्वीरें और वीडियो डिलीट करने को कहा गया। इसके बावजूद विमान की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। विमान में सवार एक यात्री ने बताया कि जब उन्हें घटना की तस्वीरें और वीडियो डिलीट करने को कहा गया तो वह इसे सुनकर हैरान रह गए। विमान में सवार कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि विमान हवा में करीब चार हजार फीट तक नीचे आया था, जिससे विमान में सवार यात्रियों को झटका लगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नेपाल के नये राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल का कार्यकाल आज (सोमवार) से शुरू हो गया है। आज शपथ लेने के बाद उनका कार्यकाल आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया। राष्ट्रपति पौडेल को दोपहर एक बजे मुख्य न्यायाधीश दीपक कुमार कार्की शपथ ग्रहण कराये। विद्यादेवी भंडारी का राष्ट्रपति पद का कार्यकाल रविवार आधी रात पूरा हो गया। सचिवालय ने जानकारी दी है कि वह आज राष्ट्रपति भवन शीतल निवास से रवाना होंगी। बताते चलें कि पौडेल नौ मार्च को राष्ट्रपति चुने गये थे। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। पौडेल राजशाही की समाप्ति और नेपाल में गणतंत्र की स्थापना के बाद तीसरे राष्ट्रपति हैं। वह छह दशक से नेपाली कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स में दुबई को लगातार तीसरी बार दुनिया का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। जापान के मोरी मेमोरियल फाउंडेशन, शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री और शासक द्वारा जारी ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स (जीपीसीआई) के अनुसार दुबई ने दुनिया के सबसे सुरक्षित और सबसे खूबसूरत शहर के रूप में भी अपनी प्रतिष्ठा अर्जित की है।दुबई के शेख मोहम्मद ने एक ट्वीट में स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह सभ्यता, संस्कृति और विश्वास का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने शहर को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाये रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। शेख मोहम्मद ने ट्विटर पर लिखा स्वच्छता एक सभ्यता है। स्वच्छता एक संस्कृति है। स्वच्छता आस्था का हिस्सा है। दुबई दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर है, दुनिया में सबसे साफ और सबसे सुंदर, ईश्वर की इच्छा है। आइये हम इसे सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध रखें। मोरी मेमोरियल फाउंडेशन के शहरी रणनीति संस्थान द्वारा प्रकाशित जीपीसीआई, दुनिया भर के प्रमुख शहरों का मूल्यांकन उनकी आकर्षण शक्ति और दुनिया भर से लोगों, व्यवसायों और पूंजी को आकर्षित करने की उनकी समग्र क्षमता के आधार पर करता है। पिछले 3 वर्षों से जापान में मोरी मेमोरियल ऑर्गनाइजेशन द्वारा जारी ग्लोबल सिटीज स्ट्रेंथ इंडेक्स के अनुसार, दुबई दुनिया का सबसे स्वच्छ शहर है। जीपीसीआई छह मुख्य श्रेणियों के आधार पर शहरों का मूल्यांकन करता है: अर्थव्यवस्था, अनुसंधान और विकास, सांस्कृतिक संपर्क, जीवंतता, पर्यावरण और पहुंच। प्रत्येक श्रेणी को आगे उपश्रेणियों में बांटा गया है और शहरों का मूल्यांकन उन संकेतकों के एक सेट के आधार पर किया जाता है जो प्रत्येक श्रेणी में उनके प्रदर्शन को मापते हैं।
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