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चीन : एक-एक भर्ती के लिए 20 गुना ज्यादा आवेदन
Published / 2023-04-11 20:19:03
चीन : एक-एक भर्ती के लिए 20 गुना ज्यादा आवेदन

बेरोजगारी से चारों ओर मचा हाहाकार एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना वायरस महामारी की वजह से लाखों की संख्या में युवा बेरोजगार हो गए हैं। बेरोजगारी को लेकर पड़ोसी मुल्क की हालत का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि एक वैकेंसी के लिए 20 गुना अधिक आवेदन आ रहे हैं।चीनी एयरलाइंस कंपनी हैनान की ओर से निकाली गई नौकरियों के लिए कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है। रॉयर्टस की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन साल बाद देश में सबसे बड़ी हाररिंग करने वाली चीनी एयरलाइंस ने केबिन क्रू की भूमिका के लिए 1000 भर्तियां निकाली है। 1000 वैकेंसी के लिए कंपनी को अभी तक 20 हजार से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। चीनी युवाओं पर बेरोजगारी का दबाव कुछ इस तरह से बढ़ते जा रहा है कि फरवरी में जिनान में कंपनी को जॉब फेयर के दौरान 900 आवेदन मिले थे जिसमें सिर्फ 60 लोगों को ही नौकरी पर रखा गया। मतलब कुल आवेदनों में केवल 6 फीसदी लोगों को ही नौकरी मिल सकी। रिपोर्ट के मुताबिक चाइना सदर्न जो इस साल 3000 केबिन क्रू को हायर करने की प्लानिंग कर रहा है। हैरानी तो इस बात की है कि नौकरी के लिए हायरिंग शुरू होने से पहले ही कंपनी के पास दिसंबर तक सात गुना अधिक आवेदन आ चुके थे। चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी से पहले केबिन क्रू के लिए जीतने भी आवेदन आते थे उसमें से 10 फीसदी नौकरी पाने में सफल रहते थे, लेकिन अब इस आंकड़े में काफी गिरावट देखने को मिली है। अब मात्र 6 फीसदी लोगों को भी नौकरी मिल पा रही है। चीन के नागरिक उड्डयन विभाग के आंकड़ों के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान देश में फ्लाइट अटेंडेंट की संख्या में भी करीब 11 फीसदी की गिरावट देखन को मिली थी। करीब 11 हजार फ्लाइट अटेंडेंटों की या तो नौकरी चली गई या फिर किसी वजह से उनको खुद नौकरी छोड़नी पड़ी।

रूस : ज्वालामुखी फटने से 10 किमी तक नजर आया राख का गुबार
Published / 2023-04-11 20:18:10
रूस : ज्वालामुखी फटने से 10 किमी तक नजर आया राख का गुबार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस के कामचाटका प्रायद्वीप में शिवलुच ज्वालामुखी फट गया है। ज्वालामुखी फटने से दस किलोमीटर ऊंचाई तक राख का गुबार नजर आया। इसे हवाई यातायात के लिए खतरा बताकर चेतावनी जारी की गयी है। ज्वालामुखी फटने के बाद कामचाटका ज्वालामुखी विस्फोट प्रतिक्रिया टीम सक्रिय हो गई है। टीम ने उड्डयन विभाग को चेतावनी जारी की है। अंदेशा जताया गया है कि इस ज्वालामुखी में अभी 15 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्फोट कभी भी हो सकता है। इससे कम ऊंचाई पर उड़ान वाली विमान सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। पूरे क्षेत्र में एहतियात के उपाय शुरू हो गए हैं। आसपास के स्कूलों को बंद करा दिया गया है। लोगों को अपने घरों में रहने के आदेश दिए गए। एक अधिकारी ने बताया कि ज्वालामुखी फटने के बाद धुआं 70 किलोमीटर दूर क्लाईची और कोजीरेवस्क के क्षेत्रों तक फैल गया है। इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा करने से बचने को कहा गया है। दरअसल धरती पर कई ज्वालामुखी मौजद हैं। इनकी गिनती भी नहीं की जा सकती है। इनमें से शिवलुच ज्वालामुखी 10,771 फीट ऊंचा है। यह कामचाटका प्रायद्वीप का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी है। पिछले 10 हजार साल में 60 बार भयानक विस्फोट कर चुका है। अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट साल 2007 में हुआ था।

अमेरिका : अस्पतालों में तेजी से फैल रहा है कैंडिडा औरिस फंगस
Published / 2023-04-10 23:43:52
अमेरिका : अस्पतालों में तेजी से फैल रहा है कैंडिडा औरिस फंगस

एबीएन सेंटल डेस्क। मार्च 2023 के आखिर में अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्रों ने तेजी से फैलते कैंडिडा औरिस नामक फंगस को लेकर चेतावनी दी थी जिसकी वजह से देश में अस्पतालों में मरीज संक्रमित हो रहे हैं और उनकी मौत हो ही है। अमेरिका में इस फंगस से होने वाले संक्रमण में वृद्धि देखी गयी है। वेस्ट वर्जीनिया विश्वविद्यालय में संक्रामक रोग के प्रोफेसर एवं फिजिशियन (चिकित्सक) आरिफ आर सरवरी ने कैंडिडा औरिस के बारे में बताया कि यह किस तरह से फैल रहा है और अमेरिका में लोग इससे कैसे चिंतित हैं। कैंडिडा औरिस की पहचान हाल में हुई है जो एककोशिकीय फंगस है और यह मनुष्यों को संक्रमित कर सकता है। यह फंगस रोधी दवाओं के प्रति मध्यम रूप से प्रतिरोधी है। अन्य फंगस से संक्रमण की तुलना में कैंडिडा औरिस से संक्रमण अधिक खतरनाक है। कैंडिडा औरिस एक प्रकार का यीस्ट है जिसकी सबसे पहले पहचान 2009 में हुई थी और यह कैंडिडा परिवार की कई प्रजातियों में से एक है जो लोगों को संक्रमित कर सकता है।स्वस्थ लोगों को कैंडिडा के संक्रमण से चिंतित होने की जरूरत नहीं है। लेकिन गंभीर बीमारियों से ग्रसित और अस्पतालों में गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती मरीजों को कैंडिडा औरिस से संक्रमित होने का जोखिम अधिक होता है। हाल के वर्षों में अमेरिका में फंगस, विशेष तौर पर कैंडिडा औरिस से संक्रमण के मामले बढ़े हैं। सीडीसी के अनुसार वर्ष 2013 से 2016 के बीच इसके कुछ मामले सामने आये लेकिन 2017 में इसके मामले तेजी से बढ़े और 2022 में इसके 2,377 मामले दर्ज किये गये। कैंडिडा औरिस के संक्रमण से मौत के मामले भी बढ़े हैं। 2018 में जहां इसके संक्रमण से 1,010 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2021 में यह संख्या बढ़कर 1,800 हो गयी।

ईरान : 50 किलो आयुध से लैस ड्रोन का परीक्षण सफल
Published / 2023-04-10 18:45:40
ईरान : 50 किलो आयुध से लैस ड्रोन का परीक्षण सफल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्डस कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 50 किलोग्राम के वारहेड से लैस एक घरेलू लंबी दूरी, उच्च परिशुद्धता वाले कामिकेज ड्रोन का सफल परीक्षण किया है। आईआरजीसी के ग्राउंड फोर्स के रिसर्च एंड सेल्फ-सफिसिएंसी जिहाद संगठन के प्रमुख अली कौहेस्तानी ने अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी तस्नीम के साथ एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की, जो रविवार को प्रकाशित हुआ। कौहेस्तानी ने कहा, मेराज -532 नाम के मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) की सीमा 450 किमी है, और तीन सीधे घंटों के लिए 12,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है। यह ड्रोन लक्ष्यों पर सटीक वार कर सकता है। कौहेस्तानी ने कहा कि आत्मघाती ड्रोन पिस्टन इंजन से लैस है और एक वाहन से उड़ान भर सकता है। उन्होंने कहा कि यूएवी में 50 किलोग्राम का आयुध है और इसे आसानी से जोड़ा जा सकता है और उड़ान के लिए तैयार किया जा सकता है, जिससे यह तेजी से प्रतिक्रिया कार्यों के लिए उपयुक्त हो जाता है। ईरान ने पिछले वर्षो में यूएवी के निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। देश वर्तमान में मिशन की एक विस्तृत श्रृंखला को अंजाम देने में सक्षम ड्रोन का उत्पादन कर रहा है।

कभी चीन के खोतान तक फैली थी प्राचीन भारत की संस्कृति...
Published / 2023-04-07 19:40:30
कभी चीन के खोतान तक फैली थी प्राचीन भारत की संस्कृति...

बौद्ध धर्म के प्रचार में निभाया था अहम रोलएबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन के झिंजियांग क्षेत्र के होतान तक प्राचीन भारत की संस्कृति फैली हुई थी। प्राचीन काल में इस क्षेत्र को खोतान कहा जाता था। ईसा पूर्व कई शताब्दियों तक यह राज्य फला-फूला। यह ट्रांस-यूरेशियन ट्रेड रूट पर नखलिस्तान के रूप में जाना जाता था। यह ट्रेड रूट रेशम के सामान और जेड के कारोबार के लिए प्रसिद्ध था। पड़ोसी राज्यों के आक्रमण के चलते इस राज्य का वैभव नष्ट हो गया था। आज इस क्षेत्र को होतान कहा जाता है। खोतान शहर एक हजार साल से अधिक समय तक समृद्ध रहा था। 1006 में मुस्लिम कारा-खानिद खानते ने आक्रमण किया था और लड़ाई जीतकर राज्य पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद झिंजियांग का इस्लामीकरण और तुर्कीकरण हुआ। खोतान ने चीन में बौद्ध धर्म के प्रसार में अहम रोल निभाया था। पहली शताब्दी ईसा पूर्व में इस क्षेत्र में कई बौद्ध संस्थानों की स्थापना हुई थी। खोतान के शासक बौद्ध धर्म मानते थे। खोतानी लोग भगवान कृष्ण की पूजा करते थे। यहां तक कि उनकी मूल भाषा में रामायण का एक संस्करण भी था। इसका अनुवाद तिब्बती में भी किया गया था। भारतीय ग्रंथों में इस क्षेत्र का वर्णन उत्तरकुरु के नाम से किया गया है। उत्तर पश्चिम भारत के प्रवासियों ने की थी खोतान की स्थापना चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग और खोतानी दस्तावेजों के तिब्बती अनुवाद के अनुसार, तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में अशोक व मौर्य के शासनकाल के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के प्रवासियों द्वारा खोतान की स्थापना की गई थी। इन अप्रवासियों में संभवत: कश्मीरी भी शामिल थे। खोतान भारत के उत्तर-पश्चिम में गांधार और कश्मीर के प्राचीन साम्राज्य से जुड़ा हुआ था। बौद्ध धर्मग्रंथों के अनुसार बुद्ध शाक्यमुनि के आदेश पर एक झील के पानी की निकासी हुई थी। इसके आसपास खोतान बसा था। बौद्ध धर्मग्रंथों के सूत्र के अनुसार बुद्ध शिष्य शारिपुत्र और राजा वैश्रवण से अपनी अलौकिक शक्तियों का इस्तेमाल कर झील को नदी मार्ग में प्रवाहित करने के लिए कहते हैं। वे एक पहाड़ को दो बड़े टुकड़ों में काट देते हैं। इससे झील के पानी को पास के नदी (गीशो नदी) में जाने का रास्ता मिला। इस नदी को शायद आज कराकाक्स के नाम से जाना जाता है। चीन पर भारत के सांस्कृतिक प्रभाव की याद दिलाता है खोतान खोतान के इतिहास को काफी हद तक भूला दिया गया है। बारहवीं शताब्दी तक खोतान के बौद्ध अतीत के बारे में बहुत कम बचा था। इस दौरान चीन की शक्ति कई बार घटी थी। तिब्बत की शाही पहुंच बहुत पहले ही समाप्त हो चुकी थी। सिल्क रोड का महत्व कम हो गया था। खोतान ट्रांस-यूरेशियन व्यापार मार्ग पर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह हमें चीन पर भारत के सांस्कृतिक प्रभाव की याद दिलाता है।

अपने हवाई क्षेत्र को इराक के सुलेमानियाह हवाईअड्डे से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए तुर्की ने किया बंद
Published / 2023-04-07 07:37:58
अपने हवाई क्षेत्र को इराक के सुलेमानियाह हवाईअड्डे से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए तुर्की ने किया बंद

एबीएन सेंट्रल डेस्क। तुर्की ने क्षेत्र में प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) की गतिविधियों के कारण अपने हवाई क्षेत्र को तीन महीने तक इराक के सुलेमानियाह हवाईअड्डे से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए बंद कर दिया है।तुर्की के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तंजू बिलगिक ने बुधवार को एक बयान में कहा कि तुर्की के हवाई क्षेत्र को तीन महीने तक इराक के सुलेमानियाह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आगमन और वहां से प्रस्थान करने वाले विमानों के लिए बंद कर दिया गया है।बिलगिक ने कहा कि यह निर्णय इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के पूर्व में सुलेमानियाह में पीकेके की गतिविधियों में तेजी और हवाई अड्डे में आतंकवादी संगठन द्वारा घुसपैठ और इसके कारण उड़ान सुरक्षा को खतरे में डालने के कारण लिया गया है।उन्होंने कहा कि प्रतिबंध शुरू में तीन जुलाई तक वैध रहेगा और घटनाक्रमों का फिर से बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद ही इसे हटाने पर विचार किया जायेगा।गौरतलब है कि तुर्की, अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध पीकेके तीन दशकों से अधिक समय से तुर्की सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहा है। समूह उत्तरी इराक में कंदील पर्वत का अपने मुख्यालय के रूप में उपयोग करता है।

आखिर ट्विटर की चिड़िया के लोगो को मस्क ने कुत्ते में क्यों बदला
Published / 2023-04-04 20:09:17
आखिर ट्विटर की चिड़िया के लोगो को मस्क ने कुत्ते में क्यों बदला

वह आखिर है कौन, क्यों इतना चर्चित?एबीएन सेंट्रल डेस्क। ट्विटर के मालिक एलन मस्क इस माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के फीचर्स से लेकर इसकी पूरी शक्ल तक बदलने में जुटे हैं। इसी कड़ी में मस्क ने ट्विटर के चिर-परिचित बर्ड लोगो यानी चिड़िया के ट्रेडमार्क चिह्न को बदल दिया है। ट्विटर के डेस्कटॉप यूजर्स को अब नीली चिड़िया की जगह कुत्ते की तस्वीर नजर आ रही है। खुद एलन मस्क ने इसे लेकर अपने ट्विटर हैंडल पर एक कार्टून ट्वीट किया है, जिसमें यह कुत्ता एक ट्रैफिक पुलिस वाले को अपना आईडी कार्ड दिखा रहा है और इसमें लगी ट्विटर की चिड़िया को पुरानी तस्वीर बता रहा है। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर एलन मस्क ने यह बदलाव क्यों किया? इसके अलावा यह कुत्ता है कौन, जिसे मस्क की तरफ से लगातार प्रमोट किया जाता रहा है? यह कुत्ता अपने आप में इतना चर्चित कैसे है? ट्विटर लोगो में जिस कुत्ते की तस्वीर इस्तेमाल की गई है, उसका असली नाम काबोसु है। यह कुत्ता एक चर्चित मीम का हिस्सा रहा है। यह कुत्ता कितना लोकप्रिय रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे जुड़े मीम्स को डोज मीम्स कहा जाता है। इस कुत्ते के नाम पर कुछ समय पहले क्रिप्टोकरेंसी डोजकॉइन भी लायी गयी थी, जिसे कई मौकों पर खुद एलन मस्क प्रमोट करते दिखे हैं। इतना ही नहीं मस्क डोज से जुड़े मीम्स भी शेयर करते रहते हैं। डोज मीम में दिखने वाला यह कुत्ता असल में एक मादा है और यह आज भी जापान के साकुरा में अपने मालिक अत्सुको सातो के साथ रहती है। हालांकि, मीम्स में काबोसु की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। कबोसु जापान में ही एक रेस्क्यू डॉग रही है और 2010 में जब इसके मालिक आत्सुको ने इसकी एक खास पोज में तस्वीर अपने ब्लॉग में डाली तो यह डोज के नाम से मशहूर हो गयी। इस फोटो में काबोसु को तिरछी निगाहों से देखते और एक बनावटी तौर पर हंसते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर इस फोटो के मीम्स बनने के बाद आज भी काबोसु को डोज नाम से ही बुलाया जाता है।गौरतलब है कि एलन मस्क ने हाल ही में कोर्ट से अपने खिलाफ दायर हुए एक 258 अरब डॉलर के केस को रद्द करने की मांग की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि एलन मस्क ने क्रिप्टोकरेंसी डोजकॉइन की कीमत जानबूझकर बढ़ाने के लिए इसके प्रचार के कई हथकंडे अपनाये। इसके बाद ही मस्क ने अपने मालिकाना हक वाले प्लेटफॉर्म के लोगो को डोज की तस्वीर से बदल दिया। हालांकि, ट्विटर के मोबाइल यूजर्स को फिलहाल यह बदलाव नहीं दिख रहे हैं।मस्क के इस कदम के बाद डोजकॉइन की कीमत में करीब 30 फीसदी का उछाल देखा गया। एलन मस्क ने इसे लेकर ट्वीट भी किए हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी बातचीत का एक पुराना स्क्रीनशॉट भी साझा किया है, जिसमें एक यूजर उनसे ट्विटर खरीदने और इसकी नीली चिड़िया के लोगों को डोज के लोगो से बदलने के लिए कह रहा है। मस्क ने इस ट्वीट में लिखा- जैसा मैंने वादा किया था।

पाकिस्तान में महंगाई से अकाल जैसे हालात
Published / 2023-04-02 20:59:01
पाकिस्तान में महंगाई से अकाल जैसे हालात

पाकिस्तान में महंगाई ने तोड़ा 50 साल का रिकॉर्ड, वित्त मंत्रालय ने भी जारी की चेतावनीएबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में महंगाई ने पांच दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि देश में अकाल की स्थिति बनी हुई है। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में साल दर साल के आधार पर मार्च में महंगाई दर 35.37 फीसदी पर पहुंच गयी है। यहां रमजान के महीने में फूड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर भीड़ की वजह से कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है। कराची की एक एनालिस्ट शाहिदा विजारत ने कहा कि जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है, उससे अकाल जैसी स्थिति पैदा हो रही है। वित्त मंत्रालय भी देश के हालात को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान की सरकार ने इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) से बेलआउट पैकेज के लिए पॉलिसी में बदलाव किया था और  इस वजह से ब्याज दरें बढ़ी  और इसका असर महंगाई पर पड़ा। खत्म हो रहे विदेशी मुद्रा भंडार की वजह से पाकिस्तान रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं को आयात करने में सक्षम नहीं है। इस वजह से आटे और दाल जैसी वस्तुओं के लिए लोगों को कई गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। पाकिस्तान में आवश्यक वस्तुओं की साप्ताहिक और मासिक कीमतें पहले से ही आसमान छू रही हैं। वित्त मंत्रालय ने पाकिस्तान के लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि मुद्रास्फीति और बढ़ेगी। एक पाकिस्तानी अखबार के अनुसार वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी अपनी मासिक परिदृश्य रिपोर्ट में यह भी कहा कि राजनीतिक अस्थिरता देश को और अधिक मुद्रास्फीति की ओर ले जा रही है।इस आर्थिक संकट से निकलने के लिए पाकिस्तान को आईएमएफ के बेलआउट पैकेज की सख्त जरूरत है, लेकिन पाकिस्तान को ये पैकेज अभी तक नहीं मिल पाया है। शनिवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महीने दर महीने के आधार पर पाकिस्तान में महंगाई दर 3.72 फीसदी रही। खराब वित्तीय प्रबंधन और राजनीतिक अस्थिरता ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को पतन के कगार पर धकेल दिया है। रही सही कसर पिछले आयी बाढ़ ने पूरी कर दी थी, जिसमें पाकिस्तान का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया था। पाकिस्तान आर्थिक संकट से उबरने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से लगातार गुहार लगा रहा है, लेकिन आईएमएफ ने अब तक उसे मदद देने पर मुहर नहीं लगायी है। बता दें कि पाकिस्तान के ऊपर कुल कर्ज और देनदारी 60 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये से अधिक की है। यह देश की जीडीपी का 89 फीसदी है। वहीं इस कर्ज में करीब 35 फीसदी हिस्सा केवल चीन का है, इसमें चीन के सरकारी वाणिज्यिक बैंकों का कर्ज भी शामिल है। पाकिस्तान पर चीन का 30 अरब डॉलर का कर्ज बकाया है, जो फरवरी 2022 में 25.1 अरब डॉलर था।

पाकिस्तान : आटा वितरण केंद्रों में भगदड़ से दो की मौत
Published / 2023-03-29 14:40:01
पाकिस्तान : आटा वितरण केंद्रों में भगदड़ से दो की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कई शहरों में आटा वितरण केंद्रों पर मची भगदड़ में दो लोगों की मौत हो गयी। इनमें एक बुजुर्ग महिला है। इन दिनों रमजान की वजह से हुकूमत इन केंद्रों के माध्मय से अवाम को मुफ्त आटा बांट रही है। इस भगदड़ में 45 महिलाओं समेत 56 लोग घायल हो गये। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साहिवाल, बहावलपुर, मुजफ्फरगढ़ और ओकरा जिलों में मंगलवार को मुफ्त आटा केंद्रों में उमड़ी भीड़ मरने-मारने पर आमादा हो गयी। इस दौरान कई केंद्रों में भगदड़ मच गयी। इस भगदड़ में कुचले जाने से एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गयी। प्रांत के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने भगदड़ की जांच कराने के आदेश दिये हैं।उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों मुल्तान, मुजफ्फरगढ़ और फैसलाबाद शहरों में मुफ्त आटा लेने के प्रयास में चार बुजुर्गों की मौत हो चुकी है।

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