एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष और मुल्क के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी पार्टी की कोर कमेटी की सदस्य शिरीन मजारी की दोबारा गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। शिरीन पाकिस्तान की पूर्व मानवाधिकार मंत्री हैं। इमरान खान ने कहा है कि हुकूमत और अधिकारी उसकी आत्मा को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार हद से ज्यादा गिर गयी है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि शिरीन मजारी का स्वास्थ्य खराब है। हुकूमत ने इस बात की भी परवाह नहीं की।
कल पापुआ न्यू गिनी के पीएम जेम्स मरापे पीएम का पैर छूए। ये वाकया चर्चा में है, बीबीसी भी इसपर लिख रहा हैएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पैर छूना आदर और सम्मान का सूचक है। कहा भी गया है कि पैर उसी का छूते हैं जिसका बहुत ज्यादा आदर करते हैं। लेकिन भारत से हजारों किमी पूर्व में एक अलग थलग से द्वीप देश का पीएम अगर हमारे पीएम का पैर छूयें तो ये कई मायने में आश्चर्यजनक बात है। जैसे...जेम्स मरापे के मन में ये भाव आ सकता था कि वह भी एक पीएम हैं वह क्यों छोटा दिखें?पापुआ न्यू गिनी भारत से बिल्कुल अलग संस्कृति रहन सहन वाला देश है। वह कैसे हमारे भारतीय परंपरा को आत्मसात कर लिया?भारत ने कोरोना काल में ब्राजील जैसे बड़े देश से लेकर लैटीन अमेरिका के किसी गरीब और कुछेक लाख आबादी वाले देशों को भी फ्री में वैक्सीन और राहत सामग्री भेजी।ब्राजील के प्रधानमंत्री तो वैक्सीन पाकर अभिभूत हो गये और कह बैठे कि जैसे हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर आये थे वैसे ही भारत ने हमारे लिये हनुमान बन कर संजीवनी बूटी भेजा है।याद कीजिये उस वैश्विक संकट में जब अमेरिका की फाइजर सरीखी कंपनियां अप्रभावी वैक्सीन को दुनिया भर में ब्लैकमेल कर बेचने के फिराक में थी तब भारत वेनेजुएला जैसे देशों को निशुल्क वैक्सीन मानवता के नाते भेज रहा था।उसी समय चीन पूरे विश्व से मदद में मिले उपकरणों को यूरोप में पैसे लेकर बेच रहा था।हमने चिर शत्रु तुर्की को भूकंप के बाद आपरेशन दोस्त चला कर दिल खोल कर मदद की। इसके लिए तुर्कीवासी आभार जताते रहे। श्रीलंका, मालदीव, नेपाल सभी की मदद हमने की है। हाल में हमारे शत्रु देश चीन की नौका डूब गयी, तो भारत ने शत्रुता भूल कर अपना खोजी विमान भेजा।भारत सरकार ने वैश्विक संकट में बिना भेदभाव के छोटे से छोटे देश की मदद की है। अब कल्पना करें कि भारत की जगह अमेरिका, चीन, ब्रिटेन या यूरोप के देश होते तो क्या बगैर एक हाथ से दो एक हाथ से ल़ो के किसी की मदद करते? विश्व को यह समझना होगा कि भारत और भारतीय विश्व को एक परिवार समझते हैं। हम किसी को मदद के नाम पर धन देकर धर्म नहीं बदलवाते, हम किसी को ये नहीं कहते कि सिर्फ हमारे परमेश्वर ही तुम्हारा उद्धार करेंगे, हम कभी नहीं कहते कि हमारे भगवान ही सर्वोपरि हैं और बाकियों की आस्था अंधविश्वास है। अब ऐसे देश के पीएम का कोई पैर छूता है तो यह उनका यथोचित वैश्विक सम्मान है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मध्य अमेरिका के अल साल्वाडोर की राजधानी सैन साल्वाडोर में एक फुटबॉल स्टेडियम में भगदड़ मचने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गयी। हादसे में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। कुछ लोगों की स्थिति नाजुक है। इसलिए हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हालांकि पुलिस ने पहले कहा था कि मृतकों में 18 साल से अधिक उम्र के सात पुरुष और दो महिला शामिल हैं।यह घटना कस्कटलान स्टेडियम में स्थानीय टीम एलियांजा और सांता एना स्थित टीम फास के मैच के दौरान हुई। इसके बाद मैच को स्थगित कर दिया गया। राष्ट्रपति नायब बुकेले ने इसे दुखद बताते हुए विस्तृत जांच कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि अपराधी जो भी होंगे, बख्शे नहीं जायेंगे।पुलिस का कहना है कि स्टेडियम का गेट बंद होने के बाद बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने प्रवेश करने की कोशिश की। इसके बाद यह हादसा हुआ। अधिकारियों का मानना है कि बड़ी संख्या में नकली टिकट बेचे जाने से भी दर्शकों की संख्या बढ़ गयी। गेट बंद होने से लोग अनियंत्रित हो गये।अधिकारियों ने कहा कि 90 लोगों का इलाज किया जा रहा है। सल्वाडोर के नागरिक सुरक्षा विभाग के लुइस अलोंसो अमाया ने कहा कि लगभग 500 लोगों का इलाज किया गया है। इनमें से कई को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। अल साल्वाडोर फुटबाल फेडरेशन ने हादसे पर खेद जताते हुए कहा कि रविवार को होने वाले सभी राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल मैच को रद्द कर दिया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तीन मामलों में अंतरिम जमानत के लिए लाहौर के एंटी-टेररिज्म कोर्ट पहुंचे। इसमें से एक मामला लाहौर कॉर्प्स कमांडर हाउस में हमले और आगजनी से जुड़ा हुआ है। अदालत ने आगजनी के इस मामले समेत तीन केस में इमरान को बेल दे दी है। लाहौर कॉर्प्स कमांडर हाउस को पाकिस्तान में जिन्ना हाउस के तौर पर भी जाना जाता है। इमरान खान की हाईकोर्ट से गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने जिन्ना हाउस में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ चीफ इमरान की तरफ से बैरिस्टर सलमान सफदर ने अदालत में याचिकाएं दायर की थीं।याचिकाओं में अदालत से गुजारिश की गयी कि इमरान को बेल दी जाये, ताकि वह जांच में शामिल हो सकें। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए इमरान को तीनों ही मामलों में 2 जून तक अंतरिम बेल दी है। कोर्ट ने इमरान से कहा है कि वह एक लाख रुपये का श्योरिटी बॉन्ड जमा करें। साथ ही इन मामलों की जांच में भी शामिल हों।
पुलिस ने की घेराबंदी, पीटीआइ को 24 घंटे का अल्टीमेटमएबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। ताजा घटनाक्रम के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री के लाहौर स्थित जमान पार्क आवास को पुलिस ने घेर लिया है। साथ ही पंजाब की अंतरिम सरकार ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को आवास में छिपे 40 आतंकवादियों को पुलिस को सौंप दे।पुलिस का दावा है कि इमरान खान के घर में आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यवाहक सूचना मंत्री आमिर मीर ने लाहौर में कहा कि पीटीआई को इन आतंकवादियों को सौंप देना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो कानून अपना काम करेगा। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इन आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी थी। सरकार को इसे लेकर कई विश्वसनीय खुफिया रिपोर्ट्स मिली थी। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट बहुत ही खतरनाक है। खुलासा करते हुए आमिर मीर ने कहा कि एजेंसियां जियो-फेंसिंग के जरिए इमरान खान के आवास में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि की थी। इस दौरान उन्होंने इमरान खान पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीटीआई प्रमुख एक साल से अधिक समय से सेना को निशाना बना रहे हैं। पीटीआई के शीर्ष नेतृत्व ने इमरान खान की गिरफ्तारी से पहले हमले की योजना बनायी थी। इसका भी हमें पता चला है। इमरान की गिरफ्तारी के बाद नौ मई को लाहौर में सैन्य प्रतिष्ठानों पर किये गये हमले एक निर्धारित योजना के तहत किये गये थे।
इमरान खान का समर्थकों को संदेश- गुलाम होने से मौत बेहतरएबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को दावा किया कि सेना ने उन्हें देशद्रोह के आरोप में अगले 10 साल तक जेल में रखने की योजना बनाई है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख ने सोमवार तड़के सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि तो अब लंदन की पूरी योजना सामने आ गयी है। जब मैं जेल में था तब हिंसा के बहाने उन्होंने जज की भूमिका निभायी, जूरी और जल्लाद।इमरान ने अपने ट्वीट में लिखा कि अब योजना बुशरा बेगम (खान की पत्नी) को जेल में डाल कर मुझे अपमानित करने की है। इसके साथ ही अगले 10 साल तक मुझे अंदर रखने के लिए कुछ राजद्रोह कानून का इस्तेमाल कर रही है। यह ट्वीट खान के लाहौर स्थित आवास पर पीटीआई नेताओं की बैठक के बाद आया है।70 वर्षीय इमरान खान 100 से अधिक मामलों में जमानत पर हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया न हो, उन्होंने दो काम किये हैं। पहला जानबूझकर आम नागरिकों पर आतंक फैलाया गया है। दूसरा मीडिया को पूरी तरह से नियंत्रित और दबाया गया है। लोगों में डर पैदा करने के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास है ताकि जब वे फिर मुझे गिरफ्तार करें, तो लोग बाहर नहीं आयेंगे। इमरान खान ने कहा कि ये फिर से इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर देंगे और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा देंगे (जो केवल आंशिक रूप से खुला है)। इस बीच घरों को तोड़ा जा रहा है और बेशर्मी से पुलिस घरों की महिलाओं के साथ मारपीट कर रही है।पाकिस्तान के लोगों को अपना संदेश देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों के लिए मेरा संदेश- मैं अपने खून की आखिरी बूंद तक हकीकी आजादी के लिए लड़ूंगा क्योंकि मेरे लिए इन बदमाशों के गुलाम होने से मौत बेहतर है। मैं अपने सभी लोगों से यह याद रखने का आग्रह करता हूं कि हमने ला इल्लाह हा इल्लल्लाह की प्रतिज्ञा की है कि हम एक (अल्लाह) को छोड़कर किसी के आगे नहीं झुकते हैं।
पुलिस पर रोकने का आरोप लगायाएबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान गिरफ्तारी के बाद कानूनी राहत पाकर अपने लाहौर स्थित आवास पहुंच गये हैं। उन्होंने पुलिस पर जबरन रोकने का आरोप जड़ा है। इमरान खान को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने फौरी तौर पर रिहा करने के आदेश दिया। शुक्रवार को हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान की। इस राहत के बाद इमरान शनिवार सुबह लाहौर के जमान पार्क स्थित अपने आवास पहुंचे। इस्लामाबाद से लाहौर तक जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। घर पहुंचे खान ने कहा कि इस्लामाबाद पुलिस ने उन्हें लाहौर न जाने देने के हर संभव प्रयास किये। दरअसल, जमानत दिए जाने के बावजूद सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर खान को अदालत परिसर में रखा गया था। इमरान ने कहा कि वह जबरन हिरासत में लेने की घटना के बारे में पूरे देश को बतायेंगे।पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं ने इमरान खान का घर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। स्वागत करने वालों में इमरान की बहनों के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं। सभी ने उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। बाद में इमरान ने एक वीडियो संदेश में कहा कि इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक अकबर नासिर ने उन्हें इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में रखने की पूरी कोशिश की। उन्होंने मुझे तीन घंटे तक बाहर नहीं निकलने दिया। ये तीन घंटे बेहद खतरनाक रहे। इमरान के मुताबिक उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से कहा कि वह पूरे पाकिस्तान को बता देंगे कि उनका अपहरण किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें वहां से जाने दिया गया।
एलन मस्क ने किया ट्विटर छोड़ने का एलानएबीएन सेंट्रल डेस्क। एलन मस्क ट्विटर के सीईओ बनने के बाद अपने फैसले से सब्सक्राइबर को चौंकाते रहे हैं। आज एक बार फिर उन्होंने बड़ी घोषणा की है। एलन मस्क ने ट्विटर के सीईओ का पद छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने अब सीईओ के रूप में काम नहीं करने का निर्णय लिया है। चर्चा है कि एलन मस्क दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे जिससे इसके निवेशक काफी चिंतित थे। ट्विटर के सीईओ बनने के बाद एलन मस्क इसके लिए अधिक व्यस्त रहने लगे थे। इससे आॅटो कंपनी पर अधिक ध्यान नहीं दे पा रहे थे।मस्क ने शुक्रवार को एक ट्वीट शेयर किया और कहा कि यह घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं कि मैंने ट्विटर के लिए एक नया सीईओ नियुक्त किया है। वह 6 सप्ताह में काम शुरू करेंगी। उन्होंने एक महिला को यह पद देने के निर्णय लिया है। हालांकि, उस महिला के नाम को उजागर नहीं किया है। वहीं, मस्क कार्यकारी अध्यक्ष और सीटीओ के रूप में काम काज देखेंगे। मस्क ने घोषणा की कि वह निकट भविष्य में उत्पादों, सॉफ्टवेयर और आईटी संचालन और प्रशासन (सिसोप्स) की देखरेख करेंगे। इसके बाद यह खबर आयी कि सत्यापित उपयोगकर्ताओं को एंक्रीप्टेड मैसेजिंग सेवा तक जल्दी पहुंच बनाने की अनुमति मिली। अपडेट वर्तमान में केवल सत्यापित उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है।इससे पहले बिजनेस टाइकून ने घोषणा की थी कि उपयोगकर्ता इमोजीस के साथ थ्रेड में किसी भी संदेश को सीधे संदेश का जवाब दे सकते हैं। साथ ही ट्विटर पर आने वाले दिनों में वॉयस और वीडियो चैट शुरू करने की योजना है।
पाकिस्तान में बेकाबू हालात, इमरान खान समर्थक न माने तो आपातकाल का भी है प्लानएबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अवैध बताया है। मुख्य न्यायाधीश ने इमरान की गिरफ्तारी पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा है कि यह बिल्कुल गलत हुआ है। हम पाकिस्तान को जेल नहीं बनने दे सकते हैं।बताते चलें कि इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में हालात कंट्रोल से बाहर दिख रहे हैं। पंजाब से लेकर खैबर पख्तूनख्वा तक में उनके समर्थकों ने जमकर बवाल काटा है। हालात को नियंत्रित करने के लिए इंटरनेट बंद है और सभी सोशल मीडिया ऐप्स को डाउन किया गया है। यही नहीं हालात इसके बाद भी नहीं सुधरे तो फिर पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल भी लग सकता है, जो हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं। पाकिस्तानी मीडिया में इस बात की चर्चा है। द न्यूज के मुताबिक यदि राज्य सरकारें हालात संभाल नहीं पाईं तो फिर आपातकाल घोषित हो सकता है। पाकिस्तान के संविधान के आर्टिकल 232 में आपातकाल के प्रावधान का जिक्र है। इसके तहत यदि किसी सूबे में व्यवस्था खराब होती है और उसे राज्य सरकार संभाल नहीं पाती है तो फिर इमरजेंसी लग सकती है। हालांकि इसके लिए संबंधित राज्य की ओर से एक प्रस्ताव पारित करके राष्ट्रपति भेजने की जरूरत है। इसके बाद प्रधानमंत्री की सलाह के बाद राष्ट्रपति आपातकाल पर फैसला लेते हैं। फिलहाल दोनों ही राज्यों में विधानसभा नहीं हैं और उन्हें भंग किया जा चुका है। ऐसे में प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति खुद ही आपातकाल पर फैसला ले सकते हैं। संविधान के अनुसार यदि राष्ट्रपति खुद ही फैसला लेते हैं तो फिर 10 दिनों के अंदर संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलना जरूरी है। आपातकाल के दौरान संसद के पास यह अधिकार होता है कि वह किसी भी राज्य के लिए जरूरी कानून बना सके। बता दें कि पाकिस्तान में इमरान खान समर्थकों का बवाल जारी है। पेशावर में पाकिस्तान रेडियो की इमारत में आग लगाना हो या फिर रावलपिंडी में सेना के मुख्यालय में घुसकर उपद्रव करना। इमरान खान के समर्थक किसी भी तरह से मानने को तैयार नहीं हैं। यही नहीं पेशावर में तो बुधवार को फायरिंग के दौरान 4 लोगों की मौत हो गई थी।
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