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पांच दिन के युद्ध विराम में मुक्त होंगे दर्जनों बंधक
Published / 2023-11-21 21:35:54
पांच दिन के युद्ध विराम में मुक्त होंगे दर्जनों बंधक

पांच दिन के लिए रुकेगा इस्राइल-हमास संघर्ष एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका ने गाजा में पांच दिनों के युद्ध विराम के बदले में दर्जनों बंधकों को रिहा करने के लिए इस्राइल और हमास के बीच एक समझौता किया है। वार्ता की जानकारी रखने वाले एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी और दो मौजूदा अधिकारियों ने यह दावा किया।  उधर, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने सैनिकों से कहा- हम बंधकों की वापसी के मामले में प्रगति कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही अच्छी खबर सामने आयेगी। सात अक्तूबर के हमलों के दौरान हमास ने सैकड़ों इस्राइली लोगों को बंधक बना लिया था और उन्हें गाजा ले गये थे। इन बंधक बनाये गये लोगों में अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे।इससे पहले, मध्यस्थों ने भी कहा कि संघर्ष विराम समझौता करीब नजर आ रहा है। हमास नेता और प्रमुख मध्यस्थ कतर ने कहा है कि इस्राइल के साथ संघर्ष विराम समझौता करीब है। इस बीच, नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि युद्ध मंत्रिमंडल, सुरक्षा कैबिनेट और सरकार बंधक बनाये गये हमारे लोगों की रिहाई के संबंध में बैठक करेंगे। अस्थायी समझौते में बंधकों और फलस्तीनी कैदियों के आदान-प्रदान के साथ-साथ पांच दिवसीय संघर्ष विराम शामिल होगा।नेतन्याहू ने कहा कि हम सुरक्षा बहाल करना चाहते हैं। हम अपना काम करना जारी रखेंगे और (देश के) दक्षिण व उत्तर क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इस्राइली प्रधानमंत्री ने सैनिकों से कहा कि मैं आपको सलाम करता हूं और आपको बताना चाहता हूं कि हम जीत तक जंग जारी रखेंगे। एएफपी ने हमास के हवाले से बताया कि समझौते में गाजा पट्टी में जमीन पर पूर्ण संघर्ष विराम और उत्तरी क्षेत्र को छोड़कर फलस्तीनी क्षेत्र पर इस्राइल के हवाई हमलों को बंद करना शामिल है। इस्राइल की ओर से जवाबी कार्रवाई शुरू होने के बाद से 12,700 से ज्यादा फलस्तीनी लोग मारे जा चुके हैं। इनमें दो-तिहाई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। वहीं, करीब 400 लोग लापता हैं। हमास के हमलों में करीब 1200 इस्राइली लोग मारे गये हैं और करीब 250 लोगों को बंदी बनाया गया है।

अमेरिकी देश निकारागुआ की शेन्निस पलासियोस बनीं मिस यूनिवर्स
Published / 2023-11-19 19:46:40
अमेरिकी देश निकारागुआ की शेन्निस पलासियोस बनीं मिस यूनिवर्स

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मध्य अमेरिकी देश निकारागुआ की शेन्निस पलासियोस ने वर्ष 2023 के लिए मिस यूनिवर्स का खिताब जीत लिया है। इस अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में उनके देश की यह पहली जीत है। शनिवार रात अल साल्वाडोर के सैन साल्वाडोर में जोस एडोल्फो पिनेडा एरिना में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता का 72वां संस्करण आयोजित किया गया।प्रतियोगिता में मिस थाईलैंड एन्टोनिया पोर्सिल्ड पहली रनर-अप और मिस ऑस्ट्रेलिया मोरया विल्सन दूसरी रनर-अप रहीं। मिस यूनिवर्स ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर यह जानकारी साझा की।मिस यूनिवर्स ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किया कि मिस यूनिवर्स 2023 शेन्निस पलासियोस हैं। पलासियोस को अमेरिका की आर बोनी गेब्रियल ने ताज पहनाया, जिन्होंने वर्ष 2022 के लिए मिस यूनिवर्स का खिताब जीता था।पलासियोस ने मिस इंडिया श्वेता शारदा सहित 83 अन्य देशों की प्रतिभागियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए यह खिताब अपने नाम किया। भारत की श्वेता शारदा शीर्ष 20 प्रतियोगियों की सूची में जगह बनाने में सफल रहीं। आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल मिस दिवा ने सौंदर्य प्रतियोगिता में श्वेता शारदा के प्रदर्शन पर उन्हें बधाई दी। पहली बार मिस यूनिवर्स पाकिस्तान 2023 का ताज पहनने वालीं एरिका रॉबिन भी शीर्ष 20 सुंदरियों में अपनी जगह बनाने में सफल रहीं।

श्रीलंका सरकार ने देश के क्रिकेट बोर्ड को किया बर्खास्त
Published / 2023-11-06 21:13:45
श्रीलंका सरकार ने देश के क्रिकेट बोर्ड को किया बर्खास्त

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। श्रीलंका सरकार ने क्रिकेट टीम को भारत के खिलाफ विश्व कप 2023 के लीग मैच में 302 रनों से मिली करारी हार के बाद वहां के क्रिकेट बोर्ड को बर्खास्त कर दिया है। श्रीलंका के खेल मंत्री रोशन रणसिंघे ने विश्वकप में भारत से 302 रनों से मिली हार के बाद बोर्ड के सभी सदस्यों को बर्खास्त कर दिया है।खेल मंत्री कार्यालय ने यहां जारी एक बयान में कहा देश के 1996 विश्व कप विजेता कप्तान अर्जुन रणतुंगा को नये अंतरिम बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। खेल मंत्री रणसिंघे ने श्रीलंका क्रिकेट के लिए अंतरिम समिति का गठन किया है। नए सात सदस्यीय पैनल में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज और एक पूर्व बोर्ड अध्यक्ष भी शामिल हैं। सरकार ने यह कदम बोर्ड के दूसरे सबसे बड़े अधिकारी मोहन डी सिल्वा के पद छोड़ने के एक दिन बाद आया। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह मेजबान भारत के हाथों श्रीलंका की विश्व कप में 302 रन से हार के बाद रणसिंघे ने सार्वजनिक रूप से पूरे बोर्ड के इस्तीफे की मांग की थी।

गाजा : मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 2670
Published / 2023-10-16 12:26:45
गाजा : मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 2670

एबीएन सेंट्रल डेस्क। गाजा में मृतकों की संख्या बढ़कर 2670 हो गयी है जबकि 9600 से अधिक लोग घायल हुए है। गाजा स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-कुद्रा ने कहा कि इजरायली हमले पूरी क्रूरता के साथ जारी हैं। हमलों ने आवासीय पड़ोस को निशाना बनाया है और लोगों के घरों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि आवासीय इलाकों और अस्पतालों की ओर जाने वाली सड़कों पर बड़े पैमाने पर विनाश के कारण बचाव कार्यों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि गाजा पर शासन करने वाले फिलिस्तीनी इस्लामिक प्रतिरोध आंदोलन (हमास) ने एक सप्ताह पहले गाजा पट्टी से सटे इजरायली शहरों पर अचानक हमले किये, जिसमें इजरायल में 1,300 से अधिक लोग मारे गये। इजरायल ने इसके जवाब में गाजा पर हमले शुरू कर दिये।

इजराइल अटैक में मृतकों की संख्या 1800 पार
Published / 2023-10-11 18:48:14
इजराइल अटैक में मृतकों की संख्या 1800 पार

गाजा, इजरायली हमले में दोनों पक्षों के मृतकों की संख्या बढ़कर 1830 हुईएबीएन सेंट्रल डेस्क। इजरायल पर हमास चरमपंथियों के हमले के बाद इजरायली सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गाजा पट्टी पर जबर्दस्त हमला किया है। हमले में दोनों पक्षों के 1830 लोगों की जान जा चुकी है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गाजा पट्टी के 830 लोगों की मौत हो गयी है और 4250 लोग घायल हो गए हैं। हमास के हमले में 1000 से अधिक इजरायली नागरिकों की मौत की रिपोर्ट सामने आ रही है। इस बीच इजराइल के सरकारी युद्ध में दोनों पक्षों के करीब 1830 से ज्यादा लोगों की मारे जाने की रिपोर्ट प्राप्त हो रही हैं। यह युद्ध चौथे दिन में प्रवेश कर गया है, जिससे दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है।इजराइली सेना ने कहा कि गाजा के सत्तारूढ़ गुट, हमास और लेबनान में आतंकवादियों के साथ चल रहे संघर्ष में देश की मदद के लिए गोला-बारूद ले जाने वाला पहला अमेरिकी विमान कल रात इजराइल पहुंचा। इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने एक बयान में कहा, विमान उन्नत गोला-बारूद लेकर इजराइल के दक्षिणी नेगेव रेगिस्तान में नेवातिम एयरबेस पर उतरा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप स्थिति को बढ़ने या इस युद्ध को व्यापक बनाने की कोशिश करने वाले किसी भी हरकत को रोकने के लिए पूर्वी भूमध्य सागर में पहुंचा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के अनुसार इजराइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे युद्ध में मारे गए अमेरिकी नागरिकों की संख्या बढ़कर 14 हो गयी है। बाइडेन ने कल एक भाषण में यह भी कहा था कि माना जाता है कि हमास आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाये गये लोगों में अमेरिकी भी शामिल हैं। तेहरान- ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने कल इजरायल के खिलाफ फिलिस्तीनी प्रतिरोध समूहों द्वारा किये गये हमलों में अपने देश की संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर दिया।

अफगानिस्तान : भूकंप के तेज झटके से 80 लोग घायल
Published / 2023-10-11 18:45:14
अफगानिस्तान : भूकंप के तेज झटके से 80 लोग घायल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में बुधवार को भूकंप के तेज झटके महससू किये गये। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गयी। भूकंप में कम से कम 80 लोग घायल हो गये। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ज्यादातर घायलों को रुबात सांगी जिले से अस्पताल ले जाया गया है। इससे पहले शनिवार को हेरात और पड़ोसी बदघिस और फराह प्रांतों में कई भूकंप के झटकों के साथ दो शक्तिशाली झटके महसूस किये गये थे। जिसमें 2,000 से अधिक लोग मारे गये और हजारों लोग घायल हो गये।

पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड की हत्या
Published / 2023-10-11 18:43:24
पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड की हत्या

पाकिस्तान में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी राशिद लतीफ की हत्याएबीएन सेंट्रल डेस्क। पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मोस्ट वांटेड आतंकी राशित लतीफ की हत्या की खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में आतंकी राशित लतीफ की हत्या की गयी है। ऐसी जानकारी है कि अज्ञात हमलावरों ने सियालकोट में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। एनआईए ने यूएपीए के तहत राशिद के खिलाफ केस दर्ज किया था। वो भारत सरकार की लिस्ट में वह मोस्ट वांटेड आतंकी था।शाहिद तलीफ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरांवाला का रहने वाला था। वो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था। इससे पहले शाहिद लतीफ को 12 नवंबर, 1994 को गिरफ्तार किया गया था और भारत की जेलों में 16 साल की सजा काटने के बाद 2010 में वाघा के माध्यम से निर्वासित कर दिया गया था। शाहिद लतीफ पठानकोट में 2 जनवरी, 2016 हमले का मास्टरमाइंडथा। इसके अलावा शाहिद इंडियन एयरलाइंस के विमान हाईजैक करने के मामले में भी आरोपी था।

प्रोफेसर क्लॉडिया गोल्डिन को इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार
Published / 2023-10-09 21:54:17
प्रोफेसर क्लॉडिया गोल्डिन को इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। महिलाओं के श्रम बाजार के परिणामों के बारे में हमारी समझ को बेहतर बनाने के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर क्लॉडिया गोल्डिन को दिया गया। रॉयल स्वीडिश एकेडमी आफ साइंसेज ने सोमवार को स्टॉकहोम में पुरस्कार की घोषणा की। गोल्डिन यह पुरस्कार जीतने वाली तीसरी महिला हैं। नोबेल पुरस्कार में 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (1 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का नकद पुरस्कार दिया जाता है। दिसंबर में ओस्लो और स्टॉकहोम में पुरस्कार समारोहों में विजेताओं को 18 कैरेट का स्वर्ण पदक और डिप्लोमा प्रदान किया जायेगा। जानकारी के मुताबिक, रॉयल स्वीडिश एकेडमी आफ साइंसेज के महासचिव हंस एलेग्रेन ने कहा कि अमेरिकी अर्थशास्त्री क्लाउडिया गोल्डिन ने महिलाओं के श्रम बाजार के बारे में लोगों की समझ को आगे बढ़ाने के लिए 2023 का नोबेल अर्थशास्त्र पुरस्कार जीता है। 2009 में एलिनोर ओस्ट्रोम और 2019 में एस्थर डुफ्लो के बाद गोल्डिन इकोनोमिक साइंस में नोबेल जीतने वाली तीसरी महिला हैं। 1969 से 2022 तक इकोनोमिक साइंस में दिये गये 54 नोबेल पुरस्कारों में से 92 विजेताओं में से केवल 25 को व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्त करने का सम्मान मिला है।

हमास-इजराइल युद्ध में कूदा हिज्जबुल्ला
Published / 2023-10-09 18:35:31
हमास-इजराइल युद्ध में कूदा हिज्जबुल्ला

1 लाख लड़ाकों वाला आतंकी संगठन, हमास-इजराइल युद्ध में नये प्लेयर की एंट्रीएबीएन सेंट्रल डेस्क। एक बयान में हिज्जबुल्ला ने कहा कि उसने सीरिया के इजरायली कब्जे वाले गोलान हाइट्स की सीमा पर स्थित विवादित चेबा फार्म्स में इजरायली ठिकानों पर बड़ी संख्या में रॉकेट और गोले का इस्तेमाल किये जाने की बात कही है।फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास द्वारा इजरायल पर विनाशकारी हमले की खबर से तो सभी वाकिफ हैं। लेकिन इजरायल और हमास की जंग के बीच लेबनान का आतंकी संगठन हिज्जबुल्ला भी कूद चुका है। हिज्जबुल्ला ने इजरायल के तीन ठिकानों पर रॉकेट और गोले दागे हैं। एक बयान में हिज्जबुल्ला ने कहा कि उसने सीरिया के इजरायली कब्जे वाले गोलान हाइट्स की सीमा पर स्थित विवादित चेबा फार्म्स में इजरायली ठिकानों पर बड़ी संख्या में रॉकेट और गोले का इस्तेमाल किए जाने की बात कही है। इसने फिलिस्तीनी प्रतिरोध के साथ अपनी एकजुटता की भी घोषणा की है। ऐसे में आइए जानते हैं कि यह समूह वास्तव में क्या है?कौन है हिज्बुल्लाह और कैसे हुई समूह की स्थापनाहिज्बुल्लाह के नाम का अर्थ है ईश्वर की पार्टी और ये लेबनान का एक शिया इस्लामी आतंकवादी संगठन है। थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) ने इसे दुनिया का सबसे भारी हथियारों से लैस गैर-राज्य संगठन के रूप में वर्णित किया है, जिसके पास बिना निर्देशित तोपखाने रॉकेटों के साथ-साथ बैलिस्टिक, एंटीएयर, एंटीटैंक और एंटीशिप मिसाइलों का एक बड़ा और विविध भंडार है। आधुनिक इतिहास में लेबनान 1943 तक फ्रांसीसी जनादेश के अधीन था और इसके समाप्त होने के बाद, सत्ता विभिन्न धार्मिक समूहों में विभाजित हो गयी, जिसमें देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे पद विशेष धार्मिक संप्रदायों के लोगों के लिए आरक्षित थे।काउंसिल आन फॉरेन रिलेशंस (सीएफआर) के अनुसार, हिजबुल्लाह की उत्पत्ति लेबनानी गृहयुद्ध (1975-1990) के दौरान हुई थी, जो देश में बड़ी, सशस्त्र फिलिस्तीनी उपस्थिति पर लंबे समय से चल रहे असंतोष का परिणाम था। तनावपूर्ण जातीय और धार्मिक विभाजन के बीच 1948 के बाद से फिलिस्तीनी शरणार्थियों के आगमन यहूदी लोगों के लिए एक देश के रूप में इजराइल के निर्माण ने तनाव को और बढ़ा दिया। उनकी उपस्थिति के कारण 1978 में और फिर 1982 में फिलिस्तीनी गुरिल्ला लड़ाकों को खदेड़ने के लिए इजरायली सेनाओं ने दक्षिणी लेबनान पर आक्रमण किया। इससे हिजबुल्लाह का गठन हो गया, जो 1979 में ईरान में एक धार्मिक इस्लामी सरकार के गठन से भी प्रेरित है। सीएफआर के अनुसार ईरान और उसके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने नवोदित मिलिशिया को धन और प्रशिक्षण प्रदान किया। इसलिए, यह पश्चिम एशिया की दो प्रमुख शक्तियों और उनकी प्रतिद्वंद्विता को भी दशार्ता है। अमेरिका का अनुमान है कि ईरान हिजबुल्लाह को करोड़ों डॉलर की फंडिंग देता है और उसके पास हजारों लड़ाके हैं।क्या हैं हिज्बुल्लाह के उद्देश्ययह पश्चिम एशिया में इजराइल और पश्चिमी प्रभाव का विरोध करता है। इसने रूस और ईरान के साथ मिलकर पड़ोसी सीरिया में गृह युद्ध के दौरान राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन का भी समर्थन किया है। 2000 के दशक के मध्य में लेबनानी राजनीति में अधिक दिखाई देने लगा और वर्तमान में देश की 128 सदस्यीय संसद में से 13 पर इसका कब्जा है।  सहयोगियों के साथ वह सत्तारूढ़ सरकार का हिस्सा है। लेकिन हाल के वर्षों में, देश में बेरोजगारी, सरकारी ऋण और गरीबी जैसे बिगड़ते मुद्दों के साथ इसके काम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं।जानें हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमताएंहिजबुल्लाह ने लक्षित हमले किये हैं जैसे कि 1983 में लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिकी और फ्रांसीसी सैनिकों के आवास वाले बैरक पर आत्मघाती हमला, जिसमें तीन सौ से अधिक लोग मारे गये थे। खाड़ी सहयोग परिषद जैसी कई पश्चिमी सरकारें इसे एक आतंकवादी संगठन के रूप में चिह्नित करती हैं। खाड़ी सहयोग परिषद में छह पश्चिम एशियाई देश बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इजराइल और हिजबुल्लाह ने पहली बार 2006 में एक महीने तक युद्ध लड़ा था और अक्सर गोलीबारी होती रही है।

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