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शेयर मार्केट की जबरदस्त वापसी!
Published / 2026-05-06 18:57:28
शेयर मार्केट की जबरदस्त वापसी!

शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी, सेंसेक्स 940 अंक उछला, 4 कारणों से झूम उठा मार्केट एबीएन बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार में 6 मई को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक अच्छी मजबूती के साथ खुले लेकिन कुछ ही घंटों ने बाजार ने अपनी ज्यादातर बढ़त गंवा दी। फिर, 2 बजे के बाद बाजार में जबरदस्त तेजी आई। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के जल्द डील की उम्मीद है। इस खबर से जहां मार्केट में रिकवरी आई वही क्रूड में बड़ी गिरावट दिखी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 940.73 अंक यानी करीब 1.22 फीसदी चढ़कर 77,958.52 अंक पर आ गया। निफ्टी 298.15 अंक यानी 1.24 फीसदी चढ़कर अंक चढ़कर 24,330.95 के स्तर पर बंद हुआ। मंगलवार को अमेरिकी बाजार के प्रमुख सूचकांक अच्छी तेजी के साथ बंद हुए थे।   इन वजहों से बाजार में आयी जबरदस्त रिकवरीबैंक शेयरों में जबरदस्त खरीदारी : शेयर बाजार में रिकवरी में बैंकिंग शेयरों का बड़ा हाथ रहा। सरकार ने मध्यपूर्व में लड़ाई से प्रभावित बिजनेसेज को राहत देने के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम को मंजूरी दी है। इसका असर 6 मई को बैंकिंग शेयरों पर देखने को मिला। इससे बैंक निफ्टी 1 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में तो 1.6 फीसदी उछाल दिखा। अमेरिका-ईरान में डील की उम्मीद : अमेरिका और ईरान में डील की उम्मीद बढ़ी है। इसका बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम बंद करने का ऐलान किया है। इससे दोनों पक्षों के बीच सुलह की उम्मीद बढ़ी है। अमेरिकी सरकार ने यह भी कहा कि उसका आॅपरेशन एपिक फ्यूरी पूरा हो गया है। इसका मतलब है कि मध्यपूर्व में तनाव जल्द खत्म हो सकता है। क्रूड आॅयल की कीमतों में गिरावट : क्रूड आॅयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आयी। ब्रेंट क्रूड का भाव 6 फीसदी गिरकर 104 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस हफ्ते की शुरूआत में ब्रेंट क्रूड का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। क्रूड में गिरावट भारत सहित पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर है। इसका पॉजिटिव असर शेयर बाजार पर पड़ा। वैश्विक संकेतों का असर : मंगलवार को अमेरिकी बाजारों में मजबूती के साथ बंद होने के बाद एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो बाजार में स्थिरता और तेजी जारी रह सकती है।

क्या रहे पांच कारण, जिससे शेयर बाजार हुआ धड़ाम...
Published / 2026-04-30 19:30:23
क्या रहे पांच कारण, जिससे शेयर बाजार हुआ धड़ाम...

क्या रहे पांच कारण, जिससे शेयर बाजार हुआ धड़ाम...5 बड़े कारणों से धड़ाम हुआ मार्केट, सेंसेक्स 582 अंक टूटाएबीएन बिजनेस डेस्क। आज शेयर बाजार की शुरूआत लाल निशान पर हुई थी। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में दिनभर तेज गिरावट रही। हालांकि कारोबार बंद होने से पहले मार्केट ने रिकवरी की। सेंसेक्स 1151.22 अंक फिसल कर 76,345.14 पर आ गया, वहीं निफ्टी में 355.15 अंक की गिरावट आयी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 582.86 अंक टूटकर 76,913.50 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 180.10 अंक गिरावट के साथ 23,997.55 के स्तर पर बंद हुआ।5 बड़ी वजहकच्चे तेल में उछाल : कच्चा तेल उछलकर प्रति बैरल $120 के भाव पर पहुंच गया और इसने वैश्विक मार्केट में हाहाकार मचा दिया। कच्चे तेल की उबाल ने महंगाई बढ़ने की रफ्तार, राजकोषीय संतुलन और करेंसी की स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है जिसने इक्विटी में रिस्क लेने की क्षमता को सीमित किया है।कमजोर वैश्विक संकेतों का असर : अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बनाया है। ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते अमेरिका से लेकर एशिया तक प्रमुख बाजारों में गिरावट देखी गयी, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।रुपये में गिरावट : कच्चे तेल ने भारतीय करेंसी पर ऐसा दबाव बनाया कि एक डॉलर का भाव 95.26 तक फिसल गया। 30 मार्च के बाद पहली बार यह 95 के पार गया है।बाजार में चौतरफा बिकवाली : शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान भारी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गयी। वहीं आॅटो, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर भी दबाव में रहे।इंडिया वीआइएक्स में उछालमार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया वीआइएक्स में उछाल ने मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत दिया तो निवेशक घबरा गये और ताबड़तोड़ शेयर बेचने लगे। इंडिया वीआइएक्स की बात करायी यह 5% से अधिक उछलकर 18 के पार चला गया।

हाहाकार : बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार
Published / 2026-04-24 17:51:12
हाहाकार : बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार

हाहाकार : बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजारसेंसेक्स 983 अंक टूटा, निफ्टी 23900 के नीचेएबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गयी। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 982.71 अंक या 1.27% गिरकर 76,681.29 अंक पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 275.10 अंक या 1.14% गिरकर 23,897.95 अंक पर बंद हुआ। वैश्विक शेयर बाजार ज्यादातर नीचे रहे जबकि तेल की कीमतें बढ़ीं क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत ठप रही। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे कमजोर होकर 94.23 पर बंद हुआ।वैश्विक बाजारों में दिखी गिरावटवॉल स्ट्रीट के सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे आने के बाद अमेरिकी वायदा बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एसएंडपी 500 का वायदा 0.1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज का वायदा 0.2 प्रतिशत गिर गया। यूरोप में शुरुआती कारोबार में, जर्मनी का ऊअ 0.2 प्रतिशत गिरकर 24,106.17 पर आ गया, और पेरिस का सीएसी 40 1 प्रतिशत गिरकर 8,147.70 पर आ गया। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 0.6 प्रतिशत गिरकर 10,397.64 पर आ गया।एशियाई बाजार में ट्रेडिंग के दौरान, टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक तकनीकी शेयरों की भारी खरीदारी के चलते 1 प्रतिशत बढ़कर 59,716.18 पर पहुंच गया। गुरुवार को इसने इंट्राडे में 60,000 से ऊपर का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था। हांगकांग का हैंग सेंग शुरुआती नुकसान से उबरते हुए 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,978.07 पर बंद हुआ, जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.1 प्रतिशत गिरकर 4,079.90 पर आ गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक लगभग अपरिवर्तित रहते हुए 6,475.63 पर बंद हुआ। आॅस्ट्रेलिया में, एसएंडपी/एएसएक्स 200 में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आयी और यह 8,786.50 पर पहुंच गया। ताइवान का ताइएक्स सूचकांक 3.2 प्रतिशत उछल गया क्योंकि कंप्यूटर चिप निर्माता टीएसएमसी, जो सूचकांक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।पश्चिम एशिया में तनावअमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के एक और दौर पर प्रगति सीमित रही, भले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा रहा है, जबकि यह मूल रूप से समाप्त होने वाला था।होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और जहां युद्ध से पहले दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और प्राकृतिक गैस गुजरता था, अभी भी काफी हद तक बंद है, और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी अभी भी लागू है। पिछले हफ्ते अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लगाने के बाद, ईरान ने बुधवार को जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर हमला किया और उनमें से दो को जब्त कर लिया।ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी सेना जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को साफ करने के अपने प्रयासों को तेज कर रही है, और उन्होंने सेना को उस क्षेत्र में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली छोटी ईरानी नावों को गोली मारकर नष्ट करने का आदेश दिया। ईरान के साथ युद्ध 28 फरवरी को शुरू होने के बाद से तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।

जानें शेयर बाजार गिरने के प्रमुख कारण
Published / 2026-04-23 23:23:51
जानें शेयर बाजार गिरने के प्रमुख कारण

जानें शेयर बाजार गिरने के प्रमुख कारणशेयर बाजार धड़ाम, इन कारणों से आई बड़ी गिरावटएबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार आज बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स-निफ्टी आज दिन भर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 852.49 अंक (1.09%) गिरकर 77,664.00 पर और निफ्टी 205.05 अंक (0.84%) टूटकर 24,173.05 पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट के बड़े कारण...अमेरिका-ईरान तनाव : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बातचीत में ठहराव से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे निवेशकों में घबराहट है।कच्चे तेल में उछाल : ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के पार चला गया है। तेल महंगा होने से महंगाई, चालू खाते के घाटे और आर्थिक अस्थिरता की चिंता बढ़ी है।वैश्विक बाजारों में कमजोरी : अमेरिकी बाजार मिले-जुले बंद हुए, जबकि यूरोपीय और एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। कई प्रमुख एशियाई सूचकांक 1% से अधिक टूट गये।एफआईआई और डीआईआई की बिकवाली : 22 अप्रैल को विदेशी निवेशकों (एफआईआई) ने 2,078 करोड़ और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,048 करोड़ की नेट बिकवाली की।इंडिया वीआई में बढ़ोतरी : मार्केट की अस्थिरता मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआई 1.59% बढ़कर 18.59 पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों में सतर्कता बढ़ी।

शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी
Published / 2026-04-20 22:48:36
शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी

शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव जारीउतार-चढ़ाव भरे कारोबार में घरेलू शेयर बाजार लगभग स्थिर बंदएबीएन बिजनेस डेस्क। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच सोमवार को निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से घरेलू शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में लगभग स्थिर स्तर पर बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 26.76 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 78,520.30 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 78,942.45 के ऊपरी और 78,203.30 के निचले स्तर तक भी गया। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 11.30 अंक यानी 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,364.85 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, भारतीय स्टेट बैंक, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस और इंटरग्लोब एविएशन (यानी इंडिगो) के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। इसके उलट, लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचसीएल टेक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर नुकसान में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.76 प्रतिशत बढ़कर 94.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद गहराने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। हालांकि, निवेशक पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम को पूर्ण संघर्ष की शुरूआत के बजाय संभावित वार्ता रणनीति के रूप में देख रहे हैं। इसके साथ ही नायर ने कहा कि संघर्ष विराम समाप्त होने की समयसीमा नजदीक होने से बाजार में सतर्कता बनी हुई है। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 683.20 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर खरीदे। बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 504.86 अंक चढ़कर 78,493.54 अंक और निफ्टी 156.80 अंक बढ़कर 24,353.55 अंक पर बंद हुआ था।

शेयर मार्केट की तेजी पर लगा ब्रेक
Published / 2026-04-16 18:56:21
शेयर मार्केट की तेजी पर लगा ब्रेक

तेजी पर लगा ब्रेक, हरे से लाल निशान पर बंद हुआ स्टॉक मार्केट, अचानक क्यों आई गिरावट? एबीएन बिजनेस डेस्क। आज शेयर बाजार की शुरूआत हरे निशान पर हुई। सेंसेक्स 78,677 पर खुला और 78730 का हाई बनाया। निफ्टी भी 24385 के स्तर पर खुला था। हालांकि कारोबार के दौरान इस तेजी पर ब्रेक लग गया और मार्केट लाल निशान पर ट्रेड करता दिखा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 122 अंक गिरकर 77,988 के लेवल पर आ गया जबकि निफ्टी में 34 अंक की गिरावट रही, ये फिसलकर 24,196 पर बंद हुआ। अचानक आयी से इस गिरावट के क्या हैं कारण मुनाफावसूली ने रोकी बाजार की रफ्तार : शेयर बाजार में आयी गिरावट की सबसे बड़ी वजह मुनाफावसूली रही। इसके चलते सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में गिरावट देखने को मिली। इससे एक दिन पहले बुधवार को शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 1,263.67 अंक की बढ़त के साथ 78,111.24 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 388.65 अंक चढ़कर 24,231.30 के स्तर पर पहुंच गया। बैंकिंग शेयरों में कमजोरी : बैंकिंग सेक्टर भी बाजार पर दबाव का कारण बना। निफ्टी बैंक अपने दिन के उच्च स्तर से करीब 1.35% तक फिसल गया, जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर पड़ गया। आटो और एफएमसीजी शेयरों में बिकवाली : आटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसका असर पूरे बाजार पर पड़ा। ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और नेस्ले इंडिया के शेयरों में करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गयी। वहीं निफ्टी आटो इंडेक्स में हीरो मोटोकॉर्प और आयशर मोटर्स के शेयर भी लगभग 1% तक कमजोर हुए। इन सेक्टर्स का इंडेक्स में भारी वेटेज होने के कारण पूरे बाजार पर असर पड़ा।

खाद्य सामग्री की वजह से लग रहा महंगाई का झटका...
Published / 2026-04-13 18:31:58
खाद्य सामग्री की वजह से लग रहा महंगाई का झटका...

महंगाई के मोर्चे पर झटका, रिटेल महंगाई बढ़ी, खाने-पीने की चीजें बनी वजह एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में महंगाई के मोर्चे पर मार्च महीने में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.40% हो गयी, जो फरवरी में 3.21% थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण रही। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रामीण महंगाई दर 3.63% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अपेक्षाकृत कम 3.11% दर्ज की गयी। खाद्य महंगाई में भी इजाफा देखने को मिला। मार्च में खाद्य महंगाई दर 3.87% रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 3.96% और शहरी इलाकों में 3.71% दर्ज की गयी, जो यह दर्शाता है कि गांवों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों का दबाव ज्यादा बना हुआ है। वहीं, आवास क्षेत्र में महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित रही। मार्च 2026 में हाउसिंग इंफ्लेशन 2.11% आंकी गयी। इसमें ग्रामीण आवास महंगाई 2.54% और शहरी आवास महंगाई 1.95% रही। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले महीनों में महंगाई की दिशा तय करेगा। फिलहाल महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के तय लक्ष्य दायरे के भीतर बनी हुई है, जिससे नीतिगत स्तर पर राहत की स्थिति बनी हुई है।

ट्रंप की ढील पर झूम उठा शेयर मार्केट
Published / 2026-04-08 23:41:04
ट्रंप की ढील पर झूम उठा शेयर मार्केट

ट्रंप की ढील पर झूम उठा शेयर मार्केटशेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 2946 अंक उछला, जानिये 7 बड़े कारणएबीएन बिजनेस डेस्क। भारत के शेयर बाजारों में बुधवार, 8 अप्रैल को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 2946.32 (3.95%) अंक उछलकर 77,562.90 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 873.70 (3.78%) अंक चढ़कर 23,997.35 के स्तर पर बंद हुआ। इस तेजी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ग्लोबल बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत प्रमुख कारण रहे। सुबह 10:45 बजे के करीब सेंसेक्स 2,919 अंक (3.91%) बढ़कर 77,535 पर कारोबार कर रहा था, वहीं निफ्टी 868 अंक (3.76%) चढ़कर 23,992 पर पहुंच गया।  बाजार में तेजी के 7 बड़े कारणअमेरिका-ईरान युद्धविराम : डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के फैसले और दोनों देशों के बीच युद्धविराम से बाजार को बड़ी राहत मिली।कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट : Brent Crude करीब 16% टूटकर $95 से नीचे आ गया, जबकि WTI में भी भारी गिरावट आई। इससे भारत के लिए महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी।RBI ने दरें स्थिर रखीं : आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखते हुए न्यूट्रल रुख बनाए रखा, जिससे बाजार को स्थिरता का संकेत मिला।ग्लोबल बाजारों से मजबूत संकेत : एशियाई और अमेरिकी बाजारों में तेजी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा।रुपए में मजबूती : युद्धविराम के बाद रुपया मजबूत होकर 92.56 प्रति डॉलर तक पहुंचा, जिससे बाजार में पॉजिटिव माहौल बना।वैल्यू बाइंग : गिरावट के बाद निवेशकों ने खरीदारी बढ़ाई, जिससे बाजार में चौतरफा तेजी आई।VIX में गिरावट : इंडिया VIX में करीब 5% की गिरावट आई, जो बाजार में कम होती अनिश्चितता और बढ़ते भरोसे का संकेत है।

जानें शेयर मार्केट की शानदार वापसी के तीन प्रमुख कारण
Published / 2026-04-02 18:48:20
जानें शेयर मार्केट की शानदार वापसी के तीन प्रमुख कारण

बाजार ने दिखायी शानदार वापसी, इन 3 कारणों से उछला सेंसेक्स-निफ्टी एबीएन बिजनेस डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक आक्रामक बयान ने गुरुवार को दिनया भर के बाजारों को हिलाकर रख दिया था। भारत भी इस वैश्विक झटके से अछूता नहीं रहा, भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। हालांकि बाजार बंद होने के कुछ समय पहले बाजार ने शानदार रिकवरी की। सुबह की बड़ी गिरावट के बाद बीएसई सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 1600 अंक उछलकर हरे निशान में पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने भी वापसी करते हुए 22,600 का स्तर दोबारा हासिल कर लिया।  बीएसई सेंसेक्स 185.23 अंक उछल कर 73,319.55 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 33.70 अंक की तेजी आयी, ये 22,713.10 के स्तर पर बंद हुआ। रिकवरी की 3 बड़ी वजहें निचले स्तर पर खरीदारी : शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार में तेजी आयी। खासतौर पर आईटी और टेक शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। रुपये में जोरदार मजबूती : भारतीय रुपये में करीब 2% की बड़ी उछाल आयी, जो 12 साल में सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है। आरबीआई की सख्ती के चलते रुपये ने डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखायी, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। तकनीकी सपोर्ट : एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब तक निफ्टी 22,220 के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में रिकवरी और लॉन्ग पोजिशन की संभावना बनी रहेगी।

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