एडी बाधवाएबीएन बिजनेस डेस्क। भारत में, जीएसटी के तहत पूंजीगत सामान को केंद्रीय माल और सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 2(19) में परिभाषित किया गया है। इस परिभाषा के अनुसार, पूंजीगत सामान से तात्पर्य उन वस्तुओं से है जिनका उपयोग या उपयोग के लिए इरादा व्यवसाय के दौरान या आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है और जिनका मूल्य करदाता के वित्तीय खातों में पूंजीगत संपत्ति के रूप में दर्ज किया जाता है। ये सामान इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पात्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे व्यवसायों को उनके पूंजीगत व्यय के आधार पर आईटीसी का दावा करने की अनुमति देते हैं। पूंजीगत वस्तुओं पर आईटीसी व्यवसाय, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ढांचे के तहत व्यवसाय के दौरान या उसे आगे बढ़ाने में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत सामानों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा कर सकते हैं। पूंजीगत वस्तुओं पर आईटीसी के लिए पात्रता इस प्रकार है : पंजीकृत जीएसटी करदाता: केवल जीएसटी-पंजीकृत करदाता ही पूंजीगत वस्तुओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा करने के लिए पात्र हैं। व्यावसायिक उपयोग की आवश्यकता: पूंजीगत वस्तुओं का उपयोग केवल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए, जिसमें विनिर्माण या कर योग्य सेवाएं प्रदान करना शामिल है। वित्तीय अभिलेखों में पूंजीकरण: पूंजीगत वस्तुओं के मूल्य को व्यवसाय के वित्तीय खातों में पूंजीकृत किया जाना चाहिए। कर योग्य वस्तुएं या सेवाएं: पूंजीगत वस्तुओं को कर योग्य वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन में योगदान देना चाहिए, क्योंकि छूट प्राप्त वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुओं के लिए आईटीसी उपलब्ध नहीं है। पर पूंजीगत वस्तुओं पर आईटीसी का दावा करने के लिए कई शर्तें और प्रतिबंध हैं जिनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है: कर योग्य आपूर्ति के लिए विशेष उपयोग: यदि पूंजीगत वस्तुओं का उपयोग केवल कर योग्य आपूर्ति के लिए किया जाता है तो इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की अनुमति दी जाती है। मिश्रित उपयोग (कर योग्य और छूट दोनों) के लिए, आईटीसी का आनुपातिक रूप से दावा किया जाना चाहिए।कर घटक पर मूल्यह्रास: यदि आयकर अधिनियम के तहत दावा किए गए मूल्यह्रास में कर घटक शामिल है तो आईटीसी अयोग्य है, क्योंकि दोहरे लाभ की अनुमति नहीं है। अवरुद्ध क्रेडिट आइटम: व्यक्तिगत उपयोग के लिए या अचल संपत्ति के निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत सामानों (संयंत्र और मशीनरी को छोड़कर) पर आईटीसी का दावा नहीं किया जा सकता। आईटीसी दावों की समय सीमा: आईटीसी का दावा वित्तीय वर्ष के बाद सितंबर माह के रिटर्न की अंतिम तिथि तक या वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तिथि तक, जो भी पहले हो, किया जाना चाहिए। आईटीसी का उलटा होना: यदि पूंजीगत वस्तुओं का उपयोग बाद में छूट प्राप्त आपूर्तियों या गैर-व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाता है, तो आईटीसी का आनुपातिक प्रतिवर्तन आवश्यक है। चालान दस्तावेजीकरण आवश्यकता: पूंजीगत वस्तुओं पर आईटीसी का दावा करने के लिए वैध कर चालान या उपयुक्त दस्तावेज आवश्यक हैं। (लेखक कॉस्ट एवं मैनेजमेंट अकाउंटेंट 9431107515 हैं।)
एबीएन बिजनेस डेस्क। आमतौर पर सप्ताहांत पर बंद रहने वाले भारतीय शेयर बाजार इस बार शनिवार 1 फरवरी को खुले रहेंगे, क्योंकि इसी दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट 2025 पेश करेंगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने घोषणा की है कि बजट को ध्यान में रखते हुए इस दिन पूरे समय ट्रेडिंग होगी। एक्सचेंजों के अनुसार, इसे स्पेशल ट्रेडिंग डे के रूप में मनाया जायेगा। यह पहला मौका नहीं है जब बजट के चलते शेयर बाजार को शनिवार के दिन खोला जा रहा है। इससे पहले 1 फरवरी 2020 और 28 फरवरी 2015 को भी बजट के चलते शेयर बाजार शनिवार के दिन खुले रहे थे। ट्रेडिंग सेशन का शेड्यूल शनिवार 1 फरवरी को बाकी दिनों की तरह ही शेयर बाजार सामान्य समय से खुलेगा। इक्विटी मार्केट सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक खुले रहेंगे, जबकि कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार में ट्रेडिंग का समय शाम 5:00 बजे तक रहेगा। हालांकि सेटलमेंट हॉलिडे के कारण टी-0 सेशन बंद रहेगा। ट्रेडिंग सेशन से जुड़ी डिटेल्स को आप नीचे देख सकते हैं : इक्विटी मार्केट : सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक कमोडिटी डेरिवेटिव्स मार्केट : शाम 5:00 बजे तक टी-0 सेशन बंद रहेगा (सेटलमेंट हॉलिडे के कारण) ब्लॉक डील (सेशन-1): सुबह 8:45 से 9:00 बजे तक स्पेशल प्री-ओपन सेशन (आइपीओ और री-लिस्टेड स्टॉक्स के लिए): 9 से 9:45 बजे तक कॉल आक्शन इलिक्विड सेशन: सुबह 9:30 से दोपहर 3:30 बजे तक ब्लॉक डील (सेशन-2): दोपहर 2:05 से 2:20 बजे तक पोस्ट क्लोजिंग सेशन: 3:40 से 4:00 बजे तक ट्रेड मॉडिफिकेशन कट-आफ टाइम: 4:15 बजे
निवेशकों को बड़ा झटका, सेंसेक्स 500 अंक टूटा, निफ्टी 23,000 से नीचे एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी में आज भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 500 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी50 23,000 के नीचे चला गया। गिरावट के ताजा आंकड़े सुबह 9:19 बजे सेंसेक्स 75,626.79 पर था, जो 564 अंकों या 0.74% की गिरावट है। वहीं, निफ्टी50 22,926.80 पर कारोबार कर रहा था, जो 165 अंकों या 0.72% की गिरावट में है। गिरावट के मुख्य कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली: विदेशी निवेशकों द्वारा भारी मात्रा में शेयरों की बिक्री बाजार पर दबाव बना रही है। दिसंबर तिमाही के कमजोर कॉपोर्रेट नतीजे: कंपनियों के तिमाही नतीजों ने बाजार की उम्मीदों को निराश किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया। आने वाला हफ्ता महत्वपूर्ण अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है, क्योंकि 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जायेगा। इस दिन बाजार में विशेष ट्रेडिंग सत्र होगा, जिसमें बजट की घोषणाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी।
26 जनवरी से पहले अमूल का बड़ा तोहफा, इतना सस्ता हो गया दूधएबीएन बिजनेस डेस्क। अमूल ने अपने दूध प्रोडक्ट की कीमतें घटाने का ऐलान कर दिया है। 26 जनवरी से पहले लोगों के लिए यह बड़ी राहत है। कंपनी ने यह कीमत अपने तीन अलग-अलग दूध प्रोडक्ट पर कम किया हैं। इसमें अमूल गोल्ड, अमूल टी स्पेशल और अमूल फ्रेश शामिल हैं। इनकी कीमतों में 1 रुपये की कटौती की गई है। पहले अमूल गोल्ड 66 रुपये का था। अब यह 65 रुपये में मिलेगा। वहीं अमूल टी स्पेशल की कीमत 63 से 62 रुपये कर दिया गया है। वहीं अमूल ताजा पहले 54 रुपये में मिलता था। अब वह 53 रुपये में मिलेगा। यह कटौती केवल 1 रुपये प्रति लीटर पैक पर लागू होगी। गुजरात कोआपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने इस बात की घोषणा की है। गणतंत्र दिवस से पहले लोगों के लिए यह बड़ी राहत वाली खबर है। कीमतों में कटौती के बाद कंपनी ने इसके पीछे का कोई कारण नहीं दिया है। अमूल पहली बार दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद इस प्रकार की कटौती की है। अब ऐसा माना जा रहा है कि मदर डेयरी भी अपनी कीमतों में कटौती कर सकता है।
आज शेयर बाजार में दिखी पैनिक सेलिंगएबीएन बिजनेस डेस्क। कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुआ। बीएसई पर सेंसेक्स 1235 अंकों की गिरावट के साथ 75,838.36 पर क्लोज हुआ। वहीं, एनएसई पर 1.37 निफ्टी फीसदी की गिरावट के साथ 23,024.65 पर बंद हुआ। आज के कारोबार के दौरान निफ्टी पर अपोलो हॉस्पिटल्स, बीपीसीएल, टाटा कंज्यूमर, जेएसडब्ल्यू स्टील, श्रीराम फाइनेंस के शेयर टॉप गेनर के लिस्ट में शामिल रहे। जबकि ट्रेंट, अडाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई के शेयर टॉप लूजर के लिस्ट में शामिल रहे।बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2-2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी।सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार किये, जबकि रियल्टी इंडेक्स में 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी।ओपनिंग के कुछ समय बाद ही शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गयी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण करने के तुरंत बाद पड़ोसी देशों पर व्यापार शुल्क लगाने की घोषणा के बाद सतर्कता के बीच, आरआईएल, कोटक बैंक और जोमैटो जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट के कारण मंगलवार को भारत के बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गयी।ओपनिंग का कारोबारकारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन शेयर बाजार ग्रीन जोन में खुला। बीएसई पर सेंसेक्स 61 अंकों की उछाल के साथ 77,128.84 पर ओपन हुआ। वहीं, एनएसई पर निफ्टी 0.21 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 23,392.75 पर खुला।
ट्राई ने पुराने नियम पर दिखायी सख्ती, अब मात्र 20 प्रति महीने रिचार्ज कराकर भी एक्टिव रख पायेंगे अपनी सिमएबीएन नॉलेज डेस्क। टेलीकॉम रेगुलेटरी आॅथोरिटी आॅफ इंडिया (ट्राई) का एक नया नियम भारत के टेलीकॉम यूजर्स के लिए राहत की खबर लेकर आया है। दरअसल, जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया या बीएसएनएल के टेलीकॉम यूजर्स अब कम से कम मात्र 20 रुपये के प्रीपेड रिचार्ज के साथ भी अपने सिम कार्ड को एक्टिव रख पायेंगे। आइये हम आपको ट्राई का यह नया नियम समझाते हैं। ट्राई ने दिखायी सख़्तीदरअसल, ट्राई ने जियो, एयरटेल, वीआई और बीएसएनएल समेत भारत के सभी टेलीकॉम आपरेटर्स को आटोमैटिक नंबर रिटेंशन स्कीम फॉलो करने को कहा है। ट्राई के नियमों के अनुसार अगर आप 90 दिनों तक अपनी सिम से वॉयस, डेटा, एसएमएस या किसी अन्य सर्विस का इस्तेमाल नहीं करते हैं और आपके पास कोई भी एक्टिव रिचार्ज प्लान नहीं है, तो आपकी सिम बंद कर दी जायेगी। ऐसे में आपका टेलीकॉम आपरेटर आपकी नंबर आपके नाम से हटाकर किसी अन्य कस्टमर के नाम पर जारी कर सकता है। अब ट्राई के नये नियम के अनुसार आप अपने प्रीपेड नंबर को कम से कम 20 रुपये का रिचार्ज कराकर अगले 30 अतिरिक्त दिनों के लिए एक्टिव रख सकते हैं। अब 90 दिनों के बाद आपके अकाउंट से हर महीने अपने-आप 20 रुपये कट जायेंगे और आपकी सिम की वैधता अगले 30 दिनों के लिए बढ़ जायेगी। यह साइकिल तब तक रिपीट होता जायेगा, जब तक आपके पास पर्याप्त प्रीपेड बैलेंस न हो। अगर आपके पास पर्याप्त बैलेंस न हो, तो आपको टॉप-अप करने के लिए 15 दिनों का ग्रेस पीरियड मिलेगा। अगर आप उसके बाद भी रिचार्ज करने में फेल हो जाते हैं तो आपकी टेलीकॉम कंपनी आपकी सिम बंद कर देगी।
9 जनवरी 2025 को झारखंड में 1.28 रुपये महंगा हुआ पेट्रोलटीम एबीएन, रांची। झारखंड में पेट्रोल महंगा हो गया है। 9 जनवरी को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के जो दाम जारी किए हैं, उसके मुताबिक, झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 1.28 रुपये बढ़ गई है। आज के दिन में पेट्रोल की कीमत में यह सबसे बड़ी वृद्धि है। झारखंड के अन्य 7 जिलों में भी पेट्रोल के दाम बढ़े हैं। बोकारो, धनबाद, दुमका, हजारीबाग, खूंटी, कोडरमा और पाकुड़ में भी पेट्रोल महंगा हुआ है। चतरा, देवघर, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, गुमला, जामताड़ा और सरायकेला-खरसावां जिले में पेट्रोल की कीमतों में गिरावट भी आई है। जामताड़ा में पेट्रोल 2 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ है, तो गिरिडीह में 48 पैसे। आज यानी 9 जनवरी 2025 को आपके जिले में पेट्रोल का भाव क्या है।
अचानक शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट, निवेशकों को हुआ नुकसान, ये शेयर चमकेएबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में आज 30 दिसंबर को भारी उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 450.94 अंक या 0.57 फीसदी की गिरावट के साथ 78,248.13 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स, निफ्टी 168.50 अंक या 0.71 फीसदी लुढ़ककर 23,644.90 के स्तर पर बंद हुआ। इसके चलते शेयर बाजार में आज निवेशकों के करीब 81,000 करोड़ रुपए डूब गये। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी निवेशकों की ओर से निकासी और डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। आज के कारोबार के दौरान कैपिटल गुड्स, आटो, मेटल, कमोडिटी, रियल्टी और बैकिंग शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज 30 दिसंबर को घटकर 441.50 लाख करोड़ रुपये पर आ गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार 27 दिसंबर को 442.31 लाख करोड़ रुपए था। इस तरह बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 81,000 करोड़ रुपये घटा है या दूसरे शब्दों में कहें तो निवेशकों की संपत्ति में करीब 81,000 करोड़ रुपए की गिरावट आयी है।
पेट्रोल और डीजल पर बड़ा ऐलान संभव, 40% गिरा कच्चा तेलएबीएन बिजनेस डेस्क। 2024 के बजट की तैयारियां जोरों पर हैं, और इस बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर अहम घोषणा की उम्मीद जतायी जा रही है। कॉन्फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री ने सरकार से पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क कम करने की मांग की है। बजट 2024 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं, और सभी प्रमुख सेक्टर्स सरकार से अपनी मांगें रख रहे हैं। इस बीच, भारत की प्रमुख इंडस्ट्री बॉडी, कॉन्फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआइआइ) ने पेट्रोल-डीजल और इनकम टैक्स से जुड़े कई अहम प्रस्ताव सरकार के सामने रखे हैं। यदि ये मांगें मान ली जाती हैं, तो इसका सीधा फायदा आम जनता को होगा। सीआईआई ने पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क कम करने की सिफारिश की है। वर्तमान में पेट्रोल पर 21 फीसदी और डीजल पर 18 फीसदी उत्पाद शुल्क लिया जा रहा है, जबकि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 40 फीसदी की गिरावट आयी है। इससे इन ईंधनों की कीमतों में कमी की संभावना जतायी जा रही है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिल सकती है। इसके अलावा, सीआइआइ ने लोअर और मिडल इनकम ग्रुप को राहत देने के लिए इनकम टैक्स में कटौती की भी मांग की है। उनका सुझाव है कि जिनकी सालाना आय 20 लाख रुपये तक है, उनके लिए टैक्स में कमी की जानी चाहिए। सीआइआइ ने मनरेगा और पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाने की भी बात की है। वर्तमान में पीएम किसान योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये मिलते हैं, जो तीन समान किस्तों में उनके बैंक खातों में भेजे जाते हैं। सीआईआई का कहना है कि आगामी बजट का मुख्य फोकस कंजम्प्शन डिमांड को बढ़ाने पर होना चाहिए, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिले।
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