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उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार के नये अवसर : नंद गोपाल ‘नन्दी’
Published / 2022-11-18 20:34:26
उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार के नये अवसर : नंद गोपाल ‘नन्दी’

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ शुक्रवार को होटल ताज, लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आये विशेषज्ञों, बुद्धिजीवियों एवं जानकारों की उपस्थिति में प्रदेश को वन ट्रिलियन इकोनॉमी वाला राज्य बनाने पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि फरवरी-2023 में उत्तर प्रदेश में आयोजित होने जा रहे ऐतिहासिक ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 के आयोजन से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मंत्री नन्दी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि इस समिट से प्रदेश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को तेज रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज माफियामुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त, उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरे देश में एक मिसाल बनी है। नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन के दौर से आगे निकल कर विकास के एक्सप्रेसवे पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हर गुजरते दिन के साथ उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति के नये अध्याय लिख रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आज भारत पूरी दुनिया में इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे अच्छा डेस्टीनेशन है तो भारत में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट के सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में उभरा है। प्रदेश के चहुंमुखी औद्योगिक विकास के साथ-साथ निवेशकों के हितों एवं सहूलियतों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई गति देने के लिए आगामी फरवरी, 2023 में प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा एवं ऐतिहासिक ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने जा रहा है। जीआईएस 2023 के लिए हमने 10 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है। हमारी सरकार उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर इकोनॉमी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मौके पर वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरूण कुमार सक्सेना, वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के नोडल आॅफिसर आलोक कुमार, डिफेंस कॉरिडोर के नोडल अधिकारी एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया उपस्थित रहे।

खूंटी में होमगार्ड बहाली : 491 पद के लिए हैं  6243 अभ्यर्थी
Published / 2022-11-18 10:15:54
खूंटी में होमगार्ड बहाली : 491 पद के लिए हैं 6243 अभ्यर्थी

टीम एबीएन, खूंटी/ रांची। जिला में पहली बार होमगार्ड की बंपल बहाली की तैयारी पूर्ण कर ली गयी है। बिरसा कॉलेज फुटबॉल स्टेडियम में 18 नवंबर से 24 नवंबर तक नॉन स्टॉप बहाली प्रक्रिया चलेगी। इसके लिए 12 मजिस्ट्रेट, 17 पुलिस पदाधिकारी और 51 जवानों को बहाली मोर्चे पर तैनात किए गए हैं। खूंटी जिला में 491 होमगार्ड के पद के लिए 6243 अभ्यर्थी बहाली प्रक्रिया में शामिल हो रहे  हैं। खूंटी में होमगार्ड की भर्ती शुरू हो चुकी है। बहाली प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो इसके लिए फिजिकल एग्जाम का ऑन-द-स्पॉट परिणाम घोषित किया जायेगा। इसकी निष्पक्षता के लिए 8 वीडियो कैमरे से पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करायी जायेगी। 18 से 24 नवंबर तक चलने वाले होमगार्ड बहाली प्रक्रिया सुबह 7 बजे से ही आरंभ कर दी गयी है। इसके लिए फुटबॉल स्टेडियम में गोला फेंक, ऊंची कूद के लिए ट्रैक का निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है।

क्यूएस रैंकिंग : पीयू फिसली, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भी आगे
Published / 2022-11-09 23:12:01
क्यूएस रैंकिंग : पीयू फिसली, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भी आगे

एबीएन कैरियर डेस्क। क्यूएस रैंकिंग में इस साल पंजाब यूनिवर्सिटी की रैकिंग गिर गयी है। इस बार एशिया में 65वां स्थान मिला है और ओवरआल 1201-1400 की ब्रैकेट में रखा गया है। हर साल की तरह आईआईएससी बंगलुरु को पहला स्थान मिला है जबकि 2023 के लिये जारी की गयी रैंकिंग में बंगलुरु के बाद अगले आठ स्थानों पर आईआईटी बाम्बे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर, खड़गपुर, रुड़की, गुवाहटी और इंदौर हैं जबकि यूनिवर्सिटीज में दिल्ली यूनिवर्सिटी टॉप पर है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को पीयू से बेहतर रैंकिंग मिली है उसे 801-1000 की ब्रैकेट में रखा गया है। थापर यूनिवर्सिटी को भी 1001-1200 की रैकिंग में रखा गया है। हरियाणा की ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी भी पीयू से आगे है जबकि जीएनडीयू अमृतसर के साथ एक ही ब्रैकेट में रखा गया है। पिछले साल पीयू को 301-350 के ब्रैकेट में रखा गया था लेकिन तब भी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और थापर यूनिवर्सिटी इससे ऊपर थी। अब तक पीयू को केवल 2014 में ही सबसे अच्छी रैंकिंग मिली है, जो 171-180 थी। पीयू को इस बार एकेडिमक रेपुटेशन में 5.5 स्कोर मिला है जबकि नियोक्ता की रेपुटेशन के लिये 3.2, फैकल्टी-स्टूडेंट रेशो में महज 5.2, इंटरनेशनल स्टूडेंट्स रेशो में 1.7, इम्पलायमेंट आउटकम में सबसे ज्यादा 51.2 और इंटरनेशनल रिसर्च में 31.7 और साइटेशन में भी 17 स्कोर मिला है। आईक्यूएससी सैल के डायरेक्टर प्रो संजीव शर्मा से बार-बार संपर्क के बावजूद कोई बात नहीं हो पायी जिस कारण कुलपति या किसी अधिकारी का पक्ष नहीं लिया जा सका।

ब्रदर्स एकेडमी की ग्रैंड - स्कॉलरशिप एडमिशन टेस्ट 20 को
Published / 2022-11-09 23:08:25
ब्रदर्स एकेडमी की ग्रैंड - स्कॉलरशिप एडमिशन टेस्ट 20 को

एबीएन कैरियर डेस्क। ब्रदर्स एकेडमी की ग्रैंड - स्कॉलरशिप एडमिशन टेस्ट (जी सैट-22) 20 नवंबर-2022 को नए सत्र के लिए ऑफलाइन मोड में आयोजित की जायेगी। जी-सैट आवेदन पत्र ऑनलाइन http://www.brothersacademy.co.in/admissions.php पर भरा जा सकता है साथ ही, आवेदन पत्र रांची में हमारे लालपुर या डोरंडा परिसर से भी प्राप्त किए जा सकते हैं और भरे जा सकते हैं। जी सैट बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये परीक्षा ही आईआईटी-जेईई और नीट कोचिंग के लिए ब्रदर्स ऐकेडमी में नामांकन कराने का एकमात्र तरीका हैं। जी सैट के सभी प्रतिभागियों को हम पाठ्यक्रम शुल्क पर न्यूनतम 40% छात्रवृत्ति देंगे और प्रत्येक पाठ्यक्रम में शीर्ष प्रदर्शन करने वालों को पूर्ण 100% छात्रवृत्ति से पुरस्कृत किया जायेगा। वर्तमान में कक्षा 7, 8, 9 और 10 में पढ़ रहे छात्र नियमित स्कूली अध्ययन के साथ आईआईटी-जेईई और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए ओलंपियाड और बेसिक्स फाउंडेशन का लक्ष्य मानते हुए एक साल / 3 साल / 4 साल / 5 साल: फाउंडेशन कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। वर्तमान में कक्षा 10 में पढ़ने वाले और कक्षा 11 में जाने वाले छात्र आईआईटी- जेईई / एनईईटी (मेडिकल) के लिए 2 साल के पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं, जिसमें उन्हें कक्षा 10 पास करने के बाद 2 साल के लिए इन प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सघन प्रशिक्षण के साथ कक्षा 11 और 12 के अपने नियमित स्कूल सिलेबस को भी पढ़ाया जायेगा। हमारी पूरी टीम आपके सहयोग के लिए आभारी रहेगी। उक्त जानकारी ब्रदर्स एकेडमी के निदेशक पारस कुमार अग्रवाल (98351-02269) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

यूजीसी ने बदले पीएचडी के नियम, ये अब नहीं रह अनिवार्य
Published / 2022-11-09 13:07:11
यूजीसी ने बदले पीएचडी के नियम, ये अब नहीं रह अनिवार्य

एबीएन कैरियर डेस्क। पीएचडी कर रहे या करने की प्लानिंग कर रहे कैंडिडेट्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पीएचडी के नियम में बड़ा बदलाव किया है। ये पीएचडी रिसर्च पेपर्स के संबंध में है। बदले गए नियम की जानकारी देते हुए यूजीसी की वेबसाइट ugc.ac.in पर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। इसके अनुसार अब पीएचडी थीसिस सबमिशन से पहले जर्नल्स में रिसर्च पेपर पब्लिश कराने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब तक के यूजीसी पीएचडी रूल्स के अनुसार एमफिल स्कॉलर्स के लिए कम से कम एक रिसर्च पेपर कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत करना जरूरी हुआ करता था। वहीं पीएचडी स्कॉलर्स के लिए उनके पीएचडी थीसिस सबमिशन से पहले कम से कम दो शोधपत्र कॉन्फ्रेंस या सेमिनार में प्रजेंट करना और कम से कम एक रिसर्च पेपर किसी रेफर्ड जर्नल में प्रकाशित कराना अनिवार्य होता था। यूजीसी ने क्यों बदला रिसर्च पेपर का नियम : यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार का कहना है कि पीएचडी गाइडालइंस में ये बदलाव करके हमने इस बात पर मुहर लगाने की कोशिश की है कि वन साइज फिट्स आल का अप्रोच जरूरी नहीं है। हर सब्जेक्ट/ संकाय में को एक नजर से देखना और उनके लिए एक समान अप्रोच रखना खत्म करने की जरूरत है। कंप्यूटर साइंस में पीएचडी कर रहे कई स्कॉलर अपने रिसर्च पेपर बजाय जर्नल्स में पब्लिश करने के, कॉन्फ्रेंस में प्रजेंट करना पसंद करते हैं। हालांकि मीडिया से बात करते हुए यूजीसी चेयरपर्सन एम जगदेश कुमार ने कहा कि अनिवार्यता खत्म करने का मतलब ये नहीं कि कि पीएचडी स्कॉलर पीर रेविएवेद पियर रिव्युड जर्नल्स में रिसर्च पेपर पब्लिश कराना ही छोड़ दें। भले ही पेपर पब्लिकेशन अब अनिवार्य नहीं है, लेकिन अगर हम उच्च गुणवत्ता वाले शोध पर फोकस करेंगे, तो अच्छे जर्नल्स भी प्रकाशित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि जब आप अपनी डॉक्टोरल डिग्री के बाद करियर में आगे बढ़ेंगे या किसी जॉब के लिए अप्लाई करेंगे तो जर्नल्स में छपे रिसर्च पेपर्स आपकी प्रोफाइल में वैल्यू जोड़ने का काम करेंगे। यूजीसी ने चार सदस्यों की एक कमेटी बनायी थी, जिसके अध्यक्ष आईआईएससी बेंगलुरु के पूर्व निदेशक पी बलराम थे। इस कमेटी ने जर्नल्स में रिसर्च पेपर पब्लिश करना या कॉन्फ्रेंस में प्रजेंट करना अनिवार्य नहीं होना चाहिए। इसे किसी भी तरह से एकेडमिक क्रेडिट के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

एयरफोर्स अग्निवीर भर्ती शीघ्र, आवेदन प्रक्रिया की तारीख घोषित
Published / 2022-11-05 22:51:12
एयरफोर्स अग्निवीर भर्ती शीघ्र, आवेदन प्रक्रिया की तारीख घोषित

टीम एबीएन, रांची। एयरफोर्स अग्निवीर भर्ती की आवेदन प्रक्रिया की तारीख घोषित कर दी गई है। वायु सैनिक चयन केंद्र, वायुसेना स्टेशन, बिहटा के अनुसार नई भर्ती के लिए 7 से 23 नवंबर के बीच रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं परीक्षा साल 2023 की जनवरी में होने की संभावना है। भर्ती से संबंधित अधिसूचना भारतीय वायुसेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। यह अधिसूचना बहाली 2023 के लिए जारी की गई है। एयरफोर्स अग्निवीर भर्ती परीक्षा के लिए पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। बता दें कि एयरफोर्स में अग्निवीर वायु की वर्ष 2022 की भर्ती प्रक्रिया हो चुकी है। अब वर्ष 2023 के लिए यह यह भर्ती शुरू होनी है। अग्निपथ योजना के तहत इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में सैनिकों की 4 साल के लिए भर्ती की जा रही है। वायु सेना के अग्निवीरों को अग्निवीर वायु का नाम दिया गया है। 4 साल के बाद 75 फीसदी सैनिकों को घर भेज दिया जायेगा। शेष 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थायी जवान नियुक्त किया जायेगा। आवेदक की न्यूनतम उम्र 17। 5 साल और अधिकतम 21 साल (जन्म 17 जून 2022 और 17 दिसंबर 2005 के बीच) होनी चाहिए। अभ्यर्थियों का चयन आॅनलाइन टेस्ट के माध्यम से होना है।

यूजीसी-नेट का रिजल्ट कल
Published / 2022-11-04 23:02:53
यूजीसी-नेट का रिजल्ट कल

एबीएन कैरियर डेस्क। यूजीसी नेट परीक्षा के रिजल्ट का इंतजार अब खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) कल यानी शनिवार को यूजीसी-नेट का रिजल्ट घोषित करेगा। यूजीसी चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने शुक्रवार को इस संबंध में घोषणा की है। अभ्यर्थी अपना रिजल्ट यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर देख सकेंगे। रिजल्ट चेक करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ की जरूरत होगी। एग्जाम के बाद से ही स्टूडेंट्स के बीच रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। अब स्टूडेंट्स के पास रिजल्ट चेक करने का मौका होगा। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने ट्वीट किया, यूजीसी-नेट रिजल्ट का ऐलान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा 5 नवंबर को किया जायेगा। रिजल्ट को ऑफिशियल वेबसाइट nta.ac.in पर चेक किया जा सकेगा। यूजीसी नेट दिसंबर 2021 और जून 2022 परीक्षा के लिए आंसर की पहले ही जारी हो चुकी है। अब कल यानी शुक्रवार को इसका रिजल्ट आयेगा। आपको बता दें कि यूजीसी नेट दिसंबर 2021 और जून 2022 का एग्जाम 4 चरणों में हुआ था। एग्जाम का आयोजन जुलाई से अक्टूबर के बीच करवाये गये थे। फेज 1 एग्जाम का आयोजन 9 से 12 जुलाई 2022 के बीच हुए। फेज 2 एग्जाम 20 से 22 सितंबर के बीच करवाये गये। वहीं, यूजीसी नेट 2022 एग्जाम के फेज 4 परीक्षा का आयोजन 23 सितंबर से 1 अक्टूबर तक करवाये गये। अगर बात करें फेज 4 एग्जाम की तो उसका आयोजन 8, 10, 11, 12, 13 और 14 अक्टूबर को हुए।

विदेशी सहयोग की कंपनियों का आनलाइन पीएचडी मान्य नहीं : यूजीसी
Published / 2022-10-28 20:37:01
विदेशी सहयोग की कंपनियों का आनलाइन पीएचडी मान्य नहीं : यूजीसी

एबीएन कॅरियर डेस्क। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने शुक्रवार को कहा कि विदेशी शिक्षण संस्थानों के सहयोग से एडटेक कंपनियों द्वारा पेश आॅनलाइन पीएचडी पाठ्यक्रम मान्य नहीं हैं। यूजीसी और एआईसीटीआई ने छात्रों के लिए इस साल दूसरी बार ऐसी चेतावनी जारी की है। इस साल की शुरुआत में यूजीसी और एआईसीटीई ने अपने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और संस्थानों को एड-टेक कंपनियों के सहयोग से दूरस्थ शिक्षा और आॅनलाइन पाठ्यक्रमों की पेशकश के प्रति आगाह करते हुए कहा था मानदंडों के अनुसार, कोई फ्रेंचाइजी समझौता स्वीकार्य नहीं है। यूजीसी और एआईसीटीआई की ओर से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, पीएचडी डिग्री प्रदान करने के मानकों को बनाए रखने के लिए, यूजीसी ने यूजीसी (एमफिल, पीएचडी डिग्री प्रदान करने हेतु न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया) विनियमन 2016 को अधिसूचित किया है। पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए सभी उच्च शिक्षण संस्थानों (एचईआई) के लिए यूजीसी की ओर से जारी विनियमन और इसके संशोधनों का पालन करना अनिवार्य है। बयान में कहा गया है कि छात्रों और आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे विदेशी शिक्षण संस्थानों के सहयोग से एडटेक कंपनियों की तरफ से दिए गए आॅनलाइन पीएचडी कार्यक्रमों के विज्ञापनों के बहकावे में न आयें। आदेश के अनुसार, ऐसे आॅनलाइन पीएचडी कार्यक्रम यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इच्छुक छात्रों और आम लोगों से अनुरोध है कि दाखिला लेने से पहले यूजीसी विनियमन 2016 के अनुसार पीएचडी कार्यक्रमों की प्रामाणिकता सत्यापित करें।

मां विंध्यवासिनी कॉलेज आफ एजुकेशन में शिक्षा मंत्रालय का स्वच्छता विषय पर कार्यशाला
Published / 2022-10-21 17:58:07
मां विंध्यवासिनी कॉलेज आफ एजुकेशन में शिक्षा मंत्रालय का स्वच्छता विषय पर कार्यशाला

टीम एबीएन, हजारीबाग। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय स्थित महात्मा गांधी नेशनल काउंसिल आॅफ रूरल एजुकेशन (एमजीएनसीआरई) नई दिल्ली के तत्वावधान में पदमा स्थित मां विंध्यवासिनी कॉलेज आॅफ एजुकेशन में स्वच्छता विषयक एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हो गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मार्खम कॉलेज के प्रोग्राम आॅफिसर सह जिला नोडल पदाधिकारी एवं महात्मा गांधी नेशनल काउंसिल आॅफ रूरल एजुकेशन के प्रोजेक्ट एसोसिएट भोला नाथ सिंह ने स्वच्छता को परिसर से लेकर ग्रमीण स्तर तक जागरूकता लाने के लिए पांच मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की स्वच्छ रहने से मानसिक और शारीरिक स्वच्छता रहती है। अपने संबोधन में जिला नोडल पदाधिकारी ने कहा कि हमें कैंपस से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक जागरूकता लाने की जरूरत है। इसमें सैनिटेशन एवं हाइजीन, वास्ट मैनेजमेंट, जल संग्रहण, ऊर्जा संरक्षण एवं ग्रीनरी है। प्रोग्राम आॅफिसर ने कार्यशाला में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं छात्र- छात्राओं से स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं प्रकृति से सीमित आवश्यकता के अनुसार संसाधन को प्रयोग में लाने की बात कही। प्रकृति में आवश्यकता से अधिक संसाधनों का शोषण नहीं करने कि सलाह दी। इस दौरान स्वच्छता एवं उद्यमिता विकास के लिए कॉलेज में कई सेल का गठन किया गया। कार्यशाला के आयोजन में कॉलेज के प्राचार्य डॉ चेतलाल प्रसाद, शिक्षक सुनील कुमार वर्मा, प्रियंका कुमारी, नीतू उपाध्याय, जितेंद्र झा, सरिका मेहता, अंशु रोजलीन लकड़ा, बलराम प्रसाद, विनीता कुमारी, राजेश कुमार, अशोक प्रसाद, अजीत कुमार कुशवाहा, चंद्रशेखर प्रसाद, डॉ बीरेंद्र कुमार चौरसिया, अक्षय कुमार महतो, डॉ तनूजा गुप्ता, निशा कुमारी,डॉ शिव कुमार राणा, संजय कुमार की सराहनीय भूमिका रही की सराहनीय भूमिका रही। मौके पर कॉलेज शिक्षक, कर्मचारी एवं प्रशिक्षुगण उपस्थित थे।

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