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बीआईटी मेसरा में कल से लगेगा गणितज्ञों का महाकुंभ
Published / 2022-12-26 22:46:23
बीआईटी मेसरा में कल से लगेगा गणितज्ञों का महाकुंभ

पद्मश्री डॉ मणींद्र अग्रवाल होंगे मुख्य अतिथिटीम एबीएन, रांची। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान यानी बीआईटी मेसरा में गणितज्ञों का महाकुंभ मंगलवार से लगेगा 27 दिसंबर से 30 दिसंबर 2022 तक संस्थान के क्लोज्ड एम्फीथिएटर हॉल में द इंडियन मैथमेटिकल सोसाइटी के सहयोग से एक मेगा गणित संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। 1907 में स्थापित इंडियन मैथमेटिकल सोसाइटी (कटर), देश की सबसे पुरानी गणितीय सोसाइटी है जो देश के विभिन्न स्थानों पर अपना वार्षिक सम्मेलन आयोजित करती है। इंडियन मैथमैटिकल सोसाइटी का यह 88वां वार्षिक सम्मेलन बीआईटी मेसरा, रांची में आयोजित किया जायेगा। सम्मेलन का उद्देश्य गणित के क्षेत्र में नवीनतम विकास के बराबर रखना है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर पद्मश्री डॉ मणींद्र अग्रवाल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। डॉ मणींद्र अग्रवाल शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, मेघनाद साहा पुरस्कार, गोल्ड पुरस्कार, फुलकर्सन पुरस्कार, जेसी बोस फेलोशिप, गणित के लिए पहला इंफोसिस पुरस्कार, बिरला पुरस्कार, बिरला पुरस्कार, हम्बोल्ट पुरस्कार, फिरोदिया पुरस्कार और टीडब्ल्यूएएस पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों और सम्मानों नवाजे गये हैं। डॉ मणींद्र अग्रवाल इंडियन एकेडमी आॅफ साइंसेज, बैंगलोर, द नेशनल एकेडमी आॅफ साइंसेज (इंडिया), इलाहाबाद और द इंडियन नेशनल एकेडमी आॅफ इंजीनियरिंग के फेलो हैं। इस सम्मेलन को आईएमएस के अध्यक्ष एसडी अधिकारी संबोधित करेंगे और अध्यक्षता बीआईटी मेसरा के कुलपति डॉ इंद्रनील मन्ना करेंगे।डॉ एस पाढ़ी, गणित विभाग बीआईटी मेसरा स्थानीय आयोजन सचिव, डॉ एससी चक्रवर्ती और डॉ पी तिवारी सम्मेलन के संयुक्त सचिव के रूप में जुड़े हुए हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में तीन सौ से अधिक प्रतिभागी, प्रतिष्ठित प्रोफेसर, शोधार्थी और स्नातकोत्तर छात्र दुनिया भर के शोध पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियां देंगे। गौरतलब है कि बिड़ला इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी यानी बीआईटी रांची की स्थापना 1955 में जाने माने उद्योगपति बीएम बिड़ला ने की थी। राजधानी रांची से 16 किलोमीटर दूर 780 एकड़ में फैले बीआईटी मेसरा को यूजीसी से डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है। इस इंस्टीट्यूट को ठअअउ यानी नेशनल असेस्मेंट एंड एक्रडिटेशन काउंसिल और ठइअ नेशनल बोर्ड आॅफ एसोसिएशन से मान्यता मिली हुई है। इस इंस्टीट्यूट का मुख्य कैम्पस मेसरा में है जबकि इलाहाबाद, जयपुर, कोलकाता, नोएडा, पटना, देवघर, लालपुर, मस्कट (ओमान) और दुबई में भी इसके कैंपस हैं।

22 साल की उम्र में यूपीएससी में छठा रैंक...
Published / 2022-12-24 18:14:34
22 साल की उम्र में यूपीएससी में छठा रैंक...

अंकित ने दारू के साथ पूरे झारखंड का नाम किया रोशन आइइएस (जिसे यूपीएससी कंडक्ट करती है) में लाया छठी रैंकिंग प्रारंभिक शिक्षा आईएमएमएस दारू में हुई है शुरू से ही मेधावी रहा है अंकित, शुरू से ही मिला है डिस्टेंशन मार्क्स आईआईटी ग्वालियर से की है इंजीनियरिंग की पढ़ाई गेट क्वालीफाई कर इन्होंने आल इंडिया रैंकिंग 28 लाया था आइआइटी मुंबई से एमटेक फर्स्ट सेमेस्टर क्वालीफाई कर अध्यनरत है टीम एबीएन, दारू (हजारीबाग)। दारू पांडे टोला 100 घरों की ब्राह्मणों की बस्ती है। वहीं तुलसी पांडेय के पोत्र और माता सुनीता देवी व प्रदीप पांडेय के पुत्र अंकित ने यूपीएससी की परीक्षा में रैंकिंग 6 लाकर पूरे दारू के साथ साथ झारखंड का नाम रोशन किया है। प्रदीप पांडेय के  बड़े पुत्र आशुतोष शर्मा भी भुनेश्वर से बीटेक किये हैं और वे अभी माइंड ट्री कंपनी में हेड चीफ डेवलपर के पद पर कार्यरत हैं। अंकित शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है।  इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि शुरू से ही ठीक रही है। इनके दादा तुलसी पांडेय रिटायर्ड रेंज आफिसर थे। इनके पिता प्रदीप पांडेय आचार्य हैं और ये हाई स्कूल में संस्कृत शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। माता सुनीता देवी भी ग्रेजुएट है। अंकित मैट्रिकुलेशन की परीक्षा नेशनल पब्लिक स्कूल हजारीबाग से आईएससी सेंट्रल स्कूल बीएसएफ मेरु से डिस्टिंशन मार्क्स लाकर सफलता हासिल किया है। अंकित का सिलेक्शन एक ही साथ ओएनजीसी, हाल, नाल्को, सीआईओ टेक एचसीएल में सेलेक्ट हुआ परंतु उन्होंने प्राथमिकता आइइएस को दिया। इनकी सफलता पर दारू की जनता काफी उत्साहित है। सभी लोगों ने मंगलकामनाएं दी है।

जानें कब मनाये जाते हैं भारत के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस
Published / 2022-12-22 09:49:37
जानें कब मनाये जाते हैं भारत के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस

एबीएन डेस्क।1. विश्व ब्रेल दिवस- 4 जनवरी 2. प्रवासी भारतीय दिवस- 9 जनवरी 3. विश्व हिंदी दिवस- 10 जनवरी 4. राष्ट्रीय युवा दिवस ( स्वामी विवेकानंद जन्मदिवस )- 12 जनवरी 5. थल सेना दिवस- 15 जनवरी 6. राष्ट्रीय बालिका दिवस - 24 जनवरी 7. राष्ट्रीय मतदाता दिवस - 25  जनवरी 8. अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क - 26  जनवरी 9. शहीद दिवस -30 जनवरी 10. आद्रभूमि दिवस -2 फरवरी 11. विश्व कैंसर दिवस-4 फरवरी  12. विश्व रेडियो दिवस - 13 फरवरी 13. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस - 21 फरवरी 14. राष्ट्रीय  विज्ञान दिवस - 28 फरवरी 15. विश्व वन्य दिवस - 3 मार्च 16. जन औषधि दिवस - 7 मार्च 17. विश्व महिला दिवस - 8 मार्च  18. विश्व किडनी दिवस- 14 मार्च 2019 19. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस- 15 मार्च 20. विश्व  प्रसन्नता दिवस - 20 मार्च  21. विश्व  गौरैया दिवस- 20 मार्च  22. अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस - 21 मार्च 23. विश्व जल दिवस- 22 मार्च 24. विश्व मौसम विज्ञान दिवस- 23 मार्च 25. भगत सिंह सुखदेव राजगुरु - 23 मार्च 26. विश्व तपेदिक (TB) दिवस- 24 मार्च 27. विश्व रंगमंच दिवस- 27 मार्च 28. विश्व स्वास्थ्य दिवस- 7 अप्रैल  29. भीमराव अंबेडकर जयंती - 14 अप्रैल 30. विश्व हिमोफीलिया दिवस - 17 अप्रैल 31. लोक सेवा दिवस - 21 अप्रैल 32. विश्व पृथ्वी दिवस- 22 अप्रैल 33. विश्व मलेरिया दिवस- 25 अप्रैल 34. विश्व बौद्धिक संपदा दिवस- 26 अप्रैल 35. अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस - 1 मई 36. विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस - 3 मई 37. विश्व रेडक्रॉस दिवस- 8 मई 38. विश्व थैलेसीमिया दिवस- 8 मई  39. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस- 11 मई 40. अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस - 15 मई 41. अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस- 18 मई 42. आतंकवाद विरोधी दिवस- 21 मई 43. अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस- 22 मई 44. विश्व कछुआ दिवस - 23 मई 45. विश्व तंबाकू निषेध दिवस- 31 मई 46. विश्व पर्यावरण दिवस- 5 जून 47. विश्व खाद सुरक्षा दिवस - 7 जून 48. विश्व महासागरी दिवस - 8 जून 49. विश्व बाल श्रम निषेध दिवस- 12 जून 50. विश्व रक्तदाता दिवस- 14 जून 51. विश्व शरणार्थी दिवस- 20 जून 52. विश्व योग दिवस - 21 जून 53. राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस- 25 जून। (जारी)

न्यूटन ट्यूटोरियल्स में छात्रों के साथ भविष्य का संवाद
Published / 2022-12-18 17:23:52
न्यूटन ट्यूटोरियल्स में छात्रों के साथ भविष्य का संवाद

एनके मुरलीधरटीम एबीएन, रांची। रांची शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्रों के साथ एक संवाद और मोटिवेशनल काउंसलिंग के कार्यक्रम में युवाओं के मन- मस्तिस्क को समझने और जानने  के साथ उनके साथ अपने अनुभव शेयर किया। मेडिकल और इंजीनियरिंग को अपना करियर बनाने को उत्सुक और तैयार छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। रविवार को रांची के हरिओम टॉवर स्थित संस्थान के सभागार में उपस्थित बच्चों में उत्साह भी था और धर्य भी। उनके अभिभावकों के आंखों में भी अपने बच्चों को लेकर एक उम्मीद थी और आशा कि उन्होंने जो सोचा है वैसा ही होगा। इस अवसर पर सफलता की सोच और सफलता के अनुरुप आचरण पर विशेष बल दिया गया। संस्थान के मार्गदर्शक इमरान सर, पंकज सर और प्रणव सर के साथ मैंने भी युवाओं को संबोधित किया। उपस्थित युवा रांची शहर के नामी और टॉप स्कूल से आये थे और रविवार के विशेष काउंसिलिंग कार्यक्रम का लाभ उठाना चाहते थे। सफलता सामान्य तौर पर आधार की मजबूती पर निर्भर करती है लेकिन इसके लिये कोई एक बिंदु ही जिम्मेवार हो ऐसा नहीं होता। व्यक्ति, स्थान और क्षमता का सम्मिश्रण ही सफलता का एक प्रमुख तत्व है। इसके साथ ही शिक्षकों का मार्गदर्शन का भी सफलता में एक प्रमुख भूमिका होती है। लेकिन इन सब के साथ अगर हमारी प्रतिबद्धता कमजोर होती है तो ये सभी बिंदुओं पर विचार करने का कोई अर्थ नहीं है।आज के युग में भविष्य की सोच न हो आप अपने करियर को लेकर संकल्पित नहीं हो सकते हैें। विषयों को जानना और उनके कॉन्सेप्ट को क्लियर करना दो बात है। आज के प्रतियोगिता के युग में विषय का कॉन्सेप्ट क्लियर होना चाहिए। इससे सफलता की संभावना बढ़ जाती है। हमें सबसे पहले यह मालूम होना चाहिए कि हम किन चीजों की जानकारी नहीं रखते या कम रखते है। साथ ही हमें उन चीजों को विषयों के चैप्टर को समझने के लिये चिंतन करना चाहिए।शिक्षकों के साथ सहयोग और उन्हें विश्वास में लेना भी एक युवा के जीवन में सफलता सुनिश्चत करता है। अगर आज के युवा बौद्धिक रुप से मजबूत नहीं होते हैं तो देश मजबूत नहीं होगा। भारतीय युवाओं का विश्व में सम्मान है तो उनके ज्ञान के कारण है। सीखने की आदत का सफलता से बड़ा संबंध है। साथ ही माता-पिता और परिजनों के सहयोग और घर के वातावरण का भी सफलता में भूमिका है जो हर व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है।कार्यक्रम में मार्गदर्शक प्रणव कुमार ने बताया कि अगर इंजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में सफल होना है तो नियमित कक्षा में उपस्थित रहते हुए अपने टॉस्क को हर दिन पूरा करें। आप जीवन में बहुत ज्यादा मनमानी नहीं कर सकते क्योंकि आपके एकाग्रता से सीखना और जानने से ही सफलता सुनिश्चित होती है। आज वैश्विक होती दुनिया में संभावना भी अधिक से अधिक होती जा रही है लेकिन उन संभावनाओं का लाभ तब मिलेगा जब हम उस स्तर को प्राप्त करेंगे जो उन्हें चाहिए। विषयों की तैयारी में अधिक पढ़ने से बेहतर हैकि चयनित और विस्तृत पढ़ाई की जाये। न्यूटन ट्यूटोरियल्स प्रालि छात्रों के हित में करियर सह मोटिवेशनल काउंसलिंग का आयोजन हर रविवार को करता है।

बीआइटी : डेटा प्रशिक्षण कार्यशाला के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने बताया अपना अनुभव
Published / 2022-12-17 20:49:33
बीआइटी : डेटा प्रशिक्षण कार्यशाला के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने बताया अपना अनुभव

टीम एबीएन, रांची। आज बीआईटी लालपुर में 5 दिवसीय डेटा एनालिसिस पर कार्यशाला का अंतिम दिन था। आज 2 सत्र हुए और उसके बाद कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। प्रतिभागियों से उनका अनुभव साझा करने को भी कहा गया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला में मिली ट्रेनिंग की काफी सराहना की एवं भविष्य के लिए ऐसे ही और कार्यशाला आयोजित करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर संस्थान की निर्देशिका डॉ वंदना भट्टाचार्या, संयोजक डॉ पी एस बिष्णु, उप संयोजक डॉ उमेश प्रसाद , संयोजक सचिव डॉ सौमित्रो चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे। सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम सफलतापूर्वक कर पाने के लिए प्रसस्ति पत्र प्रदान किया गया। अंत में डॉ पी एस बिष्णु ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। संस्थान की निर्देशिका डॉ वंदना भट्टाचार्य ने आयोजन समूह एवं प्रतिभागियों को बधाई एवं धन्यवाद दिया। उन्होंने प्रेस के बंधुओं को भी कार्यशाला के नियमित कवरेज के लिए धन्यवाद दिया। 

रेलवे में नौकरी... 10वीं पास युवा 17 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन
Published / 2022-12-17 12:37:35
रेलवे में नौकरी... 10वीं पास युवा 17 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन

एबीएन कैरियर डेस्क। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के पास एक सुनहरा मौका है। पश्चिम मध्य रेलवे ने विभिन्न पदों पर आवेदन मांगे हैं। ऐसे में इच्छुक उम्मीदवार 17 दिसंबर तक ही आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट wcr.indianrailways.gov.in पर जाकर सीधे अवेदान कर सकते हैं।पदों का विवरण : रेलवे ने अपरेंटिस के कुल 2521 पदों पर आवेदन मांगे हैं। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक नोटिफिकेशन को एक बार पढ़ सकते हैं।योग्यता  : उम्मीदवारों को न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ कक्षा 10वीं या इसके समकक्ष (10 + 2 प्रणाली में) उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसके अलावा सम्बंधित ट्रेड में आईटीआई (एनसीवीटी / एससीवीटी से संबद्ध) किया होना भी जरूरी है। आयु सीमा : आवेदन कर रहे उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 15 और अधिकतम आयु 24 साल होना जरूरी है। इसके अलावा उम्मीदवारों को नियम के अनुसार उम्र में छूट भी दी जायेगी।आवेदन शुल्क : पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) की अप्रेंटिस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को 100 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं, महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति और पीडब्ल्यूडी श्रेणी के उम्मीदवारों को कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।

रांची : वाईबीएन विवि में 8 दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का सफल समापन
Published / 2022-12-16 18:29:29
रांची : वाईबीएन विवि में 8 दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का सफल समापन

टीम एबीएन, रांची। वाईबीएन यूनिवर्सिटी में इमर्जिंग ट्रेंड इन रिसर्च इनोवेशन फॉर सस्टेनेबल ग्रोथ पर वाईबीएन विश्वविद्यालय में 9 से 16 दिसंबर 2022 तक 8 दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस के आयोजन का आज यानि 16/12/22 को आठवें दिन शुक्रवार को सफल समापन हो गया। इस 8 दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस में वैज्ञानिक, शोधार्थी, शिक्षाविद, उद्योग प्रबंधक और प्रशासनिक पदाधिकारी शामिल हुए एवं अपने बहुमूल्य व्याख्या तथा शोध अनुभवों को साझा किया।मौके पर वाईबीएन विश्वविद्यालय परिसर दिग दिगंतर के विद्वत जनों, शिक्षाविदों, गुणी  शोधार्थियों का साक्षी बना। सम्मेलन के दौरान विज्ञान, कृषि, कला-संस्कृति, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड आइटी, वाणिज्य और प्रबंधन, शिक्षा, फार्मेसी, नर्सिंग, पारा मेडिकल, कानून और होमियोपैथी विषयों के रचनात्मक शोध से सतत विकास पर चर्चा हुई।  जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के करीबन 100 से अधिक सम्मानित कीनोट  स्पीकर्स आयें एवं अपने विचार रखें। आज आखिरी दिन स्कूल आफ टीचर एजुकेशन और मां कलावती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के शोधार्थियो ने अपने शोध पत्र को प्रस्तुत किया।मौके पर विवि परिसर में विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी विश्वविद्यालय से दिग दिगंतर के विद्वत जनों, शिक्षाविदों, गुणी  शोधार्थियों उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मौके पर वाइबीएन विश्वविद्यालय के चांसलर बैद्यनाथ यादव, चेयरमैन डॉ रामजी यादव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंजीनियर दीपक कुमार, कुलपति प्रोफेसर डॉ एसपी यादव, कुलसचिव प्रोफेसर डॉ श्रीरमन दुबे, उप कुलसचिव संजय तिवारी, कांफ्रेंस संचालक डॉ ब्रजेश कुमार सिंह, कांफ्रेंस सेके्रटरी डॉ आशीष सरकार, डॉ चंद्रजीत कुमार प्रबंधन समिति, फैकल्टी स्टाफ सहित सभी विद्यार्थियों का प्रतिभागी बना रहा।राष्ट्रीय कांफ्रेंस में उपस्थित अतिथियों का स्वागत यूनिवर्सिटी के छात्राओं ने स्वागत गान से किया। छात्र-छात्राओं के कला को प्रदर्शन देखकर दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट होती रही। वहीं इस कार्यक्रम के उपरांत मीडिया को संबोधित करते हुए चांसलर बैद्यनाथ यादव ने कहा की कहा कि बच्चों के मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ इस तरह के आयोजन में भाग लेना भी जरूरी होता है ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। मैं आशा करता हूं कि इस तरह के आयोजन में भाग लेकर बच्चों को काफी लाभ मिला होगा। साथ ही चेयरमैन रामजी यादव ने देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के करीबन 100 से अधिक सम्मानित पदाधिकारी जो यहां आये और अपने विचार रखे व इस 8 दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस के सभी कमेटी मेंबर को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं दी।मौके पर कांफ्रेंस संचालक डॉ ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि यह कांफ्रेंस मल्टीडिसिपिलिनरी अप्रोच के साथ मल्टी डायनामिक कीनोट स्पीकर्स के आगमन से वाईबीएन यूनिवर्सिटी धन्य हो गया। आज हमारा नेशनल कांफ्रेंस ईटीआर आईएसजी 2022 का थीम सफल रहा। सभी गुरुओं का आशीर्वाद हमेशा बना रहे। जिसका फायदा विद्यार्थियों के साथ हमें भी मिलता रहे। राष्ट्रीय कांफ्रेंस के समापन समारोह में विभिन्न इकाइयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये एवं राष्ट्रीय कांफ्रेंस का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

बीआईटी : 18 को होगी लालपुर सेंटर की डिग्री डिस्ट्रीब्यूशन सेरेमनी
Published / 2022-12-16 14:29:21
बीआईटी : 18 को होगी लालपुर सेंटर की डिग्री डिस्ट्रीब्यूशन सेरेमनी

टीम एबीएन, रांची। बीआईटी के लालपुर सेंटर की सातवीं डिग्री डिस्ट्रीब्यूशन सेरेमनी 18 दिसंबर को आयोजित की गयी है। कोविड के कारण दो साल यह सेरेमनी ऑनलाइन हुई थी। इस बार यह डिग्री वितरण समारोह ऑफलाइन कॉलेज कैंपस में होगा। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो होंगे। उनके अलावा बीआईटी मेसरा के डीन पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज निशा गुप्ता भी उपस्थित रहेंगी। इस समारोह में कुल 583 स्टूडेंट्स को डिग्री दी जायेगी। इनमें बीबीए, बीसीए, एमबीए, एमसीए और पीएचडी तक के छात्र शामिल हैं। जानकारी के अनुसार यूजी के 389 स्टूडेंट्स, पीजी के 184 स्टूडेंट्स और पीएचडी के 10 स्टूडेंट्स को डिग्री देनी है। सेरेमनी में सभी स्टूडेंट्स को पारंपरिक डेस में आने को कहा गया है।

राष्ट्रीय कांफ्रेंस के छठे दिन आर्ट्स और हुमानिटीज के शोधार्थियों ने प्रस्तुत किया शोध पत्र
Published / 2022-12-14 18:52:02
राष्ट्रीय कांफ्रेंस के छठे दिन आर्ट्स और हुमानिटीज के शोधार्थियों ने प्रस्तुत किया शोध पत्र

टीम एबीएन, रांची। वाईबीएन विश्वविद्यालय में 9 से 16 दिसंबर 2022 तक 8 दिवसीय राष्ट्रीय कांफे्रंस के आयोजन का आज यानि 14/12/22 को छठा दिन था। आज स्कूल आॅफ आर्ट्स एवं हुमानिटीज के इंग्लिश, बंगाली, म्यूजिक, हिंदी और संस्कृत के शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये। मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी विश्वविद्यालय से दिग दिगंतर के विद्वत जनों, शिक्षाविदों, गुणी  शोधार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मौके पर वाईबीएन विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ रामजी यादव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंजीनियर दीपक कुमार, कुलपति प्रोफेसर डॉ एसपी यादव, कुलसचिव प्रोफेसर डॉ श्रीरमन दुबे, उप कुलसचिव संजय तिवारी, कांफ्रेंस संचालक डॉ ब्रजेश कुमार सिंह, डॉ आशीष सरकार, डॉ चंद्रजीत कुमार प्रबंधन समिति, फैकल्टी स्टाफ सहित सभी विद्यार्थियों का प्रतिभागी बना रहा।आज का थीम आफ टॉपिक अंग्रेजी विभाग के लिए अंग्रेजी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक अध्ययन पर राष्ट्रीय सम्मेलन। बंगाली विभाग के लिए भारतीय लोक साहित्य, बंगाली साहित्य की भूमिका : भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के बाद। संगीत विभाग के लिए वर्तमान संदर्भ में हिंदुस्तानी राग का महत्व, संगीत शिक्षा के लिए शिक्षण संसाधन। हिंदी विभाग के लिए रामचरितमानस में लोक मंगल के तत्व, उपन्यास एवं नाटक समाजशास्त्रीय के अध्ययन। संस्कृत विभाग के लिए प्राचीन धार्मिक ग्रन्थो में उपनिषदों के उपादेयता, संस्कृत साहितय के अन्तर्गत उपनिषद् वेदों में चर्चित गहन विषय था।इस राष्ट्रीय कांफ्रेंस में विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधी के रूप में प्रो नलिनी श्याम कामिल प्रोफेसर और अंग्रेजी विभागाध्यक्ष, एमजीकेवीपी, वाराणसी, डॉ डीके पांडेय, एसोसिएट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग एचसीपीजी कॉलेज, वाराणसी, प्रो विजय कुमार कर्ण, संस्कृत प्रमुख, नव नालंदा महाविहार, संस्कृति मंत्रालय, बिहार, डॉ सुनील कुमार कश्यप, सहायक प्राध्यापक, मांडू, रामगढ़, डॉ अमीना खातून सहायक प्रोफेसर और आई सी बंगाली अनुभाग अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ उप्र, डॉ करुणा पेनजियारा सहायक प्रोफेसर, बंगाली विभाग, कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा झारखंड, डॉ मटुक नाथ चौधरी, पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी पटना विश्वविद्यालय, पटना, बिहार, डॉ जंगबहादुर पाण्डेय, पूर्व एचओडी, हिंदी विभाग रांची विश्वविद्यालय, रांची, झारखंड, डॉ पूनम धान सहयोगी प्रोफेसर वीमेंस कॉलेज रांची, डॉ सुनीता यादव सहयोगी प्रोफेसर हिंदी विभाग रांची विमेंस कॉलेज ने अपने बहुमूल्य व्याख्या तथा शोध अनुभवो को साझा किया। मौके पर स्कूल आॅफ आर्ट्स एवं हुमानिटीज डीन डॉ मनोज कुमार ने भी अपने बहुमूल्य व्याख्या तथा शोध अनुभवो को साझा किया। राष्ट्रीय कांफ्रेंस के छठे दिन का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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