सीबीएसई ने आयोजित किया था नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप मेंटीम एबीएन, रांची। अपने असाधारण खेल कौशल एवं मार्शल आर्ट्स का प्रदर्शन करते हुए, डीपीएस रांची की प्रियाशा त्रिपाठी (कक्षा क) ने सीबीएसई नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर विद्यालय परिवार को गौरवान्वित किया है। उन्होंने यह खिताब अंडर 17 आयु वर्ग (44 केजी वेट कैटेगरी) में जीता है। इस चैंपियनशिप का आयोजन एसजी पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में किया गया था। इस अवसर पर विद्यालय के माननीय प्राचार्य डॉ राम सिंह ने प्रियाशा को उनकी सफलता पर उन्हें बधाई दी और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
फिल्म मेकिंग, न्यू मीडिया, न्यूज पैकेजिंग की सूक्ष्म जानकारियों से वाकिफ हुए विद्यार्थी टीम एबीएन, रांची। मोबाइल डॉक्युमेंट्री मेकिंग और इलेक्ट्रॉनिक न्यूज पैकेजिंग विषय पर स्कूल आफ मास कम्युनिकेशन, रांची विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला 7 जनवरी को संपन्न हुआ। आरयू मास कॉम सभागार में आयोजित इस बेहतरीन कार्यशाला में मास कॉम विभाग के अलावा अन्य कॉलेजों के सौ से ज्यादा छात्रा छात्राओं, कई मीडिया हाउस के युवा पत्रकारों एवं आरयू के कई प्राध्यापकों ने भी भाग लिया। सभी फिल्म मेकिंग, न्यू मीडिया, न्यूज पैकेजिंग से संबंधित सूक्ष्म जानकारियों से रू-ब-रू हुये। केइएस श्राफ कॉलेज मुबंई के प्राध्यापाक आशीष रिछार्या इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता और एक्सपर्ट थे। उन्होंने स्लाइड शो दिखा कर, प्रोजेक्टर पर फिल्मों का प्रदर्शन कर प्रायोगिक तरीकों तथा छात्रों के सवालों, उत्सुकताओं का जवाब देकर उन्हें फिल्म निर्माण, न्यू मीडिया की आज की आवश्यकताओं और डिजिटल न्यूज पैकेजिंग के गुर सिखाये। आशीष रिछार्या ने कहा कि यहां के युवाओं में सीखने की बहुत ज्यादा ललक और ऊर्जा है। थोड़े परिश्रम करने पर ये युवा पत्रकारिता, फिल्म निर्माण और डिजिटल मीडिया में बहुत अच्छा कार्य करेंगे। इस विशेष कार्यशाला का आयोजन स्कूल आॅफ मास कम्युनिकेशन के निदेशक प्रो डॉ बीपी सिन्हा की पहल पर किया गया । जिसका उद्धाटन 6 जनवरी को कुलपति आरयू प्रो डॉ अजीत कुमार सिन्हा, कुलसचिव डॉ मुकुंद चंद्र मेहता, डीएसडबल्यू डॉ जीएस झा, डिप्टी डायरेक्टर वोकेशनल डॉ स्मृति सिंह ने किया था। कार्यशाला में मुबंई से आकर छात्रों को डिजिटल न्यूज पैकेजिंग, फिल्म और डॉक्?युमेंट्री निर्माण की बारीकियों की जानकारी देने के लिये निदेशक ने आशीष रिछार्या का विशेष आभार जताया। निदेशक डॉ. सिन्हा ने कहा कि विभाग में आगे अतंर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल भी कराये जायेंगे और आज की पत्रकारिता पर सेमिनार भी आयोजित होंगे। कार्यशाला में आये छात्रों को निदेशक डॉ. बी.पी. सिन्हा, उपनिदेशक डॉ विष्णु चरण महतो ने प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस कार्यशाला को सफल बनाने और सुचारू रूप से संपन्न कराने में विभागीय शिक्षक मनोज कुमार शर्मा, छात्र यामीन उर्फी, शीतल तिर्की व अन्य का विशेष योगदान रहा। समापन के अवसर पर स्कूल आफ मास कम्युनिकेशन के पीएस तिवारी, सुशील रंजन सहित विभाग के सभी कर्मी उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन विभागीय शिक्षक मनोज कुमार शर्मा ने किया।
एबीएन कैरियर डेस्क। लॉ स्कूल एडमिशन काउन्सिल द्वारा डिजाइन किए गए एवं पियरसन व्यू (ढीं१२ङ्मल्ल श्४ी) द्वारा डिलीवर किए गए एलएसएटी- इंडियाट्ठ को 2023 में दो बार आयोजित किया जाएगा- एक जनवरी में और फिर जून में। एलएसएटी- इंडिया 2023 के जनवरी टेस्ट के लिए रजिस्टर करने की अंतिम दिनांक 11 जनवरी 2023 है। यह परीक्षा 22 जनवरी 2023 को कई स्लॉट्स में होगी। परीक्षा के लिए रजिस्टर करने हेतु लिंक है : http://pearsonvueindia.com/lsatindiaएलएसएटी- इंडिया अब अपने 14वें साल में है- यह लॉ में प्रवेश के लिए अग्रणी परीक्षा है, जिसका उपयोग भारत के कई लॉ कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट एवं पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्रामों के लिए किया जाता है। इस परीक्षा में एनालिटिकल रीजनिंग, लॉजिकल रीजनिंग और रीडिंग कॉम्प्रीहेंशन के सेक्शन होते हैं। एलएसएटी-इंडिया एक स्टैण्डर्ड टेस्ट है जिसके द्वारा छात्रों के रीडिंग स्किल, क्रिटिकल थिंकिंग एवं इनफोर्मल एवं डीडक्टिव रीजनिंग स्किल्स की जांच की जाती है। एलएसएटी- इंडिया में कुल 92 सवाल पूछे जाते हैं, जिनका जवाब 2 घण्टे 20 मिनट में देना होता है। एलएसएटी इंडिया के स्कोरकार्ड में एक स्केल्ड स्कोर और एक परसेंटाइल रैंक होता है। लॉ के उम्मीदवारों को जनवीर 2023 की परीक्षा देने से कई फायदे होंगे। प्रोफेसर आनंद प्रकाश मिश्रा, डायरेक्टर, लॉ एडमिशन्स, ओपी जिंदल ग्लोबल युनिवर्सिटी एवं एसोसिएट डीन आॅफ जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल ने छात्रों को तीन कारण बताए, जिनकी वजह से उन्हें 22 जनवरी वाली परीक्षा देनी चाहिए। अगर आप जनवरी का टेस्ट देते हैं तो जेजीएलएस में एडमिशन मिलने की संभावना दोगुनी हो जाएगी। उम्मीदवार एलएसएटी-इंडिया टेस्ट देने वाले औसतन 3500 से अधिक उम्मीदवारों को 5 वर्षीय बीए/ बीबीए/ बीकॉम, एलएलबी आनर्स प्रोग्राम में एडमिशन नहीं मिलता। अगर आप जनवरी की परीक्षा देते हैं और आप एडमिशन के लिए कट-आफ क्वालिफाय नहीं कर पाते, तो आपके पास जून 2023 में फिर से टेस्ट देने का विकल्प होगा और आप वहां क्वालिफाइंग स्कोर पा सकेंगे। जनवरी की परीक्षा में सफलता हासिल करने से 12वी की बोर्ड परीक्षा से पहले ही जेजीएलएस में आपकी सीट सुरक्षित हो जाएगी। इस तरह आपके लिए बोर्ड की परीक्षा की तैयारी करना आसान हो जाएगा। वे छात्र जो जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे दोनों में से उंचे कट-आफ स्कोर का उपयोग कर सकते हैं- जो आमतौर पर एलएसएटी- इंडिया परीक्षा में 90 परसेंटाइल होता है। टेस्ट देने वाले छात्रों की सुविधा के लिए परीक्षा पूरे भारत में आनलाईन मोड के जरिए रिमोट प्रॉक्टरिंग द्वारा आयोजित की जाएगी। घरसे परीक्षा देने के लिए छात्रों को सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास जरूरी सिस्टम हो। छात्रों को एफएक्यू सेक्शन पर जाकर टेस्ट के बारे में सभी जानकारी पहले से हासिल कर लेनी चाहिए, ताकि वे टेस्ट की तैयारी के साथ-साथ घर से परीक्षा देने के लिए भी तैयार रह सकें।प्रोफेसर डॉ सी राज कुमार, फाउन्डिंग वाइस चांसलर, ओपी जिंदल ग्लोबल युनिवर्सिटी एवं फाउन्डिंग डीन, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल ने बताया कि एलएसएटी इंडिया लॉ स्कूल में एडमिशन के लिए सर्वश्रेष्ठ टेस्ट है, जिसमें छात्रों के लॉजिक, रीजनिंग एवं कॉम्प्रिहेंशन स्किल की जांच की जाती है, जो लॉ स्कूल एवं कानूनी पेशे में सफलता हासिल करने के लिए जरूरी हैं। देश की ज्यादातर अन्य प्रवेश परीक्षाओं के विपरीत, इसमें जनरल नॉलेज, करेंट अफेयर्स, मैथेमेटिक्स या लीगल नॉलेज की जांच नहीं की जाती। इस तरह छात्रों को क्रिटिकल थिंकिंग के लिए प्रेरित किया जाता है, ना कि रट कर पढ़ने के लिए। उन्होंने कहा कि लॉ स्कूल एडमिशन काउन्सिल, यूएसए जो पियरसन व्यू के साथ भारतीय लॉ स्कूलों में इस परीक्षा का आयोजन करता है, उसे जनवरी एवं जून में दो बार परीक्षा के आयोजन के लिए हम बधाई देते हैं। जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की 75 फीसदी तक सीटें एलएसएटी-इंडिया 2023 जनवरी टेस्ट द्वारा भरी जा सकती हैं और इसलिए उन सभी छात्रों को 22 जनवरी वाला टेस्ट देना चाहिए जो आगे लॉ की पढ़ाई करना चाहते हैं।
टीम एबीएन, रांची। स्कूल आफ मास कम्युनिकेशन आरयू के सभागार में आयोजित दो दिवसीय वर्कशॉप का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि कुलपति रांची विश्वविद्यालय प्रो डॉ अजीत कुमार सिन्हा व अन्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मोबाइल डाक्यूमेंट्री मेकिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक न्यूज पैकेजिंग विषय पर हो रहे इस दो दिवसीय वर्कशॉप में मुख्य वक्ता एवं एक्सपर्ट के ई एस श्राफ कालेज मुंबई के आशीष रिछार्या हैं। वर्कशॉप शुभारंभ के अवसर पर कुलपति ने कहा कि इस तरह के वर्कशॉप होने चाहिए ताकि विद्यार्थियों को पत्रकारिता एवं फिल्म मेकिंग की नयी विधाओं की जानकारी प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि इस तरह के वर्कशॉप हमारे बच्चों में नयी उत्सुकता जगाते हैं उनके मस्तिष्क को विस्तृत करते हैं। भविष्य में विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल ट्राइबल फेस्टिवल आयोजित होंगे। स्कूल आफ मास कम्युनिकेशन के निदेशक प्रो डॉ बीपी सिन्हा ने कहा कि विभाग में अब सदैव इस प्रकार के कार्यक्रम होते रहेंगे। इससे छात्र नयी नयी चीजों को देखते और सीखते हैं। विभाग में सार्क देशों का फिल्म फेस्टिवल भी कराया जायेगा। स्कूल आफ मास कम्युनिकेशन के विभागीय समाचार पत्र अभिव्यक्ति का विमोचन वर्कशॉप के उद्घाटन के बाद कुलपति डॉ सिन्हा, रजिस्ट्रार डॉ मुकुन्द चंद मेहता, सीसीडीसी डॉ जीएस झा, डिप्टी डायरेक्टर वोकेशनल डॉ स्मृति सिंह, मास कॉम के निदेशक डॉ बीपी सिन्हा, उपनिदेशक डॉ विष्णु चरण महतो तथा मुख्य वक्ता आशीष रिछार्या ने विभागीय समाचार पत्र अभिव्यक्ति का विमोचन किया। दो दिवसीय इस वर्कशॉप के पहले दिन मुख्य वक्ता तथा एक्सपर्ट आशीष रिछार्या ने कहा कि न्यूज इंडस्ट्री में आज जो डिमांड है उसी के अनुसार युवाओं को स्किल्ड होना चाहिए। आज न्यू मीडिया का कंटेट बदल रहा है, उसी की मांग के अनुसार प्लेटफार्म और कंटेंट को समझते हुये उसका प्रसार होना चाहिये। इस वर्कशॉप में स्कूल आफ मास कम्युनिकेशन के छात्रों के साथ ही अन्य कालेजों के सौ से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया। वर्कशॉप सात जनवरी को भी आयोजित है जिसमें न्यू मीडिया, डिजिटल न्यूज पैकेजिंग तथा मोबाइल डाक्यूमेंट्री मेकिंग की अन्य बारीकियों को आशीष रिछार्या छात्रों को बतायेंगे। वर्कशॉप के उद्घाटन के इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ मुकुंद चंद्र मेहता, सीसीडीसी डॉ जीएस झा, आरयू वोकेशनल के डिप्टी डायरेक्टर डॉ वीसी महतो, न्यूज विंग के बिपिन सिंह, न्यूज विंग के संपादक शंभु नाथ चौधरी, विभागीय शिक्षक संतोष उरांव, मनोज शर्मा, आरती शर्मा, अमित कुमार, विभागीय कर्मी पीएस तिवारी, सुशील रंजन व सैकड़ों छात्र उपस्थित थे।
परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र पढ़ने को मिलेगा 15 मिनट का अतिरिक्त समय टीम एबीएन, रांची। जैक ने मैट्रिक और इंटर परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। दोनों परीक्षाएं 14 मार्च से आयोजित की जाएंगी। राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका दोनों के माध्यम से ली जाएगी। इस दौरान क्वेश्चन पेपर पढ़ने के लिए अलग से 15 मिनट का समय दिया जाएगा। जेट की ओर से जारी शेड्यूल में कहा गया है कि 14 मार्च को मैट्रिक की आईआईटी एवं अन्य वोकेशनल विषयों की परीक्षा होगी। वहीं दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से इंटर तीनों संकाय की वोकेशनल विषयों की परीक्षा होगी। मैट्रिक की परीक्षा 3 अप्रैल को संस्कृत की परीक्षा के साथ समाप्त होगी। वहीं इंटर की परीक्षा 5 अप्रैल को कला संकाय की फिलॉसफी की परीक्षा के साथ खत्म होगी। जैक के सचिव महेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से प्राप्त निर्देश के आलोक में मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं ओएमआर शीट एवं उत्तर पुस्तिका दोनों के माध्यम से होगी। माध्यमिक परीक्षा के लिए ओएमआर शीट आधारित परीक्षा सुबह 9:45 से के 11:20 तक होगी। वहीं प्रश्न उत्तर पुस्तिका आधारित परीक्षा एक 11:25 बजे से दोपहर 1:05 बजे तक होगी। इंटर की परीक्षा के लिए ओएमआर शीट आधारित परीक्षा का समय दोपहर 2 से 3:35 बजे तक निर्धारित किया गया है। वहीं उत्तर पुस्तिका आधारित परीक्षा 3:40 बजे से 5:20 बजे तक ली जाएगी। माध्यमिक परीक्षा 14 से शुरू होकर 3 अप्रैल तक पहली पाली में और इंटर की परीक्षा 14 से शुरू होकर 5 अप्रैल तक द्वितीय पाली में होगी। माध्यमिक परीक्षा 2023 का प्रवेश पत्र 28 जनवरी से एवं इंटर का प्रवेश पत्र 30 जनवरी से याक की वेबसाइट के माध्यम से विद्यालय या महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा डाउनलोड किए जा सकेंगे। माध्यमिक और इंटर परीक्षा के लिए उपस्थिति पत्रक रोल शीट एवं परीक्षा संबंधी अन्य पत्रों का वितरण जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से 4 मार्च को किए जाएंगे। माध्यमिक परीक्षाओं के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा 7 फरवरी से 4 मार्च तक संबंधित स्कूलों द्वारा ली जाएगी। वहीं इंटर की प्रायोगिक परीक्षा 7 फरवरी से 4 मार्च तक दोनों पारियों में आयोजित की जाएगी। प्रायोगिक परीक्षा एवं आंतरिक मूल्यांकन के अंकों का संधारण के लिए माध्यमिक परीक्षा के लिए 8 फरवरी से 6 मार्च तक तिथि निर्धारित की गई है। वहीं इंटर परीक्षा के लिए 8 फरवरी से 6 मार्च तक तिथि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि डाक कोरियर द्वारा प्रायोगिक परीक्षा से संबंधित भेजा गया कोई भी प्रमाण पत्र या कागज स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि प्रायोगिक परीक्षा में अनुपस्थिति होंगे तो उन्हें इस अवधि के उपरांत किसी भी परिस्थिति में परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं दिया जाएगा। उन्हें उपस्थित अनुपस्थित मान लिया जाएगा।
यूजीसी से अंतिम मंजूरी के बाद मोदी सरकार ने लिया फैसला एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है जिसके तहत येल, आॅक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड जैसी यूनिवर्सिटी को भारत में अपने कैंपस खोलने और डिग्रियां प्रदान करने की अनुमति दी जा सकती है। इससे विदेश जा सकने में अक्षम छात्रों को देश में ही रहकर विदेशी यूनिवर्सिटीज की शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। वहीं विदेशी यूनिवर्सिटीज के लिए भी भारत में मौके बढ़ेंगे। साथ ही इन यूनिवर्सिटी के भारत आने से अन्य देशों के छात्रों के लिए भी पसंद के तौर पर उभर सकता है। यूजीसी ने ड्राफ्ट तैयार किया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने गुरुवार को सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए एक ड्राफ्ट पेश किया जो पहली बार देश में विदेशी संस्थानों के प्रवेश और संचालन की सुविधा चाहता है। मसौदे के मुताबिक, स्थानीय परिसर घरेलू और विदेशी छात्रों के लिए प्रवेश मानदंड, शुल्क संरचना और छात्रवृत्ति पर फैसला कर सकता है। संस्थानों को फैकल्टी और स्टाफ की भर्ती करने की स्वायतता होगी। भारतीय छात्रों को सस्ती कीमत पर विदेशी योग्यता प्राप्त करने में मदद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार भारतीय छात्रों को सस्ती कीमत पर विदेशी योग्यता प्राप्त करने और भारत को एक आकर्षक वैश्विक अध्ययन गंतव्य बनाने में सक्षम बनाने के लिए देश के अत्यधिक विनियमित शिक्षा क्षेत्र में आमूल परिवर्तन पर जोर दे रही है। इस कदम से विदेशी संस्थानों को देश की युवा आबादी को आकर्षित करने की भी मदद मिलेगी। वैश्विक रैंकिंग में भारत के कई विश्वविद्यालय पिछड़े यहां तक कि भारत के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने माइक्रोसॉफ्ट कापोर्रेशन से लेकर अल्फाबेट इंक। तक की कंपनियों को मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को दिया है लेकिन वैश्विक रैंकिंग में कई खराब प्रदर्शन करते हैं। देश को अधिक प्रतिस्पर्धी बनने और कॉलेज पाठ्यक्रम और बाजार की मांग के बीच बढ़ती खाई को पाटने के लिए अपने शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। यह वर्तमान में 2022 के वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में 133 देशों में 101 वें स्थान पर है, जो किसी देश की प्रतिभा को विकसित करने, आकर्षित करने और बनाए रखने की क्षमता को मापता है। कुछ विश्वविद्यालयों ने पहले ही भारतीय संस्थानों के साथ साझेदारी स्थापित कर ली है, जिससे छात्रों को आंशिक रूप से भारत में अध्ययन करने और विदेशों में मुख्य परिसर में अपनी डिग्री पूरी करने की अनुमति मिल गई है। वर्तमान कदम इन विदेशी संस्थानों को स्थानीय भागीदारों के बिना कैंपस स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
टीम एबीएन, रांची। नवोदय विद्यालय समिति (NVS) ने सत्र 2023-24 के लिए कक्षा 06 में एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया है। जिन छात्रों को जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 2023 (JNVST 2023) में शामिल होना है, वे या उनके अभिभावक आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 31 जनवरी 2023 तक आवेदन किया जा सकता है।
टीम एबीएन, रांची। ब्रदर्स एकेडमी के छात्र किसलय और निशांत ने भौतिकी ओलंपियाड -2022 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पूरे झारखंड से भौतिकी ओलंपियाड (NSEP) में झारखंड से कुल 6 छात्र सफल हुए जिन्मे से 2 ब्रदर्स एकेडमी के छात्र किसलय और निशांत हैं।देश भर के 40,000 से अधिक छात्रों में से लगभग 300 छात्रों को INphO के लिए चयनित कर लिया गया है। भौतिकी ओलंपियाड परीक्षा का उपयोग OCSC (ओरिएंटेशन कम सिलेक्शन कैंप) के लिए उम्मीदवारों को चुनने और भौतिकी (APhO) के क्षेत्र में एशियाई भौतिकी ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है। होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन जनवरी - 2023 के अंतिम सप्ताह में इंडियन नेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (INPhO) परीक्षा आयोजित करेगा। किसलय और निशांत ने अपनी सफलता का संपूर्ण श्रेय अपने शिक्षकों के सारगर्भित मार्गदर्शन, अपने माता पिता के अनुशासन और समस्त परिवारजनों के आशीर्वाद व सहयोग को दिया। किसलय और निशांत के माता पिता ने भी सफलता का श्रेय ब्रदर्स ऐकेडमी के शिक्षकों को देते हुऐ कहा कि संस्थान के अनुशासित शैक्षणिक और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण से बच्चे की क्षमता में बहुत इज़ाफ़ा हुआ। अपनी सघन मेहनत व शिक्षकों के समुचित मार्गदर्शन के बल पर इनके बेटा ने ये उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर समाज में उन्हें प्रतिष्ठित किया है। संस्थान के निदेशक पारस अग्रवाल, प्रेम प्रसून और शुभेन्दु शेखर ने कहा कि किसलय और निशांत की सफलता ने ऐकेडमी का गौरव बढ़ाया है। उक्त जानकारी ब्रदर्स एकेडमी निदेशक पारस कुमार अग्रवाल (98351-02269) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन कैरियर डेस्क। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि 10वीं और 12वीं कक्षाओं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होंगी। परीक्षा समय सारणी जारी करते हुए बोर्ड ने कहा कि दो विषयों के बीच पर्याप्त अंतराल रखा गया है और तारीखें तय करने में प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं जैसे अन्य कारकों को भी ध्यान में रखा गया है। बोर्ड ने कहा कि परीक्षा सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी। इस तारीख से शुरू होगी प्रैक्टिकल परीक्षा सीबीएसई ने हाल ही में प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीख भी घोषित की थी। जिसके अनुसार 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा 1 जनवरी 2023 से आयोजित की जायेगी। सीबीएसई ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर अलग अलग विषयों के लिए सैंपल पेपर भी जारी किया है। स्टूडेंट्स इसकी मदद से समय रहते परीक्षा की अच्छी तैयारी कर सकते हैं।
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